Stocks to Watch: 23 जून को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: 23 जून के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर चर्चा में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं, जबकि कुछ ने फंड जुटाने, हिस्सेदारी बिक्री और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन 10 शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

TCS

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS ने बताया है कि उसके बोर्ड की बैठक 9 जुलाई 2026 को होगी। इस बैठक में 30 जून 2026 को खत्म तिमाही के नतीजों पर चर्चा होगी और उन्हें मंजूरी दी जाएगी। टाटा ग्रुप की यह कंपनी निवेशकों के लिए डिविडेंड का ऐलान भी कर सकती है।

Hindustan Zinc

वेदांता ग्रुप की कंपनी Hindustan Zinc ने Advantek Associates LLP और Aero Eagle Automobiles Pvt Ltd के साथ एक समझौता किया है। इस साझेदारी का मकसद कंपनी के अलग-अलग ऑपरेशंस में ग्रीन हाइड्रोजन और दूसरी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशना है।

JSW Infrastructure

सज्जन जिंदल की JSW Infrastructure ने 22 जून से अपना QIP खोलने को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने ₹290.35 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। इश्यू में अधिकतम 230 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, Sajjan Jindal Family Trust अधिकतम 33.25 करोड़ शेयरों की OFS लाएगी।

Craftsman Automation

Craftsman Automation के प्रमोटर शेयरहोल्डर श्रीनिवासन रवि ने ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में 2.01% तक हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की है। टर्म शीट के मुताबिक इस सौदे का आकार करीब ₹484 करोड़ है। शेयरों के लिए ₹925 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया है।

Info Edge

Naukri.com की पैरेंट कंपनी Info Edge ने कहा है कि उसके AI स्टार्टअप पोर्टफोलियो की वैल्यू बढ़कर ₹1,268 करोड़ पहुंच गई है। कंपनी ने अब तक 28 AI स्टार्टअप्स में कुल ₹614 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश पर उसे 2.1 गुना रिटर्न मिला है, जबकि अनुमानित ग्रॉस IRR करीब 31% रही है।

Bharat Electronics

सरकारी डिफेंस कंपनी Bharat Electronics (BEL) को 25 मई 2026 के बाद ₹1,081 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी के मुताबिक इन ऑर्डर्स में कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, रडार, CBRN सुरक्षा सिस्टम, सीकर्स, एवियोनिक्स, अपग्रेडेशन, स्पेयर्स और सर्विसेज शामिल हैं। नए ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत होगी और आने वाले समय में रेवेन्यू को सहारा मिल सकता है।

GHV Infra Projects

GHV Infra Projects को GHV (India) Private Ltd से करीब ₹213 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में GST भी शामिल है। कंपनी को सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिग्नल एवं टेलीकॉम से जुड़े कई काम करने होंगे। यह ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगा।

APAR Industries

APAR Industries ने बताया कि उसकी सहायक कंपनी APAR Industries Middle East Ltd, KSA ने Saudi Aramco Base Oil Company के साथ एक समझौता किया है। यह करार कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि दोनों कंपनियों ने समझौते की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया है।

Birla Corporation

Birla Corporation ने कहा है कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्थित उसकी बिक्रम कोयला खदान में 22 जून 2026 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है। कंपनी के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि अब उसे अपने सीमेंट कारोबार के लिए कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

MSP Steel & Power

MSP Steel & Power के प्रमोटर ग्रुप ने 16 से 18 जून 2026 के बीच खुले बाजार से कुल 64.50 लाख शेयर खरीदे हैं। कंपनी के मुताबिक, प्रमोटर ग्रुप की पांच संस्थाओं ने यह खरीदारी की है। आमतौर पर प्रमोटरों की बड़ी खरीदारी को कंपनी के भविष्य और कारोबार को लेकर उनके भरोसे के संकेत के रूप में देखा जाता है।

Railway Stocks: बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से बनेगा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, इन 4 स्टॉक्स पर रखें नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

TCS Results Update: 9 जुलाई को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी TCS, डिविडेंड देने पर होगा भी विचार

TCS Results Update: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) ने बताया है कि उसके बोर्ड की बैठक 9 जुलाई 2026 को होगी। इस बैठक में जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही कंपनी अंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला कर सकती है।

टाटा ग्रुप की इस कंपनी ने कहा है कि बोर्ड 30 जून 2026 को खत्म तिमाही के ऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों पर विचार करेगा और उन्हें मंजूरी देगा।

डिविडेंड का भी हो सकता है ऐलान

तिमाही नतीजों के साथ निवेशकों की नजर डिविडेंड पर भी रहेगी। TCS का बोर्ड अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगा। अगर डिविडेंड का ऐलान होता है तो उसका फायदा उन शेयरधारकों को मिलेगा जिनका नाम 15 जुलाई 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होगा। कंपनी ने इसके लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

पिछली तिमाही में कैसा था प्रदर्शन?

मार्च 2026 तिमाही में TCS ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर नतीजे दिए थे। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर कंपनी का रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 1.2% बढ़ा था। खास बात यह रही कि पिछले सात क्वार्टर में यह कंपनी की सबसे तेज ग्रोथ थी।

एनालिस्टों को औसतन 1% ग्रोथ की उम्मीद थी। कुछ ब्रोकरेज हाउस ने 0.6% से 1.4% तक का अनुमान लगाया था, लेकिन कंपनी इन अनुमानों के ऊपरी स्तर के करीब पहुंचने में सफल रही।

29% उछला था TCS का मुनाफा

मार्च तिमाही में TCS का शुद्ध लाभ बढ़कर ₹13,718 करोड़ पहुंच गया था। दिसंबर तिमाही में यह ₹10,657 करोड़ था। यानी कंपनी के मुनाफे में करीब 29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹70,698 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही में ₹67,087 करोड़ था। यह आंकड़ा भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में सुधार, बड़े ऑर्डर भी मिले

TCS की कमाई की ताकत दिखाने वाला EBIT बढ़कर ₹17,870 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 6% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 25.3% रहा, जो दिसंबर तिमाही के 25.2% से थोड़ा बेहतर है।

मार्च तिमाही में TCS ने 12 अरब डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए थे। यह कंपनी के इतिहास के सबसे बड़े ऑर्डर बुकिंग स्तरों में से एक है। इसमें तीन बड़े मेगा डील भी शामिल थीं।

पहले भी दे चुकी है ₹31 का डिविडेंड

TCS ने हाल ही में अपने शेयरधारकों के लिए ₹31 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड को मंजूरी दी थी। हालांकि उसकी रिकॉर्ड डेट का ऐलान अभी बाकी है।

अब निवेशकों की नजर 9 जुलाई पर रहेगी। बाजार यह देखना चाहेगा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच TCS की ग्रोथ कितनी मजबूत बनी हुई है और कंपनी डिविडेंड को लेकर क्या फैसला करती है।

TCS का शेयर सोमवार को 0.21% की बढ़त के साथ 2,129.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते 6 महीने में शेयर 35% से ज्यादा टूट चुका है।

Railway Stocks: बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से बनेगा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, इन 4 स्टॉक्स पर रखें नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Railway Stocks: बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से बनेगा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, इन 4 स्टॉक्स पर रखें नजर

Railway Stocks: पश्चिम बंगाल में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नया रूप देने के लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये की बड़ी योजना सामने आई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा कि अगले 4-5 साल में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई पीढ़ी की ट्रेनें लाई जाएंगी। इसके साथ ही दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है। इन घोषणाओं के बाद रेलवे सेक्टर से जुड़ी कई कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं।

Titagarh Rail

अगर कोलकाता मेट्रो के विस्तार की बात करें तो टीटागढ़ रेल का नाम सबसे आगे नजर आता है। कंपनी मेट्रो कोच और रेलवे रोलिंग स्टॉक बनाने में माहिर है। इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी पश्चिम बंगाल में हैं। अभी तक नए ऑर्डर का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन मेट्रो के लिए बड़ी संख्या में नई ट्रेनें खरीदी जानी हैं। इसलिए टीटागढ़ को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

कंपनी पहले अहमदाबाद मेट्रो के लिए स्टेनलेस स्टील मेट्रो कोच बना चुकी है। इस प्रोजेक्ट की वैल्यू करीब 350 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा पुणे मेट्रो के लिए 34 ट्रेनसेट की डिलीवरी पूरी करने के बाद उसे 12 और एल्युमीनियम ट्रेनसेट का 430 करोड़ रुपये का ऑर्डर भी मिला था। FY26 में कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 27,540 करोड़ रुपये रही, जिसमें 10,600 करोड़ रुपये का हिस्सा पैसेंजर रेल बिजनेस से जुड़ा है।

RVNL

रेलवे की बड़ी-बड़ी घोषणाएं तभी हकीकत बनती हैं जब जमीन पर काम शुरू होता है। यही काम सरकारी रेल कंपनी RVNL करती है। कंपनी ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग, स्टेशन री-डेवलपमेंट और दूसरी रेलवे परियोजनाओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती है।

पश्चिम बंगाल में मेट्रो विस्तार और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, RVNL को नए काम मिलने की संभावना बढ़ सकती है। कंपनी की ऑर्डर बुक फिलहाल करीब 1 लाख करोड़ रुपये की है। FY26 में उसका रेवेन्यू 20,412 करोड़ रुपये रहा। हालांकि बढ़ती लागत की वजह से मुनाफा 32.6% घटकर 871 करोड़ रुपये रह गया। इसके बावजूद कंपनी ने FY27 में 15-20% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है और हाल में कई नए कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किए हैं।

IRFC

सरकारी कंपनी IRFC रेलवे सेक्टर की फाइनेंसिंग करने वाली सबसे अहम सरकारी कंपनी है। रेलवे जितना ज्यादा खर्च करेगा, उतनी ही ज्यादा फंडिंग की जरूरत होगी और इसका फायदा IRFC को मिल सकता है।

FY26 में कंपनी का शुद्ध लाभ 7.8% बढ़कर 7,009 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। कंपनी ने 35,000 करोड़ रुपये के लोन वितरित किए, जो उसके लक्ष्य से ज्यादा थे। इसका AUM बढ़कर 4.85 लाख करोड़ रुपये हो गया है। फरवरी 2026 में सरकार ने OFS के जरिए अपनी 1.7% हिस्सेदारी बेची थी। वहीं कंपनी के बोर्ड ने FY27 में 60,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी भी दी है, जिससे रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फंडिंग जारी रखी जा सके।

IRCON

दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा के बाद IRCON भी चर्चा में है। कंपनी रेलवे, हाईवे और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण का लंबा अनुभव रखती है। अगर यह हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है तो बड़े पैमाने पर पुल, वायाडक्ट और स्टेशन बनाने का काम होगा। इसमें IRCON जैसी कंपनियों को अवसर मिल सकते हैं।

कंपनी की ऑर्डर बुक 24,984 करोड़ रुपये की है, जिसमें रेलवे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा सबसे बड़ा है। FY26 में उसका रेवेन्यू 9,071 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध लाभ 592 करोड़ रुपये था। खास बात यह है कि कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त है। इससे उसे भविष्य की बड़ी परियोजनाओं में भाग लेने की वित्तीय ताकत मिलती है।

आपको इन शेयरों पर क्यों रखनी चाहिए नजर

अगर आप रेलवे सेक्टर पर नजर रखते हैं, तो इन शेयरों को अपनी वॉचलिस्ट में रख सकते हैं। पश्चिम बंगाल में मेट्रो विस्तार, स्टेशन पुनर्विकास और हाई-स्पीड रेल जैसे बड़े प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। इन योजनाओं से रेलवे वैल्यू चेन से जुड़ी कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

हालांकि अभी ज्यादातर परियोजनाएं शुरुआती चरण में हैं। इसलिए ऑर्डर और कमाई पर असर दिखने में समय लग सकता है। ऐसे में Titagarh Rail, RVNL, IRFC और IRCON जैसे शेयरों पर आगे होने वाले घटनाक्रमों के साथ नजर रखना बेहतर हो सकता है।

Stock in Focus: सरकारी डिफेंस कंपनी को मिले ₹1081 करोड़ के ऑर्डर, स्टॉक पर रहेगी नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।