Donald Trump : खामेनेई के अंतिम संस्कार पर ट्रंप का विवादित बयान, कहा- ‘सब एक जगह थे, लेकिन हमला नहीं किया’, हो सकता है कि ये आंसू भी नकली हों

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अंतिम संस्कार के दौरान ईरान का शीर्ष नेतृत्व एक ही स्थान पर मौजूद था और यदि अमेरिका चाहता तो सैन्य कार्रवाई कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया क्योंकि कूटनीतिक बातचीत जारी है। अमेरिकी मीडिया संस्थान Axios को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “वे सभी एक ही जगह पर थे। एक ही वार में हम सबको खत्म कर सकते थे, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचता।”

शोक मनाने वालों पर भी की टिप्पणी

ट्रंप ने तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि बड़ी संख्या में लोग खामेनेई के लिए शोक व्यक्त कर रहे थे, क्योंकि उनके अनुसार ईरान में कई लोग उनके विरोधी थे। ट्रंप ने कहा, “हो सकता है कि ये आंसू भी नकली हों।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है और “समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहा है।”

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एक सप्ताह तक बातचीत और सैन्य कार्रवाई पर विराम

ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्षों ने अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों के समाप्त होने तक एक सप्ताह के लिए वार्ता रोकने पर सहमति बनाई है। उनके अनुसार, इस अवधि में कोई भी पक्ष सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा।

ईरान ने दिया कड़ा जवाब

ट्रंप के बयान पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। आर्मेनिया में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “आप इन बातों को नहीं समझ सकते, क्योंकि आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान।” ईरान की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब देश में पिछले कई महीनों से जारी तनाव और संघर्ष के बाद राजनीतिक हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

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तेहरान में उमड़ी हजारों लोगों की भीड़

शनिवार को तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में हजारों लोग शामिल हुए। काले कपड़े पहने शोकाकुल लोगों ने ईरानी झंडे लहराए और अयातुल्ला अली खामेनेई तथा उनके पुत्र एवं उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई की तस्वीरें हाथों में लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

पूर्व सर्वोच्च नेता और उनके परिवार के सदस्यों के ताबूत भी अंतिम दर्शन के लिए रखे गए। यह अंतिम संस्कार ईरान सरकार द्वारा आयोजित सप्ताहभर चलने वाले राजकीय श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का हिस्सा है, जिसे इस्लामिक गणराज्य और उसके नेतृत्व के प्रति जनता की निष्ठा के प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

उन्हें पता है बॉस कौन है, नेतन्याहू पर ट्रंप का बड़ा बयान, व्हाइट हाउस में जल्द हो सकती है मुलाकात

trump and netanyahu

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में उनसे मुलाकात का अनुरोध किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बैठक अगले सप्ताह या उसके तुरंत बाद हो सकती है। यदि यह मुलाकात होती है तो फरवरी में हुई पिछली बैठक के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की बातचीत होगी।

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ट्रंप बोले- 'उन्हें पता है बॉस कौन है'

Axios को दिए एक संक्षिप्त टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनके और नेतन्याहू के बीच अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा, “हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। नेतन्याहू जानते हैं कि बॉस कौन है।” ट्रंप का यह बयान दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

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NATO शिखर सम्मेलन के बाद हो सकती है बैठक

 

एक इजरायली अधिकारी के अनुसार, ट्रंप 7-8 जुलाई को होने वाले NATO शिखर सम्मेलन के लिए तुर्किये की यात्रा पर रहेंगे। ऐसे में अगले सप्ताह बैठक होना मुश्किल हो सकता है और यह मुलाकात उसके अगले सप्ताह आयोजित की जा सकती है।

 

चुनाव से पहले नेतन्याहू के लिए अहम होगी मुलाकात

 

यदि यह बैठक होती है तो इसका राजनीतिक महत्व भी होगा। इजरायल में अक्टूबर में प्रस्तावित आम चुनाव से पहले व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात नेतन्याहू के लिए बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि मानी जा सकती है। हालिया जनमत सर्वेक्षणों में नेतन्याहू अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे बताए जा रहे हैं।

