PM मोदी आज गुजरात में करेंगे 7,500 करोड़ के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन

narendra modi gujarat visit

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 4 जुलाई 2026 को गुजरात के दौरे पर आ रहे हैं। अपने दिन की शुरुआत वे राजस्थान से करेंगे, जबकि शाम को गुजरात के साणंद में देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण 'CG SEMI आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट' (OSAT) फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे। शाम करीब 4:30 बजे वे इस अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर सुविधा का लोकार्पण करेंगे और इस अवसर पर उपस्थित जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

गौरतलब है कि साणंद में अब तक दो सेमीकंडक्टर प्लांट में उत्पादन शुरू हो चुका है और इस सप्ताह के अंत तक एक और कंपनी का उत्पादन शुरू होने वाला है। ALSO READ: गुजरात ATS का बड़ा ऑपरेशन, रथयात्रा से पहले जैश के 8 आतंकी गिरफ्तार

 

सेमीकंडक्टर में 7,500 करोड़ का बड़ा निवेश

साणंद में शुरू होने जा रही CG SEMI OSAT फैसिलिटी भारत की सेमीकंडक्टर निर्माण यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। यह प्रोजेक्ट 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM) के तहत स्वीकृत पहले चार प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस अत्याधुनिक फैसिलिटी को 7,500 रुपए करोड़ से अधिक के कुल निवेश के साथ विकसित किया गया है। यह बड़ा प्रोजेक्ट भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में एक बेहद मजबूत स्थिति दिलाएगा और पीएम मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।

 

सालाना 5 अरब चिप्स का उत्पादन

पूरी तरह से चालू होने के बाद, इस फैसिलिटी में हर साल लगभग 5 अरब सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करने की विशाल क्षमता होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही वैश्विक मांग को पूरा करने में यह प्लांट मुख्य भूमिका निभाएगा। यहां ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल, टेलीकम्युनिकेशंस, 5G और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे उन्नत क्षेत्रों के लिए जरूरी सेमीकंडक्टर चिप्स तैयार की जाएंगी। इसके अलावा, वेफर सॉर्टिंग, असेंबली, टेस्टिंग, पैकेज डिजाइन और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट जैसी एंड-टू-एंड सेवाएं भी यहाँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। ALSO READ: बिना सात फेरे के कैसा विवाह? गुजरात हाईकोर्ट ने शून्य घोषित की शादी, मैरिज सर्टिफिकेट को किया खारिज

 

गुजरात से पहले पीएम मोदी राजस्थान में

गुजरात पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान को कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात देंगे। सुबह करीब 10:45 बजे वे जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और मॉडिफाइड उड़ान (UDAN) योजना का शुभारंभ करेंगे। 480 करोड़ रुपए की लागत से बना यह नया आधुनिक टर्मिनल 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जो हर साल लगभग 20 लाख यात्रियों को सेवाएं देने में सक्षम है।

 

बालोतरा में 1.06 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स 

जोधपुर के बाद पीएम मोदी बालोतरा में करीब 1.06 लाख करोड़ के विशाल विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जिसमें पेट्रोकेमिकल्स, अर्बन ट्रांसपोर्ट, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर ट्रांसमिशन जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। दूसरी ओर, साणंद में चिप उत्पादन की शुरुआत न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश के टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम है। इस प्रोजेक्ट से हजारों रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत एक विश्वसनीय और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर हब के रूप में विश्व पटल पर चमकेगा।

अयोध्या के बाद अब बद्रीनाथ मंदिर में चंदा चोरी के आरोप से मचा हड़कंप, BKTC अध्यक्ष ने दिए जांच के आदेश

Badrinath Temple Donation Theft Allegation

अयोध्या के बाद उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों से हड़कंप मच गया। मंदिर समिति ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। समिति मामले की जांच कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। चढ़ावे की गणना में शामिल लोगों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर RSS का सख्त संदेश: 'दोषियों को मिले कड़ी सजा', करोड़ों रामभक्तों की आस्था का बताया सवाल

 

एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि भैरव सेना संगठन के अध्यक्ष संजीव खत्री ने आरोप लगाया है कि BKTC के अध्यक्ष के निजी सहायक बद्रीनाथ मंदिर से चंदा चोरी किया है। उन्होंने कहा कि चोरी सुबह 8.00-8.30  बजे के बीच हुई है, उस समय की CCTV फुटेज सार्वजनिक हो।

इस पोस्ट में कहा गया है कि BKTC के CEO सोहन सिंह रांघड़ ने कहा कि अध्यक्ष के निजी सहायक और उस समय ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को नोटिस जारी किए जा रहे है, CCTV फुटेज की भी जांच होगी। 

क्या बोले BKTC प्रमुख?

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और आरोपों के संबंध में मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मंदिर समिति ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को हमारे मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) द्वारा कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

 

 द्विवेदी ने कहा कि तत्काल प्रभाव से एक जांच समिति का भी गठन किया गया है। यह समिति मामले की जांच कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसे सार्वजनिक भी किया जाएगा। ALSO READ: कुंभ मेले से शुरू हुआ था राम मंदिर की दानराशि में गड़बड़ी का खेल, SIT जांच में सामने आईं चौंकाने वाली जानकारी

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अत्यंत संवेदनशील मामला है और करोड़ों श्रद्धालुओं की इस पवित्र धाम में आस्था को देखते हुए हम इसे पूरी गंभीरता से ले रहे हैं। मैं सोशल मीडिया पर चल रहे 'चेयरमैन के निजी सचिव' संबंधी दावे पर भी स्पष्टीकरण देना चाहता हूं। मेरा कोई निजी सचिव नहीं है। जिन लोगों का नाम लिया जा रहा है, वे सभी मंदिर समिति के कर्मचारी हैं। जिसे 'निजी सचिव' बताया जा रहा है, वह वास्तव में मंदिर समिति का एक नियमित कर्मचारी है।

काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में अचानक चली गोली, पीएसी जवान की कार्बाइन से 3 लोग घायल

firing at kashi vishwanath temple

बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में शनिवार सुबह गोली चलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में तैनात पीएसी जवान सड़क किनारे खड़ा था तभी उसके पास मौजूद कार्बाइन से गोली चल गई। हादसे में 3 लोग घायल हुए हैं। तीनों की हालत खतरे से बाहर है।

 

सुबह करीब 7 बजे हुए इस दर्दनाक हादसे में गोली सड़क पर लगी और इस वजह से उड़ी गिट्‍टी फूल माला की दूकान पर काम करने वाले विकास, रामबाबू और निखिल को लगी। तीनों घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है।

 

घटना के तुरंत बाद सुरक्षा में तैनात अन्य अधिकारियों और पुलिस टीम ने स्थिति को संभाला। पुलिस का कहना है कि यह हादसा भीड़ को हटाते समय दुर्घटनावश गोली चलने से हुआ। पुलिस पीएसी जवान से पूछताछ कर रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि कार्बाइन जमीन पर आखिरकार कैसे गिर गई और गोली कैसे चली?

 

गौरतलब है कि काशी विश्वनाथ मंदिर में रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए लोग काशी नगर पहुंचते हैं। मंदिर की सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ ही पीएसी को भी तैनात किया गया है।

ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम विदाई समारोह शुरू, ताबूत देख रो पड़े गालीबाफ और अराघची

तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह की शुरुआत हो गई। ग्रैंड मोसाला में खामेनेई का ताबूत देख संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची फूट फूटकर रो पड़े। 4 जुलाई से 9 जुलाई तक चलने वाले इस समारोह में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। समारोह में 1.5 से 2 करोड़ लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। ALSO READ: अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल क्यों नहीं होंगे मोजतबा, जानिए भारत से कौन-कौन पहुंचा ईरान

 

तेहरान के ग्रैड मोसाला में शुक्रवार 3 जुलाई को दिवंगत अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के ताबूत आखिरी दर्शन के लिए रखे गए हैं। खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरानी झंडे लपेटा गया है। ताबूत पर 'या हुसैन' अंकित लाल ध्वज रखा गया है। शोक अवधि में उनके पार्थिव शरीर को ईरान के साथ ही इराक के भी कई शहरों में ले जाया जाएगा।

 

विदाई समारोह के दौरान ईरानी नेता अपने पूर्व सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इस दौरान ईरान के शीर्ष नेता अपने आंसू नहीं रोक पाए। जब स्पीकर मोहम्मद बगेर गालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची पहुंचे तो खुद को रोक नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ईरानी स्पीकर गालीबाफ दुआ पढ़ने के दौरान फूट-फूटकर रोते नजर आ रहे हैं। वहीं, उनके बगल में खड़े ईरानी विदेश मंत्री अराघची भावुक नजर आ रहे हैं। यह दोनों ही नेता अमेरिका ईरान वार्ता में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ALSO READ: क्या रूस में मोजतबा खामेनेई प्लास्टिक सर्जरी करवा रहे है, अयातुल्ला की अंतिम विदाई से रहस्यमयी अनुपस्थिति से उठे सवाल?

ईरान में 1 हफ्ते का राजकीय शोक

गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी-इजारयली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत हो गई थी। जिसके चार महीने बाद अब उनके अंतिम संस्कार का कार्यक्रम शुरू हुआ है। इस कार्यक्रम के लिए ईरान में 1 हफ्‍ते का राजकीय शोक रखा गया है।
 

भारतीय दल ने भी दी श्रद्धांजलि

भारत से ईरान पहुंचे धर्मगुरुओं और नेताओं के दल ने शुक्रवार को ग्रेंड मोसाला में अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्‍ती, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी खिराज ए अकीदत पेश की। इस कार्यक्रम में भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल में भी ईरान पहुंच चुका है।

LIVE: अमरनाथ यात्रा के लिए पहलगाम से दूसरा जत्था रवाना

amarnath yatra 2026

Latest News Today Live Updates in Hindi : अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था पहलगाम से रवाना हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान और गुजरात के दौरे पर। पल पल की जानकारी…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान व गुजरात के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी राजस्थान के बालोतरा में देश का पहला ग्रीनफील्ड एकीककृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर देश को समर्पित करेंगे। वहीं, गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण केंद्र का उद्घाटन करेंगे।

-श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से पवित्र श्री अमरनाथ जी गुफा की यात्रा के लिए रवाना हुआ।

-अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के यात्री निवास भगवती नगर बेस कैंप से रवाना हुआ।

जर्मनी में बड़े टैक्स, श्रम और पेंशन सुधारों को मिली मंजूरी

germany reforms 2026 : tax-pension-changes

ओंकार सिंह जनौटी 

यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी में सरकार चला रही पार्टियों के बीच बड़े सुधारों को लेकर सहमति बन गई है। बीमार रहने पर ली जाने वाली छुट्टियां भी इन सुधारों की चपेट में आई हैं। ALSO READ: सच्ची मुहब्बत के नाम पर कैसे दुनिया को ठग रहे हैं स्कैमर्स

 

जर्मनी में बॉस को फोन या ईमेल से यह कह देना कि “आज मैं बीमार हूं,” तीन दिन की कैजु्अल सिक लीव लेने के लिए यह काफी था। लगातार चौथे दिन बीमारी की छुट्टी लेने पर डॉक्टर से मिला बीमार होने का सर्टिफिकेट दिखाना पड़ता था। 2025 में चांसलर बनने से पहले से ही फ्रीडरिष मैर्त्स इस छुट्टी के कड़े आलोचक रहे हैं। अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए वह कहते आए हैं कि जर्मनी, बीमारी की सबसे ज्यादा छु्ट्टी लेने वालों का देश बन गया है। मंगलवार शाम राजधानी बर्लिन में बड़े सुधारों का एलान करते हुए मैर्त्स ने साफ कर दिया कि अब बीमारी की छुट्टी लेने पर पहले दिन ही डॉक्टर का सर्टिफिकेट दिखाना होगा।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने कहा, “हम अपने कामकाज में लचीलापन बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।” मध्यमार्गी रुढ़िवादी सीडीयू/सीएसयू और मध्यमार्गी समाजवादी पार्टी एसपीडी के नेताओं के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद सीडीयू नेता मैर्त्स ने सुधारों का एलान किया। जर्मनी में यह गठबंधन पिछले वर्ष मई से सत्ता में है। लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति बनाने में उसे महीनों लग गए। ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

 

जर्मनी को फिर से तेज आर्थिक विकास की दौड़ में लाने वाला वादा कर सत्ता में आए मैर्त्स ने राजधानी बर्लिन में कहा, “हम लालफीताशाही कम करने पर काम कर रहे हैं। हम समाज कल्याण वाले अपने देश को बचाने पर काम कर रहे हैं, और हम टैक्स घटाकर कर्मचारियों और कंपनियों का बोझ कुछ कम कर रहे हैं।”

 

किन क्षेत्रों में क्या क्या सुधार करेगी जर्मन सरकार

सुधार पैकेज में 10 अरब यूरो की आयकर राहत शामिल है। इसकी भरपाई सालाना 2।5 लाख यूरो से अधिक कमाने वालों पर और ज्यादा कर लगाकर की जाएगी। वित्त मंत्री, उप चांसलर और एसपीडी के नेता लार्स क्लिंगबाइल ने कहा, “इस देश के सबसे अधिक आय वाले लोग कर बोझ का बड़ा हिस्सा उठाएंगे। यह उचित है, ताकि देश आगे बढ़ सके।”

 

गठबंधन का दावा है कि टैक्स राहत से एक औसत परिवार को सालाना करीब 600 यूरो का फायदा होगा।

 

जर्मन सरकार पेंशन व्यवस्था में भी बदलाव के प्रस्ताव पर भी सहमत हुई है। इसके तहत भविष्य में सेवानिवृत्ति की उम्र 67 वर्ष से आगे बढ़ेगी। रिटायरमेंट की उम्र में इजाफा औसत जीवन प्रत्याशा के अनुपात में किया जाएगा। 2024 से 2026 के बीच जर्मनी में पुरुषों की औसत जीवन प्रत्याशा 78.5 साल और महिलाओं की 83.2 साल दर्ज की गई है। अनुमान है कि 2050 तक यह चार साल और बढ़ जाएगी। ALSO READ: नाटो प्रमुख से खुश लेकिन यूरोपीय साझेदारों से चिढ़े ट्रंप

 

एक नजर जर्मनी में होने वाले सभी सुधारों पर

पेंशन : सरकार पेंशन आयोग की सिफारिशों को लागू करेगी। इसमें जर्मनी की मौजूदा पेंशन व्यवस्था में निवेश आधारित एक नया तत्व जोड़ना शामिल है। अभी यह व्यवस्था मुख्य रूप से कामकाजी लोगों व उनके न्योक्ता के वित्तीय योगदान पर आधारित है। अब इस पेंशन फंड का कुछ हिस्सा बाजार में निवेश किया जाएगा। इसके साथ ही आने वाले दशकों में रिटायरमेंट की उम्र भी धीरे धीरे बढ़ाई जाएगी।

 

इनकम टैक्स : कम और मध्यम आय वाले परिवारों को सालाना करीब 10 अरब यूरो की टैक्स राहत दी जाएगी। बहुत अधिक आय वाले लोगों पर टैक्स बढ़ाया जाएगा। शीर्ष इनकम टैक्स दर 45 प्रतिशत से बढ़ाकर 47 प्रतिशत की जाएगी।

 

उद्योग : सरकार रणनीतिक क्षेत्रों को समर्थन देगी। इनमें ऑटोमोबाइल, रसायन, दवाएं, बैटरी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वच्छ तकनीक शामिल हैं।

 

कल्याणकारी योजनाएं : सरकार कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से जुड़ी धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई तेज करेगी। इसके लिए कई विभागों के बीच डाटा साझा करने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। नियमों के पालन को भी और सख्ती से लागू किया जाएगा।

 

आवास : एक संघीय आवास कंपनी बनाई जाएगी। किफायती आवास परियोजनाओं को मदद दी जाएगी। मकान खरीदने के लिए ऋण हासिल करना भी आसान बनाया जाएगा।

 

नौकरशाही : कंपनियों से जुड़ी कागजी औपचारिकताएं और रिपोर्टिंग संबंधी जिम्मेदारियां कम की जाएंगी। अगर अधिकारी चार महीने के भीतर किसी आवेदन पर फैसला नहीं लेते, तो कुछ मामलों में उसे स्वीकृत माना जाएगा।

