सोने की रामचरित मानस भी सुरक्षित है और रामजी के आभूषण भी, गोविंद देव गिरि ने दिखाईं वस्तुएं

Ayodhya issue

Gold Ramcharitmanas safe: राम मंदिर को दान में मिलीं वस्तुओं के गायब होने के विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने एक वीडियो में वस्तुओं को दिखाया। वीडियो में सोने की रामचरितमानस, काकभुशुंडि की प्रतिमा के साथ ही अन्य आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि इस पूरे मामले में गोविंद देव गिरि ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बचाव किया। उन्होंने कहा कि चंपत राय निर्दोष हैं। 

 

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय के इस्तीफे पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने एएनआई से बातचीत में कहा कि मैं जब ये कहता हूं कि वे (चंपत राय) निर्दोष हैं, तो मेरा मतलब है कि इस पूरे कांड के साथ उनका कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें (चंपत राय को) 32 वर्षों से जानता हूं, इसलिए ऐसी कोई लिप्तता उनकी होगी, इसके बारे में मैं सोच भी नहीं सकता। लेकिन कार्यपद्धति के बारे में वे स्वयं असावधान रहें, ये बात माननी पड़ेगी। आखिरकार, उन्होंने एक अपराधी को अपना ड्राइवर रखा था। उस आदमी के पास चाबियां थीं और वह सब कुछ नियंत्रित करता था।

यह किसी की साजिश हो सकती है

गोविंद देव गिरि ने कहा कि राय के ड्राइवर ने ही यह सब किया है। मुझे आशंका है कि ड्राइवर बाहरी लोगों से जुड़ा था। हो सकता है कि उन्होंने ही उसे ऐसा करने और उन्हें रिपोर्ट करने के लिए उकसाया हो। मुझे अक्सर लगता है कि यह सब दूसरों की साजिश थी। यह सब CEO के अभाव से हुआ, क्योंकि देखरेख के काम के लिए उस अनुशासन की जरूरत होती है, जो पेशेवर नौकरशाह लाते हैं। इसलिए, हम एक CEO लाएंगे, हमने तीन नामों को चुनने और उनकी सिफारिश करने के लिए एक समिति बनाई है और हम उनमें से किसी एक को चुनेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सोने की रामचरितमानस, काकभुशुंडि की प्रतिमा, रामजी की चरणपादुकाएं और दान में मिले अन्य आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं। 

ट्रस्ट ने रखे वित्तीय आंकड़े 

ट्रस्ट ने उन तत्वों पर भी निशाना साधा जो इस प्रकरण का उपयोग हिंदू आस्था और राम जन्मभूमि को कमजोर करने व भ्रम फैलाने के लिए कर रहे हैं। स्थिति स्पष्ट करते हुए ट्रस्ट ने अपनी वित्तीय स्थिति के प्रमुख आंकड़े (शुरुआत से 31 मार्च 2026 तक) साझा किए। ट्रस्ट ने बताया कि दान में प्राप्त कुल राशि 3,264 करोड़ रुपए है। राम मंदिर के निर्माण एवं अन्य व्यय  2,370 करोड़  रुपए है। मंदिर को कुल चढ़ावा (प्रारंभ से लेकर 31 मार्च 2026 तक) 582 रुपए है, संचालन व्यय के लिए उपयोग की गई राशि 391 करोड़ रुपए है। 

श्रद्धालुओं की भेंट का पूरा हिसाब

इससे पहले ट्रस्ट ने बताया था कि नकद राशि के अलावा भक्तों द्वारा प्रभु रामलला को कुल 2 हजार 926 वस्तुएं अर्पित की गई हैं, जो पूरे विवरण के साथ रजिस्टर में दर्ज हैं और एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) फर्म द्वारा इनका आंतरिक अंकेक्षण किया जाता है। भक्तों को इसकी रसीदें भी दी गई हैं। यदि कोई श्रद्धालु अपनी भेंट का सत्यापन करना चाहता है, तो वह तिथि व समय निश्चित कर अयोध्या आकर मिलान कर सकता है। दान में आई चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल में गलाकर छड़ें बनाई गई हैं, जिनकी शुद्धता और वजन का प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध है।

 

ट्रस्ट ने भविष्य में प्रबंधन और संचालन प्रणाली की कमजोरियों को दूर करने पर जोर दिया है। SIT की सिफारिशों के अलावा, विशेषज्ञों से भी स्वतंत्र परामर्श लेने का सुझाव दिया गया है ताकि भविष्य में मंदिर प्रबंधन की एक आदर्श, कुशल और पूर्णतः पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की जा सके जो अनुकरणीय उदाहरण बने।

Edited by: vrijendra Singh Jhala 

 

