मुंबई में बारिश का तांडव: मानखुर्द में इमारत गिरने से 6 की मौत, स्कूल बंद

mumbai rain

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर तेज बारिश में डूब गई। सड़कों पर पानी भरने से मुंबई की रफ्तार कम हुई। मुंबई और पुणे के बीच संपर्क कटा। मानखुर्द में इमारत का हिस्सा गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आज भी यहां भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मुंबई और नवी मुंबई के सभी स्कूल आज बंद रहेंगे। ALSO READ: Mumbai Rain : मुंबई में मानसून का कहर, 3 दिन में जुलाई की आधी से ज्यादा बारिश, कई इलाकों में भारी जलभराव

 

मानखुर्द में दर्दनाक हादसा

मुंबई के मानखुर्द में रविवार रात करीब साढ़े 8 बजे एक चार मंजिला इमारत का हिस्सा गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस, फायर ब्रिगेड, बीएमसी वार्ड स्टाफ और एंबुलेस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया।

सड़कों पर भरा पानी

मुंबई में रविवार को लगातार हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में अब तक 250 से 300 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा चुकी है। भारी बारिश के कारण महानगर के कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ। कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुईं। मुंबई में भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सरकार ने स्कूल और कॉलेज को बंद करने का निर्णय लिया है।

 

मुंबई पुणे रूट पर भूस्खलन

महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मुंबई-पुणे रेल रूट पर सोमवार सुबह करजात-लोनावला के भोर घाट सेक्शन में दो जगह लैंडस्लइड हो गई। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला एग्जिट के पास भूस्खलन की घटना सामने आई। मुंबई की ओर जाने वाली लेन बंद है।

 

सेंट्रल रेल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि सेंट्रल रेलवे के सभी चार कॉरिडोर पर लोकल ट्रेनें सामान्य रूप से चल रही हैं। मेन लाइन पर ट्रेनें तय समय से 6-8 मिनट देरी से चल रही हैं, जबकि हार्बर लाइन की ट्रेनें 4 मिनट की देरी से चल रही हैं। 

 

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के पीछे कई सक्रिय मौसमी प्रणालियां जिम्मेदार हैं। इनमें बंगाल की खाड़ी में बना गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र, जो 3 जुलाई को और मजबूत हुआ, प्रमुख कारण माना जा रहा है।

Top News 6 July: राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज, मुंबई पानी-पानी, मानखुर्द में इमारत गिरी

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Top News 6 July : चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज होगी। मुंबई के मानखुर्द में इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। इजराइल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के भारत समेत कई देशों से संबंध मजबूत हैं। फीफा विश्व कप में ब्राजील उलटफेर का शिकार हो गया। नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया। 6 जुलाई की बड़ी खबरें :  

 

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सोमवार यानी आज एक अहम बैठक करेगा। यह बैठक अयोध्या राम मंदिर में दान में हेराफेरी की जांच के बीच हो रही है। बैठक में चढ़ावा चोरी पर चर्चा के साथ चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला हो सकता है। ट्रस्ट के नए प्रशासनिक ढांचे पर भी विचार किया सकता है। ALSO READ: अयोध्‍या चढ़ावा विवाद को लेकर सोमवार को होगी ट्रस्‍ट की बैठक, ट्रस्टी चंपत राय समेत कई अहम मुद्दों पर होगा फैसला

 

मुंबई में इमारत गिरी, 6 की मौत

तेज बारिश में एक बार फिर पानी में डूबी मुंबई। सड़कों पर पानी भरने से कम हुई रफ्तार। मुंबई और पुणे के बीच संपर्क कटा। मुंबई और नवी मुंबई के सभी स्कूल आज बंद रहेंगे। मानखुर्द में इमारत का हिस्सा गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। 

 

भारत हमारे साथ हैं : नेतन्याहू

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस को जवाब- भारत सहित कई देशों के साथ इजराइल के मजबूत और सकारात्मक संबंध हैं तथा उन्हें भारत से व्यापक जनसमर्थन भी मिलता है। वेंस ने कहा था कि अमेरिका ही दुनिया में इजराइल का एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी है।

