संसद के मानसून सत्र में मोदी-शाह की जोड़ी फिर रचेगी इतिहास?

2014 में केंद्र में सत्ता में आई मोदी सरकार पिछले 12 सालों में बड़े फैसलों से संसदीय इतिहास के पन्नों में अगस्त माह को नए ढंग से दर्ज करती आई है। इस बार भी संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरु होने की संभावना है जो अगस्त तक चलेगा। संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार कई अहम विधयकों को सदन में पेश कर सकती है। पिछले बजट सत्र में परिसीमन बिल पर जिस तरह से सरकार को मुंह की खानी पड़ी थी उसके बाद अब मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रही है।


मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के मानसून सत्र में कई अहम संवैधानिक संशोधन विधेयकों को सदन की पटल पर रखने की तैयारी में है। मानसून सत्र में सरकार का मुख्य ध्यान उन विधेयकों पर है जो पिछले बजट सत्र  में सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं होने के कारण पारित नहीं हो सके थे। ऐसे में यह सवाल अब सियासी गलियारों में चर्चा के केंद्र में है कि मोदी सरकार क्या इस बार फिर अगस्त महीने में देश में एक नया सियासी इतिहास रचेगी। 

 

परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण-सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा अब जोरों से  है कि मोदी सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव में नए परिसीमन और महिला आरक्षण के साथ जाना चाहती है। इसलिए सरकार मानसून सत्र में इससे जुड़ा विधेयक लाने की तैयारी में है। गौरतलब है कि पिछले बजट सत्र में सरकार को तब बड़ा झटका लगा था जब लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिला आरक्षण को जल्द लागू करने से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक,सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत न होने के कारण गिर गया था। इसके साथ ही सरकार को परिसीमन विधेयक भी वापस लेना पड़ा था।

सियासी गलियारों में चर्चा है कि मानसून सत्र में मोदी सरकार 132वें संविधान संशोधन विधेयक के रूप में परिसीमन को दोबारा पेश करने जा रही है। इस बार दक्षिण भारतीय राज्यों के कड़े विरोध और उनकी चिंताओं को देखते हुए बिल में कुछ बड़े बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व का संतुलन बना रहे। इसके पारित होने से साल 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा की सीटों में बड़ी वृद्धि का रास्ता साफ होगा।

 

पीएम-सीएम जेल में रहने पर हटाने संबंधी विधेयक- मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में  प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री रिमूवल बिल लाने जा रहा है। इस प्रस्तावित कानून के तहत यदि देश के प्रधानमंत्री, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या केंद्र व राज्य सरकार के किसी मंत्री को किसी गंभीर अपराध (जैसे भ्रष्टाचार) के मामले में गिरफ्तार किया जाता है और वे लगातार 30 दिनों तक न्यायिक या पुलिस हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें स्वतः ही उनके पद से हटा दिया जाएगा। इस विधेयक की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को अंतिम  मंजूरी दे सकती है, जिसके तुरंत बाद इसे 20 जुलाई से शुरू होने वाले सत्र में पेश किया जाएगा।

 

एक देश, एक चुनाव पर निर्णायक कदम- देश में लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार 'समान चुनाव विधेयक' (129वां संविधान संशोधन) को इस सत्र में मुख्य एजेंडे के रूप में आगे बढ़ा सकती है। यह विधेयक फिलहाल संसदीय समिति के पास समीक्षा के अधीन है। माना जा रहा है कि सरकार इस मानसून सत्र के दौरान समिति की रिपोर्ट पटल पर रखवाकर इस पर व्यापक चर्चा कराएगी और इसे पारित कराने का पूरा प्रयास करेगी।

 

मानसून सत्र में मोदी सरकार की अग्निपरीक्षा- मानसून सत्र में सरकार को अगर इन अहम विधयकों को पास कराना होगा, तो उसके सामने पहली बड़ी चुनौती दो तिहाई बहुमत जुटाना है। लोकसभा में अभी सरकार के पास दो तिहाई बहुमत नहीं है, ऐसे में उसके सामने पहला लक्ष्य सदन में आवश्यक बहुमत का जुगाड़ करना है। पिछले दिनों लोकसभा में NDA की सदस्य संख्या में उस वक्त  इजाफा हुआ है जब टीएमसी  के 20 सांसद और उद्वव ठाकरे की पार्टी के  6 सांसद अपने पार्टी से बगावत कर NDA के साथ आ गए है। इन सांसदों  के आने के बाद भी अभी सरकार सदन में दो तिहाई  बहुमत के 360 के आंकड़े से बहुत दूर है।

