सीएम वी.डी. सतीशन ने पेश किया केरल बजट 2026

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शुक्रवार को राज्य का अपना पहला बजट पेश किया, जो उनके ढाई दशक से अधिक लंबे विधायी करियर में एक अहम पड़ाव है। 

वित्त विभाग का कामकाज भी संभाल रहे सीएम सतीशन ने विधानसभा में 2026-27 के लिए संशोधित बजट पेश किया। इसके साथ ही सतीशन उन चुनिंदा मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बजट पेश किया है। उनसे पहले केरल में केवल आर. शंकर और ओमन चांडी ने ही मुख्यमंत्री के तौर पर बजट पेश किया था।

केरल की वित्तीय स्थिति पर ‘श्वेत पत्र’ के आंकड़ों का हवाला देते हुए अपना भाषण शुरू करते हुए सतीशन ने कहा कि स्पष्ट जनादेश के साथ सत्ता में आई सरकार ‘नए दौर का केरल’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘सुशासन और संवेदना’ की थीम पर आधारित है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी उपायों पर समान रूप से जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री सतीशन ने चेतावनी दी कि केरल को गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरे राज्यों की तुलना में केरल का अपना राजस्व कम था, जबकि सरकार पर केआईआईबीएफ प्रोजेक्ट्स के लिए संसाधन जुटाने की भी जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि केआईआईबीएफ ने वित्तीय असंतुलन पैदा किया है और इसके कामकाज की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि सरकार को भविष्य में बड़ी वित्तीय देनदारियों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें वेतन संशोधन का असर भी शामिल है।

सतीशन ने बताया कि पिछले बजट में केंद्र के हिस्से का गलत अनुमान लगाया गया था और राज्य को 20,500 करोड़ रुपये की कमी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 35,000 करोड़ रुपये की सालाना योजना राशि में भी उसी अनुपात में कटौती की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक तंगी के बावजूद सरकार कल्याणकारी योजनाएं जारी रखेगी। उन्होंने केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का जिक्र किया।

सरकार ने यह भी संकेत दिया कि कल्याणकारी पेंशन को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का चुनावी वादा चरणों में पूरा किया जाएगा।

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निवेश को बढ़ावा देने के लिए, बजट में 10,000 एमएसएमई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई। निवेशकों को आने वाली बाधाओं, जैसे जमीन अधिग्रहण और मंजूरी में देरी को दूर करने के लिए एक ‘इन्वेस्ट केरल सेल’ बनाया जाएगा। कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक ग्लोबल कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा।

एयरपोर्ट के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें राज्य के चार एयरपोर्ट के विकास को एक साथ जोड़ने की योजना है।

बजट में ‘मिशन समुद्र’ की भी घोषणा की गई, जो एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसका मकसद समुद्र तट, बंदरगाहों और जलमार्गों को जोड़कर केरल की समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

इस प्रोजेक्ट के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसका मकसद सड़क, समुद्री और आंतरिक जलमार्ग नेटवर्क को आपस में जोड़ना है।

सतीशन ने कहा कि सरकार का मकसद केरल को ‘पोर्ट सिटी’ में बदलना और विझिनजम में जहाज निर्माण केंद्र स्थापित करना है। कोल्लम, बेपोर और अझिक्कल बंदरगाहों के विकास और केरल समुद्री नीति बनाने की भी घोषणा की गई। समुद्री संग्रहालय के लिए 50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

बजट में रोजगार और कौशल के इस्तेमाल के मौके बनाकर राज्य में ही युवा टैलेंट को बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने ओमन चांडी के नाम पर एक व्यापक स्वास्थ्य योजना की भी घोषणा की, जिसके तहत सभी परिवारों को 25 लाख रुपये का हेल्थ कवर मिलेगा।

एक इंटरनेशनल फुटबॉल स्टेडियम की भी घोषणा की गई है। साथ ही, ‘केरल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग एंड डिजाइन’ की भी शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि केरल के प्रवासी लोग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे हैं, लेकिन अब सिर्फ रेमिटेंस (विदेश से भेजी जाने वाली कमाई) पर आधारित अर्थव्यवस्था से काम नहीं चलेगा।