 

ब्राजील फीफा विश्व कप से बाहर

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में नॉर्वे ने 5 बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया और पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालंद ने 79वें और 90वें मिनट में दो शानदार गोल दागकर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। ब्राजील के लिए एकमात्र गोल नेमार जूनियर ने किया।

 

नेमार का फुटबॉल से संन्यास

ब्राजील की हार के तुरंत बाद स्टार फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। मैच के बाद भावुक नेमार ने अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा- मैंने पूरी कोशिश की, मैंने पूरी कोशिश की। अब सब खत्म हो गया। मैंने यहीं से शुरुआत की थी और यहीं मेरा सफर खत्म हुआ।

अयोध्‍या चढ़ावा विवाद को लेकर सोमवार को होगी ट्रस्‍ट की बैठक, ट्रस्टी चंपत राय समेत कई अहम मुद्दों पर होगा फैसला

meeting of trust will be held on Monday regarding donation dispute over donations in Ayodhya

Ayodhya Ram Mandir donation dispute : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को अयोध्‍या में होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। जिस तरह से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा की भूमिका सामने आई, उससे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्याग पत्र स्वीकार करने के साथ ही इनके विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है।

 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को अयोध्‍या में होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हैं। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

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चंपत राय और अनिल मिश्रा के विकल्पों पर हो सकती है चर्चा 

जिस तरह से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा की भूमिका सामने आई, उससे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्याग पत्र स्वीकार करने के साथ ही इनके विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है। इसको लेकर सरगर्मी चरम पर है। पुलिस व एसआईटी जांच के बीच होने वाली इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा को यदि हटाया गया तो इनके स्थान पर नए सदस्यों की नियुक्ति भी तय है।

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महंत नृत्यगोपालदास करेंगे बैठक की अध्यक्षता

कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, नृपेंद्र मिश्रा, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ सहित अन्य कुछ सदस्यों के सोमवार को सुबह पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता ट्रस्टी के पारासरन सहित कुछ अन्य वर्चुअल रूप से बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपालदास करेंगे। बैठक में एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, वित्त वर्ष 2025-26 की आडिट रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।

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जिलाधिकारी ने किया बैठक स्थल का निरीक्षण

रविवार शाम जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी मणिराजदास जी की छावनी गए। बैठक स्थल का निरीक्षण किया। सुरक्षा आदि मानकों को भी परखा। 6 जून को मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। 25 जून को एफआईआर दर्ज होने के बाद 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। चढ़ावे की गणना और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास होने के कारण दोनों शुरू से ही सवालों के घेरे में रहे। 

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चढ़ावा विवाद पर मोहन भागवत ने दिया यह बयान 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान भी सामने आया है। मोहन भागवत ने इस विवाद पर RSS महासचिव दतात्रेय होसवोले के बयान का सर्मथन किया। मोहन भागवत ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान में हेराफेरी के आरोपों पर संगठन के आधिकारिक रुख का ज़िक्र किया। उन्होंने संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले के बयान की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें इस घटना को बेहद निंदनीय बताया गया था और दोषियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग की गई थी। 

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चढ़ावा विवाद पर क्‍या बोले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि?

श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा चोरी के मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि महाराज ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर मामले पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि रामलला के दरबार में हुई चोरी की घटना से वह व्यक्तिगत रूप से बेहद आहत, दुखी और लज्जित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष होने के बावजूद उनकी भूमिका दैनिक नकदी प्रबंधन या दान की गिनती में प्रत्यक्ष रूप से नहीं रहती थी।

योगी सरकार की निःशुल्क IAS-PCS आवासीय कोचिंग योजना का बढ़ा क्रेज

Interest in Yogi government's free residential IAS-PCS coaching scheme has surged

– रविवार को 10,167 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 67.3 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने दी प्रवेश परीक्षा

– 1 अगस्त से शुरू होंगी कक्षाएं, 7 आवासीय कोचिंग सेंटरों में 865 युवाओं को मिलेगी मुफ्त सुविधा

