OpenAI के सैकड़ों कर्मचारी बने करोड़पति, AI बूम से शेयर बेचकर हुई अरबों की कमाई

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OpenAI के सैकड़ों कर्मचारी अब करोड़पति बन चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर में कंपनी ने कर्मचारियों को 3 करोड़ डॉलर तक के शेयर बेचने की अनुमति दी थी, जिससे वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बूम से सबसे पहले बड़ा फायदा उठाने वालों में शामिल हो गए। AI सेक्टर में तेजी से बढ़ती संपत्ति का यह बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। हालांकि, कुछ कर्मचारियों ने अपने बचे हुए शेयर दान संबंधी फंड्स में डाल दिए, ताकि सामाजिक कार्यों में योगदान देने के साथ टैक्स छूट का लाभ भी मिल सके।

 

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 600 वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने पिछले साल अपने शेयर बेचे। इस सौदे के तहत निवेशकों को कंपनी के शुरुआती कर्मचारियों के पास मौजूद शेयर खरीदने की अनुमति दी गई थी। सामूहिक रूप से इन कर्मचारियों ने करीब 6.6 अरब डॉलर की कमाई की। The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, 75 कर्मचारियों ने अधिकतम सीमा तक शेयर बेचकर करीब 3 करोड़ डॉलर प्रति व्यक्ति हासिल किए, जबकि औसत भुगतान लगभग 1.1 करोड़ डॉलर रहा।

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The Telegraph के अनुसार, OpenAI कर्मचारियों को अपने शेयर नकद कराने से पहले दो साल तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में पिछले साल का यह सौदा उन शुरुआती मौकों में से एक था, जब निवेशक कर्मचारियों के शेयर खरीद सके। कंपनी ने 2022 के आखिर में अपना चर्चित AI चैटबॉट ChatGPT लॉन्च किया था।

 

OpenAI ने 2019 में अपना लाभ कमाने वाला सब्सिडियरी मॉडल शुरू किया था, तब कंपनी का मूल्यांकन करीब 1 अरब डॉलर था। बाद में Microsoft के निवेश और ChatGPT की सफलता के बाद 2023 में कंपनी की वैल्यू 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में निजी शेयरों की बिक्री के समय कंपनी का मूल्यांकन 500 अरब डॉलर था। वहीं इस साल मार्च में 122 अरब डॉलर का निवेश जुटाने के बाद OpenAI की वैल्यू 852 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई है।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में अमेरिका के बे एरिया समेत कई टेक शहरों में बड़ी संपत्ति बनने की लहर देखने को मिल सकती है। The Wall Street Journal के अनुसार, OpenAI और Anthropic इतिहास के दो सबसे बड़े IPO की तैयारी कर रहे हैं। इससे इन कंपनियों के कर्मचारियों को अपने शेयर बेचने का मौका मिलेगा और बड़ी संख्या में लोग मल्टीमिलियनेयर बन सकते हैं।

 

एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि AI बूम से पैदा हो रही यह संपत्ति अभूतपूर्व है। डॉट-कॉम दौर में कई कर्मचारियों को IPO के बाद तक इंतजार करना पड़ता था और कई मामलों में बाजार गिरने से उन्हें लाभ नहीं मिल पाया। हालांकि Google और Facebook के शुरुआती कर्मचारियों ने भी भारी कमाई की थी, लेकिन AI स्टार्टअप्स में इस बार कहीं ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। Edited by : Sudhir Sharma

भारतीय दर्शक FIFA विश्वकप 2026 देख सकेंगे सिर्फ दूरदर्शन पर

भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए फीफा विश्वकप 2026 से जुड़ी अच्छी और बुरी दोनों खबर है। बुरी खबर यह कि अमेरिका में होने वाले फीफा विश्वकप 2026 के लिए किसी भी निजी भारतीय प्रसारक ने बोली नहीं लगाई है। अच्छी खबर यह कि फीफा विश्वकप 2026 का प्रसारण अब सरकारी प्रसारक दूरदर्शन करेगा, जिसे खेल प्रेमी मुफ्त में देख सकेंगें।

गौरतलब है कि फुटबॉल की वैश्विक संस्थआ फीफा ने पिछले साल प्रसारणकर्ताओं से निविदा आमंत्रित की थी। लेकिन किसी भी निजी प्रसारणकर्ता ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस कारण फीफा $100 मिलियन डॉलर के अनुबंध को 35 मिलियन में बेचने को राजी हो गया लेकिन फिर भी किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।

