Bench से RCB के Game Changer | Captain Rajat Patidar | RCB won IPL 2026 | The Better India Hindi

रजत पाटीदार की यह कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की वापसी नहीं, बल्कि एक खूबसूरत Love Story भी है
जब रजत को RCB Management का कॉल आया, एक तरफ शादी थी और दूसरी तरफ सपना तब उनकी पत्नी ने उन्हें अपने सपने के पीछे जाने के लिए कहा।
Injury Replacement से टीम में एंट्री, Playoff में सेंचुरी, और फिर RCB की Captaincy और आखिर में ट्रॉफी।
रजत पाटीदार की ये कहानी भरोसे, प्यार और दूसरे मौके की।

@rrjjtt_01

Bench से RCB के Game Changer | Captain Rajat Patidar | RCB won IPL 2026 |

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मुन्नाभाई फेम ऐक्टर संग फास्टैग पर हो गया खेल, स्कैम की आशंका; Video वायरल

फास्टैग को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे सामने आते हैं। इसी कड़ी में मुन्नाभाई एमबीबीएस फेम ऐक्टर, अश्विन मुश्रान ने दावा किया है। मुश्रान का कहना है कि हाइवे पर जाते हुए फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद उनसे पेनाल्टी चुकाने के लिए कहा गया।

रजत पाटीदार : एक वक्त किसी टीम ने न खरीदा, आज धोनी -रोहित के साथ बराबरी पर है इंदौर का लड़का

 

आईपीएल के इतिहास में कई दिग्गज कप्तान आए और गए, लेकिन लगातार दो सीजन अपनी टीम को चैंपियन बनाना हर किसी के बस की बात नहीं रही। यही वजह है कि जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की, तो कप्तान रजत पाटीदार का नाम सीधे उन चुनिंदा कप्तानों की सूची में दर्ज हो गया, जहां पहले से सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज मौजूद थे।

धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स को 2010 और 2011 में लगातार खिताब दिलाया था, जबकि रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस को 2019 और 2020 में बैक-टू-बैक चैंपियन बनाया। अब इस Elite List में तीसरा नाम रजत पाटीदार का जुड़ चुका है। फर्क सिर्फ इतना है कि पाटीदार का सफर बाकी सभी से कहीं ज्यादा संघर्षों और उतार-चढ़ावों से भरा रहा।

जिस खिलाड़ी को किसी ने नहीं खरीदा, वही बना RCB का सबसे बड़ा हीरो

आज जिस खिलाड़ी के हाथों में दो आईपीएल ट्रॉफियां हैं, कभी वही खिलाड़ी आईपीएल ऑक्शन में अनदेखा कर दिया गया था। मध्य प्रदेश के इंदौर से आने वाले रजत पाटीदार ने आईपीएल में अपना पहला कदम 2021 में रखा था। RCB ने उन्हें उनके बेस प्राइस पर खरीदा, लेकिन शुरुआती सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्हें सिर्फ चार मैच खेलने का मौका मिला और वे महज 71 रन ही बना सके।

सीजन खत्म हुआ और फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज कर दिया।

इसके बाद आया 2022 का मेगा ऑक्शन। रजत पाटीदार को उम्मीद थी कि कोई न कोई टीम उन पर भरोसा दिखाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दस टीमों के बीच चली नीलामी में उनका नाम बार-बार आया, मगर कोई बोली नहीं लगी। वे अनसोल्ड रह गए। एक क्रिकेटर के लिए यह पल किसी झटके से कम नहीं होता। लेकिन शायद किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही लिख रखा था।

लवनीत सिसोदिया (Luvneeth Sisodiya) की चोट ने बदल दी जिंदगी

आईपीएल 2022 शुरू होने से पहले RCB को बड़ा झटका लगा जब युवा बल्लेबाज लवनीत सिसोदिया चोटिल हो गए। टीम को रिप्लेसमेंट की जरूरत थी।

तभी फ्रेंचाइजी को रजत पाटीदार की याद आई।

जिस खिलाड़ी को कुछ महीने पहले रिलीज किया गया था और जिसे ऑक्शन में किसी ने नहीं खरीदा था, उसी खिलाड़ी को दोबारा टीम में बुलाया गया। रजत ने मौका स्वीकार किया और यहीं से उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली।