उन्होंने आगे कहा अब हम अपने राज्य को इन्वेस्टमेंट-बेस्ड इकॉनमी (निवेश पर आधारित अर्थव्यवस्था) में बदलने के लिए उनका समर्थन चाहते हैं।

केरल की सत्ता में आई कांग्रेस सरकार का पहला बजट जिसे वित्तीय दबाव के बीच सीएम सतीशन द्वारा पेश किया गया है। बजट कल्याणकारी वादों और निवेश आधारित विकास के बीच संतुलन बनाने और केरल के लिए एक नया आर्थिक रोडमैप तैयार करने की कोशिश करता है।

Pic Credit : ANI

विश्व योग दिवस पर गुजरात रचेगा इतिहास, 1.25 करोड़ से ज्‍यादा नागरिक करेंगे योगाभ्यास

Gujarat News : पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के 12 वर्ष पूरे होने का जश्न विभिन्न सेवा कार्यों के माध्यम से मनाया जा रहा है। इसी उत्साह के हिस्से के रूप में इस वर्ष गुजरात में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को बेहद शानदार तरीके से मनाने का निर्णय लिया गया है। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने विवरण साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में इस वर्ष का राज्य स्तरीय समारोह गांधीनगर जिले के माणसा तालुका में आयोजित किया जाएगा, जहां 4000 से अधिक नागरिक एकसाथ मिलकर योगाभ्यास करेंगे।

 

'Yoga for Healthy Aging' थीम और 24000 कार्यक्रमों का आयोजन

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की विशेष थीम 'Yoga for Healthy Aging' रखी गई है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटिजन्स) के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राज्य में अब तक इस थीम पर आधारित 10 से अधिक बड़े कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। आगामी योग दिवस तक पूरे गुजरात के स्कूलों, कॉलेजों, कॉर्पोरेट ऑफिसों, इंडस्ट्रीज, बगीचों और सार्वजनिक मार्गों पर कुल मिलाकर 24000 छोटे-बड़े कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया है।

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1.25 करोड़ से अधिक नागरिकों की सामूहिक भागीदारी

गुजरात सरकार द्वारा इस वर्ष योग दिवस को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक बहुत बड़ा लक्ष्य रखा गया है। हर्ष संघवी ने जानकारी देते हुए बताया कि योग दिवस पर पूरे राज्य से लगभग 1.25 करोड़ से भी अधिक नागरिक एक ही समय पर ऑन-ग्राउंड योग प्रोटोकॉल ट्रेनिंग में भाग लेंगे। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी जिला कलेक्टर, म्यूनिसिपल कमिश्नर और स्थानीय सामाजिक संस्थाओं के समन्वय के साथ विभिन्न समितियां लगातार काम कर रही हैं।

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राज्यव्यापी 'योग सप्ताह' और 33 जिलों में सामूहिक योगाभ्यास

इस महोत्सव के एक भाग के रूप में राज्य में 14 जून से 20 जून तक विशेष 'योग सप्ताह' मनाया जा रहा है। इस सप्ताह के दौरान सफाई कर्मचारियों, महिलाओं, सीनियर सिटीजंस और किसानों जैसे समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर 12 विशेष कार्यक्रमों का खाका तैयार किया गया है, जिनमें से 10 कार्यक्रम पूरे हो चुके हैं और बाकी 2 कार्यक्रम अगले दो दिनों में आयोजित किए जाएंगे।

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इसके अतिरिक्त, 21 जून को राज्य की 17 महानगर पालिकाओं, 33 जिलों के सभी तालुकाओं और ग्रामीण स्तरों पर एक ही समय में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा।
Edited By : Chetan Gour

बारिश की कमी चीनी प्रोडक्शन पर डाल सकती है असर, लेकिन यह एक कारण सेक्टर पर आगे बनाए रखेगा फोकस

एलारा सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट-इंस्टीट्यूशनल इक्विटी, प्रशांत बियानी के अनुसार, अगर बारिश को मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहे तो जून में देरी और कम बारिश भारत के शुगर सेक्टर पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि कमजोर मॉनसून और एल नीनो की स्थिति वाले वर्षों में से महाराष्ट्र और कर्नाटक सबसे कमजोर राज्य रहा है, क्योंकि दोनों क्षेत्र गन्ने की खेती के लिए बारिश पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश अपने नहर सिंचाई नेटवर्क के कारण तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति में है, हालांकि अगर बारिश सामान्य से कम रहती है तो इसे भी कुछ असर का सामना करना पड़ सकता है।