 

अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर ट्रंप को दी बधाई

 

इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, नेतन्याहू ने शुक्रवार को ट्रंप को अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर फोन कर शुभकामनाएं दीं। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिका और इजरायल के मजबूत संबंधों पर चर्चा की और जल्द ही अमेरिका में मुलाकात करने पर सहमति जताई।

 

ट्रंप के करीबी सलाहकारों में बढ़ी नाराजगी

 

रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी में हुई पिछली बैठक के बाद ट्रंप के कई करीबी सलाहकार नेतन्याहू की नीतियों को लेकर असहमत हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि ट्रंप के कई सहयोगियों का मानना है कि क्षेत्रीय मुद्दों पर नेतन्याहू के कई फैसले गलत रहे हैं।

 

लेबनान और ईरान को लेकर बढ़े मतभेद

 

पिछले महीने ट्रंप ने कथित तौर पर लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर नेतन्याहू की आलोचना की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री को “बहुत आक्रामक” बताते हुए उनकी नीतियों पर नाराजगी जताई थी।

 

हाल के महीनों में ईरान, क्षेत्रीय सुरक्षा और घरेलू राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद बढ़े हैं। इसके बावजूद ट्रंप ने पिछले महीने ईरान के साथ युद्धविराम को आगे बढ़ाने और नए परमाणु वार्ता प्रयासों से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए। साथ ही उन्होंने नेतन्याहू से लेबनान में सैन्य अभियान सीमित करने और दक्षिणी लेबनान से चरणबद्ध वापसी के प्रस्ताव का समर्थन करने का भी आग्रह किया।

गुजरात के साणंद में 7,500 रुपए करोड़ के CG Semi सेमीकंडक्टर प्लांट से उत्पादन शुरू, जापान-मलेशिया को होगा चिप्स निर्यात

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गुजरात के साणंद ने देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। CG Semi के 7,500 रुपए करोड़ के मेगा OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) प्लांट में आज व्यावसायिक उत्पादन का आधिकारिक शुभारंभ हो गया। महज 5 महीनों के रिकॉर्ड समय में तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट में उत्पादन शुरू होना 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

 

इस अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में इस परियोजना को देश के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

 

सालाना 20 करोड़ चिप्स का उत्पादन, लक्ष्य 500 करोड़ का

 

साणंद स्थित यह प्लांट हर वर्ष लगभग 20 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करने की क्षमता रखता है। कंपनी ने भविष्य में इस क्षमता को बढ़ाकर 500 करोड़ चिप्स प्रति वर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

 

जापान और मलेशिया को शुरू हुआ निर्यात

 

इस प्लांट में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स का उपयोग ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में किया जाएगा। यहां तैयार हुई पहली खेप की चिप्स का निर्यात जापान और मलेशिया जैसे देशों में शुरू हो चुका है, जिससे भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है।

5 हजार से अधिक रोजगार के अवसर

 

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से अगले पांच वर्षों में लगभग 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार और करियर के नए अवसर मिलेंगे।

भारत का नया सेमीकंडक्टर हब बन रहा है साणंद

 

अब तक ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए प्रसिद्ध साणंद तेजी से देश के प्रमुख सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। इस नए प्लांट के शुरू होने से गुजरात हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के क्षेत्र में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर रहा है।

दिल्ली में झारखंड का डिजिटल विजन पेश करेंगे CM हेमंत सोरेन, AI पॉलिसी और रांची IT पार्क पर रहेगा फोकस

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में झारखंड का डिजिटल रोडमैप प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान राज्य की सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल गवर्नेंस और आईटी निवेश से जुड़ी भावी रणनीति देश-विदेश की प्रमुख टेक कंपनियों और नीति-निर्माताओं के सामने रखी जाएगी। सरकार का उद्देश्य झारखंड को एआई आधारित सुशासन, डिजिटल नवाचार और आईटी निवेश के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।