 एलिमिनेटर की वह सेंचुरी जिसने सब बदल दिया

2022 का सीजन रजत पाटीदार के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने मिले हुए मौके का पूरा फायदा उठाया और लगातार शानदार बल्लेबाजी की। लेकिन असली धमाका प्लेऑफ में देखने को मिला। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में रजत पाटीदार ने ऐसी पारी खेली जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान उनकी ओर खींच लिया। उन्होंने सिर्फ 49 गेंदों में शतक जड़ते हुए नाबाद 112 रन बनाए।

यह सिर्फ एक शतक नहीं था, बल्कि एक बयान था रजत अब सिर्फ टीम का हिस्सा नहीं, बल्कि टीम का भविष्य बनने जा रहे थे।

 फिर आया मुश्किल दौर

जब लगने लगा कि सब कुछ सही दिशा में जा रहा है, तभी किस्मत ने एक और परीक्षा ले ली। 2023 का पूरा सीजन रजत पाटीदार चोट के कारण नहीं खेल सके। उन्हें मैदान से दूर रहना पड़ा। RCB का प्रदर्शन भी उस साल उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। लेकिन यही वह समय था जिसने रजत को मानसिक रूप से और मजबूत बनाया।

2024 में हुई वापसी, बदला खेल का अंदाज

2024 में रजत पाटीदार ने मैदान पर वापसी की और पहले से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। RCB का अभियान शुरुआत में लड़खड़ाया जरूर, लेकिन टीम ने शानदार वापसी करते हुए प्लेऑफ तक का सफर तय किया। इस दौरान पाटीदार ने आक्रामक बल्लेबाजी से अपनी अलग पहचान बनाई।उनका स्ट्राइक रेट बताता था कि अब वे सिर्फ रन बनाने नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने मैदान पर उतरते हैं। यहीं से उनके भीतर एक नेता की झलक भी दिखाई देने लगी।

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 कप्तानी मिली और टूट गया 17 साल का इंतजार

2025 में RCB ने बड़ा फैसला लेते हुए रजत पाटीदार को टीम की कमान सौंप दी। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था। टीम में विराट कोहली जैसे दिग्गज मौजूद थे, लेकिन फ्रेंचाइजी ने भविष्य पर दांव खेला और कप्तानी पाटीदार को सौंप दी। रजत ने इस भरोसे को सिर्फ सही साबित नहीं किया, बल्कि इतिहास रच दिया।

जिस ट्रॉफी का इंतजार RCB पिछले 17 सालों से कर रही थी, उसे आखिरकार पाटीदार ने टीम की झोली में डाल दिया।

2026: जब कप्तान से लीजेंड बनने लगे रजत
पहली ट्रॉफी जीतना बड़ी बात होती है, लेकिन उसे दोहराना उससे भी मुश्किल।
2026 में हर टीम RCB को हराने के इरादे से मैदान पर उतर रही थी। दबाव पहले से कहीं ज्यादा था।
लेकिन रजत पाटीदार ने साबित कर दिया कि 2025 कोई इत्तेफाक नहीं था।

पूरे सीजन में उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया और कप्तान के तौर पर टीम को लगातार दूसरी बार खिताब तक पहुंचाया। बड़े मुकाबलों में उनका आत्मविश्वास, आक्रामक सोच और निडर बल्लेबाजी RCB की सबसे बड़ी ताकत बन गई।

क्वालिफायर जैसे अहम मुकाबलों में उनकी विस्फोटक पारियों ने टीम की जीत की नींव रखी और आखिरकार RCB ने दूसरी लगातार ट्रॉफी भी अपने नाम कर ली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

 

 

 

 

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RCB को मिला अपना नया चेहरा

विराट कोहली लंबे समय तक RCB की पहचान रहे हैं। लेकिन पिछले दो वर्षों में रजत पाटीदार ने साबित किया है कि फ्रेंचाइजी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि टीम को एक नई मानसिकता दी। ऐसी मानसिकता जो दबाव से डरती नहीं, बल्कि उसे चुनौती देती है।

 अनसोल्ड से अनस्टॉपेबल तक

क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि एक मौका जिंदगी बदल सकता है। रजत पाटीदार इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं। एक समय था जब उन्हें किसी टीम ने खरीदना जरूरी नहीं समझा। फिर एक चोट की वजह से उन्हें दूसरा मौका मिला। उन्होंने उस मौके को इतिहास में बदल दिया।