 

ऊर्जा : बिजली ग्रिड के विस्तार की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उद्योगों को अधिक स्पष्ट से ग्रिड से जुड़ने की समय सीमा की जानकारी दी जाएगी।

 

व्यापार : यूरोपीय संघ के एंटी डंपिंग और एंटी सब्सिडी उपायों को मजबूत किया जाएगा। रणनीतिक क्षेत्रों में गैर यूरोपीय निवेश की अधिक गहन जांच की जाएगी।

 

सुधारों पर किसकी कैसी प्रतिक्रिया

जर्मनी के सबसे बड़े और कई देशों में ऑपरेट करने वाले, डॉयचे बैंक की सीनियर अर्थशास्त्री मारियोन म्युलबेर्गर ने सुधारों का स्वागत किया है। उन्होंने इसे “दशकों में सुधारों का सबसे बड़ा पैकेज” करार दिया है। म्युलबेर्गर के मुताबिक, यह सुधार दिखआते हैं कि सरकार के भीतर अहम संरचनात्मक सुधारों पर सहमत होने की काबिलियत है।

 

जर्मन इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक रिसर्च, DIW इंस्टीट्यूट के प्रमुख मार्सेल फ्रात्सषेर इन सुधारों से बहुत गदगद नहीं दिखे। जर्मन अखबार राइनिषे पोस्ट से फ्रात्सषेर ने कहा, सुधार “एक बड़ी सफलता नहीं दिखाते हैं बल्कि ये एक सांकेतिक पैकेज है।”

 

पिछली सरकार में शामिल और अब विपक्ष में बैठी ग्रीन पार्टी ने श्रम सुधारों की आलोचना की है। पार्टी ने इसे “कर्मचारियों के अधिकारों पर हमला” करार दिया है।

 

डॉक्टरों ने भी सिक लीव के लिए पहले ही चिकित्सकीय प्रमाणपत्र की दरकार की आलोचना की है। जर्मन मेडिकल एसोसिएशन के चैयरमैन मार्कुस ब्लूमथाल-बायर के मुताबिक, गठबंधन का यह फैसला “हमारे डॉक्टरों की प्रैक्टिस को बोझ के तले दबा देगा।”

 

लेबर यूनियन वेर्डी ने भी चिकित्सकीय प्रमाणपत्र के प्रस्ताव को कर्मचारी और नियोक्ता के बीच भरोसे को तोड़ने वाला बताया है।

 

दबाब में जर्मन सरकार

इन सुधारों के जरिए सरकार दिखाना चाहती है कि वह लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करने में सक्षम है। साथ ही वह धुर दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) की बढ़ती लोकप्रियता को कम करना चाहती है। एएफडी कई महीनों से देशव्यापी जनमत सर्वेक्षणों में शीर्ष पर चल रही है।

 

सितंबर में जर्मनी के चार पूर्वी राज्यों में विधानसभा और म्युनिसिपल चुनाव होने हैं। इनमें बर्लिन जैसे 'सिटी-स्टेट' के अलावा दो ऐसे राज्य शामिल हैं, जिनमें से कम से कम एक में पहली बार एएफडी की सरकार बनने की संभावना चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में सामने आ रही है। 2027 में भी पांच प्रांतों में चुनाव हैं। इस साल एएफडी के अच्छे प्रदर्शन का असर उन चुनावों पर भी दिख सकता है। जर्मनी में कुल 16 प्रांत हैं और 2026-2027 में इनमें से पांच राज्य अपनी स्थानीय सरकार चुनेंगे।

Top News 4 July: राजस्थान-गुजरात दौरे पर पीएम मोदी, E20 पेट्रोल पर हरदीप पुरी का खुलासा, फीफा वर्ल्ड कप से ऑस्ट्रेलिया बाहर

top news july 4 july

Top News 4 July : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान व गुजरात के दौरे पर हैं। E20 पेट्रोल पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भ्रम दूर किया। पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार चढ़ावा चोरी मामले में बागेश्वर बाबा की पर्ची वाली बात से भड़के। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह की शुरुआत हुई। फीफा विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया उलटफेर का शिकार। अंतिम 16 में पहुंचने में अर्जेंटीना की सांस भी फूली। 4 जून की बड़ी खबरें : 

