उज्जैन महाकाल मंदिर में एक बार फिर से दर्शन को लेकर विवाद सामने आया है। दरअसल, महाकाल दर्शन के बाद सोशल मीडिया पर दिल्ली के रहने वाले इन्फ्लूएंसर अक्षय आनंद ने अपने फेसबुक और सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। इन तस्वीरों में वे महाकाल के गर्भगृह में नजर आ रहे हैं। वहां फोटो ली गई और देर तक दर्शन किए गए। इसके बाद उन्होंने ये फोटो अपने सोशल मीडिया में शेयर की। जबकि मंदिर परिसर में फोटोग्राफी प्रतिबंधित है। जैसे ही फोटो वायरल हुईं इस पर विवाद शुरू हो गया है। आम श्रद्धालु अब मंदिर समिति के कामकाज और आम भक्तों के साथ हो रहे भेदभाव पर सवाल उठा रहे हैं।
मंदिर में वीआईपी कल्चर हावी : तस्वीरें सामने आने के बाद उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने वीआईपी कल्चर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर हावी हो गया है और वे इसके घोर विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि मैं आज भी आम श्रद्धालुओं के साथ लाइन में लगकर भगवान महाकाल के दर्शन करता हूं। मेरी माताजी भी पिछले 60 साल से महाकाल दर्शन करने जाती हैं और वे भी सामान्य श्रद्धालुओं की तरह ही दर्शन करती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के लिए कोई राजा या रंक नहीं होता। सांसद ने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि अंत में सबको महाकाल की शरण में ही जाना है और किए गए कर्मों का फल यहीं भुगतना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी अनुरोध कर चुके हैं। उनका कहना है कि जिस दिन गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा, वे भी सामान्य भक्त की तरह लाइन में लगकर जलाभिषेक करेंगे।
क्या है तस्वीरों में : अक्षय आनंद की ये तस्वीरें 15 जून की बताई जा रही हैं। उस दिन सोमवती अमावस्या होने के कारण महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी दौरान दिल्ली निवासी अक्षय आनंद ने अपने फेसबुक और सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। तस्वीरों में वह अपनी पत्नी और मित्रों के साथ महाकाल मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करते नजर आ रहे हैं। अक्षय धोती-सोला पहनकर गर्भगृह में पहुंचे थे और वहां फोटो भी खिंचवाई। जबकि मंदिर परिसर में फोटोग्राफी प्रतिबंधित है।
बता दें कि उज्जैन महाकाल में जाने वाले आम श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए काफी इंतजार करना पडता है। जैसे ही लोग बाबा महाकाल के सामने पहुंचते हैं, सुरक्षाकर्मी उन्हें वहां से आगे बढा देते हैं। आम लोगों को एक मिनट भी वहां प्रार्थना नहीं करने दिया जाता है, जैसे ही कोई खडा होता है उसे आगे धकेल दिया जाता है। जबकि वीआईपी गर्भगृह में बैठकर आराम से प्रार्थना और पूजा करते हैं। फोटो, वीडियो और तस्वीरें लेते हैं। ये भेदभाव लगातार मंदिर में हो रहा है। इस मामले में भी यही हुआ। सोमवती अमावस्या होने की वजह से श्रद्धालुओं की काफी भीड थी, बावजूद इसके अक्षय आनंद को गर्भग्रह में प्रवेश देकर वीआईपी दर्शन करवाए गए, जहां उन्होंने फोटो भी निकाले। लोग इस वीआईपी कल्चर को बंद करने की मांग कर रहे हैं।
Edited By: Naveen R Rangiyal

