यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी के बाद अब समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव ने इस संबंध में अमित शाह को एक पत्र भी लिखा है। योगी के मंत्री के इस दावे से उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई। ALSO READ: TMC के बाद शिवसेना UBT में बगावत, महुआ मोइत्रा का तंज- सिर्फ 15 करोड़ रुपए? सस्ते में क्यों जा रहे हैं?
क्या है राजभर का दावा?
ओम प्रकाश राजभर के अनुसार, पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में शामिल होना चाहती है। इसके लिए रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी भी लिखी है। इसमें उन लोगों के नाम की लिस्ट भी है जो भाजपा में आना चाहते हैं।
खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन?
राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि जैसे-जैसे विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों का शिकंसा कस रहा है। वैसे-वैसे सपा नेताओं की बेचैनी बढ़ती जा रही है। जब जांच आगे बढ़ती है तो कुछ लोगों की परेशानी भी बढ़ती है। खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। ALSO READ: शिवसेना UBT में फिर बड़ी बगावत? उद्धव ठाकरे के 6 लोकसभा सांसद पाला बदलने को तैयार, संजय राउत का 15-15 करोड़ का दावा
उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी को चिट्ठी सौंपी है। खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है। महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा, भाजपा में।
समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी को चिट्ठी सौंपी है।
खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है।
महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा, भाजपा में…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 17, 2026
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को बाद तृणमूल कांग्रेस विधायक दल में भगदड़ मच गई। देखते ही देखते पार्टी के 20 लोकसभा सांसदों ने भी काकोली घोष दस्तीकार के नेतृत्व में एनसीपीआई जॉइन कर ली जबकि 4 राज्यसभा सांसदों ने पद से इस्तीफा दे दिया। मामला अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि शिवसेना यूबीटी में बवाल मच गया। देखते ही देखते पार्टी के 9 में से 6 सांसदों ने शिवसेना शिंदे में शामिल होने ही इच्छा जाहिर की।
edited by : Nrapendra Gupta