आज उनके नाम दो आईपीएल ट्रॉफियां हैं, करोड़ों फैंस का प्यार है और आईपीएल इतिहास में एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचना हर कप्तान का सपना होता है।

रजत पाटीदार की कहानी सिर्फ सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह विश्वास, धैर्य और मौके को पहचानकर उसे इतिहास में बदल देने की कहानी है। यही वजह है कि आज RCB के लिए रजत सिर्फ कप्तान नहीं, बल्कि एक Era बन चुके हैं।

 

 

 

 

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पृथ्वी और पर्यावरण पर कविता: काश प्रकृति भी बोल पाती

A picture that inspires us to save the earth, environment and nature and human life

काश

पेड़ चीख पाते

तो शायद

कुल्हाड़ियों की धार

इतनी निर्दयी न होती

वे कहते

यह धूप केवल तुम्हारी नहीं

हमारी पत्तियों की भी है

यह आकाश

हमारे घोंसलों का भी घर है

और यह धरती

सिर्फ़ मनुष्यों की जागीर नहीं।

 

काश

नदियां भी चुन पातीं सरकार

तो वे उन हाथों को कभी न चुनतीं

जो उनके जल में

कारखानों का ज़हर घोलते हैं

वे चुनतीं

उन आंखों को

जो उन्हें मां की तरह देखतीं

न कि

नालों की तरह उपयोग करतीं।

 

काश! गाय कह पाती

कि भूख

धर्म नहीं देखती

और स्नेह

सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ा जाता

वह पूछती जिसे तुम माता कहते हो

उसी को प्लास्टिक खाते हुए

कैसे देख लेते हो निस्पंद होकर?

 

काश

बेटियां कह पातीं

कि वे कोई वस्तु नहीं

जिसे परंपराओं के संदूक में रखकर

एक दिन

किसी और घर भेज दिया जाए

वे कहतीं

पिता

मुझे विदा मत करो

मुझे विश्वास दो

कि यह घर

मेरे सपनों का भी उतना ही है।

 

काश

जंगल भी वोट डाल सकते

तो वे

अपने विनाश पर हस्ताक्षर करने वालों को

कभी सत्ता तक न पहुंचने देते

वे चुनते

उन हाथों को

जो वृक्षों को

लकड़ी नहीं

जीवन मानते।

 

काश

पंछी भी कह पाते

कुछ शाखाएं

हमारे लिए भी छोड़ दो

तुम्हारे महलों की ऊंचाई से अधिक

महत्वपूर्ण हैं

हमारे छोटे छोटे घोंसले।

पर मनुष्य

अपनी प्रगति के शोर में

इतना बहरा हो चुका है

कि उसे

अब चिड़ियों की चहचहाहट भी

संगीत नहीं

व्यवधान लगती है।

 

काश

पर्वत भी चुनाव में खड़े होते

तो वे बताते

कि स्थिर रहना क्या होता है

कैसे सहना पड़ता है

बारूद का अपमान

खनन की यातना

और विकास के नाम पर

अपनी छाती का चीरना।

वे कहते

ऊंचा होना

अहंकार नहीं होता

सहनशीलता होता है।

 

यह पृथ्वी

अब भी

मनुष्यों से कम घायल नहीं

बस उसका मौन

हमारी संवेदनहीनता से बड़ा है।

हमने

हर उस चीज को

मताधिकार से वंचित रखा

जिससे हमारा जीवन बचा है।

 

पेड़

नदियां

पर्वत

जंगल

पशु

पक्षी

और बेटियां

 

सभी

हमारे निर्णयों का भार ढोते हैं

पर निर्णय लेने का अधिकार

सिर्फ़ मनुष्य के पास है।

और शायद

यही पृथ्वी का सबसे बड़ा अन्याय है।


(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है…)ALSO READ: पर्यावरण दिवस पर सबसे अच्छी कविता: धरती की पुकार

Kanpur Dehat News: भोगनीपुर में गौरक्षा पदयात्रा के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिल

1 जून, सोमवार, कानपुर देहात: ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौरक्षा के समर्थन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की पदयात्रा कर रहे हैं। इसी क्रम में भोगनीपुर पहुंचने पर मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

Cow National Animal News: Muslims ने Shankaracharya Avimukteshwaranand से क्या कहा? West Bengal