दो दिवसीय कार्यक्रम में करीब 100 अग्रणी टेक और आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। इस दौरान पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर रांची आईटी पार्क को निवेश परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग 100.97 एकड़ में विकसित होने वाला यह आईटी पार्क राजधानी के कोर कैपिटल एरिया में आईआईएम रांची और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निकट स्थित है।

सरकार झारखंड आईटी नीति-2023 के तहत 50 प्रतिशत पूंजीगत निवेश प्रतिपूर्ति, 100 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट और 100 प्रतिशत विद्युत शुल्क छूट जैसी प्रोत्साहन योजनाओं की भी जानकारी निवेशकों को देगी। वर्ष 2026-31 के लिए प्रस्तावित ड्राफ्ट एआई पॉलिसी-2026 पर भी प्रमुख हितधारकों के साथ विचार-विमर्श होगा।

प्रस्तावित नीति में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेट एआई मिशन के गठन, जेएपी-आईटी को नोडल एजेंसी बनाने तथा इंडियाएआई के साथ इंटरऑपरेबल झारखंड एआई क्लाउड विकसित करने का प्रस्ताव शामिल है। साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों में एआई आधारित सेवाओं के विस्तार की रूपरेखा भी प्रस्तुत की जाएगी।

उत्तराखंड में शिक्षा और कौशल विकास को बड़ा बढ़ावा, CM धामी ने ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के नए एकेडमिक ब्लॉक का किया लोकार्पण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल में स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के नवनिर्मित एकेडमिक ब्लॉक और अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना का भी शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों और ग्राफिक एरा कौशल छात्रवृत्ति योजना के तहत निःशुल्क सर्टिफिकेट कोर्स कर रहे छात्रों को सम्मानित भी किया। 

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का फोकस कौशल विकास, नवाचार और रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने पर है, ताकि युवाओं को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

 

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भीमताल में आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलाव और सरकार की नई शिक्षा नीति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Pakistan के 23 आतंकियों पर मोदी सरकार का बड़ा ‘प्रहार’, UAPA के तहत जारी हुई नई List

Terrorists

मोदी सरकार ने भारत के खिलाफ सक्रिय पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 23 आतंकियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया है। यह कदम सरकार की “प्रहार” रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत के खिलाफ उभरते और बदलते आतंकवादी खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करना है।

 

जारी सूची में शामिल 23 आतंकियों में 13 लाहौर स्थित लश्कर-ए-तैयबा नेटवर्क से जुड़े हैं, जबकि 10 बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित हैं। इनमें 16 पाकिस्तान के नागरिक हैं, जबकि सात भारतीय मूल के ऐसे आतंकी हैं जो पाकिस्तान से भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।

सरकार का कहना है कि हाल ही में भारत के कूटनीतिक प्रयासों के बाद अमेरिका ने 18 जुलाई 2025 को लश्कर के मुखौटा संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)' को विदेशी आतंकवादी संगठन और वैश्विक आतंकवादी समूह घोषित किया था। केंद्र सरकार के अनुसार, नई सूची का उद्देश्य आतंकवाद के लिए कट्टरपंथ, भर्ती और सीमा पार घुसपैठ को रोकना है। साथ ही यह संदेश देना भी है कि भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कायम है और आतंकवादी नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इन सभी के खिलाफ विभिन्न मामलों में गिरफ्तारी वारंट और आतंकवाद से जुड़े कई मामलों की जांच लंबित है।

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सूची में शामिल आतंकी केवल हमलों की साजिश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आतंकवादी संगठनों के लिए प्रचार, भर्ती, प्रशिक्षण, हथियारों की तस्करी, घुसपैठ और सीमा पार आतंकियों को भारत भेजने जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

 

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नामित आतंकियों में सैफुल्लाह खालिद प्रमुख है, जिसे अमेरिका पहले ही वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है। वह लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ माना जाता है। वहीं हाफिज अब्दुर रऊफ भी इस सूची में शामिल है। वह 7 मई 2025 को भारत द्वारा आतंकवादी ठिकानों पर चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” में मारे गए आतंकियों के जनाजे का नेतृत्व करता दिखाई दिया था। अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा रऊफ लश्कर के मुरीदके कैंप में पाकिस्तान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी देखा गया था।