इस कारण भारत में दूरदर्श फुटबॉल विश्वकप का प्रसारण करेगा। दिलचस्पी ना दिखाने का प्रमुख कारण समय क्षेत्र है। अमेरिका में होने वाले विश्वकप भारतीय समयानुसार देर रात शुरु होंगे जिससे राजस्व ना मिलने की उम्मीद है।उल्लेखनीय है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026, 11 जून को शुरू होगा और इसका फाइनल 19 जुलाई को अमेरिका के न्यूयॉर्क में होगा। इस विश्वकप की अमेरिका मैक्सिको और कनाडा मेजबानी कर रहे हैं।

पहली बार टूर्नामेंट में 32 नहीं, बल्कि 48 टीमें ट्रॉफी की जंग लड़ेंगी।कुल 39 दिनों तक चलने वाले इस विश्व कप में 104 मुकाबले खेले जाएंगे, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा और सबसे लंबा विश्व कप बनाते हैं।

ग्रुप स्टेज: 12 ग्रुप और 48 टीमें

वर्ल्ड कप 2026 में 12 ग्रुप (A से L तक) होंगे, हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी. सभी टीम अपने ग्रुप में 3-3 मैच खेलेंगी।
इस प्रकार हैं कुछ महत्वपूर्ण ग्रुप:

ग्रुप A: मेक्सिको, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, डेनमार्क / मैसिडोनिया / चेकिया / आयरलैंड

ग्रुप B: कनाडा, स्विट्जरलैंड, कतर, इटली / नॉर्दर्न आयरलैंड / वेल्स / बोस्निया

ग्रुप C: ब्राजील, मोरक्को, स्कॉटलैंड, हैती

ग्रुप D: USA (अमेरिका), ऑस्ट्रेलिया, पराग्वे, तुर्किये / रोमानिया / स्लोवाकिया / कोसोवो

ग्रुप E: जर्मनी, इक्वाडोर, आइवरी कोस्ट (कोट डी’वोआर), कुरासाओ

ग्रुप F: नीदरलैंड्स, जापान, ट्यूनीशिया, यूक्रेन / स्वीडन / पोलैंड / अल्बानिया

ग्रुप G: बेल्जियम, ईरान, मिस्र, न्यूजीलैंड

ग्रुप H: स्पेन, उरुग्वे, सऊदी अरब, केप वर्डे

ग्रुप I: फ्रांस, सेनेगल, नॉर्वे, इराक / बोलिविया / सूरीनाम

ग्रुप J: अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, अल्जीरिया, जॉर्डन

ग्रुप K: पुर्तगाल, कोलंबिया, उज्बेकिस्तान, DRC (डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो) / जमैका / न्यू कैलेडोनिया

ग्रुप L: इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा

इस बार केप वर्डे, क्युरासाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार विश्व कप खेलेंगे।

टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल

ग्रुप स्टेज: 11 जून – 27 जून

राउंड ऑफ 32: 28 जून – 3 जुलाई

राउंड ऑफ 16: 4 – 7 जुलाई

क्वार्टरफाइनल: 9 – 11 जुलाई

सेमीफाइनल: 14 – 15 जुलाई

थर्ड-प्लेस मैच: 18 जुलाई

फाइनल: 19 जुलाई

राजनीति के कारण भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता हुई रद्द

विश्व वॉलीबॉल महासंघ (FIVB) ने ‘कानूनी और प्रशासनिक मानकों’ के उल्लंघन का हवाला देते हुए भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी।यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही दो अनुभवी खिलाड़ियों ने ‘खराब सुविधाओं’ तथा चयन में ‘राजनीति’ का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय शिविर छोड़ दिया था।FIVB ने बयान में कहा कि उसके नियमों के अनुरूप आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक शर्तों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण भारतीय संघ की अंतरिम मान्यता वापस ले ली गई है।

FIVB ने देश में खेल की निरंतरता और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए एक संचालन समिति गठित की है, जिसमें विश्व संस्था और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं।संचालन समिति का मुख्य उद्देश्य बदलाव के इस दौर में खेल संचालन में स्थिरता, पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करना है। इसके तहत खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा, एथलीट आयोग का गठन, राज्य संघों के चुनाव और संविधान को कानूनी मानकों के अनुरूप बनाना शामिल है।

इसके अलावा, समिति पारदर्शी और योग्यता-आधारित राष्ट्रीय टीम चयन प्रक्रिया लागू करेगी, आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का समन्वय करेगी तथा तकनीकी और उच्च प्रदर्शन सहायता उपलब्ध कराएगी।FIVB के वॉलीबॉल सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत भारत को 2026 में 2.58 लाख डॉलर की सहायता जारी रहेगी।

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय संघ का कामकाज पहले से ही एक अंतरिम संचालन समिति देख रही थी, जिसे प्रशासनिक सुधारों की शर्त पर सीमित अवधि के लिए मान्यता दी गई थी।विश्व निकाय ने एक बयान में कहा, “एफआईवीबी के सामान्य विनियमों के अनुच्छेद 1.5.3 और 1.9.1 के अनुसार, एफआईवीबी प्रशासनिक बोर्ड ने यह निर्धारित किया है कि भारतीय वॉलीबॉल महासंघ (वीएफआई) के अंतरिम नेतृत्व द्वारा एफआईवीबी द्वारा स्थापित कानूनी और प्रशासनिक आवश्यकताओं का पालन नहीं किया गया है।”

इसमें कहा गया, “इसलिए, वीएफआई की अस्थायी मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है और भारत में वॉलीबॉल गतिविधियों की निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एफआईवीबी और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधियों से बनी एक संचालन समिति को अस्थायी प्रशासनिक क्षमता प्रदान की गई है।”इस बीच, अहमदाबाद में 20 से 28 जून तक एशियाई वॉलीबॉल परिसंघ पुरुष कप का आयोजन होना है, जिसमें 12 देशों के भाग लेने की संभावना है।

एप्पल में बड़ा बदलाव: 15 साल बाद CEO पद छोड़ेंगे टिम कुक, जॉन टर्नस संभालेंगे कमान

tim cook

एप्पल के CEO टिम कुक सितंबर में अपने मौजूदा पद से इस्तीफा दे देंगे और एप्पल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर नई भूमिका शुरू करेंगे। एप्पल के हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जॉन टर्नस, CEO की भूमिका संभालेंगे।

 

15 साल से टिम कुक इस अहम जिम्मेदारी को निभा रहे थे। 65 वर्षीय कुक इस्तीफे के बाद भी वे कंपनी से जुड़े रहेंगे। वे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर नई पारी की शुरुआत करेंगे।

 

टिम कुक 1998 में वर्ल्डवाइड ऑपरेशंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में Apple में शामिल हुए थे। साल 2005 से 2011 तक उन्होंने कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के रूप में काम किया।

 

साल 2011 में एपल के को-फाउंडर स्टीव जाब्स के जाने के बाद टिम कुक कंपनी के सीईओ बने थे। उनके कार्यकाल के दौरान एप्पल कंपनी ने आसमान की बुलंदियों को छुआ और कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन 4 ट्रिलियन डॉलर तक जा पहुंचा। उन्होंने चीन पर निर्भरता कम करते हुए भारत पर फोकस किया। इससे कंपनी को काफी फायदा हुआ।

edited by : Nrapendra Gupta

Sora वीडियो ऐप को क्यों बंद कर रहा है OpenAI, ये वीडियो एआई टूल्स बन सकते हैं बेस्ट ऑप्शन्स

सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए Sora को बंद करने की घोषणा कर दी। यह ऐलान उसी समय हुआ जब Disney ने भी OpenAI के साथ अपनी बड़ी पार्टनरशिप खत्म कर दी।  घोषणा के तरीके से ऐसा लगा कि OpenAI के भीतर चीजें तेजी से बदल रही हैं। हालांकि Sora को पूरी तरह कब बंद किया जाएगा और इससे यूजर्स के बनाए गए वीडियो पर क्या असर पड़ेगा- इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

X पर Sora अकाउंट ने कहा कि हम जल्द ही और जानकारी साझा करेंगे, जिसमें ऐप और API की टाइमलाइन और आपके काम को सुरक्षित रखने से जुड़ी डिटेल्स शामिल होंगी। ये वीडियो एआई टूल्स आपके लिए बेस्ट ऑप्शन बन सकते हैं।

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पहले क्या खास था Sora में?