 

पीएम मोदी का राजस्थान-गुजरात दौरा आज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान व गुजरात के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी राजस्थान के बालोतरा में देश का पहला ग्रीनफील्ड एकीककृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर देश को समर्पित करेंगे। वहीं, गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण केंद्र का उद्घाटन करेंगे।
 

खामेनेई का ताबूत देख अराघची-गालीबाफ भावुक

तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह की शुरुआत हो गई। ग्रैंड मोसाला में खामेनेई का ताबूत देख संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भावुक नजर आए। 4 से 9 जुलाई तक चलने वाले अंतिम संस्कार की तैयारियां कर ली गई है। खामेनेई का 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों में निधन हो गया था। ALSO READ: अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल क्यों नहीं होंगे मोजतबा, जानिए भारत से कौन-कौन पहुंचा ईरान

 

E20 पेट्रोल पर हरदीप पुरी ने दूर किया भ्रम

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग 'भ्रामक और मनगढ़ंत नैरेटिव' फैला रहे हैं। एथेनॉल एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त ईंधन घटक है, जो वाहनों की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाता है। इससे एक्सेलेरेशन बेहतर होता है और इंजन नॉकिंग कम होती है। E20 पेट्रोल से माइलेज में मामूली 1 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट हो सकती है, लेकिन यह सामान्य तकनीकी कारणों से होती है। ALSO READ: E20 पेट्रोल से माइलेज घटेगा या नहीं, क्या सच में आएंगी चींटियां और बीमा पर पड़ेगा असर? हरदीप सिंह पुरी ने बताई सचाई

 

बागेश्वर बाबा पर भड़के विनय कटियार?

चढ़ावा चोरी मामले में धीरेन्द्र शास्त्री के बयान से पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री… हमारी बात कराओ, फिर हम बताएं। काहे धीरेन्द्र शास्त्री को लाए बीच में चोर को… हमारे साथ चलो दिल्ली तक हम बताएंगे धीरेन्द्र शास्त्री कौन है? धीरेन्द्र शास्त्री ने अयोध्या चढ़ावे कांड पर कहा था कि अगर हम पर्ची खोलेंगे तो कई नाम बेनकाब हो जाएंगे। ALSO READ: धीरेन्द्र शास्त्री चोर है! बागेश्वर बाबा पर क्यों भड़के भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार?

 

ऑस्ट्रेलिया उलटफेर का शिकार

मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप के अंतिम 16 में प्रवेश किया। अर्जेंटीना भी काबो वर्दे को 3-2 से हराकर राउंड ऑफ 16 में पहुंचा। इस सांस थाम देने वाले मुकाबले में एक छोटे से देश ने अर्जेंटीना को इस मैच में काफी ज्यादा परेशान किया।

अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल क्यों नहीं होंगे मोजतबा, जानिए भारत से कौन-कौन पहुंचा ईरान

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ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शुक्रवार से शुरू हुए  कार्यक्रम में दुनिया के करीब 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 86 वर्षीय अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी। यह हमला उनके आवास पर किया गया था और इसे अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध का पहला बड़ा सैन्य अभियान माना गया। 

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इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि इज़राइल की ओर से संभावित खतरे और निगरानी की आशंका को देखते हुए उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को जोखिम भरा माना गया है।

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बताया गया कि मोजतबा खामेनेई इससे पहले अपनी पत्नी ज़हरा हद्दाद-अदेल के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे। उनकी पत्नी की भी 28 फरवरी के उसी अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमले में मौत हुई थी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।

 

भारत से कौन-कौन होगा शामिल 

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शुक्रवार को ईरान पहुंच गए हैं। भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ईरान जाएंगे। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान पहुंच गई हैं।

ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन के बाद भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि तेहरान में आयोजित समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और उनके साथ राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं। इसके अलावा कई और लोग भी गए हैं।

आगरा में सनसनीखेज वारदात, पति की हत्या के बाद पत्नी ने बाथरूम में दफनाया शव, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

