जामुन की बंपर पैदावार, सूखे का भय, क्या यह है प्रकृति की चेतावनी, आखिर क्या है सुसाइड फ्रूटिंग या बंपर क्रॉप

मालवा में इस साल जामुन के पेड़ों पर रिकॉर्ड संख्या में फल देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि पिछले कई दशकों में उन्होंने जामुनों की इतनी अधिक पैदावार नहीं देखी। जिन पेड़ों पर पिछले साल बहुत कम फल आए थे, वे भी इस बार जामुनों से लदे नजर आ रहे हैं।

 

इस असामान्य स्थिति ने लोगों के बीच एक पुरानी मान्यता को फिर चर्चा में ला दिया है। बुजुर्गों का मानना है कि जिस वर्ष जामुन के पेड़ों पर अत्यधिक फल लगते हैं, उस वर्ष सूखे या कड़ी गर्मी की संभावना बढ़ जाती है। दिलचस्प बात यह है कि इस पारंपरिक मान्यता को वैज्ञानिक आधार भी मिलता है।

 

एक्सपर्ट्‍स के अनुसार इस प्रक्रिया को 'मास्टिंग' (Masting) या स्ट्रेस फ्रूटिंग” (Stress Fruiting) कहा जाता है। जब किसी पेड़ को मिट्टी में नमी की कमी, भूजल स्तर में गिरावट या मौसम में बड़े बदलावों का आभास होता है, तब वह अपनी अधिकांश ऊर्जा नए पत्तों और शाखाओं के विकास के बजाय अधिक से अधिक फल और बीज पैदा करने में लगा देता है।

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वनस्पति विज्ञान के अनुसार यह पेड़ों की एक प्राकृतिक रणनीति होती है, जिसके जरिए वे अपनी अगली पीढ़ी को सुरक्षित रखने का प्रयास करते हैं। यदि पेड़ को लगता है कि भविष्य में उसके अस्तित्व पर खतरा हो सकता है, तो वह अधिक बीज उत्पन्न करके अपनी प्रजाति को आगे बढ़ाने की कोशिश करता है।

 

जामुन के पेड़ों की जड़ें काफी गहराई तक जाती हैं और वे भूजल स्तर में होने वाले बदलावों को जल्दी महसूस कर सकती हैं। जब जमीन के भीतर पानी का स्तर सामान्य से अधिक नीचे चला जाता है, तब पेड़ पर तनाव बढ़ता है और वह असाधारण मात्रा में फल देने लगता है। यही कारण है कि कई वैज्ञानिक इसे संभावित सूखे या लंबे शुष्क मौसम का शुरुआती संकेत भी मानते हैं।

 

हालांकि केवल जामुन की अधिक पैदावार को सूखे की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता, लेकिन यह प्रकृति द्वारा दिए जाने वाले उन संकेतों में से एक है, जिन पर पर्यावरण वैज्ञानिक और मौसम विशेषज्ञ नजर रखते हैं।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को इस प्राकृतिक संकेत को समझते हुए जल संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। जामुन की भरपूर फसल जहां प्रकृति का अनोखा उपहार है, वहीं यह पर्यावरणीय बदलावों की ओर इशारा करने वाला महत्वपूर्ण संकेत भी हो सकता है। Edited by : Sudhir Sharma

Instagram पर 4.8 लाख फॉलोअर्स: ‘Peace Dog’ आलोका की एक झलक पाने उमड़ी भीड़

गुरुग्राम के एक लग्जरी होटल में मंगलवार शाम कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिला। यहां ना कोई बॉलीवुड स्टार था, ना कोई क्रिकेटर, लेकिन फिर भी लोगों की लंबी लाइनें लगी थीं। हर कोई बस एक झलक पाना चाहता था ‘आलोका’ की — उस इंडी स्ट्रीट डॉग की, जिसने अपनी मासूमियत और सफर से दुनिया भर के लोगों का दिल जीत लिया है।

 

कभी कोलकाता की गलियों में बेसहारा घूमने वाला यह डॉग आज “पीस डॉग” (Peace Dog) के नाम से जाना जाता है। लोग उसके साथ सेल्फी ले रहे थे, उसे गले लगा रहे थे, और उसके पंजों के निशान को ऑटोग्राफ की तरह संभालकर रख रहे थे। सोशल मीडिया पर आलोका की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Instagram पर उसके करीब 4.8 लाख Followers हैं।

aloka the peace dog

 

100 दिनों की यात्रा ने बदल दी जिंदगी

 

आलोका की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। साल 2022 में बौद्ध भिक्षुओं का एक समूह भारत और नेपाल की शांति यात्रा पर निकला था। उसी दौरान कोलकाता की सड़कों पर रहने वाला एक आवारा कुत्ता उनके पीछे-पीछे चलने लगा। शुरुआत में किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन धीरे-धीरे वह यात्रा का हिस्सा बन गया।

 

बताया जाता है कि आलोका करीब 100 दिनों तक भिक्षुओं के साथ जंगलों, गांवों और लंबी सड़कों पर चलता रहा। इस दौरान एक सड़क हादसे में वह घायल भी हुआ, लेकिन ठीक होते ही फिर उसी यात्रा में लौट आया। उसकी निष्ठा, शांत स्वभाव और साथ निभाने की भावना ने भिक्षुओं को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने उसे गोद ले लिया।

aloka the peace dog

 

उसे नया नाम मिला — ‘आलोका’, जिसका पाली भाषा में अर्थ होता है “प्रकाश” या “रोशनी”। और सच में, यह डॉग आज लाखों लोगों के लिए उम्मीद और दया की रोशनी बन चुका है।

 

अमेरिका से श्रीलंका तक… हजारों किलोमीटर का सफर

 

भारत से शुरू हुई आलोका की यात्रा जल्द ही दुनिया तक पहुंच गई। बौद्ध भिक्षु उसे अपने साथ अमेरिका ले गए, जहां उसने “वॉक फॉर पीस” (Walk for Peace) अभियान में हिस्सा लिया। टेक्सास से शुरू हुई इस यात्रा में आलोका ने करीब 3700 किलोमीटर पैदल चलकर सबको चौंका दिया।

 

अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए यह इंडी डॉग शांति और करुणा का संदेश देता रहा। इसके अलावा वह श्रीलंका और थाईलैंड जैसे देशों की यात्राओं का भी हिस्सा बना। जहां भी वह पहुंचा, लोगों ने उसे सिर्फ एक डॉग नहीं बल्कि प्रेम, वफादारी और इंसानियत की मिसाल के तौर पर देखा।

aloka the peace dog

 

उसके माथे पर बना दिल जैसा निशान भी लोगों को बेहद खास लगता है। कई लोग इसे “पीस मार्क” तक कहने लगे हैं।

 

 गुरुग्राम में उमड़ा प्यार, मेनका गांधी से भी मुलाकात

 

हाल ही में आलोका भारत लौटा और दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी मिला। इसके बाद गुरुग्राम के द वेस्टिन होटल में उसके लिए खास कार्यक्रम रखा गया, जहां पशु प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

 

कार्यक्रम का मकसद सिर्फ आलोका से लोगों को मिलवाना नहीं था, बल्कि बेसहारा जानवरों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना भी था। बौद्ध भिक्षु पन्नाकारा ने लोगों से कहा कि शांति की शुरुआत इंसान के दिल से होती है और जानवरों के प्रति दया ही असली मानवता है।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आलोका बेहद शांत अंदाज में लोगों के बीच बैठा नजर आया। कोई उसके सिर पर प्यार से हाथ फेर रहा था तो कोई उसके सामने हाथ जोड़कर बैठा था।

 

आलोका सिर्फ एक डॉग नहीं, एक संदेश है

 

आलोका की कहानी इस बात का सबूत है कि प्यार और अपनापन किसी की भी जिंदगी बदल सकता है। जो डॉग कभी सड़कों पर अनजान और बेसहारा था, वही आज दुनिया भर में लोगों को compassion, kindness और peace का संदेश दे रहा है।

 

उसकी यात्रा सिर्फ एक जानवर की कहानी नहीं, बल्कि इंसानियत को आईना दिखाने वाली मिसाल है। शायद इसी वजह से लोग कहते हैं — “हर स्ट्रीट डॉग को बस एक मौका और थोड़ा प्यार चाहिए।”