बाबरी ढांचे की जगह राम मंदिर देख सपा और कांग्रेस को हुई पीड़ा : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi targets SP-Congress over Ram Mandir and Waqf issues

– मुख्यमंत्री योगी ने प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– योगी ने कहा, अब कांग्रेस व सपा के चंगुल में नहीं फंसेगा देश, विपक्ष के दुष्प्रचार के बावजूद बड़ी संख्या में अयोध्या आ रहे श्रद्धालु

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा, 

जाति के नाम पर विभाजन, आस्था पर प्रहार ही सपा-कांग्रेस के मुद्दे, इन्हें अयोध्या पर बोलने का अधिकार नहीं 

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा, नौजवानों की नौकरियों पर डकैती डालकर इनकी नीलामी करता था सैफई घराना

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के नेताओं को खरी-खरी सुनाते हुए राम मंदिर व वक्फ के मुद्दे पर आईना दिखाया। उन्होंने दो-टूक कहा कि हिंदू आस्था पर प्रहार करने वालों के मुंह पर वक्फ के नाम पर फेविकोल क्यों चिपक जाता है? दरअसल सपा व कांग्रेस की पीड़ा यह है कि वे जहां गुलामी का बाबरी ढांचा देखना चाहते थे, वहां भगवान राम का मंदिर बन गया है। सपाइयों व कांग्रेसियों को देख गिरगिट भी शर्माता है कि यह प्रजाति हमसे भी तेज गति से रंग बदलती है। 

 

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज में प्रतापगढ़ व विश्वनाथ गंज विधानसभा क्षेत्रों के लिए 384 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने देवी-देवताओं, संतों, साहित्यकारों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, राजनेताओं का उल्लेख कर प्रतापगढ़ की समृद्ध विरासत को नमन किया। उन्होंने कहा कि आंवले की औषधीय मिठास बिखेर रहा प्रतापगढ़ स्वावलंबन का उदाहरण है। लेकिन प्रतापगढ़ के किसानों, बागवानों व उनके पूर्वजों ने आंवला उत्पादन कर हमें अमृत फल दिया।

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जातीय आधार पर समाज को बांटना चाहता है विपक्ष

मुख्यमंत्री ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आपने सपा व कांग्रेस समेत अन्य दलों के दलदल को देखा है। जिन्होंने युवाओं व नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, चुनाव आते ही वे फिर से साजिशें कर रहे हैं। विपक्ष को यूपी की प्रगति, उपद्रव से मुक्ति, उत्साहपूर्ण वातावरण, विरासत का सम्मान, मां बेल्हा देवी, मां चंद्रिका देवी, करपात्री जी महाराज के पुनरुद्धार कार्य और नौजवानों को रोजगार देना अच्छा नहीं लग रहा, क्योंकि नौजवान काम करेंगे तो जातिवाद की राजनीति समाप्त होगी। विपक्ष फिर से जातीय आधार पर समाज का ताना-बाना छिन्न-भिन्न करना चाहता है। 

 

कांग्रेस व सपा को अयोध्या पर बोलने का अधिकार नहीं 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा व कांग्रेस के पास कोई नया मुद्दा नहीं है। इनके पास दो ही मुद्दे बचे हैं, जाति के नाम पर विभाजन और आस्था पर प्रहार। कुछ दिनों से ये लोग भारत की सनातन आस्था पर प्रहार करने की शरारत कर रहे हैं। अयोध्या में बाबरी ढांचे का समर्थन करने वाली कांग्रेस व सपा ने गिरगिट की तरह रंग बदला है। ये लोग कह रहे कि अयोध्या में आस्था से खिलवाड़ हो रहा है। आखिर अयोध्या पर इनकी आस्था कब से हो गई? रामभक्तों के पूर्वजों ने अयोध्या की लड़ाई लड़ी है,  वे बोल सकते हैं, लेकिन कांग्रेस व सपा को अयोध्या पर बोलने का अधिकार नहीं है। 

 

देश अब कांग्रेस व सपा के चंगुल में नहीं फंसेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम के अस्तित्व पर प्रहार करने वाली कांग्रेस और रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाली समाजवादी पार्टी के मुंह से आस्था की बात अच्छी नहीं लग रही। हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार का पैसा सपा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च करती थी। अब यह देश कांग्रेस व सपा के चंगुल में नहीं फंसने वाला।

आज की अयोध्या पीएम मोदी के विजन के अनुरूप प्रभु राम के समय का स्मरण कराती है। वहां फोरलेन, रेल, महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट आदि की सुविधाएं केवल भाजपा ही कर सकती है। निषादराज रैनबसेरा, मां शबरी भोजनालय का निर्माण हुआ। राम की पैड़ी पर भव्य सुंदरता है। विपक्ष के दुष्प्रचार के बावजूद भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में अयोध्या आ रहे हैं।

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एक घटना को लेकर हिंदुओं को अपमानित कर रहे ये लोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा व कांग्रेस के लोग एक घटना को लेकर हिंदुओं को अपमानित कर आस्था पर प्रहार कर रहे हैं। अयोध्या में कथित चोरी पर हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन देश-प्रदेश में वक्फ के नाम पर गरीबों, कमजोर लोगों की हजारों हेक्टेयर लैंड बेची गई। इन जमीनों पर गरीबों को पट्टे दिए जा सकते थे। कन्वेंशन सेंटर, दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बनाए जा सकते थे। वक्फ के नाम पर कब्जा करा के और उसे बेचकर कुछ चुनिंदा लोगों ने हेरा-फेरी की है, लेकिन इस पर कांग्रेस व सपा ने एक शब्द नहीं बोला।

 

वक्फ के नाम पर कांग्रेस-सपा के मुंह पर क्यों चिपका है फेविकोल 

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रदेश सरकार से एसआईटी के गठन की मांग की थी। मैंने कहा था कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके ही रहेगी। इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई। जिनके खिलाफ साक्ष्य थे,  उन पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन वक्फ के नाम पर कांग्रेस-सपा के मुंह पर फेविकोल क्यों चिपका है?

ये लोग जब गोमाता की तस्करी कराते थे, अवैध स्लाटर हाउस में उसकी हत्या कराते थे, अयोध्या में लाठी-गोली चलाते थे, भगवान राम-कृष्ण को काल्पनिक कहते थे, कांवड़ यात्रा व दुर्गा पूजा के पंडालों को रोकते थे, त्योहारों के पहले दंगे कराते थे तब हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी? सपा व कांग्रेस वाले क्या इसका जवाब देंगे? हर जागरूक नागरिक को इन लोगों से ये प्रश्न करने चाहिए।

 

नौजवानों की नौकरी पर डकैती डालकर नीलामी करता था सैफई घराना

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रतापगढ़ के युवा भी नियुक्ति पत्र पाते हैं। 60,244 पुलिस भर्ती में यहां के भी सैकड़ों युवा भर्ती हुए। उप्र लोकसेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, शिक्षा चयन आयोग के परीक्षा परिणाम में भी यहां के युवा स्थान प्राप्त करते हैं। पहले सैफई घराना नौजवानों की नौकरी पर डकैती डालकर इनकी नीलामी करता था, जिससे होनहार नौकरियों से वंचित रहते थे। जब नौजवान पलायन करेगा तो दुर्गति तय है और यूपी इसीलिए बीमारू हुआ था। अब भी वही तंत्र, वही लोग, वही राज्य है, लेकिन एनडीए सरकार ने काम करने की स्टाइल बदली है।

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मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को गिनाकर विधायकों को दिया श्रेय

मुख्यमंत्री ने सरकार के विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए विधायकों के कार्यों की सराहना की। कहा, 2017 के पहले यहां मेडिकल कॉलेज कल्पना थी, लेकिन अब डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर मेडिकल कॉलेज है। आज नर्सिंग कॉलेज का शिलान्यास हो रहा है, बेटियां इस मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की पढ़ाई करेंगी।

मुख्यमंत्री ने प्रगति को समृधि का आधार बताते हुए कहा कि मां बेल्हा देवी, चंद्रिका देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण, करपात्री जी महाराज से जुड़े स्थल के कार्यों, कनेक्टिविटी के लिए प्रतापगढ़ को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए प्रयागराज व पश्चिमी यूपी से प्रतापगढ़ की दूरी कम की गई। 

 

9-10 वर्ष पहले पिछड़े जनपदों में होती थी प्रतापगढ़ की गिनती

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9-10 वर्ष पहले प्रतापगढ़ की गिनती पिछड़े जनपदों में होती थी। यहां कनेक्टिविटी, सड़कों समेत बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। हर कोई हतोत्साहित था, पर अब सरकार का प्रोत्साहन पाने से हर कोई उत्साहित है। 2014 के पहले देश और 2017 के पहले प्रदेश में प्रोत्साहन का अभाव था, जिससे गरीब हताश और निराश था।

नौजवान पलायन के लिए और किसान आत्महत्या के लिए विवश था। बेटी-बहन असुरक्षित, कारीगर बेरोजगार था। आशा की किरण नहीं दिख रही थी। पिछली सरकारों ने एक जनपद-एक माफिया दिया, हमने एक जनपद-एक मेडिकल कॉलेज दिया। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट देकर हमने परंपरागत उद्यमों की ब्रांडिंग की। उन्हें दुनिया के बाजार में पहुंचाया।

 

2017 से पहले नहीं होती थी सुनवाई

मुख्यमंत्री ने सपा पर प्रहार करते हुए कहा कि वे माफिया पालते थे। गरीब, किसान की सुनवाई नहीं होती थी। हमने वोटबैंक नहीं देखा, बल्कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ के भाव संग कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में सरकार की हर योजनाओं से आच्छादित लाभार्थियों की संख्या भी बताई। कहा कि जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में फ्री उपचार की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री राहत कोष से उपचार के लिए तत्काल पैसा दिया जा रहा है। 2017 से पहले राज्य में किसी की कोई सुनवाई नहीं थी। 

 

हर वर्ग के हित में किए गए कार्य

मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार के कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, निजी ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली की सुविधा यूपी में भाजपा की डबल इंजन सरकार ने दी। किसानों के लिए प्रोक्यूरमेंट सेंटर खोले गए। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाई गई। नौजवानों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बिना ब्याज-गारंटी 5 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। जिन बच्चों के अभिभावक नहीं हैं, उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के जरिए हर महीने चार हजार रुपए दिलाते हैं।

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श्रमिकों के बच्चे अटल आवासीय विद्यालय में पढ़ रहे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकार बच्चों को स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, पेयजल, टॉयलेट, फर्नीचर, दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक्स, जूता-मोजा, स्वेटर आदि दे रही है। 2017 के पहले यह सब नहीं मिलता था। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाया गया और कल से पांच लाख रुपए तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करने जा रहे हैं। हर तबके को विकास से जोड़ना ही डबल इंजन सरकार की पहचान है।

 

 इस अवसर पर चिकित्सा व स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य, जीत लाल पटेल, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, नगर पालिका परिषद बेल्हा की अध्य़क्ष प्रेमलता सिंह, पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’, शिवाकांत ओझा, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, धीरज ओझा, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दिनेश सिंह, जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव आदि की मौजूदगी रही।

पत्नी को मारने 620 किमी दूर से इंदौर लाया कोबरा, ऐसे हत्‍या को बताया हादसा, शिवानी हत्याकांड में पति को उम्रकैद

shivani cobra

पत्‍नी को मारने के लिए पति करीब साढे 600 किमी दूर से जहरीला कोबरा सांप लेकर आया, हत्‍या को सांप से डसना बताया और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जांच में सामने आया कि पति ने पूरे सुनियोजित तरीके से पत्‍नी की हत्‍या को अंजाम दिया था। इस मामले में कोर्ट ने अब शिवानी के हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इंदौर के चर्चित 2019 शिवानी हत्याकांड में जिला कोर्ट ने आरोपी पति अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई।

राजस्‍थान से कोबरा लेकर आया इंदौर : आरोपी पति अमितेष उर्फ शालू पटेरिया इंदौर से 620 किलोमीटर दूर राजस्थान के अलवर से ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का कोबरा 30 हजार रुपए में खरीदकर लाया था। उसे 11 दिन घर में छिपाकर रखा। फिर मौका पाकर तकिए से पत्नी का गला घोंट दिया। इसके बाद कोबरा को मारकर उसके दांत पत्नी के हाथ में गड़ा दिए, ताकि पुलिस को लगे कि मौत सांप के काटने से हुई है। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने उसकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। फोरेंसिक साक्ष्यों और डॉक्टर के बयान ने पूरी कहानी उजागर कर दी। करीब साढ़े छह साल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अमितेष को हत्या में उम्रकैद सुनाई। कोबरा की हत्या में तीन साल के कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड तथा साक्ष्य मिटाने के मामले में दो साल की सजा मिली।

क्‍या है पूरे हत्‍याकांड की कहानी : इंदौर के संचार नगर में 1 दिसंबर 2019 को घटना हुई थी। शिवानी पटेरिया (35) को उसका पति अमितेष और किरायेदार निखिल एमवायएच लेकर पहुंचे थे। परिजन ने डॉक्टरों को सांप के काटने से मौत होने की जानकारी दी थी। लेकिन शिवानी के मायके पक्ष ने घटना को संदेहास्पद बताया। कनाडिया टीआई मौके पर पहुंचे तो घर में मरा हुआ कोबरा पड़ा था। शिवानी के चाचा प्रभात दीक्षित ने आरोप लगाया था कि उनकी भतीजी की हत्या की गई है। वह घर में पलंग पर मृत मिली थी। पलंग पर सांप भी मृत मिला था। उनका आरोप था कि कुछ दिन पहले अमितेष ने तलाक की कोशिश की थी। वह दिल्ली की एक युवती के संपर्क में था और शिवानी को तलाक देना चाहता था।

आरोप था कि पति ने पहले से हत्या की योजना बनाई थी। एक बार गला दबाया था। फिर दो दिन पहले जहर देने की कोशिश की थी। घटना वाली सुबह पार्लर में सांप के डसने से अस्पताल ले जाने की बात कही। बात कराने को कहा तो जवाब मिला कि वह बात नहीं कर सकती। शाम पांच बजे मौत की सूचना दी गई। घर में ससुर ओमप्रकाश और ननद ऋचा भी थे। इस मामले में कोर्ट ने अब शिवानी के हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने X अकाउंट बहाल किया, केंद्र सरकार का आदेश रद्द

delhi high court on cockroach janta party social media account

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर शुरू हुई मुहिम 'कॉकरोच जनता पार्टी' के एक्स हैंडल को बहाल करने का आदेश दिया है। पारित अपने फैसले में कोर्ट ने केंद्र सरकार के अकाउंट ब्लॉक करने के आदेश को रद्द कर दिया।

 

सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा नीट के दोबारा आयोजन से पहले 'अराजकता' से बचने के लिए यह अकाउंट ब्लॉक किया गया था। सरकार का तर्क था कि ऐसे अकाउंट से गलत सूचना फैल सकती है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है।

 

हाई कोर्ट ने सरकार के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि NEET को लेकर केंद्र की चिंता अब प्रासंगिक नहीं है। इसका मतलब है कि परीक्षा से संबंधित संभावित गड़बड़ी का खतरा अब समाप्त हो गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध तभी लगाया जा सकता है, जब कोई ठोस और तात्कालिक खतरा हो। इस मामले में ऐसा कोई खतरा मौजूद नहीं था।

 

कौन हैं अभिजित डिपके

अभिजित डिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी नामक एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक मंच बनाकर इतिहास रच दिया। दावा किया जा रहा है कि यह 'युवाओं का, युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए राजनीतिक मोर्चा' है। पार्टी के नारे, चुनाव चिन्ह से लेकर एंथम तक सब कुछ खास है। यह नाम सुप्रीम कोर्ट (CJI) द्वारा की गई एक टिप्पणी के बाद इंटरनेट पर काफी वायरल हुआ था। महज कुछ ही घंटों में 1 लाख से ज्यादा लोग उनसे जुड़ गए।

 

महाराष्‍ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले अभिजित एक युवा पॉलिटिकल कम्यूनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट और पत्रकार हैं। पुणे से पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित बॉस्टन यूनिवर्सिटी से 'पब्लिक रिलेशंस' में एमएस किया है। 

 

30 वर्षीय अभिजित 'कॉकरोच जनता पार्टी' बनाने से पहले भी राजनीति से जुड़े रहे हैं। 2020 से 2022 तक वे अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का भी हिस्सा रहे हैं। वे पार्टी की सोशल मीडिया टीम का हिस्सा थे। वे दिल्ली के शिक्षा विभाग के कम्युनिकेशंस एडवाइजर के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

 

क्यों बनाई कॉकरोच जनता पार्टी?

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत पर आरोप लगा कि उन्होंने पत्रकारिता, कानून और आरटीआई एक्टिविज्म में आने वाले बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' और 'पैरासाइट' से की थी। 

 

हालांकि बाद में सीजेआई ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से फैल चुका था। इसके बाद ही अभिजित ने कॉकरोच जनता पार्टी बनाने का फैसला किया।

धमाकों से दहला सीरिया, राष्‍ट्रपति मैक्रों की होटल के बाहर जोरदार विस्फोट

Emmanuel Macron Syria Visit

सीरिया की राजधानी दमिश्क मंगलवार को एक के बाद एक हुए कई धमाकों से दहल गया। इनमें से एक धमाका फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के होटल के पास हुआ। मैक्रों पूरी तरह सुरक्षित हैं। ALSO READ: ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को मिली धमकी, आरोपी के IP एड्रेस की हुई पहचान, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

 

इमैनुएल मैक्रों सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से मिलने के लिए राष्ट्रपति भवन में दाखिल हुए ही थे कि तभी फोर सीजन्स होटल के पास धमाके हुए। इसी होटल में फ्रांस के राष्‍ट्रपति ठहरे हुए हैं।

बम धमाकों से पूरा इलाका थर्रा उठा और आसमान में धुएं का गुबार साफ देखा गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक गाड़ी जलती हुई और सड़क पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे थे। किसी भी गुट ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

 

फ्रांसीसी राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा कि वे सुरक्षित हैं और सीरिया का उनका दौरा जारी है। सीरियाई अधिकारियों ने इस घटना पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।

इंदौर में होटल कर्मचारी ने फांसी लगाकर दी जान, रात में स्टाफ ने फंदे पर लटका देखा

इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में काम करने वाले युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना सोमवार-मंगलवार की रात करीब 2:30 बजे की है। होटल के अन्य कर्मचारियों ने युवक को कमरे में फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

लसूडिया पुलिस के अनुसार घटना खालसा चौक स्थित ड्रीम पैलेस होटल की है। मृतक की पहचान सोनू पुत्र सरदार बंजारा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सिवनी जिले का रहने वाला था। होटल कर्मचारियों ने बताया कि देर रात कुछ ग्राहक होटल पहुंचे और काफी देर तक रिसेप्शन पर आवाज लगाते रहे, लेकिन सोनू बाहर नहीं आया। इसके बाद दूसरा कर्मचारी उसे तलाशते हुए स्टाफ के कमरे तक पहुंचा, जहां वह फंदे पर लटका मिला।

घटना के बाद होटल के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। इनमें सोनू मोबाइल पर बात करते हुए अपने कमरे की ओर जाता दिखाई दिया। इसके बाद वह बाहर नहीं निकला। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल की जांच की जा रही है। साथ ही परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। होटल प्रबंधन के अनुसार सोनू करीब एक महीने पहले काम की तलाश में होटल पहुंचा था। नियुक्ति के दौरान उसका आधार कार्ड लिया गया था, लेकिन इससे पहले वह कहां काम करता था, इसकी जानकारी होटल स्टाफ को नहीं है। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

केतन की हत्या से पहले सिया ने की केस स्‍टडी, वारदात के पहले पढ़ी थी इंदौर के राजा रघुवंशी हत्‍याकांड की खबरें

siya ketan chetan

पुलिस जांच में पुणे के केतन अग्रवाल हत्‍याकांड में बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आ रहा है। इस हत्‍याकांड की आरोपी सिया गोयल ने वारदात के पहले इंदौर के राजा रघुवंशी हत्‍याकांड की खबरें पढी थीं। उसके मोबाइल की जांच के बाद पुलिस ने यह खुलासा किया है। यह खुलासा होने के बाद हर कोई हैरान है। हालांकि इस मामले में फिलहाल लगातार जांच चल रही है।

ताकि सोनम जैसी गलती न हो : पुणे की सिया गोयल ने केतन अग्रवाल की हत्या ठंडे दिमाग और पूरी प्लानिंग के साथ की थी। हत्या से पहले उसने गूगल पर राजा रघुवंशी केस सर्च किया और उसे पूरा पढ़ा, ताकि जो गलती सोनम ने की, वह उसे न दोहराए। लेकिन पुलिस ने उसे भी केतन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। सोनम और सिया की हत्या के तरीके में भी समानता है। सोनम ने भी हत्या के बाद राजा के शव को खाई में फेंका था और सिया ने सीधे धक्का देकर हत्या को हादसा बताने की कोशिश की।

दरअसल, सिया ने राजा रघुवंशी केस से सबक लेकर हत्या की प्लानिंग को और ज्यादा सावधानी से पूरा करने की कोशिश की थी। पुलिस ने जब सिया के मोबाइल की गूगल हिस्ट्री देखी तो पता चला कि उसने राजा रघुवंशी मर्डर केस के बारे में पूरी जानकारी ली थी। सिया ने यह भी जाना था कि पुलिस की गिरफ्तारी के बाद महिला आरोपियों से मारपीट होती है या नहीं।

पुलिस जुटा रही डिजिटल सबूत : बता दें कि पुणे पुलिस केतन अग्रवाल मर्डर केस में डिजिटल सबूत भी जुटा रही है। इस दौरान राजा रघुवंशी केस के बारे में सिया द्वारा जानकारी जुटाए जाने का पता चला। इस मामले में राजा रघुवंशी के परिजनों का कहना है कि सोनम ने जिस तरीके से राजा की हत्या की थी, सिया ने भी उसी प्लानिंग को अपनाया और पहाड़ों पर केतन को घुमाने ले गई थी।

झारखंड में इको टूरिज्म को मिलेगी नई रफ्तार, CM सोरेन ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए अहम निर्देश

Chief Minister Hemant Soren held high level review meeting regarding eco tourism

Chief Minister Hemant Soren : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सोरेन ने अधिकारियों को इको टूरिज्म के विकास, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना, कलाकारों का डेटाबेस तैयार करने और खेल व पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री सोरेन ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग, रांची समेत अन्य जिलों में इको-टूरिज्म परियोजनाओं को विकसित करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सोरेन ने अधिकारियों को इको टूरिज्म के विकास, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना, कलाकारों का डेटाबेस तैयार करने और खेल व पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।

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बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री सोरेन ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग, रांची समेत अन्य जिलों में इको-टूरिज्म परियोजनाओं को विकसित करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

मुख्यमंत्री सोरेन ने राज्य की नई पर्यटन नीति तैयार करने, पतरातू व्यू पॉइंट के विकास में तेजी लाने, जरूरत वाले पर्यटन स्थलों पर रोपवे की योजना बनाने तथा नेतरहाट में ग्लास ब्रिज या ग्लास वॉच टावर, कोयल व्यू पॉइंट, कॉटेज, ट्रैकिंग और अन्य पर्यटन सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा में सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य के कलाकारों का व्यापक डेटाबेस तैयार करने और पंजीकृत कलाकारों का जिला स्तर पर सत्यापन कराने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री सोरेन ने लोध जलप्रपात क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही खेलगांव की मेगा स्पोर्ट्स अवसंरचना के रखरखाव, खिलाड़ियों की सुविधाओं और झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए दूसरे राज्यों के उत्कृष्ट खेल संस्थानों में एक्सपोजर विजिट कराने पर भी जोर दिया।

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कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा में विभाग ने बताया कि अब तक करीब 12 हजार कलाकारों का पंजीकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इन सभी कलाकारों का जिला स्तर पर सत्यापन कराने और उन्हें देश के प्रतिष्ठित कला संस्थानों से जोड़ने की योजना तैयार करने को कहा।

116 साल की उम्र में 3550 सीढ़ियां चढ़कर तिरुमला पहुंचीं दादी, भक्ति देख भावुक हुए CM चंद्रबाबू नायडू [VIDEO]

Tirumala Viral Video 116 Old Lady: कहते हैं कि सच्ची आस्था के आगे उम्र भी छोटी पड़ जाती है। इसका जीता-जागता उदाहरण बनीं 116 वर्षीय नवनीतम्मा, जिन्होंने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन के लिए तिरुमला की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर हर किसी को हैरान कर दिया। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद न सिर्फ लाखों लोगों ने उनकी श्रद्धा को सलाम किया, बल्कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी उनकी भक्ति से प्रभावित हुए।

 

हालांकि, नवनीतम्मा की उम्र 116 वर्ष होने का दावा उनके परिवार की ओर से किया गया है। उनकी वास्तविक उम्र की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।


3550 सीढ़ियां… लेकिन आस्था नहीं डगमगाई

 

परिवार के साथ तिरुपति में रह रहीं नवनीतम्मा ने तिरुमला मंदिर तक पहुंचने के लिए पारंपरिक अलीपिरी पैदल मार्ग चुना। लगभग 11 किलोमीटर लंबे इस रास्ते में करीब 3550 सीढ़ियां हैं, जिन्हें लाखों श्रद्धालु भगवान वेंकटेश्वर के प्रति अपनी आस्था और तपस्या के रूप में पार करते हैं।

 

हाथ में लाठी और परिवार का सहारा लेकर नवनीतम्मा ने धीरे-धीरे पूरी चढ़ाई पूरी की। रास्ते भर वह “गोविंदा-गोविंदा” का जाप करती रहीं। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और अटूट विश्वास को देखकर रास्ते में मौजूद श्रद्धालु भी भावुक हो गए। कई लोगों ने उनके सफर का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह कहानी देशभर में चर्चा का विषय बन गई।

वीडियो देखकर बोले CM चंद्रबाबू नायडू- 'भक्ति के सामने उम्र सिर्फ एक संख्या'

 

वायरल वीडियो आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू  तक भी पहुंचा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नवनीतम्मा की तारीफ करते हुए लिखा कि “सच्ची भक्ति के सामने उम्र सिर्फ एक संख्या है। 116 वर्षीय इस दादी मां ने पैदल तिरुमला पहुंचकर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए। उनका यह समर्पण और परिवार का सहयोग वास्तव में प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री की इस पोस्ट के बाद हजारों लोगों ने भी नवनीतम्मा की हिम्मत और श्रद्धा की सराहना की।

 

TTD ने कराया VIP ब्रेक दर्शन, मिला विशेष सम्मान

 

मुख्यमंत्री की पोस्ट और वायरल वीडियो के बाद तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अध्यक्ष बी.आर. नायडू ने अधिकारियों को नवनीतम्मा का पता लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने उन्हें और उनके परिवार को विशेष VIP ब्रेक दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई।

 

दर्शन के बाद मंदिर परिसर के रंगनायकुला मंडपम में वैदिक विद्वानों ने उनका आशीर्वाद समारोह आयोजित किया। TTD के कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें रेशमी वस्त्र और श्रीवारी प्रसाद भेंट किया तथा स्वयं उनका आशीर्वाद लिया। नवनीतम्मा ने भी हाथ जोड़कर मंदिर प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

 

परिवार बोला- फैसला किया तो पीछे नहीं हटीं

 

नवनीतम्मा के पोते के अनुसार, परिवार ने उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें पैदल यात्रा न करने की सलाह दी थी। लेकिन उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन पैदल ही करने का संकल्प लिया था। एक बार मन बना लेने के बाद उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला और आखिरकार अपनी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी कर ली।

 

सोशल मीडिया पर लोग बोले- 'यही है सच्ची आस्था'

 

नवनीतम्मा का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि आज जहां युवा थोड़ी दूरी चलने में थक जाते हैं, वहीं इतनी अधिक उम्र में हजारों सीढ़ियां चढ़ना अद्भुत है। वहीं कुछ लोगों ने इसे यह साबित करने वाला उदाहरण बताया कि इंसान की सबसे बड़ी ताकत उसका विश्वास और दृढ़ निश्चय होता है।

 

नवनीतम्मा की यह यात्रा सिर्फ एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि यह संदेश भी देती है कि जब मन में अटूट श्रद्धा हो तो उम्र, थकान और कठिन रास्ते भी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकते।

क्या शादीशुदा थी सिया गोयल? केतन अग्रवाल हत्याकांड में वॉट्सऐप चैट से खुला बड़ा राज

Ketan Agarwal murder case

Ketan Agarwal murder case: पुणे के लोहागढ़ किले की ऊंचाइयों से खाई में धकेलकर मार दिए गए केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मोड़ आया है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। केतन अग्रवाल की जिस मंगेतर का ऐसा 'डार्क सीक्रेट' सामने आया है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। डिजिटल सबूतों और डिलीट की गई वॉट्सऐप चैट्स ने इस पूरी मर्डर मिस्ट्री की खौफनाक साजिश से पर्दा उठा दिया है।

सगाई से पहले ही सिया ने कर ली थी शादी

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल पहले से शादीशुदा थी। रिपोर्ट्‍स के मुताबिक सिया ने सगाई से करीब चार महीने पहले ही सह-आरोपी और अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ परिवारों से छिपकर गुपचुप तरीके से शादी रचा ली थी। जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले, तब जाकर इस 'सीक्रेट मैरिज' का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस को शक है कि इस गुप्त शादी के बाद ही केतन अग्रवाल को अपने रास्ते से हमेशा-हमेशा के लिए हटाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था। ALSO READ: केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

14 जून का वो 'नाकाम' खौफनाक प्लान

पुलिस की जांच में सामने आया है कि केतन को मौत के घाट उतारने की पहली कोशिश 14 जून को ही की गई थी। लेकिन ऐन मौके पर सिया गोयल का कलेजा कांप गया और डर के मारे वह पीछे हट गई, जिससे पहला प्लान फेल हो गया। इसके बाद दोनों आरोपियों के बीच लगातार मैसेजेस का आदान-प्रदान हुआ, जिसमें केतन को खत्म करने की नई तारीख और नई साजिश बुनी गई। ALSO READ: कैफे में रची गई साजिश, CCTV से खुली पोल, एक बॉलीवुड फिल्म की तर्ज पर हुआ केतन का मर्डर

मुझमें हिम्मत नहीं है, तुम आ जाओ…

पुलिस के हाथ लगी एक डिलीटेड वॉट्सऐप चैट ने इस हत्याकांड को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अकेले मर्डर करने में नाकाम रही सिया ने अपने 'पति/प्रेमी' चेतन को मैसेज में लिखा था— मुझमें इसे अकेले करने की हिम्मत नहीं है, तुम भी आ जाओ- हम दोनों मिलकर उसे चट्टान से धक्का दे देंगे। इस एक मैसेज ने साबित कर दिया कि केतन के साथ मोहब्बत का नाटक कर रही सिया अंदर से कितनी बेरहम थी।

साजिश के 7 महीने और खौफनाक अंत

पुलिस ने पिछले 6 से 7 महीनों के कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन डेटा और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री को खंगाला है, जिससे साफ है कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं बल्कि ठंडे दिमाग से किया गया 'प्लान्ड मर्डर' था। इसी खौफनाक चैट के बाद 18 जून को दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले की चोटी से नीचे धकेल दिया। ALSO READ: पुणे में इंदौर से भी ज्यादा खौफनाक हत्या, सिया ने ही बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी मंगेतर केतन की हत्या

 

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिया गोयल और चेतन चौधरी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस हर एक डिजिटल सबूत को कोर्ट के सामने पुख्ता तरीके से पेश करने की तैयारी में है। फिलहाल यह पूरा मामला कोर्ट के विचाराधीन है, लेकिन इस बेवफाई और कत्ल की दास्तान ने सबको झकझोर कर रख दिया है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala