साहित्‍य, संगीत और अध्‍यात्‍म की नगरी देवास क्‍या बन रहा है आतंकियों की पनाहगाह?

Dewas

मशहूर संगीत साधक कुमार गंधर्व की सुर-साधना, मां चामुंडा और तुलजा भवानी की पावन टेकरी, शीलनाथ महाराज की आध्यात्मिक आभा और समृद्ध साहित्यिक विरासत समेटे मध्य प्रदेश का 'देवास' जिला हमेशा से अपनी शांति और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता रहा है। कई लेखक, साहित्‍यकार और पेंटर्स ने अपनी उपलब्‍धियों से देवास के कद को ऊंचाई तक ले जाने का काम किया है। लेकिन बीते कुछ दशकों में इसी शांत धरा पर कुछ ऐसी परतें खुलीं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया।

सुरक्षा और खुफिया रिपोर्टों के तथ्यों पर गौर करें, तो सिमी (SIMI) जैसे प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क और कई कुख्यात संदिग्धों (जैसे भोपाल जेल एनकाउंटर से जुड़े मामले और मालवा क्षेत्र के स्लीपर सेल्स) की कड़ियां कहीं न कहीं देवास और उसके आसपास के इलाकों से जुड़ती नजर आईं। देवास की भौगोलिक स्थिति—इंदौर जैसे बड़े व्यावसायिक हब और उज्जैन जैसे धार्मिक केंद्र के बेहद नजदीक होना, साथ ही छोटे कस्बों में घनी और मिश्रित आबादी के बीच आसानी से छिप जाने की सहूलियत—इसे बाहरी और संदिग्ध तत्वों के लिए एक सुरक्षित 'स्लीपर हाइडआउट' (पनाहगाह) बनाने की बड़ी वजह रही। जब-जब आतंकवाद के तार मालवा अंचल से जुड़े, तब-तब देवास का नाम जांच के रडार पर आया, जिससे यह सवाल लाजिमी हो जाता है कि कला और अध्यात्म की यह पावन नगरी आखिर कैसे और क्यों सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक संवेदनशील हॉटस्पॉट बन गई?

ATS की गिरफ्त में आठ संदिग्‍ध : मध्य प्रदेश और गुजरात में कई जगहों पर एक साथ चलाए गए बड़े एंटी-टेरर ऑपरेशन में गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखने के शक में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है। 8 संदिग्धों में से एक को देवास से गिरफ़्तार किया गया। उसकी पहचान बिलाल दुर्रानी के तौर पर हुई है। जिसे मोहम्मद अम्‍मार घाघा, अबू दुजाना और अबू सुफियान के नाम से भी जाना जाता है। वह देवास के वारसी नगर इलाके का रहने वाला है।

संदिग्ध सामग्री शेयर करने का आरोप : जांच एजेंसियों का दावा है कि ये संदिग्ध गुजरात में संगठन का नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहे थे। फ़िलहाल, सभी आरोपियों से कड़ी पूछताछ चल रही है। गुजरात ATS ने देवास में एक युवक को आतंकी संगठन से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सोशल मीडिया पर संगठन से जुड़ी संदिग्ध और संवेदनशील सामग्री शेयर करने का आरोप है।

पाकिस्‍तानी मेहमानों का आना- जाना : जानकारी के मुताबिक देवास में पाकिस्‍तानी मेहमानों का भी लगातार आना-जाना लगा रहता है। एक जानकारी है कि देवास के कुछ मुस्‍लिम परिवारों की रिश्‍तेदारी पाकिस्‍तान में हुई हैं। इस तरह की रिश्‍तेदारी में पाकिस्‍तान से रिश्‍तेदारों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में पुलिस इन गतिविधियों पर भी ध्‍यान रखती है।

ऑपरेशन सिंदूर में की थी वापसी की कार्रवाई : सूत्रों के मुताबिक कुछ ही महीनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी माहौल को देखते हुए कुछ पाकिस्‍तानियों को पुलिस और प्रशासन ने पाकिस्‍तान रवाना करने की कार्रवाई की थी। यह लोग बतौर मेहमान यहां रह रहे थे, हालांकि वे वीजा पर थे, लेकिन उन दिनों संवेदनशील माहौल को देखते हुए ऐसे पाकिस्‍तानी रिश्‍तेदारों को वापस भेजने की कार्रवाई की गई थी।

मक्‍सी- शाजापुर के बीच देवास : बता दें कि देवास के ठीक करीब मक्‍सी और शाजापुर जैसे छोटे शहर स्‍थित है। वहीं कुछ दूरी पर उन्‍हेंल भी है। बता दें कि उन्‍हेंल समेत मक्‍सी और शाजापुर सिमी के सदस्‍यों के केंद्र रहे हैं। इन शहरों में पहले कई बार आतंकी गतिविधियां रिकॉर्ड की जा चुकी हैं।

इन संदिग्‍ध इलाकों पर पुलिस की नजर : बता दें कि देवास का आंनद नगर और वारसी नगर, नाहर दरवाजा आदि देवास के संवेदनशील इलाके रहे हैं, यहां पहले भी संदिग्‍ध गतिविधियां सामने आती रही हैं। हाल ही में एटीएस ने जैश ए मोहम्मद के एक संदिग्ध आतंकी बिलाल दुर्रानी घाघा को गिरफ्तार किया है, वो वारसी नगर का ही रहने वाला है। शंका है कि संदिग्ध आतंकी गुजरात में जैश ए मोहम्मद का आतंकी नेटवर्क खड़ा करने के लिए यह स्लीपर सेल की तैयारी कर रहे थे।

क्‍या कहा देवास एसपी ने : देवास के एसपी पुनीत गेहलोद ने वेबदुनिया को बताया कि जो संदिग्‍ध गुजरात एटीएस ने पकडा है, उसकी गिरफ्तारी में देवास पुलिस ने ही मदद की है। यह संदिग्‍ध हालांकि गुजरात का ही रहने वाला है। इस पर आरोप है कि सोशल मीडिया पर संगठन से जुड़ी संदिग्ध और संवेदनशील सामग्री शेयर करने की गई थी। कुछ सामग्री का गुजराती से हिंदी और हिंदी से गुजराती में अनुवाद करने की बात भी सामने आई है। एसपी गेहलोद ने बताया कि जहां तक देवास में संदिग्‍ध गतिविधियों का सवाल है तो देवास पुलिस लगातार मॉनिटरिंग करती है और समय- समय किसी भी तरह की संदिग्‍ध गतिविधि पर नजर भी रखती है।

Weather Update: मुंबई और कोंकण में बारिश का रेडअलर्ट, पहाड़ों पर आफत, दिल्ली NCR में गर्मी से राहत

mumbai rain

heavy rainfall alert in Mumbai: देश भर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बने एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र (डिप्रेशन) के कारण मध्य और पश्चिम भारत में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और जलभराव का अलर्ट जारी किया है। मुंबई सहित कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश को देखते हुए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और लोगों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सलाह दी गई है।

मुंबई और कोंकण में रेड अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण पश्चिम और मध्य भारत में मानसून जमकर बनकर बरस रहा है। मुंबई और कोंकण-गोवा क्षेत्र में 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है, जिसके चलते प्रशासन ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी की चेतावनी दी गई है। पूर्वी राजस्थान में भी बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं।

दक्षिण और पूर्वी भारत का हाल

दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में मध्यम से भारी बारिश के साथ थंडरस्क्वॉल (तेज अंधड़) की संभावना है। पूर्वी भारत की बात करें तो ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों में मौसम गर्म और उमस भरा रहने के साथ-साथ भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

उमस भरी गर्मी से राहत, लेकिन पहाड़ों पर आफत

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में हल्की से मध्यम बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है। दिल्ली में पारा 36°C के आसपास बना हुआ है, जिससे गर्मी से राहत मिली है लेकिन हवा में नमी (उमस) का स्तर काफी ज्यादा है।

 

दूसरी ओर, पहाड़ी राज्यों (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर) के लिए आने वाले दिन बेहद संवेदनशील हैं। पहाड़ों पर भारी से बहुत भारी बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड), फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और नदी-नालों में उफान का गंभीर खतरा है। प्रशासन ने पर्यटकों को फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा न करने और सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

IMD ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी घाट, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और देश के पहाड़ी राज्यों में अचानक बाढ़ आ सकती है। मुंबई जैसे बड़े महानगरीय क्षेत्रों में गंभीर जलभराव (वॉटरलॉगिंग) और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है, जिसके कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

चढ़ावा चोरी पर महंत नृत्य गोपालदास ने लिखा पत्र, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

Shri Ram Mandir Trust President Mahant Nritya Gopal Das

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं श्री मणिरामदास छावनी के महंत नृत्य गोपालदास ने राम मंदिर में कथित दान-चोरी की घटना पर गहरा दुख और नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ALSO READ: राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?

 

महंत नृत्य गोपालदास ने पत्र में कहा कि मंदिर में हुई कथित दान-चोरी से वे अत्यंत आहत हैं। इस तरह के कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री पर पूरा विश्वास है कि वे इस मामले में दोषियों को बख्शेंगे नहीं। उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

 

बैठक से पहले जारी इस पत्र के अंत में महंत ने कहा है कि यह मामला करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है। भगवान श्रीराम के नाम पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। ALSO READ: अयोध्‍या चढ़ावा विवाद को लेकर सोमवार को होगी ट्रस्‍ट की बैठक, ट्रस्टी चंपत राय समेत कई अहम मुद्दों पर होगा फैसला

 

आज महंत नृत्य गोपाल दास की अध्‍यक्षता में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होनी है। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा की संभावना है।

 

गौरतलब है कि चंदा चोरी मामले में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। विवाद सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्‍ट के महासचिव चंपत राय और सदस्‍य अनिल मिश्रा अपने पद से इस्‍तीफा दे चुके हैं।

स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला: अब बिना ग्राहक की मंजूरी भी बदले जाएंगे बिजली मीटर, जानिए GERC लोकपाल ने क्या कहा

GERC big decision on smart meter

गुजरात इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (GERC) के बिजली लोकपाल ने स्मार्ट मीटर विवाद को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस फैसले के अनुसार, अब बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ग्राहकों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने या पुराने मीटर बदलने के लिए ग्राहकों की पूर्व सहमति लेना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। बिजली लोकपाल के इस स्पष्ट रुख के बाद स्मार्ट मीटर को लेकर राज्य भर में चल रही गलतफहमियों और विवादों पर विराम लग गया है। इस फैसले को उपभोक्ताओं और बिजली कंपनियों दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

 

पुराना मीटर दोबारा लगाने की मांग कानूनी रूप से अमान्य

बिजली लोकपाल ने अपने फैसले में साफ किया है कि यदि बिजली कंपनियां नियमों के मुताबिक स्मार्ट मीटर लगाने का काम करती हैं, तो इसके लिए ग्राहक की लिखित या मौखिक मंजूरी की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही ग्राहकों के लिए एक जरूरी बात यह भी स्पष्ट की गई है कि एक बार स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद, पुराना मीटर वापस लगाने की ग्राहक की किसी भी मांग को कानूनी रूप से मान्य नहीं माना जाएगा।

 

पर्याप्त सबूतों के अभाव में अर्जी खारिज

यह फैसला वडोदरा के प्रतापनगर इलाके के निवासी महेंद्र पटेल द्वारा दायर एक याचिका के संदर्भ में आया है। याचिकाकर्ता ने स्मार्ट मीटर को लेकर कई आपत्तियां जताई थीं, लेकिन बिजली लोकपाल ने पाया कि याचिकाकर्ता स्मार्ट मीटर में किसी भी तकनीकी खामी, रीडिंग में गड़बड़ी या गलत बिलिंग के संबंध में कोई ठोस और पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सके। केवल आशंकाओं के आधार पर पुराना मीटर वापस लगाने का कोई कानूनी आधार न होने के कारण उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया गया है।

 

उपलब्ध रहेगा 'थर्ड पार्टी टेस्टिंग' का विकल्प

इस फैसले में ग्राहकों के हितों का ध्यान रखते हुए कहा गया है कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर की सटीकता या बिलिंग को लेकर कोई संदेह है, तो उसके समाधान के लिए कानूनी व्यवस्था पहले से मौजूद है। ग्राहक केवल आशंका के आधार पर मीटर को खरा बताने के बजाय, तय प्रक्रिया के तहत स्मार्ट मीटर की 'थर्ड पार्टी टेस्टिंग' (तीसरे पक्ष से जांच) करवा सकते हैं। इस निष्पक्ष तकनीकी जांच के जरिए मीटर की सटीकता को परखा जा सकेगा, जो भविष्य में ऐसे विवादों के निपटारे के लिए मार्गदर्शक बनेगी।

 

मध्यप्रदेश में इसी महीने में लागू होगी UCC, श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर CM डॉ. मोहन यादव का एलान

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। सीएम डॉ. यादव ने भोपाल में लालघाटी पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हमारी यादों में बसे हुए हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश भी उन गौरवशाली राज्यों में शामिल हो रहा है, जहां एक संविधान लागू है। डॉ. मुखर्जी ने आजादी के समय बनने वाले संविधान के अंदर की कमी को परिलक्षित करते हुए कहा था कि देश एक निशान-एक प्रधान-एक विधान से चलना चाहिए। मध्यप्रदेश भी इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की ओर बढ़ रहा है। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वह सब करने जा रहा है, जो देश के लिए जरूरी है। उनके नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। डॉ. मुखर्जी के उदात्त विचार को लेकर हम औद्योगिकीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। हम हर वर्ग के जीवन में कल्याण करने की तरफ बढ़ रहे हैं। डॉ. मुखर्जी जिस प्रकार के भारत की कल्पना करते थे, हम वह राष्ट्र बनाने की ओर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश ने पहली बार डिफेंस के सेक्टर में स्वर्णिम इतिहास लिखा है। अब हमारे प्रदेश के अंदर तमाम प्रकार के रक्षा उत्पाद बनेंगे। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश को सर्वांगीण रूप से सशक्त करते हुए, सक्षम करते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ेंगे। 

 

एमपी में बेरोजगारी की दर सबसे कम-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मैं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती को सार्थक करते हुए सतगढ़ी में बहुत बड़े इंडस्ट्रियल पार्क का उद्घाटन करूंगा। इस पार्क में रहना, खाना, आराम करना, रोजगार पाना समग्र रूप से सुगम होगा। भोपाल बदलते समय में एक समृद्धशाली आर्थिक राजधानी बनने जा रहा है। विकास की आधारशिला रखने के लिए डॉ. मुखर्जी की जयंती से बड़ा दिन और कौन सा हो सकता है। मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कंवेंशन सेंटर भोपाल में बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया के अतिथि भारत आते हैं और सहजता से सारे कार्यक्रम संपन्न होते हैं। इसलिए अच्छे कामों के संकल्प के लिए हम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास भी कंवेंशन सेंटर बना रहे हैं। इसमें 5 हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी। जबकि, सतगढ़ी का कंवेंशन सेंटर 10 से 15 हजार लोगों की बैठक क्षमता वाला होगा। आज मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश वो स्थान है, जहां बेरोजगारी की दर सबसे कम है। प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

झारखंड सरकार ने जारी किया टेक्सटाइल और फुटवियर नीति-2026 का ड्राफ्ट, जनता से मांगे सुझाव

Jharkhand CM hemant soren

झारखंड सरकार ने वस्त्र, परिधान एवं फुटवियर नीति 2026 के ड्राफ्ट जारी कर दिया है और इस संबंध में आम लोगों से राय मांगी गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 8 और 9 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में राज्य का डिजिटल रोडमैप प्रस्तुत करेंगे।

 

उद्योग निदेशालय ने झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति 2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (JIIPP) 2026 के ड्राफ्ट जारी कर दिए हैं। इन नीतियों पर सरकार ने हितधारकों, उद्योग विशेषज्ञों और आम जनता से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। सरकार का उद्देश्य इन नीतियों को आधुनिक औद्योगिक मानकों के अनुरूप बनाते हुए राज्य में घरेलू और वैश्विक निवेश आकर्षित करना है।

 

झारखंड सीएमओ ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, झारखंड वस्त्र, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 (प्रारूप) अब सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी कर दी गई है।

हम सभी हितधारकों से आग्रह करते हैं कि वे अपने सुझाव और प्रतिक्रिया साझा करें, ताकि झारखंड में वस्त्र आधारित मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा सके और नए रोजगार एवं निवेश के अवसर सृजित किए जा सकें।

 

ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे अंतिम कैबिनेट मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों को शामिल कर नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

जेडी वेंस को नेतन्याहू का करारा जवाब- मेरे पास भारत जैसा मजबूत दोस्त

Benjamin Netanyahu answer to JD Vence

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस को जवाब देते हुए कहा कि इजराइल के भारत सहित कई देशों के साथ इजराइल के मजबूत और सकारात्मक संबंध हैं। उन्हें भारत से व्यापक जनसमर्थन भी मिलता है। वेंस ने कहा था कि अमेरिका ही दुनिया में इजराइल का एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी है। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार

 

फॉक्स न्यूज के एक शो में नेतन्याहू से जेडी वेंस के बयान पर प्रतिक्रिया पूछी गई जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने वॉशिंगटन को यरुशलम का सबसे करीबी सहयोगी बताया था। वेंस ने इसके साथ ही इजरायली कैबिनेट को ईरान के साथ शांति समझौते की आलोचना करने के बजाय इसका समर्थन करने की सलाह दी थी।

 

भारत से मिलता है जबरदस्त समर्थन

इस पर नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के अलावा भी इजरायल के दोस्त हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारे पास कुछ दूसरे दोस्त भी हैं, जैसे कि छोटा सा देश भारत है। इसकी 1.4 अरब की आबादी है और हमें वहां जबरदस्त समर्थन मिलता है। उन्हें सोशल मीडिया पर भारत के लोगों से बहुत सारे सपोर्ट वाले मैसेज मिलते हैं।

 

इजरायली नेता ने यह माना कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ उनके अच्छे संबंध हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका मतलब हर बात पर सहमति नहीं होता है। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ किसी तरह के मतभेद से भी इनकार किया। ALSO READ: उन्हें पता है बॉस कौन है, नेतन्याहू पर ट्रंप का बड़ा बयान, व्हाइट हाउस में जल्द हो सकती है मुलाकात

 

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते से इजराइल खुश नहीं है। इस समझौते की शर्तों में लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियान को रोकना भी शामिल है।

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?

Ayodhya Ram Mandir

अयोध्या में आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की अहम बैठक होने जा रही है। मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में ट्रस्ट से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में सभी 14 ट्रस्टियों को बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। ALSO READ: कहां गई 5 करोड़ की 'सोने की रामचरितमानस'? 'महाग्रंथ' गायब होने पर अयोध्या में बवाल, केजरीवाल ने कहा- महापाप

 

राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में आज दोपहर 3 बजे राम मंदिर परिसर में आयोजित होगी।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने सभी ट्रस्टियों को बैठक की जानकारी दी है। ट्रस्ट के सभी 14 ट्रस्टियों को बैठक की सूचना के साथ ही औपचारिक निमंत्रण भेज दिया गया है। ट्रस्ट को उम्मीद है कि सभी सदस्य बैठक में शामिल होंगे।

 

बैठक में कौन-कौन शामिल हो सकता है?

निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की बैठक में शामिल होंगे। शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, परमानंद जी महाराज, कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी, सदस्य कृष्ण मोहन, सदस्य दिनेंद्र दास, विश्व तीर्थ प्रपन्नाचार्य जी महाराज और राम मंदिर ट्रस्ट के वयोवृद्ध सदस्य भी बैठक में शामिल होंगे। भारत सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे और प्रदेश सरकार से प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होंगे। ALSO READ: राम मंदिर ट्रस्ट में कौन-कौन शामिल हैं? जानिए सभी सदस्यों के नाम और उनके अधिकार

 

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम फैसला हो सकता है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट, वित्तीय दस्तावेज, नई प्रशासनिक व्यवस्था और सीईओ की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। बैठक में एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, वित्त वर्ष 2025-26 की आडिट रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।

 

LIVE: मुंबई में हाईटाइड की चेतावनी, मुंबई पुणे के बीच यातायात ठप

mumbai hide tide alert

Latest News Today Live Updates in Hindi : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भारी बारिश का दौर जारी है। मुंबई के मानखुर्द में 6 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी…

-फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में नॉर्वे ने 5 बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया और पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

-स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालंद ने 79वें और 90वें मिनट में दो शानदार गोल दागकर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। ब्राजील के लिए एकमात्र गोल नेमार जूनियर ने किया।

-मुंबई के नालासोपारा में रेलवे स्टेशन पर पानी भरा। मौसम विभाग ने मुंबई में हाईटाइड की चेतावनी दी। 

-भारी बारिश के कारण पिंपरी-चिंचवड़ के कई इलाकों में जलभराव देखा गया।

-शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट के पास जलभराव हो गया है और कई मंदिर पानी में डूब गए हैं।

पुणे ट्रैफिक के पुलिस अधीक्षक शिवाजी पवार ने कहा, लैंडस्लाइड की वजह से पुणे से मुंबई जाने का रास्ता बंद है। मुंबई से पुणे की लेन चल रही है। उसमें दिक्कत नहीं है। ट्रैफिक धीरे-धीरे चल रहा है। हमारी लोगों से अपील है कि पुणे से मुंबई जाने वाली अपनी यात्रा स्थगित कर दें। जैसे ही रास्ता साफ हो जाएगा तब प्रशासन की ओर से जानकारी दी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के जकार्ता के लिए रवाना हुए। पीएम मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की तीन देशों की यात्रा पर जा रहे हैं। मोदी अम्‍मान, अदीस अबाबा और मस्कट में भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे।

नया रक्षा बैंक क्यों बनाना चाहता है नाटो का सदस्य कनाडा

canada PM mark carney

ओंकार सिंह जनौटी

रूस का खतरा, ट्रंप का खराब मूड और बढ़ती रक्षा जरूरतें। इन चुनौतियों के बीच कनाडा 133 अरब डॉलर का एक वैश्विक रक्षा बैंक शुरू करना चाहता है। नाटो शिखर सम्मेलन में इसकी पहली परीक्षा होगी। ALSO READ: जर्मनी में बड़े टैक्स, श्रम और पेंशन सुधारों को मिली मंजूरी

 

कनाडा, 7-8 जुलाई को तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में एक नई पहल की घोषणा करना चाहता है। इसका मकसद सहयोगी देशों की रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए सस्ती वित्तीय मदद जुटाना है। कनाडा की योजना एक वैश्विक रक्षा बैंक बनाने की है। इसका नाम 'डिफेंस, सिक्योरिटी एंड रेजिलिएंस बैंक' यानी DSRB रखा गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी इस परियोजना को ऐसे समय आगे बढ़ा रहे हैं, जब अमेरिकी नेतृत्व वाली पारंपरिक वैश्विक व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। कार्नी जोर देते हुए कह रहे हैं कि मध्यम शक्तियों वाले देशों को मिलकर नई साझेदारियां बनानी चाहिए।

 

इस पहल के लिए कनाडा की प्रमुख वार्ताकार इसाबेल हुडों ने कहा कि अगले सप्ताह होने वाला नाटो सम्मेलन एक अहम पड़ाव है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स से हुडों ने कहा, “हम संस्थापक सदस्य देशों की लिस्ट घोषित करना चाहते हैं।” कनाडा को उम्मीद है कि शुरुआत में करीब 10 देश इससे जुड़ेंगे। हुडों के मुताबिक शुरुआती सदस्य देशों में कनाडा व ज्यादातर यूरोपीय देश होंगे। हालांकि उन्होंने इन देशों के नाम नहीं बताए। हुडों कहा कि अंतिम घोषणा अब भी बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल निवेश को लेकर बातचीत जारी है।

 

133 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य

इस बैंक का उद्देश्य सहयोगी देशों की सुरक्षा मजबूत करना है। इसके लिए करीब 100 अरब पाउंड यानी 133 अरब डॉलर तक की सस्ती वित्तीय व्यवस्था बनाने की योजना है। हुडों ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्नी, शुरुआत में पूर्णता के बजाए रफ्तार पर जोर दे रहे हैं। ALSO READ: सच्ची मुहब्बत के नाम पर कैसे दुनिया को ठग रहे हैं स्कैमर्स

 

अब तक सार्वजनिक रूप से केवल यूरोपीय देश लक्जमबर्ग ने इस पहल का समर्थन किया है। लक्जमबर्क चाहता है कि वह बैंक का यूरोपीय केंद्र बने। पहल की प्रमुख वार्ताकार हुडों के मुताबिक दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत सकारात्मक रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सोल के शामिल होने की संभावना 50-50 है। फिलहाल अन्य जी7 देशों के जुड़ने की संभावना कम नजर आ रही है।

 

कौन कौन शामिल हो सकता है इस प्रोजेक्ट में

ब्रिटेन स्थित दुनिया के सबसे पुराने रक्षा थिंक टैंक, रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट के विश्लेषक लिनस टेरहॉर्स्ट का कहना है कि तुर्की का शिखर सम्मेलन इस परियोजना की असली परीक्षा होगा। उनके मुताबिक इस पहल को यूरोप की अन्य रक्षा परियोजनाओं से भी मुकाबला करना है। इनमें यूरोपीय संघ का सेफ कार्यक्रम भी शामिल है।

 

ब्रिटेन अब तक इस बैंक में शामिल होने से बचता रहा है। वह नीदरलैंड्स और फिनलैंड के साथ अपनी अलग सिक्योरिटी फाइनेंस योजना (MDM) पर काम कर रहा है। हालांकि दोनों परियोजनियों को जोड़ने की संभावना पर बातचीत हुई है। कार्नी ने कहा कि वह नए ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा करना चाहते हैं। शुरुआत में दूरी बनाने वाला जर्मनी भी अब पर्यवेक्षक के रूप में बातचीत में शामिल हो चुका है और प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।

 

रॉयटर्स ने कई सूत्रों के हवाले से कहा है कि इटली, स्पेन, तुर्की, बेल्जियम और यूक्रेन भी इस योजना में दिलचस्पी ले रहे हैं। नाटो शिखर सम्मेलन के मेजबान तुर्की ने इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि अंकारा भी इस पर नजर बनाए हुए है। वहीं नीदरलैंड्स ने साफ कर दिया है कि वह इस परियोजना में शामिल नहीं होगा। 

 

नाटो के भीतर बढ़ती खटपट

DSRB का विचार 2024 में नाटो के पूर्व सलाहकारों, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और बैंकरों के एक समूह ने पेश किया था। हाल के बरसों में यूक्रेन युद्ध, रूस के साथ तनाव और चीन की बढ़ती सैन्य ताकत ने पश्चिमी देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने का दबाव डाल दिया है। नाटो में सबसे बड़ी फौज और सबसे ज्यादा पैसा खर्च करने वाला देश अमेरिका, बाकी सदस्य देशों से कम खर्च से चिढ़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नाराजगी के कारण जून 2025 में नाटो ने फैसला किया कि सदस्य देश 2035 तक अपनी जडीपी का 5 फीसदी हिस्सा, रक्षा और सुरक्षा पर खर्च करेंगे।

 

नाटो के अधिकारियों को चिंता है कि अंकारा के सम्मेलन में ईरान युद्ध का मुद्दा हावी हो सकता है। ट्रंप, नाटो के यूरोपीय सदस्यों पर ईरान युद्ध में साथ न देने का आरोप लगाते हैं। ट्रंप नाटो को “कागजी शेर” तक कहने के साथ ही गठबंधन छोड़ने की धमकी भी दे चुके हैं। वहीं यूरोपीय देश ट्रंप की कारोबारी नीतियों और ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकियों से मायूसी झेल चुके हैं। 2025 का नाटो शिखर सम्मेलन में ग्रीनलैंड विवाद काफी हद तक थाया रहा। ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

 

अमेरिका और यूरोपीय देशों के नजरिए में बड़ा अंतर

नाटो के यूरोपीय नेता अब भी रूस को सबसे बड़े खतरे के रूप में देखते हैं। नाटो महासचिव मार्क रुटे ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि रूस अपने सरकारी बजट का लगभग 50 फीसदी हिस्सा रक्षा पर खर्च कर रहा है। उन्होंने कहा कि नाटो को मॉस्को को लेकर गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। हाल ही में नीदरलैंड्स की खुफिया एजेंसी ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि यूक्रेन खत्म होने के बाद, रूस साल भर के भीतर किसी नाटो देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

 

दूसरी तरफ ट्रंप चाहते हैं कि यूरोपीय देश अब अपनी रक्षा का बड़ा हिस्सा खुद संभालें। वह अमेरिका का पूरा ध्यान चीन व हिंद-प्रशांत क्षेत्र  पर लगाना चाहते हैं। इससे जुड़े कुछ बदलाव शुरू भी हो चुके हैं। मसलन, अमेरिका ने संकट की स्थिति में नाटो को उपलब्ध सैन्य संसाधनों का दायरा कम करने का फैसला किया है। वॉशिंगटन, जर्मनी में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या में पांच हजार की कटौती करने का एलान भी कर चुका है। अब तक अमेरिका की सुरक्षा गारंटी में रहे यूरोपीय देशों को इन अमेरिकी कदमों से घबराहट हो रही है।

 

अटलांटिक महासागर के आर पार बसे सहयोगियों के बदलते नजरिए के बीच यूरोपीय देश चाहते हैं कि नाटो, चार साल से भी ज्यादा समय से रूसी हमले का सामना कर रहे यूक्रेन की और ज्यादा मदद करे। वहीं ट्रंप यूक्रेन की और ज्यादा मदद करने में मूड में नहीं दिखते हैं।

 

इन समीकरणों के बीच अंकारा शिखर सम्मेलन में सिर्फ एक नए रक्षा बैंक का भविष्य तय होगा, बल्कि इस बार का सम्मेलन, नाटो की एकता, यूरोप की रक्षा क्षमता और अमेरिका के साथ उसके रिश्तों का भी इम्तिहान लेगा।