 

आलोका आज सिर्फ एक डॉग नहीं, बल्कि उम्मीद का चेहरा बन चुका है।

एआई से बनी फर्जी तस्वीरों पर भड़कीं प्रीति जिंटा

डिजिटल दुनिया के बढ़ते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के गलत इस्तेमाल के मुद्दे को लेकर अब अभिनेत्री प्रीति जिंटा बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंची हैं। उन्होंने मेटा और गूगल जैसी बड़ी ऑनलाइन कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनकी अनुमति के बिना एआई की मदद से उनकी नकली तस्वीरें और कंटेंट बनाए गए और उन्हें इंटरनेट पर फैलाया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। 

प्रीति जिंटा ने अपनी याचिका में कहा है कि उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया है, जिससे उनकी पर्सनैलिटी राइट्स के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एआई से बना कंटेंट बड़े स्तर पर फैलाया गया, जिसे लोग असली मान सकते हैं और इससे गलतफहमी पैदा होती है।

अभिनेत्री ने कहा कि कॉपीराइट कानून 1957 के तहत उनके नैतिक अधिकारों का भी उल्लंघन हुआ है। उनकी छवि और पहचान का उपयोग बिना अनुमति के किया गया, जो कानूनन गलत है। इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस अभय आहूजा की बेंच ने उनकी याचिका पर विचार करते हुए उन्हें आगे मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है।

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अदालत ने कहा की कि इस मामले में शामिल ऑनलाइन कंपनियों के ऑफिस कई अलग-अलग शहरों और देशों में मौजूद हैं। इसलिए मामले का कुछ हिस्सा अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर भी जा सकता है। लेकिन फिर भी कोर्ट इसे सुनकर पूरा फैसला करेगा।

पिछले कुछ सालों में एआई तकनीक के बढ़ने के साथ ही ऐसे मामलों में काफी तेजी आई है, जहां सेलेब्रिटीज की फर्जी तस्वीरें, वीडियो और आवाजों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस तरह के मामलों में कई बड़े बॉलीवुड सितारे पहले भी अदालत का रुख कर चुके हैं। इनमें अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, अर्जुन कपूर, वरुण धवन, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, सलमान खान, आर. माधवन, ऋतिक रोशन और विवेक ओबेरॉय शामिल हैं। इन सभी मामलों में अदालतों ने उनकी पहचान और छवि की सुरक्षा को मान्यता दी और उन्हें कानूनी संरक्षण दिया।

Pic Credit : ANI

फीफा वर्ल्ड कप: इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया

इंग्लैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज जीत के साथ किया है। डलास स्टेडियम में हुए ग्रुप एल के मुकाबले में इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए क्रोएशिया को 4-2 से हराया। 

इंग्लैंड की ओर से कप्तान हैरी केन ने दो गोल दागे, जबकि जूड बेलिंगहैम और सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरे मार्कस रैशफोर्ड ने एक गोल किया। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। क्रोएशिया ने शुरुआती मिनटों में इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने जल्द ही मुकाबले पर पकड़ बना ली।

12वें मिनट में इंग्लैंड के हाथ पेनल्टी लगी। पेनल्टी पर हैरी केन का पहला प्रयास गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने रोक लिया, लेकिन नियम उल्लंघन के कारण पेनल्टी दोबारा कराई गई। दूसरे प्रयास में केन ने कोई गलती नहीं की और टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, क्रोएशिया ने मैच में जल्द ही वापसी की। मार्टिन बटुरिना ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने एक बार फिर बढ़त हासिल की। कॉर्नर किक पर हैरी केन ने बेहतरीन हेडर लगाकर अपना दूसरा गोल किया और इंग्लैंड को 2-1 से आगे कर दिया।

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पहले हाफ के अंत में क्रोएशिया ने स्कोर को फिर से बराबर कर दिया। स्टॉपेज टाइम में इवान पेरिसिक को कुछ जगह मिली और उन्होंने मूसा को पास दिया, जिन्होंने गेंद को गोल पोस्ट में डालकर ब्रेक तक स्कोर 2-2 कर दिया। दूसरे हाफ में इंग्लैंड अलग ही अंदाज में मैदान पर उतरा। खेल शुरू होने के केवल दो मिनट बाद जूड बेलिंगहैम ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास करते हुए शानदार गोल दागा। उन्होंने दाईं ओर से बॉक्स में प्रवेश किया और सटीक शॉट लगाकर इंग्लैंड को मुकाबले में 3-2 की बढ़त दिला दी।

इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार आक्रमण जारी रखा। बेलिंगहैम, डेक्लान राइस और निको ओ’रेली ने कई मौके बनाए, लेकिन क्रोएशियाई गोलकीपर लिवाकोविक ने कुछ बेहतरीन बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। दूसरी ओर, क्रोएशिया ने भी जवाबी हमले किए और मार्को पासालिक का एक जबरदस्त शॉट इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार तरीके से रोक दिया।

मैच के अंतिम पलों में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मार्कस रैशफोर्ड ने गोल करते हुए इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उन्होंने डिफेंडर को छकाते हुए गेंद को इंग्लैंड की ओर से चौथा गोल किया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप एल में तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए और अपने विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की। कप्तान हैरी केन ने दो गोल कर एक और रिकॉर्ड बनाया। वह अब वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा पेनल्टी गोल (शूटआउट को छोड़कर) करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। वहीं, जूड बेलिंगहैम ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

Pic Credit : ANI

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी कांड, अब सर्विलांस स्टाफ रडार पर! RMO की भी खुलेगी कुंडली

Ram Mandir Donation Theft:

Ram Mandir Donation Theft: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में में मचे महा-हड़कंप के बीच अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक 'सर्जिकल स्ट्राइक' होने जा रहा है। आस्था के केंद्र राम मंदिर में हुए 'चढ़ावा चोरी प्रकरण' के बाद अब सरकार एक्शन मोड में है और वित्तीय पारदर्शिता के लिए सीधे मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की तैयारी कर ली गई है। लेकिन असली विस्फोट तो SIT की जांच में हुआ है।

 

19 घंटे के महामंथन के बाद जांच की आंच अब दानपात्र से निकलकर CCTV सर्विलांस विंग, गेट चेकिंग और हवाई यात्राएं करने वाले रसूखदार पुजारियों तक पहुंच चुकी है। इस बीच, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनके प्रोटोकॉल से ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय को दूर रखा गया है।   

17 साल से नो ट्रांसफर! कैमरों का वो 'जादुई रिमोट' और RMO का रहस्य

जांच की परतें जैसे ही खुलीं, एक ऐसा चौंकाने वाला नाम सामने आया जिसने SIT के भी होश उड़ा दिए। यह नाम है रेडियो मेंटिनेंस ऑफिसर (RMO) का, जो पिछले 17 सालों से बिना किसी ट्रांसफर के राम मंदिर परिसर में अंगद की तरह पैर जमाए बैठा है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला, आस्था के केंद्र पर 'चंदा चोरी' का साया, SIT जांच से मचा हड़कंप

 

CCTV का रिमोट कंट्रोल : मंदिर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने वाले सीसीटीवी कैमरों का पूरा कंट्रोल इसी अधिकारी के पास था। कैमरा कब बंद हुआ, कब चालू, किसका फुटेज गायब हुआ—सब इसके इशारे पर होता था।

 

चंपत राय से सीधा कनेक्शन : सूत्रों के मुताबिक, आरोपी टिन्नू यादव का बेहद करीबी यह अफसर सीधे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को रिपोर्ट करता था और इसके लिए परिसर में एक स्पेशल रूम भी अलॉट था। इस बीच, खबर है कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के समय चंपत राय उनके प्रोटोकॉल में नहीं रहेंगे।  ALSO READ: अयोध्या में रामलला को चढ़ाया सबसे महंगा आम, कीमत जानकर चौंक जाएंगे

 

संपत्ति की जांच शुरू : अब SIT ने इस 'रहस्यमयी' RMO की चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा तलब कर लिया है।

रडार पर 'हाई-फाई' पुजारी

चोरी के इस महा-जाल की आंच अब मंदिर के गर्भगृह और पुजारियों तक भी पहुंच गई है। सवाल उठ रहे हैं कि राम मंदिर के कुछ पुजारियों के पास अचानक इतना धन कहां से आ गया कि वे कई राज्यों की हवाई यात्राएं (Flight Travels) कर रहे हैं? क्या राम मंदिर के पुजारी होने का कोई अनुचित लाभ उठाया जा रहा है? SIT अब इन पुजारियों की भी कुंडली खंगालने की तैयारी में है।

19 घंटे का 'लाइव री-क्रिएशन' और रसूखदारों पर कसता शिकंजा

SIT की टीम ने लगातार दो दिनों तक कुल 19 घंटे तक राम मंदिर परिसर में डेरा डाले रखा। दानपात्र से पैसे निकालने से लेकर, गड्डियां बनाने और कैश काउंटिंग की पूरी प्रक्रिया का लाइव निरीक्षण किया गया। इस चक्रव्यूह में अब कई बड़े नाम फंसने वाले हैं। 5 साल से जमे राम मंदिर चौकी प्रभारी की खुफिया जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जिसकी मर्जी के बिना मंदिर का एक भी वीआईपी पास नहीं बन सकता था, वो मुख्य कर्मचारी भी अब रडार पर है।

 

मुख्य आरोपी टिन्नू यादव भले ही खुद को बेकसूर बता रहा हो, लेकिन 19 घंटे के इस महा-मंथन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि एक गहरा सिंडिकेट है। बहुत जल्द अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कई बड़े चेहरों से नकाब उतरने वाला है और एक बड़ा प्रशासनिक 'क्लीन-अप' देखने को मिलेगा!
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

हिमाचल के चंबा में खाई में गिरी कार, 7 की मौत

accident in chamba

Himachal Pradesh Accident News : हिमाचल प्रदेश के चंबा में बुधवार रात हुए एक दिल दहला देने वाले हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। मरने वालों में सभी लोग महल गांव के बताए जा रहे हैं। ALSO READ: दुर्लभ बीमारी से जूझ रही कनिका का अब होगा इलाज, 9 करोड़ का इंजेक्‍शन लगेगा, जमा हुए 8 करोड़ 23 लाख

 

बताया जा रहा है कि चंबा मसरूड़ मार्ग पर यह हादसा उस समय हुआ जब बोलेरो में सवार सभी लोग काकड़ोथा गांव में मुंडन संस्कार की धाम में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे। कार में सवार सभी लोगों की मौके पर मौत हो गई। मृतकों में 4 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल है। मृतकों में 3 सगे भाई भी है।

 

गाड़ी खाई में गिरते ही उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। अंधेरे की वजह से राहत और बचाव कार्यों में काफी मुश्किलें आई। ALSO READ: डॉक्‍टरों को मुफ्त गोवा-थाईलैंड ट्रिप, हजारों की शराब पार्टीज, मरीजों की जेब पर पल रहा है 'प्रोपेगेंडा मेडिसिन माफिया'

 

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शवों को खाई से निकाला। मृतकों की पहचान की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की आगे जांच चल रही है।

edited by : Nrapendra Gupta 

ज्वेलरी पार्क प्रेजेंटेशन में गूंजा मेरठ का नाम, देश के प्रमुख कारोबार के रूप में मिलेगा मंच

Meerut’s name resonated during jewellery park presentation

Jewellery Park : मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन द्वारा मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) हॉल में प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क एवं फ्लैटेड फैक्टरी परियोजना का भव्य प्रेजेंटेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रस्तुत नक्शे और परियोजना की विस्तृत योजना को उपस्थित अतिथियों एवं व्यापारियों ने सराहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान मेरठ को देश के प्रमुख ज्वेलरी हब के रूप में विकसित करने की कर समृद्धि के द्वार खोलने की चर्चा की केंद्र रहा।

 