गन्ने को मॉनसून के खास महीनों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता की आवश्यकता होती है। “महाराष्ट्र और कर्नाटक के लिए, बारिश अच्छी होनी चाहिए।  इसलिए जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के सभी चार महीने महत्वपूर्ण होंगे।”

स्काईमेट वेदर सर्विसेज के अनुसार, पश्चिमी तट पर शुरुआती प्रगति के बाद 8 जून से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून रुका हुआ है, जिससे प्रमुख कृषि क्षेत्रों में बारिश को लेकर चिंता बढ़ गई है। पूरे भारत में बारिश की कमी पहले से ही 32% है, मौसम एजेंसी को उम्मीद है कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो यह आने वाले हफ्ते में 40% तक बढ़ सकती है।

महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड उन राज्यों में से हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा रिस्क है, हालांकि जुलाई और अगस्त के मॉनसून को फिर से शुरू करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।

इथेनॉल की वजह से यह सेक्टर बना हुआ है आकर्षक 

बारिश और कच्चे तेल की कम कीमतों को लेकर चिंताओं के बावजूद, चीनी इंडस्ट्री के लिए बड़ा आउटलुक अच्छा बना हुआ है। इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने के सरकारी उपाय और 100% इथेनॉल इस्तेमाल को सपोर्ट करने वाले फ्लेक्स-फ्यूल इंजन की मंजूरी इस सेक्टर के लिए लंबे समय तक ग्रोथ के मौके देती रहेगी।

बियानी को उम्मीद है कि इस साल कम प्रोडक्शन के कारण चीनी की कीमतें मजबूत रहेंगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि शेयर की कीमतों पर कुछ दबाव पड़ सकता है क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों से जुड़ी हालिया रैली कम हो रही है।

उनके अनुसार चीनी सेक्टर के एक रेंज में रहने की संभावना है क्योंकि सरकारी दखल से तेज़ उछाल या गिरावट सीमित हो जाती है। कम गन्ने के प्रोडक्शन वाले सालों में, अधिकारी चीनी प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए इथेनॉल डायवर्जन पर रोक लगा सकते हैं, जिससे मार्केट को बैलेंस करने में मदद मिलेगी।

इस सेक्टर में, एलारा सिक्योरिटीज बलरामपुर चीनी को अपनी टॉप पिक के तौर पर पसंद करती है।

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग धीरे-धीरे हो रही सामान्य

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

‘ट्रंप ही इजरायल के आखिरी ताकतवर दोस्त’ : अमेरिका-ईरान डील के बाद जेडी वेंस ने नेतन्याहू को सुनाई खरी-खरी

us vice president jd vance

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान के साथ हुए समझौते के बारे में जानकारी देने के साथ ही अमेरिका के निकट सहयोगी इसराइल और वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को नसीहत भी दी। वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही इजरायल के एकमात्र ताकतवर सहयोगी हैं। ALSO READ: 66 दिन बाद खुला हार्मुज स्ट्रेट: अमेरिका ने हटाई नाकेबंदी, फिर दौड़ने लगे तेल टैंकर

 

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने ईरान के साथ समझौते ही आलोचना करने वाले इजरायली सरकार के अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इजरायल बुरी तरह अलग-थलग पड़ गया है और उसके नेता अमेरिकी कूटनीतिक और सैन्य समर्थन के महत्व को समझने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मैं इजरायली सरकार की कैबिनेट में होता, तो मैं दुनिया में बचे अपने एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी पर हमला नहीं करता।

 

3 बातों पर आधारित है अमेरिका ईरान समझौता

व्हाइट हाउस में जेडी वेंस ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौता तीन मुख्य बातों पर आधारित है। ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय आवागमन के लिए खुला रहेगा। ईरान को आर्थिक लाभ तभी मिलेगा, जब वह अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा। ALSO READ: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर अमेरिकी जांच, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल तेज

 

हार्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी खत्म

अमेरिका ने ईरान के साथ शांति समझौते के बाद आज स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से नाकेबंदी खत्म कर दी है। अमेरिकी सेना (सेंटकॉम) द्वारा नाकेबंदी खत्म करने की घोषणा के बाद यहां से तेल 

 

टैंकर्स और अन्य जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई। सेंट्रल कमांड ने कहा कि नाकेबंदी हटने के बाद भी हमारे नेवी जहाज उस इलाके में मौजूद रहेंगे, ताकि यह पक्का किया जा सके कि समझौते की सभी बातों का पालन हो रहा है और वे पूरी तरह से लागू हैं।

 

अमेरिका ईरान डील से क्यों नाराज है इजराइल?

