व्यक्ति, समाज व राष्ट्र की आधारशिला है शिक्षा : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi stated that education is foundation stone of individual, society and nation

– शिक्षकों से बोले मुख्यमंत्री योगी- अगले 15 दिन खूब मेहनत कीजिए ताकि कोई बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रह जाए

– मुख्यमंत्री ने बताए बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत किए गए प्रयास व कार्य, ठोस नतीजों से भी अवगत कराया

– मुख्यमंत्री योगी ने सहारनपुर से किया राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ

– मुख्यमंत्री की अपील- बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें, स्कूल चलो अभियान को जनांदोलन का हिस्सा बनाएं

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर (कंपोजिट) से राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण (1 से 15 जुलाई) का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें। शिक्षा व्यक्ति, समाज व राष्ट्र की सुदृढ़ आधारशिला है। अच्छी शिक्षा ही सभ्य, संस्कारित नागरिक बनाती है और सही मार्ग दिखाती है।

अच्छी शिक्षा से ही अच्छे समाजसेवी, शिक्षक, प्रधानाचार्य, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्यमी, इंजीनियर, चिकित्सक, न्यायिक अधिकारी आदि निकलेंगे। देश के भविष्य को बनाने वाली भावी पीढ़ी जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़े, शिक्षा के कारण वह आत्मविश्वास से भरपूर होकर समाज व राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका का प्रभावी निर्वहन कर सकेगी।

 

नीयत साफ थी तो परिणाम भी अच्छे आए

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन व प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने स्कूल चलो अभियान प्रारंभ किया। सरकार की नीयत साफ थी तो परिणाम भी अच्छे आए। शिक्षा के उन्नयन के लिए सरकार की नीति स्पष्ट थी। सरकार बिना भेदभाव हर बच्चे तक योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ बढ़ी थी। 2017 में बेसिक शिक्षा परिषद में केवल 36 फीसदी विद्यालय ही पूरी तरह संतृप्त माने जा रहे थे।

उस समय टॉयलेट, पेयजल, फर्नीचर, लाइब्रेरी, लाइट, मिड डे मील आदि की समुचित व्यवस्था नहीं थी। तब ऑपरेशन कायाकल्प चलाकर मैंने जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, अधिकारियों से अपील की कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में व्यापक रूप से सुविधाएं उपलब्ध कराकर संतृप्तिकरण के लक्ष्य को पूरा किया जाए और उसके पैरामीटर तय किए जाएं। 

 

5 वर्ष में 96 फीसदी से अधिक विद्यालयों का संतृप्तिकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने तय किया कि हर स्कूल में बालक/बालिकाओं के लिए अलग टॉयलेट, पेयजल और मिड डे मील में प्रतिदिन का भोजन तय हो। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, सरकार की ओऱ से हर बच्चे को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें आदि देकर सभी सुविधाओं से आच्छादित किया जाए। विद्यार्थियों व शिक्षकों के अनुपात को ठीक किया जाए। इसके लिए अभियान प्रारंभ किया गया।

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इसका असर हुआ कि बेसिक शिक्षा विद्यालयों का 36 फीसदी का संतृप्तिकरण बढ़कर अगले पांच वर्ष में 96 फीसदी से अधिक हो गया। हर बच्चे को बैग, बुक, जूते-मोजे, स्वेटर, यूनिफॉर्म आदि मिलना प्रारंभ हुआ, परिणामस्वरूप नामांकन बढ़ा। 9 वर्ष में 60 लाख से अधिक बच्चे बेसिक शिक्षा परिषद में बढ़े और ड्राप आउट रेट 19-20 फीसदी से घटकर 3-4 फीसदी तक रह गया।

 

बच्चा स्कूल नहीं गया तो समाज व राष्ट्र की क्षति

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए आवश्यक है कि कोई भी बच्चा स्कूल से जाने से वंचित न रहे। कोई भी बच्चा यदि शिक्षा से वंचित है तो यह केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि समाज व राष्ट्र की भी क्षति है। इन्हीं बच्चों को समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में नेतृत्व देना है।

यहां बैठे जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक आदि भी कभी छात्र थे। सभी ने पढ़ाई की तो इस स्तर तक पहुंचे। यदि बच्चा पढ़ा-लिखा नहीं है तो समाज व राष्ट्र की अपूर्णीय क्षति करेगा और दिग्भ्रमित हो जाएगा। हमें ऐसी पीढ़ी खड़ी करनी है, जो राष्ट्र के कर्तव्यशील नागरिक के रूप में दायित्वों का निर्वहन कर सके।

 

हर तबके का दायित्व- कोई भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत की संकल्पना को पूरा कर समृद्ध समाज बनाने वाले जागरूक नागरिकों से अपील भी की। उन्होंने कहा कि यह दायित्व केवल उन्हीं परिवारों का नहीं है, जिन परिवारों में बच्चे हैं। राजनेता, सांसद, विधायक, पार्षद, ब्लाक प्रमुख, प्रधान, जिला पंचायत अध्य़क्ष, अधिकारी, शिक्षक, अधिवक्ता, व्यापारी, चिकित्सक समेत हर तबके का दायित्व है कि आसपास अवलोकन करें कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहने पाए। हर बच्चे को स्कूल पहुंचाना है, क्योंकि यह हमारा सामाजिक दायित्व व राष्ट्रीय कर्तव्य भी है। राष्ट्रीय कर्तव्य जब सामूहिकता के साथ निर्वहन होता है तो राष्ट्र प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है। 

 

स्कूल चलो अभियान को जनांदोलन का हिस्सा बनाएं

मुख्यमंत्री ने स्कूल चलो अभियान को अच्छी शुरुआत बताया। मुख्यमंत्री ने समाज के हर वर्ग से भी अपील की कि स्कूल चलो अभियान को जनांदोलन का हिस्सा बनाएं और हर बच्चे को स्कूल पहुंचाएं। बेसिक शिक्षा परिषद के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों का दायित्व है कि जिन बच्चों का एडमिशन हुआ है, उन्हें समय पर यूनिफॉर्म का पैसा, बैग, बुक्स, जूता-मोजा समेत आवश्यक सुविधाएं प्राप्त हों और पठन-पाठन का बेहतरीन माहौल हो। 

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हर विद्यालय में सुविधाएं उपलब्ध करा रही सरकार

मुख्यमंत्री योगी ने सरकार द्वारा बच्चों के लिए प्रारंभ किए गए विशेष अभियान का भी जिक्र किया। कहा कि सरकार हर विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, शिक्षकों को टैबलेट आदि तमाम सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद में डेढ़ लाख से अधिक दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण भी दिए गए। गत वर्ष 13 हजार से अधिक गंभीर व बहुदिव्यांग बच्चों को छह हजार रुपये प्रतिवर्ष एस्कॉर्ट अलाउंस, 23 हजार से अधिक दिव्यांग बालिकाओं को प्रतिवर्ष दो हजार रुपये स्टाइपेंड भी उपलब्ध कराया गया है। 

 

शिक्षा क्षेत्र में यूपी सरकार सतत कार्यरत

मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मोदी जी ने 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है। 26 वर्ष के पश्चात भारत ने यह नीति घोषित की। लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम के माध्यम से प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों को कौशल आधारित शिक्षा देना प्रारंभ किया गया है। प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय को 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार तथा अनुदेशकों के मानदेय को 9 हजार प्रतिमाह से बढ़ाकर 17 हजार किया है। हर शिक्षामित्र, शिक्षक, प्रधानाचार्य, रसोइया, अनुदेशक को पांच लाख रुपये वार्षिक कैशलेस इलाज की सुविधा घोषित की है। 

 

शिक्षकों से बोले मुख्यमंत्री- अगले 15 दिन खूब मेहनत कीजिए

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि अगले 15 दिन जमकर मेहनत कीजिए। ग्राम पंचायत, वार्ड में जाकर हर परिवार से मिलिए, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कीजिए कि किस स्कूल में अधिक से अधिक बच्चे आ सकते हैं। स्कूल में बेहतरीन माहौल दीजिए। बच्चों को प्यार से कविताओं, गानों, मुहावरों, लोकोक्तियों के माध्यम से सिखाने की नई पद्धति को जन्म देना होगा। यह शिक्षा बच्चों को जीवन भर याद रहेगी। 

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मां शाकंभरी की बरस रही विशेष कृपा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ मां शाकंभरी की पावन धरा पर हो रहा है। यह ईश्वरीय कृपा ही है कि देर रात्रि से यहां खूब बारिश हो रही है। किसानों के लिए अन्न भंडारण करने और भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए मां शाकंभरी की विशेष कृपा बरस रही है। 

 

इस अवसर पर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी, कुंवर बृजेश सिंह, विधायक मुकेश चौधरी, राजीव गुंबर, देवेंद्र कुमार निम, पूर्व सांसद राघव लखनपाल, प्रदीप चौधरी, सिडको के अध्य़क्ष वाईपी सिंह, भाजपा जिलाध्य़क्ष अजीत राणा आदि मौजूद रहे।

कतर्नियाघाट में इको-टूरिज्म को मिली नई उड़ान, 2025-26 में 12 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचे, 24 लाख रुपए से अधिक का राजस्व

kartinya ghat

योगी सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर इसका सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बेहतर प्रबंधन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के चलते कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

पर्यटन सत्र 2025-26 के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्रदेश में प्रकृति आधारित पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। पर्यटन सत्र 2025-26 में 12 हजार से अधिक पर्यटकों ने कतर्नियाघाट का भ्रमण किया।

 

 

24 लाख से अधिक का प्राप्त हुआ राजस्व

कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार की बात करें तो पर्यटन सत्र 2025-26 (नवंबर से जून) के दौरान 12,298 भारतीय तथा 33 विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया। इस अवधि में विभाग को 24 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पर्यटन गतिविधियों में बढ़ती रुचि का संकेत है।

 

जनवरी में आए सर्वाधिक पर्यटक 

पर्यटकों की दृष्टि से जनवरी सबसे व्यस्त महीना रहा। इस महीने में सर्वाधिक 2,980 भारतीय पर्यटक कतर्नियाघाट पहुंचे। राजस्व के लिहाज से नवंबर 2025 सबसे सफल महीना साबित हुआ। इस दौरान 4,78,484 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पूरे सत्र में सर्वाधिक रहा। दूसरी ओर फरवरी 2026 में 701 पर्यटकों का आगमन हुआ और 1,33,494 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पर्यटन सत्र के आखिरी महीने जून में 1,694  पर्यटक यहां घूमने आए। 

 

कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार का विवरण

माह       पर्यटक     राजस्व 

नवंबर    1047      478484 रुपये

दिसंबर   1944        375469 रुपये

जनवरी   2980      421977 रुपये

फरवरी   701       133494 रुपये

मार्च    1729         295784 रुपये

अप्रैल   887          194144 रुपये

मई    1349            204245 रुपये

जून   1694           296740 रुपये 

 

कुल योग

12331 पर्यटक    2400337 रुपये

CM योगी ने अखिलेश यादव को जन्मदिन की दी बधाई, एक्स पर प्रभु श्रीराम से आरोग्य और दीर्घायु की कामना की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव के आरोग्यता व दीर्घायु होने की कामना की। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बुधवार को जन्मदिन है। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। सीएम योगी ने लिखा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। प्रभु श्री राम से आपके लिए आरोग्यता और दीर्घायु की प्रार्थना है।

CNG वाहनों पर ईथेनॉल का क्या असर होगा? CNG Blending से फायदा या नुकसान?

ethanol

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पेट्रोल में 20% इथेनॉल (E20) मिलाने की सफलता के बाद, अब सरकार CNG में भी इथेनॉल ब्लेंडिंग (CNG Blending) पर तेज़ी से काम कर रही है। देश की दिग्गज गैस कंपनियां और रिसर्च इंस्टिट्यूट्स इस पर लगातार ट्रायल कर रहे हैं।

लेकिन एक आम गाड़ी मालिक के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है—”क्या CNG में इथेनॉल मिलने से मेरी गाड़ी का इंजन खराब हो जाएगा? इससे मुझे फायदा होगा या नुकसान?” आइए, ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और साइंटिफिक रिपोर्ट्स के आधार पर इसे आसान भाषा में समझते हैं।
 
