E20 पेट्रोल पर भड़के केजरीवाल, बोले- देश को बना दिया प्रयोगशाला; PM मोदी को लिखेंगे चिट्ठी

kejriwal modi

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि मोदी सरकार के लिए पूरा देश एक प्रयोगशाला है। लोगों पर जबरदस्ती E20 पेट्रोल थोपा जा रहा है। Ethanol से लोगों की गाड़ियां बंद पड़ रही हैं, पार्ट्स खराब हो रहे हैं और माइलेज गिर रहा है। इससे लोगों में बहुत ज्यादा गुस्सा है। उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि मैं प्रधानमंत्री जी को इस विषय पर चिट्ठी लिखने जा रहा हूं। आप सभी लोग मुझे बताइए कि मुझे चिट्ठी में क्या लिखना चाहिए। ALSO READ: Electric Scooter : बरसात में अपने EV scooter का कैसे रखें ध्यान, जानिए 5 iMP टिप्स

 

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पोस्ट के साथ अपने वीडियो संदेश में कहा कि 20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लेकर जनता में काफी नाराजगी है। 30 जून को केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल के जरिए सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि यह सिर्फ एक प्रयोग है और आगे की कार्रवाई नतीजों पर निर्भर करेगी। लेकिन, जब यह मामला मीडिया और प्रेस में आया, तो केंद्र सरकार पूरी तरह से पीछे हट गई। सरकार ने एक बयान जारी कर दावा किया कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था और इन खबरों को गलत बताया।

1.4 अरब लोगों की आबादी प्रभावित 

आप नेता ने कहा कि प्रयोग का मतलब आम तौर पर किसी चीज को सीमित स्तर पर आजमाना होता है, जैसे 100, 500 या 1,000 गाड़ियों पर। ऐसे ट्रायल के नतीजों के आधार पर यह तय किया जाता है कि इसे पूरे देश में लागू किया जाए या नहीं। फिर भी, आपने पूरे देश में सारी गाड़ियों के लिए इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल अनिवार्य कर दिया है, जिससे 1.4 अरब लोगों की आबादी प्रभावित हो रही है, और साथ ही आप यह भी दावा कर रहे हैं कि आप एक प्रयोग कर रहे हैं।

क्या मुआवजा देगी सरकार?

उन्होंने मोदी सरकार से सवाल किया कि क्या आप उन लोगों को मुआवजा देंगे जिनकी गाड़ियां खराब हो रही हैं? लोगों के जनादेश का सम्मान करना, उनकी चिंताओं को सुनना और उनकी इच्छाओं के अनुसार काम करना आपकी जिम्मेदारी है। मैं आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे इस नीति को वापस लेने का आग्रह करूंगा। ALSO READ: E20 पेट्रोल से इंजन खराब हुआ तो क्या इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा? सरकार ने बताई सचाई, क्या बोलीं बीमा कंपनियां

 

गौरतलब है कि  E20 ब्लेंडेड पेट्रोल को पर्यावरण अनुकूल और आयात कम करने का विकल्प बताया जा रहा था, लेकिन विपक्ष और कई उपभोक्ता इसे बिना उचित तैयारी और इंफ्रास्ट्रक्चर के देशवासियों पर थोपा गया फैसला बता रहे हैं।

राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम की जमानत पर रोक से किया इनकार

sonam raghuvanshi

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक से इनकार कर दिया। मेघालय पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत से सोनम की जमानत रोकने की अपील की थी। मामले में अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। ALSO READ: बेंगलुरु डे-केयर में मासूमों के साथ हैवानियत! बाथरूम में किया बंद, वॉशिंग मशीन में बैठाया, 5 केयरगिवर्स पर FIR

 

सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी की पूछा- क्यों न आपकी जमानत रद्द कर दी जाए? कोर्ट ने फिलहाल उसकी जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं, इसलिए इस समय उनकी रिहाई में दखल देना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जमानत सिर्फ तकनीकी आधार पर दी गई है, तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी से रोकता है? 

 

मेघालय सरकार ने सोनम की जमानत को शीर्ष अदालत में चुनौती देते हुए तर्क दिया कि यदि सोनम बाहर रहीं तो उसके फरार होने का खतरा बना रहेगा। ALSO READ: सिया के प्रेमी चेतन का होगा गेट एनालिसिस, आखिर क्या होता है यह टेस्ट और इस मामले में क्यों जरूरी है?

 

क्या है मामला?

सोनम पर आरोप है कि उसने वर्ष 2025 में अपने हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या करवाई थी। सोनम के पति राजा रघुवंशी 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए थे। राजा क्षत-विक्षत शव ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक झरने के पास बरामद हुआ था। इस सनसनीखेज मामले में सोनम और उसके प्रेमी राज समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सोनम पिछले करीब 11 महीनों से शिलांग जेल में बंद थी। इसके बाद स्थानीय अदालत ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। मामले में हाईकोर्ट ने भी सोनम की जमानत को बरकरार रखा था।

 

क्‍या सोनम ही है मास्‍टरमाइंड

गौरतलब कि इस पूरे मामले में सोनम को हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि उसने झरने के पास सीढ़ियों पर आरोपियों के साथ बैठक की और उन्हें 15 हजार रुपए दिए। इसके बाद बंद पार्किंग यार्ड में उसके कहने पर तीनों युवकों ने राजा पर हमला किया। राजा को खाई में फेंकने में भी सोनम ने मदद की। हमले से पहले उसके शरीर से चेन, अंगूठी और ब्रेसलेट भी निकलवाए गए थे। हत्या के बाद आरोपी करीब 11 किलोमीटर आगे जाकर सोनम से मिले थे।

 

प्रेमी राज की भूमिका सवालों के घेरे में

मामले में सोनम के कतिथ प्रेमी राज की भूमिका भी संदिग्‍ध है। हालांकि वह शिलांग नहीं गया था, लेकिन साजिश में शामिल बताया जा रहा है। आरोप है कि सोनम और राजा की शादी से पहले ही उसने हत्या की योजना बना ली थी। उसने अपने दोस्त विशाल को तैयार किया और फिर अन्य आरोपियों को साथ जोड़ा। सोनम की लोकेशन भी राज ही आरोपियों तक पहुंचाता था। हत्या के बाद उसने आरोपियों से मुलाकात की। वहीं, जब सोनम इंदौर आई तो उसे रोकने के लिए फ्लैट किराए पर लेने की भी बात सामने आई है।

अमित शाह के मार्गदर्शन में 12 जुलाई को होगा ऐतिहासिक वृक्षारोपण, गांधीनगर में 1 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

A historic tree plantation drive will take place in Gandhinagar on July 12 under guidance of Amit Shah

Historic tree plantation ceremony in Gandhinagar : देश और दुनिया में बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और शहरीकरण के कारण पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है। इस प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई का एकमात्र उपाय वृक्षारोपण होने के कारण, गांधीनगर लोकसभा के सांसद और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 12 जुलाई को अहमदाबाद के साइंस सिटी में केंद्रीय गृहमंत्री की प्रत्यक्ष उपस्थिति में एक विशाल और ऐतिहासिक वृक्षारोपण समारोह का आयोजन किया गया है, जिसकी तैयारियां म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा शुरू कर दी गई हैं।

 

12 जुलाई को एक करोड़ पेड़ लगाने का भव्य लक्ष्य

अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट ने इस महाअभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 'हरियाली लोकसभा गांधीनगर अभियान' के तहत 12 जुलाई को एक ही दिन में करीब 1 करोड़ पौधे लगाने का भव्य लक्ष्य तय किया गया है। केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता से लेकर नेताओं तक को वह पौधा बड़ा होने तक उसकी पूरी देखभाल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, पिछले 4 वर्षों में तैयार किए गए 100 से अधिक 'ऑक्सीजन पार्क' भी इस अवसर पर जनता के लिए खोले जाएंगे।

ALSO READ: गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों को 1.55 लाख और छात्राओं को मिलेगी 2.05 रुपए लाख की सहायता

धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी

इस भगीरथ कार्य को सफल बनाने के लिए स्वामीनारायण संस्था, भागवत विद्यापीठ जैसी धार्मिक संस्थाएं, विभिन्न एनजीओ (NGO) और बिल्डर्स आगे आए हैं और उन्होंने पौधों के उच्छेर और संरक्षण की जिम्मेदारी ली है। गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले कलेक्टर के सरकारी प्लॉट, गौचर (चारागाह) की भूमि और अन्य सभी खाली पड़े प्लॉटों की पहचान कर उन सभी जगहों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने की योजना बनाई गई है।

 