दरअसल, इसराइली कैबिनेट के कुछ सदस्यों ने अमेरिका-ईरान समझौते से असहमति जताई थी। खुद नेतन्याहू इससे ज्यादा खुश नजर नहीं आ रहे हैं और उन्होंने ईरान के खिलाफ आक्रामक रवैया जारी रखने के संकेत दिए थे। इजरायल का मानना है कि यह समझौता तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं पर रोक लगाने में नाकाम रहा है।
 

इससे पहले जब ईरान से समझौते पर बात चल ही रही थी, उसी बीच इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर अटैक कर दिया था। इससे भी ट्रंप नाराज नजर आए क्योंकि ईरान की मांग रही है कि समझौते में लेबनान में भी पूर्ण सीजफायर की बात लागू हो।

edited by : Nrapendra Gupta

राम मंदिर चंदा विवाद पर बोले CM योगी एसआईटी गठित निष्पक्ष होगी जांच

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और “दूध का दूध, पानी का पानी” करके रहेगी। उन्होंने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी साक्ष्य है तो उसे एसआईटी को सौंपना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी दोषी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन जांच प्रभावित करने वाली अनर्गल टिप्पणियों से बचना जरूरी है।  

अयोध्या दौरे पर 245 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामभक्तों ने प्रभु राम के मंदिर के लिए 500 वर्षों तक मर्यादा और धैर्य के साथ संघर्ष किया है। उन्होंने कहा 15 दिन और इंतजार कर लीजिए, चिंता करने की जरूरत नहीं है। जांच एजेंसी अपना काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग अतीत में रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए जाने जाते हैं, वे आज रामभक्ति और अयोध्या के सम्मान का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या को वैश्विक पहचान मिले और आज भी वे अयोध्या की उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

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सीएम योगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करने वाले लोग आज रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या से दूरी बनाए रखी और अपने नेताओं को भी यहां आने से रोका, वे अब अयोध्या और रामभक्ति के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या आज दुनिया के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में अपनी पहचान बना रही है। सोलर सिटी, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चौड़ी सड़कें और परिक्रमा मार्गों का विकास इसकी नई पहचान बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अयोध्या का यह बदलता स्वरूप रास नहीं आ रहा है और इसी कारण समय-समय पर दुष्प्रचार के जरिए इसकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जाती है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण और वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के सम्मान को समर्पित है तथा इसी भावना से विभिन्न योजनाओं और संस्थानों का नामकरण महान विभूतियों के नाम पर किया गया है।

Pic Credit : ANI

राम मंदिर चंदा विवाद पर बोले CM योगी एसआईटी गठित निष्पक्ष होगी जांच

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और “दूध का दूध, पानी का पानी” करके रहेगी। उन्होंने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी साक्ष्य है तो उसे एसआईटी को सौंपना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी दोषी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन जांच प्रभावित करने वाली अनर्गल टिप्पणियों से बचना जरूरी है।  

अयोध्या दौरे पर 245 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामभक्तों ने प्रभु राम के मंदिर के लिए 500 वर्षों तक मर्यादा और धैर्य के साथ संघर्ष किया है। उन्होंने कहा 15 दिन और इंतजार कर लीजिए, चिंता करने की जरूरत नहीं है। जांच एजेंसी अपना काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग अतीत में रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए जाने जाते हैं, वे आज रामभक्ति और अयोध्या के सम्मान का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या को वैश्विक पहचान मिले और आज भी वे अयोध्या की उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

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सीएम योगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करने वाले लोग आज रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या से दूरी बनाए रखी और अपने नेताओं को भी यहां आने से रोका, वे अब अयोध्या और रामभक्ति के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अयोध्या आज दुनिया के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में अपनी पहचान बना रही है। सोलर सिटी, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चौड़ी सड़कें और परिक्रमा मार्गों का विकास इसकी नई पहचान बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अयोध्या का यह बदलता स्वरूप रास नहीं आ रहा है और इसी कारण समय-समय पर दुष्प्रचार के जरिए इसकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जाती है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण और वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के सम्मान को समर्पित है तथा इसी भावना से विभिन्न योजनाओं और संस्थानों का नामकरण महान विभूतियों के नाम पर किया गया है।

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International Yoga Day 2026: रोज सिर्फ 5 मिनट करें यह प्राणायाम, शरीर और मन को मिलेंगे 5 बड़े फायदे

Picture shows a girl doing pranayama with green grass and the sun in the background

प्रतिवर्ष 21 जून को विश्‍व योग दिवस मनाया जाता है। यदि आप योगासान करना जानते हैं तो यह प्राणायम की तैयारी के बेहतर है। यदि आप नहीं भी जानते हैं तो भी आप प्राणायाम करके भरपूर लाभ उठा सकते हैं। बस जरूरी यह है कि आप इसे सही तरीके और नियम के साथ करें। चलिए जानते हैं प्राणायम के 5 फायदे और विधि।

 

जानें कैसे करें अनुलोम-विलोम प्राणायाम:

  • यदि आप नए हैं तो आपको अनुलोम विलोम प्राणायाम करना चाहिए, जिसे 'नाड़ी शोधन प्राणायाम' भी कहा जाता है।
  • किसी शांत जगह पर पद्मासन, सुखासन या आरामदायक मुद्रा में बैठें।
  • दाएं हाथ के अंगूठे से दाहिने नथुने को बंद करें।
  • बाएं नथुने से धीरे-धीरे और गहराई से सांस लें।
  • बाएं नथुने को अनामिका यानी रिंग फिंगर से बंद करें और अंगूठे को हटाकर दाहिने नथुने से धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • अब दाहिने नथुने से सांस लें।
  • दाहिने नथुने को अंगूठे से बंद करें और अनामिका हटाकर बाएं नथुने से सांस छोड़ें।
  • यह एक चक्र पूरा हुआ। इसी तरह 5 मिनट तक अभ्यास करें। शुरुआत 5 मिनट से करें, धीरे-धीरे 15-15 मिनट तक बढ़ाएं।

 

अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने के 5 प्रमुख फायदे:

1. मन और मस्तिष्क:

अनुलोम विलोम पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे तनाव वाले हार्मोन कम होते और मन शांत होता है। मस्तिष्क के बाएं और दाएं गोलार्द्धों जो कि तर्क और रचनात्मकता से जुड़े होते हैं के बीच संतुलन स्थापित करता है, जिससे एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।

 

2. फेफड़ों और श्‍वसन प्रणाली:

यह फेफड़ों की क्षमता यानी लंग की कैपेसिटी को बढ़ाता है, जिससे अधिक ऑक्सीजन अंदर आती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है। यह श्वसन प्रणाली को मजबूत करके अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, साइनस और एलर्जी जैसी श्वसन संबंधी समस्याओं से मुक्ति दिलाता है। यह श्वास मार्ग को साफ करता है और सूजन को कम करता है।

 

3. ब्लड प्रेशर:

नियमित अभ्यास उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर को कम करने और नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है, क्योंकि यह तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। 

 

4. डिटॉक्सिफाई:

इस प्राणायाम से शरीर में ऑक्सीजन के बेहतर प्रवाह और तंत्रिका तंत्र के संतुलन से पाचन क्रिया में भी सुधार होता है। गहरी और नियंत्रित श्वास शरीर से विषाक्त पदार्थों को अधिक कुशलता से बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे शरीर आंतरिक रूप से शुद्ध होता है। यह शुद्धि हमें निरोगी बनाकर हमारी आयु को बढ़ाने वाली सिद्ध होती है। 

 

5. प्रतिरक्षा प्रणाली:

बेहतर ऑक्सीजन प्रवाह, तनाव में कमी और शरीर का आंतरिक संतुलन प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है, जिससे शरीर बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।

 

विशेष: यदि आप अनुलोम विलोम में पारंगत हो जाएं तब आप भस्त्रिका और कपालभाती प्राणायम की ओर बढ़ें। इसे भी आप 5 मिनट से 

इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी NEET छात्रा, अस्पताल में मौत, हादसा या नीट पेपर लीक से है कनेक्‍शन?