ऐसे में सदन में बहुमत जुटाने के लिए बीजेपी की नजर अब एनसीपी, समाजवादी पार्टी और डीएमके जैसी क्षेत्रीय पार्टियों पर टिकी है। तृणमूल कांग्रेस के 20 और शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसदों द्वारा संसद में अलग गुट की मान्यता मांगने के मामले पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का फैसला इसी सत्र के दौरान आ सकता है। यदि इन बागी धड़ों को अलग गुट के रूप में मान्यता मिलती है, तो संसद में विपक्षी संख्याबल कमजोर होगा और सरकार के लिए दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा जुटाना बेहद आसान हो जाएगा। 

 

अगस्त और मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसले- बीते 12 सालों में मोदी सरकार ने अगस्त महीने में ऐसे बड़े फैसले किए है जिसने देश के पूरे राजनीतिक और समाजिक परिदृश्य को  बदल दिया है। अगस्त 2019 मोदी सरकार ने तीन तलाक पर कानून बनाया था। 2019 दूसरी बार सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने संसद के अपने पहले सत्र में इस कानून को पास कराकर 1 अगस्त 2019 को मुस्लिम महिलाओं को एक नई आजादी दे दी थी।  इसके साथ ही मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर में धारा 370 को हटाने का ऐतिहासिक फैसला किया था वहीं 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर की आधारशिला अपने हाथों से रख कर 5 अगस्त की तारीख को इतिहास में दर्ज के साथ 1980 से भाजपा के गठन के बाद देश की जनता से उसके सबसे बड़े चुनावी वादे को पूरा कर दिया था।

CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज होगी झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक

Cabinet meeting will be held today under chairmanship of Jharkhand Chief Minister Hemant Soren

Chief Minister Hemant Soren : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज शाम कैबिनेट की अहम बैठक होगी। यह बैठक प्रोजेक्ट भवन में शाम 4 बजे से शुरू होगी। बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा होगी। बैठक में कई कल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना है। झारखंड में नई औद्योगिक नीति शीघ्र ही लांच होगी और इस बार अभी तक औद्योगिक गतिविधियों से दूर रहे संताल परगना क्षेत्र को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए आज कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। कैबिनेट की बैठक में नई औद्योगिक नीति और टेक्सटाइल पालिसी के ड्राफ्ट पर निर्णय हो सकता है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज शाम कैबिनेट की अहम बैठक होगी। यह बैठक प्रोजेक्ट भवन में शाम 4 बजे से शुरू होगी। बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा होगी। बैठक में कई कल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना है।

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झारखंड में नई औद्योगिक नीति शीघ्र ही लांच होगी और इस बार अभी तक औद्योगिक गतिविधियों से दूर रहे संताल परगना क्षेत्र को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए आज कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। कैबिनेट की बैठक में नई औद्योगिक नीति और टेक्सटाइल पालिसी के ड्राफ्ट पर निर्णय हो सकता है।

उद्योग विभाग इसी दृष्टिकोण से नई औद्योगिक नीति और टेक्सटाइल पालिसी को तैयार कर रहा है। राज्य सरकार की ओर से नई दिल्ली में निवेशक सम्मेलन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। नई नीति का ड्राफ्ट तैयार कर इस पर निवेशकों की राय ली जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। संताल परगना को हवाई मार्ग और रेल मार्ग के साथ-साथ जल मार्ग से व्यवसाय के अवसर भी मिल रहे हैं।

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राज्य सरकार की कोशिश है कि इस बात की अधिक से अधिक मार्केटिंग की जाए और इसके माध्यम से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के अवसर तो मिलेंगे ही, पूर्वी भारत में औद्योगिक गतिविधियों का नया केंद्र तैयार होगा।

Mumbai Rain Live Updates: मुंबई में रेड अलर्ट, दिल्ली में भारी बारिश; देखें आपके इलाके का हाल

heavy rain

Mumbai Rain Red Alert: देश के दो सबसे बड़े महानगरों—मुंबई और दिल्ली—में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जबकि दिल्ली-NCR में भी सुबह से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

क्या आपकी सोसाइटी या दफ्तर के रास्ते में भी भर गया है पानी? मुंबई में रेड अलर्ट के बीच घर से निकलने से पहले जान लें मौसम विभाग (IMD) की ये चेतावनी और अपने शहर के लाइव ट्रैफिक का हाल!

मुंबई में आफत की बारिश: 'रेड अलर्ट' जारी, अगले 24 घंटे भारी
मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और कोंकण क्षेत्र के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है।

• कहां सबसे ज़्यादा ख़तरा? हिंदमाता, सायन, अंधेरी सबवे, और कुर्ला जैसे पारंपरिक जलभराव वाले इलाकों में घुटनों तक पानी भर चुका है।

• लोकल ट्रेन और बेस्ट बसें: सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे लाइनों पर लोकल ट्रेनें 15 से 20 मिनट की देरी से चल रही हैं। वहीं, बेस्ट (BEST) बसों के रूट्स को भी कई जगहों पर डायवर्ट किया गया है।

