महाराष्ट्र में बाढ़ का खौफनाक मंजर! HPCL प्लांट से 3000 गैस सिलेंडर नदी में बहे

Raigad : 3000 Gas Cylinders Washed Away

महाराष्‍ट्र में भारी बारिश की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। भारी बारिश के कारण आई अचानक फ्लैश फ्लड में रायगढ़ जिले के खालापुर तहसील के चावणे गांव में स्थित HPCL गैस प्लांट से करीब 3000 गैस सिलेंडर पानी में बह गए। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ गैस सिलेंडर भरे हुए हैं और कुछ खाली हैं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नदी में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर बहते दिखाई दे रहे हैं। कई वीडियो में लोगों को इन सिलेंडरों को उठाकर ले जाते भी देखा गया। फिलहाल कंपनी के अधिकारी पानी में बहे सिलेंडरों की जांच में जुटे हुए हैं। पानी में सिलेंडरों के बहने की वजह भी तलाशी जा रही है।

रायगढ़ के डीएम किशन जावले ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि नदी में बहकर आए सिलेंडर में गैस है या नहीं या वे सुरक्षित स्थिति में हैं या नहीं। इसकी कोई गारंटी नहीं होती। ऐसे में उत्सुकता या इस्तेमाल के मकसद से ऐसे सिलेंडर को उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की।

 

गौरतलब है कि मुंबई, पुणे और नासिक समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर है। सड़कें तालाब बनी हुई है, रेलवे ट्रेक पर पानी भरा हुआ। जलजमाव और भूस्खलन की वजह से लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

E20 पेट्रोल पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान, बोले- इथेनॉल से मुझे कोई निजी फायदा नहीं, वाहन खराब होने के आरोप भी खारिज

Nitin Gadkari on E20 Petrol Policy

Nitin Gadkari on Ethenol : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को इथेनॉलमिश्रित पेट्रोल (ई-20) नीति का जोरदार बचाव करते हुए अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि इथेनॉल नीति से उन्हें कोई व्यक्तिगत फायदा नहीं होता। यह योजना देश में पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

 

गडकरी ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि उनके परिवार का चीनी कारोबार सरकार की इथेनॉल नीति से पहले से मौजूद था और इसके उत्पादन में मेरी हिस्सेदारी केवल 0.07 प्रतिशत है। इतनी कम हिस्सेदारी से किसी बड़े आर्थिक लाभ की संभावना नहीं है। ALSO READ: केजरीवाल ने 29 ऑटो कंपनियों को लिखा पत्र, E20 पेट्रोल पर मांगा जवाब

 

केंद्रीय मंत्री ने उन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया कि उन्होंने निजी लाभ के लिए इथेनॉल नीति बनाई। देश की इथेनॉल नीति किसी एक व्यक्ति का फैसला नहीं है, बल्कि इसे पेट्रोलियम मंत्रालय, कैबिनेट और वैज्ञानिक विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करने के बाद तैयार किया गया है।

 

मंत्री ने बताया कि भारत में वर्तमान में करीब 550 इथेनॉल उत्पादन इकाइयों के माध्यम से लगभग 1,500 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन किया जा रहा है। वह केवल इथेनॉल ही नहीं, बल्कि सभी वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की बात करते हैं। इथेनॉल के इस्तेमाल से किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और देश का विदेशी मुद्रा खर्च कम होगा। ALSO READ: दूसरे देशों में इथेनॉल की वजह से क्यों नहीं होते वाहन खराब?

 

किसकी गाड़ी इथेनॉल से खराब हुई

उन्होंने कहा कि यदि किसी वाहन को इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से नुकसान हुआ है तो ग्राहक डीलर और उनके मंत्रालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे व्यक्तिगत रूप से जानते हों और जिसकी पेट्रोल गाड़ी इथेनॉल के कारण खराब हुई हो।

 

वाहन कं‍पनियों को शिकायत नहीं

गडकरी ने कहा कि मारुति सुजुकी, टोयोटा, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियों ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहन खराब होने की कोई शिकायत नहीं दी है। टोयोटा वाहन से जुड़े हालिया मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जांच में समस्या का कारण इथेनॉल नहीं, बल्कि पानी का मिलना पाया गया था।

LIVE: भारी बारिश से दिल्ली की पानी-पानी, रोहिणी में इमारत गिरने से 4 की मौत

delhi rain

Latest News Today Live Updates in Hindi : रात भर हुई बारिश से दिल्ली NCR में कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया। रोहिणी में इमारत गिरने से 4 की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आज भी 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पल पल भी जानकारी…

-राष्‍ट्रपति ट्रंप द्वारा सीजफायर खत्म करने के एलान के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन भी ईरान के 8 शहरों में बड़ा हमला किया। 

-ईरान ने भी पलटवार करने में देर नहीं की। ईरानी सेना खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्‍यालय के पास जोरदार धमाका हुआ। बहरीन, कतर और कुवैत में बजे सायरन।

-ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई आज मसहद में सुपुर्द ए खाक होंगे।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मेलबर्न में गवर्नमेंट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
-पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीज से मुलाकात की।

-उन्होंने इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया अस्थिरता, सप्लाई चेन बाधा और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक और विश्वसनीय पार्टनर हैं। उन्होंने कहा कि ईसीटीए समझौते से हमारी आर्थिक साझेदारी और सशक्त हुई है।रोहिणी के सेक्टर 26 में कल हुई बिल्डिंग गिरने की घटना में चार लोगों की मौत हो गई। यह घटना G4/151-152 पर बनी एक नई बिल्डिंग से जुड़ी है। NDRF, DFS, TPDDL और दूसरी सिविक एजेंसियों ने बचाव अभियान चलाया। राहत और बचाव कार्य जारी।रात भर हुई बारिश से दिल्ली NCR में कई स्थानों पर सड़कों पर भरा पानी। सड़कों पर जाम लगने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया है। जल बोर्ड, PWD और नगर निगम की टीमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मौके पर तैनात हैं। दिल्ली सरकार जलभराव की समस्या से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या घटी, अयोध्या की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

​Ram Mandir Theft Impact

Ram Mandir Theft Impact: विश्व में हिंदू आस्था का सर्वोच्च प्रतीक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, जिसे 550 वर्षों के लंबे संघर्ष और अनगिनत बलिदानों के बाद प्राप्त किया गया, आज एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम का सामना कर रहा है। श्रीराम लला की मंदिर व्यवस्था को देखने वाले कुछ लोगों ने ही कथित तौर पर आस्था के चढ़ावे पर कुदृष्टि डालकर उसे लूट लिया। इस घटना की सीधी चोट संपूर्ण विश्व से अयोध्या आने वाले रामभक्तों की आस्था और दिल पर भी पहुंची है।

​श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट

​इस चोरी की घटना के बाद अयोध्या आने वाले रामभक्तों की संख्या में चौंकाने वाली कमी देखी जा रही है। ​घटना से पहले आम दिनों में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1 लाख से 1.5 लाख तक होती थी। लेकिन, चढ़ावा चोरी की घटना के सामने आने के बाद यह संख्या घटकर अब मात्र 50 हजार से 70 हजार के बीच रह गई है।

श्रद्धालुओं की इस कमी का सीधा प्रभाव अयोध्या के सभी छोटे-बड़े व्यवसायों पर पड़ा है। यहां के रेस्टोरेंट और होटल खाली पड़े हैं, प्रसाद के काउंटर भरे के भरे रह जा रहे हैं और राम मंदिर सहित अयोध्या के विभिन्न अन्य मंदिरों के चढ़ावे पर भी इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है।

​क्या है रामभक्तों का कहना?

​इस संकट की तह तक जाने के लिए 'वेबदुनिया' ने अयोध्या आए श्रद्धालुओं, स्थानीय व्यवसायियों और अर्थजगत के जानकारों से बात की। उन्होंने इस घटना पर नाराजगी जाहिर की। ​पंजाब से रामजी के दर्शन करने आए श्रद्‍धालु सौरभ अरोड़ा ने कहा कि श्रीराम हमारे आस्था के प्रतीक हैं, उनका दर्शन तो हम करेंगे ही। किन्तु जो हमने मंदिर में चढ़ावे के लिए मन बनाया था, वह बदल गया है। अब मंदिर (ट्रस्ट) में दान न देकर हम किसी गरीब की मदद कर देंगे।

 

​मुंबई से आए श्रद्धालु अमित जैन ने इस चढ़ावा चोरी की घटना को घोर पाप बताते हुए कहा कि रामजी इन चोरों को सजा जरूर देंगे। दिल्ली से आए एक रामभक्त ने राजनीतिक और व्यवस्थागत नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर इस घटना पर सही और निष्पक्ष निर्णय नहीं हुआ, तो हम लोग (चुनावों में) विपक्ष को भी चुन सकते हैं।

​Ram Mandir Theft Impact

क्या कहते हैं संत-महंत और विशेषज्ञ

आचार्य मंदिर के महंत विवेक आचार्य ने कहा कि रामकाज में हुआ भ्रष्टाचार और चोरी अयोध्या की छवि को धूमिल कर रहा है। इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। जो 'कालनेमी' होते हैं, वे धर्म को आघात पहुंचाते हैं। प्रभु के चरणों में कुछ भी अर्पण करने से पहले अब लोग सोचेंगे, जिससे अन्य मंदिरों का चढ़ावा भी प्रभावित हुआ है।

 

SBI LIFE चीफ बिजनेस मैनेजर भूपेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि राम मंदिर के इस घटनाक्रम से अयोध्या की अर्थव्यवस्था पर काफी गहरा असर पड़ा है। यहां का व्यापार पूरी तरह श्रद्धालुओं पर निर्भर है, उनकी संख्या आधी होने से पूरा व्यवसाय प्रभावित हुआ है। सीए हेमा केशवानी के अनुसार, राम मंदिर के शुभारंभ के समय अयोध्या आने वाले भक्तों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल था, लेकिन इस घटना ने भक्तों की सोच पर गहरा प्रभाव डाला है। इतनी बड़ी गिरावट से पूरी इकोनॉमी डगमगा गई है।

 

जब इसी मामले में अर्थशास्त्री डॉ. जया सिंह से वेबदुनिया ने बात की तो उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष असर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के फुटफॉल (आगमन) पर पड़ा है। इसके चलते अयोध्या के छोटे-बड़े हर तरह के व्यापारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।

 

स्थानीय लोगों की मानें तो श्रीराम नगरी अयोध्या धाम का पूरा अस्तित्व और अर्थव्यवस्था प्रभु श्रीराम के नाम, उनकी आस्था और विश्वास के दम पर ही चलती है। संपूर्ण विश्व के रामभक्त इस समय श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण की निष्पक्ष व सही जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। भक्तों को अभी भी सरकार से एक सही और कड़े निर्णय का पूरा भरोसा है।

क्या है अयोध्या से जुड़ा यह पूरा मामला? 

उल्लेखनीय है कि हाल ही में अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के अनुसार, मंदिर के दानपात्रों से पिछले कुछ महीनों में करीब 70 बार चढ़ावे की चोरी की गई। इस घोटाले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर समेत मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारी शामिल थे।

आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से बचकर इस काम को अंजाम दिया। यूपी सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) की तफ्तीश के बाद इस मामले में ट्रस्ट की ओर से FIR दर्ज कराई गई। पुलिस और SIT ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 70 लाख रुपए अधिक की भारतीय नकदी, अमेरिकी डॉलर (विदेशी मुद्रा) और कीमती आभूषण बरामद किए गए हैं।

 

इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा और दान-गिनती की व्यवस्था को बेहद कड़ा और गोपनीय कर दिया गया है। इस घटना के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। 

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

पश्चिम बंगाल: पुलिस मुठभेड़ में अभियुक्त की मौत से उठे सवाल

protest in kolkata

प्रभाकर मणि तिवारी

पश्चिम बंगाल में बलात्कार और हत्या मामले के एक आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत पर सवाल उठे हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने एक अधिकारी की पिस्तौल छीन कर फायरिंग की और भागने की कोशिश की, जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गई। ALSO READ: बेंगलुरु डेकेयर कांड कामकाजी पेरेंट्स के लिए कितना बड़ा झटका

 

कोलकाता से सटे दक्षिण 24-परगना जिले के बारुईपुर इलाके में 12  साल की एक किशोरी की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। उसका शव रविवार,5 जुलाई को इलाके के एक तालाब से बरामद होने के बाद इलाके में भारी तनाव पैदा हो गया। स्थानीय लोगों ने संदेह के आधार पर एक युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। हालांकि मंगलवार को प्रभावित इलाके के दौरे पर गए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उस युवक को बेकसूर बताया था।

 

इस मामले में पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों को कहना है कि अगर पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो किशोरी को बचाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने पुलिस वालों की लापरवाही साबित होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता से इस मामले पर 72 घंटे में रिपोर्ट मांगी है।

 

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर प्रभाष मंडल नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के आधार पर तीन दूसरे लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था।

 

इस घटना के विरोध में रविवार से ही कोलकाता समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। मजबूत करने और अपराधियों को कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है। राज्य मेंमहिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हाल ही में सरकार ने दुर्गा स्क्वॉड के गठन का एलान किया है। ALSO READ: दुर्गा स्क्वॉड कैसे बदलेगा बंगाल में महिला सुरक्षा का हाल?

 

गिरफ्तारी और मुठभेड़

प्रभाष के इस मामले में शामिल होने की जानकारी आखिर कैसे मिली? पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर डीडब्ल्यू को बताया, “हमने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज कब्जे में लेकर गहराई से जांच शुरू की। उसमें  किशोरी को अंतिम बार एक युवक के साथ जाते देखा गया था। यह युवक प्रभाष मंडल था। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर शिनाख्त के बाद प्रभाष मंडल को गिरफ्तार किया गया।

 

मंगलवार को मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के दौरे के बाद देर रात करीब पौने एक बजे पुलिस की एक टीम घटना को रिकंस्ट्रक्ट करने के लिए अभियुक्त प्रभाष को साथ लेकर उस तालाब के पास पहुंची जहां किशोरी का शव मिला था।

 

बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक पलाश चंद्र ढाली ने डीडब्ल्यू को बताया, “पुलिस की एक टीम देर रात अभियुक्त को साथ लेकर घटना के रिकंस्ट्रक्ट के लिए मौके पर ले गई थी। उसने अचानक एक पुलिस वाले का हथियार छीन कर पुलिस पर फायरिंग कर दी और वहां से भागने की कोशिश करने लगा। जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”

 

मौके पर मौजूद पुलिस के एक और अधिकारी ने भी लगभग यही बात कही है। उन्होंने नाम नहीं छापने की शर्त पर डीडब्ल्यू को बताया, “हम अभियुक्त को लेकर घटना के रिकंसट्रक्ट के लिए तालाब के किनारे पहुंचे थे। प्रभाष के पास ही कैनिंग थाने के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर रोनी सरकार खड़े थे। हम लोग अभी वहां घटना के बारे में बात कर रहे थे। अचानक प्रभाष रोनी की कमर में लगा रिवाल्वर छीन कर भागने लगा।”

 

उनके मुताबिक, पुलिस टीम ने उसका पीछा किया। लेकिन उसने रिवाल्वर से गोली चला दी। उसके बाद बारुईपुर थाने के प्रभारी अर्घ्य मंडल ने आत्मरक्षा में उस पर फायरिंग की। प्रभाष को छाती और कमर में गोली लगी।

 

उस अधिकारी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल प्रभाष को बारुईपुर सब-डिवीजनल अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत गोषित कर दिया। इस बीच, सरकार ने मुठभेड़ की घटना की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। ALSO READ: ब्रिटेन का शाही परिवार कहां से और कैसे धन कमाता है

 

कौन है प्रभाष?

प्रभाष बारुईपुर में सूर्यपूर इलाके में रहता था। उसके घर में माता-पिता के अलावा पत्नी और एक बेटा है। पत्नी इलाके के कई घरों में झाड़ू-पोछा लगाने का काम करती है। बलात्कार और हत्या के मामले में प्रभाष की गिरफ्तारी के बाद वह अपने बेटे के साथ मायके चली गई थी।

 

स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रभाष के पास कोई स्थायी काम नहीं था। वह कभी रिक्शा वैन चलाता था तो कभी रंगाई-पुताई का काम करता था। वह नशे का भी आदी थी। उसकी मां संध्या मंडल बताती है कि वह किसी की बात नहीं सुनता था और नशे का आदी था।

 

प्रभाष की मौत के बाद संध्या ने पत्रकारों से कहा, “बेटे की मौत का दुख तो है। लेकिन उसे अपने किए की सजा मिल गई। अब हम ना तो उसका चेहरा देखना चाहते हैं और ना ही उसके शव को घर ले आएंगे।”

 

पत्नी चंपा ने पत्रकारों से कहा, “उसने गलती की थी, इसलिए गोली से मरना पड़ा। उसका चरित्र शुरू से ही ऐसा रहा है। उसके साथ रहते हुए मैंने भी बहुत तकलीफ सही है। उसे नशे की भी लत थी। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि उसने यह काम ( रेप और हत्या) नहीं किया होगा। “

 

दूसरी ओर, बारुईपुर की पीड़िता के पिता ने पुलिस मुठभेड़ में एक अभियुक्त की मौत पर खुशी जताई है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में पुलिस की जांच और सरकार के काम पर संतोष जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने जैसा भरोसा दिया था वैसा ही काम हो रहा है। मुझे उम्मीद है बाकी अभियुक्तों को भी कड़ी सजा मिलेगी। ALSO READ: मिस्र के रेगिस्तान में मिला सैंकड़ों साल पुराना शहर

 

'ईश्वरीय न्याय' या 'जंगलराज'

अभियुक्त प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सत्तारूढ़ बीजेपी ने इसे ईश्वरीय न्याय बताते हुए कहा है कि सरकार ने एक मिसाल कायम की है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी गुट की तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी एक पोस्ट में कहा कि बंगाल में अब जंगलराज शुरू हो गया है। उन्होंने सवाल किया कि बंगाल पुलिस आखिर क्या कर रही है?

 

हालांकि तृणमूल कांग्रेस पार्टी के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने इसका समर्थन करते हुए कहा है कि कानून में मुठभेड़ का प्रावधान है। रेप और हत्या के दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

 

बीजेपी के प्रवक्ता देवजित सरकार ने इसे 'ईश्वरीय न्याय' बताया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा है कि सरकार अपराध पर काबू पाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। यह घटना इस बात का सबूत है कि अब राजनीतिक संरक्षण की वजह से कोई अपराधी नहीं बच सकता।

 

हालांकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इस मुठभेड़ की जांच की मांग की है। उन्होंने डीडब्ल्यू से कहा, “मुठभेड़ में अपराधियों के सफाए की बजाय न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए। कानून में भी फांसी का प्रावधान है।”

 

राज्य में हाल के वर्षो में पुलिस मुठभेड़ में मौत की इस पहली घटना पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि आखिर पुलिस इतनी लापरवाह कैसे हो गई कि अभियुक्त पिस्तौल छीनने में कामयाब हो गया। मानवाधिकार कार्यकर्ता सौम्य सरकार ने डीडब्ल्यू से बातचीत में कहा, “अगर सचमुच ऐसा हुआ तो पुलिस अभियुक्त की कमर के निचले हिस्से में भी तो गोली मार सकती थी। क्या सीने पर गोली लगना महज संयोग है?”

अमेरिकी हमलों से दहले ईरान के 8 शहर, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के पास धमाके

US Iran War Updates

US Iran War : राष्‍ट्रपति ट्रंप द्वारा सीजफायर खत्म करने के एलान के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन भी ईरान के 8 शहरों में बड़ा हमला किया। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान की उस क्षमता को कमजोर करने के लिए की जा रही है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा कर सके। ALSO READ: West Asia Crisis : अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत का पहला रिएक्शन, जानिए क्या कहा

 

बहरीन में अमेरिकी मुख्यालय के पास धमाके

अयातुल्लाह खामेनेई को अंतिम विदाई के बीच हुए इन हमलों का जवाब देने में ईरान ने भी देर नहीं की। ईरानी सेना ने बहरीन, कतर और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाते हुए हमला किया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों को इसी तरह की चेतावनी भेजी, लेकिन यह नहीं बताया कि ईरान की तरफ से हमला हुआ है या नहीं। ईरानी हमले के बाद बहरीन, कतर और कुवैत में सायरन बजे। 

 

कतर में गृह मंत्रालय की लोगों से अपील

कतर के गृह मंत्रालय ने लोगों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए घर या सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की है। कतर में लोगों को घर के अंदर रहने, कांच की खिड़कियों से दूर रहने और अगली चेतावनी मिलने तक बाहर न निकलने के लिए कहा गया है। ALSO READ: तेल टैंकरों पर हमलों से ट्रंप भड़का, अमेरिका ने ईरान पर बरसाए बम, तेल निर्यात से जुड़ा लाइसेंस भी रद्द

 

गालिबाफ की चेतावनी

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, अमेरिका अब तक यह नहीं समझ पाया है कि धमकाने और अपने वादे तोड़ने की कीमत अब चुकानी पड़ती है। मैं साफ शब्दों में कहता हूं—अगर आप हमला करेंगे, तो आपको भी जवाबी हमला झेलना पड़ेगा। बेवजह हाथ-पांव मत मारिए, वरना और गहरे दलदल में फंस जाएंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य केवल ईरानी व्यवस्था के तहत ही खुलेगा, अमेरिकी धमकियों के दम पर नहीं।

हमले के चंद घंटों पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भारी चोट पहुंचाने की धमकी दी थी। ट्रंप ने कहा कि ये हमले कल ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर जो बमबारी की थी, उसके जवाब में किए गए हैं। अगर ऐसा फिर हुआ, तो इसका जवाब इससे भी कहीं अधिक कठोर होगा।

Top News 9 July: ईरान में फिर अमेरिकी हमला, 23 राज्यों में बारिश का अलर्ट, ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी

top news 9 july : India Iran War, monsoon update, PM Modi Australia tour

Top News 9 July : अमेरिका ईरान में जंग तेज हुई, देशभर में मानसून का कहर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा टी 20 मैच आज ब्रिस्टल में खेला जाएगा। 9 जुलाई की बड़ी खबरें :

 

लगातार दूसरे दिन ईरान पर अमेरिकी हमला

राष्‍ट्रपति ट्रंप द्वारा सीजफायर खत्म करने के एलान के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन भी ईरान के 8 शहरों में बड़ा हमला किया। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान की उस क्षमता को कमजोर करने के लिए की जा रही है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा कर सके।

 

बहरीन में अमेरिकी मुख्यालय के पास धमाके

अयातुल्लाह खामेनेई को अंतिम विदाई के बीच हुए इन हमलों का जवाब देने में ईरान ने भी देर नहीं की… ईरानी सेना खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। बहरीन में अमेरिकी नौसेना मुख्‍यालय के पास जोरदार धमाका हुआ। बहरीन, कतर और कुवैत में सायरन बजे।

 

देशभर में मानसून का कहर

महाराष्‍ट्र, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। अगले 2 से 3 दिन में मानसून पूरे देश को कवर कर सकता है। मौसम विभाग ने आज 23 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

 

पीएम मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं। उन्होंने इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया अस्थिरता, सप्लाई चेन बाधा और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक और विश्वसनीय पार्टनर हैं। उन्होंने कहा कि ईसीटीए समझौते से हमारी आर्थिक साझेदारी और सशक्त हुई है। 

 

भारत-इंग्लैंड चौथा टी-20 आज

भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा टी-20 आज ब्रिस्टल में खेला जाएगा। 5 मैचों की टी20 सीरीज में इंग्लैंड 2-0 से आगे है। ऐसे में भारत को सीरीज बचाने के लिए हर हाल में यह मैच जीतना होगा। वहीं मेजबान इंग्लैंड यह मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने का प्रयास करेगी।

West Asia Crisis : अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत का पहला रिएक्शन, जानिए क्या कहा

भारत ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते सैन्य तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने, तनाव कम करने और बातचीत के जरिए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है। साथ ही ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बिना किसी बाधा के जारी रखने पर भी जोर दिया है।

 

विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि हाल के हमलों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव से पश्चिम एशिया की शांति, सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। मंत्रालय ने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई।

 

MEA ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में हालिया हमलों और बढ़ते तनाव को लेकर बेहद चिंतित है। ये घटनाक्रम क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर कर सकते हैं।  भारत ने सभी पक्षों से अपील की कि वे संयम बरतें, तनाव को तत्काल कम करें, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और ऊर्जा आपूर्ति व वैश्विक व्यापार को बाधित न होने दें। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि मौजूदा संकट का स्थायी समाधान केवल कूटनीति और संवाद के जरिए ही संभव है। भारत ने अमेरिका और ईरान से बातचीत की मेज पर लौटकर शांतिपूर्ण समाधान तलाशने का आग्रह किया।

ALSO READ: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ED ने फ्रीज किए 440 करोड़, क्या होगा TMC पर इसका असर

ट्रंप ने दिए नए हमलों के संकेत

 

भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर से हमले किए जाने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने बीती रात ईरान के ठिकानों पर जोरदार हमला किया और जरूरत पड़ने पर आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने के लिए हुआ समझौता अब प्रभावी नहीं रहा और वह तेहरान के साथ आगे बातचीत के इच्छुक नहीं हैं। अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए किया गया अंतरिम युद्धविराम समझौता स्थायी समझौते की दिशा में बातचीत के लिए था, लेकिन कतर में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई।

ALSO READ: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ED ने फ्रीज किए 440 करोड़, क्या होगा TMC पर इसका असर

होरमुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव

इससे पहले अमेरिका ने दावा किया कि ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हवाई हमले किए। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत में अमेरिकी हितों को निशाना बनाया।

 

समुद्री जहाजों पर हुए हमलों और उसके बाद की सैन्य कार्रवाई से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। इस दौरान भी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी और कड़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जिससे क्षेत्र में हालात और संवेदनशील बने हुए हैं।

सरदार सरोवर परियोजना पर 30 साल पुराना विवाद खत्म, मध्यप्रदेश को 1,500 करोड़ की जगह सिर्फ 231.80 करोड़ रुपए देने होंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में हुई बैठक में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े लगभग तीन दशक से जारी पुनर्वास एवं पुनर्बसाहट व्यय विवाद का सर्वसम्मति से समाधान हुआ है। इस निर्णय से मध्यप्रदेश पर पड़ने वाले वित्तीय भार में उल्लेखनीय कमी आएगी। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निर्णय राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, संवाद और सहमति से जटिल विषयों के समाधान का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री शाह के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत के अटॉर्नी जनरल द्वारा फरवरी 2026 में दिए गए अभिमत के अनुसार पुनर्वास व्यय में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 31.98 प्रतिशत निर्धारित की गई थी। इसके अनुसार मध्यप्रदेश को लगभग 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान गुजरात को करना पड़ता। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र एवं राजस्थान के बीच हुई बैठक में सर्वसम्मति से मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी घटाकर 16.17 प्रतिशत निर्धारित की गई। इसके परिणामस्वरूप अब मध्यप्रदेश को केवल 231.80 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।

  

चारों राज्यों की हिस्सेदारी हुई निर्धारित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बैठक में गुजरात की हिस्सेदारी 50.57 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत की गई है। वहीं, महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 15.15 प्रतिशत से घटाकर 7.66 प्रतिशत और राजस्थान की हिस्सेदारी 2.31 प्रतिशत से घटाकर 1.17 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इससे गुजरात को सहभागी राज्यों से कुल 553.43 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा एवं सरदार सरोवर परियोजना से प्रदेश को उत्पादित कुल विद्युत का 57 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि अब तक मध्यप्रदेश को लगभग 3,900 करोड़ यूनिट विद्युत औसतन 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध हुई है। इसके अतिरिक्त लगभग 31 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई सुविधा मिल रही है। साथ ही जबलपुर, कटनी, देवास, उज्जैन, इंदौर, धार सहित अनेक शहरों और पीथमपुर, देवास एवं विक्रम उद्योगपुरी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को नर्मदा जल की आपूर्ति भी इसी परियोजना से की जा रही है।

Donald Trump : ईरान पर ट्रंप का बयान- शायद आज रात हम फिर हमला करेंगे, अब तेहरान से कोई बातचीत नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी कूटनीतिक प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए ईरान के साथ संघर्ष विराम (Ceasefire) और बातचीत का दौर अब समाप्त हो चुका है और वे अब तेहरान के साथ किसी भी तरह की वार्ता नहीं करना चाहते।

ALSO READ: Jio TV Pro Pack लॉन्च, सिर्फ 55 रुपए में 1000 लाइव टीवी चैनल, OTT और प्रीमियम फीचर्स का मिलेगा फायदा

अंकारा में NATO समिट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, 'हम शायद आज रात उन पर फिर हमला करेंगे।'तुर्किये में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उनके अनुसार शांति प्रक्रिया अब खत्म हो चुकी है और ईरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी है।

 

ट्रंप ने ईरान पर साधा निशाना

 

ट्रंप ने कहा कि वह अब ईरान के साथ कोई समझौता या बातचीत नहीं करना चाहते। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने बीती रात ईरान में उन लोगों को निशाना बनाया, जिन्हें अमेरिका बेहद खतरनाक मानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी नेतृत्व अपने ही लोगों के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है और हालिया घटनाओं के बाद अमेरिका ने कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया दी है।

ALSO READ: Hardeep Singh Nijjar Case: कनाडा पुलिस बोली- भारतीय सरकार की भूमिका के सबूत नहीं, ट्रूडो के आरोपों से अलग दावा

ईरान ने अमेरिका पर लगाए समझौता तोड़ने के आरोप

 

दूसरी ओर, ईरान की संसद के स्पीकर और वरिष्ठ वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने अमेरिका पर कई द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका ने कई महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया। उनके मुताबिक, अमेरिका ने ईरान पर तेल प्रतिबंध फिर से लागू किए, सैन्य हमलों की धमकी दी और दक्षिणी ईरान में कार्रवाई की। गालीबाफ ने कहा कि ईरान सैन्य और आर्थिक दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि “धौंस और दबाव का दौर खत्म हो चुका है।”

ALSO READ: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ED ने फ्रीज किए 440 करोड़, क्या होगा TMC पर इसका असर

होर्मुज जलडमरूमध्य में घटनाओं के बाद बढ़ा तनाव

 

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया, जब रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे तीन जहाजों पर हमले की घटना सामने आई। अमेरिका ने इन हमलों के लिए ईरानी बलों को जिम्मेदार ठहराया।

ALSO READ: EPFO से जुड़ी खुशखबरी, 34 करोड़ खातों में जल्द आएगा ब्याज, New Unified Portal पर मिलेगी बैलेंस, क्लेम स्टेटस और सभी सेवाएं

इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी ठिकानों पर व्यापक सैन्य कार्रवाई की। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई और इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसे हमलों की कीमत बढ़ाना था। हालांकि, दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।