ज्वेलरी कारोबार को मिलेगा आधुनिक मंच

प्रेजेंटेशन में स्काईलाइन आर्किटेक्ट्स ने बताया कि प्रस्तावित वेदव्यासपुरी ज्वेलरी पार्क मेरठ के स्वर्ण, रजत एवं रत्न कारोबार को समर्पित एक अत्याधुनिक परियोजना होगी। इसका उद्देश्य कारीगरों, निर्माताओं, थोक व्यापारियों, खरीदारों एवं बड़े शोरूम संचालकों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ना है।

 

परियोजना में छोटे कारीगरों से लेकर बड़े व्यापारियों तक सभी के लिए अलग-अलग श्रेणी की यूनिट्स का प्रावधान किया गया है। भवन का बाहरी स्वरूप ज्वेलरी डिजाइन से प्रेरित होगा, जिसमें आधुनिक वास्तुकला के साथ कलात्मक नक्काशी और ग्लास फसाड का उपयोग किया जाएगा।

 

मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

प्रस्तावित परिसर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC), कॉन्फ्रेंस हॉल, ज्वेलरी म्यूजियम, बैंक, एनबीएफसी कार्यालय, बुलियन ट्रेडिंग डेस्क, कैफेटेरिया एवं रूफटॉप रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सुरक्षा व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

Meerut’s name resonated during jewellery park presentation

आम नागरिकों, व्यापारियों, कारीगरों एवं कीमती धातुओं के आवागमन के लिए अलग-अलग मार्ग और सुरक्षा प्रोटोकॉल निर्धारित किए जाएंगे। परिसर में अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था और सुरक्षित लॉजिस्टिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

 

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

परियोजना को GRIHA 5-स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। इसके तहत सोलर पैनल, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा दक्ष ग्लास, जल संरक्षण प्रणाली, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण तथा जीरो-वेस्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं शामिल की जाएंगी।

 

प्रस्तुति में बताया गया कि जिस प्रकार बेल्जियम हीरा व्यापार और दुबई स्वर्ण कारोबार के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, उसी प्रकार यह परियोजना मेरठ को ज्वेलरी उद्योग के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

अधिकारियों ने दिया सहयोग का भरोसा

एमडीए सचिव अर्पित गुप्ता ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली परियोजना होगी। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 

उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडेय ने आश्वासन दिया कि परियोजना को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सर्राफा व्यापारियों एवं आभूषण निर्माताओं को अधिकतम लाभ मिल सके।

GJEPC के रीजनल डायरेक्टर आशुतोष श्रीवास्तव ने भी केंद्र सरकार स्तर पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रस्तुत डिजाइन अद्वितीय है और इसे गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा किया जाना चाहिए।

 

व्यापारियों की जिज्ञासाओं का समाधान

प्रेजेंटेशन के बाद व्यापारियों ने परियोजना से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। नरेश माहेश्वरी ने शहर के सर्राफा बाजार के विकास को लेकर सवाल उठाया, जिस पर एमडीए सचिव ने स्वयं बाजार का निरीक्षण करने की बात कही।

 

आनंद प्रकाश द्वारा फायर सेफ्टी, मेंटेनेंस और भविष्य के मानकों को लेकर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए चीफ आर्किटेक्ट सिकंदर मसूद ने बताया कि परिसर में विश्वस्तरीय अग्निशमन उपकरण लगाए जाएंगे तथा सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि भवन का रखरखाव एक पेशेवर निजी एजेंसी द्वारा किया जाएगा। ज्वेलरी निर्माण के दौरान एकत्रित होने वाली धूल तथा एसटीपी से होने वाली आय का उपयोग भी मेंटेनेंस खर्च में किया जा सकेगा।

 

शम्मी सपरा के मूल्य संबंधी प्रश्न पर बताया गया कि परियोजना में यूनिट्स की कीमत लगभग 5000 रुपए प्रति वर्ग फुट से 20000 रुपए प्रति वर्ग फुट तक प्रस्तावित है, ताकि कारीगरों और मध्यम वर्गीय व्यापारियों को भी अवसर मिल सके।

 

कारीगरों के आवास संबंधी प्रश्न पर अर्पित गुप्ता ने बताया कि परियोजना के निकट एमआईजी आवास एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

 

तालियों की गूंज के साथ हुआ समापन

प्रेजेंटेशन के अंत में पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उपस्थित व्यापारियों और अतिथियों ने विश्वास जताया कि यह परियोजना मेरठ को ज्वेलरी उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।कार्यक्रम का संचालन एसोसिएशन के महामंत्री विजयआनन्द अग्रवाल ने किया।

इस अवसर पर मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के सचिव अर्पित गुप्ता, उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडेय, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, स्काईलाइन आर्किटेक्ट्स के चीफ आर्किटेक्ट सिकंदर मसूद तथा जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के रीजनल डायरेक्टर (नॉर्थ) आशुतोष श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

 

इसके अलावा मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के संरक्षक रवि प्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, उपाध्यक्ष राकेश प्रकाश अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, शम्मी सपरा तथा अन्य पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। वरिष्ठ बिल्डर अशोक गर्ग, आर्किटेक्ट विनय गोयल, चार्टर्ड अकाउंटेंट रमाकांत जैन एवं सौरभ जैन का भी सम्मान किया गया।
Edited By : Chetan Gour

दुर्लभ बीमारी से जूझ रही अनिका का अब होगा इलाज, 9 करोड़ का इंजेक्‍शन लगेगा, जमा हुए 8 करोड़ 23 लाख

Kanika

इंदौर की अनिका शर्मा के लिए अब तक 8 करोड़ 23 लाख रुपए इकट्ठा हो गए हैं। अब माता-पिता को इंजतार है कि जिन्होंने राशि देने का वादा किया था वह भी जल्द राशि उपलब्ध करा दें तो उनकी बेटी का इलाज जल्द शुरू हो सकेगा।

दरअसल, इलाज के लिए 9 करोड़ रुपये की जरूरत है और 8.23 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। 70 लाख रुपये की और मदद मिलते ही इलाज के लिए उसे इंजेक्शन लगाया जाएगा।

बता दें कि अनिका के लिए लंबे समय से राशि एकत्र करने का अभियान चल रहा है। अब तक जमा हुई यह राशि इंदौर निवासी उसके माता-पिता ने क्राउडफंडिंग के जरिए एकत्र की। कुछ एनजीओ ने भी इस काम में उनकी मदद की। अनिका को सबसे बड़ी मदद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रतीक कवात्रा ने की है। उन्होंने 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी है। इलाज के लिए माता-पिता ने इंदौर से भी 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जुटाई थी। इसके बाद उन्होंने दूसरे शहरों का रुख किया और वहां से भी राशि एकत्र की।

वजन नहीं बढ़ने देने की थी चुनौती : अनिका को जो इंजेक्शन लगना है, उसके लिए मेडिकल शर्त यह थी कि बच्ची का वजन 13 किलो से ज्यादा न हो। इस कारण माता-पिता बच्ची को लिक्विड डाइट पर रख रहे थे, लेकिन परिवार के पास समय कम था, क्योंकि वजन नियंत्रित रखने के प्रयास में कनिका को कमजोरी भी आ रही थी। हालांकि, इससे पहले ही आवश्यक राशि लगभग जुट चुकी है। इससे अनिका की मदद के लिए जुटे लोगों ने राहत की सांस ली है।

कोर्ट ने कहा था लाड़ली बहना नहीं है : अनिका को तय समय-सीमा में मदद नहीं मिलने पर परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में दूसरी बार सुनवाई हुई। इस दौरान कनिका के वकीलों के तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सरकारी वकील से कड़े शब्दों में पूछा कि क्या यह बच्ची प्रदेश की लाड़ली बहना नहीं है? अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी।
Edited By: Naveen R Rangiyal

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हैरी केन का कमाल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हैरी केन ने इंग्लैंड की पहली जीत में अहम भूमिका निभाई। केन के दो दमदार गोल की बदौलत इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया। केन ने इन दो गोल के साथ ही खास उपलब्धि को भी अपने नाम कर लिया है।  

हैरी केन इंग्लैंड की ओर से फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने इस मामले में पूर्व कप्तान गैरी लिनेकर के रिकॉर्ड की बराबरी की। केन विश्व कप में अब लिनेकर के बराबर 10 गोल कर चुके हैं। इस मुकाबले से पहले लिनेकर की बराबरी करने के लिए केन को 2 गोल की दरकार थी। केन ने पहले ही हाफ में दो गोल करते हुए लिनेकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

केन ने 12वें मिनट में स्पॉट से अपना पहला गोल किया, जिससे वह टूर्नामेंट के इतिहास में पांच पेनल्टी (शूटआउट को छोड़कर) करने वाले पहले खिलाड़ी बने। वहीं, हाफ टाइम से ठीक पहले उन्होंने मैच में अपना दूसरा गोल दागा। हैरी केन ने साल 2018 में अपना पहला फीफा वर्ल्ड कप खेला था। इस विश्व कप में इंग्लैंड ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था और हैरी केन 6 गोल के साथ गोल्डन बूट जीतने में सफल रहे थे। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रहे थे। इसके बाद 2022 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और सेनेगल और फ्रांस के खिलाफ 2 गोल किए।

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हैरी केन इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। केन 2018 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल, 2020 और 2024 में यूरो कप का फाइनल खेलने वाली इंग्लैंड टीम का हिस्सा रहे हैं। केन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत भी शानदार अंदाज में की है। क्रोएशिया के खिलाफ केन के अलावा इंग्लैंड की तरफ से जूड बेलिंगहैम और मार्कस रैशफोर्ड ने एक-एक गोल दागा।

इंग्लैंड के लिए फीफा वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी

हैरी केन – 12 मैच में 10 गोल

गैरी लिनेकर – 12 मैच में 10 गोल

ज्योफ हर्स्ट – 6 मैच में 5 गोल

बॉबी चार्लटन – 14मैच में 4 गोल

माइकल ओवेन – 12 मैच में 4 गोल

डेविड बेकहम – 13 मैच में 3 गोल

स्टीवन गेरार्ड – 12 मैच में 3 गोल

मार्कस रैशफोर्ड – 11 मैच में 3 गोल

रोजर हंट – 6 मैच में 3 गोल

डेविड प्लैट – 6 मैच में 3 गोल

बुकायो साका – 4 मैच में 3 गोल

नेट लॉफ्टहाउस – 2 मैच में 3 गोल

Pic Credit : ANI

मोतीलाल ओसवाल ने सुझाए ये 5 दमदार स्टॉक्स! लिस्ट में SBI और टाटा स्टील भी शामिल, जानें ब्रोकरेज के नए टारगेट

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दिग्गज ब्रोकरेज फर्म 'मोतीलाल ओसवाल' (Motilal Oswal) ने बैंकिंग और मेटल सेक्टर में बहार आने की घोषणा करते हुए 5 दमदार स्टॉक्स की लिस्ट जारी की है, जिसमें SBI और टाटा स्टील जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा मैनकाइंड फॉर्मा, कमिंस इंडिया और ग्रो के नाम शामिल है। ALSO READ: 30,000 करोड़ का NSE IPO! टूट सकता है LIC और Hyundai का रिकॉर्ड, जानिए कौन बेच रहा है सबसे ज्यादा शेयर

 

क्या है टारगेट्स?

मोतीलाल ओसवाल ने SBI के लिए 1300 रुपए का टारगेट दिया है, जबकि ये गुरुवार को दोपहर 2.25 बजे यह 1,044.80 रुपए पर था। ब्रोकरेज फर्म ने टाटा स्टील के लिए 250 रुपए का टारगेट दिया है। इसकी कीमत 200 रुपए थी। मैनकाइंड फार्मा के लिए 2980 रुपए का टारगेट दिया गया है, यह 2401 रुपए पर था। ग्रो के लिए मोतीलाल ओसवाल ने 235 रुपए का टारगेट दिया है। इसका शेयर 200.4 रुपए पर था। कमिंस इंडिया के लिए 6600 रुपए का टारगेट है। इसके एक शेयर की कीमत 5,836 रुपए है।

 

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गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की वजह से पिछले 3 दिनों से शेयर बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। ऐसे में लोग यह जानना चाहते हैं कि इस स्थिति में बेहतर रिटर्न के लिए पैसा कहां लगाया जाए?

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।