 

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नामित आतंकियों में मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, जिसे कश्मीर ऑपरेशन का प्रमुख कमांडर बताया जाता है, और मसूद इलियास कश्मीरी शामिल हैं। मसूद इलियास कश्मीरी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश का प्रमुख माना जाता है और संगठन की भर्ती तथा सोशल मीडिया गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह अप्रैल 2022 के सुनजवां आतंकी हमले के प्रमुख आरोपियों में भी शामिल है।

 

सरकार के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के कई कमांडर सुरंगों और ड्रोन के माध्यम से आतंकियों, हथियारों और गोला-बारूद की भारत में घुसपैठ कराने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इनमें अब्दुल्ला जेहादी, मोहम्मद मुसद्दिक और वसीम नूर जैसे नाम शामिल हैं। आतंकी संगठनों के लिए युवाओं की भर्ती भी एक प्रमुख रणनीति बनी हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों के युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जाता है। 

लोक गायिका तीजन बाई का निधन, AIIMS रायपुर में ली अंतिम सांस

छत्तीसगढ़ की लोकगायन परंपरा की अमर आवाज और पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं तीजन बाई के निधन से लोककला जगत ने अपनी सबसे बुलंद आवाज खो दी। रायपुर के एम्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

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पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण से सम्मानित

भारतीय लोक कला में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। तीजन बाई ने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली अभिनय और अनोखी प्रस्तुति शैली सेपंडवानी को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक नई पहचान दिलाई। महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत करने की उनकी कला ने उन्हें भारतीय लोक संस्कृति की सबसे प्रतिष्ठित कलाकारों में शामिल किया।

Mumbai Rain : मुंबई में मानसून का कहर, 3 दिन में जुलाई की आधी से ज्यादा बारिश, कई इलाकों में भारी जलभराव

mumbai rain

जून महीने में कम बारिश और मानसून की देरी के बाद जुलाई की शुरुआत मुंबई के लिए बेहद भारी बारिश लेकर आई है। पिछले तीन दिनों (1 जुलाई से 4 जुलाई की सुबह तक) में मुंबई में जुलाई महीने की औसत बारिश का आधे से अधिक हिस्सा रिकॉर्ड किया गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के कई इलाकों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित हुआ है।

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 1 जुलाई से 4 जुलाई की सुबह तक सांताक्रूज वेधशाला में 512 मिमी और कोलाबा वेधशाला में 430 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह जुलाई महीने की औसत वर्षा का लगभग 55 प्रतिशत है।

 

आमतौर पर जुलाई मुंबई का सबसे अधिक बारिश वाला महीना होता है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, सांताक्रूज में जुलाई की औसत वर्षा 919.9 मिमी और कोलाबा में 768.5 मिमी रहती है। इसके विपरीत जून में उपनगरों में केवल 416 मिमी बारिश हुई थी, जिससे शहर में लगभग 25 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई थी।

हालांकि जुलाई के पहले चार दिनों की तेज बारिश ने इस कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है। 23 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के बाद से सांताक्रूज में कुल 927 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो सामान्य मौसमी औसत से 36 प्रतिशत अधिक है।

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के पीछे कई सक्रिय मौसमी प्रणालियां जिम्मेदार हैं। इनमें बंगाल की खाड़ी में बना गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र, जो 3 जुलाई को और मजबूत हुआ, प्रमुख कारण माना जा रहा है।

 

शनिवार सुबह समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में सांताक्रूज में 110 मिमी और कोलाबा में 90 मिमी बारिश दर्ज की गई। शहर के विभिन्न इलाकों में बांद्रा में सबसे अधिक 151 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा पाली हिल और घाटकोपर में 143-143 मिमी, जी साउथ वार्ड में 141 मिमी, सायन में 135 मिमी, चेंबूर में 127 मिमी और मानखुर्द में 124 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

 

मुंबई के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी भारी बारिश का दौर जारी है। नवी मुंबई के ऐरोली में पिछले 24 घंटों के दौरान 102 मिमी, दिघा में 86 मिमी और बेलापुर में 85 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जून-जुलाई अवधि के दौरान पूरे क्षेत्र में अब तक कुल 809.45 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

किसानों की डिजिटल पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा यूपी, लक्ष्य का 82.69 फीसदी कार्य हुआ पूरा

Uttar Pradesh is rapidly moving towards digital identification of farmers

– योगी सरकार ने गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया पूर्ण

– फार्मर रजिस्ट्री में 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण, लक्ष्य का 82.69% कार्य पूरा

– योगी सरकार ने तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के लिए बढ़ाई रफ्तार

Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है। यूपी के गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो गया है। प्रदेश सरकार की सक्रिय पहल के चलते अब तक 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है।

   
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान प्रगति के अनुसार अब तक 2, 38,72,418 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जबकि लगभग 49,98,007 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है।

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योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगले 90 दिनों यानी 26 सितंबर 2026 तक लक्ष्य पूरा करना है।

   
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.53 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।

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विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी।

 
योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी इसी व्यापक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

योगी सरकार का बड़ा अभियान, विद्यालयों में होगा सर्वांगीण विकास कार्यक्रम, डिजिटल शिक्षा पर रहेगा जोर

– दस्तक अभियान, सड़क सुरक्षा, राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, करियर काउंसिलिंग और जनजागरूकता गतिविधियों से समृद्ध होगा विद्यालयी वातावरण

– यूनिट टेस्ट, बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया, आईसीटी प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति और प्रवेश संबंधी कार्यों को मिलेगी गति

– 'एक भारत श्रेष्ठ भारत', स्काउट-गाइड, अभिभावक-शिक्षक सहभागिता और डिजिटल शिक्षा को मिलेगी नई गति

– योगी सरकार शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के लिए चलाएगी गतिविधियों का व्यापक अभियान

Uttar Pradesh News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बना रही है। इसी सोच के अनुरूप जुलाई में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया, सतत मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सांस्कृतिक गतिविधियों और करियर मार्गदर्शन का व्यापक अभियान चलेगा।

 

शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पूरे माह संचालित होने वाली गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है। नियमित शिक्षण के साथ सीखने की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और व्यावहारिक कौशल को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।

 

जुलाई में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान, वन महोत्सव, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तथा करियर काउंसिलिंग (साइकोमेट्रिक टेस्ट) जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, सामाजिक दायित्व और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा।

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नियमित पढ़ाई के साथ आगे बढ़ेगी बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया

जुलाई में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित शिक्षण कार्य जारी रहेगा। कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश संबंधी कार्य पूरे किए जाएंगे। कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों के विवरण का मिलान कर बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि कक्षा 11 के विद्यार्थियों का पंचम पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन भी कराए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

 

यूनिट टेस्ट से होगी सीखने की प्रगति की समीक्षा

कक्षा 9 से 12 तक जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रथम यूनिट टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसमें मई माह के गृहकार्य का मूल्यांकन तथा अप्रैल से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

कक्षा के बाहर भी सीखने के मिलेंगे अवसर

जुलाई माह में अभिभावक-शिक्षक संघ की सामान्य सभा एवं कार्यकारिणी का गठन कराया जाएगा। 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को अरुणाचल प्रदेश और मेघालय की संस्कृति, लोककला और परंपराओं से परिचित कराया जाएगा। स्काउट-गाइड गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ विद्यालयों में योग, खेलकूद, प्रार्थना सभा आधारित प्रेरक कार्यक्रम तथा डिजिटल शिक्षण गतिविधियों का भी आयोजन होगा। इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सामाजिक सहभागिता का विकास होगा।

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निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि जुलाई का शैक्षणिक कैलेंडर विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नियमित पढ़ाई के साथ मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण, करियर मार्गदर्शन और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को समान महत्व दिया गया है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यालय, कैलेंडर का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कौशल और अवसर भी प्राप्त हों।