मांगरोल में बादल फटे, 1 दिन में 22.24 इंच बारिश, गुजरात के 225 तालुका पानी-पानी

gujarat rain

Gujarat Rain : गुजरात में पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून के कारण राज्य के कुल 225 तालुकाओं में भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए गरज-चमक के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश का अलर्ट जारी किया है। मूसलाधार बारिश से पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट आई है और मौसम सुहाना हो गया है। हालांकि, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी पैदा हुई है, लेकिन कुल मिलाकर इस बारिश से लोगों में खुशी का माहौल है। ALSO READ: गुजरात में बादल फटने से 22 इंच बारिश, जयपुर के अस्पताल में घुसा पानी, IMD का 23 राज्यों में अलर्ट

 

मांगरोल में फटा बादल

राज्य में सबसे ज्यादा बारिश सौराष्ट्र के मांगरोल में 22.24 इंच दर्ज की गई है। इसके अलावा मालिया हाटिना में 14.09 इंच, वघई में 13.43 इंच, सुबीर में 13.23 इंच और अंबिका क्षेत्र में 13.19 इंच बारिश हुई है। इस मूसलाधार बारिश के कारण स्थानीय नदियों, नालों और जलाशयों में बड़े पैमाने पर नए पानी की आवक हुई है, जिससे बांधों का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
 

सौराष्ट्र में चौतरफा मेहरबानी

मांगरोल के अलावा सौराष्ट्र के अन्य इलाकों में भी कुदरत जमकर बरसी है। केशोद में 12.08 इंच, मेंदरडा में 12.56 इंच और पाटन-वेरावल में 8.50 इंच बारिश दर्ज की गई है। जूनागढ़ जिले समेत पूरे क्षेत्र में मानसूनी माहौल जमने से 'जगत का तात' (किसान) बेहद खुश है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश इस समय बोई गई मानसूनी फसलों के लिए बेहद फायदेमंद और 'अमृत' साबित होगी।

 

दक्षिण गुजरात भी पानी-पानी

दक्षिण गुजरात के जिलों में भी आसमान से राहत बरस रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो डोलवन में 11.65 इंच, वांसदा में 9.80 इंच, चिखली में 9.61 इंच, वालोड में 9.17 इंच, डांग में 9.09 इंच, गणदेवी में 8.39 इंच, वलसाड में 8.15 इंच और व्यारा में 7.24 इंच बारिश हुई है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण दक्षिण गुजरात की मुख्य नदियां उफान पर हैं और दो किनारों से बह रही हैं।

 

आफत या राहत?

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी दक्षिण गुजरात, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। अगर आने वाले दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही, तो राज्य के जल संसाधन और पानी की स्थिति और मजबूत होगी। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान बेवजह बाहर न निकलने, जरूरी सावधानी बरतने और मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखने की अपील की है।

शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते बढ़त के साथ बंद, अगले सप्ताह किन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर?

share market review 4 July : market ki baat

Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता भी रेंज बाउंड होने के बाद सकारात्मक रहा। कच्चे तेल में गिरावट के चलते लगातार चौथे हफ्ते शेयर बाजार प्लस में बंद हुआ। पहले 2 दिन बाजार लाल निशान में तो आखिरी 3 दिन हरे निशान में रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 663 अंकों की बढ़त रही तो निफ्टी भी 214 अंक बढ़ गया। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह। ALSO READ: Share Bazaar में लगातार तीसरे दिन उछाल, Sensex 262 अंक चढ़ा, Nifty भी 24270 के पार

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 372 अंक की गिरावट के साथ 76728 पर बंद हुआ तो निफ्टी 110 अंक गिरकर 23,946 पर पहुंच गया। मंगलवार को सेंसेक्स 250 अंक गिरकर 76479 पर था। निफ्टी भी 81 अंकों की गिरावट के साथ 23,866 पर बंद हुआ।

 

बुधवार को सेंसेक्स 444 अंकों की तेजी के साथ 76923 जा पहुंचा। वहीं निफ्टी 140 अंक बढ़कर एक बार फिर 24,000 पार चला गया। गुरुवार को सेंसेक्स 579 अंकों की तेजी के साथ 77502 पर बंद था तो निफ्टी 170 अंक बढ़कर 24,176 पर पहुंच गया। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 262 अंक बढ़कर 77764 पर पहुंच गया तो निफ्टी भी 95 अंकों की बढ़त के 24,271 पर बंद हुआ। ALSO READ: 1 July से बदल गए 6 बड़े नियम: Aadhaar, Passport से लेकर Credit Card तक, आपकी जेब पर सीधा असर

