FIFA WC: गोल्डन बूट की रेस में अब एमबाप्पे आए मेस्सी के बराबर

काइलियन एमबाप्पे फ्रांस की विश्वकप क्वार्टर फाइनल में मोरक्को पर 2-0 की जीत से ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी की बराबरी पर पहुंच गए हैं।इन दोनों खिलाड़ियों ने मौजूदा टूर्नामेंट में अभी तक आठ आठ गोल किए हैं। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को मिलने वाले ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में सबसे आगे हैं।

एमबाप्पे ने हालांकि तीन गोल करने में मदद की है, जबकि मेस्सी ने एक बार ही ऐसा किया है। इस कारण से एमबाप्पे को अंकतालिका में मेस्सी से आगे रखा गया है।एमबाप्पे विश्व कप के अपने करियर में अब तक 20 गोल कर चुके हैं और वह मेस्सी के रिकॉर्ड 21 गोल से केवल एक गोल पीछे हैं।

‘गोल्डन बूट’ हासिल करने की दौड़ में इन दोनों को नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड (सात गोल), इंग्लैंड के हेरी केन (छह) और फ्रांस के ओस्मान डेम्बले (पांच) से कड़ी चुनौती मिल रही है।गौरतलब है कि फ्रांस और अर्जेंटीना टूर्नामेंट की गत उपविजेता और विजेता टीम है। ऐसे में अगर एक बार और फाइनल इन दो टीमों के बीच हो जाता है तो दोनों को अंतिम मैच में अपने गोल में सुधार करने का मौका मिलेगा।

फ्रांस एमबाप्पे के प्रदर्शन के कारण लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा अगर वह फाइनल जीत जाता है तो लगातार 3 बार फाइनल पहुंचने वाली टीम भी वह बन जाएगा। फ्रांस ने 2022 में अर्जेंटीना से हारने से पहले रूस में खेले गए विश्वकप में क्रोएशिया को मात देकर खिताब पाया था।

पहली बार जर्मनी ब्राजील के बिना होगा क्वार्टरफाइनल, इस महाद्वीप की 6 टीमें

पहली बार 48 टीम की भागीदारी में हो रहे विश्व कप में अब आखिरी आठ टीम बची हैं जो 19 जुलाई को फाइनल तक पहुंचने के लिये जोर आजमाइश करेंगी लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब क्वार्टर फाइनल में ब्राजील और जर्मनी दोनों नहीं हैं।

सत्रह में से दस विश्व कप में ब्राजील और जर्मनी दोनों क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे हैं। जर्मनी 1938, 1950, 2018 और 2022 में अंतिम आठ में नहीं था जबकि ब्राजील 1934, 1966 और 1990 में नहीं पहुंच सका था लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि दोनों दिग्गज एक साथ अंतिम आठ से गायब हों ।ब्राजील को अंतिम 16 के दौर में नॉर्वे ने और जर्मनी को अंतिम 32 में पराग्वे ने हराया।विश्व कप 1930, 1950, 1974, 1978 और 1982 में क्वार्टर फाइनल नहीं हुए थे।

8 में से 4 टीम ने नहीं जीता है खिताब :

इस विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली आठ टीम में से चार पहले भी खिताब जीत चुकी हैं जिनमें अर्जेंटीना ने तीन, फ्रांस ने दो , इंग्लैंड और स्पेन ने एक एक बार ट्रॉफी अपने नाम की है।बेल्जियम और मोरक्को कभी सेमीफाइनल से आगे नहीं गए। वहीं स्विटजरलैंड 1954 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है और नॉर्वे इससे पहले अंतिम 16 से आगे नहीं गया था। यानी 2010 में स्पेन के बाद पहली बार कोई नया चैम्पियन मिल सकता है।

यूरोप का दबदबा, छह टीम अंतिम आठ में :

