Sanket Kumar ISRO success: 2 नंबर से छूटा जेईई एडवांस्ड, फिर भी इसरो में साइंटिस्ट बने मेरठ के संकेत कुमार

Sanket Kumar ISRO success: मेरठ में संकेत कुमार को तब बहुत निराशा हुई जब वह महज 2 अंकों से आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में दाखिले के लिए होने वाली जेईई एडवांस्ड परीक्षा के लिए क्वालिफाई करने से चूक गए थे। 2021 में हुए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) परीक्षा में उन्हें शायद पहली बार एक-एक नंबर की अहमियत का अंदाजा हुआ। कभी सोचा नहीं था कि वह जेईई एडवांस्ड परीक्षा का हिस्सा बनने से महज 2 अंकों से चूक जाएंगे। यानी अपने सपनों के करीब पहुंचने में ये दो नंबर रोड़ा बन जाएंगे।

लेकिन जैसा कि इस देश के पूर्ण राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था, ‘सपने वो होते हैं, जो आपको सोने ही नहीं देते हैं।’ संकेत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। हार मानने के बजाय, उन्होंने एक साल ड्रॉप करने का फैसला किया और बिना किसी कोचिंग के खुद से तैयारी शुरू की। मेरठ के दीवान पब्लिक स्कूल के छात्र रह चुके संकेत को कई लोगों ने साल ड्रॉप न करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखने का फैसला किया। उन्होंने सेल्फ-स्टडी, यूट्यूब लेक्चर और पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर पर भरोसा किया।

अगले साल उनकी मेहनत रंग लाई जब उन्होंने जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड दोनों पास कर लिया। इसके बाद उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए तिरुवनंतपुरम के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIST) में प्रवेश लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संकेत ने वाइब्रेशन और अकूस्टिक्स में स्पेशलाइजेशन करने का फैसला किया।

अपने बैच में यह विषय चुनने वाले वह अकेले छात्र थे। अपने कोर्स के दौरान, उन्हें जापान की शिनरा इंक. ने तीन महीने के एडवांस्ड इंजीनियरिंग रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए चुना। 8.2 सीजीपीए के साथ ग्रेजुएशन करने के बाद, उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) में इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया और आखिरकार चुन लिया गया।

अपने सफर के बारे में संकेत कहते हैं, जेईई एडवांस्ड मिस करने के बाद उन्होंने पूरा एक साल सेल्फ-स्टडी करने का फैसला किया। उन्होंने शुरू से तैयारी की और बाद में आईआईएसटी में पढ़ाई के दौरान स्पेस टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी जगी, जिसने उन्हें एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए मोटिवेट किया। संकेत अब महेंद्रगिरी में इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में नियुक्त हैं, जहां श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले हर रॉकेट सिस्टम की फाइनल टेस्टिंग होती है।

UP TGT 2026: यूपी शिक्षा आयोग आज जारी कर सकता है टीजीटी का रिजल्ट, जानें रिजल्ट देखने के लिए किन चीजों की होगी जरूरत

टीम इंडिया में कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को मौका? रविचंद्रन अश्विन ने सिलेक्टर्स को दी खास सलाह

भारतीय टीम इस समय आयरलैंड दौरे पर है। वहीं भारत की 15 सदस्यीय टीम में वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया गया है। वहीं आयरलैंड के खिलाफ खेले गए पहले मुकाबले में वैभव को प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिली थी। वहीं फैंस को उम्मीद है कि दूसरे मुकाबले में वैभव को डेब्यू करने का मौका मिलेगा। आयरलैंड के खिलाफ दूसरा मुकाबला 28 जून को खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर रविचंद्रन अश्विन ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन के मुताबिक, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टी20 टीम में मौका दिलाने के लिए उन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर शामिल किया जाना चाहिए।

अश्विन के मुताबिक, मौजूदा टीम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण वैभव के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना फिलहाल काफी मुश्किल है।

अश्विन ने क्या कहा

रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि, “मौजूदा भारतीय टी20 टीम में वैभव सूर्यवंशी के लिए जगह बनाना आसान नहीं है। उनके मुताबिक, अगर वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका देना है तो उन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर भेजा जाना चाहिए, जहां मौजूदा ओपनिंग बल्लेबाज टीम का हिस्सा नहीं होंगे।” अश्विन ने आगे कहा कि, “संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा टेस्ट और वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए उन्हें टी20 में लगातार मौके मिलना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसे खिलाड़ियों को टी20 में भी खेलने का मौका नहीं मिलेगा, तो वे आखिर किस फॉर्मेट में खेलेंगे।”