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

क्रूड की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट के बाद जुलाई भारत के लिए राहत भरी खबर लेकर आया। कमर्शियल एलपीजी, एटीएफ के साथ ही नायरा एनर्जी के पेट्रोल डीजल की कीमतों में भी कमी आई। हफ्ते के पहले 2 दिन सेंसेक्स और निफ्टी में मुनाफा वसूली हावी रही तो अंतिम 3 दिनों में निवेशक खरीदारी के मूड में दिखाई दिए। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में सप्ताह के दौरान 0.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.05 प्रतिशत चढ़ गया।

 

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट से एनर्जी सेक्टर को बूस्ट मिला है। आईटी सेक्टर के शेयरों में इस हफ्ते निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। एफआईआई ने भी इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया है। टीवीएस, बजाज ऑटो, टाटा मोटर्स के भी इस छह माही के सेल्स के आंकड़े काफी सकारात्मक रहे हैं। एफएमसीजी, फॉर्मा और पीएसयू बैंकिंग कंपनियों का प्रदर्शन कमजोर रहा।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

अगले हफ्ते शेयर बाजार की चाल कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों, मानसून की प्रगति, बैंकिंग क्षेत्र में कर्ज वृद्धि के साथ ही भारत की अमेरिका, ब्रिटेन और जापान के साथ चल रही ट्रेड वार्ताओं पर रहेगी।

योगेश बागौरा ने कहा कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता बाजार की दिशा तय करेगी। उन्होंने कहा कि कतर में हुई दोनों देशों की वार्ता में टोल पर तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान हर हाल में टोल की वसूली चाहता है तो अमेरिकी किसी भी सूरत में इस मामले में झुकने को तैयार नहीं है।


उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते भी शेयर बाजार रेंज बाउंड ही रहेगा। निफ्टी के 24400 से ऊपर बंद होने की स्थिति में बाजार 24700 तक जा सकता है। 23800 से नीचे बंद होने पर बाजार में गिरावट की आशंका है।

 

शेयर बाजार के लिए कैसे रहे पहले 6 माह?

भारतीय शेयर बाजार के लिए 2026 के पहले 6 माह काफी संघर्ष भरे रहे। पश्चिम एशिया में जंग छिड़ने से तेल सप्लाई पर बुरा असर पड़ा। तेल की कीमतों में गिरावट ने डॉलर के मुकाबले रुपए को काफी कमजोर कर दिया। एफआईआई ने मानों बाजार से मुंह मोड़ लिया और मुनाफा वसूली के चलते सेंसेक्स 8000 से ज्यादा गिर गया तो निफ्टी में भी 2250 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

पहली बार लखनऊ पहुंचे नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी ने किया स्वागत

Chief Minister Yogi Adityanath welcomed BJP National President Nitin Nabin

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा- संस्कृति, संस्कार और सृजन की साधना स्थली उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत

– मुख्यमंत्री योगी ने पुष्पगुच्छ देकर व भगवा अंगवस्त्र पहनाकर एयरपोर्ट पर नितिन नबीन का स्वागत किया

– मुख्यमंत्री योगी ने मंत्रियों व कार्यकर्ताओं से कराया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का परिचय

Nitin Nabin's Lucknow visit : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद नितिन नबीन शनिवार को पहली बार लखनऊ पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ देकर व भगवा अंगवस्त्र पहनाकर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से प्रदेश सरकार के मंत्रियों व कार्यकर्ताओं का परिचय भी कराया। 

 

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर किए गए पोस्ट में लिखा कि प्रभु श्रीराम एवं लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण के चरणरज से पावन हुई संस्कृति, संस्कार और सृजन की साधना स्थली उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करने वालों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष/केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, भूपेंद्र चौधरी, एके शर्मा, धर्मपाल सिंह, नंद गोपाल गुप्ता 'नन्दी', संजय निषाद, दारा सिंह चौहान, जेपीएस राठौर, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा, संजय सेठ, ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल समेत अन्य मंत्री, जनप्रतिनिधि व संगठन के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।

गुजरात में पकड़े गए संदिग्‍ध आतंकियों में देवास का 18 साल का बिलाल दुर्रानी घाघा भी, ATS इस एंगल पर कर रही जांच

Bilal Durrani

गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने गुरुवार को देवास के वारसी नगर से जैश ए मोहम्मद के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में देवास का 18 साल का बिलाल दुर्रानी घाघा भी गिरफ्तार हुआ है। जिस पर आरोप है कि संदिग्ध गुजरात में जैश ए मोहम्मद का आतंकी नेटवर्क खड़ा करने के लिए यह स्लीपर सेल की तैयारी कर रहे थे।

एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि गुजरात एटीएस ने पुख्ता इंटेल के बाद देवास में डेरा डाला था। एटीएस ने स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद देवास पुलिस के सहयोग से आरोपियों को चिन्हित कर पकड़ा गया। सूत्रों के अनुसार पकड़े गए आरोपित का नाम बिलाल दुर्रानी घाघा है। शंका है कि संदिग्ध गुजरात में जैश ए मोहम्मद का आतंकी नेटवर्क खड़ा करने के लिए यह स्लीपर सेल की तैयारी कर रहे थे।

बता दें कि शहर का वारसी नगर क्षेत्र नाहर दरवाजा थाना क्षेत्र में आता है, जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी रहती है। गिरफ्तारी के संबंध में स्थानीय पुलिस ने अधिक जानकारी नहीं दी है। हालांकि बताया जा रहा है कि एटीएस आरोपियों को लेकर रवाना हो चुकी है। इधर देवास से संदिग्ध पकड़ाने के बाद देवास पुलिस भी सतर्क हो गई है। मामले में जांच की जा रही है।

केतन से लेकर इंदौर के राजा रघुवंशी तक! भाजपा सांसद ने दोहराई पुरुष आयोग की मांग, कहा- पुरुषों की भी सुनो

BJP MP Ashok Mittal

BJP MP Ashok Mittal on Ketan Agarwal murder case: क्या प्यार सिर्फ एक धोखा है? और शादी का वादा… मौत का वारंट? पुणे के करोड़पति रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की खौफनाक हत्या ने देश को हिलाकर रख दिया है। मंगेतर सिया गोयल और उसके आशिक चेतन की इस खूनी साजिश ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि 'हनी ट्रैप' और 'मर्डर ट्रैप' का शिकार सिर्फ महिलाएं नहीं, बल्कि पुरुष भी हो रहे हैं। इस मर्डर ने देश के दो सबसे चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले मामलों—इंदौर के राजा रघुवंशी कांड और मेरठ के सनसनीखेज मुस्कान कांड की खौफनाक यादों को ताजा कर दिया है।

 

चारों तरफ सुलगते इस गुस्से के बीच अब देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद में 'राष्ट्रीय पुरुष आयोग' बनाने की मांग ने भयंकर तूल पकड़ लिया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने केतन की मौत पर गहरा दुख जताते हुए पुरुषों की सुरक्षा के लिए एक बार फिर अपनी मांग को दोहराया है। उन्होंने यह मामला 2025 में सदन में उठाया था। ALSO READ: केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

मित्तल ने एक्स पर फिर दोहराई अपनी मांग 

मित्तल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा-  पुणे का केतन अग्रवाल मामला बहुत परेशान करने वाला है। केतन और उनके परिवार को निष्पक्ष, पूरी और बिना किसी भेदभाव के जांच मिलनी चाहिए और सबसे बढ़कर, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।  मैंने संसद में 'नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल' पेश किया था। हर पीड़ित को न्याय, मदद और कानून के तहत समान सुरक्षा मिलनी चाहिए।

केतन का मामला यह याद दिलाता है कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं। उन्हें संस्थागत मदद, कानूनी सुरक्षा और एक ऐसा मंच मिलना चाहिए जहां उनकी बात सुनी जा सके। लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना, न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट को #NationalCommissionForMen #MenRights #JusticeForMen @MLJ_GoI @India_NHRC के साथ टैग किया है। ALSO READ: कैफे में रची गई साजिश, CCTV से खुली पोल, एक बॉलीवुड फिल्म की तर्ज पर हुआ केतन का मर्डर

सिया कांड ने दिलाई इनकी याद! 

दरअसल, पुणे के केतन अग्रवाल की हत्या कोई पहली वारदात नहीं है, बल्कि यह पुरुषों के खिलाफ रची जा रही एक बेहद खतरनाक और शातिर क्रिमिनल साइकोलॉजी का हिस्सा है। याद करिए मध्य प्रदेश के इंदौर का वह सनसनीखेज 'राजा रघुवंशी कांड', जहां प्यार और भरोसे का ऐसा ही कत्ल हुआ था। वहां भी साजिश की डोर एक महिला के हाथ में थी। उत्तर प्रदेश के मेरठ का 'मुस्कान कांड' भी ठीक इसी खौफनाक मोड़ पर आकर थमता है। 

 

इस खौफनाक हत्याकांड के बाद पुरुषों के अधिकारों और उनकी कानूनी सुरक्षा को लेकर देश के मर्दों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसी कड़ी में बीजेपी के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक अशोक कुमार मित्तल ने इस घटना को बेहद विचलित करने वाला बताया है। सांसद मित्तल ने एक्स (X) पर दिसंबर 2025 का अपना एक पुराना वीडियो शेयर किया, जब उन्होंने संसद में 'प्राइवेट मेंबर बिल' के तहत 'नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल' पेश किया था।

कौन हैं अशोक मित्तल?

अशोक मित्तल मूलत: उद्योगपति हैं। खास बात यह है कि मित्तल 2025 में जब यह बिल लाए थे, तब वे आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद थे। लेकिन इसी साल अप्रैल में राघव चड्ढा के नेतृत्व वाले धड़े के साथ वे भाजपा में शामिल हो गए हैं। अब बीजेपी सांसद के तौर पर उनकी यह मांग सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है। हालांकि, संसद में किसी भी 'प्राइवेट मेंबर बिल' का कानून बनना लोहे के चने चबाने जैसा है। देश के इतिहास में 1970 के बाद से आज तक कोई भी प्राइवेट मेंबर बिल संसद के दोनों सदनों से पास नहीं हो सका है।

मणिपुर में महंगाई का बम! पेट्रोल 250, गैस सिलेंडर 5000 रुपए, आखिर ऐसा क्या हुआ?

Manipur economic blockade

Manipur economic blockade: मणिपुर के कुकी-ज़ो बहुल पहाड़ी जिले कांगपोकपी से एक ऐसी खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली जमीनी हकीकत सामने आई है। यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) की बेरहम आर्थिक नाकेबंदी ने इस पूरे इलाके में जीवन को मुश्किल में डाल दिया है। हालात इस कदर बदतर और रूह कंपाने वाले हो चुके हैं कि आम जनता के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी जंग जीतने जैसा हो गया है। यहां एक लीटर पेट्रोल के लिए 250 रुपए और एक LPG यानी रसोई गैस सिलेंडर के लिए 5000 से 6000 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। लोग अब पाई-पाई के मोहताज हो चुके हैं और पूरा जिला एक जीते-जागते नर्क में तब्दील हो चुका है।

 

दरअसल, मणिपुर का कांगपोकपी जिला अपनी रसद और जिंदगी की रेंगती सांसों के लिए मुख्य रूप से दो बड़े लाइफलाइन मार्गों पर निर्भर है— पहला, कांगलातोंगबी के रास्ते राजधानी इम्फाल को जोड़ने वाला मार्ग और दूसरा, सेनापति जिले के जरिए नागालैंड के दीमापुर को जोड़ने वाला रास्ता। लेकिन, नागा और कुकी समुदायों के बीच भड़के ताजा जातीय तनाव ने इन दोनों ही नसों को पूरी तरह से काट दिया है।

 

दोनों दिशाओं से आने वाले ट्रकों और रसद सामग्री को जबरन रोक दिया गया है। गैस सिलेंडर तो छोड़िए, राशन के लाले पड़ चुके हैं। 50 किलो चावल यहां 3000 रुपए में मिल रहा है। लोग लकड़ी के चूल्हों पर खाना पका रहे हैं। आफत यहीं खत्म नहीं होती, बिजली की भारी कटौती के कारण लोग इलेक्ट्रिक इंडक्शन तक नहीं चला पा रहे हैं और जब बिजली जाती है, तो इंटरनेट भी ठप हो जाता है। ALSO READ: मणिपुर में भारी बवाल : म्यांमार सीमा पार कर आए उग्रवादियों का तंगखुल नागा गांवों पर हमला, चर्च और दर्जनों घर फूंके

गृह मंत्री के वादों की उड़ी धज्जियां!

मई 2023 से सुलग रही मैतेई-कुकी जातीय हिंसा के बीच, केंद्र सरकार ने सीना ठोककर सुरक्षा घेरे में “मुक्त आवाजाही” का भरोसा दिया था। यहां तक कि मार्च 2025 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी इसे मणिपुर में सामान्य स्थिति की बहाली के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया था।

जमीनी हकीकत कुछ और ही

स्थानीय व्यापारियों का दर्द सुनकर आपका कलेजा मुंह को आ जाएगा। उनका कहना है कि इंसानों को आने-जाने की छूट भले ही हो, लेकिन सामान लाने पर कड़ा प्रतिबंध लागू है। व्यापारियों को महीने में सिर्फ एक बार बफर जोर पार करने की अनुमति मिलती है। अगर किसी ने दोबारा जाने की जुर्रत की, तो नागा समूह न केवल उनका सामान जब्त कर लेते हैं, बल्कि लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर अधमरा कर देते हैं। इस खौफ की वजह से स्थानीय कैफे और छोटे धंधे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं। ALSO READ: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, उग्रवा‍दियों ने कई घरों को फूंका, प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू

'अवैध वसूली' और बिचौलियों का खूनी खेल!

सवाल यह है कि आखिर 250 रुपए पेट्रोल और 3000 रुपए में 50 किलो चावल की बोरी बेच कौन रहा है? दरअसल, इस माहौल में केवल कुछ गिने-चुने समुदायों को ही पहाड़ियों और घाटी के बीच आने-जाने की थोड़ी आज़ादी है। इनमें मैतेई पंगल (मणिपुरी मुस्लिम), नेपाली और उत्तर भारत के गैर-मणिपुरी लोग शामिल हैं।

 

ये लोग न चाहते हुए भी इस मजबूरी के खेल में 'बिचौलिए' बन गए हैं। वे इम्फाल से जान जोखिम में डालकर सामान खरीदते हैं और कांगपोकपी लाते हैं। लेकिन इस सफर के दौरान उन्हें रास्ते में बने दर्जनों नए और कड़े चेकप्वाइंट्स पर भारी “अनौपचारिक शुल्क” यानी 'गुंडा टैक्स देना पड़ता है। परिवहन के हर कदम पर होने वाली इस खुली लूट का सीधा बोझ गरीब उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों की पूरी जमा पूंजी खत्म हो रही है। 

आखिर क्यों लगा है यह पहरा?

इस खौफनाक आर्थिक नाकेबंदी की शुरुआत 'यूनाइटेड नागा काउंसिल' (UNC) द्वारा 17 मई को की गई थी। संगठन का खून खौल रहा है क्योंकि उनका आरोप है कि कुकी समूहों ने उनके छह बेगुनाह नागा नागरिकों का अपहरण कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। नागा काउंसिल के नेताओं ने दो टूक शब्दों में ऐलान कर दिया है कि भले ही शव बरामद हो गए हों, लेकिन यह नाकेबंदी तब तक नहीं हटेगी जब तक कि कातिलों को फांसी और पीड़ित परिवारों को पूरा इंसाफ नहीं मिल जाता। 
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

भोपाल में RGPV से बीटेक के पेपर चोरी, पुलिस ने दर्ज की FIR, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

भोपाल। राजधानी भोपाल में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में पेपर चोरी का  सनसनीखेज मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के UTD की परीक्षा शाखा से बीटेक चौथे सेमेस्टर के 9 विषयों के प्रश्नपत्रों के सीलबंद लिफाफे चोरी हो गए हैं। पेपर चोरी की घटना के बाद आनन-फानन में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीटेक चौथे सेमेस्टर की परीक्षा को स्थगित कर दिया।
 
चोरी की यह पूरी घटना स्कूल ऑफ बायोमॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा शाखा की है। शुक्रवार सुबह 11 बजे से परीक्षा शुरू होनी थी। छात्र अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंच चुके थे, लेकिन पेपर शुरू होने के कुछ ही मिनटों पहले उन्हें बताया गया कि प्रश्नपत्र चोरी हो जाने के कारण परीक्षा को टाल दिया गया है। अचानक हुए इस फैसले से छात्रों में भारी आक्रोश और नाराजगी देखी गई।
 
यूनिवर्सिटी में पेपर चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। गांधी नगर पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में कई हैरान करने वाले और संदेहास्पद तथ्य सामने आए हैं। स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा शाखा में जिस कमरे में अलमारी में पेपर ऱखे थे वहां का मेन गेट पर ताला लगा था और कमरे  में रखी 12 अलमारी में से 11 अलमारी के लॉक सुरक्षित थे। चोरों ने जिस अलमारी पेपर रखे थे उसी को निशाना बनाया। वहीं कमरे की एक खिड़की और बाथरूम की जाली टूटी हुई पाई गई, जिसके जरिए चोरों ने अंदर एंट्री की और पेपर के बंडल चुरा लि।
 
सबसे हैरान करने वाली लापरवाही यह सामने आई है कि जिस स्ट्रॉन्गरूम में यह गोपनीय और संवेदनशील परीक्षा सामग्री रखी गई थी, वहां कोई भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। पुलिस के मुताबिक जिस तरह से केवल उसी अलमारी के लॉक तोड़ा गया जहां पेपर ऱखे थे, इससे किसी कर्मचारी के मिलीभगत की पूरी आंशका है।
 
कुलगुरु ने परीक्षा नियंत्रक को थमाया नोटिस, FIR दर्ज- घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने हंगामा शुरु कर कुलगुरु का घेराव कर दिया और परीक्षा नियंत्रक को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इसके बाद कुलगुरु डॉ. आलोक शर्मा ने यूटीडी की परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी को नोटिस जारी कर पांच दिन के अंदर जवाब मांगा है। वहीं विश्वविद्यालय की शिकायत के बाद गांधी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और जांच शुरु कर दी है।
 
वहीं घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने परीक्षा विभाग के अधिकारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
 
कांग्रेस ने सरकार को घेरा- वहीं, इस मुद्दे पर राज्य में राजनीति भी गरमा गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में छात्रों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है और अब पेपर लीक के बाद सीधे 'पेपर चोरी' का नया दौर शुरू हो गया है।

​इंदौर में पब पर सख्‍ती हुई तो फ्लैट्स और फार्म हाउस बने ‘सीक्रेट पार्टी ज़ोन’, सोशल मीडिया से तय हो रही एंट्री

secret house party

'मिनी मुंबई' कहे जाने वाले इंदौर का नाइटलाइफ़ कल्चर अब पब और क्लबों की चौखट से बाहर निकलकर शहर के शांत रहवासी इलाकों और बायपास के फार्म हाउसों में शिफ्ट हो रहा है। शहर में पबों पर पुलिस की लगातार बढ़ती कड़ाई, समय सीमा (नाइट कर्फ्यू और डेडलाइन) और आबकारी विभाग की मुस्तैदी के बाद अब युवाओं ने एन्जॉयमेंट का एक नया और खतरनाक रास्ता ढूंढ निकाला है— 'सीक्रेट हाउस पार्टी'।

पॉश कॉलोनियों के फ्लैट्स, विला और बायपास की टाउनशिप्स में वीकेंड पर सजने वाली ये महफिलें न सिर्फ कानून को ठेंगा दिखा रही हैं, बल्कि शहर की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही हैं।

​सोशल मीडिया फिल्टर और कोडवर्ड का खेल: कैसे होती है एंट्री?
​यह पूरा नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से और 'अंडरग्राउंड' रहकर काम करता है। इन पार्टियों का कोई पोस्टर या ओपन इनविटेशन नहीं होता।

​क्लोज फ्रेंड्स ग्रुप: इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और वॉट्सऐप पर बने कुछ बेहद चुनिंदा और 'वेरिफाइड' ग्रुप्स के जरिए इन पार्टियों का मैसेज सर्कुलेट किया जाता है। इसके बाद लड़के और लड़कियां इनमें शामिल होते हैं।

​लास्ट मोमेंट लोकेशन: पार्टी की सही लोकेशन (गूगल मैप लिंक) शाम को इवेंट शुरू होने के महज 2 घंटे पहले सिर्फ उन्हीं लोगों से शेयर की जाती है, जो एडवांस पेमेंट कर चुके होते हैं या जिनके पास 'रेफरेंस कोड' होता है।

​कमर्शियल मॉडयूल: इन सीक्रेट पार्टियों का पूरा कमर्शियल सिंडिकेट चल रहा है। 'कपल्स और गर्ल्स के लिए फ्री या डिस्काउंटेड एंट्री' और 'सिंगल बॉयज के लिए 1500 से 2500 रुपये तक की एंट्री फीस' वसूली जाती है। इस रकम में अनलिमिटेड शराब और डीजे का लालच दिया जाता है।

​ऑनलाइन रेंटल ऐप्स बने 'सेफ हेवन' : जांच में यह बात सामने आई है कि इन पार्टियों के लिए आयोजक सीधे तौर पर कोई जगह नहीं खरीदते। इसके लिए ऑनलाइन प्रॉपर्टी और होम-स्टे रेंटल ऐप्स (जैसे Airbnb या अन्य विला बुकिंग प्लेटफॉर्म) का सहारा लिया जाता है। वीकेंड के नाम पर बायपास, रालामंडल, महू या कनाड़िया रोड की तरफ बने बड़े विला और फार्म हाउस 10 से 15 हजार रुपये प्रतिदिन के किराए पर बुक किए जाते हैं।

​आबकारी और सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां : बिना किसी वैध 'वन-डे लिकर लाइसेंस' के इन पार्टियों में बड़े पैमाने पर विदेशी और महंगी शराब परोसी जा रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि व्यावसायिक पबों की तरह यहां न तो कोई सिक्योरिटी गार्ड होता है, न सीसीटीवी कैमरे और न ही फायर फाइटिंग के इंतजाम। बंद कमरों या कवर्ड फार्म हाउस में देर रात तक लाउड म्यूजिक के बीच नशे की हालत में होने वाले आपसी विवाद किसी भी दिन बड़ी वारदात का कारण बन सकते हैं।

​रहवासियों की बढ़ी धड़कनें, RWAs ने जताई चिंता : शहर के पॉश इलाकों (जैसे विजय नगर, साकेत, महालक्ष्मी नगर और बायपास की टाउनशिप्स) के रहवासी संघ (RWA) इस ट्रेंड से खासे परेशान हैं। रहवासियों का कहना है, “शनिवार-रविवार की रात अचानक हमारी कॉलोनियों में अज्ञात गाड़ियों की कतारें लग जाती हैं। देर रात तक बेस-हेवी लाउड म्यूजिक बजता है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों का सोना मुहाल हो जाता है। विरोध करने पर ये असामाजिक तत्व विवाद पर उतारू हो जाते हैं।”

​पुलिस और प्रशासन का रुख: “मकान मालिक भी होंगे जिम्मेदार”
​हाल ही में शहर के कुछ इलाकों में हुई औचक कड़ाइयों और छापों के बाद इंदौर पुलिस और आबकारी विभाग अब इन 'अंडरग्राउंड' इवेंट्स को लेकर अलर्ट मोड पर है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी अवैध पार्टियों की टोह लेने के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि बिना परमिशन और बिना कमर्शियल लाइसेंस के रहवासी इलाकों में ऐसी पार्टियां आयोजित करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आबकारी अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, बिना वेरिफिकेशन के ऐसे तत्वों को मकान या फार्म हाउस किराए पर देने वाले मालिकों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। 

गुजरात में बादल फटने से 22 इंच बारिश, जयपुर के अस्पताल में घुसा पानी, IMD का 23 राज्यों में अलर्ट

weather update 4 july

Weather Update 4 July : मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्‍ट्र समेत कई राज्यों में दक्षिण पश्चिमी मानसून मेहरबान नजर आ रहा है। भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भरा हुआ है। गुजरात के मांगरोल में बादल फटने से 22.24 इंच बारिश हो गई। जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मान सिंह अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पानी भर गया। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार 'अल नीनो' प्रभाव के कारण देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और संभावित सूखे की स्थिति से उत्पन्न हालात पर लगातार नजर रख रही है।

 

ओडिशा-पश्चिम बंगाल में निम्न दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर बना 'सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र' आज भी उसी क्षेत्र में बना हुआ है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तरी ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (7-20 सेमी) के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा (>20 सेमी) होने की प्रबल संभावना है। कर्नाटक, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, मेघालय, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तराखंड और राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

भारी बारिश से गुजरात पानी-पानी

गुजरात में पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुल 225 तालुकाओं में भारी बारिश दर्ज की गई है। राज्य में सबसे ज्यादा बारिश सौराष्ट्र के मांगरोल में 22.24 इंच दर्ज की गई। इसके अलावा मालिया हाटिना में 14.09 इंच, वघई में 13.43 इंच, सुबीर में 13.23 इंच और अंबिका क्षेत्र में 13.19 इंच बारिश हुई है। केशोद में 12.08 इंच, मेंदरडा में 12.56 इंच और पाटन-वेरावल में 8.50 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस मूसलाधार बारिश के कारण स्थानीय नदियों, नालों और जलाशयों में बड़े पैमाने पर नए पानी की आवक हुई है, जिससे बांधों का जलस्तर काफी बढ़ गया है।

 

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी दक्षिण गुजरात, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान बेवजह बाहर न निकलने, जरूरी सावधानी बरतने और मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखने की अपील की है।

 

इंदौर-देवास में मानसून मेहरबान

लेट एंट्री के बाद इंदौर, देवास, खंडवा समेत मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसून मेहरबान नजर आ रहा है। उज्जैन और इसके आसपास हो रही अच्छी बारिश की वजह से शिप्रा नदी भी उफान पर है। घाट पर पहुंचे पानी में कई छोटे मंदिर डूब गए। मौसम विभाग ने इंदौर संभाग में आज भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।

 

क्या है राजस्थान का हाल?

राजस्थान में करीब एक सप्ताह की देरी से पहुंचे मानसून की वजह से 22 जिलों में जमकर वर्षा हुई। भीलवाड़ा, बांसवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में करीब ढाई इंच वर्षा दर्ज की गई। डूंगरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में भी बारिश का पानी ट्रामा सेंटर में घूस गया। माइनर ओटी के मरीजों को भी दूसरे वार्ड में स्थानांतरित किया गया।

अमरनाथ यात्रा के बीच बड़ी खबर: तेजी से पिघल रहा है पवित्र हिमलिंग, जम्मू से रवाना हुआ श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था

amarnath yatra 2026 : himling melting rapidly

Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा के प्रतीक हिमलिंग के तेजी से पिघलने के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, सालाना अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था शनिवार सुबह जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से रवाना हुआ।

यात्रा के दूसरे ही दिन यात्रा के प्रतीक हिमलिंग को तेजी से पिघलना जारी था और बढ़ती भीड़ के बीच सूत्रों का कहना था कि शायद ही हिमलिंग अब दो तीन दिनों से अधिक टिक पाए। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प

 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 4,812 तीर्थयात्री 259 गाड़ियों के काफिले में बालटाल और पहलगाम के दो बेस कैंपों के लिए रवाना हुए। 2,041 तीर्थयात्री बालटाल रूट से यात्रा कर रहे हैं, जबकि 2,771 पहलगाम रूट से जा रहे हैं।
 

इस जत्थे में 3,434 पुरुष तीर्थयात्री, 966 महिला तीर्थयात्री, 11 बच्चे, 244 साधु और 157 साध्वियां शामिल हैं। काफिले में 95 बसें, 47 मीडियम मोटर वाहन (एमएमवी), 116 लाइट मोटर वाहन (एलएमपी) और एक दोपहिया वाहन शामिल है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: निकलने से पहले जरूर कर लें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेगा सफर सुरक्षित

 

अधिकारियों ने बताया कि बालटाल जाने वाला काफिला सुबह 3:00 बजे भगवती नगर से रवाना हुआ, जबकि पहलगाम जाने वाला काफिला सुबह 3:24 बजे कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। 

इस बीच, शनिवार को तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था गांदरबल में बालटाल और पहलगाम में नुनवान स्थित दो बेस कैंपों से दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर ऊंचे पवित्र गुफा मंदिर की यात्रा के लिए निकला, जहां प्राकृतिक रूप से बना बर्फ का शिवलिंग मौजूद है।

 

दूसरे जत्थे में शामिल तीर्थयात्री करण सिंह ने कहा कि पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था ने श्रद्धालुओं का आत्मविश्वास बढ़ाया है। करण का कहना था कि इतनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था देने के लिए हम प्रशासन के आभारी हैं। इससे हमें दर्शन के लिए अपनी यात्रा जारी रखने की प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने यात्रा के सफल होने की उम्मीद भी जताई।

 

57 दिनों तक चलने वाली सालाना अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 28 अगस्त (रक्षा बंधन) को समाप्त होगी।
edited by : Nrapendra Gupta