ट्रंप की एक चेतावनी और भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1,600 से ज्यादा अंक टूटा, रॉकेट बनी कच्चे तेल की कीमतें

share market crash 8 july 2026

Share Market Crash : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर खत्म होने संबंधी एलान के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सेंसेक्स 1646 और निफ्टी 512 अंक टूटा। क्रूड ऑयल में 5% से ज्यादा का उछाल आया।

 

सभी सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बैंक और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट है। ALSO READ: 3 साल में ब्लू चिप शेयरों ने किया निराश! TCS, Infosys, ITC समेत कई दिग्गजों का रिटर्न कमजोर

 

भारतीय शेयर बाजार निवेशक आज सुबह से ही मुनाफा वसूली कर रहे थे। 1 बजकर 40 मिनट पर सेंसेक्स 77,600 था। कुछ ही देर में यह 900 अंक गिर गया। दोपहर 2.26 बजे बीएसई का सेंसेक्स 1,646 अंकों की गिरावट के साथ 76,534 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 512 अंक गिरकर 23,887 पर आ गया। 

 

क्रूड की कीमतों में भारी उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 5.58 फीसदी उछाल के साथ 78.30 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया वहीं WTI क्रूड 5.99 फीसदी उछलकर 74.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। साथ ही रुपए में कमजोरी, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत 68.21 डॉलर प्रति बैरल थी। ALSO READ: Share Bazaar में तेजी पर लगा विराम, Sensex 104 अंक टूटा, Nifty में भी आई गिरावट

 

क्या है अंतरराष्‍ट्रीय बाजारों का हाल?

वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली का दौर जारी है। अमेरिका शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.35 फीसदी और जापान का निक्कई इंडेक्स 2.11 फीसदी गिर गया।

 

क्या बोले ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के साथ बैठक में ईरान के साथ जारी सीजफायर के खत्म होने का ऐलान किया है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो समझौता कर लो, वरना अमेरिका ईरान के अहम ठिकानों को तबाह कर सकता है। ट्रंप के इस बयान पर ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर धमकियों की भाषा जारी रही तो किसी अंतिम समझौते पर बातचीत संभव नहीं होगी।

लोको पायलट ने समोसे के लिए रोकी ट्रेन, विभाग ने दावे को बताया बेबुनियाद, पीआरओ ने बताया क्‍या है वीडियो की सचाई

Loco pilot

इंदौर और महू के बीच चलने वाली ट्रेन के लोको पायलट द्वारा समोसे खरीदने के लिए ट्रेन को रोकने का हाल ही में वीडियो सामने आया था। इस वीडियो को वायरल कर के यह कहा जा रहा था कि इंदौर और महू के बीच चलने वाली एक ट्रेन को रोककर लोको पायलट समोसे खरीदता है। इससे करीब 10 मिनट तक ट्रेन में लोगों को इंतजार करना पडता है।

वीडियो सामने आने के बाद रेलवे विभाग ने इस बारे प्रेसनोट जारी कर अपनी तरफ से इस वीडियो को बेबुनियाद और भ्रामक तरीके से प्रसारित करना बताया है।

क्‍या कहा रेलवे पीआरओ ने : रेलवे के अनुसार वीडियो में दिखाई दे रही गाड़ी कोई यात्री ट्रेन नहीं, बल्कि एक मालगाड़ी थी जो राऊ यार्ड में पूर्व निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण ‘होम सिग्नल’ पर खड़ी थी। रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया, ‘‘वीडियो की पड़ताल कराई गई है जिसमें पता चला कि संबंधित मालगाड़ी को आगे ट्रैक पर जारी इंजीनियरिंग कार्य के कारण सिग्नल नहीं मिला था और इस वजह से उसे राऊ के ‘होम सिग्नल’ पर रोका गया था।

दावा पूरी तरह बेबुनियाद और गलत : कुमार ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं, बल्कि एक स्पेयर (आरक्षित) सहायक लोको पायलट था। कुमार ने कहा, ‘‘यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद और गलत है कि लोको पायलट ने समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोकी थी।’’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वीडियो को ‘डीईएमयू’ (डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) यात्री ट्रेन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि संबंधित घटना मालगाड़ी से जुड़ी थी।

क्‍या दावा किया था वीडियो में : वीडियो में दावा किया जा रहा था कि पटरियों के किनारे स्थित एक जलपान की दुकान के पास ट्रेन खड़ी कर के इस ट्रेन का लोको पायलट समोसे खरीदने जाता दिखाई दे रहा है। दावा था कि लोको पायलट नाश्‍ते के लिए समोस खरीदने के लिए ट्रेन को करीब 10 मिनट तक रोकता है। इस बीच ट्रेन के यात्री परेशान होते रहते हैं। इतना ही नहीं, लोग वीडियो की मदद से दावा कर रहे थे कि ऐसा रोजाना होता है।

पड़ताल में वीडियो की सचाई सामने आई : जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया, ‘‘वीडियो की पड़ताल कराई गई है जिसमें पता चला कि संबंधित मालगाड़ी को आगे ट्रैक पर जारी इंजीनियरिंग कार्य के कारण सिग्नल नहीं मिला था और इस वजह से उसे राऊ के ‘होम सिग्नल’ पर रोका गया था। वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं, बल्कि एक स्पेयर (आरक्षित) सहायक लोको पायलट था। उन्‍होंने बताया कि वीडियो गलत तरीके से प्रसारित किया गया है और जानकारी भ्रामक है। इसके बाद भी अगर किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

योगी सरकार का बड़ा तोहफा, कैशलेस चिकित्सा योजना का किया शुभारंभ, 12 लाख शिक्षकों को मिलेगा सुरक्षा कवच, छात्रों के खातों में ट्रांसफर किए 1320 करोड़

Chief Minister Yogi Adityanath launched Chief Minister's Cashless Medical Scheme for Teachers

– 1.10 करोड़ विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग, स्टेशनरी के लिए 1200 रुपए प्रति विद्यार्थी के हिसाब से अभिभावकों के खाते में 1320 करोड़ रुपए का किया अंतरण

– मुख्यमंत्री योगी ने 10 लाख शिक्षकों व संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ किया एमओयू 

– मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर कसा तंज, कहा- यूपी के एक नेता कहते थे कि नकल हमारा जन्मसिद्ध अधिकार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आषाढ़ मास में बाबा विश्वनाथ की धरा से उत्तर प्रदेश के ‘शिक्षा परिवार’ पर ‘समृद्धि की बारिश’ की। उन्होंने शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, उनके आश्रितों, बच्चों, संविदा कर्मियों आदि को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही शिक्षकों से अपील की कि आप अनुशासित वातावरण बनाकर बच्चों को मेहनत व प्यार से पढ़ाकर गढ़िए। देश का भविष्य अच्छा होगा तो हर नागरिक का भविष्य अच्छा हो जाएगा। स्कूल का वातावरण स्वच्छ, सुंदर, अनुशासित और आध्यात्मिक तेज से परिपूर्ण दिखे। आप बच्चों का ध्यान दें, सरकार आपका ध्यान रखेगी। हर बच्चा स्कूल जाए, यह नागरिकों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों का दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने सरकार के अन्य विभागों व निजी क्षेत्र से भी अपने कार्मिकों को सामाजिक सुरक्षा गारंटी देने को कहा। मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को 12 लाख शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया।

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मुख्यमंत्री ने 1.10 करोड़ विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग, स्टेशनरी के लिए 1200 रुपए प्रति विद्यार्थी के हिसाब से उनके अभिभावकों के खाते में कुल 1320 करोड़ की धनराशि का अंतरण किया। इस अवसर पर 10 लाख शिक्षकों व संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू भी किया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश भर में 404 स्थानों पर आयोजित किया गया।

 

बच्चे अबोध, उन्हें सही राह दिखाना हर शिक्षक का दायित्व  

मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों की दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक, स्वेटर, जूता-मोजा आदि के लिए अंतरण की गई राशि का जिक्र कर शिक्षकों से कहा कि आपका दायित्व है कि विद्यालय स्वच्छ व अच्छा लगे। विद्यालय के आंतरिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, सर्दी में स्वेटर आदि पहनकर आएं। कल कुछ जगह छोटे बच्चे यूनिफॉर्म में ही बारिश में नहाते दिखे। बच्चे अबोध हैं, उन्हें सही राह दिखाना शिक्षकों का कर्तव्य और राष्ट्रीय दायित्व भी है।

शिक्षक बच्चों को बताएं कि दोनों यूनिफॉर्म 3-3 दिन पहनें। गंदा होने पर इसे धोएं। खेलते समय दूसरे कपड़े पहनें और स्कूल से लौटकर वही जूते-मोजे पहनकर न खेलें। विद्यालयीय व सामान्य कामकाज के बारे में बताएंगे तो यह बच्चों के लिए प्रेरणा होगा, साथ ही स्वच्छ भारत मिशन की सफलता को और ऊंचाई तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि नए नामांकन के बाद भी कोई बच्चा इस सुविधा से छूटने नहीं पाएगा। 

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सरकार दे रही सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, कैशलेस सुविधा के लिए 450 करोड़ रुपए का करेगी वार्षिक भुगतान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू कर हर शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी है। यूपी पहला राज्य है, जिसने इसे लागू किया। स्थायी शिक्षक और कार्मिकों, जिनका वेतन 10 हजार रुपए से अधिक है, उन्हें 10 लाख रुपए का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस कवर, जिसमें एक करोड़ रुपए का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, एक करोड़ का स्थायी दिव्यांगता कवर, 1.6 करोड़ का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर और किसी अनहोनी पर बच्चों की शिक्षा व पुत्रियों के विवाह के लिए एड ऑन कवर प्रदान किया जाएगा।

संविदाकर्मियों (वेतन 10 हजार से अधिक होने पर) को 30 से 80 लाख तक पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर, स्थायी/आंशिक दिव्यांगता पर 30 से 15 लाख का इंश्योरेंस कवर, एयर एक्सीडेंट पर 30 से 80 लाख तक इंश्योरेंस कवर, अनहोनी की स्थिति में बच्चों की शिक्षा व पुत्रियों के विवाह के लिए एड ऑन कवर प्रदान किया जाएगा।

10 हजार से कम नेट मासिक वेतन वाले कार्मिकों को जीरो बैलेंस अकाउंट के एटीएम कार्ड या पर्सनल एक्सीडेंटल पॉलिसी के आधार पर दो लाख रुपए का कवर प्रदान किया जाएगा। इससे अल्पवेतन भोगियों को भी सुविधाएं प्रदान होंगी। कैशलेस सुविधा के लिए 450 करोड़ रुपए का वार्षिक भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। 

 

आप बच्चों पर ध्यान दें, सरकार आपका ध्यान रखेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में पहले भी संभावनाएं थीं। एक समय अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में उत्तर प्रदेश से शिक्षक जाते थे। एक बार जब मैंने केंद्रीय मंत्री किरिन रिजिजू से पूछा कि वहां सब लोग बहुत अच्छी हिंदी बोलते हैं तो उन्होंने बताया कि हमारे यहां सभी शिक्षक यूपी से ही आए हैं।

मध्य प्रदेश दौरे पर गया तो पता चला कि अलीगढ़, एटा, कासगंज, इटावा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी आदि जनपदों के लोग वहां कार्यरत हैं। जब संवाद किया तो पता चला कि उनके पूर्वज शिक्षक के रूप में यहां आए थे। लेकिन, एक समय ऐसा भी आया, जब कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के लिए यूपी की शिक्षा को बर्बाद कर दिया था। 

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शिक्षा की उपेक्षा से यूपी बना था बीमारू

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है, इसके बिना कुछ भी हो पाना असंभव है। पीएम मोदी जी ने देशवासियों से कहा है कि विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने की आधारशिला शिक्षा ही बनेगी। इसके लिए उन्होंने भारत की परंपराओं पर आधारित राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की। शिक्षा के बिना कुछ भी नहीं कर सकते। शिक्षा की उपेक्षा से ही यूपी ‘बीमारू’ हो गया था।

9 साल पहले नौकरी के लिए भटकने वालों को यूपी के बाहर हेय दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रयास से अब पहचान का संकट नहीं रहा। शिक्षा पर किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता। शिक्षा का उन्नयन हुआ तो यूपी तेजी से दौड़ता दिख रहा है। 

 

अब यूपी में नकल मुक्त शिक्षा, रोकी गई समय की बर्बादी

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यूपी में नकल विहीन शिक्षा हो रही है, लेकिन पहले बहुत विचित्र स्थिति थी। दो-तीन महीने तक माध्यमिक शिक्षा की परीक्षाएं चलती थीं, फिर दो-तीन महीने में रिजल्ट आता था। इससे आधा साल बर्बाद हो जाता था और कुछ समय त्योहारों आदि में निकल जाता था, पढ़ाई कब होती? लेकिन अब 14 दिन के भीतर परीक्षा होती है और अगले 15 दिन के भीतर परिणाम आ जाता है। एक महीने के अंदर ही सब कुछ हो जाता है। इस परीक्षा में 56 लाख बच्चे शामिल होते हैं।

 

यूपी था नकल का अड्डा, अन्य राज्यों से आते थे लोग परीक्षा देने 

मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि पहले हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब आदि दूसरे राज्यों के लोग परीक्षा देने बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ आते थे। यह देख लगा कि दाल में कुछ काला है। यूपी व अन्य राज्यों के नौजवानों के  भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे सारे अड्डे हमने बंद कराए।

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मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि यूपी के एक नेता तो कहते थे कि नकल करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है लेकिन देश के भविष्य और अखंडता के साथ खिलवाड़ का अधिकार किसी को नहीं है। आचार्य चाणक्य, डॉ. राधाकृष्णन, मदन मोहन मालवीय हमारे आदर्श हैं। चाणक्य जैसा गुरु होगा तो देश कभी विपन्न नहीं हो सकता और विदेशी ताकतें आंख उठाकर नहीं देख सकतीं। 

 

9 वर्ष में शिक्षकों ने की मेहनत

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आपने 9 वर्ष में काफी मेहनत और प्रयास किए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, निपुण भारत आदि योजनाओं के अंतर्गत किए गए प्रयास सराहनीय हैं। स्कूल हमारे लिए मंदिर है। जिन स्कूलों में आपने अध्ययन किया है, वहां यदि सुविधाएं नहीं हो पाई थीं तो अब आपकी भी जिम्मेदारी है कि उन स्कूलों की उन्नति के लिए हरसंभव योगदान दें।

 

पुराने विद्यालयों के कार्यों की प्रशंसा की 

मुख्यमंत्री ने पुराने विद्यालयों का जिक्र कर कहा कि बालक-बालिकाओं के गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, शासकीय सहायता प्राप्त निजी क्षेत्र के संचालित विद्यालयों आदि ने कई पीढ़ियां तैयार कीं। किसी समय वहां प्रवेश के लिए सिफारिशें लगानी पड़ती थीं, लेकिन एक समय के बाद उन स्कूल-कॉलेजों की हालत बहुत खराब हो गई। कोई देखभाल नहीं करने वाला रहा।

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फिर भी शिक्षक, प्रधानाचार्य हिम्मत नहीं हारते थे, बल्कि मनोयोग से जुटे रहते थे। समय के साथ गिरावट आई, शासन ने संसाधन नहीं उपलब्ध कराए तो वे स्कूल-कॉलेज भी जीर्ण-शीर्ण हो गए। प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा परिषद ने लगभग हजार विद्यालयों के लिए पैसा दिलाया, जिससे भव्य भवन, अच्छे फर्नीचर, अच्छी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी आदि बनी। जिन संस्थाओं ने पीढ़ियों को गढ़ा, उनके लिए हमारा भी यह दायित्व रहा। 

 

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, गुलाब देवी, संदीप सिंह, कुंवर ब्रजेश सिंह, महापौर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्य़क्ष पूनम मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल आदि मौजूद रहे।

गुजरात में 5 वेदर सिस्टम सक्रिय होने से भारी आफत, समंदर में बदला नवसारी शहर

Gujarat heavy rain

Navsari floods: गुजरात पर एक साथ पांच शक्तिशाली मौसम प्रणालियों (Weather Systems) के सक्रिय होने से दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में प्रकृति ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। मूसलाधार बारिश के चलते नवसारी शहर पूरी तरह जलमग्न होकर समंदर में तब्दील हो गया है, वहीं सूरत के पलसाना में रिकॉर्ड 18 इंच बारिश दर्ज की गई है। राज्य में गहराते जलसंकट और बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कैबिनेट बैठक में स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की है और राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की 36 टीमों को मैदान में उतार दिया है।

कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के अनुसार, आज 8 जुलाई को सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच ही राज्य के 59 तालुकों में भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिसमें वलसाड जिले के कपराडा में 1.26 इंच और नानापोंढा में 1.14 इंच पानी बरसा है। मौसम विज्ञानियों ने आज नवसारी, वलसाड और डांग जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अतिरिक्त सूरत, तापी, नर्मदा, छोटा उदेपुर, दाहोद, अमरेली और भावनगर जिलों में भी गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। ALSO READ: Weather Update : मानसून का कहर : महाराष्‍ट्र, गुजरात और राजस्थान में कई शहर पानी-पानी, IMD ने फिर जारी किया अलर्ट

ड्रोन कैमरों में कैद हुई नवसारी की डरावनी तस्वीरें

लगातार जारी मूसलाधार बारिश के कारण नवसारी शहर में स्थिति अत्यंत भयावह हो गई है। कैचमेंट एरिया (ऊपरी इलाकों) में हुई भारी बारिश और स्थानीय जलभराव के कारण पूरा नवसारी एक विशाल समंदर की भांति दिखाई दे रहा है। ड्रोन से ली गई डराने वाली तस्वीरों में शहर के मुख्य मार्ग, रिहायशी सोसायटियां और बड़े व्यावसायिक परिसर पूरी तरह पानी में डूबे नजर आ रहे हैं। सड़कों ने नदियों का रूप ले लिया है और मुख्य चौराहों पर खड़ी गाड़ियां नावों की तरह तैरती दिखाई दे रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत और चिंता का माहौल है।

पलसाना में 18 इंच और कामरेज में 17 इंच पानी गिरा

पिछले 24 घंटों के दौरान गुजरात के 195 तालुकों में बादलों कहर ढा दिया। इनमें से 6 तालुके ऐसे हैं जहां 10 इंच से अधिक की विनाशकारी बारिश दर्ज हुई है। सबसे गंभीर स्थिति सूरत जिले के पलसाना तालुका की है, जहां इस मानसून की सर्वाधिक 18 इंच बारिश ने सब कुछ जलमग्न कर दिया है। इसके अलावा कामरेज में 17 इंच, नवसारी में 15 इंच, सूरत शहर में 14 इंच, कपराडा में 13 इंच और जलासपोर में 11 इंच बारिश दर्ज होने से चारों तरफ जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। ALSO READ: गुजरात में बादलों का तांडव, हाईवे जाम, वाहनों की लंबी कतारें, कई जगह रास्ते ही बह गए

बांधों पर हाई अलर्ट, राहत के लिए NDRF-SDRF तैनात

भारी वर्षा के कारण गुजरात के तमाम नदी-नाले उफान पर हैं और जलाशयों में पानी की भारी आवक हो रही है। जीवनदायिनी नर्मदा बांध में वर्तमान में 2.17 लाख MCFT पानी का स्टॉक जमा हो चुका है, जो उसकी कुल क्षमता का लगभग 65 प्रतिशत है। इसके अलावा राज्य के अन्य 206 जलाशय भी 40.01 प्रतिशत तक भर गए हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने 11 बांधों को 'हाई अलर्ट' और 4 बांधों को 'अलर्ट' पर रखा है।

 

आपदा प्रबंधन विभाग अब तक 1,528 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित कर चुका है और बाढ़ में फंसे 134 लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया है। आपातकालीन सुरक्षा के मद्देनजर NDRF और SDRF की 36 टीमें विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित सहायता के कड़े निर्देश

हालात की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विशेष रूप से सूरत शहर और जिला क्षेत्रों में पैदा हुई बाढ़ जैसी विकट स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों की गति को और तेज करने के आदेश दिए हैं। सीएम पटेल ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभिन्न जिलों के प्रभारी सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों का व्यक्तिगत दौरा करने और प्रभारी मंत्रियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया है, ताकि प्रभावित नागरिकों तक भोजन, चिकित्सा और पुनर्वास की आवश्यक सुविधाएं बिना किसी देरी के पहुंचाई जा सकें।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

अब बगलामुखी में करोड़ों की दान चोरी, निजी खातों में गया चढ़ावा, 3 सदस्यीय जांच समिति करेगी पड़ताल

Baglamukhi

देश में अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी का मामला चल रहा है। इस मामले को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं, वहीं इस बीच मध्यप्रदेश के करोड़ों के दान वाले मंदिरों में भी दान के गबन और चंदा चोरी का मामला सामने आया है।  दरअसल, आगर मालवा के बगलामुखी शक्तिपीठ मंदिर में दान चोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंदिर में करोड़ों की धनराशि और गहनों के गबन का हुआ है। इस मामले में कलेक्टर ने 3 सदस्य जांच दल बनाकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

बगलामुखी मंदिर परिसर में एक गैर सरकारी संगठन ने बिना आधिकारिक मंजूरी के पूजा के लिए यज्ञ-हवन और दान की समानांतर व्यवस्था कर रखी थी। इसके लिए बाकायदा रसीद काटने से लेकर दान प्राप्त करने के लिए निजी बैंक अकाउंट और गबन की सारी व्यवस्थाएं की गई थी। इस मामले की शिकायत आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव से की गई। जिसके बाद कलेक्टर ने मंगलवार को एक तीन-सदस्यीय जांच समिति बनाकर पूरे मामले की बारीकी से जांच के आदेश दिए हैं।

बता दें कि समिति उन शिकायतों की जांच करेगी, जिनमें कहा गया है कि 2024 से मंदिर के अंदर एक प्राइवेट कमेटी काम कर रही है। वह बिना किसी कानूनी अधिकार के अपनी रसीदें जारी करके दान ले रही है। कलेक्टर प्रीति यादव ने बताया कि साल 2024 से मंदिर में सक्रिय इस संस्था ने डोनेशन स्लिप के तौर पर रसीद बुक छपवाई और मंदिर परिसर के अंदर भक्तों से नकद, सोना और चांदी के गहने इकट्ठा करने के लिए इनका इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं रसीदों पर एक प्राइवेट बैंक का अकाउंट नंबर और कई मोबाइल नंबर लिखे हुए हैं।

बता दें कि बगलामुखी मंदिर की व्यवस्था फिलहाल आगर मालवा जिला प्रशासन के अधीन एक आधिकारिक प्रबंध समिति के जिम्मे है। जो मंदिर की पूजा प्रक्रिया और परिसर की व्यवस्थाओं का कामकाज देखती है। इसके प्रमुख नलखेड़ा एसडीएम होते हैं। इसके अलावा मंदिर में न तो किसी प्राइवेट संस्था को दान या गहने इकट्ठे करने की कोई अनुमति है, ना ही ऐसा कोई प्रावधान है। फिर भी इस संस्था ने पिछले दो सालों से अनधिकृत तौर पर लाखों रुपए की कीमत का कैश और सोने-चांदी के गहने इकट्ठा किए और निजी बैंक खातों में जमा करवा लिए।
 

दतिया उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के सामने जातीय समीकरण साधना बड़ी चुनौती, गेमचेंजर साबित होंगे OBC वोटर्स

दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने भले ही अब तक अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक एलान नहीं किया हो लेकिन सियासी समीकरण को साधने में दोनों ही पार्टियों के नेता जुट गए है। दरअसल दतिया उपचुनाव में राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जातीय समीकरण को अपने पक्ष में साधने की होगी। बीजेपी जिसको 2023 में कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, उसके सामने जातीय समीकरण को साधना सबसे बड़ा चैलेंज है।

खासतौर पर बीजेपी के संभावित उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा के सामने यह उपचुनाव चुनाव केवल अपनी प्रतिष्ठा बचाने का नहीं बल्कि 2023 विधानसभा चुनाव से मिली हार का जीत में बदलने का भी अवसर माना जा रहा है। यही वजह है कि बीजेपी की पहली प्राथमिकता जातियों के माइक्रो मैनेजमेंट पर फोकस करना होगी। वहीं कांग्रेस भी अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत रखने के साथ प्रभावशाली जातियों में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही।

 

दतिया सीट पर जातीय समीकरण- दतिया विधानसभा सीट पर कुल 3 लाख 56 हजार 651 मतदाता हैं। इनमें 1 लाख 88 हजार 959 पुरुष और 1 लाख 67 हजार 692 महिला मतदाता शामिल हैं। दतिया में चुनावी मुकाबले में ओबीसी और अनुसूचित जाति (एसी) के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाएंगे। कुशवाह, यादव,अहिरवार और लोधी समाज के वोटर्स को इस चुनाव का गेमचेंजर माना जा रहा है।

 

ओबीसी वोटर्स पर सबसे ज्यादा नजर- दतिया विधानसभा में ओबीसी मतदाताओं की संख्या करीब 90 हजार के आसपास है। इसमें कुशवाह, यादव, लोधी और बघेल समाज का खासा प्रभाव है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन समुदायों का रुझान चुनाव के नतीजे तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसलिए भाजपा और कांग्रेस दोनों इन वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग रणनीति तैयार कर रहे हैं।

 

एससी वोटर्स भी तय करेंगे जीत-हार-विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति मतदाताओं की संख्या करीब 60 हजार है। इनमें  अहिरवार समुदाय के मतदाता 30 हजार से अधिक बताए जाते हैं। इसके अलावा खटीक, जाटव, कोरी और वाल्मीकि समाज के मतदाताओं की भी अच्छी संख्या है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस वर्ग का झुकाव परंपरागत रूप से कांग्रेस की ओर माना जाता रहा है। ऐसे में भाजपा के लिए इस वोट बैंक में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।

 

मुस्लिम वोटर्स का भी रहेगा प्रभाव-दतिया विधानसभा क्षेत्र में 8 हजार से अधिक मुस्लिम मतदाता हैं। चुनावी विश्लेषण के अनुसार इस वर्ग का झुकाव कांग्रेस की ओर माना जाता है। हालांकि कम अंतर वाले मुकाबले में यह वोट बैंक भी निर्णायक साबित हो सकता है।

 

सामान्य वर्ग में ब्राह्मण वोटर्स सबसे प्रभावी- सामान्य वर्ग के मतदाताओं की संख्या 60 हजार से अधिक है। इनमें ब्राह्मण मतदाता 30 से 35 हजार के बीच माने जाते हैं। इसके अलावा बनिया, राजपूत, कायस्थ और सिंधी समाज के मतदाता भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करते हैं।

 

उपचुनाव में यदि कांग्रेस ब्राह्मण चेहरे के रूप में अवधेश नायक को मैदान में उतारती है, तो ब्राह्मण वोटों का ध्रुवीकरण और बंटवारा दोनों ही चुनाव का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। ऐसे में भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा के सामने इस वर्ग को एकजुट बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

 

वहीं अगर कांग्रेस पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती को चुनाव में उतारती है तो  मुकाबला सामान्य बनाम ओबीसी होगा। ऐसे में बीजेपी के सामने ओबीसी वोटर्स को साधना बड़ी चुनौती होगा। दतिया विधानसभा में 30- 35 हजार से अधिक कुशवाह मतदाता हैं। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार 2023 के विधानसभा चुनाव में इस वर्ग की नाराजगी भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित हुई थी। यहीं कारण है कि बीजेपी ने चुनाव के बाद कुशवाह समाज को साधने के प्रयास तेज किए गए। भाजपा ने कुशवाह समाज से आने वाले रघुवीर कुशवाह को जिला अध्यक्ष बनाकर इस वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया। वहीं कुशवाह समाज के अलावा यादव, लोधी और अहिरवार समुदाय भी चुनावी गणित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन वर्गों में बढ़त हासिल करने वाली पार्टी को सीधे चुनावी लाभ मिलने की संभावना रहेगी। यही कारण है कि दोनों दल बूथ स्तर तक जातीय समीकरणों के माइक्रो मैनेजमेंट की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

 

दतिया उपचुनाव में विकास,संगठन और उम्मीदवार की छवि जैसे मुद्दों के साथ जातीय समीकरण सबसे अहम फैक्टर बनने जा रहे हैं। भाजपा के सामने चुनौती अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत रखने के साथ ओबीसी और एससी वर्ग में स्वीकार्यता बढ़ाने की होगी, जबकि कांग्रेस अपने पारंपरिक समर्थन को बनाए रखते हुए प्रभावशाली जातियों में बढ़त बनाने की कोशिश करेगी।

 

लोको पायलट ने समोसे के लिए रोकी ट्रेन, लोग बोले- अक्सर ऐसा होता है, रेल विभाग ने बैठाई जांच

Loco pilot

इंदौर में एक हैरान करने वाला और दिलचस्‍प मामला सामने आया है। यहां इंदौर और महू के बीच चलने वाली ट्रेन के लोको पायलट सोशल मीडिया में वायरल है।

दरअसल एक लोको पायलट ट्रेन को बीच में रोक कर एक रेस्‍टोरेंट से समोसे खरीद रहा है, जब तक वो समोसे लेकर वापस इंजन के पास आता है, तब तक लोग इंतजार करते हैं और ट्रेन रूकी रहती है। यह वाकया सामने आने के बाद लोगों का कहना है कि यह तो रोज का ही है।

रोज लोको पायलट ट्रेन रोककर समोसे खरीदता है। ड्राइवर के इस 'समोसा ब्रेक' के कारण ट्रेन को हर दिन करीब 10 मिनट का अतिरिक्त समय लगता है। लोगों का कहना है कि लोको पायलटों का यह हर दिन का हो गया है।

इस बार इसका वीडियो वायरल हो गया : यह लोको पायलट समोसे खरीदने के लिए ट्रेन को ही रोक दिया और ट्रैक पर खड़ी करके बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे दुकान पर चला गया। इस दौरान ट्रेन में बैठे यात्री ट्रेन चलने का इंतजार करते रहे। समोसे की दुकान के पास मौजूद लोग भी यह नजारा देखकर अचंभित रह गए। लोको पायलट आराम से समोसे खरीदकर ट्रेन में पहुंचा, फिर गंतव्य के लिए ट्रेन को रवाना किया। अब वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने भी संज्ञान लिया है।


रोज का नाटक है लोको पायलट का : यह वाकया महू और इंदौर के बीच राऊ (Rau) के रंगवासा रोड पर यह घटना अक्सर देखी जा रहा है। ट्रेन का ड्राइवर ड्यूटी के दौरान चलती ट्रेन को पटरी पर ही रोक देता है। ट्रेन रुकते ही लोको पायलट नीचे उतरता है और पास की दुकान से गरमा-गरम समोसे खरीदकर वापस ट्रेन में सवार होता है। इन हरकतों से ट्रेन लगभग 10 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रहती है और यात्री सिर्फ यह सोचते रहते हैं कि लोको पायलट कब समोसे खरीदे और फिर ट्रेन वहां से रवाना हो। दुकान के आसपास के लोगों का कहना है कि डेमू ट्रेन के लोको पायलट का यह काम रोजाना का हो गया है।

विभाग जांच बैठाई : मामला सामने आने के बाद रेलवे ने लोको पायलट के खिलाफ जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि अगर इस पूरे प्रकरण में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दिल्‍ली में आज से ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ का आगाज, CM हेमंत सोरेन की अध्‍यक्षता में होगा कार्यक्रम, पेश करेंगे झारखंड का डिजिटल रोडमैप

Jharkhand government is organizing National Stakeholders Consultation 2026

National Stakeholders Consultation 2026 : झारखंड सरकार 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026' का आयोजन कर रही है। इस मौके पर झारखंड सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस और आईटी आधारित विकास को लेकर अपनी योजनाओं की जानकारी देगी। कार्यक्रम में निवेश के लिए कई एमओयू भी होंगे। इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री सोरेन मंगलवार को दिल्ली रवाना हो गए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्‍यक्षता में होने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश के निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे।

 

झारखंड सरकार 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026' का आयोजन कर रही है। इस मौके पर झारखंड सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस और आईटी आधारित विकास को लेकर अपनी योजनाओं की जानकारी देगी। कार्यक्रम में निवेश के लिए कई एमओयू भी होंगे।

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इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री सोरेन मंगलवार को दिल्ली रवाना हो गए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्‍यक्षता में होने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश के निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस समिट का उद्देश्य झारखंड की औद्योगिक क्षमता और निवेश की संभावनाओं को प्रमुख निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।

कार्यक्रम में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर रांची आईटी पार्क को निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। करीब 100.97 एकड़ विवादमुक्त सरकारी भूमि पर प्रस्तावित यह आईटी पार्क राजधानी के कोर कैपिटल एरिया में विकसित होगा। राज्य में निवेश के लिए लगभग 10 कंपनियों के साथ एमओयू किए जाएंगे। 9 जुलाई को होने वाले सत्रों में समावेशी विकास, निवेश और पर्यटन को केंद्र में रखा जाएगा।

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राज्य की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और निवेश की संभावनाओं को निवेशकों के सामने रखा जाएगा। इसके बाद औद्योगिक प्रोत्साहन और नए उद्योगों की स्थापना से जुड़े मुद्दों पर स्टेकहोल्डर्स के साथ विस्तृत चर्चा होगी। सरकार का मानना है कि इन समझौतों से राज्य में निवेश बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी।

शोपियां में मुठभेड़, गौशाला से मिला लश्कर के टॉप कमांडर जाकिर गनी का शव, पुलिस बोली- ‘भाग सकते हो, छिप नहीं सकते!’

Shopian encounter : Lashkar commander Zakir Ghani neutralized

Kashmir Encounter : कश्‍मीर के शोपियां इलाके में 4 दिनों से जारी मुठभेड़ में लश्‍करे तैयबा का टॉप कमांडर जाकिर गनी मारा गया है। आज सुबह एक गौशाला से एक आतंकवादी का शव बरामद किया गया। इस बीच पुलिस ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा 'भाग सकते हो, छिप नहीं सकते!'

 

अधिकारियों ने बताया कि शोपियां के चनापोरा इलाके में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर जाकिर गनी मारा गया है। मुठभेड़स्‍थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है। यह ऑपरेशन शनिवार को चनापोरा में पुलिस, सेना और केरिपुब की एक संयुक्त टीम ने शुरू किया था।

अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। 

 

इस बीच, पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्‍स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा: आप भाग तो सकते हैं लेकिन छिप नहीं सकते! एसओजी शोपियां ने 55 आरआर और केरिपुब के साथ मिलकर चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन में लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया।

मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेश कार्यसमिति बैठक ओरछा में, दतिया उपचुनाव और पार्टी की आगामी रणनीति पर मंथन

भोपाल। हेमंत खंडेलवाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने एक साल बाद बीजेपी की पहली कार्यसमिति की बैठक 18 जुलाई से ओरछा में होगी। दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय नितिन नबीन भी शामिल हो सकते है। कार्यसमिति की बैठक ओरछा में तब होने जा रही है जब ओरछा से लगे दतिया विधानसभा में उपचुनाव हो रहे है। इसके साथ विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरु हो रहा है।

ओरछा में होने जा रही प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ प्रदेश कार्यसमिति के 106 सदस्य और 41 स्थाई आमंत्रित सदस्य शामिल होंगे। बैठक में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी, मोर्चो के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक जो प्रदेश कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल रहेंगे।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल के नेतृत्व में आयोजित होने वाली यह पहली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी। दो दिवसीय बैठक में विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर मंथन होगा। बैठक में आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, बूथ सशक्तिकरण, संगठन विस्तार, प्रशिक्षण, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आगामी राजनीतिक एवं संगठनात्मक रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।