Stock Market News: कच्चा तेल, मानसून और तिमाही नतीजे; इन बातों से तय होगी Sensex-Nifty की चाल

Stock Market Trend This Week: 6 जुलाई से शुरू हो रहे इस कारोबारी हफ्ते शेयर मार्केट में मार्केट सेंटिमेंट कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक रुझानों और कॉरपोरेट आय सीजन की शुरुआत पर निर्भर करेगी। एनालिस्ट्स के मुताबिक आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी टीसीएस 9 जुलाई को जून तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश करेगी, जिस पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति और विदेशी निवेशकों की खरीदारी-बिकवाली से भी बाजार की दिशा तय होगी। पिछले कारोबारी हफ्ते सेंसेक्स 663.44 प्वाइंट्स यानी 0.86% की बढ़त के साथ 77,763.91 तो निफ्टी 214.85 प्वाइंट्स यानी 0.89% के उछाल के साथ 24270.85 पर बंद हुआ।

मार्केट की चाल पर क्या है एक्सपर्ट्स का रुझान

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि निवेशकों की नजर 9 जुलाई को टीसीएस के कारोबारी नतीजे पर रहेगी। अजीत के मुताबिक निवेशकों का ध्यान खास तौर पर डिमांड ट्रेंड, डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग और एआई से जुड़े बिजनेस मौकों को लेकर मैनेजमेंट की बातों पर रहेगा।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौड़ का भी कहना है कि घरेलू स्तर पर निवेशकों का ध्यान 9 जुलाई से शुरू होने रहे वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अर्निंग्स सीजन पर रहेगा। उनका मानना है कि कॉरपोरेट अर्निंग्स और मैनेजमेंट की कमेंट्री से डिमांड के माहौल, मार्जिन के रुझानों और अर्निंग्स विलिबिलिटी को लेकर अहम संकेत मिलेगा। प्रवेश के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून और खरीफ की बुवाई भी गांवों में मांग, महंगाई की रफ्तार और ओवरऑल इकनॉमिक ग्रोथ को लेकर अहम संकेत देगा।

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच टेक्निकल बातचीत का अगला दौर 11 जुलाई को होने की उम्मीद है, हालांकि बैठक की जगह के बारे में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से सप्लाई को लेकर चिंता कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें प्रति बैरल $68-$69 के आसपास स्थिर हो गए हैं और अब इन पर निवेशकों की नजर रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के लेबर मार्केट के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे फेडरल रिजर्व के रुख में नरमी की उम्मीदें बढ़ी हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर फेड की जून पॉलिसी मीटिंग के मिनट्स यानी बैठक के ब्यौरे पर रहेगी ताकि अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट रुझान मिल सकें।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के मिनट्स, घरेलू अर्निंग्स सीजन की शुरुआत और मानसून की दिशा से तय होगी।

Elon Musk अब नहीं रहे ट्रिलेनियर, Tesla-SpaceX की बिकवाली से लगा करंट, एक्सपर्ट ने किया सतर्क

EPF Scheme 2026: सैलरी अधिक लें या पीएफ खाते में ज्यादा पैसे, फैसले से पहले करें ये कैलकुलेशन, नहीं तो लगेगा तगड़ा शॉक

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

TCS Results Update: 9 जुलाई को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी TCS, डिविडेंड देने पर होगा भी विचार

TCS Results Update: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) ने बताया है कि उसके बोर्ड की बैठक 9 जुलाई 2026 को होगी। इस बैठक में जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही कंपनी अंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला कर सकती है।

टाटा ग्रुप की इस कंपनी ने कहा है कि बोर्ड 30 जून 2026 को खत्म तिमाही के ऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों पर विचार करेगा और उन्हें मंजूरी देगा।

डिविडेंड का भी हो सकता है ऐलान

तिमाही नतीजों के साथ निवेशकों की नजर डिविडेंड पर भी रहेगी। TCS का बोर्ड अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगा। अगर डिविडेंड का ऐलान होता है तो उसका फायदा उन शेयरधारकों को मिलेगा जिनका नाम 15 जुलाई 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होगा। कंपनी ने इसके लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

पिछली तिमाही में कैसा था प्रदर्शन?

मार्च 2026 तिमाही में TCS ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर नतीजे दिए थे। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर कंपनी का रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 1.2% बढ़ा था। खास बात यह रही कि पिछले सात क्वार्टर में यह कंपनी की सबसे तेज ग्रोथ थी।

एनालिस्टों को औसतन 1% ग्रोथ की उम्मीद थी। कुछ ब्रोकरेज हाउस ने 0.6% से 1.4% तक का अनुमान लगाया था, लेकिन कंपनी इन अनुमानों के ऊपरी स्तर के करीब पहुंचने में सफल रही।

29% उछला था TCS का मुनाफा

मार्च तिमाही में TCS का शुद्ध लाभ बढ़कर ₹13,718 करोड़ पहुंच गया था। दिसंबर तिमाही में यह ₹10,657 करोड़ था। यानी कंपनी के मुनाफे में करीब 29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹70,698 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही में ₹67,087 करोड़ था। यह आंकड़ा भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में सुधार, बड़े ऑर्डर भी मिले

TCS की कमाई की ताकत दिखाने वाला EBIT बढ़कर ₹17,870 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 6% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 25.3% रहा, जो दिसंबर तिमाही के 25.2% से थोड़ा बेहतर है।

मार्च तिमाही में TCS ने 12 अरब डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए थे। यह कंपनी के इतिहास के सबसे बड़े ऑर्डर बुकिंग स्तरों में से एक है। इसमें तीन बड़े मेगा डील भी शामिल थीं।

पहले भी दे चुकी है ₹31 का डिविडेंड

TCS ने हाल ही में अपने शेयरधारकों के लिए ₹31 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड को मंजूरी दी थी। हालांकि उसकी रिकॉर्ड डेट का ऐलान अभी बाकी है।

अब निवेशकों की नजर 9 जुलाई पर रहेगी। बाजार यह देखना चाहेगा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच TCS की ग्रोथ कितनी मजबूत बनी हुई है और कंपनी डिविडेंड को लेकर क्या फैसला करती है।

TCS का शेयर सोमवार को 0.21% की बढ़त के साथ 2,129.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते 6 महीने में शेयर 35% से ज्यादा टूट चुका है।

Railway Stocks: बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से बनेगा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, इन 4 स्टॉक्स पर रखें नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।