1. क्या है CNG ब्लेंडिंग? (What is CNG Blending with Ethanol?)
आमतौर पर कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) में मुख्य रूप से मीथेन (CH4) होती है। CNG ब्लेंडिंग के तहत, इसमें एक निश्चित मात्रा में बायो-इथेनॉल या हाइड्रोजन जैसी गैसों को मिक्स किया जाएगा। शुरुआती चरणों में इसे 5% से 10% तक ब्लेंड करने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य महंगे गैस आयात (Import) को कम करना और पर्यावरण को साफ रखना है।

2. CNG वाहनों पर इथेनॉल का क्या असर होगा? (The Impact)
एक्सपर्ट्स के अनुसार, CNG में इथेनॉल ब्लेंडिंग का असर पेट्रोल के मुकाबले थोड़ा अलग होगा।

•    इंजन की परफॉर्मेंस: इथेनॉल का ऑक्टेन नंबर काफी हाई होता है। जब इसे CNG के साथ सही अनुपात में मिलाया जाएगा, तो यह इंजन के कम्बशन (Combustion) यानी ईंधन जलने की क्षमता को बेहतर कर सकता है।

•    पार्ट्स पर असर (Corrosion): इथेनॉल की एक खूबी होती है कि वह नमी (Moisture) को सोखता है। अगर ब्लेंडिंग की मात्रा तय लिमिट से ज्यादा हुई, तो यह पुराने CNG किट्स और इंजन के पाइप्स में जंग (Corrosion) का कारण बन सकता है। हालांकि, मौजूदा BS6 और आने वाले नए वाहनों को इसी को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

3. CNG Blending के फायदे (The Pros)
इस नई तकनीक से देश और आम जनता दोनों को बड़े फायदे होने की उम्मीद है:

ethanol

* कम हो सकती हैं कीमतें
भारत अपनी ज़रूरत की आधी से ज़्यादा नेचुरल गैस बाहर से खरीदता है। स्थानीय स्तर पर बने इथेनॉल को CNG में मिलाने से गैस की लागत कम होगी, जिससे आने वाले समय में CNG की कीमतें घट सकती हैं या स्थिर रह सकती हैं।

* पर्यावरण के लिए बेहद फायदेमंद
CNG पहले से ही एक क्लीन फ्यूल है, लेकिन इथेनॉल ब्लेंडिंग के बाद इससे होने वाला कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) और भी कम हो जाएगा। यह शहरों में बढ़ते प्रदूषण से निपटने में गेम-चेंजर साबित होगा।

* बेहतर इंजन एफिशिएंसी
सही मात्रा में ब्लेंडिंग से इंजन के अंदर फ्यूल ज्यादा अच्छी तरह बर्न होता है, जिससे गाड़ी का पिक-अप थोड़ा बेहतर हो सकता है।

4. CNG Blending के नुकसान और चुनौतियाँ (The Cons)
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। इस तकनीक के साथ कुछ चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं:

* माइलेज में मामूली गिरावट संभव
इथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी (Energy Density) शुद्ध CNG के मुकाबले थोड़ी कम होती है। इसका मतलब है कि ब्लेंडेड CNG से आपकी गाड़ी का माइलेज 3% से 5% तक कम हो सकता है।

* पुरानी गाड़ियों के लिए चुनौती
जिन लोगों ने बाहर से (Aftermarket) पुरानी और सस्ती CNG किट लगवाई है, उन्हें थोड़ी समस्या हो सकती है। इथेनॉल के कारण पुरानी रबर सील और पाइप जल्दी खराब हो सकते हैं।

क्या आपको डरने की ज़रूरत है?
घबराएं नहीं! ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और आईआईटी जैसे बड़े संस्थान इस ब्लेंडिंग का कड़ा परीक्षण कर रहे हैं। सरकार केवल उतनी ही मात्रा (संभावित 5%) ब्लेंड करेगी, जिससे मौजूदा CNG इंजनों को कोई नुकसान न पहुंचे।

