Share Bazaar में तेजी पर लगा विराम, Sensex 104 अंक टूटा, Nifty में भी आई गिरावट

Rally in Indian stock market came to halt today after four sessions

Share Market Update News : लगातार 4 सत्रों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी पर विराम लग गया है। कारोबार के दौरान मुनाफावसूली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 104.35 अंक यानी 0.13 फीसदी की गिरावट के साथ 78180.72 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 31.65 अंक यानी 0.13 फीसदी टूटकर 24398.70 अंक पर आ गया। इस बीच टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट के शेयरों में भारी गिरावट आई। इससे पहले यानी सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 521.16 अंक उछलकर 78,285.07 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 159.50 अंक चढ़कर 24,430.35 अंक पर बंद हुआ था।

लगातार 4 सत्रों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी पर विराम लग गया है। कारोबार के दौरान मुनाफावसूली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 104.35 अंक यानी 0.13 फीसदी की गिरावट के साथ 78180.72 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 31.65 अंक यानी 0.13 फीसदी टूटकर 24398.70 अंक पर आ गया।

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इस बीच टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट के शेयरों में भारी गिरावट आई। बीईएल, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, टाटा स्टील, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल के शेयरों में सबसे ज्‍यादा गिरावट आई। क्षेत्रीय स्तर पर निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी सूचकांकों में सबसे अधिक नुकसान हुआ।

इन दोनों सूचकांकों में 1.6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 243.03 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। रुपया आज डॉलर के मुकाबले 48 पैसे कमजोर होकर 94.95 के स्तर पर पहुंच गया। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखने को मिली।

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हांगकांग के हेंगसेंग में 0.5 फीसदी और शंघाई कंपोजिट में 1.2 फीसदी की गिरावट आई। इससे पहले यानी सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 521.16 अंक उछलकर 78,285.07 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 159.50 अंक चढ़कर 24,430.35 अंक पर बंद हुआ था।

उज्जैन-इंदौर मार्ग पर बस की टक्कर से दो गायों की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने बस को फूंका

bus golu shukla

उज्जैन-इंदौर मुख्य मार्ग पर पंथपिपलाई और रामवासा गांव के बीच एक हादसा हो गया। इंदौर से आ रही यात्री बस ने सड़क पार कर रही दो गायों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने बस में आग लगा दी। नाराज ग्रामीणों को देख बस का चालक बस को छोड़ कर भाग गया।

अच्‍छा तो यह रहा कि हादसे के वक्त बस में कोई यात्री सवार नहीं था। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार वाहनों पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से मवेशियों की सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।

आपको बता दे कि पांच महीने पहले शुक्ला ब्रदर्स की बस ने टक्कर मारकर एक बाइक पर सवार पति-पत्नी और दो बच्चों की भी जान ले ली थी। इसके अलावा अरविंद हॉस्पिटल के पास भी तेज गति से बस चलाई जाने पर नाराज लोगों ने बस के चालक के साथ मारपीट की थी और बस में तोड़फोड़ कर दी थी। इंदौर में तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोलू शुक्ला के परिवार से जुड़ी बसें इंदौर उज्जैन रूट पर संचालित होती है। ज्यादातर बसों पर गोलू भी लिखा होता है। इस बस सर्विस के बारे में कई बार शिकायत हो चुकी है, लेकिन इसके चालक अंधाधुंध गति से बसों को चलाते हैं।

ब्लड टेस्ट से शुरुआती कैंसर की होगी पहचान, रिलायंस की स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज को मिला पेटेंट

Strand Life Sciences : रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज को ऐसी तकनीक के लिए भारतीय पेटेंट मिला है, जो सिर्फ ब्लड सैंपल के जरिए कैंसर की शुरुआती पहचान और उसके संभावित स्रोत का पता लगाने में मदद कर सकती है। यह प्लेटफॉर्म सेल-फ्री डीएनए का विश्लेषण करता है और इसमें जीनोम सीक्वेंसिंग, बायोलॉजिकल डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल होता है।

 

कंपनी के मुताबिक इस तकनीक की खासियत कैंसर से जुड़े डीएनए पैटर्न में बदलाव को पहचानना है, ताकि बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सके और मरीजों को बेहतर इलाज का मौका मिल सके। फिलहाल बड़ी संख्या में मरीजों में कैंसर की पहचान बीमारी के गंभीर चरणों में ही हो पाती है।

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स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज के सीईओ रमेश हरिहरन ने कहा कि यह पेटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लिक्विड बायोप्सी टेक्नोलॉजी के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे समाधान विकसित करना है, जो कैंसर स्क्रीनिंग को अधिक सटीक, बड़े पैमाने पर लागू करने योग्य और सुलभ बना सकें।
Edited By : Chetan Gour

AI नहीं असली वीडियो, वायनाड में भूस्खलन का खौफनाक वीडियो, खिलौनों की तरह मलबे में बहे बस और ट्रक

Wayanad landslide video

केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक भयावह भूस्खलन का वीडियो सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कोझिकोड और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली निर्माणाधीन टनल रोड परियोजना के तहत कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास जमा मिट्टी का विशाल ढेर अचानक बारिश के कारण खिसकने लगा। देखते ही देखते मिट्टी का बड़ा हिस्सा सड़क की ओर आ गया।  आसपास के पेड़ उखड़ गए और निर्माण स्थल पर लगाए गए लोहे तथा कपड़े के बैरिकेड्स भी बह गए।

 

भूस्खलन की चपेट में एक ट्रक और एक बस भी आ गए, जिन्हें मलबे का तेज बहाव अपने साथ बहा ले गया। टीवी चैनलों पर प्रसारित वीडियो में एक प्रत्यक्षदर्शी लोगों को चेतावनी देते हुए चिल्लाता सुनाई देता है- “दोस्तों, जल्दी भागो… जल्दी भागो!” जिससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर तेजी से वायरल हो रहा है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

 वीडियो में स्पष्ट दिखाई देता है कि मलबा सड़क पर फैलते ही कई लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटनास्थल पर मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया और हर कोई सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ता नजर आया।
 

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 हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा। स्थानीय निवासियों ने भी बचाव अभियान में मदद की और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय लोगों ने कम से कम तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी भूस्खलन का पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है। फुटेज में देखा जा सकता है कि जैसे ही मलबा मीनाक्षी ब्रिज के पास सड़क पर पहुंचा, लोग अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूस्खलन इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

5 हजार साल पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा है सिंधी समुदाय का DNA, BHU के शोध में बड़ा खुलासा, भारत-पाकिस्तान के सिंधी के बीच मजबूत जेनेटिक संबंध

5000 साल पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा है सिंधी समुदाय का DNA

सिंधी डायस्पोरा : पूरे विश्व मे फैले हुए लोग,पर डीएनए एक

भारत और पाकिस्तान के सिंधी लोगों के बीच आज भी मज़बूत जेनेटिक संबंध

दुनिया में कुछ समुदाय ऐसे हैं जो सदियों पहले अपनी जमीन से बिखर गए, लेकिन आज भी उनका डीएनए उन्हें एक सूत्र में बांधे हुए है। यहूदी समुदाय इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। पूरी दुनिया में फैले यहूदी आज भी अपने प्राचीन डीएनए को पहचानते हैं। ठीक ऐसी ही कहानी सिंधी समुदाय की भी है।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्ञान लैब की वैज्ञानिक चंचल देवनानी, जीन विज्ञानी प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने गुजरात विश्वविद्यालय के डॉ खुशबू गौतम और प्रोफेसर राकेश रावल के साथ मिलकर 113 सिंधियों के डीएनए की गहराई से अध्ययन और जांच की। नतीजा बेहद महत्वपूर्ण है, भारत और पाकिस्तान में बसे सिंधी समुदाय न केवल सांस्कृतिक और भाषाई रूप से, बल्कि अपने जीनोम में भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। उनकी साझा विरासत प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता तक जाती है।

सिंधी डायस्पोरा: पूरे विश्व मे फैले हुए लोग, पर डीएनए एक- वैज्ञानिक भाषा में इसे सिंधी डायस्पोरा कहते हैं यानी एक ऐसा समुदाय जो अपनी मूल भूमि से बिखरकर दुनिया भर में फैल गया, फिर भी अपनी आनुवंशिक पहचान को बचाए रखा। यह शोध विज्ञान की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ह्यूमन जेनेटिक्स में प्रकाशित हुई। सिंधु घाटी सभ्यता के काल में सिंध क्षेत्र में एक जातीय समूह फला-फूला, जिसे आज भी सिंधी के नाम से जाना जाता है। यह समुदाय सिंधु नदी के तट पर विकसित हुआ। इसकी सभ्यता और संस्कृति सिंधु घाटी सभ्यता जितनी ही प्राचीन हैं।

सिंधु घाटी सभ्यता की सांस्कृतिक झलक- इस सांस्कृतिक निरंतरता का सबसे जीवंत प्रमाण अज्रक है। अज्रक एक विशेष प्रकार का पारंपरिक ब्लॉक-प्रिंट वाला सूती कपड़ा है, जो सिंधी पहचान, सम्मान और आतिथ्य का प्रतीक है। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिली पुरोहित राजा की मूर्ति के कंधे पर लिपटी शॉल पर वही त्रिफोली पैटर्न दिखता है, जो आज के अज्रक में भी देखने को मिलता है। यानी न सिर्फ डीएनए, बल्कि पहनावा भी 5000 साल पुरानी विरासत को आज तक संजोए हुए है।

1947 में भारत के विभाजन के बाद सिंध प्रांत पाकिस्तान का हिस्सा बन गया। इसके बाद बड़ी संख्या में सिंधी हिंदू और सिख अपना घर-बार छोड़कर भारत के विभिन्न हिस्सों विशेषकर गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में आकर बस गए। इसके बावजूद, सिंधी डायस्पोरा पर अब तक कोई व्यापक जीनोम-वाइड अध्ययन नहीं हुआ था। पहली बार काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने गुजरात विश्वविद्यालय के साथ मिलकर सात लाख तीस हजार डीएनए मार्कर्स का अध्ययन 113 सिंधी व्यक्तियों पर किया और इसकी तुलना दो हजार लोगों से की।

भारत-पाकिस्तान के सिंधी के बीच जेनेटिक संबंध-शोध की प्रथम लेखिका चंचल देवनानी ने कहा की इस महत्वपूर्ण अध्ययन ने साबित कर दिया कि भारत और पाकिस्तान में बसे सिंधी समुदाय अपने जीनोम में भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

वैज्ञानिकों ने जब आधुनिक सिंधियों के डीएनए को प्राचीन नमूनों से मिलाया, तो पाया कि उनके डीएनए का 60 से 66 प्रतिशत हिस्सा प्राचीन सिंधु घाटी क्षेत्र के लोगों से आता है। यह मिश्रण लगभग 2500 से 2900 वर्ष पहले हुआ था। यानी आज से करीब ढाई हजार साल पहले भी सिंधु क्षेत्र के लोग अपनी अलग पहचान बना चुके थे।

आज के सिंधी चाहे वे विश्व के किसी कोने में रहते हों उसी प्राचीन डीएनए को अपने अंदर लिए घूम रहे हैं। राज्यवार विश्लेषण (राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना) में भी यही पैटर्न लगभग एक समान रहा। यानी विभाजन के बाद भारत में फैले सिंधियों में भी मूल आनुवंशिक संरचना बनी रही।

पाकिस्तान से कैसे अलग भारत के सिंधी?- भारत और पाकिस्तान दोनों सिंधी समूहों में सबसे उल्लेखनीय अंतर इनब्रीडिंग (सजातीय विवाह) के स्तर पर देखा गया। पाकिस्तानी सिंधियों में एक जैसे डीएनए खंडों की संख्या और लंबाई काफी ज्यादा थी। इसका मुख्य कारण वहाँ रिश्तेदारों में शादी-ब्याह की परंपरा का अधिक प्रचलन है।

इसके विपरीत, भारतीय सिंधियों में इनब्रीडिंग का स्तर काफी कम था। बंटवारे के बाद वे अलग-अलग राज्यों में फैल गए और सिंधी के विभिन्न समुदायों से विवाह किए, जिससे उनका डीएनए थोड़ा अधिक विविध हो गया। प्रमुख जीन वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे कहतै है कि “सिंधी समुदाय यहूदियों की तरह एक डायस्पोरा है। बंटवारे ने उन्हें कई देशों में बांट दिया, लेकिन उनका डीएनए आज भी 5000 साल पुरानी सिंधु घाटी से जुड़ा हुआ है। विभिन्न जगहों पर जाने के बाद भी यह उनके साझा विरासत की सबसे बड़ी मिसाल है।”

यह शोध एक बार फिर साबित करता है कि विज्ञान अतीत को समझने की कुंजी के साथ ही वर्तमान की साझा मानवता को भी मजबूत करता है। सिंधु की धरती से निकली यह आनुवंशिक और सांस्कृतिक कहानी आज भी सिंधियों को एक-दूसरे से जोड़ रही है चाहे सीमाएं कुछ भी कहें।

बाबरी के चंदे और मदरसों के कदाचार पर भी बोल दें अखिलेश, ब्रजेश पाठक का पलटवार

Brajesh Pathak counter attack Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने वाला बताया। पाठक ने कहा कि सपा और कांग्रेस की हिम्मत नहीं है कि वे मदरसों में चल रहे कदाचारों पर सवाल उठा सकें।

बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर एसआईटी जांच का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण पर एसआईटी जांच चल रही है। कोई भी दोषी बचे न और कड़ी कार्रवाई हो, यह सरकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

चरमोत्कर्ष पर पहुंचाएंगे सनातन धर्म की पताका

पाठक ने राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ट्रस्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार सनातन संस्कृति की पताका को और चरमोत्कर्ष पर पहुंचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

तुष्टिकरण और वोट बैंक की पॉलिटिक्स कर रहा विपक्ष

उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा, कांग्रेस और अन्य दल राम मंदिर चढ़ावे पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन बाबरी मस्जिद सहित मुस्लिम प्रतिष्ठानों, मस्जिदों या मदरसों के चंदे और कदाचार पर कभी सवाल नहीं उठाते। पाठक ने कहा कि कई मदरसों की हालत ये है कि वे कदाचार के अड्डे बने हुए हैं। मगर, इनके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकलेगा क्योंकि ये तुष्टिकरण और वोट बैंक की पॉलिटिक्स कर रहे हैं।

 

डिप्टी सीएम ने सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। राम मंदिर ट्रस्ट ने एफआईआर कराई है और कानून के अनुसार कार्रवाई हो, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

सीएम योगी ने सुल्तानपुर में वितरित किए चेक व प्रशस्ति पत्र

CM Yogi Adityanath Sultanpur visit

CM Yogi Adityanath Sultanpur visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को जनपद को 819 करोड़ रुपए से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इसी दौरान उन्होंने ग्राम्य विकास, उद्योग, श्रम एवं पशुपालन विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए। इससे स्वरोजगार, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं चेक, प्रशस्ति पत्र पाकर लाभार्थियों के मंच पर चेहरे खिल उठे।

योजनाओं के लाभार्थी

  • श्रीमती अनीता कुमारी – मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत घर की चाबी मिली।
  • श्रीमती सीमा मौर्या – विद्युत सखी एनआरएलएम थर्मल प्रिंटर का वितरण।
  • श्रीमती निधि वर्मा – विद्युत सखी एनआरएलएम थर्मल प्रिंटर का वितरण।
  • श्रीमती संजू साहू – बीसी सखी एनआरएलएम प्रशस्ति पत्र।
  • श्रीमती साधना देवी और नजमा – सेल्फ हेल्प ग्रुप (यूपीएसआरएलएम) के तहत 409 समूहों का 6 करोड़ 13 लाख 50 हजार का चेक।
  • श्रीमती पूजा पाल और रीता (समूह प्रतिनिधि) – 1.40 करोड़ रुपये का चेक प्राप्त किया।
  • श्रीमती रीमा देवा और आराधना जायसवाल (संगठन पदाधिकारी) – 55 लाख 50 हजार का चेक प्राप्त किया।

पीएम उद्यमी युवा योजना

  • अमन मौर्या – 5 लाख का चेक प्राप्त किया।
  • श्रीमती निर्मला – 3 लाख रुपये का प्राप्त किया।
  • श्री दया शंकर भार्गव – 5 लाख रुपये का चेक प्राप्त किया।
  • श्री करण – 5 लाख रुपये का चेक प्राप्त किया।

मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना

  • श्री लक्ष्मण – 31 हजार रुपये का चेक प्राप्त किया।
  • श्री अरुण कुमार – 31 हजार रुपये का चेक प्राप्त किया।
  • श्रीमती लीलावती देवी – 25 हजार रुपये का चेक प्राप्त किया।
  • श्रीमती पूनम – 25 हजार रुपये का चेक प्राप्त किया।

नंद बाबा दुग्ध योजना

  • श्रीमती लक्ष्मी जायसवाल – 5.90 लाख रुपये का चेक प्राप्त किया।
  • श्री गुलाब पति त्रिपाठी – 5.90 लाख रुपये का चेक प्राप्त किया।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

Electric scooter : मेटल बॉडी वाले सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर, दाम सुनेंगे तो चौंक जाएंगे

भारत में किफायती इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Komaki Electric Vehicles ने 2  नए इलेक्ट्रिक स्कूटर MG Pro V और MG Pro+ लॉन्च किए हैं। इनकी एक्स-शोरूम कीमत क्रमशः ₹73,999 और ₹79,999 रखी गई है।

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कंपनी का दावा है कि दोनों नए स्कूटर अपने ऑल-मेटल बॉडी डिजाइन के कारण बाजार में अलग पहचान बनाते हैं। आमतौर पर यह फीचर महंगे इलेक्ट्रिक स्कूटरों में देखने को मिलता है। इसके साथ ही ये स्कूटर मजबूत निर्माण, लंबी रेंज और आधुनिक कनेक्टेड फीचर्स का बेहतरीन संयोजन पेश करते हैं।

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दोनों मॉडलों में मोबाइल ऐप कनेक्टिविटी दी गई है। इसकी मदद से यूजर बैटरी की स्थिति और ड्राइविंग रेंज की निगरानी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इनमें फ्रंट डिस्क ब्रेक, टेलीस्कोपिक सस्पेंशन, एंटी-थेफ्ट लॉक, पार्किंग असिस्ट और रिपेयर स्विच जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। MG Pro+ में अधिक सामान रखने के लिए बड़ा स्टोरेज कंपार्टमेंट भी मिलता है।

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कंपनी के मुताबिक दोनों स्कूटरों में मजबूत मेटल बॉडी के साथ LiFePO4 बैटरी का इस्तेमाल किया गया है। इसकी लाइफ सामान्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और कई पेट्रोल (ICE) वाहनों में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों की तुलना में अधिक मानी जाती है। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहकों को बेहतर टिकाऊपन, सुरक्षा और लंबी अवधि तक भरोसेमंद प्रदर्शन मिलेगा।

अयोध्या में आस्था बरकरार, रामलला दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

Faith remains steadfast in Ayodhya, Crowds of devotees are thronging darbar of Ram Lalla

– चोरी की घटना के बाद भी आस्था से रोशन है रामनगरी, योगी सरकार पर पूरा भरोसा

– श्रद्धालु बोले- ‘दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा’

– रामलला के प्रति अटूट विश्वास, व्यापार, पर्यटन पर नहीं पड़ा कोई असर

Uttar Pradesh news : योगी सरकार के नेतृत्व में विकसित हो रही रामनगरी अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। हाल में सामने आए चोरी प्रकरण के बावजूद राम मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना कानून-व्यवस्था और जांच का विषय है, जिसकी पुलिस और एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था अटूट है और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
 

देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु, दर्शन व्यवस्था सामान्य

देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु राम मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन का क्रम सामान्य रूप से जारी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि किसी एक घटना को करोड़ों लोगों की आस्था से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। रामलला हमारे आराध्य हैं और अयोध्या हमारी सनातन आस्था की प्रतीक है। हम रामलला के दर्शन को आए हैं जिनसे हमें आत्मिक बल प्राप्त होता है। 

 

श्रद्धालुओं ने जताया जांच एजेंसियों पर भरोसा

दिल्ली से दर्शन करने आई श्रद्धालु पूजा ने कहा कि वह रामलला के दर्शन के लिए आई हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि पुलिस एवं एसआईटी अपना कार्य पूरी निष्पक्षता से कर रही है। इस घटना का उनकी आस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु रूपचंद्र मारवाड़ी ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। जांच अपनी जगह है और दर्शन अपनी जगह। उन्हें न्याय व्यवस्था और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है।

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स्थानीय लोगों ने कहा- सामान्य है माहौल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या पहले की तरह बनी हुई है। होटल, धर्मशालाएं, बाजार और धार्मिक स्थल सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं तथा पूरे शहर में धार्मिक वातावरण बना हुआ है। स्थानीय व्यवसायी अजय शुक्ला ने कहा कि अयोध्या की पहचान भगवान श्रीराम और यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का जिस तरह विकास हुआ है, उससे देश-विदेश के श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हुआ है।
 

बाजार पर नहीं पड़ा कोई असर, देर रात तक हो रही खरीदारी

व्यवसायी मनोज गुप्ता ने बताया कि उनकी दुकान पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। सुबह से देर रात तक बाजारों में खरीदारी, प्रसाद और अन्य धार्मिक सामग्री की बिक्री सामान्य रूप से हो रही है। लोगों को जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है। व्यवसायी दीपक गुप्ता ने कहा कि उनकी दुकान पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा सामग्री, गमछा और धार्मिक वस्तुएं खरीदने आते हैं। पिछले कुछ वर्षों में सड़क, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में हुए सुधार का लाभ व्यापारियों और श्रद्धालुओं दोनों को मिला है।

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सरयू घाट पर लगातार चहल-पहल, परिवहन सेवाएं सामान्य

सरयू घाट पर फोटोग्राफी का कार्य करने वाले मनीष मोदनवाल ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू स्नान और रामलला के दर्शन के बाद अपनी यादगार तस्वीरें खिंचवाने पहुंच रहे हैं। घाटों पर पहले जैसी ही रौनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था भगवान श्रीराम और मां सरयू के प्रति है, इसलिए किसी घटना से उनके विश्वास पर कोई असर नहीं पड़ा है।

ई-रिक्शा चालक राजू पाल ने कहा कि वह प्रतिदिन श्रद्धालुओं को राम मंदिर, सरयू घाट और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचाते हैं। पिछले दिनों में भी श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। बेहतर सड़कें, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए विकसित सुविधाओं से पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिला है।
 

हनुमानगढ़ी क्षेत्र में भी सामान्य है व्यापार

हनुमानगढ़ी के निकट प्रसाद व्यवसायी जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीराम और हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद उनकी दुकान से प्रसाद खरीदते हैं। हाल की घटना के बावजूद व्यापार सामान्य रूप से चल रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था भगवान श्रीराम और हनुमानजी के प्रति है, इसलिए किसी घटना से उनके विश्वास पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

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श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि अयोध्या की पहचान उसकी सनातन परंपरा, आध्यात्मिक वातावरण और भगवान श्रीराम के प्रति करोड़ों लोगों की अटूट आस्था से है। उनका विश्वास है कि योगी सरकार और प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए अयोध्या की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करेंगे।

3 साल में ब्लू चिप शेयरों ने किया निराश! TCS, Infosys, ITC समेत कई दिग्गजों का रिटर्न कमजोर

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2026 की पहली छह माही में भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट के चलते कई ब्लू चिप कंपनियों का पिछले 3 साल का रिटर्न करीब शून्य पर पहुंच गया। टीसीएस, आईटीसी, इंफोसिस, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनीलीवर, विप्रो, टाटा मोटर्स और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज कंपनियों के रिटर्न ने निवेशकों को खासा निराश किया। रिलायंस के शेयरों ने जरूर 3.2 फीसदी का रिर्टन दिया।

 

क्या होती है ब्लू चिप कंपनियां?

बड़ी और आर्थिक रूप से बेहद मजबूत और स्थापित कंपनियों के शेयरों को ब्लू चिप (Blue Chip) शेयर कहा जाता है। इनका प्रदर्शन लगातार स्थिर रहता है। इन शेयरों को अक्सर उनके भरोसेमंद रिटर्न के कारण निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है। शेयर बाजार में, ब्लू चिप शेयरों को अक्सर छोटी और कम स्थापित कंपनियों की तुलना में कम जोखिम वाला माना जाता है। हालांकि इनमें लाभ की कोई गारंटी नहीं होती और निवेशकों को नुकसान भी हो सकता है।

 

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ब्लू चिप कंपनियों ने क्यों किया निराश?

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने बताया कि बाजार के दबाव और अस्थिरता के कारण, कई दिग्गज शेयरों का 3 साल का रिटर्न या तो शून्य रहा है या नेगेटिव। ब्लू चिप कंपनियों का प्रदर्शन उनके वैल्यूएशन के हिसाब से नहीं रहा। आईटी कंपनियों के प्रदर्शन में गिरावट की प्रमुख वजह एआई रहा। महंगाई बढ़ने से एफएमसीजी सेक्टर में उम्मीद से कम डिमांड रही तो क्रूड ऑयल महंगा होने से पेंट्स सेक्टर पर बुरा असर पड़ा।

 

क्या है उम्मीद?

बागौरा ने कहा कि बेहतर एसेट क्वालिटी, स्थिर मार्जिन और ब्याज दरों में कमी होने पर इन ब्लू चिप कंपनियों का रिटर्न आने वाले समय में बेहतर हो सकता है। इससे आने वाले दिनों में इन कंपनियों में निवेश का एक बेहतर मौका हो सकता है। 

 

उन्होंने बताया कि भारत और ब्रिटेन के बीच हुए एफटीए का भी इन कंपनियों के प्रदर्शन पर सकारात्मक असर हो सकता है। क्रूड के दाम घटने से भी दूसरी तिमाही को लेकर भारतीय ब्लू चिप कंपनियों पर एफआईआई का भरोसा बढ़ा है।  

 

निवेश के लिए इन बातों का रखें ध्यान

निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति देखें। राजस्व (Revenue), मुनाफा (Profit), कैश फ्लो और कर्ज (Debt) की स्थिति मजबूत होनी चाहिए।

 

लंबे समय का प्रदर्शन जांचें : 5 से 10 वर्षों का रिटर्न, कमाई की वृद्धि और बाजार में स्थिरता देखें।

वैल्यूएशन पर ध्यान दें : अच्छी कंपनी भी बहुत महंगे भाव (High P/E) पर खरीदी जाए तो रिटर्न प्रभावित हो सकता है।

डिविडेंड रिकॉर्ड देखें : जो कंपनियां नियमित डिविडेंड देती हैं, वे अक्सर वित्तीय रूप से मजबूत मानी जाती हैं।

बिजनेस मॉडल समझें : कंपनी का कारोबार टिकाऊ हो और भविष्य में भी उसकी मांग बनी रहने की संभावना हो।

सेक्टर में विविधता रखें : पूरा निवेश केवल आईटी, बैंकिंग या एफएमसीजी जैसे एक ही सेक्टर में न करें।

लंबी अवधि का नजरिया रखें : ब्लू चिप शेयरों से बेहतर रिटर्न आमतौर पर 5-10 साल के निवेश में देखने को मिलता है।

अपने जोखिम और लक्ष्य के अनुसार निवेश करें : निवेश का फैसला अपनी वित्तीय जरूरत, समयावधि और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर करें, न कि केवल दूसरों की सलाह पर।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।