कब मिलना चाहिए मौका

अश्विन ने आगे कहा कि, “वैभव सूर्यवंशी अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह पाने के हकदार हैं। हालांकि, उनका मानना है कि मौजूदा ओपनिंग बल्लेबाजों को हटाकर उन्हें टीम में शामिल करना सही फैसला नहीं होगा। उनके अनुसार, वैभव को मौका तभी मिलना चाहिए जब किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन लगातार खराब हो या कोई बल्लेबाज चोट के कारण टीम से बाहर हो।”

वैभव के पास है ये मौका

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल होने का मौका है। आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। टीम प्रबंधन ने ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी पर भरोसा जताया, जिसके चलते वैभव को बेंच पर बैठना पड़ा। आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में संजू सैमसन बड़ी पारी नहीं खेल सके।

कैसा था पहला मुकाबला

टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम इंडिया को आयरलैंड ने 34 रन से करारी शिकस्त दी है। बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मैच में आयरलैंड ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत को पहली बार हराया है। इस जीत के साथ आयरलैंड ने सीरीज में 1-0 की लीड बना ली है। मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड ने 182 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 148 रन पर सिमट गई। वहीं

अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए हमलावर गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। एप की मदद से वह उससे जुड़ पाया और उसे बहला-फुसला सका। कथित तौर पर स्नैपचैट के क्विक एड फीचर ने 25 साल के वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत के अनुसार, एप ने वैलेंटीन-रियोस को मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था। स्नैपचैट नाबालिगों को यह चेतावनी देने में विफल रहा कि ये यूजर्स अजनबी हो सकते हैं या उनसे जुड़ना खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ हजारों मामले मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक (बाइटडांस), यूट्यूब (गूगल), और स्नैपचैट (स्नैप) सहित कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लत से संबंधित दावों वाले 3,300 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। नाबालिगों के लिए उतना सुरक्षित नहीं है प्लेटफॉर्म अदालत में कहा गया है कि स्नैप के अधिकारियों को डार्क वेब पर एक पुस्तिका मिली, जिसमें स्नैपचैट के फीचर का इस्तेमाल करके युवा यूजर्स को निशाना बनाने के तरीके बताए गए हैं। हीट इनिशिएटिव नामक संगठन के एक सर्वे के मुताबिक नाबालिग यूजर्स में से आधे ने पिछले साल स्नैपचैट पर ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ देखे। स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है भारत स्नैपचैट की 25 से अधिक देशों में 13 से 24 साल की आयु के 90% लोगों तक पहुंच है। भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर हैं। यह कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% है। देश में उसके यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक: देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए हमलावर गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। एप की मदद से वह उससे जुड़ पाया और उसे बहला-फुसला सका। कथित तौर पर स्नैपचैट के क्विक एड फीचर ने 25 साल के वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत के अनुसार, एप ने वैलेंटीन-रियोस को मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था। स्नैपचैट नाबालिगों को यह चेतावनी देने में विफल रहा कि ये यूजर्स अजनबी हो सकते हैं या उनसे जुड़ना खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ हजारों मामले मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक (बाइटडांस), यूट्यूब (गूगल), और स्नैपचैट (स्नैप) सहित कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लत से संबंधित दावों वाले 3,300 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। नाबालिगों के लिए उतना सुरक्षित नहीं है प्लेटफॉर्म अदालत में कहा गया है कि स्नैप के अधिकारियों को डार्क वेब पर एक पुस्तिका मिली, जिसमें स्नैपचैट के फीचर का इस्तेमाल करके युवा यूजर्स को निशाना बनाने के तरीके बताए गए हैं। हीट इनिशिएटिव नामक संगठन के एक सर्वे के मुताबिक नाबालिग यूजर्स में से आधे ने पिछले साल स्नैपचैट पर ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ देखे। स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है भारत स्नैपचैट की 25 से अधिक देशों में 13 से 24 साल की आयु के 90% लोगों तक पहुंच है। भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर हैं। यह कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% है। देश में उसके यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक: देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। पूरी खबर पढ़ें…

Google की नौकरी छोड़ने वाली 23 साल की इंजीनियर का बड़ा खुलासा, जानिए क्यों लिया ये फैसला