क्वार्टर फाइनल में इस बार यूरोप की छह टीम हैं जबकि चार साल पहले कतर में पांच यूरोपीय टीम अंतिम आठ में थीं। इसके अलावा अफ्रीका की एक (मोरक्को) और दक्षिण अमेरिका (अर्जेंटीना) की एक टीम है।मोरक्को कतर में 2022 विश्व कप में अंतिम चार में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम थी। वह लगातार दो विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली भी अफ्रीका की पहली टीम बन गई है।

फ्रांस ने निर्धारित समय में ही जीते सारे मैच :

खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही कीलियन एमबाप्पे की फ्रांस टीम ने टूर्नामेंट में अभी तक पांचों मैच निर्धारित 90 मिनट के भीतर ही जीते हैं। लियोनेल मेस्सी की अर्जेंटीना ने भी पांचों मैच जीते हैं लेकिन केप वर्दे के खिलाफ अंतिम 32 का उसका मुकाबला अतिरिक्त समय तक खिंचा था जिसमें उसने 3-2 से जीत दर्ज की।

स्पेन और इंग्लैंड ने चार मैच जीते और एक ड्रॉ खेला। नॉर्वे ने चार मैच जीते लेकिन फ्रांस ने उसे हराया था। बेल्जियम, मोरक्को और स्विटजरलैंड ने तीन मैच जीते और दो ड्रॉ खेले।

स्पेन ने अभी तक नहीं गंवाया एक भी गोल :

इस बार विश्व कप में स्पेन एकमात्र टीम है जिसका डिफेंस अभेद रहा है और उसने एक भी गोल नहीं गंवाया। गोलकीपर उनाइ सिमोन ने विश्व कप में 600 मिनट से अधिक समय मैदान पर रहकर गोल नहीं गंवाने का रिकॉर्ड बनाया है।

ग्रुप चरण में केप वर्दे ने स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोका था। स्पेन ने सउदी अरब को 4-0 और उरूग्वे को 1- 0 से हराया। अंतिम 32 में आस्ट्रिया को 3-0 से और अंतिम 16 में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को स्पेन ने 1-0 से हराया।इससे पहले 1990 में इटली की टीम एक भी गोल गंवाये बिना सेमीफाइनल तक पहुंची थी।

मिस्र के साथ हुई नाइंसाफी, अर्जेंटीना के पक्ष में थे रेफरी, उठे कई सवाल

अर्जेंटीना के खिलाफ FIFA World Cup के प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 की विवादित हार के बाद मिस्र में रेफरिंग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सरकारी अधिकारियों, कोच और वैश्विक खेल हस्तियों ने मैच अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्णायक रेफरिंग गलतियों के कारण मिस्र क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने से वंचित रह गया।मिस्र की टीम मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले में 79वें मिनट तक 2-0 से आगे थी, लेकिन अंतिम 11 मिनट में तीन गोल खाकर 3-2 से हार गयी।

विवाद का केंद्र 62वें मिनट में मुस्तफा ज़िको का वह गोल रहा, जिसे वीएआर समीक्षा के बाद बिल्ड-अप में मिस्र के खिलाड़ी द्वारा फाउल मानते हुए रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, मैच के अंतिम क्षणों में मोहम्मद सलाह को पेनाल्टी बॉक्स के भीतर गिराये जाने पर भी मिस्र को पेनाल्टी नहीं दी गयी। इसी के तुरंत बाद अर्जेंटीना ने पलटवार करते हुए 92वें मिनट में विजयी गोल दाग दिया।मिस्र के खेल मंत्री गोहर नबील ने कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ “स्पष्ट रेफरिंग अन्याय” हुआ और मैच के नतीजे में रेफरी के फैसलों ने निर्णायक भूमिका निभायी।

मुख्य कोच होसम हसन ने दावा किया कि मैदान पर मिस्र बेहतर टीम था। उन्होंने आरोप लगाया कि मैच से पहले फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर की नियुक्ति को लेकर अर्जेंटीना की ओर से बनाये गये दबाव का असर रेफरी के फैसलों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि मिस्र को स्पष्ट पेनाल्टी से वंचित किया गया और वैध गोल भी गलत तरीके से रद्द कर दिया गया।

इस बीच, मिस्र फुटबॉल संघ के अध्यक्ष हानी अबू रीदा ने फीफा को औपचारिक शिकायत भेजकर रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर और उनकी टीम की जांच की मांग की है। संघ ने आरोप लगाया कि मैच अधिकारियों ने “गंभीर रेफरिंग गलतियां” कीं और दोहरे मानदंड अपनाए, जिसकी वजह से मिस्र टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

मिस्र ने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचकर अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम ग्रुप-जी में उपविजेता रही थी और राउंड ऑफ-32 में ऑस्ट्रेलिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी।

FIFA World Cup 2026: पुर्तगाल-अमेरिका के बाहर होते ही सस्ते हुए क्वार्टर फाइनल के टिकट! जानें अब कितनी है कीमत

FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 अब अपने रोमांचक दौर में पहुंच गया है। इस हफ्ते से फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले की शुरुआत होने जा रही हैं। वहीं टूर्नामेंट से पुर्तगाल और अमेरिका के बाहर होने के बाद बड़े नॉकआउट मैचों के टिकटों की मांग कम हो गई है। इसका असर टिकटों की कीमतों पर भी पड़ा है और कई मुकाबलों के टिकट पहले के मुकाबले काफी सस्ते हो गए हैं। टिकट बेचने वाले सेकेंडरी प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, स्पेन और बेल्जियम के बीच शुक्रवार को खेले जाने वाले फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की कीमत में भारी गिरावट आई है। मंगलवार दोपहर तक जहां एक टिकट करीब 2,950 डॉलर में मिल रहा था, वहीं बाद में इसकी कीमत घटकर लगभग 1,200 डॉलर रह गई।

पुर्तगाल की टीम हुए बाहर

टिकटों की कीमत में आई ये बड़ी कमी अमेरिका के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद देखने को मिली। राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर उसका सफर खत्म कर दिया। माना जा रहा है कि अगर मेजबान टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंच जाती, तो घरेलू प्रशंसकों की भारी मांग के कारण टिकटों के दाम काफी ज्यादा बने रहते। टिकटों के दाम घटने की एक बड़ी वजह पुर्तगाल का टूर्नामेंट से बाहर होना भी माना जा रहा है।

स्पेन ने राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को 1-0 से हराकर उसकी चुनौती खत्म कर दी। इस हार के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर भी समाप्त हो गया। पुर्तगाल के बाहर होने से टूर्नामेंट की सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक नॉकआउट चरण से बाहर हो गई, जिससे टिकटों की मांग पर भी असर पड़ा।

अभी कितने में मिल रहा टिकट

कई लोगों को उम्मीद थी कि क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल और अमेरिका की भिड़ंत होगी। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की लोकप्रियता और अमेरिका के मेजबान होने की वजह से इस मुकाबले के टिकटों की मांग काफी ज्यादा रहने का अनुमान था। लेकिन दोनों टीमों के बाहर होने से ऐसा नहीं हो सका। फिलहाल क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में सबसे कम कीमत वाले टिकट फ्रांस और मोरक्को के बीच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम में होने वाले मैच के लिए उपलब्ध हैं। टिकट बिक्री प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, फ्रांस और मोरक्को के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की शुरुआती कीमत 989 डॉलर रखी गई है। यानी इस मैच के लिए दर्शक 989 डॉलर से टिकट खरीद सकते हैं।

क्वार्टर फाइनल में होगा इनका आमना सामना

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को फ्रांस का मुकाबला मोरक्को से होगा। वहीं दूसरे क्वार्टर फाइनल में स्पेन का सामना बेल्जियम से होगा। क्वार्टर फाइनल में रविवार को एरलिंग हालैंड की नॉर्वे का सामना हैरी केन की इंग्लैंड से होगा। इसके बाद मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना की टीम स्विट्जरलैंड से भिड़ेगी। इन चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के विजेता अगले सप्ताह सेमीफाइनल में पहुंचेंगे। ये मैच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम, इंगलवुड के सोफी स्टेडियम, मियामी गार्डन्स के हार्ड रॉक स्टेडियम और कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में खेले जाएंगे।

