भारी बारिश से पुणे में गिरी बिल्डिंग, 15 लोगों के फंसे होने की आशंका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Building collapses in Pune due to heavy rain, 15 people feared trapped

Pune Building Collapse case : महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ में आज बड़ा हादसा हो गया। यहां क्षेत्र में भारी बारिश के बाद एक इमारत गिर गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। इमारत के मलबे में कम से कम 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है। हादसे के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। खबरों के मुता‍बिक, जब यह हादसा हुआ, तब इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था और मजदूर वहां काम कर रहे थे, तभी अचानक वह ढांचा गिर गया।

 

महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ में आज बड़ा हादसा हो गया। यहां क्षेत्र में भारी बारिश के बाद एक इमारत गिर गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। इमारत के मलबे में कम से कम 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है। हादसे के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

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इमारत का चल रहा था निर्माण कार्य  

खबरों के मुता‍बिक, जब यह हादसा हुआ, तब इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था और मजदूर वहां काम कर रहे थे, तभी अचानक वह ढांचा गिर गया। हादसे की खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। मलबे को हटाने और नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आपातकालीन टीमें लगातार काम कर रही हैं।

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किस वजह से हुआ हादसा?

मलबे के पूरी तरह हटने के बाद ही हताहतों या घायलों की सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी। हादसा किस वजह से हुआ, इसके सटीक कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है। गौरतलब है कि पुणे शहर, उसके उपनगरों और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है।

योगी सरकार में बिजली व्यवस्था बनी भरोसे की पहचान, जून में 98.62% शिकायतों का निस्तारण

Yogi Government Electricity

Yogi Government Electricity: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बिजली व्यवस्था लगातार अधिक भरोसेमंद और उपभोक्ता केंद्रित बनी हुई है। योगी सरकार का लक्ष्य केवल प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी है। इसी का परिणाम है कि उ.प्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने जून में दर्ज बिजली संबंधी शिकायतों में 98.62 प्रतिशत का सफल निस्तारण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस तरह योगी सरकार की प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेह कार्यशैली के चलते प्रदेश की बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ा है।

बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण

सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि जून में बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया है। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं की सबसे महत्वपूर्ण समस्या बिजली आपूर्ति में बाधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गर्मी के मौसम में रिकॉर्ड बिजली मांग के बावजूद शिकायतों का इतनी तेजी से समाधान विभाग की सक्रिय कार्यशैली को दर्शाता है। आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में प्रदेश भर से 17 लाख 47 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिसमें से 17 लाख 23 हजार से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। शिकायतों के समाधान की यह दर 98.62 प्रतिशत रही, जो उपभोक्ता सेवा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है। 

एमवीवीएनएल में 6.39 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण

सभी डिस्कॉम पर जून में प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण के आंकड़ों पर नजर डाले तो दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) में 3.03 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2.99 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया था। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) में 6.45 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 6.39 लाख से अधिक का समाधान किया गया। 

केस्को में 1.15 लाख शिकायतों का समय रहते हुआ समाधान

इसी तरह पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीयूवीवीएनएल) में आई 2.83 लाख शिकायतों में से 2.77 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया। जबकि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) में 3.94 लाख से अधिक शिकायतें आईं जिनमें से 3.89 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान कर दिया गया। वहीं कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (केस्को) में 1.19 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 1.15 लाख से अधिक शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया गया।

बिजली व्यवस्था की 24 घंटे निगरानी कर रहीं यूपीपीसीएल की टीमें

प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की टीमें चौबीसों घंटे बिजली व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। बिजली की मांग का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना न करना पड़े। दिन के साथ-साथ रात्रिकालीन समय में भी बिजलीकर्मी फील्ड में रहकर आवश्यक तकनीकी कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। संभावित खराबियों की पहले ही पहचान कर उन्हें दूर किया जा रहा है, जिससे बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना कम हो रही है। 

सभी जिलों में अधिकारी लगातार कर रहे निरीक्षण

प्रदेश के सभी जिलों में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से उपकेंद्रों, ट्रांसफॉर्मरों तथा वितरण तंत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही एआई टूल का इस्तेमाल करके हेल्पलाइन नंबर 1912 को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने लगातार उपभोक्ताओं की समस्याओं के सम्यक समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर  को और प्रभावी तथा क्रियाशील बनाने के लिए निर्देशित करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है कि हेल्पलाइन नंबर 1912 पर आने वाली शिकायतों का लगातार मॉनिटर करें और यह सुनिश्चित करें कि समयबद्ध तरीके से उनका निस्तारण हो।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस के सरकार से तीखे सवाल, चंपत राय की गिरफ्तारी की मांग

ayodhya ram mandir trust meeting

कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तुरंत भंग करने के साथ ही शंकराचार्य जी, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि और साधु-संत मिलकर एक नए ट्रस्ट का निर्माण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चंपत राय को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। मोदी जी जिम्मेदारी लेते हुए देश की जनता से माफी मांगे। ALSO READ: अब बगलामुखी में करोड़ों की दान चोरी, निजी खातों में गया चढ़ावा, 3 सदस्यीय जांच समिति करेगी पड़ताल

 

उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के मंदिर के लिए करोड़ों लोगों ने पूरी श्रद्धा के साथ चंदा दिया था, लेकिन ट्रस्ट ने उनका कोई हिसाब ही नहीं रखा। राम मंदिर हमारी आस्था का केंद्र है, उसमें की गई चोरी को कभी माफ नहीं किया जा सकता।

 

शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि जब तक राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की बात सामने नहीं आई थी, तब तक हर रोज 16-18 लाख रुपए दान के रूप में जमा होते थे। लेकिन जैसे ही मंदिर में चोरी का खुलासा हुआ, उस दिन से रोजाना 24-26 लाख रुपए जमा होने लगे। यानी- हर दिन करीब 10 लाख रुपए का हेरफेर किया जाता था। ALSO READ: Champat rai : इस्तीफे के बाद चंपत राय का पहला बयान, क्यों हैं चुप, रामभक्तों को लिखे पत्र में क्या कहा

ऑडिट रिपोर्ट में भी चढ़ावा चोरी की बात

कांग्रेस नेता ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में 40 दिन की CCTV फुटेज मिली है, जिसमें 70 बार चोरी की वारदात नजर आई है। 2023 से 2025 तक के ऑडिट रिपोर्ट में भी लिखा है कि मंदिर में चढ़ावा चोरी किया जा रहा है। इतना ही नहीं CCTV का कवरेज भी सही जगह पर नहीं है- लेकिन इन बातों की जांच नहीं की गई। 

उठाया महंत लाल दास की हत्या का मामला

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के मुख्य पुजारी महंत लाल दास ने रथ यात्रा के दौरान कहा था कि इसे धार्मिक स्थान ही रहने दो, राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए। इसके बाद, पहले उन्हें पद से हटाया गया और फिर बाद में उनकी हत्या कर दी गई। ALSO READ: सोने की रामचरित मानस भी सुरक्षित है और रामजी के आभूषण भी, गोविंद देव गिरि ने दिखाईं वस्तुएं

 

मंदिर में सीता मैया का स्थान नहीं

कांग्रेस ने कहा कि सनातन में शंकराचार्य जी का आदेश आखिरी माना जाता है। शंकराचार्य जी ने कहा था कि राम मंदिर में कार्यक्रम के लिए मुहूर्त ठीक नहीं है, लेकिन BJP ने चुनावी लाभ के लिए बात नहीं मानी। सच्चाई ये है कि भाजपा के नेता भगवान के नाम पर अपनी रोटी सेकते हैं। हर राम मंदिर में पूरा राम दरबार मौजूद होता है, लेकिन ये पहला मंदिर है, जहां सीता मैया का स्थान ही नहीं है।

सीएम योगी ने चित्रकूट में योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए चेक

Yogi adityanath

CM Yogi Adityanath: सीएम योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व अन्य सहायता प्रदान की। इसमें सीएम युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मेधावी सम्मान योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना समेत अन्य योजनाओं से जुड़े लाभार्थी शामिल रहे।

सीएम युवा उद्यमी योजना

  • विजय कुमार – 5 लाख रुपये का चेक (मोबाइल रिपेयरिंग)
  • कुमारी सत्यम मिश्रा – 5 लाख का चेक (पेपर-प्लेट मेकिंग)

पोषण अभियान एवं सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के अंतर्गत

  • श्रीमती ममता सोनी – स्मार्ट फोन (विभागीय योजनाओं के निष्पादन के लिए)
  • श्रीमती आकृति शर्मा – स्मार्ट फोन (विभागीय योजनाओं के निष्पादन के लिए)

मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण

  • श्रीमती संगीता – स्वीकृत आवास की चाबी
  • श्रीमती शिव कुमारी – स्वीकृत आवास की चाबी

मेधावी सम्मान योजना

  • बप्पा रावल सिंह – 1 लाख रुपये का चेक।
  • कुमारी मानषी तिवारी – 1 लाख रुपये का चेक।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना

  • श्रीमती मुन्नी देवी – 5 लाख रुपये का चेक।

दैवीय आपदा के अंतर्गत अहैतुक सहायता

  • श्रीमती आरती – 4 लाख रुपये का चेक।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

EPFO से जुड़ी खुशखबरी, 34 करोड़ खातों में जल्द आएगा ब्याज, New Unified Portal पर मिलेगी बैलेंस, क्लेम स्टेटस और सभी सेवाएं

EPFO से जुड़ी खुशखबर सामने आई है। ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा राशि पर ब्याज जमा करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल फील्ड वेरिफिकेशन का काम चल रहा है, जो अगले कुछ दिनों में पूरा होने की संभावना है। इसके बाद 1.44 लाख करोड़ रुपए से अधिक का ब्याज अगले सप्ताह के भीतर 34 करोड़ से ज्यादा EPF खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। संगठन का कहना है कि अगले वित्त वर्ष से ब्याज जमा करने की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटेड हो जाएगी, जिससे भुगतान और अधिक तेज तथा पारदर्शी होगा।

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अब एक ही पोर्टल पर मिलेंगी सारी सुविधाएं

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपना नया केंद्रीकृत (Centralised) डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू कर दिया है।  EPFO के नए यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के जरिए सदस्य एक ही लॉगिन से कई सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।  नई व्यवस्था का पूर्ण क्रियान्वयन इस सप्ताह निर्धारित तकनीकी 'ब्लैकआउट पीरियड' समाप्त होने के बाद शुरू होगा। इससे सदस्यों को पहले की तुलना में अधिक तेज, आसान और पारदर्शी सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

 

रीजनल ऑफिस की निर्भरता  होगी खत्म

अब तक EPFO विकेंद्रीकृत (Decentralised) व्यवस्था पर काम करता था, जिसमें हर क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) अलग-अलग तरीके से सेवाएं संचालित करता था। ऐसे में किसी सदस्य को अपने संबंधित रीजनल ऑफिस पर ही निर्भर रहना पड़ता था। नई केंद्रीकृत प्रणाली लागू होने के बाद अब देश के किसी भी EPFO कार्यालय से सदस्य की सेवाएं प्रोसेस की जा सकेंगी। इससे क्लेम और अन्य सेवाओं में लगने वाला समय कम होगा तथा कामकाज अधिक तेज होगा।

कौनसी सुविधाएं होंगी शामिल- 

  • PF बैलेंस चेक करना
  • PF क्लेम का स्टेटस देखना
  • विभिन्न EPFO सेवाओं का उपयोग
  • खाते से जुड़ी जानकारी अपडेट करना

 

पहले इन सुविधाओं के लिए अलग-अलग पोर्टल का इस्तेमाल करना पड़ता था, लेकिन अब सभी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।

 

क्लेम रिजेक्शन भी होंगे कम

नई तकनीकी व्यवस्था के तहत EPFO ने कई आंतरिक प्रक्रियाओं को ऑटोमेट कर दिया है। अब सदस्य क्लेम जमा करने से पहले यह देख सकेंगे कि संबंधित क्लेम के लिए कौन-कौन सी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।इससे गलत या अधूरी जानकारी के कारण होने वाले क्लेम रिजेक्शन में कमी आने की उम्मीद है और सदस्यों को पहली बार में ही सही आवेदन करने में आसानी होगी।

नीट पेपर लीक से लेकर कई मांगों के लिए 8 दिन से धरने पर इंदौर के छात्र, आम लोग आंदोलन में कर रहे सहयोग

Indore students

इंदौर में छात्रों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन आज बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। बता दें कि इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर अपनी कई मांगों को लेकर छात्र धरना दे रहे हैं। बता दें कि यह आंदोलन पूरी तरह आमजन के सहयोग से संचालित हो रहा है। धरना स्थल पर लगे टेंट, गद्दे, भोजन और पेयजल की व्यवस्था समाज के लोगों और छात्रों के सहयोग से की जा रही है।

आंदोलन में आम लोग कर रहे मदद : छात्रों का कहना है कि करीब एक हफ्ते पहले धरना शुरू किया गया था। तब उनके पास टेंट या अन्य कोई सुविधा नहीं थी। वे टंट्याभील की प्रतिमा के पास खुले में बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे। बारिश के दौरान खुद को बचाने के लिए उन्हें बैठने वाली गद्दियों को ही ओढ़ना पड़ा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई सामाजिक संगठन और आम लोग मदद के लिए आगे आए, जिसके बाद टेंट, गद्दे और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गईं।

इन मांगों को लेकर आंदोलन : छात्र नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, सभी रिक्त और बैकलॉग पदों पर जल्द भर्ती सहित 23 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

EV क्रय सब्सिडी योजना से UP में इलेक्ट्रिक वाहनों को मिली रफ्तार, आवेदन के मामले में लखनऊ सबसे आगे

EV purchase subsidy scheme accelerates electric vehicle adoption in UP

– योगी सरकार 5 हजार से लेकर 20 लाख रुपए तक दे रही सब्सिडी, ईवी अपनाने वालों को मिल रहे कई फायदे

– सरकार से मिल रहे प्रोत्साहन के कारण बड़े शहरों के साथ ही छोटे जिलों में भी बढ़ रहा इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज

– वर्ष 2030 तक कच्चे तेल के आयात में एक लाख करोड़ रुपए तक बचत करने की कोशिश

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण एवं मोबिलिटी प्रोत्साहन नीति-2022 का प्रभाव प्रदेशभर में तेजी से दिखाई दे रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ईवी क्रय सब्सिडी योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में लोगों की रुचि इलेक्ट्रिक वाहनों में लगातार बढ़ रही है। योजना का लाभ लेने के लिए सबसे अधिक आवेदन राजधानी लखनऊ से मिले हैं। वहीं नोएडा, आगरा, गाजियाबाद और वाराणसी भी शीर्ष स्थानों पर हैं।

 

परिवहन विभाग के मुताबिक लखनऊ ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ में सबसे ज्यादा 12,520 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके बाद आगरा में 10,752, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में 6,088, गाजियाबाद में 5,556, वाराणसी में 4,059, कानपुर नगर में 3,895, लखनऊ महानगर एआरटीओ में 3,839, सहारनपुर में 3,768, गोरखपुर में 3,204 और प्रयागराज में 3,110 आवेदन प्राप्त हुए हैं। 

 

छोटे शहरों में भी बढ़ रहा ईवी का चलन

प्रदेश के छोटे जिलों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। मऊ में ईवी क्रय सब्सिडी योजना के तहत 817 आवेदन, गाजीपुर में 750, कुशीनगर में 547, उन्नाव में 387, संत कबीर नगर में 101, महाराजगंज में 170 और सिद्धार्थनगर में 74 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश के बड़े शहरों के साथ-साथ अन्य जिलों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

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रोड टैक्स, पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट

प्रदेश सरकार की इस योजना से वाहन मालिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल रहा है। दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 5 हजार रुपए की राज्य सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट भी प्रदान की जा रही है। इतना ही नहीं, स्मार्ट कार्ड आरसी और एचएसआरपी नंबर प्लेट शुल्क में भी राहत मिलने से एक दोपहिया ईवी खरीदने पर कुल करीब 18 हजार रुपए तक की बचत संभव हो रही है।

 

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि योजना के तहत गैर सरकारी ई-बसों पर पर 20 लाख रुपए तक, चार पहिया वाहनों पर 1 लाख रुपए तक और दो पहिया वाहन पर 5 हजार रुपए तक छूट दी जा रही है। लोगों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ लेना चाहिए। इससे जीरो एमिशन के लक्ष्य को प्राप्त कर पर्यावरण बेहतर बनाया जा सकता है।

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पेट्रोल-डीजल की तुलना में ईवी किफायती

परिवहन विभाग के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वाले उपभोक्ताओं को केवल खरीद के समय ही नहीं, बल्कि संचालन के दौरान भी लाभ मिलता है। पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में ईवी की प्रति किलोमीटर परिचालन लागत कम होने से रोजाना यात्रा करने वालों को हर वर्ष हजारों रुपए की बचत हो रही है।

 

सरकार की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से पेट्रोल और डीजल की खपत कम हो रही है, जिससे वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है। वहीं योगी सरकार का लक्ष्य शून्य उत्सर्जन (जीरो एमिशन) वाले वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदेश को स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था की ओर अग्रसर करना है।

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कच्चे तेल के आयात में आएगी भारी कमी

परिवहन विभाग के मुताबिक यदि वर्ष 2030 तक देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक पहुंचती है तो कच्चे तेल के आयात बिल में लगभग एक लाख करोड़ रुपए तक की बचत संभव है। इस लक्ष्य में उत्तर प्रदेश का योगदान भी अहम होगा, जिसके लिए अधिक से अधिक लोगों को ईवी क्रय सब्सिडी योजना का लाभ दिया जा रहा है।

केजरीवाल ने 29 ऑटो कंपनियों को लिखा पत्र, E20 पेट्रोल पर मांगा जवाब

Arvind Kejriwal writes letter to 29 auto companies

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर, हीरो मोटोकॉर्प समेत 29 ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर E20 पेट्रोल को लेकर लिखित जवाब मांगा। उन्होंने 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E20 के इस्तेमाल और संभावित नुकसान पर सवाल उठाए। ALSO READ: E20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान के दावे 'पेड कैंपेन' का हिस्सा, नितिन गडकरी ने परिवार पर लगे आरोपों कर क्या कहा

 

केजरीवाल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर दोनों पत्र शेयर करते हुए लिखा कि आज मैंने देश के 29 auto manufacturers को पत्र लिखा है। पहला पत्र तीन कंपनियों मारुति सुजुकी इंडिया, टोयोटो किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प को लिखा है। दूसरा पत्र बाकी 26 कंपनियों को लिखा है।

 

उन्होंने पत्र में ऑटो कंपनियों से कहा कि वे जनता को बतायें कि क्या उनके 2023 के पहले बने प्रोडक्ट्स में E20 इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि हां, तो mileage या किसी component के ख़राब होने पर कंपनी नुकसान की भरपाई करेगी?

केजरीवाल ने कहा कि कंपनियों का ओनर मैन्युअल कहता है कि 2023 से पहले की बनी गाड़ियों में उपयोग होने वाले पेट्रोल में 10% से अधिक एथेनॉल नहीं मिलाया जा सकता है। सरकार जनता के हित को न सोचकर गलत कार्य करने में लगी है और इससे लोगों के वाहनों को भारी नुकसान हो रहा है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार जिद पर अड़ी हुई है और यह समझने के लिए तैयार नहीं है कि जनता की समस्या क्या है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की बात कही। वे कल वह कुछ वाहन शोरूम में जाकर इस मामले पर शोरूम मालिकों से बात करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के लिए की सुख-समृद्धि की कामना

Chief Minister Yogi offered prayers at shrine of Goddess Vindhyavasini

– प्रवेश द्वार पर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने चुनरी ओढ़ाकर किया मुख्यमंत्री योगी का स्वागत

– मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में सभी देवी-देवताओं के दर्शन करने के बाद हवन कुंड की परिक्रमा की

– मुख्यमंत्री योगी के इस दौरे से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच मां विंध्यवासिनी का विधिवत दर्शन पूजन किया और उनकी आरती उतारी। मुख्यमंत्री करीब 10 मिनट मंदिर में रहे। मुख्यमंत्री माता के दर्शन के लिए करीब सवा बारह बजे पहुंचे। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने चुनरी ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में सभी देवी-देवताओं के दर्शन करने के बाद हवन कुंड की परिक्रमा की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री योगी के इस दौरे से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री को देखने के लिए मंदिर परिसर के आसपास गलियों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। मुख्यमंत्री ने हाथ उठाकर सभी का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी की कृपा से क्षेत्र में विकास की गति और तेज होगी।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विंध्याचल क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान का आश्वासन दिया।

फिर भड़केगी महायुद्ध की आग? ट्रंप का बड़ा एलान- ईरान के साथ समझौता खत्म, रातभर बरसे बम

Donald Trumps statement: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये (अंकारा) में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान बेहद तीखा बयान देते हुए ईरान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम (सीजफायर) समझौते को 'पूरी तरह खत्म' घोषित कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना सिर्फ 'समय की बर्बादी' है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, बीती रात अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा का भारी उछाल आया है।

ट्रंप का कड़ा रुख, समझौता खत्म

नाटो समिट के इतर पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने ईरान के साथ पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन के टूटने की पुष्टि करते हुए कहा कि जहां तक मेरा सवाल है, यह समझौता खत्म हो चुका है। ऐसे लोगों के साथ डील करना सिर्फ समय की बर्बादी है। वे झूठे और क्रूर लोग हैं। मैं अब उनके साथ कोई बात नहीं करना चाहता।  ALSO READ: तेल टैंकरों पर हमलों से ट्रंप भड़का, अमेरिका ने ईरान पर बरसाए बम, तेल निर्यात से जुड़ा लाइसेंस भी रद्द
 

उन्होंने कहा कि वे कैंसर हैं, हमें खत्म करना होगा। कैंसर को शुरुआत में ही काटकर निकाल देना चाहिए।इस बयान के साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात के लिए दी गई प्रतिबंधों की अस्थाई छूट को भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।

अमेरिका का ईरान पर बड़ा एक्शन

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के इलाकों में 80 से अधिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में तीन कमर्शियल जहाजों (क्रूड और गैस टैंकर्स) पर ड्रोन और मिसाइल से गैर-कानूनी हमले किए थे, जो सीजफायर का सीधा उल्लंघन था। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार

 

अमेरिकी हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, तटीय निगरानी केंद्र, एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल ठिकाने और ड्रोन लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप (Qeshm Island), सीरिक और बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में तेज धमाके सुने गए।

ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित लगभग 85 अमेरिकी सैन्य और सहयोगी सुविधाओं को निशाना बनाया है।

 

कुवैत और बहरीन में रातभर हवाई हमले के सायरन गूंजते रहे। कुवैती सेना ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई 'अज्ञात और आक्रामक' ड्रोन्स और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इससे भी ज्यादा 'निर्णायक कदम' उठाने के लिए तैयार हैं। ALSO READ: Donald Trump : खामेनेई के अंतिम संस्कार पर ट्रंप का विवादित बयान, कहा- 'सब एक जगह थे, लेकिन हमला नहीं किया', हो सकता है कि ये आंसू भी नकली हों

वैश्विक स्तर पर खलबली, चीन की चेतावनी

इस अचानक भड़के तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 5.3% बढ़कर $78 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, दुनिया के कई बड़े देशों ने इस पर चिंता जताई है।

 

चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा युद्ध की आग भड़काना किसी के हित में नहीं है और सैन्य तरीकों से इस समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सीजफायर के उल्लंघन पर अमेरिका का यह कड़ा जवाब देना बेहद जरूरी था।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala