वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के कैलिफोर्निया में B-52 बॉम्बर प्लेन क्रैश, उड़ान भरते ही अमेरिकी एयर फोर्स बेस के पास हादसा

अमेरिका के कैलिफोर्निया में सोमवार को एक B-52 बॉम्बर विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस के पास हुआ। अमेरिकी वायुसेना ने बताया कि विमान सुबह करीब 11:20 बजे क्रैश हुआ। हादसे के बाद तुरंत राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा गया। फिलहाल किसी के घायल होने या मौत की जानकारी सामने नहीं आई है। B-52 विमान में आमतौर पर पांच लोग सवार होते हैं, लेकिन हादसे के समय विमान में कितने लोग थे, यह नहीं बताया गया है। एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस लॉस एंजिलिस से करीब 161 किलोमीटर दूर है। हादसे की वजह अभी साफ नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्रिटेन का रूसी तेल टैंकर पर छापा, कब्जे में लिया; 38 वर्षीय भारतीय गिरफ्तार ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने रूसी शैडो फ्लीट से जुड़े तेल टैंकर SMYRTOS पर कार्रवाई के दौरान 38 वर्षीय भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है। उस पर रूस से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन का संदेह है। यह कार्रवाई 14 जून को इंग्लिश चैनल में रॉयल मरीन कमांडो, NCA अधिकारियों और ब्रिटिश सशस्त्र बलों ने मिलकर की। NCA ने बताया कि गिरफ्तार भारतीय नागरिक से पूछताछ की जा रही है, लेकिन उस पर लगे आरोपों की जानकारी अभी नहीं दी गई है। एजेंसी के मुताबिक जहाज पर मौजूद 24 भारतीय और जॉर्जियाई-भारतीय क्रू सदस्य जांच में सहयोग कर रहे हैं। टैंकर फिलहाल इंग्लैंड के डॉर्सेट तट के पास लंगर डाले हुए है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे रूस के लिए बड़ा झटका बताया। वहीं रक्षा मंत्री डैन जार्विस ने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध के लिए फंड जुटाने में शैडो फ्लीट का इस्तेमाल करता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार रूस की 700 से ज्यादा जहाजों वाली शैडो फ्लीट प्रतिबंधित तेल का 75% परिवहन करती है। ब्रिटेन अब तक 500 से अधिक ऐसे जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है। पाकिस्तान में एयरफोर्स का विमान क्रैश, दोनों पायलटों की मौत पाकिस्तान का एक मिलिट्री ट्रेनिंग प्लेन रविवार को क्रैश हो गया। यह हादसा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मरदान जिले में कटलंग रोड के पास हुआ। हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई। मृत पायलटों की पहचान कैप्टन कासिम और कैप्टन तलहा के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्लेन नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, लेकिन उड़ान के दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने घटना की जानकारी ली और बताया कि प्लेन क्रैश में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। जेलेंस्की को दिया गया सर्वोच्च नागरिक सम्मान वापस ले सकता है पोलैंड पोलैंड के राष्ट्रपति कारो्ल नावरोत्स्की ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से यूक्रेनियन इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के सम्मान को वापस लेने की मांग की है। पोलैंड का आरोप है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान UPA ने हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। वारसॉ ने संकेत दिया है कि जवाब नहीं मिलने पर जेलेंस्की को मिला सर्वोच्च पोलिश सम्मान भी वापस लिया जा सकता है। विवाद तब शुरू हुआ जब जेलेंस्की ने एक विशेष कमांडो यूनिट का नाम “UPA के नायकों” के नाम पर रखा। UPA, ऑर्गेनाइजेशन ऑफ यूक्रेनियन नेशनलिस्ट्स (OUN) की सैन्य शाखा थी। पोलैंड का कहना है कि OUN और UPA ने जातीय रूप से एकरूप यूक्रेनी राष्ट्र की विचारधारा को बढ़ावा दिया और पोलिश नागरिकों के खिलाफ हिंसक अभियान चलाए। पोलिश अधिकारियों के अनुसार, UPA ने वर्तमान पश्चिमी यूक्रेन क्षेत्र में करीब एक लाख पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। पोलैंड इन घटनाओं को जनसंहार के रूप में मान्यता देता है। रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति नावरोत्स्की ने जेलेंस्की को 2023 में दिया गया ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ वापस लेने की पहल का समर्थन किया है। यह पोलैंड का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यूक्रेन में UPA और अन्य राष्ट्रवादी संगठनों को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में सम्मान दिया जाता है, जबकि पोलैंड इन्हें पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जोड़कर देखता है। यूक्रेन को दिए हथियारों का हिसाब मांगेगा स्लोवाकिया
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फित्सो ने घोषणा की है कि उनका देश यूक्रेन को दान किए गए सैन्य उपकरणों के बदले यूरोपीय संघ (EU) से मुआवजे की मांग करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री एडुआर्ड हेगर की सरकार ने इस समझौते को लेकर स्लोवाक जनता को गुमराह किया था। फित्सो ने रविवार को फेसबुक पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि वह अगले सप्ताह होने वाले EU शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाएंगे। उनके मुताबिक, पिछली सरकार ने यूक्रेन को लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम देकर देश की सुरक्षा क्षमता को कमजोर कर दिया। रूस-यूक्रेन संघर्ष तेज होने के बाद 2022 और 2023 के दौरान स्लोवाकिया ने यूक्रेन को सोवियत दौर के टैंक, इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल, MiG-29 लड़ाकू विमान और S-300 एयर डिफेंस सिस्टम समेत बड़ी मात्रा में सैन्य उपकरण दिए थे। उस समय यह समझौता हुआ था कि यूक्रेन को दिए गए उपकरणों की भरपाई पश्चिमी देशों के आधुनिक सैन्य साजोसामान से की जाएगी। फित्सो लंबे समय से रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ की नीतियों के आलोचक रहे हैं। वह यूक्रेन को सैन्य सहायता और रूस पर प्रतिबंधों का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि इन नीतियों का आर्थिक नुकसान यूरोपीय देशों को ही उठाना पड़ रहा है, खासकर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में। रूसी हमले में यूक्रेन के 5 की मौत 13 घायल, कीव के प्रसिद्ध चर्च में लगी आग
रूस ने सोमवार को यूक्रेन पर हमला किया, जिसमें खार्किव में 5 बचावकर्मियों की मौत हो गई। वहीं,राजधानी कीव में 13 लोग घायल हो गए। हमले में यूक्रेन के प्रमुख धार्मिक स्थल कीव-पेचेर्स्क लावरा भी प्रभावित हुआ। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस परिसर के डॉर्मिशन कैथेड्रल की छत में आग लग गई। यूक्रेन के गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको के अनुसार, खार्किव में बचावकर्मी पहले हमले के बाद लगी आग बुझा रहे थे। इसी दौरान रूस ने दूसरा हमला कर दिया, जिसमें 5 बचावकर्मियों की मौत हो गई। वहीं, कीव में भी कई जोरदार धमाके हुए। रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, जिसके बाद लोगों को बंकरों और अन्य सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी। कीव सिटी मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने बताया कि राजधानी में 13 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि शैवचेंकिव्स्की जिले में 30 मिनट के भीतर 5 हमले हुए। इन हमलों में 25 अपार्टमेंट, एक बाजार और कई किराना स्टोर में आग लग गई। तकाचेंको ने आरोप लगाया कि रूस ने जानबूझकर रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। अमेरिका में विमान हादसा: 11 स्काइडाइवर और पायलट समेत 12 की मौत
अमेरिका के मिसौरी राज्य में रविवार को एक स्काइडाइविंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 11 स्काइडाइवर और एक पायलट समेत सभी 12 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक विमान उड़ान भरने के बाद पर्याप्त ऊंचाई हासिल नहीं कर पाया और एयरपोर्ट के पास ही क्रैश हो गया। बेट्स काउंटी इमरजेंसी मैनेजमेंट के अनुसार, विमान ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11:20 बजे उड़ान भरी थी। यह विमान एक स्काइडाइविंग कंपनी द्वारा लीज पर लिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि टेकऑफ के बाद विमान ऊंचाई नहीं पकड़ सका। इसके बाद उसने अचानक बाईं ओर तेज मोड़ लिया और बटलर मेमोरियल एयरपोर्ट से करीब 200 गज दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शेरिफ के मुताबिक यह कोई कमर्शियल एयरलाइन नहीं थी, बल्कि स्थानीय एयरपोर्ट से संचालित एक छोटा विमान था। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने विमान की पहचान Pacific Aerospace P750 के रूप में की है। शार्क हमले के बाद सिडनी का कूजी बीच फिर खुला: ड्रोन, जेट-स्की और लाइफगार्ड की निगरानी बढ़ी