NEET student

इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी एक छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद उसे तुरंत अस्‍पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वो नीट की परीक्षा को लेकर तनाव में थी। बता दें कि नीट पेपर लीक के बाद देशभर में इसे लेकर बहस चल रही है। घटना देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार छात्रा अपने घर की बालकनी में मोबाइल पर बातचीत कर रही थी और इसके बाद वह इमारत के ऊपरी हिस्से की ओर चली गई।

घटना गुरुवार देर रात की है। पुलिस ने बताया कि छात्रा का नाम अवंतिका मौर्य है। वो धाकड़ कॉलोनी की एक निजी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रह रही थी। गुरुवार देर रात तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है।

मृतक अवंतिका की बहन सपना ने बताया कि अवंतिका 3 बार नीट का एक्जाम पास नहीं कर पाई थी। हाल ही में परीक्षा रद्द होने के बाद वह तनाव में थी। कल सामान्य रूप से बातचीत भी नहीं कर रही थी। पूरे दिन काफी चुप सी रह रही थी। सवालों के जवाब भी बहुत कम शब्‍दों में दे रही थी। पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात करीब 11:30 बजे वह मोबाइल पर बहन नैना से बात कर रही थी। इसी दौरान सीढ़ियां चढ़ते हुए छत की तरफ चली गई। फिर नीचे आ गिरी। आवाज सुनकर बिल्डिंग में रहने वाले लोग बाहर आए। एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया।

अवंतिका मूल रूप से धार जिले की रहने वाली थी। पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य खरगोन के भिकनगांव में मेडिकल अफसर हैं। एमवाय अस्पताल में ट्रेनिंग की वजह से पांच दिन पहले ही इंदौर आए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के समय वे फ्लैट के अंदर थे। अवंतिका किन परिस्थितियों में गिरी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। पिता घायल अवंतिका को लेकर तुरंत जूपिटर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उसने दम तोड़ दिया।

भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दूधी ने कहा कि अवंतिका के मोबाइल की जांच, कॉल डिटेल और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा दुर्घटनावश गिरी थी या उसने आत्महत्या की है। एसएफएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

Eye Health Yoga: योगा डे 2026: आंखों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए 5 नुस्खे

Yoga is a boon for eye health; the image shows simple ways to improve eye health

Vision Improvement Yoga: 21 जून को हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। आजकल हमारा अधिकांश समय कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन के सामने बीतता है, जिससे आंखों में सूखापन, थकान, धुंधलापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।ALSO READ: योगा डे 2026: ध्यान क्या है, सुदर्शन क्रिया, सक्रिय ध्यान या भावातीत ध्यान?

 

योग केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि हमारी आंखों को भी नई ऊर्जा और रोशनी दे सकता है। योग दिवस 2026 के इस मौके पर, यहां 5 आसान और असरदार आई योग और नुस्खे दिए जा रहे हैं जिन्हें आप रोज़ाना अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं।

 

आंखों को स्वस्थ रखने के 5 आसान योग और नुस्खे

 

1. पामिंग (हथेलियों को रगड़ना)

यह आंखों को तुरंत आराम देने वाली सबसे बेहतरीन क्रिया है। कंप्यूटर पर काम करते समय हर एक-दो घंटे में इसे कर सकते हैं।

 

कैसे करें: शांत बैठ जाएं। अपनी दोनों हथेलियों को आपस में तब तक रगड़ें जब तक कि वे गर्म न हो जाएं। अब आंखें बंद करें और अपनी गर्म हथेलियों को कटोरी के आकार में आंखों पर रख लें, ध्यान रहे आंखों पर सीधा दबाव न डालें।

 

फायदा: हथेलियों की गर्मी आंखों की नसों को शांत करती है और तनाव दूर करती है।

 

2. ब्लिंकिंग (पलकें झपकाना)

जब हम स्क्रीन को लगातार देखते हैं, तो पलकें झपकाना भूल जाते हैं, जिससे आंखें ड्राई हो जाती हैं।

 

कैसे करें: आराम से बैठें और अपनी आंखें खोलें। अब बहुत तेजी से 10 से 15 बार पलकें झपकाएं। इसके बाद 20 सेकंड के लिए आंखें बंद करके आराम दें। इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं।

 

यह क्रिया आंखों में प्राकृतिक नमी (आंसू) बनाए रखती है और सूखेपन से बचाती है।

 

3. आई रोटेशन (आंखों को घुमाना)

यह आंखों की मांसपेशियों (muscles) की फ्लेक्सिबिलिटी और ताकत को बढ़ाता है।

 

कैसे करें: बिना सिर हिलाए अपनी पुतलियों को पहले धीरे-धीरे ऊपर की ओर देखें, फिर पूरी तरह दाईं ओर, फिर नीचे और फिर बाईं ओर देखें। यानी आंखों से एक बड़ा गोला (सर्किल) बनाएं। इसे 5 बार क्लॉकवाइज यानी घड़ी की सुई की दिशा में और 5 बार एंटी-क्लॉकवाइज करें। इससे आंखों की मांसपेशियों का व्यायाम होता है और दृष्टि बेहतर होती है।

 

4. त्राटक क्रिया (मोमबत्ती को एकटक देखना)

यह योग का एक बेहद शक्तिशाली हिस्सा है जो आंखों की रोशनी और एकाग्रता दोनों को बढ़ाता है।

 

कैसे करें: एक अंधेरे कमरे में अपनी आंखों के समानांतर पर एक मोमबत्ती जलाकर रखें। मोमबत्ती की लौ पर बिना पलक झपकाए तब तक ध्यान केंद्रित करें जब तक कि आंखों से आंसू न आ जाएं। इसके बाद आंखें बंद कर लें। यह आंखों को डिटॉक्स करता है, फोकस बढ़ाता है और चश्मे का नंबर कम करने में मददगार है।

 

5. 20-20-20 का नियम

यह एक ऐसा नुस्खा है जिसे आज के डिजिटल युग में हर किसी को अपनाना चाहिए।

 

नियम क्या है: स्क्रीन पर काम करते समय हर 20 मिनट के बाद, कम से कम 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को कम से कम 20 सेकंड के लिए देखें। इससे आंखों को लगातार एक ही दूरी पर फोकस करने से होने वाली थकान से राहत मिलती है।

 

विशेष टिप: इन योग क्रियाओं के साथ-साथ सुबह उठकर मुँह में साफ पानी भरें और बंद आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें। साथ ही, अपनी डाइट में विटामिन-A से भरपूर चीजें जैसे गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां और पपीता शामिल करें।

 

योगा डे 2026 हमें यह सिखाता है कि स्वस्थ आंखें केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि योग, संतुलित जीवनशैली और प्राकृतिक आदतों से भी संभव हैं। रोज कुछ मिनट आंखों के लिए निकालना भविष्य में बड़ी समस्याओं से बचा सकता है।

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झारखंड में कांग्रेस कैंडिडेट प्रणव झा को क्यों मिली हार, किसने किया क्रॉस वोट?

Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पार्टी एक सीट हार गई, जिसकी वजह उसके सहयोगी INDIA गठबंधन के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करना बताया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि RJD और CPI (M-L) लिबरेशन के विधायकों ने NDA समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया। हालांकि, CPI (M-L) लिबरेशन ने इस आरोप को खारिज कर दिया है।

इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज की। वहीं दूसरी सीट एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीती। बता दें कि परिमल नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज में कॉर्पोरेट अफेयर्स के निदेशक हैं, और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हराया, जो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय से जुड़े हुए हैं।

गौतरलब है कि 81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में, राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को पहली पसंद के लिए कम से कम 28 वोटों की जरूरत थी। JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं और अगर क्रॉस-वोटिंग नहीं होती, तो उसके दोनों उम्मीदवार आसानी से जीत जाते। सूत्रों के मुताबिक, राम को 30 वोट मिले और नाथवानी को भी 30 वोट मिले, लेकिन दो वोट अमान्य पाए गए। झा सिर्फ 21 वोट ही हासिल कर पाए, जिसमें से एक वोट अमान्य घोषित किया गया।

वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि RJD के चार विधायकों और CPI(M-L) लिबरेशन के दो विधायकों ने झा के लिए वोट नहीं किया। AICC के झारखंड प्रभारी के. राजू ने दावा किया कि पार्टी के 16 विधायकों और JMM के चार अतिरिक्त वोट झा को मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि RJD और CPI(M-L) लिबरेशन ने “गठबंधन के साथ धोखा किया है” साथ ही BJP पर यह भी आरोप लगाया कि उसने “हॉर्स-ट्रेडिंग” (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के जरिए चुनावी नतीजों को प्रभावित किया।

उधर कांग्रेस के आरोपों को गलत बताते हुए, CPI (M-L) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने X पर पोस्ट किया, “झारखंड राज्यसभा वोटिंग को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बारे में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि हमारे दो विधायकों ने योजना के मुताबिक कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया। हमारे दो वरिष्ठ नेताओं, PBM हलधर महतो और CCM गीता मंडल ने खुद विधायकों द्वारा डाले गए वोटों की विधिवत पुष्टि की।”

दूसरी तरफ, CPI (M-L) के विधायक अरूप चटर्जी ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, “छोटी पार्टियों पर उंगली उठाना बहुत आसान है। अगर कांग्रेस का दावा है कि उसके पास 20 वोट थे, तो यह कैसे माना जा सकता है कि इसके लिए सिर्फ RJD या CPI(M-L) के वोट ही जिम्मेदार थे? गड़बड़ी कहीं और से भी तो हो सकती है? बिना पूरी जानकारी के किसी को भी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।”

चटर्जी ने आगे कहा कि अगर उनकी पार्टी के दो वोट कहीं और भी चले जाते, तो भी जरूरी नहीं कि नतीजा बदल जाता। उनके मुताबिक, सिर्फ दो वोटों के इधर-उधर होने से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित नहीं हो जाती।

RJD के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध कुमार मेहता ने कहा, “INDIA गठबंधन ने JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की शानदार जीत के साथ दो में से एक सीट पर कामयाबी हासिल की है। झारखंड में हमारा गठबंधन एक मजबूत ताकत बना हुआ है। जहां तक दूसरी सीट की बात है, हमने राज्य को एक मजबूत लोकतांत्रिक विकल्प देने के लिए प्रणव झा जी को मैदान में उतारा था, और भले ही नतीजा वैसा नहीं रहा जैसी हमें उम्मीद थी, लेकिन हमारे गठबंधन की मूल पहचान बरकरार है। हम हालात पर गौर कर रहे हैं।”

नाथवानी की प्रतिक्रिया

चौथी बार राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद, नाथवानी ने X पर लिखा, “यह पल बहुत भावुक कर देने वाला है क्योंकि झारखंड से यह मेरा तीसरा कार्यकाल होगा; यही वह धरती है जहां से 2008 में मेरी संसदीय यात्रा शुरू हुई थी। अपनी कर्मभूमि में एक बार फिर लौटना मेरे लिए बहुत गर्व और विनम्रता की बात है।”

नाथवानी ने उन विधायकों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उन्हें वोट दिया। उन्होंने कहा, “नए संकल्प और ईमानदारी के साथ, झारखंड और यहां के लोगों के हितों और उम्मीदों को आगे बढ़ाने की हर कोशिश जारी रहेगी। जोहार झारखंड!”

गुजरात के रहने वाले और रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव नाथवानी ने 2008 से 2020 के बीच लगातार दो बार राज्यसभा में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया; दोनों बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुने गए थे। ऊपरी सदन में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान, उन्होंने आंध्र प्रदेश से सांसद के तौर पर YSR कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व किया।

बता दें कि पिछले कुछ सालों में, नाथवानी ने झारखंड में सभी पार्टियों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं, जिससे ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें NDA के आधिकारिक आंकड़ों से ज्यादा समर्थन मिल सकता है। इस चुनाव से पहले, मुख्यमंत्री और JMM नेता हेमंत सोरेन के साथ उनकी मुलाकात ने अटकलों को हवा दी थी, लेकिन आखिरकार उन्हें NDA का समर्थन मिल गया।

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