मुंबई ट्रैफिक पुलिस की सलाह: मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें। अंधेरी सबवे को एहतियातन यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

heavy rain

दिल्ली-NCR में मानसून की पहली जोरदार दस्तक, लगा लंबा जाम
सिर्फ आर्थिक राजधानी ही नहीं, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम (Gurugram) में भी आज सुबह से भारी बारिश हो रही है। इस बारिश ने भीषण गर्मी से तो राहत दी है, लेकिन दफ्तर जाने वालों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है।

दिल्ली-NCR के मुख्य अपडेट्स:
• ट्रैफिक एडवायजरी: धौला कुआं, आईटीओ (ITO), और रिंग रोड पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जलभराव के कारण कुछ रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी है।

• तापमान में गिरावट: भारी बारिश के कारण दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री नीचे लुढ़क गया है।

IMD का ताजा बुलेटिन: इन राज्यों में भी अलर्ट जारी
मौसम विभाग के महानिदेशक के मुताबिक, मॉनसून की ट्रफ लाइन इस समय सक्रिय स्थिति में है, जिसके कारण अगले 48 घंटों तक उत्तर और पश्चिम भारत में भारी से बहुत भारी
बारिश होने की संभावना है।

शहर/राज्य अलर्ट का प्रकार संभावित प्रभाव
मुंबई और ठाणे रेड अलर्ट (Red Alert) भारी जलभराव, लोकल ट्रेनें प्रभावित
दिल्ली-NCR  ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति
गुजरात और गोवा  येलो/ऑरेंज अलर्ट तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश

घर से निकलने से पहले बरतें ये सावधानियां (Safety Tips)
1. लाइव ट्रैफिक अपडेट्स देखें: निकलने से पहले गूगल मैप्स और स्थानीय ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स (जैसे @MumbaiPolice या @GTPTraffic) को जरूर चेक करें।

2. खुले तारों और मैनहोल से बचें: जलभराव वाले रास्तों पर चलते समय बिजली के खंभों और खुले हुए गटर/मैनहोल से दूरी बनाकर रखें।

3. गाड़ी चलाते समय रखें ध्यान: पानी से भरी सड़कों पर गाड़ी की रफ्तार धीमी रखें और इमर्जेंसी इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करें।

पाठकों के लिए जरूरी सूचना
यह लाइव ब्लॉग मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारियों के आधार पर अपडेट किया जा रहा है। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और सुरक्षित रहें। अपने इलाके की लाइव स्थिति जानने के लिए हमारे पेज को रीफ्रेश करते रहें।

Weather Update : दिल्‍ली पहुंचा मानसून, महाराष्‍ट्र में बारिश से हाल बेहाल, 19 राज्यों में IMD का अलर्ट

Rain likely in 19 states including Madhya Pradesh

Weather Update News : दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली में कदम रख दिया है, जिससे कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। इस बारिश ने गर्मी से बेहाल दिल्लीवासियों को राहत दी है। IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना है। शहरवासियों को भारी बारिश और संभावित आंधी के लिए सतर्क किया है। वहीं महाराष्‍ट्र के मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुंबई में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया। पालघर में आज स्कूल बंद है। मुंबई में दोपहर 1.45 बजे हाई टाइड की चेतावनी भी दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आज मध्‍य प्रदेश समेत 19 राज्यों में बारिश होने की संभावना है। 

 

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली में कदम रख दिया है, जिससे कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। इस बारिश ने गर्मी से बेहाल दिल्लीवासियों को राहत दी है। IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना है। शहरवासियों को भारी बारिश और संभावित आंधी के लिए सतर्क किया है। वहीं महाराष्‍ट्र के मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

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मुंबई में हाई टाइड का अलर्ट

मुंबई में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया। पालघर में आज स्कूल बंद है। मुंबई में दोपहर 1.45 बजे हाई टाइड की चेतावनी भी दी गई है। इस दौरान समुद्र में 14 फुट ऊंची लहरें उठ सकती हैं। दादर स्टेशन पर रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गए। लोकल ट्रेनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के ज्यादातर हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है।

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आज मध्‍य प्रदेश समेत 19 राज्यों में बारिश होने की संभावना है। कई राज्यों में भारी बारिश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी भारत के राज्यों में भारी बारिश और आंधी का कहर देखने को मिलेगा। झारखंड के साहेबगंज,पाकुड़, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, रांची, पलामू, खूंटी, गुमला, श्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, दुमका, साहेबगंज और हजारीबाग में आज भारी बारिश, तूफान और ओले की चेतावनी जारी की गई है।

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इंदौर में जमकर हुई बारिश

इंदौर में बुधवार को जमकर बारिश हुई। बारिश और सड़कों पर जलजमाव ने शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बिगाड़ दी। बारिश के बाद प्रमुख सड़कें और चौराहे पानी से भर गए, जिससे पूरे शहर में जाम की स्थिति बन गई। पश्चिमी क्षेत्र से लेकर पूर्वी हिस्से तक वाहन घंटों रेंगते रहे।

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बारिश के दौरान कई चौराहों के यातायात सिग्नल अचानक बंद हो गए। इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। मध्य प्रदेश के विदिशा, रायसेन, विदिशा, छिंदवाड़ा, इंदौर, बालाघाट, सिवनी और मुरैना में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, शिमला,किन्नौर, सिरमौर, कुल्लू, मंडी और ऊना में आज बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

 

भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

उत्‍तर प्रदेश के बिजनौर, मेरठ, सहारनपुर, बदायूं, रामपुर, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, ज्योतिबाफुले नगर, बरेली, हरदोई, फतेहपुर, कानपुर, रायबरेली, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर और सोनभद्र में आज भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है।

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राजस्थान के चुरू, अलवर, उदयपुर, अजमेर, धोलपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, भरतपुर, चुरू, दौसा, फलोदी और जयपुर में आज भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। जम्मू-कश्मीर के कठुआ, डोडा, मिरपुर, कुलगाम, किश्तवाड़ में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी है।

1 July से बदल गए 6 बड़े नियम: Aadhaar, Passport से लेकर Credit Card तक, आपकी जेब पर सीधा असर

rules changes from 1st july

1 July New Financial Rules 2026: नया महीना अपने साथ कई बड़े वित्तीय और नीतिगत बदलाव लेकर आया है। 1 जुलाई 2026 से देश में बैंकिंग, पासपोर्ट और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। अगर आप इन बदलावों से अनजान हैं, तो आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। ALSO READ: 25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते, GSTघटाकर 5% करने की सिफारिश
 

अगर आपके पास HDFC या SBI का क्रेडिट कार्ड है, या आप नया पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं, तो रुकिए! 1 जुलाई से आपकी जेब ढीली होने वाली है। आइए जानते हैं RBI, UIDAI और प्रमुख बैंकों द्वारा जारी किए गए उन 6 बड़े बदलावों के बारे में, जो सीधे आपके बजट को प्रभावित करेंगे।

 

1. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: फीस में बढ़ोतरी

विदेश यात्रा का सपना देखने वालों के लिए पहला झटका पासपोर्ट ऑफिस से आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के नए सर्कुलर के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की फीस में बढ़ोतरी कर दी गई है:

  • नॉर्मल कैटेगरी : इसकी फीस 1,500 रुपए से बढ़ाकर अब 1,800 रुपए कर दी गई है।
  • तत्काल पासपोर्ट: इसके लिए अब आपको 3,500 रुपए की जगह 4,000 रुपए खर्च करने होंगे।

 

2. Aadhaar Card: ईमेल आईडी अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए UIDAI ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक आधार कार्ड में ईमेल आईडी लिंक या अपडेट कराना पूरी तरह से मुफ्त होगा।

नोट: इससे पहले इस सर्विस के लिए 50 रुपए का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसमें 50 रुपए की सीधी छूट मिलेगी। हालांकि, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क लागू रहेगा।

 

changes in july

3. Credit Card Lounge Access: अब खर्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

अगर आप क्रेडिट कार्ड के जरिए एयरपोर्ट लाउंज (Airport Lounge) का मुफ्त फायदा उठाते थे, तो अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। SBI Card और HDFC बैंक समेत कई बड़े दिग्गजों ने अपने नियम कड़े कर दिए हैं:

  • नया नियम: अब अगली तिमाही (Quarter) में मुफ्त लाउंज एक्सेस पाने के लिए चालू तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए की स्पेंडिंग (खर्च) करना अनिवार्य होगा।
  • पहले यह लिमिट 35,000 रुपए से 50,000 रुपए के बीच हुआ करती थी।


4. RBI का 'मिस-सेलिंग' पर नया डंडा: लोन और इंश्योरेंस के नियम सख्त

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बैंकों की मनमानी से बचाने के लिए 'मिस-सेलिंग' (Mis-selling) पर नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।

  • अब कोई भी बैंक या एजेंट आपको लोन देते समय जबरन कोई इंश्योरेंस पॉलिसी या अनचाहा कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट नहीं बेच सकता।
  • अगर कोई बैंक ऐसा करता है, तो ग्राहक सीधे RBI लोकपाल (Ombudsman) से शिकायत कर सकते हैं, और बैंक पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

    1 july changes

 

5. स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) की ब्याज दरें

वित्त मंत्रालय ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा की है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की दरों को इस बार स्थिर रखा गया है। हालांकि, कुछ चुनिंदा फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FD) की दरों में 0.10% का मामूली बदलाव किया गया है, जिसकी पूरी लिस्ट आप पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

 

6. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

पेंशन फंड नियामक PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत ट्रांजैक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। 1 जुलाई से सभी NPS खातों में लॉगिन करने के लिए आधार-आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) पूरी तरह अनिवार्य हो गया है। इसके बिना यूजर्स अपने अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

 

टेकअवे (Takeaway)

जुलाई के इस महीने में किसी भी वित्तीय नुकसान से बचने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड के खर्चों को ट्रैक करें और अगर आधार में ईमेल अपडेट पेंडिंग है, तो तुरंत UIDAI के पोर्टल पर जाकर इस मुफ्त सेवा का लाभ उठाएं।

Disclaimer: यह जानकारी संबंधित विभागों (RBI, UIDAI, MEA) के आधिकारिक सर्कुलर और नोटिफिकेशन के आधार पर दी गई है। किसी भी सेवा का लाभ लेने से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर नियमों की जांच जरूर कर लें।

बेंगलुरु डे-केयर में मासूमों के साथ हैवानियत! बाथरूम में किया बंद, वॉशिंग मशीन में बैठाया, 5 केयरगिवर्स पर FIR

crime news

बेंगलुरु की मशहूर आईटी कंपनी केपजेमिनी (Capgemini) के HAL कैंपस में बने डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ हैवानियत के वीडियो वायरल हो रहे हैं। कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग अधिकारियों से रिपोर्ट मांगेगा और अपने स्तर पर जांच करेगा।

 

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक बच्चा टॉयलेट में बंद है। वह फर्श पर लेटा हुआ है और जोर जोर से रो रहा है। एक महिला बच्चे के बिलखने का वीडियो बना रही है। एक और वीडियो में महिला बच्चे को टॉयलेट सीट पर बैठाकर उसके मुंह पर जेट स्प्रे से पानी डाल रही है। एक अन्य वीडियो में बच्चे को फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन के ड्रम में बैठाकर रखा गया है। उसके डराया जा रहा है, बच्चा रो रहा है।

इन वीडियो के आधार पर 5 महिला केयरगिवर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस बच्चों के साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच कर रही है। इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह पता नहीं चला है कि कितने बच्चों के साथ गलत व्यवहार हुआ है।

 

पुलिस के अनुसार, डे-केयर में आने वाले बच्चे कैंपस में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के हैं। इन्हें उनके माता-पिता ड्यूटी के दौरान यहां छोड़ते थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि डे-केयर सेंटर का संचालन सीधे कैपजेमिनी कर रही थी या कंपनी परिसर में किसी बाहरी एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। 

 

कंपनी ने बंद किया डे केयर

कैपजेमिनी ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। एहतियात के तौर पर बेंगलुरु स्थित ऑन-कैंपस डे-केयर सेंटर को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

 

क्या होते हैं डे-केयर

डे-केयर सेंटर वह जगह है, जहां छोटे बच्चों की दिनभर देखभाल, सुरक्षा और शुरुआती सीखने की गतिविधियों का ध्यान रखा जाता है। बड़े शहरों में यदि माता-पिता दोनों नौकरी पेशा हैं तो वे अपने बच्चों को इन डे-केयर में तय समय के लिए छोड़ देते हैं। यहां बच्चों की देखभाल की है। इसके बदले में हर महीने तय फीस ली जाती है। कई कंपनिया भी अपने डे-केयर सेंटर चलाती हैं, जहां उनके कर्मचारी अपने छोटे बच्चों को नौकरी करने के समय तक छोड़ देते हैं। छुट्टी के बाद बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं।

LIVE: भारी बारिश से मुंबई पानी-पानी, हाई टाइड का अलर्ट

mumbai rain

Latest News Today Live Updates in Hindi : मुंबई में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। मूसलाधार बारिश की वजह से कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई। पल पल की जानकारी…

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से अमरनाथ यात्रा के 4822 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

-राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में जांच को आगे बढ़ाते हुए विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने बुधवार को आरोपित अविनाश शुक्ल की 48 घंटे की अवधि के लिए पुलिस रिमांड की मांग की।

-अयोध्या के अभिवक्ता आज पुलिस से चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे।

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का भारत में भव्य स्वागत। वे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्वीपक्षीय वार्ता करेगी।मुंबई में लगातार बारिश के बाद कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मुंबई में भारी बारिश के कारण सांताक्रूज ईस्ट के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम देखा गया। मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए रेड अलर्ट। पालघर में स्कूल बंद, हाई टाइड का अलर्ट। 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट: अविनाश शुक्ल के घर से मिले 1,121 अमेरिकी डॉलर, चंपत राय पर FIR की मांग

Ayodhya Ram Mandir donation theft

Ayodhya Ram Mandir donation theft : राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में जांच को आगे बढ़ाते हुए विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने बुधवार को आरोपित अविनाश शुक्ल की 48 घंटे की अवधि के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। अविनाश के घर से 1121 अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए हैं। अयोध्या के अभिवक्ता आज पुलिस से चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे। ALSO READ: अयोध्या कांड में जीजा-साले निकले महाचोर, दान चोरी में अब होगी ED और IT की एंट्री

 

विवेचक ने बीते सोमवार को अविनाश से जेल में पूछताछ किए जाने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी थी। माना जा रहा कि दो दिनों की पूछताछ में उसके पास से कुछ ऐसी जानकारी मिली है, जिसके आधार पर चोरी हुए सामान की बरामदगी की जा सकती है।

न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव को पत्र जारी कर आरोपित को विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। पुलिस अभिरक्षा की मांग और आरोपित के आवेदन पर सुनवाई आज होगी।

 

अविनाश के घर से क्या क्या मिला?

अविनाश के पास से ही अब तक सर्वाधिक 20 लाख रुपए की नकदी बरामद हुई है। उसकी निशानदेही पर ट्रस्ट की मौजूदगी में 20 लाख 39 हजार 220 रुपए, 1,121 अमेरिकी डॉलर, चांदी जैसी धातु की एक वस्तु, दो सोने की चेन और एक अंगूठी बरामद की गई। चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान चोरी और गबन किया गया था। उसी के खाते से 5 लाख रुपए ट्रस्ट के खाते में वापस भी कराए गए थे। ALSO READ: अयोध्या दान प्रकरण में एसआईटी जांच की समय सीमा बढ़ाई, 15 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
 

चंपत राय की मुश्किलें बढ़ी 

चढ़ावा चोरी मामले में अधिवक्ता गुरुवार को रामजन्मभूमि थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगे। यह तहरीर अब तक पुलिस विवेचना से दूर रखे गए महासचिव चंपतराय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्र व व्यवस्थापक गोपाल राव के विरुद्ध दी जाएगी। इसमें दोनों को विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

 

गौरतलब है कि इस मामले में अयोध्या पुलिस ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, करूणेश पांडेय, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष कुमार यादव समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

क्या भविष्य में बचा रहेगा इंडिया गठबंधन?

india alliance

-शिवांगी सक्सेना

भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता का प्रतीक रहा इंडिया गठबंधन अब आंतरिक चुनौतियों से जूझता दिखाई दे रहा है। सहयोगी दलों के बीच बढ़ती दूरियां और नेतृत्व को लेकर असहमति इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है। ALSO READ: अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का क्या हाल है?

हाल ही में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने साफ किया कि वह इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं रहेगी। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान डीएमके इस गठबंधन की प्रमुख सहयोगी थी। लेकिन 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। डीएमके 8 जून को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुई। उसके साथ आम आदमी पार्टी ने भी गठबंधन से खुद को अलग कर लिया है। 

 

डीएमके का कहना है कि कांग्रेस ने पिछले महीने उसके साथ दो दशक पुराने अपने राजनीतिक रिश्ते से अलग होकर अभिनेता से राजनेता बने विजय की टीवीके सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था, जो 'विश्वासघात' है। 

 

साल 2023 में 28 विपक्षी दलों ने मिलकर बीजेपी और उसके एनडीए गठबंधन के खिलाफ इंडिया नाम का गठबंधन बनाया था। हालांकि हाल की बैठक में सिर्फ 23 दल शामिल हुए। इस दौरान निर्णय लिया गया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव लड़ना और साझा रणनीति अपनाना जरूरी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या अगले लोकसभा चुनाव तक इंडिया गठबंधन अपनी एकजुटता बनाए रख पाएगा या नहीं? ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

 

इंडिया गठबंधन का जन्म

विपक्षी एकजुटता की पहल की शुरुआत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और अब एनडीए में शामिल हो चुके नीतीश कुमार ने की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पृष्ठभूमि से आने के कारण उनकी पहली कोशिश आरजेडी, जेडीयू, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल जैसे समाजवादी दलों को एक मंच पर लाने की थी। हालांकि इस प्रयास में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

 

2022 में नीतीश कुमार ने एनडीए से अलग होकर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाई। उन्होंने दिल्ली में विभिन्न विपक्षी नेताओं से मुलाकातें भी कीं। नीतीश, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ साझा विपक्षी मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहे थे। उसी साल महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आया था। एकनाथ शिंदे और शिवसेना के अन्य विधायकों ने बगावत कर दी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे को इस्तीफा देना पड़ा। महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई।

 

नीतीश कुमार ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), डीएमके, शिवसेना (उद्धव गुट), एनसीपी, आम आदमी पार्टी (आप) और वाम दलों सहित सभी क्षेत्रीय विपक्षी दलों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। 17 और 18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई बैठक में विपक्षी गठबंधन को आधिकारिक रूप से 'इंडिया अलायंस' नाम दिया गया।

 

शुरुआत से चली आ रही अस्थिरता

इंडिया गठबंधन की नींव 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने के उद्देश्य से रखी गई थी। इसके गठन के दौरान नेतृत्व को लेकर मतभेद सामने आए। राजनीतिक विश्लेषक सुनील कश्यप डीडब्ल्यू हिंदी को बताते हैं कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल, दोनों नीतीश कुमार को गठबंधन का संयोजक बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को गठबंधन का अध्यक्ष चुना गया।

 

राज्य विधानसभा चुनावों में इसके सहयोगी दल अक्सर अलग-अलग रास्तों पर चलते दिखाई दिए। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में आप और सपा ने कांग्रेसके साथ सीटों का समझौता न होने पर अकेले चुनाव लड़ा। हरियाणा और दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस और आप के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन सकी। वहीं पश्चिम बंगालमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने हर चुनाव बिना गठबंधन के लड़ा। ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

 

कांग्रेस प्रवक्ता गौतम सेठ डीडब्ल्यू हिंदी से कहते हैं, “हरियाणा जैसे राज्यों में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़कर कांग्रेस के वोट काटे, जिसका फायदा भाजपा को मिला। डीएमके को भी तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद क्षेत्रीय दलों को यह समझना चाहिए कि भाजपा का मुकाबला करने के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मौजूद कांग्रेस के नेतृत्व वाले व्यापक विपक्षी मंच के साथ आना होगा।”

 

इंडिया गठबंधन का कितना फायदा  

2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतीं। यह 2014 में मिली 44 सीटों और 2019 में मिली 52 सीटों के मुकाबले बड़ी बढ़त थी। अब 2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने भी कांग्रेस को मौका दिया है।

 

सुनील कश्यप याद दिलाते हैं कि 2021 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को केरल, पश्चिम बंगाल, पुद्दुचेरी और असम में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद, 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन का अहम हिस्सा बनकर कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की।

 

डीडब्ल्यू हिंदी ने राजनीतिक विश्लेषक और 'वोटवाइब इंडिया' के संस्थापक अमिताभ तिवारी से भी बातचीत की। उनका कहना है कि राहुल गांधी अपनी ऐसी छवि बनाने में सफल रहे हैं कि वे भाजपा का लगातार विरोध करते हैं और कभी भाजपा में शामिल नहीं होंगे।

 

क्या इंडिया गठबंधन आगे बढ़ पाएगा?

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने एक इंटरव्यू में कहा कि संगठनात्मक सीमाओं के बावजूद कांग्रेस आज भी देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर वाली विपक्षी पार्टी है। केवल एक चुनाव के नतीजों के आधार पर क्षेत्रीय दलों को अप्रासंगिक मान लेना भारतीय मतदाताओं की समझदारी और राजनीतिक परिपक्वता के साथ न्याय नहीं होगा। क्षत्रीय दलों की राष्ट्रीय दृष्टि और समावेशी सोच, उन कुछ तथाकथित राष्ट्रीय दलों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक है।

 

लेखक और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई के अनुसार, किसी भी गठबंधन में सभी दल बराबरी की स्थिति में नहीं होते। ऐसे में गठबंधन अक्सर किसी एक विचारधारा से नहीं, बल्कि चुनाव जीतने के उद्देश्य से बनते हैं। उन्हें चलाने के लिए मजबूत और प्रभावशाली दल की जरूरत होती है जो पूरे गठबंधन का नेतृत्व कर सके। ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, एमके स्टालिन, अरविंद केजरीवाल और पिनराई विजयन जैसे नेता चाहते थे कि गठबंधन में उन्हें बराबरी का दर्जा मिले, यानी उन्हें कांग्रेस से कम न आंका जाए। 

 

किदवई उदाहरण देते हुए समझाते हैं, “इंजन आगे बढ़ता है और बाकी डिब्बे उसके साथ चलते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए की डोर भाजपा और केरल में यूडीएफ की रस्सी कांग्रेस के हाथ में है। वे अपने-अपने गठबंधन की सबसे मजबूत पार्टियां हैं। 1977 की जनता पार्टी से लेकर 1996 के नेशनल फ्रंट तक, ज्यादातर बड़े गठबंधन सत्ता हासिल करने या सरकार बदलने के लक्ष्य के साथ बने। लेकिन जैसे ही यह लक्ष्य पूरा हुआ या पूरा नहीं हो सका, धीरे-धीरे उनके सहयोगी अलग होते चले गए।”

 

किदवई का मानना है कि गठबंधन के लगभग सभी दलों की पहली प्राथमिकता अपनी पार्टी को मजबूत करना होती है। यही वजह है कि गठबंधन में साथ काम करने की इच्छा तो है लेकिन एक-दूसरे पर पूरा भरोसा अभी भी नहीं बन पाया है। 

 

डीडब्ल्यू हिंदी से बातचीत में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सर्वेश मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी का अब इंडिया गढ़बंधन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। उसने दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल में अपने ही गठबंधन के सहयोगी दलों के खिलाफ चुनाव लड़ा, “जिस प्रकार भाजपा क्षेत्रीय दलों को खत्म करती है, उसी तरह कांग्रेस भी क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करने की राजनीति कर रही है।”

 

उत्तर प्रदेश चुनाव हो सकता है निर्णायक 

अमिताभ तिवारी मानते हैं कि कई राज्यों में क्षेत्रीय दलों के कमजोर होने का फायदा सीधे कांग्रेस को मिला। केरल में वाम दलों के कमजोर होने का लाभ कांग्रेस को मिला। जबकि डीएमके की हार के बावजूद टीवीके को उन्होंने समर्थन दिया।

 

वह आगे बताते हैं, “इस गठबंधन का भविष्य आने वाले विधानसभा चुनावों, खासकर पंजाब और सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश, पर काफी हद तक निर्भर करेगा। अगर उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव अच्छा प्रदर्शन करते हैं और समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है, तो इंडिया गठबंधन को नई मजबूती मिलेगी।”

 

अमिताभ की मानें तो इससे आप और डीएमके जैसे दलों पर भी गठबंधन में दोबारा शामिल होने का राजनीतिक दबाव बढ़ेगा। लेकिन अगर यूपी में भाजपा की सरकार लौटी, तो इंडिया गठबंधन का अस्तित्व खत्म मुश्किल में पड़ सकता है।

 

समाजवादी पार्टी प्रवक्ता दीपक रंजन कहते हैं, “कांग्रेस के साथ हमारा सिर्फ गठबंधन है, विलय नहीं। उत्तर प्रदेश में सपा सबसे बड़ी पार्टी है। सीट बंटवारे के समय कांग्रेस को यह ध्यान रखना चाहिए। उसी के अनुरूप फैसला होगा।”

 

अमिताभ का कहना है कि इंडिया गठबंधन का कोई स्पष्ट ढांचा नहीं है। इसमें न तो कोई तय नेतृत्व है और न ही कोई लिखित दस्तावेज है, जिससे उसके उद्देश्यों की स्पष्टता पता चल सके।

अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू से रवाना हुआ पहला जत्था, कल होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

amarnath yatra

Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था आज जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हो गया। कल श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन-पूजन करेंगे। शुक्रवार से शुरू हो रही 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा को लेकर यात्रा के सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ALSO READ: Top News 2 July: अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, WhatsApp के Username फीचर पर रोक

 

जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुबह 4 बजे अमरनाथ यात्रा 2026 के तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई। 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन की पवित्र यात्रा 48 किमी लंबे पहलगाम मार्ग और 14 किमी लंबे बालटाल मार्ग से 3 जुलाई को शुरू होगी। बालटाल से पवित्र गुफा तक लगभग 14 किलोमीटर लंबे कठिन मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया जा रहा है।

मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, हर-हर महादेव! बाबा बर्फानी के पावन धाम की पवित्र यात्रा का शुभारंभ हो गया है। जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। श्री अमरनाथ जी की यात्रा केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि गहन आध्यात्मिक जागृति का अनुभव है। इस पवित्र मार्ग पर उठाया गया हर कदम बाबा अमरनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा, आस्था और पूर्ण समर्पण का प्रतीक है।

 

सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, मंगलमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण यात्रा की कामना करता हूँ। भगवान शिव आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भारतीय सेना ऑपरेशन शिवा के तहत ऊंचाई वाले इलाकों, संवेदनशील मार्गों और दर्रों पर लगातार निगरानी रख रही है। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऑपरेशन हॉक आई के माध्यम से खुफिया निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। सेना, पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से यात्रा मार्ग की सुरक्षा में तैनात हैं। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026 : कश्‍मीर पुलिस का प्रोजेक्ट हाक आई, बाज की आंख से 360 डिग्री निगरानी

 

जमीन पर, संवेदनशील और जोखिम वाली जगहों पर 28 रणनीतिक 'मचान मोर्चे' (ऊंचाई पर बने निगरानी पोस्ट) बनाए गए हैं ताकि निगरानी की क्षमता बढ़ाई जा सके और इलाके पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने और प्रभावी कार्रवाई की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए तय जगहों पर 22 खास तौर पर प्रशिक्षित स्नाइपर टीमें भी तैनात की गई हैं।

मौसम भी चुनौती

3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए सुरक्षा के साथ मौसम पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। सरकार ने श्रीनगर, बनिहाल, जम्मू और लेह में डॉप्लर वेदर रडार तैनात किए हैं, जो बादल फटना, भारी बारिश और खराब मौसम का रियल-टाइम अलर्ट देंगे। यह कदम 2022 में अमरनाथ पवित्र गुफा के पास आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद उठाया गया है, जिसने एक मजबूत अर्ली वार्निंग सिस्टम की जरूरत को उजागर किया था। तब से, मौसम की निगरानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता रही है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा में आतंक के साथ मौसम भी चुनौती, यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हाईटेक डॉप्लर रडार

edited by : Nrapendra Gupta