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित कूजी बीच को शनिवार को हुए शार्क हमले के बाद सोमवार को दोबारा खोल दिया गया। हालांकि प्रशासन ने यहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। घटना में 35 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हुई थी और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार महिला शनिवार सुबह किनारे से करीब 30 मीटर दूर तैर रही थी, तभी 3 से 4 मीटर लंबी शार्क ने उस पर हमला कर दिया। हमले में उसके हाथों और बाएं पैर में गंभीर चोटें आईं। कूजी बीच सिडनी के सबसे लोकप्रिय समुद्र तटों में से एक है। यह बॉन्डी बीच के दक्षिण में स्थित है और हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। हाल के महीनों में ऑस्ट्रेलिया में शार्क हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। पिछले सप्ताह पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक मछुआरे की शार्क हमले में मौत हो गई थी। इससे पहले क्वींसलैंड और पर्थ के पास भी दो घातक हमले दर्ज किए गए थे। जनवरी में सिडनी समेत पूर्वी तट के कई समुद्र तटों को चार शार्क हमलों के बाद अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। घटना के बाद न्यू साउथ वेल्स सरकार ने हवाई निगरानी व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और सोशल मीडिया की लत से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। स्टार्मर ने सोमवार को कहा कि पूर्ण प्रतिबंध ही सही विकल्प है। उनके अनुसार इससे बच्चों को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा और उन्हें पढ़ाई, खेलकूद तथा सामाजिक गतिविधियों के लिए अधिक समय मिलेगा। प्रस्तावित प्रतिबंध टिकटॉक, इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट, यूट्यूब और एक्स जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लागू होगा। हालांकि, WhatsApp और Signal जैसी मैसेजिंग सेवाएं इसके दायरे से बाहर रहेंगी। सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए लाइव-स्ट्रीमिंग और अजनबियों से संवाद की सुविधा देने वाले कुछ गेमिंग फीचर्स पर भी सख्त नियंत्रण लागू करेगी। ब्रिटिश सरकार ने बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया के मॉडल का अनुसरण करेगी। ऑस्ट्रेलिया ने पिछले वर्ष 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू किया था और ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बना था। सरकार के अनुसार इस वर्ष के अंत तक आवश्यक नियम तैयार कर लिए जाएंगे और अगले वर्ष वसंत तक प्रतिबंध लागू किया जा सकता है। नई नीति से पहले सरकार ने शिक्षकों, अभिभावकों और युवाओं से व्यापक परामर्श किया। 1.16 लाख से अधिक प्रतिक्रियाओं में 83% अभिभावकों ने माना कि सोशल मीडिया के जोखिम उसके लाभों से अधिक हैं, जबकि 90% ने 16 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा का समर्थन किया। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे को 4 साल जेल: दो रेप मामलों में दोषी करार; दो आरोपों से बरी
नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी को ओस्लो जिला अदालत ने दो बलात्कार मामलों में दोषी ठहराते हुए चार साल की जेल की सजा सुनाई है। 29 वर्षीय होइबी को कई अन्य अपराधों में भी दोषी पाया गया, हालांकि अदालत ने उन्हें दो अन्य रेप मामलों में बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष ने अदालत से 7 साल 7 महीने की सजा की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने 18 महीने की सजा की दलील दी थी। बचाव पक्ष को फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। अदालत ने पाया कि होइबी ने दो महिलाओं के साथ उस समय यौन संबंध बनाए, जब वे या तो सो रही थीं या प्रतिरोध करने की स्थिति में नहीं थीं। इनमें एक मामला 2018 का है, जबकि दूसरा 2024 का। हालांकि, अदालत ने दो अन्य बलात्कार मामलों में होइबी को बरी कर दिया। इनमें एक मामला ओस्लो के होटल और दूसरा लोफोटेन द्वीप समूह में कथित घटना से संबंधित था। होइबी को अपनी पूर्व प्रेमिका और नॉर्वेजियन इन्फ्लुएंसर नोरा हाउकलैंड के साथ दुर्व्यवहार के मामले में भी दोषी पाया गया। अदालत ने उन्हें चार महिलाओं को कुल 6.40 लाख नॉर्वेजियन क्रोनर का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

Samsung Galaxy S26 Ultra Launch : आईफोन की छुट्टी करने आया सैमसंग का नया ‘बाहुबली’ फोन

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Samsung Galaxy Unpacked 2026: टेक जगत का सबसे बड़ा इवेंट आज सैन फ्रांसिस्को में आयोजित होने जा रहा है। सैमसंग अपने बहुप्रतीक्षित स्मार्टफोन Samsung Galaxy S26 Ultra, Galaxy S26 Plus और Galaxy S26 के साथ नए ईयरबड्स और घड़ियाँ लॉन्च करने के लिए तैयार है। यह इवेंट सैन फ्रांसिस्को में हो रहा है, लेकिन दुनिया भर के प्रशंसक इसे घर बैठे लाइव देख सकते हैं। आप सैमसंग के आधिकारिक यूट्यूब चैनल या नीचे दिए गए लिंक के जरिए Galaxy Unpacked 2026 की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।  

 

  

Samsung Galaxy Unpacked 2026: टेक जगत का सबसे बड़ा इवेंट आज सैन फ्रांसिस्को में आयोजित होने जा रहा है। सैमसंग अपने बहुप्रतीक्षित स्मार्टफोन Samsung Galaxy S26 Ultra, Galaxy S26 Plus और Galaxy S26 के साथ नए ईयरबड्स और घड़ियाँ लॉन्च करने के लिए तैयार है।

 

कब और कहाँ देखें लाइव स्ट्रीम?

सैमसंग का यह सालाना इवेंट भारतीय समयानुसार आज, 25 फरवरी 2026 को रात 11.30 बजे शुरू होगा। हालांकि यह इवेंट सैन फ्रांसिस्को में हो रहा है, लेकिन दुनिया भर के प्रशंसक इसे घर बैठे लाइव देख सकते हैं। आप सैमसंग के आधिकारिक यूट्यूब चैनल या नीचे दिए गए लिंक के जरिए Galaxy Unpacked 2026 की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं। पल-पल की अपडेट के लिए आप हमारे लाइव ब्लॉग को भी फॉलो कर सकते हैं।

 

iPhone 18 Pro Max को मिलेगी सीधी टक्कर

माना जा रहा है कि इस इवेंट का मुख्य आकर्षण Samsung Galaxy S26 Ultra होगा। यह फ्लैगशिप एंड्रॉइड फोन इस साल सितंबर में आने वाले Apple iPhone 18 Pro Max को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार है।

 

Galaxy S26 Ultra: क्या होगा खास? (संभावित फीचर्स)

लॉन्च से पहले ही टेक यूट्यूबर साहिल करोल ने इस फोन का एक कथित अनबॉक्सिंग वीडियो साझा कर सनसनी मचा दी है। लीक हुई जानकारियों के मुताबिक:

 

नया डिजाइन: पिछले मॉडल (S25 Ultra) की तुलना में इस बार फ्लैट फ्रेम और ज्यादा उभरा हुआ कैमरा आइलैंड देखने को मिलेगा।

 

कैमरा बदलाव: पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस का आकार अब आयताकार से बदलकर गोल कर दिया गया है।

 

S-Pen: पेन की कार्यक्षमता पहले जैसी ही रहने की उम्मीद है, हालांकि इसमें अब भी ब्लूटूथ कनेक्टिविटी की कमी खल सकती है।

 

परफॉर्मेंस के मामले में 'सुपरपावर'

लीक हुए बेंचमार्क डेटा (मॉडल नंबर SM-S948B) के अनुसार, Galaxy S26 Ultra ने प्रदर्शन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं:

 

AnTuTu v11: इस डिवाइस ने 3.72 मिलियन पॉइंट्स का असाधारण स्कोर हासिल किया है।

 

Geekbench 6: सिंगल-कोर में 3648 और मल्टी-कोर में 10898 का स्कोर दर्ज किया गया है।

 

OS: यह डिवाइस लेटेस्ट Android 16 पर आधारित होगा।

 

भारत में कितनी होगी कीमत?


सैमसंग ने आधिकारिक तौर पर अभी कीमतों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन लीक्स और पिछले ट्रेंड्स के अनुसार भारत में कीमतें कुछ इस तरह हो सकती हैं:मॉडलस्टोरेजसंभावित कीमत (भारत)Galaxy S26 Ultra12GB + 256GB₹1,29,999 – ₹1,38,000Galaxy S26 Ultra12GB + 512GB₹1,47,000 (लगभग)Galaxy S26 Ultra16GB + 1TB₹1,60,000+   Edited by : Sudhir Sharma

Vivo V70 Series 5G भारत में लॉन्च: Zeiss कैमरा, पावरफुल प्रोसेसर और स्लिम डिजाइन के साथ दो मॉडल पेश

स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Vivo ने आज भारत में अपनी नई Vivo V70 Series 5G लॉन्च कर दी है। इस सीरीज के तहत कंपनी ने दो मॉडल Vivo V70 और Vivo V70 Elite  पेश किए हैं। दोनों स्मार्टफोन्स में अपग्रेडेड प्रोसेसर, Zeiss सपोर्टेड कैमरा और बेहद स्लिम बेज़ल डिजाइन दिया गया है। कंपनी ने इन्हें मिड-रेंज सेगमेंट में उतारा है और आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद इनकी बिक्री शुरू की जाएगी। लॉन्च इवेंट का लाइव स्ट्रीमिंग यूट्यूब पर किया गया।

लाइव हुआ लॉन्च इवेंट

Vivo V70 Series 5G का लॉन्च इवेंट यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किया गया, जहां दर्शकों ने रियल टाइम में इस नए स्मार्टफोन लाइनअप की झलक देखी।

मिड-प्रीमियम 5G सेगमेंट पर फोकस

यह नई सीरीज़ इससे पहले लॉन्च हुए V60 और V60e मॉडल के बाद पेश की गई है। कंपनी का लक्ष्य भारत के मिड-प्रीमियम 5G स्मार्टफोन सेगमेंट में अपनी पकड़ को और मजबूत करना है। नए प्रोसेसर, बेहतर कैमरा सेटअप और प्रीमियम डिजाइन के साथ Vivo V70 Series 5G को युवाओं और टेक प्रेमियों को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है। 

Vivo V70 और V70 Elite: कीमत और सेल डिटेल्स

Vivo V70 Elite को तीन कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 51,999 रुपए रखी गई है।

Vivo V70 Elite (8GB + 256GB): ₹51,999

Vivo V70 Elite (12GB + 256GB): ₹56,999

Vivo V70 Elite (12GB + 512GB): ₹61,999

 

वहीं, Vivo V70 को Passion Red और Lemon Yellow कलर में पेश किया गया है।

Vivo V70 (8GB + 256GB): ₹45,999

Vivo V70 (12GB + 256GB): ₹49,999 Edited by : Sudhir Sharma

दुनियाभर में YouTube सर्वर डाउन, 1 घंटे बाद सेवाएं बहाल, करोड़ों यूजर्स प्रभावित

youtube outage

Youtube Down : भारत समेत कई देशों में यूट्यूब सर्वर डाउन हो गया। इस वजह से भारत, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों के करोड़ों यूजर्स परेशान हो गए। लोग यूट्यूब वीडियो नहीं देख पा रहे थे। हालांकि 1 घंटे बाद यूट्यूब की सेवाएं बहाल हो गई।

 

बताया जा रहा है कि यह दिग्गत सबसे पहले अमेरिका से शुरू हुई। यहां 3 लाख से ज्यादा लोगों ने यूट्यूब वीडियो नहीं चलने की शिकायत की। वीडियो पर क्लिक करने पर Something went Wrong लिखा आ रहा है। यूट्यूब टीवी भी इससे प्रभावित हुआ। डाउन डिटेक्टर पर करीब 10,000 लोगों ने इस संबंध में शिकायत की।

 

यूट्यूब ने बयान जारी कर कहा, तकनीकी दिक्कतों पर हमारी नजर हैं। कंपनी ने यह नहीं बताया कि इस आउटेज का कारण क्या था?

 

बहरहाल अब यूट्यूब की सभी सेवाएं शुरू हो गई है। लोग एक बार फिर अपने कंप्यूटर और मोबाइल पर यूट्यूब वीडियो देख पा रहे हैं। 

edited by : Nrapendra Gupta

रूस में Telegram पर डिजिटल स्ट्राइक, पुतिन ने लगाई पाबंदियां, फाउंडर बोले- हम झुकेंगे नहीं

रूसी अधिकारियों ने देश के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप में से एक, 'टेलीग्राम' पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार का यह कदम रूसी नागरिकों को विदेशी तकनीकी प्लेटफार्मों के बजाय खुद के नियंत्रित विकल्पों की ओर धकेलने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। टेलीग्राम के रूसी मूल के संस्थापक पावेल डुरोव ने एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि रूस की यह कोशिश नाकाम होगी। रूस ने फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर बैन लगा दिया है।

इनके अलावा स्नैपचैट (Snapchat), फेसटाइम (FaceTime), ट्विटर/X और गेमिंग प्लेटफॉर्म रोब्लॉक्स (Roblox) पर भी रूस ने प्रतिबंध लगा रखा है। रूसी नियामक संस्था 'रोसकोमनाडजोर'  का कहना है कि इन विदेशी प्लेटफार्मों का उपयोग स्थानीय कानूनों के उल्लंघन और सुरक्षा जोखिमों के लिए किया जा रहा था।

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टेलीग्राम को निशाना बनाना रूसी प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है, क्योंकि इसका उपयोग रूस में लाखों आम लोगों के अलावा खुद रूसी सेना, शीर्ष सरकारी अधिकारी, सरकारी मीडिया और यहां तक कि क्रेमलिन द्वारा भी किया जाता है।  

 

डुरोव ने कहा कि रूस अपने नागरिकों को निगरानी और राजनीतिक सेंसरशिप के लिए बनाए गए एक सरकारी ऐप का उपयोग करने के लिए मजबूर करने की कोशिश में टेलीग्राम पर पाबंदियां लगा रहा है। आठ साल पहले, ईरान ने भी यही रणनीति अपनाई थी- और वह विफल रहा। उसने झूठे बहानों के आधार पर टेलीग्राम को प्रतिबंधित किया और लोगों को सरकार द्वारा संचालित विकल्प पर स्विच करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की।

 

मंगलवार को रूसी सरकार ने टेलीग्राम तक पहुंच को सीमित करने का आदेश जारी किया। सरकार का तर्क है कि यह कदम 'रूसी नागरिकों की सुरक्षा' के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने ऐप पर उन सामग्रियों को ब्लॉक करने से इनकार करने का आरोप लगाया है जिन्हें प्रशासन 'आपराधिक और आतंकवादी' मानता है।

 

 डिजिटल सर्विस ट्रैकिंग साइट Downdetector के अनुसार पिछले 24 घंटों में 11,000 से अधिक यूजर्स ने ऐप के काम न करने या धीमा चलने की शिकायत की है।

 

 

 

रूस के दूरसंचार नियामक रोसकोम्नाडज़ोर (Roskomnadzor) ने एक बयान में कहा कि जब तक रूसी कानूनों के उल्लंघन को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक टेलीग्राम मैसेंजर के संचालन पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इस प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित नहीं है और धोखाधड़ी या आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं हैं।

 

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, प्रतिबंधित सामग्री को न हटाने और खुद को विनियमित करने में विफल रहने के लिए टेलीग्राम पर 64 मिलियन रूबल (लगभग 8.28 लाख डॉलर) का जुर्माना भी लगाया गया है।

 

पाबंदियां लागू होते ही पूरे रूस में इसके असर देखे गए।  Edited by : Sudhir Sharma