नौकरी की सुरक्षा और अच्छे वेतन को छोड़कर अपने सपनों के पीछे भागना हर किसी के बस की बात नहीं होती। खासकर तब, जब नौकरी दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google में हो। लेकिन 23 वर्षीय आशना दोशी ने वही रास्ता चुना, जिसे ज्यादातर लोग जोखिम भरा मानते हैं। उनके लिए सबसे बड़ी चिंता नौकरी छोड़ना नहीं थी, बल्कि ये थी कि अगर उन्होंने अपने विचारों को मौका ही नहीं दिया, तो शायद जिंदगी भर इसका अफसोस रहेगा। यही सोच उन्हें एक नए सफर की ओर ले गई। आज आशना अपनी पसंद के काम पर ध्यान दे रही हैं और कुछ नया बनाने की कोशिश कर रही हैं।

उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सुरक्षित करियर और अपने सपनों के बीच फैसला लेने की दुविधा में रहते हैं। कभी-कभी बड़ा कदम उठाने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है, और आशना ने वही हिम्मत दिखाई।

ग्रेजुएशन से पहले मिला था Google का ऑफर

आशना को Georgia Tech में पढ़ाई के दौरान ही फरवरी 2024 में Google से फुल-टाइम नौकरी का ऑफर मिल गया था। हालांकि यह नौकरी कैलिफोर्निया में थी, जबकि वो न्यूयॉर्क में रहकर करियर शुरू करना चाहती थीं।

उस समय नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी पाना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने ये ऑफर ठुकरा दिया। कुछ महीनों बाद उन्हें Google में ही न्यूयॉर्क स्थित एक दूसरी भूमिका मिल गई, जो उनकी योजना के मुताबिक थी।

Google में सब अच्छा था, लेकिन मन कहीं और था

Google में काम करते हुए आशना ने बेहतरीन तकनीकी अनुभव हासिल किया और प्रतिभाशाली लोगों के साथ काम किया। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस होने लगा कि उनकी रुचि सिर्फ कोडिंग तक सीमित नहीं रही।

उन्हें लोगों की कहानियां सुनना, नए विचारों पर चर्चा करना और कुछ अपना बनाने का सपना ज्यादा आकर्षित करने लगा।

साइड प्रोजेक्ट से शुरू हुआ नया सफर

साल 2025 की शुरुआत में उन्होंने एक अन्य टेक इंजीनियर के साथ मिलकर “0 to 1” नाम का पॉडकास्ट शुरू किया। इस शो में उद्यमियों, इंजीनियरों और बिजनेस लीडर्स की सफलता और संघर्ष की कहानियां साझा की जाती थीं। शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे पॉडकास्ट लोगों को पसंद आने लगा। एक साल के अंदर इसके यूट्यूब पर 1 लाख से ज्यादा व्यूज हो गए। इसी दौरान उनकी मुलाकात Amazon और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी हुई।

AI की दुनिया में दिखा बड़ा मौका

पॉडकास्ट की सफलता के साथ आशना के मन में खुद का बिजनेस शुरू करने का विचार और मजबूत होता गया। उनका मानना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नए उद्यमियों के लिए कई बड़े अवसर लेकर आया है। उन्हें लगा कि यही सही समय है जब जोखिम उठाकर कुछ नया बनाया जाए।

Google को कहा अलविदा, स्टार्टअप पर लगाया दांव

मई में आशना ने Google की नौकरी छोड़ दी और अपने पॉडकास्ट पार्टनर के साथ मिलकर “Bounty” नाम का AI स्टार्टअप शुरू किया। यह एक AI आधारित मार्केटप्लेस है, जहां कंपनियां भर्ती, आउटरीच और लीड जनरेशन जैसे काम पोस्ट कर सकती हैं और केवल परिणाम मिलने पर भुगतान करती हैं।

कमाई घटी, लेकिन आत्मविश्वास बढ़ा

आशना मानती हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक अनिश्चितता बढ़ गई है। फिलहाल उनका स्टार्टअप कमाई नहीं कर रहा है और पॉडकास्ट से भी कोई आय नहीं होती। इसके बावजूद उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना है कि सुरक्षित नौकरी में रहकर हमेशा “क्या होता अगर…” सोचते रहना उनसे ज्यादा मुश्किल होता।

‘सबसे बड़ा डर नौकरी छोड़ना नहीं, रुक जाना था‘

आशना का मानना है कि जिंदगी में कुछ नया करने की कोशिश न करना सबसे बड़ा जोखिम है। उनके अनुसार, Google छोड़ना डरावना नहीं था, बल्कि वहीं रहकर हमेशा यह सोचते रहना ज्यादा डरावना था कि वह और क्या कर सकती थीं। यही सोच उन्हें आज अपने सपनों के पीछे पूरी ताकत से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

पहले किया कत्ल फिर सोशल मीडिया पर डाला इमोशनल मैसेज… केतन अग्रवाल केस में वायरल हो रही मंगेतर सिया की पुरानी पोस्ट

Samay Raina: नेटफ्लिक्स समय रैना को दे रहा 15-20 करोड़ रुपये? वायरल पोस्ट में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ होस्ट की फीस को लेकर किया गया बड़ा दावा

Samay Raina: पिछले साल कुछ जोक्स की वजह से विवादों में घिरे शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) के दूसरे सीज़न के साथ स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना (Samay Raina) की वापसी हुई है। नए सीजन का पहला एपिसोड स्ट्रीम हो रहा है और इसमें एक्ट्रेस आलिया भट्ट के क्लिप्स ऑनलाइन तेज़ी से फैल रहे हैं, ऐसे में अब लोगों का ध्यान एक अलग सवाल पर गया है। इस शो से रैना ने कितना पैसा कमाया होगा?

यह चर्चा तब तेज़ हुई जब X यूजर पारितोष शर्मा ने एक डिटेल्ड ब्रेकडाउन शेयर किया, जिसमें अनुमान लगाया गया कि रैना ने नेटफ्लिक्स, यूट्यूब और शो से जुड़ी ब्रांड पार्टनरशिप के जरिए कितनी कमाई की होगी। इसे रैना के करियर का “सबसे बड़ा पल” बताते हुए, शर्मा ने दावा किया कि कॉमेडियन को इस प्रोजेक्ट के लिए नेटफ्लिक्स से 15 करोड़ रुपये से 20 करोड़ रुपये के बीच मिले होंगे। पोस्ट में यह भी अनुमान लगाया गया कि शो के पहले दिन यूट्यूब पर मिले 25 मिलियन व्यूज़ से लगभग 40 लाख से 50 लाख रुपये का एडसेंस (AdSense) रेवेन्यू मिल सकता है।

यूज़र ने शो में दिख रहे ब्रांड इंटीग्रेशन की ओर भी इशारा किया, जिनमें AI नोवा (AI Nova), फ्लिपकार्ट मिनट (Flipkart Minute), अवतार (Avvatar) और स्निच (Snitch) शामिल हैं। हर ब्रांड के साथ 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप डील का अनुमान लगाते हुए, शर्मा ने कहा कि इन पार्टनरशिप से कुल मिलाकर 8 करोड़ से 12 करोड़ रुपये और मिल सकते हैं।

इन हिसाब-किताब के आधार पर, पोस्ट में कहा गया कि इससे पहले कोई भी भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन एक ही शो से इतनी कमाई और लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाया था। यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हो गई, जिससे डिजिटल एंटरटेनमेंट और क्रिएटर-आधारित कंटेंट की बदलती इकोनॉमिक्स पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

कई यूजर्स ने इस कथित सफलता को सालों तक दर्शकों का आधार बनाने का इनाम माना। एक कमेंट करने वाले ने कहा कि रैना ने लगातार ऐसा कंटेंट दिया जो दर्शकों को पसंद आया और अब उन्हें उस काम का फ़ायदा मिल रहा है जिसे करने में उन्हें सचमुच मज़ा आता है।

दूसरों ने कहा कि क्रिएटर्स पारंपरिक और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को मिलाने के तरीके तेज़ी से खोज रहे हैं। एक यूज़र ने कहा कि सफल कंटेंट क्रिएटर्स अब YouTube से कमाई जारी रखते हुए बड़े OTT डील भी हासिल कर रहे हैं, जिससे वे किसी एक प्लेटफ़ॉर्म को चुनने के बजाय कमाई के कई ज़रिया बना रहे हैं।

एक और कमेंट करने वाले ने कहा कि यह घटनाक्रम एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। एक दशक पहले, बड़े दर्शकों तक पहुंचने का एकमात्र ज़रिया अक्सर टेलीविज़न नेटवर्क ही होते थे। आज, क्रिएटर्स पहले बड़ी ऑनलाइन कम्युनिटी बना सकते हैं और फिर स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ फ़ायदेमंद डील कर सकते हैं।

हालांकि, कुछ यूज़र्स ने वित्तीय अनुमानों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। एक कमेंट करने वाले ने बताया कि OTT कॉन्ट्रैक्ट, विज्ञापन से होने वाली कमाई और ब्रांड इंटीग्रेशन डील का खुलासा शायद ही कभी सार्वजनिक रूप से किया जाता है, जिससे ऑनलाइन शेयर किए जा रहे आँकड़ों की पुष्टि करना मुश्किल हो जाता है।

बिना हिजाब गाना गाने पर ईरान की सिंगर को 74 कोड़ों की सजा!

ईरान की गायिका परस्तू अहमदी (Parastoo Ahmadi) को कथित तौर पर बिना हिजाब ऑनलाइन कॉन्सर्ट करने के मामले में 74 कोड़ों की सजा सुनाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सजा उनके साथ काम करने वाले आठ अन्य लोगों पर भी लागू की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किए गए एक ऑनलाइन कॉन्सर्ट को लेकर यह कार्रवाई की गई। इस कॉन्सर्ट में परस्तू अहमदी बिना हिजाब नजर आई थीं, जिसके बाद ईरानी अधिकारियों ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।

बताया जा रहा है कि ईरान के कोम प्रांत की एक अदालत ने गायिका और उनकी टीम को 74 कोड़े मारने की सजा सुनाने के साथ-साथ दो साल तक देश छोड़ने पर रोक और दो साल तक किसी भी आर्टि एक्टिविटी में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध भी लगाया है।

क्या था आरोप?

अदालत में कलाकारों पर “अश्लील और अनैतिक कंटेंट” बनाने और साझा करने का आरोप लगाया गया। अधिकारियों का कहना था कि इस कंटेंट ने सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन किया है।

हालांकि, अभी तक ईरान की न्यायपालिका की ओर से इस फैसले को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह जानकारी अदालत के कथित दस्तावेजों और मानवाधिकार संगठनों द्वारा सामने लाई गई है।

मानवाधिकार संगठनों ने जताई नाराजगी

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस सजा की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि सिर्फ गाना गाने और बिना हिजाब दिखाई देने के लिए किसी कलाकार को कोड़ों की सजा देना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।

पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि ईरानी शासन महिलाओं की आवाज को भी खतरे के रूप में देखता है। वहीं कई मानवाधिकार विशेषज्ञों का दावा है कि ईरानी कानून में महिलाओं के गाने गाने या संगीत बनाने को अपराध नहीं माना गया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

विवाद दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था, जब परस्तू अहमदी ने देशभक्ति गीत “Az Khoone Javanane Vatan” का ऑनलाइन प्रदर्शन किया था। इस दौरान वह बिना हिजाब के नजर आईं और चार पुरुष संगीतकारों के साथ मंच साझा कर रही थीं।

काले रंग की स्लीवलेस ड्रेस में किए गए इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो गया था। वीडियो को लाखों लोगों ने देखा।

कॉन्सर्ट के कुछ समय बाद अहमदी और उनके कुछ साथी कलाकारों को हिरासत में लिया गया था। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन वीडियो प्रकाशित करने के आरोप में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रही।

क्यों चर्चा में है मामला?

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब ईरान में महिलाओं के अधिकार, हिजाब नियमों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर लगातार बहस चल रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकार सांस्कृतिक और कलात्मक विरोध को दबाने के लिए सख्त कदम उठा रही है, जबकि समर्थक इसे देश के सामाजिक और धार्मिक नियमों को लागू करने की कार्रवाई बताते हैं।

इजरायल नहीं मानेगा लेबनान पर हमले जारी रख सकता है! अमेरिकी खुफिया एजेंसियां को सीजफायर पर क्यों नहीं विश्वास?

Samay Raina: समय रैना ने ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2’ का किया ऐलान, शो नेटफ्लिक्स के साथ इस प्लेटफॉर्म पर भी स्ट्रीम होगा

Samay Raina: समय रैना का कॉमेडी शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ आखिरकार अपने दूसरे सीज़न के साथ लौट रहा है, लेकिन एक ट्विस्ट के साथ। कॉमेडियन ने ऐलान करते हुए कहा कि शो का दूसरा सीज़न नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर भी स्ट्रीम होगा। पहले सीज़न में जबरदस्त फेम हासिल करने के बाद, समय रैना के प्रशंसक शो के अगले सीज़न का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यूट्यूब से शुरू हुआ समय का शो अब नेटफ्लिक्स पर भी आने वाला है।

अनाउंसमेंट वाले वीडियो में, समय रैना ने अपने दोस्त बलराज सिंह के साथ बताया कि दूसरे सीज़न के एपिसोड नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर एक साथ स्ट्रीम होंगे, और उनकी अवधि में कोई अंतर नहीं होगा। वीडियो के अनुसार, शो के अनफिल्टर्ड होने की उम्मीद है। नेटफ्लिक्स ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यह घोषणा साझा की।

कंटेंट क्रिएटर आशीष चंचलानी ने भी शो के पहले सीज़न से जुड़े विवाद को याद दिलाते हुए इस घोषणा पर मज़ाकिया अंदाज़ में तंज कसा। कमेंट सेक्शन में चंचलानी ने समय से एक डिस्क्लेमर शामिल करने का अनुरोध किया ताकि आने वाले संभावित कानूनी मामलों से आसानी से निपटा जा सके।

आशीष चंचलानी ने लिखा, “इस बार डिस्क्लेमर डाल देना, केस लड़ने में आसानी होती है। वहीं दूसरी ओर, ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ विवाद के बाद एक साल से ज़्यादा समय तक सार्वजनिक नज़रों से दूर रहने के बाद समय रैना ने ज़बरदस्त वापसी की है। उनके नए कॉमेडी स्पेशल ने ऑनलाइन एक बड़ा वैश्विक मुकाम हासिल किया है।

रैना ने अपना पहला स्टैंड-अप स्पेशल ‘स्टिल अलाइव’ यूट्यूब पर रिलीज़ किया, जिसे 53.4 मिलियन से ज़्यादा बार देखा जा चुका है। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह एक ही अपलोड में दुनिया का सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला स्टैंड-अप कॉमेडी स्पेशल बन गया है। इस उपलब्धि के साथ, रैना एक ही वीडियो प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए स्टैंड-अप स्पेशल के लिए विश्व स्तर पर सबसे अधिक देखे जाने का रिकॉर्ड रखने वाले पहले कॉमेडियन बन गए हैं।

अर्धशतक चूके रोहित शर्मा, चेपॉक पर ले सकते हैं संन्यास, अटकलें तेज

AFGvsIND लखनऊ के इकाना स्टेडियम में रोहित शर्मा अपना अर्धशतक चूक गए और इसी के साथ इस साल यह ऐसा पांचवा मुकाबना बन गया जब रोहित शर्मा एकदिवसीय अर्धशतक नहीं जड़ सके। उनके आउट होते साथ ही सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरें चलने लगी कि शनिवार को चेपॉक में खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा और वह संन्यास की घोषणा जल्द कर देंगें।

एक अग्रणी डिजिटल खेल यूट्यूब चैनल ने यह बताया कि रोहित शर्मा को टीम प्रबंधन ने साफ साफ बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप के लिए टीम की योजनाओं में शामिल नहीं है। ऐसे में टीम  प्रबंधन रोहित जैसे सितारे को बाहर निकालने का जोखिम नहीं लेना चाहता। प्रबंधन चाहता है कि रोहित शर्मा खुद ही संन्यास के बारे में सोचे। ऐसे में काफी संभावना है कि चेपॉक पर खेले जाने वाले एकदिवसीय मैच से पहले वह संन्यास की घोषणा कर दें।

आज लय में दिख रहे रोहित शर्मा का किस्मत ने फिर साथ नहीं दिया और वह 39 गेंद में 48 रन बनाकर राशिद खान की गेंद पर बोल्ड हो गए।।अपनी पारी में उन्होंने 6 चौके और 2 छक्के लगाए।

अफगानिस्तान के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में भी वह 16 रन बनाकर रन आउट हो गए थे। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

वर्ल्ड अपडेट्स:रूस का बॅाम्बर विमान क्रैश, चारों पायलट सुरक्षित, इंजन फेल होने की आशंका