FIFA World Cup की गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेस्सी सबसे आगे

लियोनेल मेस्सी ने मिस्र के खिलाफ मंगलवार को इस विश्व कप में अपना आठवां गोल दागा और ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में आगे निकलने के साथ टूर्नामेंट में लगातार गोल करने का सिलसिला नौ मैचों का कर लिया।मेस्सी ने विश्व कप कैरियर का 21वां और इस विश्व कप का आठवां गोल 83वें मिनट में गोंजालो मोंटियेल की मदद से दागा और अर्जेंटीना को 2-2 से बराबरी भी दिलाई । इससे पहले 19वें मिनट में वह पेनल्टी चूक गए थे।

विश्व कप के मैचों में लगातार गोल करने का मेस्सी का सिलसिला 2022 से चला आ रहा है। वह लगातार नौ मैचों में 13 गोल कर चुके हैं।‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में वह फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड से एक गोल आगे निकल गए हैं। इंग्लैंड के हैरी केन के छह गोल हैं। मेस्सी 2022 विश्व कप में ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में एमबाप्पे के बाद दूसरे स्थान पर थे । वहीं 2014 में उन्होंने चार गोल करके तीसरा स्थान हासिल किया था।

मेस्सी ने निर्णायक गोल कर अर्जेंटीना को पहुंचाया फाइनल

लियोनेल मेस्सी ने एक बार फिर अर्जेंटीना के लिये ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाई और मिस्र के खिलाफ 79वें मिनट तक दो गोल से पिछड़ रही मौजूदा चैम्पियन टीम को जीत के साथ विश्व कप क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया।निर्धारित समय में 11 मिनट बाकी रहने तक अर्जेंटीना दो गोल से पिछड़ रहा था और ऐसा लगने लगा था कि कल क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद आज मेस्सी की फुटबॉल के महासमर से विदाई की बेला आ गई है।

इसके बाद हालांकि अर्जेंटीना ने तीन गोल दागकर जीत दर्ज की और दुनिया भर में उसके करोड़ों प्रशंसकों ने भी राहत की सांस ली। इसमें से बराबरी का गोल 83वें मिनट में मेस्सी ने दागा था जिनके अब विश्व कप कैरियर में 21 गोल हो गए हैं।आखिरी सीटी बजने के बाद मेस्सी अपने आंसू नहीं रोक सके। उनहोंने 83वें मिनट में इस विश्व कप में आठवां गोल करके टीम को 2-2 से बराबरी पर पहुंचाया।अब अर्जेंटीना का सामना शनिवार को कंसास सिटी में स्विटजरलैंड या कोलंबिया से होगा।

72 साल बाद स्विट्जरलैंड ने रचा इतिहास, कोलंबिया को हराकर पहुंची क्वार्टरफाइनल में

स्विट्जरलैंड ने अतिरिक्त समय के बाद हुए रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया को 4-3 से हराया। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड 1954 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। बीसी प्लेस में 120 मिनट के खेल के बाद भी स्विट्जरलैंड और कोलंबिया की टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं।

इसके बाद स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल हीरो बनकर उभरे, उन्होंने क्रिस्टियन हर्नांडेज की पेनल्टी बचाई और फिर रूबेन वर्गास ने शांति से विनिंग स्पॉट-किक मारकर 4-3 से शूटआउट में टीम की जीत पक्की की। इस नतीजे के बाद अब क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड का मुकाबला अर्जेंटीना से होगा, जो कैनसस सिटी में खेला जाएगा।

भले ही अंतिम स्कोर कुछ भी रहा हो, लेकिन कोलंबिया की टीम ने अधिक आक्रामक प्रदर्शन किया और बेहतर मौके बनाए, खासकर अतिरिक्त समय के दौरान। डिफेंडर जॉन लुकुमी गोल करने के सबसे करीब पहुंचे थे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। वहीं, 116वें मिनट में जॉन एरियास कैम्पाज को गोल करने का शानदार मौका मिला।

लेकिन गोलकीपर कोबेल के सामने होने के बावजूद उन्होंने शॉट बार के ऊपर मार दिया। कप्तान ग्रैनिट जाका और डिफेंडर मैनुअल अकांजी की अगुवाई में स्विट्जरलैंड ने मजबूती से बचाव किया, लेकिन उन्हें गोल करने के अच्छे मौके बनाने में संघर्ष करना पड़ा, जबकि कोलंबिया ने अधिक खतरनाक हमले किए।

आखिरकार मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा, जहां जुआन फर्नांडो क्विंटरो ने कोलंबिया की पहली किक को गोल में बदला और फिर जाका ने स्विट्जरलैंड के लिए गोल किया। कोलंबिया की उम्मीदों को तब बड़ा झटका लगा जब डेविंसन सांचेज़ की पेनल्टी क्रॉसबार से टकरा गई। इसके बाद जेकी अमदौनी और कैम्पाज ने सफल स्पॉट-किक मारकर शूटआउट को बराबरी पर ला दिया।

ऐसा लगा कि स्विट्जरलैंड मैच पर पकड़ बना लेगा, लेकिन अकांजी ने अपनी पेनल्टी बार के ऊपर मार दी, जिससे कोलंबिया को वापसी का मौका मिल गया। हालांकि, कोबेल ने दाईं ओर डाइव लगाकर हर्नांडेज़ का शॉट बचाकर निर्णायक पल बनाया। सेड्रिक इटेन ने स्विट्जरलैंड की अगली पेनल्टी को गोल में बदला और फिर लुइस डियाज़ ने शांत अंदाज़ में गोल करके कोलंबिया की उम्मीदें बनाए रखीं।

शूटआउट में स्कोर 3-3 से बराबर होने पर वर्गास आगे आए और शांति से नीचे के कोने में शॉट मारकर स्विट्जरलैंड को अंतिम आठ में पहुंचा दिया। इस जीत के साथ स्विट्ज़रलैंड ने अपने वर्ल्ड कप इतिहास में 72 साल में पहली बार क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। जहां उनका मुक़ाबला अर्जेंटीना से होगा।

2 गोल खाकर 10 मिनट में 3 गोल, अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ टाला उलटफेर

फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी की गत चैम्पियन अर्जेंटीना टीम ने मिस्र के खिलाफ दो गोल से पिछड़ने के बाद हैरतअंगेज वापसी करते हुए 13 मिनट के अंतराल में तीन गोल दागकर 3-2 से जीत हासिल करते हुए फीफा विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर लिया। अर्जेंटीना इस तरह क्वार्टर फाइनल में जाने वाली सातवीं टीम बन गई।

मिस्र 2-0 की बढ़त के साथ सबसे बड़ा उलटफेर करता दिखाई दे रहा था लेकिन क्रिश्चियन रोमेरो ने 79 वें मिनट में अर्जेंटीना का पहला गोल दागा। इस गोल से जोश में आये अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मिस्र पर हमले बोले और खेल के जादूगर मेसी ने 83 वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने हेडर से तीसरा और मैच विजयी गोल दाग दिया।अर्जेंटीना के प्रशंसक अंतिम सीटी बजते ही ख़ुशी से झूम उठे।

मुकाबले का पहला गोल मिस्र की तरफ से आया जब यासिर इब्राहिम ने 15वें मिनट में अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। 67वें मिनट में मुस्तफा जीको ने दूसरा गोल कर मिस्र को 2-0 से आगे ले जाने का काम किया। 78वें मिनट तक मिस्र 2-0 से आगे चल रहा था। वर्ल्ड कप जैसे दबाव भरे मैचों में गोल कर पाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन अर्जेंटीना की उम्मीद तब जगी जब 79वें मिनट में क्रिश्चियन रोमेरो ने गोल दागा।

उसके 4 मिनट बाद ही लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप में 21वां गोल आया। हालांकि मेसी इसी मुकाबले में पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए थे। उस वक्त माहौल ऐसा था कि पूरा मैदान सन्न रह गया था। खैर फुल-टाइम तक मुकाबला 2-2 से बराबरी पर रहा। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडेज ने अर्जेंटीना के लिए तीसरा और मैच का निर्णायक गोल किया।क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का सामना कोलंबिया/स्विट्जरलैंड से होगा।

बेल्जियम ने मेजबान अमेरीका को 4-1 से रौंदकर किया विश्वकप से बाहर

फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन की निलंबन के बाद टीम में वापसी बावजूद अमेरिका की पुरुष राष्ट्रीय टीम एक बार फिर विश्व कप के राउंड ऑफ 16 से बाहर हो गई। बेल्जियम ने उसे 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। पिछले पांच विश्वकपों में यह चौथी बार है जब अमेरिका को इस चार में टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है।

सिएटल स्टेडियम में सोमवार रात खेले गये मुकाबले में अधिकांश प्रशंसक भी उत्साहित थे। वार्मअप के लिए मैदान पर आते ही बालोगुन का जोरदार स्वागत हुआ, और पूरे स्टेडियम में गूंजते राष्ट्रगान के बाद ऐसा लगा मानो पूरा अमेरिका जोश से भर गया हो।

लेकिन पांच मैचों में पहली बार, उनकी शुरुआत धीमी रही। बेल्जियम ने किक-ऑफ से ही दबदबा बनाए रखा और लगभग तुरंत ही अपना पहला खतरनाक क्रॉस भेजा। एक मिनट के भीतर ही टिमोथी कास्टाग्ने ने दूर से जोरदार शॉट लगाकर फ्रीज़ को पूरी ताकत लगाने पर मजबूर कर दिया। मिडफील्ड में खिलाड़ी फंसे हुए से लग रहे थे।

बेल्जियम का आक्रमण जारी रहा। लगभग नौ मिनट बाद, बाएं ओर से आक्रमण करते हुए, लिएंड्रो ट्रोसार्ड ने आगे बढ़कर एक आक्रमण की शुरुआत की और गेंद पेनल्टी एरिया के ऊपरी हिस्से के पास हवा में उछली। निकोलस रास्किन ने सबसे तेज़ी से प्रतिक्रिया करते हुए डेस्ट के आगे छलांग लगाई और गेंद को गोल की ओर बखूबी मोड़ते हुए डी केटेलेरे को पास किया, जिन्होंने टिम रीम और एंटोनी रॉबिन्सन के बीच से निकलकर गेंद को गोल में डाल दिया।

कुछ क्षण पहले तक स्टेडियम में जो शोरगुल मचा हुआ था, वह अचानक शांत हो गया, सिवाय बेल्जियम के कुछ प्रशंसकों के। इस टूर्नामेंट में पहली बार अमेरिका ने पहला गोल खाया था। शुरुआत में कोई खास प्रतिक्रिया नहीं मिली। लेकिन हाइड्रेशन ब्रेक के बाद, अमेरिकी टीम ने थोड़ा आक्रामक रुख अपनाया और उन्हें तब सफलता मिली जब मलिक टिलमैन की पेनल्टी एरिया के ऊपरी हिस्से से ली गई फ्री किक बेल्जियम की डिफेंसिव दीवार से टकराकर अप्रत्याशित रूप से गोल में चली गई। टिलमैन ने जश्न मनाया – वह पिछले 60 वर्षों में विश्व कप में दो फ्री किक गोल करने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी हैं – और अमेरिका ने स्कोर बराबर कर लिया।

दूसरे हाफ में भी कुछ खास देखने को नहीं मिला। डेस्ट की जगह जियो रेना मैदान पर आए, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली। अमेरिका ने जो भी लय हासिल करने की कोशिश की थी, वह फ्रीज़ की एक बेहद खराब गलती के कारण धराशायी हो गई।

फ्रीज़ ने अपने क्षेत्र से बाहर आकर एक थ्रू बॉल को रोकने की कोशिश की, लेकिन आगे किक मारने से पहले वह थोड़ा हिचकिचाया और गेंद सीधे वनाकेन की ओर चली गई। बेल्जियम के मिडफील्डर ने लगभग 30 गज की दूरी से शांत भाव से गेंद को गोल की ओर वापस मारा, और रीम ने अपने गोलकीपर को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गेंद उनके पैर में उलझ गई और गेंद गोल में चली गई।

चार्ल्स डी केटेलेरे ने बेल्जियम के लिए दो गोल किए और हैंस वनाकेन ने अमेरिकी गोलकीपर मैट फ्रीज की एक बड़ी गलती का फायदा उठाते हुए तीसरा गोल किया। स्टॉपेज टाइम में एक और गोलकीपर की गलती का फायदा उठाते हुए रोमेलु लुकाकू ने बेल्जियम के लिए चौथा गोल दागा।

‘Viking Row’ क्या है यह जश्न का तरीका जिसे नॉर्वे की टीम लाई सुर्खियों में?

Erling Haaland

ब्राजील जैसे दिग्गज को हराने के बाद स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड स्टेडियम के बीचोंबीच ड्रम पीटते नजर आये और लाल जर्सी में बैठे नॉर्वे के प्रशंसकों ने अनूठे ‘Viking Row’ अंदाज में जश्न मनाया तो दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों के रोंगटे खड़े हो गए।पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को हराकर विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची नॉर्वे टीम के प्रशंसकों का जश्न मनाने का यह अंदाज अब दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया है। नॉर्वे के असाधारण प्रदर्शन, हालैंड के मैच दर मैच बढते गोल और प्रशंसकों की एकजुटता का परिचायक बन गया है ‘वाइकिंग रो’।

सोशल मीडिया इसकी रील्स और फोटो से भरा हुआ है और बोस्टन से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर तक और नॉर्वे की संसद से लेकर दिल्ली में इंडिया गेट तक ‘वाइकिंग रो’ की झलक देखने को मिल रही है।

क्या है वाइकिंग रो

इसकी शुरुआत में सबसे पहले नॉर्वे का एक पारंपरिक हॉर्न बजाया जाता है, जिसके बाद सभी फैंस जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी ‘Viking Longboat’ (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। शुरुआत में बीट बहुत धीमी होती है, जो धीरे-धीरे तेज होती जाती है।ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से ‘रो!’ चिल्लाते हैं। मैदान में जब हजारों लोग लाल रंग की नॉर्वे की जर्सी पहनकर एक साथ यह करते हैं, तो स्टेडियम जोश से भर जाता है ।

अमेरिका के ईस्ट रदरफोर्ड में ब्राजील के खिलाफ मैच से पहले मीलों दूर दिल्ली में इंडिया गेट पर भी नॉर्वे के प्रशंसक ‘ वाइकिंग रो’ करते नजर आये। इस वीडियो को भारत में नॉर्वे के दूतावास ने सोशल मीडिया पर साझा करते कैप्शन दिया ,‘‘ नॉर्वे फुटबॉल का जोश भारत में। इंडिया गेट पर वाइकिंग रो।’’

फीफा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसकी शुरूआत दिसंबर 2025 में हुई जब ओले फ्रोयस्टाड ( अब मिस्टर रो रो के नाम से मशहूर) ने समुद्री नाव चलाने से प्रेरित यह नारा दिया।उन्होंने फीफा से कहा ,‘‘ लोगों को इस तरह साथ में नाव चलाने का एक्शन करते देखना मजेदार है। मैने सोचा भी नहीं था कि वाइकिंग रो इतना मशहूर हो जायेगा।’’नॉर्वे के प्रशंसकों के आधिकारिक समूह ने इसे बड़े पैमाने पर लोकप्रिय कर दिया।

‘वाइकिंग रो’ भले ही त्वरित प्रतिक्रिया लगे लेकिन यह काफी तैयारी के साथ किया जाता है। ‘वाइकिंग हॉर्न’ बजते ही प्रशंसक समझ जाते हैं कि अब कतार में बैठने का समय है।फीफा विश्व कप में तो टीम की हर जीत के बाद खिलाड़ी और प्रशंसकों के बीच यह सेतु की तरह हो गया। एक की बजाय दो ड्रम बजाये जाने लगे ताकि मैदान के कोने कोने में बैठे दर्शक जुड़ सकें।

FIFA World Cup 2026: क्वार्टर फाइनल की 4 टीमें हुई तय, जानें बाकी मैचों का शेड्यूल और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्स

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है और खिताब की जंग पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक हो गई है। टूर्नामेंट में अबतक कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत 48 टीमों के साथ हुई थी, लेकिन अब आधे से भी कम टीमें ट्रॉफी जीतने की दौड़ में बची हैं। नॉकआउट मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और क्वार्टर फाइनल की शुरुआत के साथ आखिरी आठ में जगह बनाने वाली चार टीमों के नाम भी तय हो चुके हैं।

क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली टीमों का सफर एक जैसा नहीं रहा। कुछ टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आसानी से जीत हासिल की, जबकि कुछ को आखिरी समय तक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। लेकिन, मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने मुकाबला अपने नाम किया और अगले दौर में जगह पक्की कर ली।

अबतक कौन-कौन सी टीमें पहुंची क्वार्टर फाइनल में

मोरक्को

फ्रांस

नॉर्वे

इंग्लैंड

राउंड ऑफ 16 के बाकी मुकाबले

राउंड ऑफ 16 के बाकी मुकाबले भी बेहद रोमांचक होने वाले हैं। 6 जुलाई को दोपहर 2 बजे पुर्तगाल की भिड़ंत स्पेन से होगी, जबकि उसी दिन अमेरिका का सामना बेल्जियम से होगा। इसके बाद 7 जुलाई को स्विट्जरलैंड और कोलंबिया आमने-सामने होंगे। वहीं, एक और बड़े मुकाबले में अर्जेंटीना की टीम मिस्र के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इन मैचों के बाद क्वार्टर फाइनल की सभी टीमें तय हो जाएंगी।

किस दिन होगा किसका मुकाबला

क्वार्टर फाइनल का आगाज भारत में 10 जुलाई से होगा। पहले मुकाबले में फ्रांस और मोरक्को की टीमें आमने-सामने होंगी। ये मैच अमेरिका के बोस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों के बीच मुकाबले की शुरूआत सुबर 1:30 पर होगी। इसके बाद 11 जुलाई को दूसरा क्वार्टर फाइनल लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें पुर्तगाल और स्पेन के विजेता का मुकाबला अमेरिका और बेल्जियम के विजेता से होगा।

तीसरा क्वार्टर फाइनल 12 जुलाई को मियामी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां नॉर्वे और इंग्लैंड की टीमें भिड़ेंगी। ये मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 2 बजे से शुरू होगा। वहीं, चौथा और आखिरी क्वार्टर फाइनल 12 जुलाई को कैनसस सिटी स्टेडियम में होगा। इस मुकाबले में अर्जेंटीना और मिस्र के मैच के विजेता का सामना स्विट्जरलैंड और कोलंबिया के मैच के विजेता से होगा। यह मैच भारतीय समयानुसार सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा।

भारत में कहां पर देखें मुकाबला

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबलों का प्रसारण भारत में जी एंटरटेनमेंट के नए स्पोर्ट्स नेटवर्क Unite8 स्पोर्ट्स पर किया जाएगा। दर्शक मैचों का आनंद Unite8 स्पोर्ट्स 1 (हिंदी कमेंट्री), Unite8 स्पोर्ट्स 1 HD (हिंदी कमेंट्री), Unite8 स्पोर्ट्स 2 (इंग्लिश कमेंट्री), और Unite8 स्पोर्ट्स 2 HD (इंग्लिश कमेंट्री) पर मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। वहीं इनकी लाइव स्ट्रीमिंग जी5 ऐप और जी5 की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकेगी।