ज्वेलरी पार्क प्रेजेंटेशन में गूंजा मेरठ का नाम, देश के प्रमुख कारोबार के रूप में मिलेगा मंच

Meerut’s name resonated during jewellery park presentation

Jewellery Park : मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन द्वारा मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) हॉल में प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क एवं फ्लैटेड फैक्टरी परियोजना का भव्य प्रेजेंटेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रस्तुत नक्शे और परियोजना की विस्तृत योजना को उपस्थित अतिथियों एवं व्यापारियों ने सराहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान मेरठ को देश के प्रमुख ज्वेलरी हब के रूप में विकसित करने की कर समृद्धि के द्वार खोलने की चर्चा की केंद्र रहा।

 

ज्वेलरी कारोबार को मिलेगा आधुनिक मंच

प्रेजेंटेशन में स्काईलाइन आर्किटेक्ट्स ने बताया कि प्रस्तावित वेदव्यासपुरी ज्वेलरी पार्क मेरठ के स्वर्ण, रजत एवं रत्न कारोबार को समर्पित एक अत्याधुनिक परियोजना होगी। इसका उद्देश्य कारीगरों, निर्माताओं, थोक व्यापारियों, खरीदारों एवं बड़े शोरूम संचालकों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ना है।

 

परियोजना में छोटे कारीगरों से लेकर बड़े व्यापारियों तक सभी के लिए अलग-अलग श्रेणी की यूनिट्स का प्रावधान किया गया है। भवन का बाहरी स्वरूप ज्वेलरी डिजाइन से प्रेरित होगा, जिसमें आधुनिक वास्तुकला के साथ कलात्मक नक्काशी और ग्लास फसाड का उपयोग किया जाएगा।

 

मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

प्रस्तावित परिसर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC), कॉन्फ्रेंस हॉल, ज्वेलरी म्यूजियम, बैंक, एनबीएफसी कार्यालय, बुलियन ट्रेडिंग डेस्क, कैफेटेरिया एवं रूफटॉप रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सुरक्षा व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

Meerut’s name resonated during jewellery park presentation

आम नागरिकों, व्यापारियों, कारीगरों एवं कीमती धातुओं के आवागमन के लिए अलग-अलग मार्ग और सुरक्षा प्रोटोकॉल निर्धारित किए जाएंगे। परिसर में अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था और सुरक्षित लॉजिस्टिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

 

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

परियोजना को GRIHA 5-स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। इसके तहत सोलर पैनल, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा दक्ष ग्लास, जल संरक्षण प्रणाली, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण तथा जीरो-वेस्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं शामिल की जाएंगी।

 

प्रस्तुति में बताया गया कि जिस प्रकार बेल्जियम हीरा व्यापार और दुबई स्वर्ण कारोबार के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, उसी प्रकार यह परियोजना मेरठ को ज्वेलरी उद्योग के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

अधिकारियों ने दिया सहयोग का भरोसा

एमडीए सचिव अर्पित गुप्ता ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली परियोजना होगी। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 

उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडेय ने आश्वासन दिया कि परियोजना को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सर्राफा व्यापारियों एवं आभूषण निर्माताओं को अधिकतम लाभ मिल सके।

GJEPC के रीजनल डायरेक्टर आशुतोष श्रीवास्तव ने भी केंद्र सरकार स्तर पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रस्तुत डिजाइन अद्वितीय है और इसे गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा किया जाना चाहिए।

 

व्यापारियों की जिज्ञासाओं का समाधान

प्रेजेंटेशन के बाद व्यापारियों ने परियोजना से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। नरेश माहेश्वरी ने शहर के सर्राफा बाजार के विकास को लेकर सवाल उठाया, जिस पर एमडीए सचिव ने स्वयं बाजार का निरीक्षण करने की बात कही।

 

आनंद प्रकाश द्वारा फायर सेफ्टी, मेंटेनेंस और भविष्य के मानकों को लेकर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए चीफ आर्किटेक्ट सिकंदर मसूद ने बताया कि परिसर में विश्वस्तरीय अग्निशमन उपकरण लगाए जाएंगे तथा सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि भवन का रखरखाव एक पेशेवर निजी एजेंसी द्वारा किया जाएगा। ज्वेलरी निर्माण के दौरान एकत्रित होने वाली धूल तथा एसटीपी से होने वाली आय का उपयोग भी मेंटेनेंस खर्च में किया जा सकेगा।

 

शम्मी सपरा के मूल्य संबंधी प्रश्न पर बताया गया कि परियोजना में यूनिट्स की कीमत लगभग 5000 रुपए प्रति वर्ग फुट से 20000 रुपए प्रति वर्ग फुट तक प्रस्तावित है, ताकि कारीगरों और मध्यम वर्गीय व्यापारियों को भी अवसर मिल सके।

 

कारीगरों के आवास संबंधी प्रश्न पर अर्पित गुप्ता ने बताया कि परियोजना के निकट एमआईजी आवास एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

 

तालियों की गूंज के साथ हुआ समापन

प्रेजेंटेशन के अंत में पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उपस्थित व्यापारियों और अतिथियों ने विश्वास जताया कि यह परियोजना मेरठ को ज्वेलरी उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।कार्यक्रम का संचालन एसोसिएशन के महामंत्री विजयआनन्द अग्रवाल ने किया।

इस अवसर पर मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के सचिव अर्पित गुप्ता, उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडेय, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, स्काईलाइन आर्किटेक्ट्स के चीफ आर्किटेक्ट सिकंदर मसूद तथा जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के रीजनल डायरेक्टर (नॉर्थ) आशुतोष श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

 

इसके अलावा मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के संरक्षक रवि प्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, उपाध्यक्ष राकेश प्रकाश अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, शम्मी सपरा तथा अन्य पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। वरिष्ठ बिल्डर अशोक गर्ग, आर्किटेक्ट विनय गोयल, चार्टर्ड अकाउंटेंट रमाकांत जैन एवं सौरभ जैन का भी सम्मान किया गया।
Edited By : Chetan Gour