
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर शुरू हुई मुहिम 'कॉकरोच जनता पार्टी' के एक्स हैंडल को बहाल करने का आदेश दिया है। पारित अपने फैसले में कोर्ट ने केंद्र सरकार के अकाउंट ब्लॉक करने के आदेश को रद्द कर दिया।
सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा नीट के दोबारा आयोजन से पहले 'अराजकता' से बचने के लिए यह अकाउंट ब्लॉक किया गया था। सरकार का तर्क था कि ऐसे अकाउंट से गलत सूचना फैल सकती है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है।
हाई कोर्ट ने सरकार के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि NEET को लेकर केंद्र की चिंता अब प्रासंगिक नहीं है। इसका मतलब है कि परीक्षा से संबंधित संभावित गड़बड़ी का खतरा अब समाप्त हो गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध तभी लगाया जा सकता है, जब कोई ठोस और तात्कालिक खतरा हो। इस मामले में ऐसा कोई खतरा मौजूद नहीं था।
कौन हैं अभिजित डिपके
अभिजित डिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी नामक एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक मंच बनाकर इतिहास रच दिया। दावा किया जा रहा है कि यह 'युवाओं का, युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए राजनीतिक मोर्चा' है। पार्टी के नारे, चुनाव चिन्ह से लेकर एंथम तक सब कुछ खास है। यह नाम सुप्रीम कोर्ट (CJI) द्वारा की गई एक टिप्पणी के बाद इंटरनेट पर काफी वायरल हुआ था। महज कुछ ही घंटों में 1 लाख से ज्यादा लोग उनसे जुड़ गए।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले अभिजित एक युवा पॉलिटिकल कम्यूनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट और पत्रकार हैं। पुणे से पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित बॉस्टन यूनिवर्सिटी से 'पब्लिक रिलेशंस' में एमएस किया है।
30 वर्षीय अभिजित 'कॉकरोच जनता पार्टी' बनाने से पहले भी राजनीति से जुड़े रहे हैं। 2020 से 2022 तक वे अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का भी हिस्सा रहे हैं। वे पार्टी की सोशल मीडिया टीम का हिस्सा थे। वे दिल्ली के शिक्षा विभाग के कम्युनिकेशंस एडवाइजर के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
क्यों बनाई कॉकरोच जनता पार्टी?
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत पर आरोप लगा कि उन्होंने पत्रकारिता, कानून और आरटीआई एक्टिविज्म में आने वाले बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' और 'पैरासाइट' से की थी।
हालांकि बाद में सीजेआई ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से फैल चुका था। इसके बाद ही अभिजित ने कॉकरोच जनता पार्टी बनाने का फैसला किया।