ग्रीन कवर में 11.25 प्रतिशत की महत्वपूर्ण बढ़ोतरी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2019 से गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र को ग्रीन ज़ोन बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस लगातार जारी वृक्षारोपण अभियान के सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं और इस क्षेत्र के कुल ग्रीन कवर (हरियाली) में 11.25 प्रतिशत की एक बड़ी और महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगभग 400 प्लॉट चुने गए हैं, जिनमें अकेले अहमदाबाद के ही 38 प्लॉट शामिल हैं।

ALSO READ: गुजरात बना स्पोर्ट्स हब, अहमदाबाद में सजेगा खेलों का महाकुंभ

लंबी आयु वाले पेड़ लगाने और युवाओं को जोड़ने की अपील

अमित शाह द्वारा लोकसभा क्षेत्र की सभी सोसायटियों के चेयरमैन और सेक्रेटरी को पत्र लिखकर अपील की गई है कि वे अपनी सोसायटी में कम से कम 11 और ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 50 पौधे जरूर लगाएं। विशेष रूप से अधिक ऑक्सीजन देने वाले और लंबी आयु वाले बरगद (वड), पीपल, नीम, जामुन और बकुल (बोरसली) जैसे पौधे लगाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के इस कार्य में देश की भावी पीढ़ी यानी युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ने का आग्रह किया गया है।

 

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और डोर-टू-डोर जन जागरूकता अभियान

वृक्षारोपण में आम नागरिक आसानी से भाग ले सकें, इसके लिए एक विशेष वेबसाइट (https://www.gandhinagarloksabha.in) शुरू की गई है, जहां लोग अपने क्षेत्र की जानकारी के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। दूसरी ओर, भाजपा के प्रदेश महासचिव अजय ब्रह्मभट्ट और शहर संगठन के पदाधिकारियों द्वारा घाटलोदिया जैसे क्षेत्रों में चुनाव की तरह ही 'डोर-टू-डोर' (घर-घर) जाकर लोगों को अपने घर पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने और रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

ALSO READ: Gujarat : गुजरात में बड़ा पल्स पोलियो अभियान शुरू! 82 लाख बच्चों को दी जाएगी जिंदगी बचाने वाली 2 बूंदें

'TreeCare' एप्लीकेशन द्वारा टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग

लगाए गए पौधे सूख न जाएं और उनका उचित विकास हो, इसके लिए 'TreeCare' मैनेजमेंट डैशबोर्ड और एप्लीकेशन तैयार की गई है। इस सिस्टम के माध्यम से हर पौधे को एक आरएफआईडी (RFID) कोड देकर उसका सटीक भौगोलिक स्थान (GPS लोकेशन), ऊंचाई और फोटो अपलोड की जाएगी।

इस ऐप के मेंटेनेंस लॉग के जरिए पौधों को पानी देने, खाद डालने या पेस्ट कंट्रोल जैसी गतिविधियों की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। साथ ही डिजिटल मैप पर पौधों के स्वास्थ्य का 'उत्कृष्ट', 'अच्छा' या 'मध्यम' के रूप में रेटिंग भी देखी जा सकेगी।

ALSO READ: मानसून से पहले गुजरात सरकार की नई गाइडलाइन: जर्जर कमरों में नहीं लगेगी क्लास, स्कूलों में फर्स्ट एड किट अनिवार्य

प्रमुख क्षेत्रों में वृक्षारोपण की योजना: साणंद के मखियाव गांव के पास सबसे अधिक 10 लाख, सरखेज के मकतमपुरा में 8.50 लाख, गांधीनगर के पीपलज के पास 6 लाख, साइंस सिटी में 4 लाख और साबरमती रेलवे कॉलोनी, कलोल तथा गोता में हजारों की संख्या में पौधे लगाए जाएंगे।

पहली ही बारिश में धंसा 12,000 करोड़ का दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे! NHAI ने बताई वजह, अधिकारियों पर बड़ा एक्शन

dangerous potholes on the road

मानसून की पहली ही बारिश में शामली के पास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बड़े बड़े गड्डे नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2026 में 213 किलोमीटर लंबे 6 लेन वाले इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने स्थानीय लोगों के विरोध के कारण ड्रेनेज सिस्टम पूरा न होने को वजह बताया और संबंधित अधिकारियों पर बड़ा एक्शन लिया। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प

 

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा गया है कि UP- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही बारिश में धंस गया। सड़क पर इतने खतरनाक गड्डे है कि मौत का खतरा बना हुआ है। विश्वस्तरीय यह एक्सप्रेसवे 12,000 करोड़ रूपये की लागत से बनवाया गया है। इसकी ब्रांडिंग के लिए करोड़ों रूपये फूंके गए। 14 अप्रैल-2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका शुभारंभ करने आए थे।

