CM योगी के नेतृत्व में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ में UP की ऐतिहासिक छलांग

Under leadership of Chief Minister Yogi Adityanath Uttar Pradesh has created history under the Pradhan Mantri Surya Ghar Muft Bijli Yojana

– जून 2026 में राज्य ने 71,888 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया 

– घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, अब महाराष्ट्र को पीछे छोड़ने की तैयारी

– राज्य में अब तक 2,148 मेगावाट से अधिक क्षमता स्थापित की जा चुकी है

Chief Minister Yogi Adityanath : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने घरेलू रूफटॉप सोलर क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। जून 2026 में राज्य ने 71,888 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह न केवल उत्तर प्रदेश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन है, बल्कि किसी भी राज्य द्वारा एक माह में की गई घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापनाओं का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।

   
उत्तर प्रदेश में अब तक 10,89,716 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं तथा 6,36,745 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना पूरी की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश लगातार कई महीनों से देश में सर्वाधिक मासिक स्थापनाएं दर्ज कर रहा है और घरेलू रूफटॉप सोलर क्षेत्र में देश का सबसे तेजी से उभरता हुआ राज्य बन गया है।

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इस वर्तमान रुझानों को देखते हुए अनुमान है कि जुलाई 2026 के अंत तक उत्तर प्रदेश कुल घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापनाओं में महाराष्ट्र को पीछे छोड़कर देश का दूसरा सबसे बड़ा घरेलू रूफटॉप सोलर राज्य बन सकता है। इसके बाद राज्य का अगला लक्ष्य गुजरात को पीछे छोड़ते हुए कुल घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापनाओं में भारत का नंबर-1 राज्य बनना है।

     
घरेलू रूफटॉप सोलर क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां भी अभूतपूर्व हैं। राज्य में अब तक 2,148 मेगावाट से अधिक क्षमता स्थापित की जा चुकी है तथा 5,500 करोड़ रुपए से अधिक की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं को वितरित की जा चुकी है। इस क्षेत्र में 7,000 से अधिक कंपनियां और वेंडर्स कार्य कर रहे हैं तथा 80,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।

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राज्य में घरेलू रूफटॉप सोलर से प्रतिदिन लगभग 96 लाख यूनिट निःशुल्क बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसका अनुमानित मूल्य 6 करोड़ रुपए प्रतिदिन से अधिक है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में 40 करोड़ रुपए से अधिक का दैनिक कारोबार हो रहा है और 9,000 एकड़ से अधिक भूमि की बचत हुई है, जो बड़े पैमाने पर भूमि आधारित विद्युत परियोजनाओं की तुलना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

   
उत्तर प्रदेश की यह सफलता जागरूक उपभोक्ताओं, सोलर वेंडर्स, यूपीनेडा, बैंकिंग संस्थानों, डिस्कॉम एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। घरेलू रूफटॉप सोलर क्षेत्र में राज्य की यह तेज प्रगति न केवल स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को भारत की घरेलू रूफटॉप सोलर क्रांति का नया नेतृत्वकर्ता भी बना रही है। मासिक स्थापना में देश का नंबर-1 बनने के बाद अब उत्तर प्रदेश का लक्ष्य कुल घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापनाओं में भी भारत का नंबर-1 राज्य बनना है।

सीएम योगी मेदांता अस्पताल में महंत नृत्य गोपाल दास से मिले, जाना कुशल-क्षेम

cm yogi meets mahant nritya gopal das: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और श्री मणिरामदास छावनी के पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास महाराज से मुलाकात की। सीएम योगी ने आईसीयू (ICU) में भर्ती महंत जी के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

चिकित्सकों से लिया हेल्थ अपडेट

अस्पताल में मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्य गोपाल दास का इलाज कर रहे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से उनके स्वास्थ्य को लेकर विस्तृत जानकारी (हेल्थ अपडेट) ली। सीएम ने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि पूज्य महाराज जी के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न छोड़ी जाए और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

 

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि श्री मणिरामदास छावनी के पूज्य महंत एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नृत्य गोपाल दास जी महाराज से आज लखनऊ स्थित मेदांता हॉस्पिटल में भेंट कर उनका कुशल-क्षेम जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली। प्रभु श्रीराम की कृपा से उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो, यही प्रार्थना है।  

पिछले 5 दिनों से अस्पताल में थे भर्ती

89 वर्षीय महंत नृत्य गोपाल दास महाराज को सोमवार (29 जून) को सांस लेने में तकलीफ और अत्यधिक कमजोरी के चलते अयोध्या से लखनऊ के मेदांता अस्पताल लाया गया था। आपातकालीन विभाग में शुरुआती जांच के बाद उन्हें यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. दिलीप दुबे और उनकी टीम लगातार 24 घंटे उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी।

स्वास्थ्य में सुधार के बाद मिली छुट्टी

ताजा जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों के इलाज के बाद महंत नृत्य गोपाल दास जी के स्वास्थ्य में काफी सुधार दर्ज किया गया और उनकी स्थिति स्थिर हो गई। मेदांता अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि महाराज के स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए शुक्रवार को ही उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया है। अयोध्या में एक अन्य संत (पंजाबी बाबा) के गोलोकवासी होने के कारण वे वापस अयोध्या रवाना हो गए। 

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

मुंबई के लग्जरी होटल में चल रहा था देह व्यापार, पुलिस ने दो अभिनेत्रियां को मुक्त कराया, मेकअप आर्टिस्ट गिरफ्तार

Mumbai prostitution racket News

Mumbai Police prostitution racket: मुंबई पुलिस ने शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक आलीशान होटल में चल रहे हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट (देह व्यापार गिरोह) का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फिल्म और टीवी इंडस्ट्री से जुड़ी दो अभिनेत्रियों को इस दलदल से मुक्त कराया। वहीं, इस पूरे गिरोह को संचालित करने के आरोप में एक महिला मेकअप आर्टिस्ट को गिरफ्तार किया गया है। 

क्या है पूरा मामला?

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह पूरा मामला मुंबई के गिरगांव इलाके का है, जहां स्थित एक लग्जरी होटल में काफी समय से देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, इस रैकेट की मुख्य सरगना एक मेकअप आर्टिस्ट है, जो फिल्मों और विज्ञापनों में काम दिलाने के बहाने आर्थिक तंगी से जूझ रही अभिनेत्रियों और मॉडल्स को अपने जाल में फंसाती थी। इसके बाद वह मोटी रकम के बदले उन्हें देह व्यापार के धंधे में धकेल देती थी। ग्राहकों से वसूली जाने वाली बड़ी राशि का एक बड़ा हिस्सा यह मेकअप आर्टिस्ट खुद रख लेती थी। ALSO READ: मुंबई में मोहर्रम को 'मातम' में बदलने की साजिश, 14900 मौत के कैप्सूल बरामद!

पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल

मुंबई पुलिस के मानव तस्करी रोधी प्रकोष्ठ (Anti-Human Trafficking Cell) को गिरगांव के इस होटल में चल रहे हाई-प्रोफाइल रैकेट की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की सत्यता जांचने के लिए पुलिस ने एक सोची-समझी रणनीति तैयार की। इसके तहत पुलिस टीम ने एक फर्जी ग्राहक को उस मेकअप आर्टिस्ट से संपर्क करने के लिए भेजा। जैसे ही फर्जी ग्राहक ने होटल में जाकर आरोपियों से डील पक्की की और मामले की पुष्टि हो गई, वैसे ही पुलिस टीम ने इस हफ्ते की शुरुआत में होटल के कमरों पर अचानक छापा मार दिया। ALSO READ: मुंबई के मीरा रोड में आधी रात को भारी बवाल: सोसाइटी में बकरों के शेड को लेकर भिड़े दो पक्ष, पुलिस बल तैनात

दो पीड़ित अभिनेत्रियों को बचाया

पुलिस अधिकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान मौके से दो पीड़ित अभिनेत्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं, दलाली करने और मानव तस्करी में लिप्त पाई गई महिला मेकअप आर्टिस्ट को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस रैकेट के तार और किन-किन लोगों या दलालों से जुड़े हुए हैं और क्या इस होटल प्रबंधन की भी इसमें कोई मिलीभगत थी। मुक्त कराई गई अभिनेत्रियों को फिलहाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

Share Bazaar में लगातार तीसरे दिन उछाल, Sensex 262 अंक चढ़ा, Nifty भी 24270 के पार

Indian stock market saw gains for third consecutive day on Friday

Share Market Update News : वैश्विक बाजार के मिलेजुले संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान आईटी, रियल्टी, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 261.79 अंक यानी 0.34 प्रतिशत चढकर 77,763.91 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी 95.15 अंक यानी 0.39 प्रतिशत बढ़कर 24,270.85 पर पहुंच गया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के 479.75 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 480.24 लाख करोड़ रुपए हो गया।

 

वैश्विक बाजार के मिलेजुले संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान आईटी, रियल्टी, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली।

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कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 261.79 अंक यानी 0.34 प्रतिशत चढकर 77,763.91 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी 95.15 अंक यानी 0.39 प्रतिशत बढ़कर 24,270.85 पर पहुंच गया। सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, मैक्स हेल्थकेयर, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैब्स, बजाज फिनसर्व, अपोलो हॉस्पिटल्स और भारती एयरटेल शामिल रहे।

लगातार 3 सत्रों की बढ़त के साथ सेंसेक्स में लगभग 1,300 अंकों यानी 1.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं एनएसई में 3 दिनों में 400 से अधिक अंकों यानी 1.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के 479.75 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 480.24 लाख करोड़ रुपए हो गया।

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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 95.21 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ। गुरुवार को रुपया 19 पैसे टूटकर 95.35 पर बंद हुआ था। घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख और डॉलर इंडेक्स की कमजोरी ने फिलहाल बाजार और रुपए को संभाला हुआ है।

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इससे पहले यानी गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी रही। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत उछलकर 77502.12 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 169.85 अंक यानी 0.71 फीसदी चढ़कर 24175.70 पर पहुंच गया।

उज्जैन का “त्रिनेत्र” मॉडल शहरों की सुरक्षा एवं स्मार्ट निगरानी व्यवस्था का बनेगा आधार

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन ने डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 2 दिवसीय 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में लागू किए गए एआई-आधारित एकीकृत निगरानी तंत्र “त्रिनेत्र” (TRINETRA) को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के अंतर्गत प्रतिष्ठित स्वर्ण (गोल्ड) पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने स्वर्ण पुरस्कार प्राप्त किया। कलेक्टर श्री रौशन कुमार ने उज्जैन जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन तथा सभी के सामूहिक प्रयास तथा निरंतर परिश्रम का परिणाम बताया।

 

सम्मेलन के पहले दिन देश के विभिन्न राज्यों के जिला प्रशासनिक अधिकारियों एवं राज्यों ने अपने-अपने ई-गवर्नेंस नवाचारों का प्रदर्शन किया। कलेक्टर एवं अध्यक्ष उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड श्री रौशन कुमार सिंह द्वारा “त्रिनेत्र” परियोजना का विस्तृत प्रेजेंटेशन किया गया, जिसे उपस्थित विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों द्वारा अत्यधिक सराहा गया।

 

सम्मेलन के दूसरे दिन गुरुवार को आयोजित समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में तथा राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक श्री प्रथम कौशिक, श्री पलाश शर्मा, श्री सचिन जैन एवं आईटी टीम उपस्थित रही।

 

उज्जैन का त्रिनेत्र मॉडल निगरानी व्यवस्था का आधार बनेगा-डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, भारत सरकार और उज्जैन के “त्रिनेत्र” प्रोजेक्ट को अखिल भारतीय स्तर पर लागू करने के लिये शीघ्र ही एक एमओयू होगा। उज्जैन में विकसित इस स्वदेशी एआई मॉडल की सफलता एवं देशव्यापी अनुकरणीयता पर केंद्र सरकार की मुहर है — अब उज्जैन का “त्रिनेत्र” मॉडल देश के अन्य शहरों की सुरक्षा एवं स्मार्ट निगरानी व्यवस्था का आधार बनेगा। यह न केवल उज्जैन, अपितु संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।

 

2026 के 7 बेस्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर, लंबी रेंज, दमदार फीचर्स और शानदार परफॉर्मेंस, खरीदने से पहले देखें पूरी List

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अगर आप 2026 में नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार में कई शानदार ऑप्शन्स हैं। लंबी रेंज, दमदार परफॉर्मेंस, फास्ट चार्जिंग, स्मार्ट फीचर्स और कम रनिंग कॉस्ट वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर ग्राहकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। ऐसे में सही स्कूटर चुनना आसान नहीं है। 2026 के 7 बेस्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के बारे में बता रहे हैं, जो कीमत, रेंज, फीचर्स और वैल्यू फॉर मनी के मामले में सबसे बेहतर विकल्प माने जा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री योगी ने किया उत्कृष्ट किसानों का सम्मान

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Lucknow Aam Mahotsav: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आम महोत्सव में उत्कृष्ट किसानों का सम्मान किया। सबसे पहले उन्होंने वाहन को हरी झंडी दिखाकर यूपी के आम को रवाना किया। मुख्य आयोजन में उन्होंने आम महोत्सव-2026 की स्मारिका का भी विमोचन किया। सीएम ने फीता काटकर महोत्सव का शुभारंभ किया। 

 

मुख्यमंत्री के हाथों इनका हुआ सम्मान…

 

1- बसंत कुमार- ग्राम-रंडौल, सहारनपुर

2- आशा सिंह- ग्राम- महोतेपुर, सीतापुर 

3- अचल कुमार मिश्र- ग्राम मेड़ईपुरवा, लखीमपुर खीरी

4- शैलेंद्र कुमार- ग्राम भानपुर, उन्नाव 

5- गोपाल माहेश्वरी- ग्राम माधौपुरी, कासगंज

6- नर्वदेश्वर सिंह- ग्राम छबैला, गोरखपुर 

7- अमरपाल सिंह- ग्राम अकबरपुर सादात, मेरठ

8- हर्षवर्धन त्यागी- ग्राम भदस्याना, हापुड़

9- सूर्यमणि यादव- ग्राम-विशुनपुर, हापुड़ 

10- मो. रेयान सिद्दीकी- अमरोहा

11- मेसर्स अवध नर्सरी- मलिहाबाद, लखनऊ

12- एससी शुक्ल- गोमती नगर, लखनऊ 

13- उपेंद्र कुमार सिंह- नवीपनाह, मलिहाबाद लखनऊ
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

क्या रूस में मोजतबा खामेनेई प्लास्टिक सर्जरी करवा रहे है, अयातुल्ला की अंतिम विदाई से रहस्यमयी अनुपस्थिति से उठे सवाल?

Mojtaba Khamenei iran new supreme leader

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम तय हो चुका है। छह दिनों तक चलने वाले इस राजकीय शोक समारोह में दुनिया के अनेक देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों और लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार समारोह में भारी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी होगी और तेहरान में करोड़ों लोगों के जुटने का अनुमान लगाया जा रहा है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पिछले कई महीनों से सार्वजनिक जीवन से लगभग गायब है। वे अपने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई में भी शामिल नहीं है। 

ईरान में धर्मगुरु की याद में ऐतिहासिक आयोजन में उत्तराधिकारी की अनुपस्थिति असामान्य है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सर्वोच्च नेता की सुरक्षा सर्वोपरि है। लेकिन इस असामान्य अनुपस्थिति को केवल सुरक्षा कारण मान लेना भी ठीक नहीं है। मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य,गुप्त उपचार और विदेश में मौजूदगी जैसी संभावनाओं  को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

 

ईरान इजराइल के संघर्ष के शुरुआती दिनों में कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि मोजतबा खामेनेई एक हमले में घायल हुए थे। कुछ अमेरिकी अधिकारियों के सार्वजनिक बयानों में भी उनके घायल होने का उल्लेख किया गया, जबकि ईरान ने इन दावों की पुष्टि नहीं की। उनकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति आज भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। यहीं से एक दूसरा सवाल जन्म लेता है की यदि चोटें सामान्य नहीं थी, तो क्या उनका उपचार ईरान के बाहर कराया जा रहा है।

हाल के वर्षों में मॉस्को और तेहरान के बीच रक्षा, खुफिया, ऊर्जा और सामरिक सहयोग अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है। यदि किसी शीर्ष ईरानी नेता को अत्यधिक गोपनीय चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा की आवश्यकता हो,तो ईरान के लिए रूस से महफूज़ और कोई नहीं हो सकता। इस साल 13 मार्च को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया था कि खामेनेई घायल हो गए थे और शायद उनका चेहरा भी बिगड़ गया था। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के चेहरे पर युद्ध या विस्फोट के कारण गंभीर चोट लगे, तो पुनर्निर्माण या प्लास्टिक सर्जरी कई चरणों में की जा सकती है और पूर्ण पुनर्वास में कई महीने लग सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि अब तक न तो रूस ने और न ही ईरान ने यह स्वीकार किया है कि मोजतबा खामेनेई रूस में हैं या उनका वहाँ उपचार चल रहा है। इसी प्रकार चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी, गंभीर स्थायी चोट या विदेश में गुप्त चिकित्सा से जुड़े दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

 

रूस और ईरान अमेरिका के बढ़ते दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों के बीच एक-दूसरे के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनकर उभरे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, परमाणु तकनीक, खुफिया सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में भी गहरे संबंध स्थापित हो चुके हैं। रूस, ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम में लंबे समय से सहयोग करता रहा है। सीरिया के गृहयुद्ध में भी दोनों देशों ने राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार का संयुक्त रूप से समर्थन किया और सैन्य समन्वय स्थापित किया था।

यूक्रेन युद्ध के बाद दोनों देशों की निकटता और बढ़ गई, जब रूस पर पश्चिमी प्रतिबंध कड़े हुए और ईरान भी पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा था। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ड्रोन, मिसाइल तकनीक, वायु रक्षा प्रणालियों, संयुक्त सैन्य अभ्यास और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ा है। इसके अलावा दोनों देशों ने पश्चिमी वित्तीय व्यवस्था पर निर्भरता कम करने के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने तथा उत्तर-दक्षिण अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारे को विकसित करने पर भी जोर दिया है। जनवरी 2025 में दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसने रक्षा,सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, विज्ञान, परिवहन और प्रौद्योगिकी जैसे अनेक क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग का ढांचा तैयार किया।

इस समझौते ने यह स्पष्ट कर दिया कि मॉस्को और तेहरान अपने संबंधों को केवल सामयिक राजनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक भू-राजनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित कर रहे हैं। इसी मजबूत रणनीतिक रिश्ते के कारण समय-समय पर यह अटकलें भी सामने आती रही हैं कि यदि किसी शीर्ष ईरानी नेता को अत्यधिक गोपनीय सुरक्षा या विशेष चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता पड़े,तो रूस संभावित विकल्प हो सकता है।

राजनीतिक दृष्टि से भी मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति महत्वपूर्ण है। ईरान की व्यवस्था में सर्वोच्च नेता केवल धार्मिक प्रमुख नहीं, बल्कि सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर और राष्ट्रीय सुरक्षा के अंतिम निर्णायक भी होते है। ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति का लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से न दिखना स्वाभाविक रूप से अटकलों को जन्म देता है। फिलहाल मोजतबा खामेनेई का मामला तथ्यों से अधिक रहस्य और रणनीतिक गोपनीयता का विषय बना हुआ है। मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति, उनके स्वास्थ्य को लेकर उठते सवाल और रूस-ईरान की घनिष्ठ साझेदारी ने अनेक संभावनाओं को जन्म अवश्य दिया है।

गुजरात ATS का बड़ा ऑपरेशन, रथयात्रा से पहले जैश के 8 आतंकी गिरफ्तार

Big operation by Gujarat ATS, 8 Jaish e Mohammed terrorists arrested

Big operation by Gujarat ATS : आगामी 16 जुलाई को आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के मद्देनजर गुजरात पुलिस इस समय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रख रही है। इसी सतर्कता के बीच गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित तौर पर जुड़े 8 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया है।

 

2 राज्यों के विभिन्न इलाकों में एकसाथ छापेमारी

आतंकवाद विरोधी इस विशेष अभियान के तहत गुजरात ATS की अलग-अलग टीमों ने बेहद गोपनीयता के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई सिर्फ गुजरात तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि जांच एजेंसी द्वारा गुजरात और पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी करके इस बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है।

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पालनपुर, सिद्धपुर और चिखली से दबोचे गए संदिग्ध

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त ऑपरेशन में बनासकांठा के पालनपुर से 3 और पाटन जिले के ऐतिहासिक शहर सिद्धपुर से 3 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, दक्षिण गुजरात के नवसारी जिले के चिखली से 1 और मध्य प्रदेश के देवास इलाके से 1 व्यक्ति को ATS की टीम ने अपनी हिरासत में लिया है।

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जैश-ए-मोहम्मद के लिए नेटवर्क खड़ा करने की थी योजना

प्रारंभिक पूछताछ और जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि पकड़े गए सभी आरोपी प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए स्थानीय स्तर पर एक सक्रिय नेटवर्क बनाने का प्रयास कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि वे नए युवाओं से संपर्क कर संगठन की देश विरोधी गतिविधियों को और अधिक विस्तार देने के लिए गुप्त रूप से काम कर रहे थे।

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इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का संदेह

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की बेहद गहराई से जांच कर रही हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से बरामद किए गए मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इन आरोपियों के तार अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं, इस दिशा में भी जांच तेज कर दी गई है। इस संबंध में जल्द ही ATS द्वारा आधिकारिक तौर पर बड़ा खुलासा किए जाने की संभावना है।

लेट और कमजोर मानसून पर सरकार सतर्क, सीएम डॉ.मोहन यादव बोले, किसानों को कम पानी वाली फसलें अपनाने के लिए करें प्रेरित

 
भोपाल। मानसून की लेट होने और अल्पवर्षा के पूर्वानुमान के मद्देजनर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर योजना, वैज्ञानिक खेती और समयबद्ध तैयारी के अवसर के रूप में लिया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को समय पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं, ताकि प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश का प्रत्येक किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच और उचित तैयारी के साथ करे। समय पर सही निर्णय और विभागों के प्रभावी समन्वय से हम संभावित अल्प वर्षा के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। उन्होंने ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर तथा कोदो-कुटकी जैसी मोटे अनाज एवं दलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने के साथ किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं।
 
किसानों को अलर्ट करें-मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को जल्दबाजी में बुआई नहीं करने के लिए भी प्रेरित किया जाए। खेतों में पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बुआई की जाए तथा नमी संरक्षण के उपाय अपनाए जाएं। साथ ही कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों के सुझावों को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसल का चयन कर सकें। इसके लिए कृषि विस्तार तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संभावित अल्प वर्षा की स्थिति पर सतत निगरानी रखे हुए है। सभी संबंधित विभाग पूर्व नियोजित कार्य योजना के अनुसार समन्वित रूप से कार्य करें और किसानों को हर संभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है और उनकी सुरक्षा, समृद्धि तथा कृषि उत्पादन को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी।
 
अगले दो वर्षों की तैयारी-प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में वैकल्पिक स्रोतों का चिन्हांकन एवं टैंकर व्यवस्था की आकस्मिक योजना तैयार कर अमृत 2.0 के अंतर्गत जलप्रदाय योजनाओं का समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की ग्रामवार समीक्षा, बंद, अपूर्ण नल-जल योजनाओं की मरम्मत का 90 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। “जलाभिषेक 2.0” के तहत प्रदेश में पुराने तालाबों, बावड़ियों, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं का सर्वे एवं जीर्णोद्धार, मनरेगा अभिसरण से प्रति विकासखंड न्यूनतम 100 जल संरचनाओं का पुनर्जीवन दो वर्षों में किया जाएगा। भूजल पुनर्भरण अभियान के तहत सभी विकासखंडों में रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम, स्टॉप डैम एवं खेत-तालाब निर्माण का मिशन मोड कार्यक्रम; “खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में” सिद्धांत पर चलाया जाएगा। नहरों की सफाई मरम्मत रबी से पूर्व पूर्ण, टेल-एंड तक पानी पहुंचाने की जवाबदेही तय की जायेगी।
 
हर तरह का तैयार किया जा रहा प्लान-बैठक में बताया गया कि कम जल मांग वाली फसलों  यथा दलहन, तिलहन, श्रीअन्न (मोटे अनाज) प्रोत्साहन एवं एमएसपी पर उपार्जन, ग्रीष्मकालीन धान-मूंग पर जल उपलब्धता आधारित सलाह, धान क्षेत्रों में डीएसआर (सीधी बुवाई) एवं वैकल्पिक गीला-सूखा पद्धति एवं प्रत्येक जिले के लिए कंटिन्जेंसी क्रॉप प्लान तैयार किया जा रहा है। जलविद्युत एवं जलाशय प्रबंधन के तहत सभी प्रमुख जलाशयों, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, बाणसागर, गांधीसागर के लिए रूल कर्व का कड़ाई से पालन; जल उपयोग की प्राथमिकता  दी जाएगी। पहले पेयजल, फिर सिंचाई, फिर विद्युत उत्पादन का स्पष्ट प्रोटोकॉल तय किया जा रहा है। रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड बनाए जाएंगे। “जल गंगा संवर्धन” की तर्ज पर जनभागीदारी आधारित सतत् अभियान चलाए जाएंगे। प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जल संकट आकस्मिक योजना बनाई जाएगी।