योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, डेटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी, यूपी बनेगा Green और AI-Ready Data Center Hub

yogi cabinet

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दी गई। यह नीति 27 जनवरी 2026 को समाप्त हो गई थी, इसलिए सरकार नई उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026 लेकर आई है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को ग्रीन, एआई-रेडी और वैश्विक प्रतिस्पर्धी डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करना है। नीति के तहत 2 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित करने और 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि नई नीति में जीपीयू आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रस्तावित किए गए हैं। टियर/रेटिंग-3 व 4 वाले डेटा सेंटर्स को प्रोत्साहन, एआई कंप्यूट बूस्टर प्रोत्साहन तथा ग्रीन एवं सस्टेनेबल परिचालन प्रोत्साहन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

 

50 हजार को रोजगार मिलने की संभावना

डेटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में विश्वस्तरीय डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित होगा। डेटा सेंटर इकाइयों के आसपास सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी आधारित अन्य इकाइयों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रस्तावित नीति से 7500 लोगों को दीर्घकालीन प्रत्यक्ष रोजगार और निर्माण अवधि में लगभग 50 हजार लोगों को अल्पकालीन प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

 

सुनियोजित नीति से मिले ठोस परिणाम

मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने जनवरी 2021 में उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2021 लागू की थी, जिसे बाद में 7 नवंबर 2022 को संशोधित किया गया। उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2021 (प्रथम संशोधन-2022) के तहत लगभग 21,343 करोड़ रुपये के निवेश से 6 डेटा सेंटर पार्क तथा 40 मेगावाट से कम क्षमता वाली 2 डेटा सेंटर इकाइयों में से 7 परियोजनाएं परिचालन में आ चुकी हैं।

यूपी के पशुपालकों को बड़ी सौगात, योगी कैबिनेट ने दी पशुधन बीमा योजना को मंजूरी, सरकार देगी 85% प्रीमियम

yogi cabinet

सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना (राज्य योजना) की कार्ययोजना एवं वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दे दी गई। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के किसानों, पशुपालकों और डेयरी संचालकों को पशुओं की मृत्यु या दुर्घटना से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना और उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के संचालन के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।

 

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। अगर किसी वजह से पशु की मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से काम करने योग्य नहीं रहता, तो इससे पशुपालक की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसे संकट से बचाने के लिए राज्य सरकार ने इस नई योजना को मंजूरी दी है।

 

इन स्थितियों में मिलेगा बीमा का लाभ

योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसान, भूमिहीन पशुपालक, डेयरी फार्म के पशुपालकों तथा अन्य पात्र पशुपालकों के पशुओं का बीमा कराया जाएगा। यदि किसी पशु की महामारी, दैविक आपदा, आकस्मिक दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है या वह अनुपयोगी हो जाता है, तो बीमा के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

 

पशु की स्थायी विकलांगता पर 75 प्रतिशत तक भुगतान

प्रदेश सरकार ने योजना में दावा निस्तारण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। पशु की मृत्यु होने पर बीमा दावा स्वीकृत होने के बाद क्लेम की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। वहीं, यदि कोई पशु स्थायी रूप से विकलांग (पीटीडी) हो जाता है, तो बीमा कंपनी बीमित राशि का 75 प्रतिशत तक भुगतान करेगी। योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित पशुओं के बीमा को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलने के साथ-साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

2.28 लाख से अधिक पशुओं को होगा बीमा

कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव में वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के संचालन के लिए 60 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इस बजट के माध्यम से प्रदेश में कुल 2,28,350 पशुओं का बीमा कराया जाएगा। इनमें 1,86,800 पशुओं का बीमा सामान्य मद और 41,550 पशुओं का बीमा एससीएसपी कम्पोनेंट के अंतर्गत किया जाएगा। योजना के तहत बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को अंशदान के रूप में देनी होगी।

 

धर्मपाल सिंह ने बताया कि यूपी पशुधन की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। जीडीपी के संदर्भ में पशुधन का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में 5.50 प्रतिशत का योगदान है। प्रदेश में कृषि एवं संबंध क्षेत्र की कुल जीडीपी 30 प्रतिशत से अधिक है। पशुधन का इसमें विशेष योगदान है। पशुधन के माध्यम से यह क्षेत्र विदेशी मुद्रा का स्रोत भी है। मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना 75 जिलों में लागू होगी। राज्यांश 85 प्रतिशत (इसमें केंद्र का हिस्सा 51 प्रतिशत और राज्य का 34 प्रतिशत शामिल) और लाभार्थी का अंश 15 प्रतिशत होगा। योजना के तहत एक महीने के अंदर बीमा राशि का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा कराया जाएगा। इस बीमा योजना से पशुपालकों को बड़ा लाभ होगा।

 

यूपी के गोरसंरक्षण केंद्रों में 13.50 लाख गाय संरक्षित

मंत्री ने बताया कि निराश्रित पशुओं को गो संरक्षण केंद्रों में लाया जा रहा है। प्रदेश में 7,500 गोसंरक्षण केंद्र हैं, जिसमें लगभग 13.50 लाख गायें संरक्षित हैं। इन पर प्रतिदिन 8 करोड़ रुपये सरकार खर्च कर रही है। उत्तर प्रदेश चारा नीति के तहत ग्राम समाज, वन विभाग की जमीन पर हरा चारा उगाकर गोशालाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है।

यूपी बनेगा देश का स्टार्टअप हब, नई नीति में एआई और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर विशेष फोकस

Uttar Pradesh Startup Policy 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के साथ उत्तर प्रदेश प्रदेश स्टार्टअप मिशन को भी मंजूरी दे दी गई। नई नीति का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर का मजबूत, समावेशी स्टार्टअप इकोसिस्टम उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि यह नीति प्रदेश को नवाचार और उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाने के साथ-साथ वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार (स्केल-अप) तक व्यापक वित्तीय और संस्थागत सहायता देने का प्रावधान किया है। इसके तहत सस्टेनेंस अलाउंस (भरण-पोषण भत्ता) 17,500 रुपए प्रतिमाह (एक वर्ष) से बढ़ाकर 20,000 रुपए प्रतिमाह (दो वर्ष) कर दिया गया है। वहीं प्रोटोटाइप अनुदान 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए और सीड फंडिंग 7.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपए तक बढ़ाई जा सकेगी।

स्टार्टअप्स को मिलेंगे कई नए वित्तीय प्रोत्साहन

नई नीति में स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन के लिए 2 करोड़ रुपए तक की प्रतिपूर्ति, 5 करोड़ रुपए तक की मैचिंग ग्रांट, 2 करोड़ रुपए तक के टर्म लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, ईपीएफ और ईएसआई की प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्टार्टअप्स की शुरुआती वित्तीय चुनौतियां कम होंगी और उन्हें तेजी से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

डीप-टेक स्टार्टअप्स को मिलेगा विशेष पैकेज

सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। ऐसे स्टार्टअप्स को 20 लाख रुपए तक प्रोटोटाइप सहायता, 30 लाख रुपए तक सीड फंडिंग, 100 करोड़ रुपए तक पेशेंस कैपिटल सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इन्क्यूबेटर्स को मिलेगा अधिक सहयोग

नई नीति में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इन्क्यूबेटर्स को भी अधिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इन्क्यूबेटर्स के लिए पूंजीगत अनुदान 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जबकि पूर्वांचल और बुंदेलखंड के इन्क्यूबेटर्स के लिए यह राशि बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपए कर दी गई है। इसके अलावा परिचालन व्यय अनुदान 30 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए प्रतिवर्ष किया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन्क्यूबेटर्स और उनके माध्यम से निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डीप-टेक यू-हब की स्थापना

प्रदेश में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किए जाएंगे। इनका फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, हेल्थटेक, एग्रीटेक, रोबोटिक्स सहित अन्य उभरती तकनीकों पर रहेगा। साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए वित्तीय सहायता 10 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपए कर दी गई है। सरकार राज्य स्तरीय डीप-टेक यू-हब की स्थापना करेगी, जो स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, निवेश, उद्योग सहयोग, मेंटरशिप तथा अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं का एकीकृत मंच उपलब्ध कराएगा।

स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा व्यापक विस्तार

नई नीति के तहत प्रदेश में बिजनेस प्लान प्रतियोगिताएं, ग्रैंड चैलेंज, स्टार्टअप वीक, नवाचार संगोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा मिल सके। सरकार का उद्देश्य स्टार्टअप संस्कृति को गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाकर अधिक से अधिक युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना है।

 

मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश स्टार्टअप में बहुत आगे है। 17 हजार स्टार्टअप यूपी में रजिस्टर्ड हैं। इनको आगे बढ़ाने और इन्क्यूबेटर्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप मिशन निदेशालय की स्थापना की जाएगी। इससे स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की छुट्‍टी

Ayodhya Ram Mandir

Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम और ऐतिहासिक बैठक में सोमवार को एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला लिया गया। राम मंदिर में दान चोरी को लेकर पिछले कुछ समय से मचे भारी बवाल के बीच, ट्रस्ट के वर्तमान महासचिव चंपत राय का इस्तीफा आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। चंपत राय के साथ ही ट्रस्ट के दो अन्य प्रमुख सदस्यों, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भी ट्रस्ट से छुट्टी कर दी गई है। इस बीच, खबर है कि एसआईटी जांच पूरी होने तक ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव होंगे। 

 

हालांकि इससे पहले यह खबर भी थी कि ट्रस्ट के महासचिव पद की जिम्मेदारी विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के महासचिव बजरंग लाल बागड़ा को सौंपी गई है और औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद जल्द ही अपना नया कार्यभार संभाल सकते हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक समय से पहले की गई थी। बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों ने पूरे मामले (चढ़ावा चोरी की घटना) पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी से सभी आहत हैं।

 

गोविंद देव गिरि ने कहा कि  हम सबके लिए यह लज्जाजनक स्थिति है। गिरि ने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं। लोगों को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। 

इस तरह चला पूरा मामला

ट्रस्ट की बैठक भी काफी हंगामेदार रही। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय बैठक स्थल से करीब 50 मीटर दूर बैठे थे। उन्हें बैठक में नहीं बुलाया गया था। दूसरी ओर, बैठक में पहुंचे गोपाल राव को डाटकर बाहर निकाल दिया गया। दरअसल, उन्हें भी बैठक में नहीं बुलाया गया था, लेकिन वे वहां पहुंच गए।

बड़ी मुश्किल से माने महंत नृत्य गोपाल दास

खबर है कि काफी मान-मनौव्वल के बैठक में आने के लिए तैयार हुए। दरअसल, उन्हें बैठक के लिए कोई बुलाने नहीं गया था। वे चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी काफी नाराज थे। क्योंकि जब नृत्य गोपाल दास अस्पताल में भर्ती थे, इनमें से कोई उनके हालचाल लेने नहीं गया। 

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

राष्ट्र के लिए समर्पित था डॉ. मुखर्जी, अटल जी और अशोक सिंघल का जीवन : योगी

CM Yogi Adityanath in Prayagraj: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को काली घाट स्थित प्रेरणा पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी व अशोक सिंघल की प्रतिमा का अनावरण भी किया। सीएम योगी ने कहा कि तीनों महापुरुषों का जीवन भारत के लिए समर्पित था। सीएम ने सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती पर उन्हें नमन किया। कहा कि वे भारतीय राजनीति की महान विभूति, शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। एक देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान नहीं चलेंगे का उद्घोष कर अपना बलिदान देने वाले डॉ. मुखर्जी का जीवन भारत की राष्ट्रीयता, एकता व अखंडता के लिए समर्पित था। 

अखंड भारत के स्वप्नदृष्टा थे डॉ. मुखर्जी 

सीएम ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी अखंड भारत के स्वप्नदृष्टा थे। जब अंग्रेजों ने बंगाल को पाकिस्तान में देने की साजिश रची तो डॉ. मुखर्जी ने उसके खिलाफ आवाज मुखर की। उन्होंने शंखनाद किया था कि बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनने देंगे। जब हम उनकी 125वीं जयंती के कार्यक्रम से जुड़े हैं तो पश्चिम बंगाल में भी भाजपा का कमल खिला है। यह कमल केवल सत्ता का नहीं, बल्कि समृद्धि, सुशासन, हर नौजवान, बहन-बेटियों की सुरक्षा की आश्वस्ति का भी कमल है। 

नेहरू सरकार ने भारत की अखंडता के विरुद्ध आचरण किया तो डॉ. मुखर्जी ने स्वर मुखर किया

सीएम ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की अखंडता के लिए बलिदान दिया था। स्वतंत्र भारत में पं. जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री बने, लेकिन मंत्री अलग-अलग दलों से भी थे। डॉ. मुखर्जी हिंदू महासभा से उस कैबिनेट में मंत्री बने थे, लेकिन जब नेहरू सरकार ने तुष्टिकरण की नीति पर चलकर भारत की अखंडता के विरुद्ध आचरण करना प्रारंभ किया तो डॉ. मुखर्जी ने उसके खिलाफ स्वर मुखऱ किया। देश हित में उन्होंने पद से त्यागपत्र दे दिया, फिर जनसंघ के संस्थापक अध्य़क्ष बनकर भविष्य की भाजपा की नींव रख दी थी। 

पीएम मोदी ने डॉ. मुखर्जी के सपनों को किया साकार

सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद-370 समाप्त कर कश्मीर को भारत में उसी प्रकार समाहित कर दिया, जैसे अन्य राज्य हैं। कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस कश्मीर के लिए अलग कानून, विधान व निशान चाहती थी लेकिन उनके सपनों को धराशायी करते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में डॉ. मुखर्जी के सपने को साकार किया गया क्योंकि पूर्वजों के संकल्पों को पूरा करना ही उनके प्रति कृतज्ञता होती है।   

 

अटल जी के दामन पर नहीं लगा एक भी दाग 

सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वतंत्र भारत में राजनीतिक स्थिरता व शुचिता का मॉडल दिया था। उन्होंने भारतीय राजनीति में छह दशक तक सांसद, मंत्री, प्रधानमंत्री के रूप में काम किया, लेकिन उनके दामन में कोई एक भी दाग नहीं लगा सकता था। गांव, किसान, नौजवान, गरीब के लिए उन्होंने सुशासन का अद्भुत मॉडल दिया था। जब वह प्रधानमंत्री बने तो मैंने सांसद के रूप में उनके कार्यों को नजदीक से देखा। 

आज की अयोध्या और भव्य राम मंदिर अशोक सिंघल की परिकल्पना का आधार 

सीएम ने अशोक सिंघल को भी याद किया, कहा कि जीवन राष्ट्र को समर्पित है। भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और प्रभु राम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं। राम का मतलब राष्ट्र है। भारत को उत्तर से दक्षिण तक एकता के सूत्र में बांधने वाला नाम राम का है। आज की अयोध्या और भव्य राम मंदिर अशोक सिंघल की परिकल्पना के आधार पर है। 

 

सीएम ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन आजादी के बाद सबसे बड़ा सांस्कृतिक आंदोलन था। सिंघल जी ने संतों को एक मंच पर लाने का अभिनव कार्य किया और संतों के साथ मिलकर संघ परिवार की ताकत का इस्तेमाल करते हुए सभी को एकजुट किया। 1990 के दशक में एक ही नारा गूंजता था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। रामलला के काम न आए, वह बेकार जवानी है। यह नारे लगाकर उस समय युवाओं ने अशोक सिंहल के नेतृत्व में देश के अंदर शंखनाद किया था। सिंघल काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग स्नातक थे। वे चाहते तो स्वयं के गुजर-बसर के लिए बड़े प्रतिष्ठान में नौकरी पा सकते थे, लेकिन उन्होंने अपना जीवन भारत और सनातन धर्म के लिए समर्पित किया। अपनी पैतृक संपत्ति गरीबों, वनवासियों, गिरिवासियों के लिए समर्पित कर उन्होंने उदाहरण प्रस्तुत किया। 

प्रयागराज से अधिक कोई नहीं जानता विरासत का सम्मान करना

सीएम ने कहा कि पीएम मोदी का मंत्र है कि विकास करना है तो विरासत का सम्मान करना होगा। प्रयागराज से अधिक कोई भी विरासत का सम्मान करना नहीं जानता। जब भी देश में समता की बात होती है तो हम कहते हैं कि प्रयागराज में जाकर डुबकी लगाओ, हर जाति, भाषा, क्षेत्र का व्यक्ति बिना भेदभाव एक ही त्रिवेणी में स्नान करके समता का परिचय देता है। 

सीएम ने प्रयागराज की महत्ता पर भी डाला प्रकाश

सीएम ने प्रयागराज की पौराणिक महत्ता पर भी प्रकाश डाला, कहा कि भगवान भारद्वाज ने यहां साधना की थी। भगवान राम जब वन में गए और 14 वर्ष बाद आए तो महर्षि भारद्वाज के चरणों को स्पर्श कर अयोध्या प्रस्थान किया। डबल इंजन सरकार ने भारद्वाज जी की प्रतिमा, पौराणिक मंदिर व आश्रम का जीर्णोद्धार किया। नागवासुकी, प्रयागराज के तीर्थों, पातालपुरी, सरस्वती कूप, अक्षयवट मार्ग खोलने या भव्य-दिव्य कुंभ का आयोजन प्रयागराज ने करके दिखाया। सीएम ने प्रयागराजवासियों का आभार जताते हुए कहा कि जब महाकुम्भ में 66 करोड़ श्रद्धालु आए थे, तब भी स्थानीय लोगों ने नकारात्मक स्वर नहीं उठाया, बल्कि वे अभिभूत थे कि दुनिया यहां आकर त्रिवेणी में डुबकी लगा रही है।  

पहली बार किसी एक पुल के लिए एक हजार करोड़

सीएम ने कहा कि प्रयाग अब मजबूती से बढ़ रहा है। यहां डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर नेशनल लॉ विश्वविद्यालय का निर्माण हो रहा है। कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं और भवन निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। विकास के लिए नए कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। गंगा जी पर नया पुल बनने जा रहा है, पहली बार उप्र में किसी एक पुल के लिए एक हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। फोरलेन की भी बेहतरीन कनेक्टिविटी बढ़ रही है। सीएम ने कहा कि आपने अच्छे जनप्रतिनिधि चुने तो परिणाम भी अच्छे ही आएंगे। 

भगवान शिव की एकता के आधार हैं ज्योतिर्लिंग

सीएम ने मुख्यमंत्री ने महापौर समेत सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया और महाकुंभ के दौरान प्रयागराज नगर निगम के कार्यों की सराहना की। सीएम ने ज्योतिर्लिंगों को भगवान शिव की एकता का आधार बताया। सीएम ने शिवालिक पार्क की चर्चा करते हुए कहा कि निगम ने इसके लिए जमीन दी, वहां पीपीपी मोड पर द्वादश ज्योतिर्लिंग व छह ज्योतिर्लिंग की रिप्लिकाएं तैयार हुईं। महाकुंभ के दौरान इतने श्रद्धालु शिवालिक पार्क आए कि निवेश से अधिक आय हुई। 

विभूतियों की प्रतिमाएं युवाओं व नागरिकों के लिए बनेगी प्रेरणास्रोत  

सीएम ने कहाकि पीएम का विजन है कि म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाए। इसके पीछे का भाव नगरीय क्षेत्रों में ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को प्राप्त कर आम नागरिकों के जीवन को सहज व सरल बनाना है, साथ ही ऐसा काम करें जो लोगों को आकर्षित कर सके। यमुना तट पर तीन विभूतियों की प्रतिमाएं युवाओं व नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत होगी।  

 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्त ‘नंदी’, स्वतंत्र देव सिंह, फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल, डॉ. विनोद बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह, महापौर गणेश केसरवानी, विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह, हर्षवर्धन वाजपेयी, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य, पीयूष रंजन निषाद, राजमणि कोल, वाचस्पति, पूजा पाल, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, केपी श्रीवास्तव, बाबूलाल तिवारी, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता, यमुनापार के जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ल, गंगापार की जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान आदि की मौजूदगी रही।

 

लखनऊ में मुख्‍यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारत माता का महान सपूत, प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद् बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद-370 के खिलाफ नेहरू सरकार की तुष्टिकरण की वह नीति, जो देश की एकता और अखंडता को चुनौती दे रही थी, डॉ. मुखर्जी ने उसके खिलाफ शंखनाद किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भाजपा सरकार ने 2019 में कश्मीर में अनुच्छेद-370 समाप्त कर डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार किया और कश्मीर में भी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने सिविल अस्पताल स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन भी किया। 

प्रयागराज में हनुमान मंदिर कॉरिडोर के निर्माण कार्य का निरीक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेला प्राधिकरण कार्यालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में शामिल होने के पहले सीएम बड़े हनुमान जी के मंदिर भी गए। मंदिर के प्रमुख महंत बलवीर गिरि का कहना है कि मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में बन रहे हनुमान मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के संबंध में जानकारी ली। कॉरिडोर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं, उन्होंने उसका निरीक्षण भी किया। 
 

महंत बलवीर गिरि ने बताया कि सीएम ने कॉरिडोर के निर्माण और बाढ़ से बचाव की जानकारी भी ली। बड़े हनुमान जी के दर्शन-पूजन करने के बाद मुख्यमंत्री वहां से मेला प्राधिकरण कार्यालय के लिए रवाना हो गए।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए 14,988 करोड़ का बजट स्वीकृत, ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार

cm yogi

कैबिनेट बैठक में पंचायती राज्य संस्थाओं की वित्तीय आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव पर भी सहमति दी गई। इसके अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत तीनों स्तर की पंचायतों के लिए 14,988.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी 10 प्रतिशत धनराशि यानी लगभग 1,498 करोड़ रुपये प्रशासनिक, परिचालन एवं रख-रखाव पर खर्च होंगे। इसी राशि में से 495.89 करोड़ रुपये पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय व बैठक भत्तों पर व्यय किए जाएंगे। 

 

गौरतलब है कि तीनों स्तरों की पंचायतों को राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का 01.05 प्रतिशत निदेशालय स्तर पर रोककर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा वित्त आयोग कार्मिकों के मानदेय, तकनीकी/प्रशासनिक/सिविल व अन्य आवश्यकताओं हेतु व्यय किए जाने के निर्देश हैं।

इसे देखते लगभग 157.38 करोड़ रुपये स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा वित्त आयोग के अंतर्गत गठित वित्त प्रकोष्ठ में राज्य, मंडल, जनपद और विकास खंड स्तर पर कार्यरत कार्मिकों के मानदेय एवं तकनीकी, प्रशासनिक और अन्य आवश्यकताओं पर खर्च होने का अनुमान है। यह राज्य वित्त आयोग की वर्तमान किस्त (14,988.50 करोड़ रुपये) का लगभग 1.05 प्रतिशत है और शासनादेश 12 दिसंबर 2024 के अनुरूप ही है। यह धनराशि निदेशक, पंचायती राज के निर्देश पर नियमानुसार व आवश्यकतानुसार खर्च की जाएगी।

Keeway Hypevolt-R : 180Km की रेंज और हाईटेक फीचर्स से लैस सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, जाने और क्या हैं फीचर्स

Keeway Hypevolt-R

भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में Keeway ने अपना नया Hypevolt-R लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.99 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। इसे 5,000 रुपए के टोकन अमाउंट के साथ कराया जा सकता है। यह स्कूटर Adishwar Auto Ride India Pvt. Ltd. (AARI) के Moto Vault शोरूम के जरिए बेचा जाएगा। Keeway Hypevolt-R का मुकाबला भारत में TVS X, Ultraviolette Tesseract और BMW CE-02 जैसे प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों से माना जा रहा है। अपने आकर्षक डिजाइन, लंबी रेंज और एडवांस टेक्नोलॉजी के दम पर यह प्रीमियम EV सेगमेंट में ग्राहकों को नया विकल्प देने की कोशिश करेगा।

ALSO READ: Bajaj Chetak, Ola S1 Pro, TVS iQube, Hero Vida V2 को टक्कर देने आ रहा है सस्ता विएतनामी इलेक्ट्रिक स्कूटर

स्पोर्टी और यूनिक डिजाइन

ALSO READ: Electric Scooter : बिना लाइसेंस चला सकेंगे यह सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, फीचर्स भी हैं दमदार

Keeway Hypevolt-R का डिजाइन बाजार में मौजूद कई प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों से अलग है। इसमें पारंपरिक स्टेप-थ्रू डिजाइन की जगह सेंट्रल स्पाइन फ्रेम दिया गया है, जिससे इसका लुक अधिक स्पोर्टी और प्रीमियम बनता है। स्कूटर में फ्लैट राइडर और पिलियन सीट, वर्टिकल LED हेडलाइट, एप्रन पर लगा 5-इंच TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और बॉबर-स्टाइल रियर डिजाइन दिया गया है। इसके अलावा LED टेललाइट और टायर हगर भी मिलता है। यह स्कूटर Crystal White और Platinum Grey रंगों में उपलब्ध होगा।

ALSO READ: Electric Scooter : बरसात में अपने EV scooter का कैसे रखें ध्यान, जानिए 5 iMP टिप्स

हाईटेक फीचर्स की लंबी लिस्ट

Keeway Hypevolt-R में 5-इंच TFT डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें Bluetooth कनेक्टिविटी के जरिए स्मार्टफोन पेयरिंग, कॉल और मैसेज अलर्ट, नेविगेशन और मैप प्रोजेक्शन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा इसमें कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

 

  • Keyless Go
  • Dual-Channel ABS
  • Traction Control
  • Hill Hold Control
  • Hill Descent Control
  • Intelligent Cruise Control
  • Reverse Mode
  • Reverse Camera
  • Blind Spot Detection

ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) फीचर्स


180Km तक की रेंज

 

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में दो 5kWh रिमूवेबल बैटरियां दी गई हैं। कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज होने पर यह 180 किलोमीटर तक की रेंज दे सकता है। बैटरियों को स्कूटर पर लगे हुए या निकालकर भी चार्ज किया जा सकता है। 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में लगभग 3 घंटे का समय लगता है।

ALSO READ: ये हैं 2026 के Top 7 सबसे प्रैक्टिकल और पैसा वसूल Electric Scooters

सस्पेंशन और ब्रेकिंग

Keeway Hypevolt-R में आगे और पीछे 14-इंच के अलॉय व्हील दिए गए हैं। फ्रंट में 100/80 और रियर में 120/70 साइज के टायर लगाए गए हैं। स्कूटर में आगे और पीछे दोनों ओर डिस्क ब्रेक मिलते हैं। वहीं सस्पेंशन के लिए फ्रंट में टेलीस्कोपिक फोर्क और रियर में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं।

 

इसके अलावा इसमें—

 

  • ग्राउंड क्लीयरेंस: 130mm
  • सीट हाइट: 770mm
  • अंडर-सीट स्टोरेज: 27 लीटर

 

जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।

Keeway Hypevolt-R : 180Km की रेंज और हाईटेक फीचर्स से लैस सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, जाने और क्या हैं फीचर्स

Keeway Hypevolt-R

भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में Keeway ने अपना नया Hypevolt-R लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.99 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। इसे 5,000 रुपए के टोकन अमाउंट के साथ कराया जा सकता है। यह स्कूटर Adishwar Auto Ride India Pvt. Ltd. (AARI) के Moto Vault शोरूम के जरिए बेचा जाएगा। Keeway Hypevolt-R का मुकाबला भारत में TVS X, Ultraviolette Tesseract और BMW CE-02 जैसे प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों से माना जा रहा है। अपने आकर्षक डिजाइन, लंबी रेंज और एडवांस टेक्नोलॉजी के दम पर यह प्रीमियम EV सेगमेंट में ग्राहकों को नया विकल्प देने की कोशिश करेगा।

ALSO READ: Bajaj Chetak, Ola S1 Pro, TVS iQube, Hero Vida V2 को टक्कर देने आ रहा है सस्ता विएतनामी इलेक्ट्रिक स्कूटर

स्पोर्टी और यूनिक डिजाइन

ALSO READ: Electric Scooter : बिना लाइसेंस चला सकेंगे यह सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, फीचर्स भी हैं दमदार

Keeway Hypevolt-R का डिजाइन बाजार में मौजूद कई प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों से अलग है। इसमें पारंपरिक स्टेप-थ्रू डिजाइन की जगह सेंट्रल स्पाइन फ्रेम दिया गया है, जिससे इसका लुक अधिक स्पोर्टी और प्रीमियम बनता है। स्कूटर में फ्लैट राइडर और पिलियन सीट, वर्टिकल LED हेडलाइट, एप्रन पर लगा 5-इंच TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और बॉबर-स्टाइल रियर डिजाइन दिया गया है। इसके अलावा LED टेललाइट और टायर हगर भी मिलता है। यह स्कूटर Crystal White और Platinum Grey रंगों में उपलब्ध होगा।

ALSO READ: Electric Scooter : बरसात में अपने EV scooter का कैसे रखें ध्यान, जानिए 5 iMP टिप्स

हाईटेक फीचर्स की लंबी लिस्ट

Keeway Hypevolt-R में 5-इंच TFT डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें Bluetooth कनेक्टिविटी के जरिए स्मार्टफोन पेयरिंग, कॉल और मैसेज अलर्ट, नेविगेशन और मैप प्रोजेक्शन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा इसमें कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

 

  • Keyless Go
  • Dual-Channel ABS
  • Traction Control
  • Hill Hold Control
  • Hill Descent Control
  • Intelligent Cruise Control
  • Reverse Mode
  • Reverse Camera
  • Blind Spot Detection

ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) फीचर्स


180Km तक की रेंज

 

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में दो 5kWh रिमूवेबल बैटरियां दी गई हैं। कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज होने पर यह 180 किलोमीटर तक की रेंज दे सकता है। बैटरियों को स्कूटर पर लगे हुए या निकालकर भी चार्ज किया जा सकता है। 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में लगभग 3 घंटे का समय लगता है।

ALSO READ: ये हैं 2026 के Top 7 सबसे प्रैक्टिकल और पैसा वसूल Electric Scooters

सस्पेंशन और ब्रेकिंग

Keeway Hypevolt-R में आगे और पीछे 14-इंच के अलॉय व्हील दिए गए हैं। फ्रंट में 100/80 और रियर में 120/70 साइज के टायर लगाए गए हैं। स्कूटर में आगे और पीछे दोनों ओर डिस्क ब्रेक मिलते हैं। वहीं सस्पेंशन के लिए फ्रंट में टेलीस्कोपिक फोर्क और रियर में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं।

 

इसके अलावा इसमें—

 

  • ग्राउंड क्लीयरेंस: 130mm
  • सीट हाइट: 770mm
  • अंडर-सीट स्टोरेज: 27 लीटर

 

जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर, कृष्ण मोहन को मिली नई जिम्मेदारी

 

govind giri

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर ट्रस्ट के को‍षाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि बैठक का आयोजन समय से पहले किया गया। उन्होंने कहा कि बलिदान के बाद बने मंदिर में चढ़ौती कांड होना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों ने गहन चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर किया गया। उन्होंने कहा कि त्यागपत्र देते ही उसे स्वीकृत माना गया। कृष्ण मोहन को ट्रस्ट की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।  

Who is Bajrang Lal Bagda : राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव बने बजरंग लाल बागड़ा, जानिए कौन हैं

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। सोमवार, 6 जुलाई को आयोजित ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा को सर्वसम्मति से ट्रस्ट का नया महासचिव (General Secretary) नियुक्त किया गया है।

 

बजरंग लाल बागड़ा अब राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन और रामलला को मिलने वाले दान सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों की कमान संभालेंगे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब हाल के दिनों में मंदिर में दान व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे।

वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक कार्यों में लंबा अनुभव रखने वाले बजरंग लाल बागड़ा के सामने अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संचालन, दान प्रबंधन और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

ALSO READ: Agnipath Scheme 2026 : क्या बढ़ेगी Agniveers की Permanent Recruitment? जानिए 25% से 50-75% रिटेंशन की रिपोर्ट और सरकार का रुख

अयोध्या में मौजूद हैं बजरंग लाल बागड़ा

सूत्रों के मुताबिक, नवनियुक्त महासचिव बजरंग लाल बागड़ा फिलहाल अयोध्या में ही मौजूद हैं। हालांकि प्रशासनिक और औपचारिक प्रक्रियाओं के चलते उन्होंने ट्रस्ट की बैठक में सीधे हिस्सा नहीं लिया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।

कौन हैं बजरंग लाल बागड़ा?

बजरंग लाल बागड़ा मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई सरकारी माध्यमिक विद्यालय, लोसल (सीकर) से हुई। छात्र जीवन में उन्होंने राजस्थान बोर्ड की स्टेट मेरिट सूची में स्थान बनाया और नेशनल मेरिट स्कॉलरशिप भी हासिल की। वे स्काउटिंग गतिविधियों में भी सक्रिय रहे और फर्स्ट क्लास स्काउट तथा पेट्रोल लीडर रहे। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स, जयपुर से बी.कॉम की डिग्री प्राप्त की और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की पढ़ाई पूरी की।

कॉर्पोरेट दुनिया में भी रहा शानदार करियर

पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट बजरंग लाल बागड़ा का कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने नवंबर 2000 से फरवरी 2007 तक RITES लिमिटेड में डायरेक्टर (फाइनेंस) के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद वे भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन आने वाली नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) से जुड़े। यहां उन्होंने शीर्ष वित्तीय और प्रबंधन पदों पर कार्य करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। बाद में वे NALCO के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) भी रहे।