रूस का Tu-22M3 बॉम्बर विमान सोमवार को साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में ट्रेनिंग उड़ान के दौरान क्रैश हो गया। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, विमान जमीन की ओर तेजी से गिरा, जिससे घटनास्थल पर धुएं का बड़ा गुबार उठ गया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि विमान में सवार चारों क्रू मेंबर समय रहते इजेक्ट (पैराशूट के जरिए बाहर निकल) हो गए और उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में जमीन पर भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। इरकुत्स्क क्षेत्र के गवर्नर इगोर कोबजेव ने बताया कि विमान कामेंका गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। शुरुआती जांच में इंजन फेल होना हादसे की वजह माना जा रहा है। Tu-22, जिसे NATO ने Backfire कोडनेम दिया है, सोवियत काल का एक सुपरसोनिक बॉम्बर विमान है। रूस इसका इस्तेमाल सीरिया और यूक्रेन में सैन्य अभियानों के दौरान कर चुका है। Tu-22M3 इसका आधुनिक संस्करण है, जो Kh-22 क्रूज मिसाइलों और हवा से लॉन्च होने वाली हाइपरसोनिक किंझाल मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्रिटेन में 16 साल की उम्र से पहले बच्चे नहीं चला सकेंगे सोशल मीडिया, प्रस्ताव से 10 में से 9 अभिभावक खुश ब्रिटेन में 16 साल से छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगेगा। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इसकी घोषणा की। संबंधित नियम इस साल दिसंबर तक बन जाएंगे और 2027 मार्च- अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया के उपयोग से पहले उम्र सत्यापन सख्ती से लागू होगा और नियम पालन कराने की जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी। बैन एप में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। वॉट्सएप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं फिलहाल प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगी। ब्रिटिश सरकार के एक सर्वे में 10 में से 9 अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है। ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा 14-24 वर्ष के युवाओं के बीच किए सर्वे के मुताबिक स्नैपचैट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम से डिप्रेशन, चिंता, अपने शरीर को लेकर हीन भावना और अकेलेपन में बढ़ोतरी होती है। अमेरिकी सर्जन जर्नल के मुताबिक रोज 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले किशोरों में मानसिक समस्याओं का खतरा दोगुना होता है। अमेरिका में एक परीक्षण में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद करने से युवाओं में खुशी, जीवन से संतुष्टि बढ़ी, डिप्रेशन-एंग्जाइटी में सुधार हुआ। 25 से ज्यादा देश किशोरों-बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में साल भर पहले प्रतिबंध लागू किया गया था। मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्राजील में भी इस साल की शुरुआत से प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, चीन जैसे कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं। इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में 6.7 तीव्रता का भूकंप, जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप के पास मंगलवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र पालू शहर से लगभग 42 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। फिलहाल जान-माल के नुकसान या सुनामी की कोई अलर्ट नहीं । नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे को रेप केस में 4 साल की जेल
नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी (29) को ओस्लो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने रेप, घरेलू हिंसा और अन्य अपराधों में दोषी ठहराते हुए 4 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मेटे-मैरिट भी दिवंगत अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से अपने पुराने संबंधों को लेकर विवादों में हैं। अदालत ने होइबी को दो रेप मामलों में दोषी ठहराया, जबकि दो अन्य रेप आरोपों से बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2018 से 2024 के बीच उन्होंने कई महिलाओं का यौन शोषण किया, जिनमें कुछ महिलाएं सो रही थीं या प्रतिरोध करने की स्थिति में नहीं थीं। होइबी, क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट और क्राउन प्रिंस हाकोन के साथ शाही माहौल में बड़े हुए हैं। हालांकि, उनके पास कोई शाही उपाधि नहीं है और वे राजपरिवार की ओर से कोई आधिकारिक भूमिका नहीं निभाते। अदालत ने उन्हें अपनी पूर्व प्रेमिका के साथ दुर्व्यवहार, दूसरी साथी पर हमला, ड्रग्स से जुड़े अपराध और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों में भी दोषी पाया। होइबी ने रेप के आरोपों से इनकार किया था, लेकिन कोकीन के इस्तेमाल और मारपीट की बात स्वीकार की थी। भारत दौरे के बाद चीन पहुंचे नेपाल के विदेश मंत्री
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत दौरे के कुछ दिनों बाद चीन पहुंचकर शीर्ष चीनी राजनयिक वांग यी से मुलाकात की। मार्च में सत्ता में आई नई सरकार के गठन के बाद यह उनका पहला चीन दौरा है। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग यी ने कहा कि चीन हमेशा नेपाल को अपनी पड़ोसी कूटनीति में प्राथमिकता देता है और उसकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रयासों का समर्थन करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल भारत और चीन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में नई दिल्ली दौरे के दौरान खनाल ने कहा था कि नई सरकार अतीत के राजनीतिक बोझ से मुक्त है और भारत के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए तैयार है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, चीन नेपाल को लगभग 31 करोड़ डॉलर का कर्ज दे चुका है। वहीं चीनी कंपनियों ने ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में 1.12 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। विश्लेषकों का कहना है कि नेपाल के हालिया राजनीतिक बदलावों ने चीन के लिए नई चुनौती पैदा की है। ऐसे में बीजिंग नेपाल के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखने और क्षेत्र में अपना प्रभाव कायम रखने की कोशिश कर रहा है। इजराइली मंत्री बेन-गवीर पर EU में नहीं बनी सहमति: प्रतिबंध प्रस्ताव अटका
यूरोपीय संघ (EU) इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर सहमति बनाने में विफल रहा। EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने सोमवार को कहा कि कई सदस्य देशों ने आर्थिक प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, लेकिन सर्वसम्मति नहीं बनने के कारण प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। बेन-गवीर हाल ही में गाजा की ओर जा रहे ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला के कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर विवादों में रहे हैं। फ्लोटिला को इजराइली सैनिकों ने रोककर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें बेन-गवीर कथित तौर पर हाथ बंधे हुए और जमीन पर बैठे कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाते दिखाई दिए। इस घटना के बाद कई यूरोपीय देशों में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। हालांकि EU स्तर पर प्रतिबंध लगाने के लिए सभी सदस्य देशों की सहमति जरूरी होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मनी, ऑस्ट्रिया और चेक गणराज्य उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। यूरोपीय संघ इजराइल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले वर्ष इजराइल के कुल वस्तु व्यापार में उसकी हिस्सेदारी 30% से अधिक रही थी। थाईलैंड ने परमाणु अप्रसार का दोहराया समर्थन
थाईलैंड ने वियना में आयोजित व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि संगठन (CTBTO) के 66वें सत्र में परमाणु हथियारों के परीक्षण और परमाणु तकनीक के सैन्य इस्तेमाल का विरोध दोहराया। देश ने परमाणु अप्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग का समर्थन किया। थाईलैंड के ऑफिस ऑफ एटम्स फॉर पीस (OAP) ने कहा कि देश CTBTO की वैश्विक निगरानी और सत्यापन प्रणाली का सक्रिय समर्थक है। OAP के अनुसार, CTBTO नेटवर्क से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भूकंप निगरानी, सुनामी चेतावनी, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पर्यावरण निगरानी और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे कई क्षेत्रों में किया जाता है। सत्र में थाईलैंड ने परमाणु अप्रसार के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि परमाणु तकनीक का इस्तेमाल केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए होना चाहिए। देश ने चिकित्सा, ऊर्जा और उद्योग जैसे क्षेत्रों में इसके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। पोलैंड में रूसी कलाकार और पुतिन आलोचक की हत्या: पार्किंग में मारीं 5 गोलियां
पोलैंड में रूसी कलाकार और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुखर आलोचक सेम्योन स्क्रेपेत्स्की की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बियाला पोडलास्का शहर में सोमवार सुबह हुई इस वारदात के बाद पुलिस और अभियोजन एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। मामले में दो बेलारूसी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। ल्यूबलिन जिला अभियोजन कार्यालय के अनुसार, स्क्रेपेत्स्की का वास्तविक नाम रॉबर्ट कुजोवकोव था। 44 वर्षीय कलाकार पर एक अज्ञात हमलावर ने पार्किंग क्षेत्र में हमला किया। आरोपी ने पहले दो गोलियां चलाईं और पीड़ित के गिरने के बाद उसके पास जाकर तीन और गोलियां दाग दीं। कलाकार को सिर, सीने और पीठ में गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल बेलारूस के वाणिज्य दूतावास से करीब 600 मीटर की दूरी पर स्थित है। जांचकर्ताओं को वहां से पांच खोखे और 9 मिमी की एक गोली बरामद हुई है। स्क्रेपेत्स्की अपने राजनीतिक व्यंग्यचित्रों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको और चेचन नेता रमजान कादिरोव पर कई आलोचनात्मक चित्र बनाए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वे सार्वजनिक रूप से रूस की वर्तमान नीतियों की आलोचना भी करते थे। स्थानीय मीडिया के अनुसार, स्क्रेपेत्स्की 2021 में पोलैंड आकर बस गए थे। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमॉर्टम बुधवार को किया जाएगा और हत्या के पीछे की वजहों की जांच जारी है। चीन में 6.3 तीव्रता का भूकंप: 1 की मौत, 4 घायल; कोयला खदानों से सभी मजदूरों को निकाला गया
चीन के उत्तर-पश्चिमी प्रांत चिंगहाई में मंगलवार शाम 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। सरकारी मीडिया के मुताबिक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 5:06 बजे हाइक्सी प्रीफेक्चर के ऊंचाई वाले इलाके में आया। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। सरकारी मीडिया ने बताया कि भूकंप के केंद्र के पास मौजूद कोयला खदानों से सभी कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर बाहर निकाल लिया गया है। अधिकारी अभी जनहानि और संपत्ति के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, राहत और बचाव दल फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। साथ ही भूकंप के बाद संभावित द्वितीयक आपदाओं के खतरे का भी आकलन किया जा रहा है। चीन के भूकंप प्रशासन ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्मट एक्टिव कर दिया है। मुख्य झटके के बाद कई आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए, जिनमें एक की तीव्रता 4.9 मापी गई।