– प्रदेश के 18 मंडलों के मंडलीय जनपदों में बनाए गए 29 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की प्रवेश परीक्षा 

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। योजना के प्रति बढ़ते आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में पंजीकृत 10,167 अभ्यर्थियों में से 6,844 छात्र-छात्राओं ने रविवार को आयोजित प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया। यानी करीब 67.3 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज हुई, जो योजना के प्रति युवाओं के बढ़ते भरोसे और उत्साह को दर्शाती है।

 

18 मंडलों के 29 केंद्रों पर हुई परीक्षा

समाज कल्याण विभाग की ओर से 5 जुलाई 2026 को प्रदेश के 18 मंडलों के मंडलीय जनपदों में बनाए गए 29 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न आवासीय कोचिंग सेंटरों में प्रवेश दिया जाएगा। नियमित कक्षाएं 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ होंगी, जबकि शैक्षणिक सत्र 31 मई 2027 तक संचालित किया जाएगा।

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865 अभ्यर्थियों को मिलेगी निशुल्क आवासीय सुविधा

प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग सेंटरों में कुल 865 चयनित छात्र-छात्राओं को निशुल्क आवासीय सुविधा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इनमें 25 प्रतिशत सीटें ऐसे अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं, जिन्होंने लेटरल एंट्री के तहत प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। चयनित छात्रों को रहने, खाने, पुस्तकें, स्टडी मटेरियल और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।

 

गरीब और मेधावी युवाओं के लिए बनी बड़ी राहत

योगी सरकार की यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। निजी कोचिंग संस्थानों में लाखों रुपये खर्च होने के कारण कई मेधावी छात्र तैयारी से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सरकार की यह पहल गरीब और होनहार युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाने का मजबूत माध्यम बन रही है।

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प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ेगी वंचित वर्ग की भागीदारी

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा के सपनों में बाधा न बने। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन मिलने से अब वंचित वर्ग के युवाओं की प्रशासनिक सेवाओं में भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

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इससे समाज में सकारात्मक बदलाव को भी नई दिशा मिलेगी। योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे यूपीएससी और यूपीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए योगी सरकार ने दी 210 करोड़ की सब्सिडी, 43 हजार से अधिक लोगों को मिला लाभ

Yogi government provided a subsidy of Rs 210 crore for electric vehicles

– परिवहन विभाग की ईवी नीति का असर, प्रदेश में अब तक 96 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण

– स्वच्छ परिवहन और हरित विकास का मॉडल बना यूपी, सब्सिडी योजना से बढ़ा इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन

– खाड़ी देशों में गंभीर हालात के बीच ईवी की तरफ रुख करना बेहतर, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता करें कम

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार के विजन के तहत परिवहन विभाग द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से हजारों उपभोक्ताओं को आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। इसके तहत योगी सरकार ने 210 करोड़ रुपए से अधिक सब्सिडी के रूप में वितरित किए।

 

उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि खाड़ी देशों में गंभीर हालात और तेल संकट के बीच ईवी वाहनों की तरफ रुख करना ही बेहतर है। वहीं प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना इस दिशा में शानदार सहयोग दे रही है। इससे पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और बेहतर पर्यावरण से लोगों का स्वास्थ्य अच्छा होगा। प्रदेश सरकार ने इसी विजन के साथ 210 करोड़ रुपए से ज्यादा की सब्सिडी का भुगतान कर नया कीर्तिमान बनाया है।

 

43 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिली सब्सिडी

परिवहन विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक 96,778 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से 43,218 लाभार्थियों को अंतिम रूप से ईवी क्रय सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना का लाभ बड़ी संख्या में आम नागरिकों तक पहुंचा है और लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं।

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तीन वर्षों में 210 करोड़ रुपए की सब्सिडी

योजना शुरू होने के बाद पहले लगभग तीन वर्षों के दौरान योगी सरकार ने रिकॉर्ड 210 करोड़ रुपए से अधिक सब्सिडी के रूप में वितरित किए हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं की शुरुआती लागत कम हुई है। परिवहन विभाग ने योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण एवं आवेदनों का लाइव काउंटर भी उपलब्ध कराया है।

Yogi government provided a subsidy of Rs 210 crore for electric vehicles

दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला सबसे अधिक लाभ

ईवी क्रय सब्सिडी योजना के अंतर्गत सबसे अधिक लाभ दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 61,417 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। कम कीमत, कम संचालन लागत और दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त होने के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकलों की मांग तेजी से बढ़ी है। योजना की मूल संरचना में भी दोपहिया वाहनों को विशेष महत्व देते हुए 2 लाख दोपहिया वाहनों तक सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

 

सभी श्रेणियों के वाहनों को प्रोत्साहन

योजना के तहत सरकार ने केवल दोपहिया वाहनों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि 25 हजार चारपहिया, 400 ई-बस और 1,000 ई-गुड्स कैरियर वाहनों को भी सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया। इससे निजी उपयोग के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन और माल परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने की दिशा में ठोस पहल हुई है।

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पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और परिवहन खर्च में आ रही कमी

इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आने, वायु प्रदूषण घटाने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही आम नागरिकों के परिवहन खर्च में भी कमी आ रही है। यही कारण है कि प्रदेश में ईवी अपनाने की गति लगातार बढ़ रही है।

अमित शाह के दौरे से पहले कोलकाता में बवाल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का चबूतरा तोड़ा, मामले पर क्‍या बोली भाजपा?

Uproar in Kolkata ahead of Union Home Minister Amit Shah's visit to Bengal

Union Home Minister Amit Shah : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे से ठीक एक दिन पहले कोलकाता में जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के चबूतरे के साथ आज अज्ञात लोगों द्वारा तोड़फोड़ की घटना हुई है, सुखिया स्ट्रीट इलाके में चबूतरे का निचला हिस्सा टूटा हुआ मिला। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर इस प्रतिमा को हाल ही में स्थापित किया गया था। इसका उद्घाटन सोमवार को भाजपा के प्रदेश नेताओं की तरफ से किया जाना था। जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण है। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने इस मामले में एमहर्स्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे से ठीक एक दिन पहले कोलकाता में जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के चबूतरे के साथ आज अज्ञात लोगों द्वारा तोड़फोड़ की घटना हुई है, सुखिया स्ट्रीट इलाके में चबूतरे का निचला हिस्सा टूटा हुआ मिला।

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घटना के बाद बाद माहौल तनावपूर्ण

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर इस प्रतिमा को हाल ही में स्थापित किया गया था। इसका उद्घाटन सोमवार को भाजपा के प्रदेश नेताओं की तरफ से किया जाना था। जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण है। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने इस मामले में एमहर्स्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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भाजपा ने लगाया साजिश का आरोप 

इस घटना के बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर साजिश का आरोप लगाया है। ऐसे में पुलिसबल तैनात किया गया है। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है जबकि भाजपा ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा सके। हालांकि अब तक किसी राजनीतिक दल की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री इस अवसर पर कोलकाता में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान उनके साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य भी मौजूद रहेंगे।

गाजियाबाद में चलती कार में ‘क्लिनिक’, अवैध भ्रूण लिंग जांच का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

Illegal fetal sex determination racket busted in Ghaziabad

बेटियों के अधिकारों और कानून की सख्ती के बावजूद गाजियाबाद से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने समाज और प्रशासन दोनों के सामने कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मुखबिर की सूचना पर एक चलती कार में कथित रूप से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए अवैध भ्रूण का लिंग बताए जाने के मामले का खुलासा किया है। 

 

कोतवाली थाना क्षेत्र में कार संख्या UP14 FL 9355 को रोककर 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि संदीप, सलमान, शाहिद और तस्लीम कार के अंदर ही पोर्टेबल मशीन के माध्यम से गर्भस्थ शिशु का लिंग जांच करते थे। प्रथम दृष्टया यह मामला केवल कानून के उल्लंघन का नहीं, बल्कि उस सामाजिक मानसिकता का भी आइना है, जो आज भी बेटी और बेटे के बीच भेदभाव की सोच को जीवित रखे हुए है।

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सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि यदि चलती कार के भीतर इस तरह का अवैध नेटवर्क संचालित हो रहा था, तो स्वास्थ्य विभाग की नियमित टीम कैसी निगरानी जिले में कर रही थी? साथ ही यह जानना भी आवश्यक है कि वह कब से संचालित हो रहा था और और पीसीपीएनडीटी कानून का पालन करने के लिए गठित एजेंसियों की नजर से आरोपी और उनका नेटवर्क अब तक कैसे बचा रहा?

सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी संदीप के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। यदि यह तथ्य जांच में सही पाया जाता है, तो यह मामला केवल एक व्यक्ति के अपराध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निगरानी, खुफिया सूचना तंत्र और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाएगा।

 

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पुलिस के सहयोग से पूरे नेटवर्क की गहनता के साथ जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं, कितने समय से यह गतिविधि चल रही थी तथा इसके तार किन क्षेत्रों तक फैले हुए हैं?

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यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है। भ्रूण लिंग जांच पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया था ताकि बेटियों को जन्म लेने का समान अधिकार मिल सके। यदि अपराधी तकनीक और नए तरीकों का इस्तेमाल कर कानून को चुनौती दे रहे हैं, तो व्यवस्था को भी उतनी ही सतर्क, आधुनिक और जवाबदेह बनना होगा।

 

अब सभी की निगाहें आने वाले जांच के परिणामों और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। वहीं जांच से यह स्पष्ट होगा कि यह मामला कुछ लोगों तक सीमित था या फिर इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। फिलहाल गाजियाबाद की यह घटना प्रशासन के लिए चुनौती और समाज के लिए चिंतन का विषय है कि बेटियों को दुनिया में न लाकर लिंगानुपात का संतुलन बिगाड़ना है।
Edited By : Chetan Gour

यूपी के हर गन्ना किसान तक पहुंचेगा सामाजिक सुरक्षा का कवच, गन्ना समितियों से जुड़ेंगी जनकल्याणकारी योजनाएं

Social security safety net will reach every sugarcane farmer

– योगी सरकार 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में चलाएगी सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान

– प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा और अटल पेंशन योजना सहित भारत सरकार की योजनाओं से जुड़ेंगे लाखों किसान परिवार

– बैंक, इफ्को, चीनी मिलों और महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से गांव-गांव तक पहुंचेगा अभियान

Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान चलाया जाएगा। 

 

इसके माध्यम से लाखों गन्ना किसान परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सहित भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और सामाजिक स्थिरता को मजबूत करना है। 

 

योगी सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किसानों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु और वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करेगा। इससे किसान परिवारों की आय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन मजबूत होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिलेगी। 

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योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र गन्ना किसान परिवार इन योजनाओं से जुड़ें और प्रत्येक किसान परिवार सुरक्षित, सशक्त तथा आत्मनिर्भर बने। यही अभियान 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई गति देने के साथ किसानों के समग्र कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

गन्ना समितियां निभाएंगी नई भूमिका

प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियां इस अभियान की प्रमुख कड़ी होंगी। वर्षों से किसानों के साथ जुड़े विश्वास को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ा जाएगा। समितियां योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगी, किसानों को जागरूक करेंगी, पात्र लाभार्थियों का नामांकन कराएंगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे गन्ना समितियां किसान सेवा के साथ सामाजिक सुरक्षा की प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के रूप में भी स्थापित होंगी।

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समिति परिसरों में लगेंगे सहायता एवं नामांकन केंद्र

अभियान के दौरान प्रत्येक सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में बैंकों, इफ्को, चीनी मिलों और अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से विशेष सहायता एवं नामांकन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्रता का सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, बैंकिंग सहायता और तत्काल नामांकन की सुविधा मिलेगी। नए सदस्य पंजीकरण, बैंक खाते खोलने तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

 

महिला किसानों के सशक्तीकरण पर रहेगा विशेष फोकस

अभियान में महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण महिला किसानों को बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के साथ उन्हें वित्तीय निर्णयों में अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

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गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान

गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव और विभागीय अधिकारी गांवों में जनसंपर्क कर किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ गन्ना विकास विभाग, इफ्को तथा चीनी मिलों द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की भी जानकारी देंगे। अधिक से अधिक पात्र परिवारों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम सभाओं और किसान गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार

US President Donald Trump has once again threatened Iran

US President Donald Trump's threat to Iran : ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में इतनी बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। हम चाहें तो एक बार में ही सबको खत्म कर सकते हैं, लेकिन फिर भी ऐसा नहीं कर रहे, क्योंकि यदि सभी को मार देंगे तो फिर वार्ता के लिए कौन बचेगा? ट्रंप की इस धमकी पर ईरान ने भी तीखा पलटवार किया है। ईरान ने कहा है कि न उनकी कोई सभ्यता है और न सम्मान है।

 

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में इतनी बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। हम चाहें तो एक बार में ही सबको खत्म कर सकते हैं, लेकिन फिर भी ऐसा नहीं कर रहे, क्योंकि यदि सभी को मार देंगे तो फिर वार्ता के लिए कौन बचेगा?

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डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर क्‍या बोला ईरान? 

ट्रंप की इस धमकी पर ईरान ने भी तीखा पलटवार किया है। ईरान ने कहा है कि न उनकी कोई सभ्यता है और न सम्मान है। ईरान ने कहा कि ये उनके असभ्य होने को दिखाता है। ईरान ने ये भी कहा कि ट्रंप इस बात को समझ जाएं कि लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन आदर्शों को खत्म नहीं किया जा सकता है।

 

आपने अयातुल्ला खामेनेई को मार डाला लेकिन असल में आपने इत्र की एक ऐसी शीशी तोड़ी, जिसकी खुशबू आज हर जगह फैल गई है। खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी ईरान ने ऐसी तारीखों को चुना है, जिनका बड़ा महत्व है। 4 जुलाई को अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह थी। उसी दिन खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके अलावा 9 जुलाई को आखिरी दिन है, जिसका इमाम हुसैन से सीधा संबंध है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने किया यह दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा भी किया कि ईरान के नेता हमारे आगे गिड़गिड़ा रहे हैं कि एक डील कर ली जाए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने तय किया है कि एक सप्ताह तक गोली नहीं चलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान के लोग खामेनेई को अंतिम विदाई देने में व्यस्त हैं। इस शोक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भारत समेत दुनियाभर के प्रतिनिधि ईरान पहुंचे हुए हैं।

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ट्रंप ने जताई लाखों लोगों की भीड़ पर हैरानी 

उन्होंने खामेनेई कि विदाई में जुटी लाखों की भीड़ पर भी हैरानी जताई। ट्रंप ने कहा कि मुझे तो लगता था कि ईरान के लोग उनसे नफरत करते होंगे। डोनाल्ड ट्रंप लगातार धमकियां देते रहते हैं, वहीं ईरान भी अमेरिका के आगे झुकता नहीं दिख रहा है।

उत्तराखंड सरकार के 5 साल, मुख्यमंत्री धामी का दमदार नेतृत्व, प्रदेश की राजनीति में रचा नया इतिहास

Five years of Uttarakhand government, Unprecedented public support surges to welcome Chief Minister   Dhami

– आईडीपीएल मैदान बना जनसैलाब का साक्षी, मुख्यमंत्री धामी के स्वागत में उमड़ा अभूतपूर्व जनसमर्थन

– सेवा, सुशासन और समर्पण के 5 साल, मुख्यमंत्री धामी ने जनता के नाम दोहराया विकास का संकल्प

– मुख्यमंत्री धामी के फैसलों ने बदली उत्तराखंड की पहचान, राष्ट्रीय स्तर पर बनी अलग छवि

– जनसेवा से जनविश्वास तक, मुख्यमंत्री धामी के 5 साल बने उत्तराखंड की नई कहानी

– धामी मॉडल की गूंज देशभर में, दूसरे राज्य भी अपना रहे उत्तराखंड के फैसले

– मुख्यमंत्री धामी बोले- सत्ता नहीं, सेवा है हमारी सरकार की पहचान

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड की राजनीति में आज एक ऐसा दिन दर्ज हुआ, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा। ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में हजारों लोगों की मौजूदगी, “धाकड़ धामी जिंदाबाद” और “पुष्कर धामी जिंदाबाद” के गगनभेदी नारों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अपने 5 वर्ष पूरे किए। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि जनविश्वास, सुशासन और राजनीतिक स्थिरता का शक्ति प्रदर्शन भी था।

 

 देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट।

ऋषिकेश का आईडीपीएल मैदान… दूर-दूर तक उमड़ा जनसैलाब… मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही “धाकड़ धामी जिंदाबाद” के नारों से गूंजता पूरा परिसर… और पुष्पवर्षा से हुआ ऐसा स्वागत जिसने साफ संदेश दिया कि उत्तराखंड की राजनीति में यह दिन बेहद खास है। मौका था 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के शुभारंभ का, लेकिन यह आयोजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्ष पूरे होने का भी ऐतिहासिक साक्षी बन गया। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने लगातार पांच वर्षों तक नेतृत्व करते हुए यह मुकाम हासिल किया।

 

कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जनपद की 219 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों के साथ मैदान में हजारों लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को जनआस्था और जनभागीदारी का महोत्सव बना दिया।

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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पांच वर्ष से अधिक समय तक सफलतापूर्वक दायित्व निभाने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण के विरुद्ध कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यही ऋषिकेश-हरिद्वार की वह धरती है, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसा फैसला लिया कि आने वाले समय में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी भी कांपते रहेंगे। 

 

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली के दीवाने नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी को एक दमदार नेता बताते हुए यहां तक कहा कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा लिए गए निर्णयों का अनुसरण देश के अन्य राज्य करते हैं, तब उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि सरकार के लिए यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जनसेवा के संकल्प को और मजबूत करने का है। उन्होंने कहा कि सत्ता उनके लिए कभी लक्ष्य नहीं रही, बल्कि सेवा का माध्यम रही है। जनसेवा, सुशासन, समर्पण और जनता के विश्वास को ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ सेवा पखवाड़ा शुरू किया गया है और अधिकारियों को जनता के बीच जाकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेल और जी-20 जैसे आयोजनों ने उत्तराखंड को नई पहचान दी है।

 

पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां मिलीं। स्टार्टअप नीति, होमस्टे योजना, एक जनपद-दो उत्पाद, सौर स्वरोजगार योजना और स्वरोजगार आधारित योजनाओं के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया। वहीं लखपति दीदी अभियान के तहत दो लाख पैंसठ हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

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बीते पांच वर्षों में धामी सरकार के कई फैसले राष्ट्रीय चर्चा का विषय बने। समान नागरिक संहिता लागू करना, सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, प्रभावी भू-कानून, भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1064 हेल्पलाइन के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रहार, बड़े अधिकारियों तक कार्रवाई पहुंचाना, अवैध मदरसों पर कार्रवाई, मदरसा बोर्ड से जुड़े निर्णय, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जैसे फैसलों ने सरकार की कार्यशैली को अलग पहचान दी।

इसी दौरान पर्यटन के क्षेत्र में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, निवेश, आधारभूत संरचना, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सीमांत क्षेत्रों के विकास को भी सरकार ने अपनी बड़ी उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया।

 

आईडीपीएल मैदान में उमड़ी भीड़, मंच से विकास का विजन, राज्यपाल की खुली सराहना और मुख्यमंत्री का सेवा का संकल्प… इन सबने यह संदेश जरूर दिया कि पांच वर्षों का यह पड़ाव केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनकर सामने आया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि वर्ष 2035 तक विकसित और श्रेष्ठ उत्तराखंड का लक्ष्य किस गति से धरातल पर उतरता है।
Edited By : Chetan Gour