सलाह: यदि आप आने वाले समय में नई CNG कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो हमेशा कंपनी-फिटेड (Company-fitted) CNG को प्राथमिकता दें, क्योंकि ये कारें भविष्य के हर तरह के फ्यूल बदलावों को झेलने के लिए पहले से ही अपग्रेड होती हैं।
आपको क्या लगता है, क्या CNG में इथेनॉल मिलाने का फैसला सही है? नीचे कमेंट करके अपनी राय ज़रूर शेयर करें!
Edited By: Naveen R Rangiyal

बेल्जियम की 10 मंजिला इमारत में भीषण आग, 200 लोगों से भरी थी बिल्डिंग, कई लोगों की दर्दनाक मौत

Massive fire has broken out in 10 story building in Antwerp Belgium

Massive fire in 10 storey building in Belgium : यूरोप के शांत और खूबसूरत देश बेल्जियम से एक दिल दहला देने वाली भयावह हादसे की खबर सामने आई है। यहां एंटवर्प शहर में 10 मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में कई लोगों की दर्दनाक मौत होने और झुलसने की खबरें हैं। हालांकि इस अग्निकांड में मृतकों और घायलों की सही संख्या का खुलासा नहीं हुआ है। खबरों के अनुसार, यह भीषण आग आज सुबह एंटवर्प के लिंकेरोएवर जिले में आवासीय बिल्डिंग की 8वीं मंजिल पर लगी। इस बिल्डिंग में 200 से अधिक लोग रह रहे थे।

 

मृतकों और घायलों की सही संख्या का नहीं हुआ खुलासा 

यूरोप के शांत और खूबसूरत देश बेल्जियम से एक दिल दहला देने वाली भयावह हादसे की खबर सामने आई है। यहां एंटवर्प शहर में 10 मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में कई लोगों की दर्दनाक मौत होने और झुलसने की खबरें हैं। हालांकि इस अग्निकांड में मृतकों और घायलों की सही संख्या का खुलासा नहीं हुआ है।

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10वीं मंजिल की बालकनी से लटकने को मजबूर हुए लोग 

खबरों के अनुसार, यह भीषण आग आज सुबह एंटवर्प के लिंकेरोएवर जिले में आवासीय बिल्डिंग की 8वीं मंजिल पर लगी। इस बिल्डिंग में 200 से अधिक लोग रह रहे थे। भयावह अग्निकांड के दौरान इस बिल्डिंग से जब निकलने के सारे रास्ते बंद हो गए तो लोग जान बचाने के लिए 10वीं मंजिल की बालकनी से लटकने को मजबूर हो गए।

 

पूरी इमारत को खाली कराया

घटना के बाद दमकल और बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरी इमारत को खाली कराया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। स्थानीय पुलिस ने इस दर्दनाक घटना की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, 10 मंजिला इस इमारत में 200 से अधिक लोग रहते हैं।

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भयावह अग्निकांड की हो रही जांच

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और न ही हताहतों की सटीक संख्या का खुलासा किया गया है। बचाव अभियान जारी है और अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। प्रशासन ने आसपास रहने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए धुएं के कारण घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने की अपील की है।

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मृतकों और घायलों की सही संख्या का नहीं हुआ खुलासा 

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खबरों के अनुसार, यह भीषण आग आज सुबह एंटवर्प के लिंकेरोएवर जिले में आवासीय बिल्डिंग की 8वीं मंजिल पर लगी। इस बिल्डिंग में 200 से अधिक लोग रह रहे थे। भयावह अग्निकांड के दौरान इस बिल्डिंग से जब निकलने के सारे रास्ते बंद हो गए तो लोग जान बचाने के लिए 10वीं मंजिल की बालकनी से लटकने को मजबूर हो गए।

 

पूरी इमारत को खाली कराया

घटना के बाद दमकल और बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरी इमारत को खाली कराया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। स्थानीय पुलिस ने इस दर्दनाक घटना की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, 10 मंजिला इस इमारत में 200 से अधिक लोग रहते हैं।

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फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और न ही हताहतों की सटीक संख्या का खुलासा किया गया है। बचाव अभियान जारी है और अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। प्रशासन ने आसपास रहने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए धुएं के कारण घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने की अपील की है।

सुबह फोड़ा लेटर बम, दोपहर में पलटे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कहा, मुझे नहीं पता, जिसने छापा उसी अखबार से पूछो

Kailash Vijayvargiya

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की वायरल चिठ्ठी से मध्‍यप्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। हालांकि कैलाश विजयवर्गीय की जो चिठ्ठी सुबह एक अखबार में खबर बनकर वायरल हुई उसे लेकर दोपहर तक मंत्री विजयवर्गीय ने अपनी तरफ से बयान देकर ऐसी किसी भी चिठ्ठी लिखने की बात से इनकार किया है।

दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखी गई कथित वायरल चिट्ठी पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी चिट्ठी की जानकारी नहीं है और जिस अखबार ने खबर प्रकाशित की है, उसी से पूछना चाहिए। इस बीच कांग्रेस नेताओं ने कथित पत्र को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब इंदौर से प्रकाशित एक अखबार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखी गई एक कथित चिट्ठी प्रकाशित होने का दावा किया गया। पत्र में इंदौर की उपेक्षा, विकास कार्यों में असहयोग और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शहर को प्राथमिकता नहीं मिलने जैसे मुद्दे उठाए गए थे। हालांकि, इस पूरे मामले पर कैलाश विजयवर्गीय ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी चिट्ठी की जानकारी होने से इनकार कर दिया।

कहां से लाते हो ये जानकारी : मीडिया ने जब वायरल पत्र को लेकर उनसे सवाल किया तो विजयवर्गीय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “कहां से लाते हो ये जानकारी? कौन-सा पत्र? जिस अखबार ने खबर छापी है, उसी से पूछिए।” दोबारा सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने भी खबर पढ़ी है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि ऐसी बातें कहां से लिख दी जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में वही लोग जवाब दे सकते हैं जिन्होंने यह खबर प्रकाशित की है।

क्‍या है कथित चिठ्ठी में : वायरल पत्र में दावा किया गया था कि विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में इंदौर के मास्टर प्लान में देरी, उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन में इंदौर की अनदेखी, पीथमपुर में औद्योगिक सुविधाओं की कमी, इंदौर एयरपोर्ट विस्तार और सिंहस्थ परियोजनाओं में शहर की उपेक्षा जैसे मुद्दे उठाए हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि जल संकट के दौरान इंदौर को अपेक्षित राहत नहीं मिली। हालांकि विजयवर्गीय ने इन दावों की पुष्टि नहीं की, लेकिन इस कथित पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय के प्रति सहानुभूति जताई और मुख्यमंत्री पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा। वहीं कांग्रेस नेता के.के. मिश्रा ने भी कथित पत्र को इंदौर के हित में उठाई गई साहसिक आवाज बताया।

बता दें कि विजयवर्गीय पहले भी इंदौर से जुड़े विकास कार्यों और प्राथमिकता के मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। हालांकि, वायरल पत्र की सत्यता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और स्वयं विजयवर्गीय ने भी इसकी जानकारी से इनकार किया है। ऐसे में यह मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार या भाजपा संगठन की ओर से इस पूरे विवाद पर आगे क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है। 

अयोध्या कांड में जीजा-साले निकले महाचोर, दान चोरी में अब होगी ED और IT की एंट्री

Ayodhya Ram Mandir donation theft

Ayodhya Ram Mandir donation theft: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अयोध्या पुलिस की जांच में एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने आस्था के केंद्र पर लगे इस दाग को और गहरा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, मंदिर में सबसे बड़ी चोरी साल 2025 की शुरुआत में आयोजित हुए कुंभ मेले के दौरान हुई, जब देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के चढ़ावे से रामजी का खजाना लबालब था। इस महाघोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इनकम टैक्स (IT) विभाग की एंट्री होने जा रही है, क्योंकि चोरी के पैसों से आधे दर्जन से ज्यादा प्रॉपर्टी खरीदने और कंबलों में नोटों की गड्डियां छिपाने की बात सामने आई है।

 

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पहले से ही छोटी-मोटी चोरियां कर रहे थे। लेकिन साल 2025 की शुरुआत में जब कुंभ मेले के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा और दान में भारी उछाल आया, तो आरोपियों की नीयत पूरी तरह डोल गई। उन्होंने इस सुनहरे मौके का फायदा उठाकर आपस में साठगांठ की और करोड़ों रुपए के चढ़ावे पर हाथ साफ कर दिया। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….

जीजा-साले ने खरीदीं आधा दर्जन संपत्तियां

इस खेल के सबसे बड़े आरोपी रिश्ते में जीजा-साले हैं। गिरफ्तार आरोपी लवकुश मिश्रा और उसके जीजा अनुकल्प मिश्रा ने मिलकर सबसे ज्यादा कैश उड़ाया। पाप की इस कमाई से उन्होंने देखते ही देखते आधे दर्जन से अधिक अवैध संपत्तियां खरीद लीं, जिसे पुलिस ने ट्रैक कर लिया है।

 

मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अभिषेक के एक योग केंद्र पर जब पुलिस ने रेड मारी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं। वहां रखे चार बड़े बक्सों में नोटों की गड्डियों को बड़ी चालाकी से कंबलों के अंदर छिपाकर रखा गया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इनमें से एक बक्से पर बाकायदा 'राम राज्य कोष' लिखा हुआ था। ALSO READ: चढ़ावा चोरी के आरोपियों को झटका, अयोध्या का कोई वकील नहीं करेगा पैरवी

चंपत राय के ड्राइवर के घर भी मिला कैश

इस पूरे स्कैम का सबसे सनसनीखेज पहलू है आरोपी टिन्नू यादव की गिरफ्तारी। टिन्नू यादव कोई और नहीं, बल्कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का निजी ड्राइवर था। ड्राइवर होने के नाते उसकी पहुंच बहुत अंदर तक थी और उसी के पास नोटों की गिनती वाले अति-सुरक्षित कमरे की एक चाबी रहती थी। टिन्नू के घर से भी पुलिस को भारी मात्रा में कैश मिला है।

अब ED और IT कसेंगे शिकंजा

यह मामला अब सिर्फ स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं रहा। पुलिस अब इस पूरे मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन के रास्ते) की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पत्र लिख रही है, जबकि अवैध संपत्तियों की जांच के लिए इनकम टैक्स विभाग की मदद ली जा रही है। यही नहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कुछ कर्मचारी भी पुलिस के रडार पर हैं, क्योंकि तिजोरी की चाबी रखने वाले बैंक स्टाफ की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी चोरी मुमकिन ही नहीं थी। आरोपियों के खातों में उनकी वैध कमाई से कई गुना ज्यादा का लेन-देन मिला है। इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी 89 लाख रुपए की हुई है। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

क्या है अयोध्या से जुड़ा यह पूरा मामला? 

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और उद्घाटन के बाद से ही देश-विदेश से हर दिन लाखों श्रद्धालु यहां आ रहे हैं। इस वजह से मंदिर के दानपात्रों और काउंटरों पर हर महीने करोड़ों रुपए का नकद और चेक के माध्यम से दान आता है। इन पैसों को गिनने के लिए मंदिर परिसर में एक स्पेशल काउंटिंग रूम बनाया गया है, जहां बैंक के अधिकारी और ट्रस्ट के भरोसेमंद लोग मौजूद रहते हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब मंदिर ट्रस्ट को ऑडिट और रूटीन चेकिंग के दौरान दान में आई रकम और बैंक में जमा हुई राशि के आंकड़ों में बड़ा अंतर (मिसमैच) नजर आया।

 

इसके बाद ट्रस्ट ने आंतरिक स्तर पर जांच शुरू की। पुलिस में औपचारिक FIR दर्ज होने से पहले ही ट्रस्ट ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर 89 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि बरामद कर ली थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए टिन्नू यादव (ड्राइवर), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और अविनाश शुक्ला समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी हो चुका है।

 

सीएम डॉ. मोहन यादव का नवकरणीय ऊर्जा पर फोकस, कहा- नए अध्याय की शुरुआत कर रहा एमपी

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली स्थित एमपी भवन में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा  उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में प्री-बिड मीटिंग का आयोजन किया गया है। मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है। उन्होंने बताया कि दावोस में की गई घोषणा के अनुरूप प्रदेश 24 घंटे हरित ऊर्जा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव तथा विभिन्न कपंनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना ने देश में सबसे कम सौर टैरिफ स्थापित कर भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। शाजापुर-नीमच सौर परियोजनाओं ने 2.14 रुपये प्रति यूनिट का प्रदेश में सबसे कम टैरिफ अर्जित किया। हाल ही में मुरैना में चार घंटे की स्टोरेज परियोजना के लिए 2.70 रुपये प्रति यूनिट पर पीपीए हुआ, यह देश की सबसे प्रतिस्पर्धी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतियां, त्वरित निर्णय और उत्कृष्ट अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से मध्य प्रदेश की ऊर्जा क्रांति के सहभागी बनने का अनुरोध किया।

 

ऊर्जा में आत्मनिर्भरता है हमारा लक्ष्य-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केवल परियोजनाएं स्थापित करना नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाना राज्य सरकार का उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना और सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयास से 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास की दिशा में ऐतिहासिक सिद्ध होगी। नई दिल्ली की प्री-बिड मीटिंग में टाटा पावर, रिलायंस एनर्जी, टोरेंट पावर, जिंदल रिन्युएबल, एन.टी.पी.सी., अडानी ग्रीन्स, हिन्दुस्तान पॉवर, महिंद्रा सिस्टम आदि के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

ट्रेन छूट गई तो हंस की बस पकड़ी थी इंदौर की भूमि ने, पिता बेटी का इंतजार करते रह गए, वो नहीं उसकी मौत आ गई

bhumo bhor

राजस्‍थान के दौसा में हुए दर्दनाक बस हादसे ने इंदौर के एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए चली गईं। इस हादसे में मसूरी घूमकर लौट रही 20 साल की भूमि भौर की भी जान चली गई। जबकि उसकी दो सहेलियां घायल हुई हैं। घर पहुंचने से पहले उसने पिता से कहा था कि सुबह तक घर पहुंच जाऊंगी, लेकिन पिता इंतजार ही करते रह गए और बेटी भूमि हमेशा के लिए चली गई।

राजस्थान के दौसा जिले में हुए भीषण बस हादसे में इंदौर की 20 वर्षीय भूमि भौर की दर्दनाक मौत हो गई। भूमि अपनी दो सहेलियों दिशा और लिसा के साथ छह दिन पहले मसूरी घूमने गई थी। वहां से मंगलवार को तीनों इंदौर लौट रही थीं।

ट्रेन छूट गई थी तो बस ली थी : सहेलियों ने पहले ऋषिकेश से ट्रेन से इंदौर आने के लिए टिकट बुक कराए थे, लेकिन समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाने के कारण उनकी ट्रेन छूट गई। इसके बाद तीनों ने हंस ट्रैवल्स की बस से इंदौर लौटने का फैसला किया। रवाना होने से पहले भूमि ने अपने पिता से फोन पर बात की थी। उसने बताया था कि वह बस में बैठ चुकी है और बुधवार सुबह घर पहुंच जाएगी। परिवार उसके सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन सुबह उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।

भूमि परिवार की सबसे बड़ी संतान थी। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटी बहन और एक छोटा भाई हैं। वह इंदौर के एक निजी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। करीब एक माह पहले उसने अपनी सहेलियों के साथ मसूरी घूमने का कार्यक्रम बनाया था।

भूमि की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। दादा का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों ने बताया कि भूमि बेहद हंसमुख और मिलनसार स्वभाव की थी और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती थी। हादसे में भूमि की दोनों सहेलियां दिशा और लिसा घायल हुई हैं। उनका इलाज दौसा जिला अस्पताल में चल रहा है। उनके परिजन भी दौसा के लिए रवाना हो गए हैं। इसी हादसे में पत्रकार चंदू गुप्ता घायल हुए हैं, जबकि उनकी पत्नी निर्मला गुप्ता की मौत हो गई।
Edited By: Naveen R Rangiyal