सावन में सोना खरीदने से पहले मुहूर्त के साथ रखें इन 5 बातों का ध्यान, वरना कर बैठेंगे ये गलती!

सावन (Sawan) का महीना भगवान शिव की भक्ति और पूजा के लिए सबसे खास माना जाता है। इस दौरान लोग सात्विक जीवन अपनाते हैं और कई धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। इन्हीं मान्यताओं में एक धारणा यह भी है कि सावन में सोना (Gold) नहीं खरीदना चाहिए। लेकिन क्या यह बात शास्त्रों में लिखी गई है या सिर्फ एक परंपरा है? आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह:

 

क्या शास्त्रों में सोना खरीदने की मनाही है?

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ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी प्रमुख धर्मग्रंथ जैसे वेद, पुराण या अन्य शास्त्रों में सावन (Sawan)के महीने में सोना खरीदने पर स्पष्ट रोक नहीं बताई गई है। यानी अगर कोई व्यक्ति इस महीने सोना खरीदता है, तो इसे शास्त्रों के अनुसार अशुभ नहीं माना गया है। यह मान्यता अधिकतर लोक परंपराओं और सामाजिक विश्वासों से जुड़ी हुई है।

 

सावन में सोना न खरीदने की मान्यता क्यों बनी?

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पुराने समय में भारत कृषि प्रधान देश था। सावन के महीने में किसान खेती और बुआई में व्यस्त रहते थे, इसलिए उनकी बचत का बड़ा हिस्सा खेती के काम में खर्च हो जाता था। ऐसे समय में सोना जैसी महंगी चीज खरीदने से बचने की सलाह दी जाती थी। धीरे-धीरे यही बात एक परंपरा और मान्यता के रूप में प्रचलित हो गई।

 

 

सावन का आध्यात्मिक संदेश क्या है?

तीन दिन की गिरावट के बाद सोना ...

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति, तप, साधना और सादगी का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान लोगों को भौतिक सुख-सुविधाओं की बजाय पूजा, ध्यान और आत्मिक शांति पर ध्यान देने की प्रेरणा दी जाती है। इसलिए कई लोग इस महीने नई चीजें खरीदने के बजाय धार्मिक कार्यों में समय और धन लगाना बेहतर मानते हैं।

 

 

अगर सोना खरीदना हो तो क्या करें?

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अगर किसी जरूरी काम, शादी या निवेश (investment) के लिए सावन में सोना खरीदना जरूरी हो, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसमें कोई स्पष्ट मनाही नहीं है। हालांकि, कई लोग शुभ मुहूर्त देखकर ही खरीदारी करना पसंद करते हैं। अगर आपके मन में कोई संशय हो, तो किसी योग्य ज्योतिषी या पंडित से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी धार्मिक या ज्योतिष से जुड़े फैसले से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सावन में सोना खरीदने से पहले मुहूर्त के साथ रखें इन 5 बातों का ध्यान, वरना कर बैठेंगे ये गलती!

सावन (Sawan) का महीना भगवान शिव की भक्ति और पूजा के लिए सबसे खास माना जाता है। इस दौरान लोग सात्विक जीवन अपनाते हैं और कई धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। इन्हीं मान्यताओं में एक धारणा यह भी है कि सावन में सोना (Gold) नहीं खरीदना चाहिए। लेकिन क्या यह बात शास्त्रों में लिखी गई है या सिर्फ एक परंपरा है? आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह:

क्या शास्त्रों में सोना खरीदने (Gold) की मनाही है?

ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी प्रमुख धर्मग्रंथ जैसे वेद, पुराण या अन्य शास्त्रों में सावन (Sawan) के महीने में सोना खरीदने पर स्पष्ट रोक नहीं बताई गई है। यानी अगर कोई व्यक्ति इस महीने सोना खरीदता है, तो इसे शास्त्रों के अनुसार अशुभ नहीं माना गया है। यह मान्यता अधिकतर लोक परंपराओं और सामाजिक विश्वासों से जुड़ी हुई है।

सावन (Sawan) में सोना न खरीदने की मान्यता क्यों बनी?

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पुराने समय में भारत कृषि प्रधान देश था। सावन के महीने में किसान खेती और बुआई में व्यस्त रहते थे, इसलिए उनकी बचत का बड़ा हिस्सा खेती के काम में खर्च हो जाता था। ऐसे समय में सोना जैसी महंगी चीज खरीदने से बचने की सलाह दी जाती थी। धीरे-धीरे यही बात एक परंपरा और मान्यता के रूप में प्रचलित हो गई।

सावन का आध्यात्मिक संदेश क्या है?

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति, तप, साधना और सादगी का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान लोगों को भौतिक सुख-सुविधाओं की बजाय पूजा, ध्यान और आत्मिक शांति पर ध्यान देने की प्रेरणा दी जाती है। इसलिए कई लोग इस महीने नई चीजें खरीदने के बजाय धार्मिक कार्यों में समय और धन लगाना बेहतर मानते हैं।

अगर सोना खरीदना हो तो क्या करें?

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अगर किसी जरूरी काम, शादी या निवेश (investment) के लिए सावन में सोना खरीदना जरूरी हो, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसमें कोई स्पष्ट मनाही नहीं है। हालांकि, कई लोग शुभ मुहूर्त देखकर ही खरीदारी करना पसंद करते हैं। अगर आपके मन में कोई संशय हो, तो किसी योग्य ज्योतिषी या पंडित से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी धार्मिक या ज्योतिष से जुड़े फैसले से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Sawan 2026: इस साल सावन में सोमवार और मंगला गौरी व्रत कितने होंगे? सही तारीखों के साथ देखें पूरा कैलेंडर

Sawan 2026: हिंदी कैलेंडर में सावन पांचवां महीना होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। चारों ओर फैली हरियाली और ‘बोल बम’ की गूंज इस माह की पहचान माने जाते हैं। देश ही नहीं पूरी दुनिया के शिव भक्त इस माह में भगवान शिव की भक्ति में लीन होते हैं। यूं तो पूरे साल में आने वाले सभी सोमवार भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माने जाते हैं, लेकिन सावन के महीने में सोमवार का दिन विशेष स्थान रखता है।

इस दिन सुबह से ही छोटे-बड़े हर शिवालय में भक्त अपने आराध्य का अभिषेक और उपवास करते हैं। सावन के महीने में ही भक्त कांवड़ा भरकर लाते हैं और अपने आराध्य शिव का जलाभिषेक करते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में माता पार्वती और भगवान शिव की श्रद्धा और विधि विधान से की गई पूजा बहुत लाभकारी होती है। गौरी शंकर अपने भक्तों की दु:ख-तकलीफें दूर करते हैं और उन्हें सुखी जीवन का आशीर्वाद देते हैं। हर साल की तरह इस साल भी सावन के सोमवार को व्रत करेंगे और मंगलवार को मंगला गौरी का व्रत किया जाएगा। आइए जानें इस साल सावन में कितने सोमवार और मंगला गौरी व्रत का संयोग बन रहा है?

कब से कब तक रहेगा सावन?

सावन का महीना 30 जुलाई गुरुवार से प्रारंभ होगा और 28 अगस्त, शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा के साथ ही यह महीना समाप्त हो जाएगी।

सावन में कितने सोमवार?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में सोमवार के दिन भगवान शिव का व्रत और पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साल 2026 में सावन में कुल चार सोमवार व्रत रखे जाएंगे।

सावन सोमवार व्रत

पहला सावन सोमवार- 03 अगस्त 2026

दूसरा सावन सोमवार- 10 अगस्त 2026

तीसरा सावन सोमवार- 17 अगस्त 2026

चौथा सावन सोमवार- 24 अगस्त 2026

सावन में 4 मंगला गौरी व्रत का संयोग

सावन का महीना केवल भगवान शिव ही नहीं, बल्कि माता पार्वती की आराधना के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस माह में सोमवार की तरह मंगलवार का भी विशेष महत्व है। इस दिन मंगला गौरी का व्रत रखने की परंपरा है। इस माह में पड़ने वाले हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत किया जाता है।

पहला मंगला गौरी व्रत- 4 अगस्त

दूसरा मंगला गौरी व्रत- 11 अगस्त

तीसरा मंगला गौरी व्रत- 18 अगस्त

चौथा मंगला गौरी व्रत- 25 अगस्त

सावन 2026 के अन्य प्रमुख त्योहार और तिथियां

सावन शिवरात्रि : 11 अगस्त 2026

हरियाली अमावस्या : 12 अगस्त 2026

हरियाली तीज : 15 अगस्त 2026

नाग पंचमी : 17 अगस्त 2026

रक्षाबंधन / सावन पूर्णिमा : 28 अगस्त 2026

कैसे करें भोलेनाथ की पूजा?

  • सावन के सोमवार को सुबह जल्दी उठकर नहा लें और साफ कपड़े पहनें।
  • इसके बाद पास के शिव मंदिर जाएं। सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं।
  • फिर दूध, दही, घी, शहद और गन्ने के रस से बना ‘पंचामृत’ अर्पित करें।
  • भोलेनाथ को सफेद चंदन लगाएं और सफेद फूल, भांग, धतूरा और फल चढ़ाएं।
  • शिव जी के साथ पूरे शिव परिवार की भी पूजा करें।
  • अंत में आरती करें और सच्चे मन से “ॐ नमः शिवाय” या “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र का जाप करें।

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