IND vs PAK: इस दिन आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान, जानें कहां देख पाएंगे हॉकी का ये मुकाबला

पुरुष और महिला FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का टूर्नामेंट बेल्जियम और नीदरलैंड्स की मेजबानी खेला जाएगा। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जाएगा। वहीं इस वर्ल्ड कप में फैंस की नजरें भारत-पाकिस्‍तान के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिकी है। दोनों देशों के बीच में हॉकी में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। भारत और पाकिस्तान की टीम को एक ही ग्रुप में रखा गया है। फैंस इस मुकबाले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं हॉकी वर्ल्ड कप में कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला।

16 टीमें लेंगी हिस्सा

पुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप में 16-16 टीमें हिस्सा लेंगी। पहले चरण में इन टीमों को चार ग्रुप में बांटा जाएगा, जिनके नाम A, B, C और D होंगे। इसके बाद प्रतियोगिता के दूसरे फेज में चार नए ग्रुप E, F, G और H बनाए जाएंगे। इस चरण में हर ग्रुप से बेहतर प्रदर्शन करने वाली दो टीमें आगे बढ़ेंगी और सीधे सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। वहीं इस बार का बदले हुए फॉर्मेट में खेला जाएगा। खास बात ये है कि इस बार टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल मुकाबले नहीं खेले जाएंगे।

कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला

भारतीय टीम को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल D में रखा गया है। भारत का पहला मुकबाला 15 अगस्त को वेल्स से भारतीय समयानुसार दोपहर 16:30 IST से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला इंग्लैंड से शाम 18:30 IST बजे 17 अगस्त को होगा। वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला 19 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे (18:30 IST) से होगा। दोनों टीमें नीदरलैंड के एमस्टेलवीन स्थित वैगनर स्टेडियम में एक दूसरे से भिड़ेंगी।

कब खेला जाएगा बाकी मुकाबला

FIH हॉकी वर्ल्ड कप का दूसरा फेज 21 से 24 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पहले चरण में टीमों की रैंकिंग के आधार पर उन्हें चार नए ग्रुप में रखा जाएगा। वहीं टूर्नामेंट का तीसरा और आखिरी फेज 27 से 28 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पूल E, F, G और H के नतीजों के आधार पर टीमों की 5वीं से 16वीं तक की रैंकिंग तय होगी और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों का फैसला भी होगा। पुरुष वर्ग में कांस्य पदक का मुकाबला और फाइनल 30 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।

कहां पर देख पाएंगे मुकाबला

भारत में हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबलों का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनलों पर किया जाएगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे JioHotstar ऐप के जरिए सभी मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकेंगे।

फेज 1 में इंडिया के मैच

इंडिया बनाम वेल्स, 16:30 IST (15 अगस्त)

इंडिया बनाम इंग्लैंड, 18:30 IST (17 अगस्त)

इंडिया बनाम पाकिस्तान, 18:30 IST (19 अगस्त)

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत की पुरुष टीम

गोलकीपर: मोहित HS, सूरज करकेरा

डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (c), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच

मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकंठ शर्मा, विवेक सागर प्रसाद

फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मंदीप सिंह, अभिषेक

Cristiano Ronaldo: कभी सेल्सगर्ल का करती थीं काम…आज हजारों करोड़ की मालकिन, कौन है क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पत्नी जॉर्जीना रोड्रिगेज?

आयुष शेट्टी के अलावा भारतीय दल को विश्व चैंपियनशिप में मिला आसान ड्रॉ

भारत के आयुष शेट्टी इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली 2026 BWF विश्व चैंपियनशिप के पहले ही राउंड में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी चीन के शि यू की से भिड़ेंगे। यह बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप का दूसरा सीधा एडिशन है, जहां पिछले साल लक्ष्य सेन के चीनी खिलाड़ीसे भिड़ने के बाद एक भारतीय खिलाड़ी पहले राउंड में शि से भिड़ेगा।

14वीं वरीयता प्राप्त, 2021 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता का हालांकि, राउंड ऑफ़ 16 में सामना थाईलैंड के पूर्व विश्व चैंपियन और तीन बार के मेडलिस्ट कुनलावुत विटिडसार्न से हो सकता है।