यह बहुत ही आसान था। इसमें टेक्स्ट लिखते ही वीडियो बना जाते, जो सिनेमेटिक और रियलिस्टिक क्लिप्स

 की तरह होते थे। यह बिलकुल सोशल मीडिया जैसा वीडियो प्लेटफॉर्म था। लेकिन महंगा, रिस्की और विवादों में भी यह आया। लॉन्च होने के  बाद यह काफी वायरल हुआ, लेकिन  इसके बंद होने के पीछे कॉपीराइट विवाद, डीपफेक और गलत कंटेंट और बहुत ज्यादा खर्च बताया जा रहा है। 

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 Google Veo 3

 

Google का Veo 3 मॉडल सबसे लोकप्रिय ऑप्शन्स में से एक माना जा रहा है। लॉन्च के समय इसे 'बेहद रियलिस्टिक' बताया गया था।  इस टूल से हाई-क्वालिटी वीडियो बनाए जा सकते हैं , लेकिन इसके लिए Google का पेड AI प्लान लेना होगा। इसकी कीमत लगभग 7.99 डॉलर प्रति माह से शुरू होती है।  इन प्लान्स के साथ Gemini जैसे एडवांस AI फीचर्स भी मिलते हैं।

Luma Ray3

Ray3  भी एक पावरफुल AI वीडियो जनरेशन टूल है। 1080p वीडियो आउटपुट के साथ एडवांस एडिटिंग फीचर्स मिलते हैं। साथ ही प्रोफेशनल क्वालिटी वीडियो भी बनाए जा सकते हैं, लेकिन इसकी कीमत ज्यादा होने के कारण यह हर यूज़र के लिए किफायती नहीं है। Edited by : Sudhir Sharma

AI Impact Summit 2026 : 19-20 फरवरी को भारत में होगा मेगा इवेंट, 65 से ज्यादा देश होंगे शामिल, 600 से ज्यादा स्टार्टअप्स का जमावड़ा

भारत 19-20 फरवरी 2026 को राजधानी के भारत मंडपम में वैश्विक स्तर का इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 आयोजित करने जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। समिट करीब 65 देश शामिल होंगे।  यह पहली बार है जब यह अंतरराष्ट्रीय मंच किसी विकासशील देश में आयोजित किया जा रहा है।

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600 से ज्‍यादा स्‍टार्टअप्‍स की मौजूदगी रहेगी। इस समिट की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस AI एक्शन समिट के दौरान की थी। भारत ने खुद को AI विस्तार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना शुरू कर दिया है। Alphabet की Google, Microsoft और Amazon ने मिलकर 2030 तक भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 68 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है। 

 

शिखर सम्मेलन को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में Alphabet के CEO सुंदर पिचाई, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, Anthropic के CEO डारियो अमोदेई, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और Google DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस शामिल हैं। इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 को भारत की AI कूटनीति और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन होगा।

 

प्रधानमंत्री इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसे वर्ष का प्रमुख वैश्विक AI मंच माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक सहयोग के जरिए समावेशी, प्रभावशाली और कार्रवाई-उन्मुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देना है।

 

वैश्विक सहयोग की नई दिशा

यूके AI सेफ्टी समिट, AI सियोल समिट, फ्रांस AI एक्शन समिट और ग्लोबल AI समिट ऑन अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों की निरंतरता में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इसका लक्ष्य केवल राजनीतिक घोषणाओं तक सीमित न रहकर, ठोस परिणाम और वास्तविक प्रगति सुनिश्चित करना है। यह समिट वैश्विक AI सहयोग के लिए नई प्राथमिकताओं, ठोस पहल और बहुपक्षीय ढांचे को मजबूत करेगा।

 

मानवता और सतत विकास पर फोकस

समिट का उद्देश्य AI की परिवर्तनकारी शक्ति को मानवता की सेवा, समावेशी विकास, सामाजिक उन्नति और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोग करना है। साथ ही, यह ग्लोबल साउथ की आवाज को वैश्विक AI गवर्नेंस में मजबूत करने का प्रयास करेगा, ताकि तकनीकी प्रगति कुछ देशों तक सीमित न रह जाए।

 

तीन ‘सूत्र’ होंगे आधार

इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट तीन मूल स्तंभों या ‘सूत्रों’ पर आधारित होगा—

People (लोग), Planet (पृथ्वी) और Progress (प्रगति)।

ये तीनों सूत्र यह तय करेंगे कि बहुपक्षीय सहयोग के जरिए AI का उपयोग सामूहिक लाभ के लिए कैसे किया जाए।

 

सात ‘चक्र’ में होगी चर्चा

 

इन तीन सूत्रों के आधार पर चर्चा सात प्रमुख क्षेत्रों (चक्रों) में संगठित की जाएगी- 

  • मानव पूंजी (Human Capital)
  • सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन
  • सुरक्षित और भरोसेमंद AI
  • लचीलापन, नवाचार और दक्षता
  • विज्ञान
  • AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण
  • आर्थिक विकास और सामाजिक हित के लिए AI
  • प्री-समिट कार्यक्रम भी शुरू

 

समिट से पहले MeitY कई प्रमुख पहलें आयोजित कर रहा है, जिनका मकसद समावेशी विकास और नवाचार के लिए AI के उपयोग को बढ़ावा देना है।

 

इनमें शामिल हैं:

 

AI for ALL: विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी AI समाधान खोजने की वैश्विक चुनौती।

AI by HER: महिला नेतृत्व वाले AI समाधानों को बढ़ावा देने की पहल।

YUVAi: 13-21 वर्ष के युवाओं के लिए वैश्विक नवाचार प्रतियोगिता।

 

आवेदन और पंजीकरण खुले

इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक संगठन और प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।  आयोजकों को ऐसे सत्र डिजाइन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जो People, Planet और Progress की थीम के अनुरूप हों और वैश्विक AI संवाद को ठोस दिशा दें।

 Edited by : Sudhir Sharma

रूस में Telegram पर डिजिटल स्ट्राइक, पुतिन ने लगाई पाबंदियां, फाउंडर बोले- हम झुकेंगे नहीं

रूसी अधिकारियों ने देश के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप में से एक, 'टेलीग्राम' पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार का यह कदम रूसी नागरिकों को विदेशी तकनीकी प्लेटफार्मों के बजाय खुद के नियंत्रित विकल्पों की ओर धकेलने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। टेलीग्राम के रूसी मूल के संस्थापक पावेल डुरोव ने एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि रूस की यह कोशिश नाकाम होगी। रूस ने फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर बैन लगा दिया है।

इनके अलावा स्नैपचैट (Snapchat), फेसटाइम (FaceTime), ट्विटर/X और गेमिंग प्लेटफॉर्म रोब्लॉक्स (Roblox) पर भी रूस ने प्रतिबंध लगा रखा है। रूसी नियामक संस्था 'रोसकोमनाडजोर'  का कहना है कि इन विदेशी प्लेटफार्मों का उपयोग स्थानीय कानूनों के उल्लंघन और सुरक्षा जोखिमों के लिए किया जा रहा था।

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टेलीग्राम को निशाना बनाना रूसी प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है, क्योंकि इसका उपयोग रूस में लाखों आम लोगों के अलावा खुद रूसी सेना, शीर्ष सरकारी अधिकारी, सरकारी मीडिया और यहां तक कि क्रेमलिन द्वारा भी किया जाता है।  

 

डुरोव ने कहा कि रूस अपने नागरिकों को निगरानी और राजनीतिक सेंसरशिप के लिए बनाए गए एक सरकारी ऐप का उपयोग करने के लिए मजबूर करने की कोशिश में टेलीग्राम पर पाबंदियां लगा रहा है। आठ साल पहले, ईरान ने भी यही रणनीति अपनाई थी- और वह विफल रहा। उसने झूठे बहानों के आधार पर टेलीग्राम को प्रतिबंधित किया और लोगों को सरकार द्वारा संचालित विकल्प पर स्विच करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की।

 

मंगलवार को रूसी सरकार ने टेलीग्राम तक पहुंच को सीमित करने का आदेश जारी किया। सरकार का तर्क है कि यह कदम 'रूसी नागरिकों की सुरक्षा' के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने ऐप पर उन सामग्रियों को ब्लॉक करने से इनकार करने का आरोप लगाया है जिन्हें प्रशासन 'आपराधिक और आतंकवादी' मानता है।

 

 डिजिटल सर्विस ट्रैकिंग साइट Downdetector के अनुसार पिछले 24 घंटों में 11,000 से अधिक यूजर्स ने ऐप के काम न करने या धीमा चलने की शिकायत की है।

 

 

 

रूस के दूरसंचार नियामक रोसकोम्नाडज़ोर (Roskomnadzor) ने एक बयान में कहा कि जब तक रूसी कानूनों के उल्लंघन को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक टेलीग्राम मैसेंजर के संचालन पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इस प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित नहीं है और धोखाधड़ी या आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं हैं।

 

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, प्रतिबंधित सामग्री को न हटाने और खुद को विनियमित करने में विफल रहने के लिए टेलीग्राम पर 64 मिलियन रूबल (लगभग 8.28 लाख डॉलर) का जुर्माना भी लगाया गया है।

 

पाबंदियां लागू होते ही पूरे रूस में इसके असर देखे गए।  Edited by : Sudhir Sharma

AI बदलेगा देश की तकदीर, मुकेश अंबानी बोले- भारत अगले दो-तीन दशकों में बनेगा 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने कहा कि भारत अगले 20-30 वर्षों में 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है और यह दौर देश की युवा पीढ़ी के लिए निवेश का एक बहुत बड़ा अवसर होगा। मुंबई में आयोजित जियो-ब्लैकरॉक कार्यक्रम 'इन्वेस्टिंग फॉर ए न्यू एरा' में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक के साथ फायरसाइड चैट के दौरान अंबानी ने भारत की विकास यात्रा का स्पष्ट खाका पेश किया।

जियोब्लैकरॉक इवेंट में मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत पारंपरिक रूप से बचत का देश रहा है, लेकिन अब समय है कि देश के आगे बढ़ने का फायदा निवेश करके उठाया जाए। बचत को निवेश में बदला जाए। सेविंग्स का पैसा यदि कैपिटल मार्केट्स में निवेश हो, तो इससे न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ेगी बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि को भी गति मिलेगी। लैरी फिंक ने भी इस विचार का समर्थन करते हुए कहा कि लॉन्ग-टर्म इक्विटी निवेश भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में संपत्ति सृजन का सबसे प्रभावी जरिया बन सकता है।

 

अंबानी ने कहा कि भारत के विकास की जड़ें मजबूत नीतियों, राजनीतिक स्थिरता, बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और डिजिटल क्रांति से जुड़ी हैं। 5G, डिजिटल इंडिया और कैपिटल मार्केट्स के विस्तार से भारत दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बन गया है।

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर देते हुए अंबानी ने कहा कि AI शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में शानदार बदलाव ला सकता है। उनके अनुसार एआई के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, बेहतर हेल्थकेयर और प्रभावी सार्वजनिक सेवाएं 1.4 अरब लोगों तक सुलभ और किफायती रूप में पहुंचाई जा सकती हैं।

 

कार्यक्रम में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक ने भारत को 'एरा ऑफ इंडिया' बताया, जिस पर अंबानी ने कहा कि जो लोग भारत की दीर्घकालिक ग्रोथ पर भरोसा करेंगे, वही आने वाले दशकों में सबसे अधिक लाभ पाएंगे। Edited by : Sudhir Sharma

Foreign Exchange Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 688.13 अरब डॉलर तक बढ़ा, आठवें सप्ताह में वृद्धि जारी

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 25 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 1.98 अरब डॉलर बढ़कर 688.13 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को बताया कि लगातार आठवें सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है। इसके पहले के सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 8.31 अरब डॉलर बढ़कर 686.14 अरब डॉलर […]

भारत में बॉन्ड निवेश के लिए सही समय, RBI की पॉलिसी और डॉलर में कमजोरी से मिल रहा सपोर्ट

बंधन एएमसी में फिक्स्ड इनकम के प्रमुख सुयश चौधरी ने अभिषेक कुमार को ईमेल इंटरव्यू में बताया कि टैरिफ प्रभाव की वजह से पैदा हुए हालात अमेरिका के लिए अनिश्चित हैं, लेकिन भारत के लिए यह थोड़े स्पष्ट हैं क्योंकि यहां मुद्रास्फीति नियंत्रण में है। चौधरी का कहना है कि मजबूत आर्थिक विकास और राजकोषीय अनुशासन […]