भारत में गाय को राष्ट्रमाता या राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग अब तेज हो गई है. सनातन धर्म की इस प्राचीन मांग को अब मुस्लिम समाज का भी खुला और बड़ा समर्थन मिल रहा है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कानपुर देहात पहुंचे तो यहां मुस्लिम युवा समाज के प्रतिनिधियों ने शंकराचार्य से मुलाकत की

पोहा, समोसा खाकर हो गए हैं बोर तो नाश्ते में खाएं स्प्राउट्स चाट, 5 फायदे: Healthy Breakfast Ideas

The message in the picture explains the benefits of eating sprouts chaat, a healthy breakfast

Sprouts Chaat: सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है। ज्यादातर लोग नाश्ते में पोहा, समोसा, पराठा या अन्य पारंपरिक व्यंजन खाना पसंद करते हैं। हालांकि रोज-रोज एक ही तरह का नाश्ता खाने से न केवल स्वाद में बोरियत आने लगती है, बल्कि कई बार शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। ऐसे में यदि आप स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन चाहते हैं, तो स्प्राउट्स चाट को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।ALSO READ: health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार

 

स्प्राउट्स चाट अंकुरित दालों, ताजी सब्जियों, नींबू और हल्के मसालों से तैयार की जाती है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का बेहतरीन स्रोत मानी जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, नियमित रूप से स्प्राउट्स का सेवन करने से पाचन तंत्र बेहतर रहता है, वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है।

 

यदि आप पोहा और समोसा जैसे पारंपरिक नाश्तों से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो स्प्राउट्स चाट एक हेल्दी और पौष्टिक विकल्प साबित हो सकती है। आइए जानते हैं स्प्राउट्स चाट खाने के 5 बड़े फायदे और क्यों इसे अपनी मॉर्निंग डाइट में शामिल करना चाहिए।

 

अंकुरित मूंग, चना, बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, नींबू का रस और थोड़ा सा चाट मसाला… बस तैयार हो गया आपका सुपरफूड!

 

1. प्रोटीन का पावरहाउस

तलने-भूनने से खाने के पोषक तत्व कम हो जाते हैं, लेकिन अनाज को अंकुरित (Sprout) करने से उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू कई गुना बढ़ जाती है। स्प्राउट्स चाट प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स है। यह आपकी मांसपेशियों (Muscles) को मजबूत रखता है और शरीर को दिनभर के लिए एनर्जी देता है।

 

2. वेट लॉस में मददगार

अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो समोसे को बाय-बाय कहने का समय आ गया है। स्प्राउट्स चाट में कैलोरी की मात्रा बहुत कम और फाइबर भरपूर होता है। इसे खाने के बाद आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे आप चटर-पटर खाने से बच जाते हैं।

 

3. डाइजेशन (पाचन) रहता है दुरुस्त

भारी या ऑयली नाश्ता करने से अक्सर एसिडिटी या ब्लोटिंग होने लगती है। अंकुरित अनाज में एक्टिव एंजाइम्स होते हैं, जो पाचन क्रिया को आसान बनाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज (Constipation) की समस्या को दूर करता है और पेट को साफ रखता है।

 

4. स्किन पर आता है नेचुरल ग्लो

स्प्राउट्स में विटामिन C, विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह आपके शरीर से टॉक्सिन्स यानी हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। नतीजा? अंदर से साफ शरीर और चेहरे पर एक नेचुरल, हेल्दी ग्लो!

 

5. दिल की सेहत के लिए वरदान

पोहा-समोसा में मौजूद एक्स्ट्रा कार्ब्स और बैड फैट्स के मुकाबले स्प्राउट्स चाट आपके दिल का ख्याल रखती है। यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL के स्तर को कम करने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करती है, जिससे हार्ट डिसीज का खतरा कम होता है।

 

Quick Tip: स्प्राउट्स चाट को और ज्यादा टेस्टी बनाने के लिए आप इसमें थोड़ा सा कद्दूकस किया हुआ गाजर, खीरा या अनार के दाने भी मिला सकते हैं। यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि इसे और भी ज्यादा न्यूट्रिशियस बना देगा।

 

तो कल सुबह की शुरुआत बोरिंग नाश्ते से नहीं, बल्कि इस क्रंची और हेल्दी स्प्राउट्स चाट से करें!

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Nautapa Health Tips : नौतपा में सेहत का रखें खास ध्यान, अपनाएं ये आसान उपाय

 

लोहा लोहे को काटता है और अब… मच्छरों को मारने को Google उतारेगा 32000000 मच्छर

लोहा लोहे को काटता है, कहावत अब मच्छरों पर भी लागू होने जा रही है। मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण के लिए गूगल (Google) अमेरिका में अनोखा प्रयोग करने जा रहा है। कंपनी मच्छरों को मारने के लिए खुद मच्छरों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।

“यह जबलपुर रॉयल लायंस का अब तक का सर्वश्रेष्ठ सीजन होगा” — राहुल बाथम

मध्य प्रदेश लीग (MPL) के बहुप्रतीक्षित नए सीजन के करीब आते ही जबलपुर रॉयल लायंस (JRL) नए आत्मविश्वास, मजबूत तैयारियों और इस वर्ष प्रभावशाली प्रदर्शन के स्पष्ट इरादे के साथ टूर्नामेंट में उतरने जा रही है।

संतुलित टीम संयोजन, अनुभवी सपोर्ट स्टाफ और निडर खेल शैली के दम पर फ्रेंचाइजी को भरोसा है कि यह उसका अब तक का सबसे मजबूत अभियान साबित हो सकता है।

सीजन से पहले टीम की तैयारी और मानसिकता पर विश्वास जताते हुए सीनियर ऑलराउंडर राहुल बाथम ने कहा,“टीम के भीतर तैयारियां, मानसिकता और ऊर्जा बेहद सकारात्मक हैं। हमने ऐसी टीम तैयार की है जिसमें प्रतिभा, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन करने की भूख है। हमारा उद्देश्य केवल भाग लेना नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान बनाना, निडर क्रिकेट खेलना और अपने प्रशंसकों को गौरवान्वित करना है। यह जबलपुर रॉयल लायंस का अब तक का सर्वश्रेष्ठ सीजन होगा, क्योंकि हम शेरों की तरह खेलेंगे और चैंपियंस की तरह जीतेंगे।”

इस सीजन की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती प्रतिभाओं का शानदार संतुलन देखने को मिलेगा। हेड कोच आनंद राजन का मानना है कि यही संयोजन टीम की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी साबित होगा।

राजन ने कहा -“हमने एक मजबूत टीम संस्कृति विकसित करने पर कड़ी मेहनत की है, जहाँ अनुशासन, तैयारी और उसे मैदान पर प्रभावी ढंग से लागू करना सबसे महत्वपूर्ण है। खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग के दौरान शानदार प्रतिबद्धता दिखाई है और हम ऐसी टीम तैयार कर रहे हैं, जो पूरे आत्मविश्वास और इरादे के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी। हमारा लक्ष्य सकारात्मक क्रिकेट खेलना और इस सीजन में अपने समर्थकों को जश्न मनाने के कई अवसर देना है।”

जोर-शोर से चल रही तैयारियों के बीच जबलपुर रॉयल लायंस पूरे आत्मविश्वास और अपने प्रशंसकों की उम्मीदों के साथ एमपीएल सीजन में कदम रख रही है। टीम प्रबंधन का मानना है कि निरंतरता, टीम वर्क और निडर प्रदर्शन इस वर्ष टीम के अभियान की पहचान होंगे।

जबलपुर रॉयल लायंस के प्रमोटरों की ओर से वीकॉर्प (Vcorp) के जनरल मैनेजर लव मलिक ने कहा,
“हम एक मजबूत सीजन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं, क्योंकि टीम संतुलित है और खिलाड़ी एक-दूसरे के पूरक हैं। यह युवा ऊर्जा और अनुभव का बेहतरीन मिश्रण है।”

कलेक्ट्रेट के अंदर मंत्री प्रतिभा शुक्ला, बाहर धरने पर बैठे पूर्व सांसद पति; जानिए क्या है मामला?

कानपुर देहात के फतेहपुर रोशनाई गांव में आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर  कब्जे के विरोध में मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पूर्व सांसद अनिल शुक्ला डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने तहसील प्रशासन पर प्रतिमा स्थल की जमीन आवंटित करने का आरोप लगाया। एडीएम के आश्वासन पर 20 मिनट बाद धरना समाप्त हुआ।