महिला एकल में, पीवी सिंधु को दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर 1 एन से यंग के साथ एक ही हाफ में रखा गया है, लेकिन सेमीफाइनल से पहले उनका सामना उनसे नहीं होगा। सिंधु आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ शुरुआत करेंगी, जिसके बाद उनका राउंड ऑफ़ 16 में चीन की वांग ज़ी यी के खिलाफ और क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वार्डिनी के खिलाफ मुकाबला हो सकता है, ये दो मुश्किल मुकाबले हो सकते हैं।

विमेंस सिंगल्स में दूसरी भारतीय उन्नति हुड्डा पहले राउंड में म्यांमार की थेट थुजार के खिलाफ शुरुआत करेंगी। मेंस डबल्स में, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी चोट के कारण बाहर रहने के बाद वापसी करेंगे।

 

पांचवीं वरीयता प्राप्त रंकीरेड्डी-शेट्टी को पहले राउंड में बाई मिलेगी, ठीक वैसे ही जैसे डबल्स ड्रॉ में सभी वरीय खिलाड़ियों को मिलती है। हालांकि, हरिहरन अमसकरुआनन और अर्जुन एमआर राउंड 1 में आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स के खिलाफ शुरुआत करेंगे।

भारत के पास महिला डबल्स में कोई वरीय जोड़ी नहीं होगी, हालांकि ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और कविप्रिया सेल्वम-सिमरन सिंघी दोनों ही मुकाबले में होंगी, जो अपने अभियान की शुरुआत पहले राउंड में स्पेन की दो अलग-अलग जोड़ियों के खिलाफ करेंगी।मिक्स्ड डबल्स में, तनीषा क्रैस्टो और ध्रुव कपिला को पहले राउंड में बाई मिली है, जबकि रुथविका गड्डे और रोहन कपूर का मुकाबला कनाडा के जोनाथन बिंग-क्रिस्टल लाई से होगा।

विश्व स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनी अनहत सिंह

भारत की अनाहत सिंह वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली 21 साल में पहली भारतीय खिलाड़ी बनने के बाद अब इसे जीते वाली भी पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। विश्व में 20वीं रैंकिंग की खिलाड़ी अनाहत ने ओंटारियो में खेली गई विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप के महिला एकल के फाइनल में शनिवार को मिस्र की रुकय्या सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया।

इससे पहले अपना पहला विश्व जूनियर खिताब जीतने की कोशिश कर रहीं अनाहत, 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं थी। उन्होंने 3/4 सीड खिलाड़ी को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर चैंपियनशिप मैच में अपनी जगह पक्की की थी।

अनाहत ने खिताब जीतने के बाद कहा, ‘‘यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे अब भी ऐसा लग रहा है जैसे मैं सपना देख रही हूं।’’दिल्ली की इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘पिछले चार वर्षों से मैं सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हार रही थी। अगर कोई मुझसे पूछे तो मैं हमेशा यही कहती हूं, ‘यह टूर्नामेंट मेरे लिए अभिशाप है’ और मैं इस प्रतियोगिता में कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई हूं।’’

अनाहत की यह जीत और भी खास है क्योंकि जूनियर सर्किट में यह उनका आखिरी साल था।उन्होंने कहा, ‘‘जूनियर स्तर पर यह मेरा आखिरी साल है और इसे जीतने का यह मेरे पास आखिरी मौका था। इसलिए यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है।’’

अनाहत ने कहा कि वह टूर्नामेंट के फाइनल में खेलने के अनुभव का आनंद लेना चाहती थीं।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता था कि अगर मैं तनाव में होती हूं तो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती हूं, इसलिए मैं कोर्ट पर उतरी और अच्छी तरह से शॉट लगाए। मैं विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में खेलने के हर पल का आनंद लेना चाहती थी।’’

सिंह ने कहा, “मैंने कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में (सेमीफाइनल प्रतिद्वंदी) बारब के खिलाफ खेला था और वह भी ऐसा ही कड़ा मुकाबला था, इसलिए मुझे पता था कि सेमीफाइनल में भी मुझे बहुत अच्छा खेलना होगा। मैंने चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं और क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में हार गई थी, इसलिए फाइनल में पहुंचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश थे।”

कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सेना के मुक्केबाज ने पाकिस्तानी को किया 5-0 से पस्त (Video)

 

 

भारतीय मुक्केबाज जदुमनी सिंह ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल 55 किग्रा मुक्केबाजी मुकाबले में पाकिस्तानी मुक्केबाज सुमामा रहमान को 5-0 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। इस एकतरफा जीत के बाद उन्होंने इस जीत को कारगिल के योद्धाओं को समर्पित किया। गौरतलब है कि यह मुकाबला रविवार को खेला गया और तारीख थी 26 जुलाई जब देश कारगिल विजय दिवस मना रहा था।

सेना के इस मुक्केबाज ने अपनी बेहतरीन तकनीक, तेज गति और रिंग पर नियंत्रण के दम पर प्रभावशाली जीत दर्ज की। करगिल विजय दिवस पर अपनी जीत को करगिल युद्ध के वीरों को समर्पित करने वाले जदुमणि ने एक और शानदार प्रदर्शन के बाद अपना लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह जीत करगिल के वीरों को समर्पित करना चाहता हूं। मैं सभी को हराकर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहता हूं।’’ पहले दौर में जदुमणि ने अपने प्रतिद्वंद्वी को परखा, लेकिन जल्द ही उन्होंने रहमान की रणनीति समझ ली और मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया।

उन्होंने लगातार सटीक हुक और सीधे पंच लगाए। दूसरे राउंड में उनके दायें हाथ के करारे पंच के बाद रेफरी को रहमान को स्टैंडिंग काउंट देना पड़ा। अंतिम राउंड में बढ़त लगभग तय होने के बावजूद जदुमणि आत्मविश्वास के साथ रिंग में डटे रहे। उन्होंने बीच में खड़े होकर रहमान को आक्रमण के लिए आमंत्रित किया और फिर अपनी तेज गति व बेहतर मूवमेंट से जवाब दिया। जदुमणि के सामने मंगलवार को खेले जाने वाले क्वार्टर फाइनल में जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले की चुनौती होगी। जदुमणि अब पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं।

Asian Games में कब टकराएंगी भारत पाक की पुरुष महिला क्रिकेट टीमें?

मौजूदा चैंपियन भारत और पाकिस्तान की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह दी गई है।भारतीय महिला टीम जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला प्रारंभिक चरण के मैच के बाद तय होगा। सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम का सामना बांग्लादेश या चीन में से किसी एक टीम से होगा।

भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना कर सकती है। एशियाई खेलों में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर को शुरू होगी और उसका फाइनल मैच एक अक्टूबर को खेला जाएगा।

महिलाओं की प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक होगी। भारतीय महिला टीम फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ सकती है। पुरुषों की प्रतियोगिता में 10 टीमें भाग ले रही हैं। प्रारंभिक चरण में ग्रुप ए में अफगानिस्तान, जापान और नेपाल तथा ग्रुप बी में हांगकांग, चीन, मलेशिया और ओमान शामिल होंगे।

दोनों प्रतियोगिताएं आइची प्रांत के कोरोजी एथलेटिक पार्क में टी20 प्रारूप में खेली जाएंगी।श्रेयस अय्यर भारतीय पुरुष टीम की, जबकि हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला टीम की कप्तानी करेंगी।क्रिकेट चौथी बार एशियाई खेलों के कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे पहले यह 2010 में ग्वांगझू, 2014 में इंचियोन और 2023 में हांगझोऊ खेलों का हिस्सा था।

अर्जेंटीना के आलोचकों का मेस्सी का करारा जवाब, नहीं मिला थाल सजाकर

अर्जेंटीना का यह विश्वकप शानदार रहा है। टीम अविजित रही है और लियोनेल मेस्सी ने 8 गोल कर किसी भी विश्वकप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। लेकिन किसी चीज ने अर्जेंटीना का पीछा नहीं छोड़ा है तो वह है आलोचना।

अर्जेंटीना के खिलाफ FIFA World Cup के प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 की विवादित हार के बाद मिस्र में रेफरिंग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सरकारी अधिकारियों, कोच और वैश्विक खेल हस्तियों ने मैच अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्णायक रेफरिंग गलतियों के कारण मिस्र क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने से वंचित रह गया।

विवाद का केंद्र 62वें मिनट में मुस्तफा ज़िको का वह गोल रहा, जिसे वीएआर समीक्षा के बाद बिल्ड-अप में मिस्र के खिलाड़ी द्वारा फाउल मानते हुए रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, मैच के अंतिम क्षणों में मोहम्मद सलाह को पेनाल्टी बॉक्स के भीतर गिराये जाने पर भी मिस्र को पेनाल्टी नहीं दी गयी।

यह सिलसिला स्विटजरलैंड के खिलाफ हुए मैच में भी जारी रहा। स्विजटरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो को अर्जेंटीना के खिलाफ विश्व कप क्वार्टर फाइनल मैच के दूसरे हाफ में वीडियो रिव्यू के बाद रेडकार्ड दिखाये जाने के फैसले पर विवाद के कारण पूरे टूर्नामेंट में रैफरियों द्वारा अर्जेंटीना का पक्ष लिये जाने की आलोचना करने वाले और मुखर हो गए।

अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस को एम्बोलो से टकराने के कारण येलो कार्ड दिखाया गया लेकिन वीडियो रिव्यू में नजर आया कि पेरेडेस से टकराने से पहले ही एम्बोलो गिर रहे थे।लेकिन इन सब आलोचनाओं के बीच मेस्सी का बयान आया है कि उनके लिए किसी ने जीत को थाली में नहीं परोसा।

लियोनेल मेस्सी ने विश्व कप फुटबॉल में अर्जेंटीना की आलोचना करने वालों को संदेश देते हुए कहा कि ‘‘हमें कुछ भी थाली में सजाकर नहीं दिया गया।’’मेस्सी ने कहा कि मैच के अंतिम क्षणों में पिछड़ने के बाद वापसी करने की क्षमता से ही उनकी टीम ने लगातार जीत हासिल की तथा इसमें किसी और चीज का हाथ नहीं है।

मेस्सी ने इंग्लैंड पर जीत के बाद कहा, ‘‘पिछले चार साल में हमने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है फिर चाहे आपको यह पसंद हो या न हो और फिर चाहे आप कुछ भी कहें।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने फिर से खुद को दुनिया की शीर्ष दो टीमों में स्थापित कर लिया है। यह साबित करता है कि हमने जो कुछ भी किया है वह कोई संयोग नहीं है। हमें कुछ भी थाली में सजाकर नहीं दिया गया।’’

मेस्सी ने कहा, ‘‘लगातार दो विश्व कप के फाइनल में पहुंचने की उपलब्धि बहुत कम टीम ने हासिल की हैं और इस टीम ने यह कर दिखाया। अगर हम इंग्लैंड से हार जाते तो लोग तरह-तरह की बातें करने लगते, लेकिन हमने उन्हें मौका ही नहीं दिया।’’

हार के बाद भी हालैंड की टीम का नोर्वे में हुआ जोरदार स्वागत (Video)

Erling Haaland

FIFA World Cup 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर नॉर्वे लौटे अर्लिंग हालैंड और उनके साथियों का सोमवार को राजधानी ओस्लो में हजारों उत्साहित समर्थकों और अधिकारियों ने नायकों जैसा स्वागत किया। नॉर्वे ने अपने इतिहास में पहली बार पुरुषों के विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, जहां उसने राउंड ऑफ 16 में पांच बार के विजेता ब्राजील को हराया, लेकिन इंग्लैंड से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया। स्टार स्ट्राइकर हालैंड ने नॉर्वे के 28 साल में पहले विश्व कप अभियान में सात गोल करके अपनी वैश्विक प्रसिद्धि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

टीम के सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए फुटेज में खिलाड़ियों और कर्मचारियों को अपने विमान की खिड़कियों के पास इकट्ठा होकर नॉर्वे सैन्य जेट विमानों को देखते हुए दिखाया गया है, जो उन्हें वापस ओस्लो ले जा रहे थे, जहां एक शाही स्वागत समारोह उनका इंतजार कर रहा था।लैंडिंग के बाद जब हालैंड विमान से बाहर निकले तो लोगों में उत्साह का माहौल छा गया क्योंकि वह सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए एक खाली बोतल पकड़े हुए एक कृत्रिम रैकून को ले जा रहे थे।

देश के शाही परिवार के प्रमुख सदस्य हजारों नॉर्वे समर्थकों के साथ अब प्रथागत “वाइकिंग रो” में शामिल हुए, जो टूर्नामेंट के दौरान प्रसिद्ध हुआ था । क्राउन प्रिंस हाकॉन ने उसी तरह ढोल बजाकर इस समारोह की अगुवाई की। इस उत्सव में खुली छत वाली बसों की परेड भी शामिल थी, जिसमें खिलाड़ियों और समर्थकों ने एक-दूसरे को धन्यवाद दिया जो नॉर्वे फुटबॉल इतिहास में दर्ज हो जाएगा।

अर्जेंटीना के लिए विरोधी टीम से पक्षपात, क्वार्टरफाइनल के बाद मुखर हुई आवाज

स्विजटरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो को अर्जेंटीना के खिलाफ विश्व कप क्वार्टर फाइनल मैच के दूसरे हाफ में वीडियो रिव्यू के बाद रेडकार्ड दिखाये जाने के फैसले पर विवाद के कारण यह तो तय है कि इससे पूरे टूर्नामेंट में रैफरियों द्वारा अर्जेंटीना का पक्ष लिये जाने की आलोचना करने वाले और मुखर हो जायेंगे।

स्विटजरलैंड के लिये डैन एनडोये ने 67वें मिनट में बराबरी का गोल दागा। इसके बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस को एम्बोलो से टकराने के कारण येलो कार्ड दिखाया गया लेकिन वीडियो रिव्यू में नजर आया कि पेरेडेस से टकराने से पहले ही एम्बोलो गिर रहे थे। एम्बोलो को मैच में पहले येलो कार्ड मिल चुका था जिसकी वजह से उन्हें रेडकार्ड दिया गया।

मैच 1-1 से बराबर होने के बाद स्विटजरलैंड को दस खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा। अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय में दो गोल करके उसे 3-1 से हराया।इस विश्व कप में दूसरी बार येलो कार्ड का फैसला बदला गया। नियमों के अनुसार अगर गलत खिलाड़ी को येलो या रेड कार्ड दिखाया जाता है तो वीडियो सहायता रैफरी दखल दे सकता है।

स्विटजरलैंड के कोच मुरात याकिन ने कहा ,‘‘ हमें एक नियम का खामियाजा भुगतना पड़ा जो मेरी राय में पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस तरह से बाहर होना दुखद है। मुझे नहीं लगता कि हमारे साथ ऐसा होना चाहिये था। मेरी टीम ने पूरी लगन और जुनून के साथ खेला और मुझे उस पर गर्व है।’’

उन्होंने पुर्तगाल के रैफरी जोओ पिन्हेइरो की आलोचना करते हुए कहा ,‘‘ रैफरी ने गलत फैसला लिया। यह सजा लायक गलती नहीं थी। मुझे पता है कि वे अपने रैफरी का बचाव करेंगे लेकिन इस नियम ने आज हमारा खेल बर्बाद कर दिया। यह काफी दर्दनाक है कि हम इस तरह से बाहर हुए।’’

अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने स्वीकार किया कि किस्मत ने उनका साथ दिया क्योंकि स्विटजरलैंड का एक खिलाड़ी बाहर था।स्विस कप्तान ग्रैनिट जाका ने कहा ,‘‘ रेडकार्ड ने मैच का परिणाम बदल दिया। इस फैसले को स्वीकार कर पाना मुश्किल है।’’

इससे पहले अंतिम 16 के दौर में अर्जेंटीना से 2-3 से मिली हार के बाद मिस्र फुटबॉल संघ ने कहा था कि वे खामोश नहीं बैठेंगे। मिस्र के कोच होसाम हसन और कई खिलाड़ियों ने रैफरिंग की आलोचना की थी। मैच में 79वें मिनट में दो गोल से पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना ने 13 मिनट के भीतर तीन गोल किये थे।

फीफा के रैफरिंग प्रमुख पीयरलुइगी कोलिना ने बुधवार को कहा था ,‘‘ फीफा विश्व कप मैच अधिकारियों की ईमानदारी पर कोई शक नहीं कर सकता। ऐसी कोई घटना होने पर उनको और उनके परिवार को धमकियां दी जाती हैं जो सही नहीं हैं।’’

Lionel Messi: 13 साल की उम्र में बदली किस्मत, आज हैं 9,400 करोड़ के मालिक… जानिए मेसी की पूरी कहानी

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब सेमीफाइनल के मुकाबले खेले जाएंगे। क्वार्टर फाइनल के रोमांचक मुकाबलों के बाद फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फीफा वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। टूर्नामेंट में अब तक वह 8 गोल कर चुके हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे बने हुए हैं। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना इस समय शानदार फॉर्म में नजर आ रही है। फैंस को उम्मीद है कि अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब उठा सकती है।

हाल ही में मिस्र के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मेसी ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। अर्जेंटीना एक समय 0-2 से पीछे था, लेकिन आखिरी मिनटों में शानदार वापसी करते हुए 3-2 से मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस वापसी के साथ मेसी की दीवानगी और बढ़ गई।

कैसे होती है मेसी की कमाई

फुटबॉल की दुनिया में अपने शानदार खेल से पहचान बनाने वाले लियोनेल मेसी सिर्फ मैदान के ही नहीं, बल्कि कारोबार और निवेश की दुनिया के भी बड़े नाम हैं। खेल से होने वाली कमाई के अलावा उन्होंने कई सफल बिजनेस और निवेश के जरिए अरबों रुपये की संपत्ति बनाई है। आइए जानते हैं कि कैसे एक साधारण शुरुआत करने वाले मेसी आज दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों में शामिल हो गए। जानें कितनी है फुटबॉल के दिग्गज मेसी की नेटवर्थ

आसान नहीं था मेसी का सफर

आज लियोनेल मेसी का नाम दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में लिया जाता है, लेकिन उनकी शुरुआत बेहद साधारण माहौल से हुई थी। अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में पले-बढ़े मेसी के पिता एक फैक्ट्री में काम करते थे, जबकि उनकी मां परिवार की मदद के लिए छोटी-मोटी नौकरी करती थीं। बचपन में उन्हें ग्रोथ हार्मोन की समस्या का सामना करना पड़ा, जिसका इलाज कराना परिवार के लिए आसान नहीं था। ऐसे मुश्किल समय में उनके टैलेंट ने उन्हें स्पेन के क्लब एफसी बार्सिलोना तक पहुंचाया। महज 13 साल की उम्र में बार्सिलोना ने उन्हें अपनी अकादमी में शामिल किया और उनके इलाज की जिम्मेदारी भी उठाई। यहीं से मेसी के करियर ने नई उड़ान भरी और।

कितनी है मेसी की कुल संपत्ति

फोर्ब्स के मुताबिक, जून 2026 तक लियोनेल मेसी की अनुमानित कुल संपत्ति करीब 1.1 बिलियन डॉलर (लगभग 9,400 करोड़ रुपये) आंकी गई है। फुटबॉल क्लबों के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट्स से उन्होंने करीब 1.2 बिलियन डॉलर की कमाई की है। इसके अलावा विज्ञापनों, ब्रांड एंडोर्समेंट, लाइसेंसिंग और अन्य व्यावसायिक निवेशों से भी उनकी आय में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इससे उनकी कमाई कमाई करीब 1.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाती है। एडिडास के साथ उनकी आजीवन साझेदारी के अलावा मास्टरकार्ड, लेज और मिशेलॉब अल्ट्रा जैसे कई बड़े वैश्विक ब्रांड भी उनकी कमाई का अहम हिस्सा हैं।

कारोबार में भी लगाए पैसे

लियोनेल मेसी ने अपनी कमाई को अलग-अलग कारोबार में भी लगाया। उन्होंने रियल एस्टेट, होटल और खेल से जुड़े बिजनेस में निवेश कर अपनी संपत्ति को लगातार बढ़ाया। उनकी प्रमुख कारोबारी कंपनियों में एडिफिसियो रोस्टावर सोसिमी भी शामिल है, जो स्पेन की एक सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी है। इस कंपनी के पास होटल, ऑफिस, कमर्शियल बिल्डिंग और कई अन्य प्रॉपर्टियां हैं। हाल ही में कंपनी ने बार्सिलोना में करीब 11.5 मिलियन यूरो की कीमत वाली एक बड़ी कॉर्पोरेट बिल्डिंग भी खरीदी है।

इंटर मियामी क्लब में भी हिस्सेदारी

रियल एस्टेट के अलावा लियोनेल मेसी ने हॉस्पिटैलिटी, फूड और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी बड़ा निवेश किया है। वह एमआईएम होटल्स समूह में हिस्सेदार हैं और अर्जेंटीना की एल क्लब डे ला मिलानेसा रेस्टोरेंट चेन में भी उनकी हिस्सेदारी (इक्विटी) है। इसके साथ ही उन्होंने उरुग्वे के डेपोर्टिवो एलएसएम और स्पेन के यूई कॉर्नेला फुटबॉल क्लबों में भी निवेश किया है। साल 2023 में मेसी ने कथित तौर पर सऊदी अरब के बेहद बड़े प्रस्ताव को ठुकराकर अमेरिका के इंटर मियामी क्लब का दामन थामा। इस समझौते में उन्हें भविष्य में क्लब में हिस्सेदारी लेने का ऑप्शन भी मिला।

मेसी के क्लब से जुड़ने के बाद इंटर मियामी की लोकप्रियता और बाजार मूल्य में तेज बढ़ोतरी देखी गई, जिससे यह फैसला उनके सबसे सफल निवेशों में गिना जाने लगा।

स्पेन ने पहली बार गोल खाया लेकिन अंतिम लम्हों में बेलजियम पर पाई शानदार जीत

सुपर-सब मिकेल मेरिनो के आखिरी क्षणों में किये गये गोल की बदौलत स्पेन ने शुक्रवार रात फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस से भिड़ने का रास्ता पक्का कर लिया। पहले हाफ में दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ गोल दागे।

शुरुआती लाइनअप में अप्रत्याशित रूप से शामिल हुए फैबियान रुइज ने 30वें मिनट में रिबाउंड पर गोल दाग दिया, लेकिन चार्ल्स डी केटेलेरे ने टिमोथी कास्टाग्ने के क्रॉस पर 41वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। यह टूर्नामेंट में पहला अवसर है जबकि स्पेन ने गोल खाया।

हालांकि, अंत में स्पेन ने बाजी मार ली, जब स्थानापन्न गोलकीपर सेने लैमेंस पाउ कुबार्सी के दूर से किए गए शॉट को रोक नहीं पाए और मेरिनो ने सामान्य समय समाप्त होने से दो मिनट पहले विजयी गोल दाग दिया।स्पेन अब मंगलवार को एक सपने जैसे सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना करेगा।स्पेन मार्च 2023 से लगातार 37 मैचों में अजेय रहा है।

गोलकीपर लैमेंस को 71वें मिनट में मैदान में उतरना पड़ा, क्योंकि बेल्जियम के लंबे समय से गोलकीपर रहे थिबाउट कर्टोइस जांघ में चोट लगने के कारण मैदान से बाहर चले गए थे।बेल्जियम ने अंतिम मिनटों में बराबरी का गोल करने के लिए जीजान से प्रयास किया, लेकिन आयमेरिक लापोर्टे ने सर्वश्रेष्ठ मौके पर बाहर शॉट से मार दिया।