 

कई यूजर्स ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को टैग करते हुए सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और इसकी जांच कराने की मांग की। हालांकि, गडकरी ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

 

क्या बोला NHAI?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, बारिश के बाद दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर एक स्थान पर सड़क की सतह धंसने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर यात्रियों को हुई असुविधा के लिए NHAI खेद व्यक्त करता है। प्रभावित हिस्से की मरम्मत कर दी गई है और इसे नियमित यातायात के लिए खोल दिया गया है।

 

पोस्ट में कहा गया है कि यह घटना स्थानीय स्तर पर पानी जमा होने के कारण हुई। संबंधित स्थान पर स्थायी क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम चालू नहीं हो सका, क्योंकि स्थानीय निवासियों के लगातार विरोध के चलते बैलेंसिंग कलवर्ट को जोड़ने की अनुमति नहीं मिली। इसके बजाय कलवर्ट के मुहाने का उपयोग वाहन पार करने के लिए किया जाता रहा। इससे प्रस्तावित जल निकासी व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी। ALSO READ: 8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला गार्ड! वेनेजुएला भूकंप में चमत्कारी रेस्क्यू ने दुनिया को चौंकाया

 

घटना के तुरंत बाद NHAI ने मरम्मत कार्य शुरू किया और अब स्थायी ड्रेनेज सिस्टम के चालू होने तक वर्षा के पानी की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए एक अस्थायी समानांतर नाला (इंटरिम पैरलल ड्रेन) बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। प्रभावित स्थान की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि यातायात सुरक्षित और निर्बाध बना रहे।

NHAI ने क्या लिया एक्शन?

घटना को गंभीरता से लेते हुए NHAI ने संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और ईपीसी (EPC) ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही अथॉरिटी इंजीनियर की टीम के टीम लीडर और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को निलंबित कर दिया गया है।

झारखंड में 4189 करोड़ की लागत से बनेगा सबसे बड़ा अस्पताल, हेमंत सोरेन सरकार ने दी RIMS-2 को मंजूरी

Biggest hospital will be built in Jharkhand at cost of Rs 4189 crore

Jharkhand news : झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजनाओं में शामिल 4189 करोड़ 41 लाख 26 हजार 604 रुपए की लागत वाली रिम्स-2 के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज, मेडिकल शिक्षा और चिकित्सा अनुसंधान को नई गति मिलेगी, साथ ही मरीजों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं राज्य में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के मरीज भी रांची इलाज के लिए आएंगे।

 

झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजनाओं में शामिल 4189 करोड़ 41 लाख 26 हजार 604 रुपए की लागत वाली रिम्स-2 के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

ALSO READ: झारखंड के CM सोरेन ने हूल दिवस पर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि, बोले- क्रांति की आग कभी बुझती नहीं, उसकी चिंगारी हमेशा जीवित रहती है

इससे गंभीर बीमारियों के इलाज, मेडिकल शिक्षा और चिकित्सा अनुसंधान को नई गति मिलेगी, साथ ही मरीजों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं राज्य में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के मरीज भी रांची इलाज के लिए आएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही उनका लक्ष्य रिम्स पर बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करना और राज्य के लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। रिम्स-2 झारखंड की जनता को आधुनिक, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं। उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। कैबिनेट की बैठक में रिम्स-2 सहित विभिन्न विभागों के कुल 27 प्रस्तावों पर मंजूरी प्रदान की गई।

ALSO READ: झारखंड में संवेदनशील फैसला, CM हेमंत सोरेन ने अनाथ भाई-बहन की शिक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश

कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वीबीजी राम जी योजना को संचालित करने की नीतिगत मंजूरी प्रदान करते हुए ग्रामीण विकास विभाग को पीवीटीजी के लिए अतिरिक्त रोजगार का प्रावधान करने का निर्देश दिया। कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इससे लोगों को लाभ मिलेगा।

ALSO READ: झारखंड को मिलेगी बिजली की बड़ी सौगात, CM हेमंत सोरेन करेंगे 3 नए ग्रिड सबस्टेशनों का उद्घाटन

कैबिनेट ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में इंटर्नशिप करने वाले विदेशी मेडिकल स्नातकों को भी राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियमों के अनुसार स्टाइपेंड देने का फैसला किया है। बैठक में सड़क निर्माण से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प

amarnath yatra

Amarnath Yatra 2026 : पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमरनाथ यात्रियों को पत्र लिखकर कहा कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो। उन्होंने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को 5 संकल्प लेने को कहा। ALSO READ: Top News 3 July: अमरनाथ यात्रा के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तर भारत को गर्मी से राहत

 

पीएम मोदी ने पत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है। देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं। हर वर्ष बाबा बर्फानी के प्रत्यक्ष दर्शन का यह अवसर, लाखों शिवभक्तों के लिए जीवन का एक अत्यंत शुभ और अविस्मरणीय अनुभव होता है। मैं इस वर्ष, यात्रा के इस अवसर पर आप सभी शिवभक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

 

बाबा अमरनाथ के दर्शन की यह यात्रा, भारत की आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का एक शाश्वत अध्याय है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पूरे विश्व से सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में सम्मिलित होने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अलग-अलग प्रांतों से, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले और विविध परंपराओं को मानने वाले लोग, महादेव के दर्शन का संकल्प लेकर इस यात्रा को पूरा करते हैं।

पीएम मोदी ने इन लोगों का अभिनंदन किया

प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा कि बीते कई दशकों से, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार बहुत कुशलता और सेवा भाव से यात्रा का प्रबंधन करते आ रहे हैं। इसके साथ ही, यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने में हमारे प्रशासन और सुरक्षाबलों की भी बहुत बड़ी भूमिका रहती है। इस वर्ष भी हजारों साथी इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। मैं इस अवसर पर भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों और कर्मियों, प्रशासन के अधिकारियों, सफाई मित्रों तथा मठों की सेवा में जुड़े हर साथी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। इन दो महीनों के दौरान, बाबा बर्फानी के पवित्र धाम में भारत की विविधता में एकता का अद्भुत स्वरूप भी देखने को मिलता है।

बाबा बर्फानी के धाम की यह यात्रा, हमें जम्मू-कश्मीर के आतिथ्य भाव और देशभर से आए भक्तों के समर्पण का भी दर्शन कराती है। यात्रा के हर आयोजन में, जम्मू-कश्मीर के हजारों स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले असंख्य भक्त भी, पवित्र गुफा यात्रा मार्गों पर भंडारों और लंगरों का संचालन करते हैं। निःस्वार्थ सेवा की यह भावना, हमारी सनातन संस्कृति और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के आदर्श की सजीव अभिव्यक्ति है।

 

अमरनाथ यात्रियों के लिए 5 संकल्प 

पहला संकल्प – हम अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पूरे यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दें।

 

दूसरा संकल्प – हम प्रशासन के सभी आदेशों, यातायात के नियमों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। यात्रा के दौरान बारिश की वजह से फिसलन और ठंड का विशेष ध्यान रखें।

 

तीसरा संकल्प – हम 'वोकल फॉर लोकल' की भावना से यात्रा के खर्चों का कम से कम 10 प्रतिशत उपयोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें। इससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की आजीविका को भी बल मिलेगा।

 

चौथा संकल्प – हम बाबा अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस, अर्थात रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को आगे बढ़ाएं।

 

पांचवां संकल्प – हम राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। मुझे विश्वास है कि बाबा अमरनाथ की दर्शन यात्रा, सनातन धर्म की आस्था, भारत की सांस्कृतिक एकता और सेवा की परंपरा का एक भव्य महोत्सव बनकर पूर्ण होगी।

 

उन्होंने कहा कि मेरी कामना है, बाबा अमरनाथ की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। आपकी यात्रा सुरक्षित हो, मंगलमय हो और आपके जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना तथा नई आध्यात्मिक शक्ति का संचार हो।

 

बाबा बर्फानी हम सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित बनाएं, ताकि हम मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध कर सकें।

LIVE: मुंबई में भारी बारिश, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

mumbai rain

Latest News Today Live Updates in Hindi : मुंबई में शुक्रवार को भी भारी बारिश का दौर जारी। लगातार हो रही बारिश की वजह से कई स्थानों पर पानी भर गया। मुंबई में अगले 3 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पल पल की जानकारी…

-दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर इंग्लैंड महिला विश्व कप के फाइनल में पहुंचा। कप्तान नेट सिवर ब्रंट और हीथर नाइट ने खेली शानदार अर्थशतकीय पारियां। फाइनल में इंंग्लैंड का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा मुकाबला। 

-पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो और गोंजालो रामोस ने पुर्तगाल के लिए दागे गोल। ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर स्पेन भी अगले दौर में पहुंचा।
-फीफा विश्व कप में आज स्विट्‍जरलैंड का मुकाबला अल्जिरिया से होगा वहीं अंतिम 16 में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया की भिडंत इजिप्ट होगी।

पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रियों को पत्र लिखते हुए कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी श्री अमरनाथ यात्रा हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत अध्याय है। मेरी कामना है कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो! 

मुंबई में शुक्रवार को भी भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश की वजह से कई स्थानों पर पानी भर गया। मौसम विभाग ने मुंबई में अगले 3 घंटे भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला गार्ड! वेनेजुएला भूकंप में चमत्कारी रेस्क्यू ने दुनिया को चौंकाया

venezuela rescue

Venezuela Earthquake : वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप के 8 दिन बाद 43 वर्षीय सुरक्षा गार्ड हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस को मलबे से जिंदा निकाला गया। 7 देशों की बचाव टीमों ने 100 घंटे से अधिक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद यह चमत्कार कर दिखाया। ALSO READ: बेल्जियम की 10 मंजिला इमारत में भीषण आग, 200 लोगों से भरी थी बिल्डिंग, कई लोगों की दर्दनाक मौत

 

फ्लोरेस को राहत और बचाव टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से जिंदा निकाला गया। बताया जा रहा है कि यह शख्‍स यह शख्स ला गुएरा में एक शॉपिंग मॉल की पार्किंग का हिस्सा ढहने से 29 फीट मलबे के नीचे दब गया था।

 

कड़ी मशक्कत के बाद बची फ्लोरेस की जान

7 देशों के अंतरराष्ट्रीय बचाव दलों ने लगातार 100 से अधिक घंटों तक काम किया। उन्होंने भारी बारिश, लगातार आ रहे भूकंप के झटकों और कमजोर हो चुकी इमारत के बीच रास्ता बनाते हुए फ्लोरेस तक पहुंचने के लिए एक सुरंग खोदी। फ्लोरेस को जब मलबे से रेस्क्यू कर एंबुलेंस में अस्पताल ले जाया गया तब उसकी हालत स्थिर थी और वह होश में था। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। ALSO READ: Europe heatwave : यूरोप में 43 डिग्री सेल्सियस और भारत में 43 डिग्री सेल्सियस एक जैसे क्यों नहीं लगते? जानिए गर्मी का असली विज्ञान

फ्लोरेस को सता रहा था इस बात का डर

मलबे के नीचे जिंदगी और मौत से जूझ रहे फ्लोरेस को डर था कि शायद वह बाहर न आ पाएं। उसने बचावकर्मियों से कहा कि उसकी पत्नी को उसके जिंदा होने की बात अभी न बताएं। उसे डर था कि अगर वह जिंदा बाहर नहीं आ पाया, तो पत्नी का दिल टूट जाएगा।

 

गौरतलब है कि 24 जून को वेनेजुएला में आए 2 विनाशकारी भूकंप में अब तक 2,295 लोगों की मौत हुई है जबकि 11 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई अंतरराष्‍ट्रीय एजेंसियां राहत-बचाव में जुटी हुई है। 

सच्ची मुहब्बत के नाम पर कैसे दुनिया को ठग रहे हैं स्कैमर्स

AI love scam

-ओंकार सिंह जनौटी

28 साल की सिंगापुरी युवती एला से दोस्ती करने के लिए दुनिया भर के हजारों पुरुष बेताब थे। एला ने इन सबको चूना लगाया। जानिए कैसे ऑनलाइन ठगी करते हैं म्यांमार के स्कैम सेंटर्स। ALSO READ: क्या भविष्य में बचा रहेगा इंडिया गठबंधन?

 

केरल का सफीर जिस कमरे में काम करता था, वहां यह निर्देश साफ लिखा था: “तुम्हारे पास हर शख्स को प्यार में फंसाने के लिए चार दिन हैं।”

 

कबूतरबाजों ने केरल के सफीर मोहम्मद को विदेश में नौकरी का झांसा देकर म्यामांर के एक स्कैम सेंटर के हवाले कर दिया। लोगों को ठगने वाले इस अड्डे में सफीर ने मार पीट से बचने के लिए अपनी नई ऑनलाइन पहचान बनाई, 28 साल की एक सिंगापुरी महिला की। सफीर का ऑनलाइन नाम था एला। हर दिन की शिफ्ट में सफीर 100 से ज्यादा लोगों से ऑनलाइन चैट करता था। इस दौरान सुपरवाइजर बिजली का झटका देने वाली छड़ी के साथ सफीर समेत बाकी कामगारों के सिर पर सवार रहता था।

 

स्कैमर्स का अंतराष्ट्रीय प्रेम जाल

एक ही महीने में सफीर ने 17 देशों के करीब 50,000 लोगों से संपर्क साध लिया। अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को मिले रिकॉर्ड्स से पता चला है कि सफीर के झांसे में आने वाले लोगों में कुर्दिस्तान का एक विधुर दर्जी, तुर्की का एक पेस्ट्री बेकर, किर्गिस्तान का एक भेड़ पालक किसान, रूस का इंजीनियर और इराक के सैनिक भी थे। इसी दौरान एला नाम से चैटिंग कर रहे सफीर ने जर्मनी के पेंटर, अर्जेंटीना के बंदरगाह अधिकारी, इंडोनेशिया के छात्र, पोलैंड के सिक्योरिटी गार्ड और जॉर्जिया के डेयरी किसान के साथ भी घर बसाने जैसी बातें कर दी।

 

सफीर ये सब अमेरिकी टेक कंपनियों के AI मॉडलों के सहारे कर रहा था। वह एक कमांड के जरिए अपनी बात को दर्जनों भाषाओं में ट्रांसलेट करता था और फिर हर देश के नागरिक के साथ उसी की भाषा में चैट करता था। AI टूल्स की मदद से हर विक्टिम का खास प्रोफाइल भी बनाया जा चुका था। ALSO READ: अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का क्या हाल है?

 

एपी की जांच में क्या क्या पता चला

जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन फर्जीवाड़ा करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सहारे संभावित शिकारों की पहचान करते हैं। इसके बाद वे दूसरे AI टूल्स का सहारा लेकर पीड़ितों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाते हैं। सैटेलाइट डिश की मदद से जालसाज इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी पार कर जाते हैं। एपी के मुताबिक, अमेरिकी टेक कंपनियां खुद भले ही कोई अपराध न कर रही हों, लेकिन जालसाज उनके टूल्स का दुरुपयोग कर रहे हैं।

 

अमेरिकी AI मॉडल्स, चैटजीपीटी और जेमेनाई का इस्तेमाल कर स्कैमर्स ने खास किस्म के सॉफ्टवेयर बनाए और फिर एक साथ कई भाषाओं में आसानी से काम किया। कॉन्जेंट कंम्युनिकेशन, AT&T, डिजिटल ओशन और ओरैकल जैसी सेवाओं का भी खूब इस्तेमाल किया गया।

 

हिंसा और सैन्य शासन से जूझ रहे म्यामांर के बॉर्डर का बड़ा हिस्सा खुली सीमा है। अमेरिकी खरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक, वहां सबसे बड़ी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है। आईपी एड्रेस और सैटेलाइट तस्वीरो की जांच से पता चला कि इनमें से कम से कम 13 स्टारलिंक का इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे थे।

 

बढ़ते दबाव के बीच कैसा है अमेरिकी टेक कंपनियों का रुख

एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिकी टेक कंपनियां चाहें तो इस धोखाधड़ी को रोक सकती हैं। लेकिन इसके लिए कोई कानूनी ढांचा नहीं है और कंपनियों को बिजनेस कम होने की आशंका भी रहती है। अपराधों की जांच से जुड़े अमेरिका के संघीय आयोग के मुताबिक, 2024 में अमेरिकियों को ऐसी जालसाजी से करीब 200 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

 

ओपन एआई और गूगल का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्कैमर्स उनके टूल्स का दुरुपयोग न कर पाएं। वहीं स्टारलिंक ने इस मामले में एपी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ओपन एआई के मुताबिक, यूजर्स के व्यहार को ट्रैक करके वे धोखाधड़ी का पता लगाने में सफल हो रही है। कंपनी के मुताबिक, 95 फीसदी सटीकता के साथ वह हर महीने एक लाख स्कैम अकाउंट बंद कर रही है।

 

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों का कहना है कि वे यह नहीं देख सकते कि उनके यूजर किस तरह का कंटेट शेयर कर रहे हैं। निजता संबंधी नियम कायदे और कानून उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। सभी इंटरनेट कंपनियों के मुताबिक, शिकायत मिलने पर उन्होंने हमेशा कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग किया है।

 

बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दवाब के बीच अक्टूबर 2025 में म्यांमार की सैन्य सरकार ने कई स्कैम सेंटरों को ध्वस्त भी किया। सेना ने इस कार्रवाई के वीडियो भी रिलीज किए। लेकिन जनवरी 2026 में ध्वस्तीकरण वाली जगह से 30 किलोमीटर दूर फिर नए स्कैम सेंटर बनने लगे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अक्टूबर की कार्रवाई के बाद से म्यांमार में कम से कम 25 नई जगहों से ऐसी ऑनलाइन ठगी हो रही है। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों से भी इन दावों की पुष्टि हो रही है। और इन नए मामलों में भी एक चीज कॉमन है: स्टारलिंक का इंटरनेट। ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

 

केरल से कैसे म्यांमार पहुंचे सफीर

दक्षिण भारत के केरल राज्य से ताल्लुक रखने वाले सफीर ने एक दिन इंटरनेट पर थाइलैंड में टूरिज्म से जुड़ी एक नौकरी देखी। दोनों ने उस पर क्लिक किया। फिर उन्हें नियमित रूप से निर्देश मिलने लगे। कुछ ही महीनों पर बाद दोनों बैंकॉक हवाई अड्डे पर उतरे। वहां उनके लिए एक काले रंग की कार खड़ी थी। दोनों कार में सवार हुए, गाड़ी रात भर चली। सफीर के मुताबिक अगली सुबह वे हथियारबंद लोगों से घिरे हुए थे।

 

दोनों दोस्तों को म्यामांर बॉर्डर के पास मोई नदी पार कराई गई और ताई चांग के स्कैम सेंटर में ठूंस दिया गया।

 

शुरुआत में जब दोनों से लोगों को ठगने से इनकार किया तो उन्हें पीट पीटकर बेहाल कर दिया गया। कुछ तस्वीरों में सफीर का चोट से लाल शरीर और सूजन से भरा चेहरा दिखाई दे रहा था। बाद में स्कैमिंग के दौरान भी मार पीट होती रहती थी। सफीर के मुताबिक, “जब वे मेरे कंप्यूटर के पास आते थे तो मेरे हाथ कांपने लगते थे, मुझे पसीना आने लगता था।”

 

डर के मारे दोनों दोस्त एक तंग गलियारे में साथ में सोया करते थे। 2025 में किसी तरह बाहरी दुनिया से संपर्क करके सफीर ने अपनी लोकेशन और आपबीती बताई। फिर हर एक के लिए पांच लाख भारतीय रुपये चुका कर सफीर और उनके दोस्त समेत 21 भारतीय इस चंगुल से निकल सके।

 

अमेरिकी जांचकर्ताओं के मुताबिक म्यांमार, कंबोडिया और नाइजीरिया में चल रहे ऐसे स्कैम सेंटरों में कम से कम 19 देशों के नागरिक काम कर चुके हैं।

Top News 3 July: अमरनाथ यात्रा के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तर भारत को गर्मी से राहत

top news 3 july

Top News 3 July : कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू। उत्तर भारत को गर्मी से राहत। हार्मुज पर ईरान की सख्त चेतावनी। वेनेजुएला में भूंकप के 8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला गार्ड। पुर्तगाल और स्पेन फीफा विश्व कप के अगले दौर में। 3 जुलाई की बड़ी खबरें :

 

अमरनाथ यात्रा शुरू

पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 

 

उत्तर भारत को गर्मी से राहत

जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति। उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण बदरीनाथ हाईवे साढ़े 11 घंटे बंद रहा। बारिश से पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी से राहत मिली।

 

हार्मुज पर ईरान की सख्त चेतावनी

ईरान के सैन्य कमान ने तेल टैंकरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि हार्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों को उसके बताए रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा। अगर कोई जहाज इन नियमों को नहीं मानता है, तो उसे कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

 

8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला सुरक्षा गार्ड

नेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के 8 दिन बाद 43 वर्षीय सुरक्षा गार्ड हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस को मलबे से जिंदा निकाला गया। भूकंप में अब तक 2,295 लोगों की मौत, 11 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। 

 

पुर्तगाल और स्पेन अगले दौर में

पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो और गोंजालो रामोस ने पुर्तगाल के लिए दागे गोल। ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर स्पेन भी अगले दौर में पहुंचा। आज स्विट्‍जरलैंड का मुकाबला अल्जिरिया से होगा वहीं अंतिम 16 में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया की भिडंत इजिप्ट होगी।