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उत्तर प्रदेश का आगरा ताजनगरी के आम से पहचाना जाता है, जहां मुगल बादशाह शाहजहां और उनकी बेगम मुमताज महल के अमर प्रेम की कहानी है। वहीं इसी शहर में एक पत्नी ने अपने पति की हत्या करके इस शहर को कंलकित कर दिया है। थाना सिकंदरा क्षेत्र में पत्नी ने अपने पति की हत्या करके शव घर के बाथरूम में दफना दिया और उसके ऊपर सीमेंट का प्लास्टर करते हुए टाइल्स लगवा दी, ताकी किसी को शक न हो। पत्नी ने नाटक करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई की उसका पति लापता है, लेकिन 45 दिन बाद उसके नाटक का खुलासा हो गया और वह पुलिस हिरासत में पहुंच गई है। 

 

आगरा की इस घटना ने जिसने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ती कटुता, अविश्वास और अपराध की भयावह तस्वीर को सामने ला दिया है। यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि उन सवालों का भी है जो आज परिवार, विश्वास और रिश्तों की बदलती तस्वीर को लेकर समाज के सामने खड़े हैं।

 

पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र कुमार शर्मा आगरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में अपनी पत्नी रूबी, मां और दो बेटियों के साथ रह रहे थे। वैसे सुरेंद्र मूल रूप से भरतपुर के रंजीतनगर के रहने वाले है। परिवार वालों के मुताबिक रूबी ने उनको बताया कि 18 मई से सुरेंद्र लापता है, बहुत ढूंढा लेकिन कुछ पता नही चला। लिहाजा 26 मई को पत्नी रूबी ने ही थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी और यही दावा करती रही कि उसके पति का कोई पता नहीं है।

 

मृतक सुरेंद्र के भाई को शक होने लगा कि वह बिना बतायें इतने दिन के लिए कहा चला गया। उन्होंने रूबी से पूछा कि तुमने तो उसके साथ कुछ नही किया या वो तुमसे कुछ कह कर गया है कि कहां जा रहा है। यदि कुछ भी हुआ है तो वह बता दें, हर तरह से मदद की जायेंगी। लेकिन शातिर रूबी ने अपना मुंह नही खोला।

 

शुक्रवार को पुलिस एक पुराने मामले में सत्यापन के लिए सुरेंद्र के घर पहुंची। पूछताछ के दौरान पुलिस को रूबी का व्यवहार संदिग्ध लगा। इसी बीच सुरेंद्र के भाई को रूबी ने घर बुलाया और बताया कि उसका पति बाथरूम में है। भाई ने बाथरूम में तलाशा लेकिन वह नही दिखाई दिया, सख्ती से पूछताछ में लह टूट गई और उसने बताया कि फर्श के नीचे दफन है। सुरेंद्र के भाई ने यह महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के साथ साझा कि फर्श के ऊपर नई लगी टाइल्स को तोड़कर फर्श तोड़कर उसे खोदा गया तो सब हैरान रह गये, क्योंकि उसके नीचे से सुरेंद्र का शव मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

 

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में रूबी ने अपना अपराध स्वीकार किया है। हालांकि पुलिस का मानना है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी हो सकती है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हत्या के कारणों और घटनाक्रम का खुलासा विस्तृत जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।

 

लगातार सामने आ रहे रिश्तों को शर्मसार करने वाले मामले

हाल के महीनों में देश में वैवाहिक रिश्तों से जुड़े कई सनसनीखेज हत्याकांड चर्चा में रहे हैं। मेरठ की 'मुस्कान'ने पति सौरव की हत्या करके नीले ड्रम में सीमेंट से पैक किया, इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में पत्नी 'सोनम' और हाल में ही पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या में उसकी मंगेतर 'सिया' का नाम सामने आया। अब आगरा के सुरेंद्र हत्याकांड मेंं 'रूबी' का नाम सामने आने पर लोग रिश्तों को लेकर गंभीर हो गये है। 

 

समाज के लिए बड़ा सवाल

आगरा की यह घटना कई गंभीर सवाल अपने पीछे छोड़ रही है। क्या रिश्तों में संवाद की जगह अविश्वास और हिंसा बढ़ रही है? क्या वैवाहिक विवादों का समाधान बातचीत, कानून और सामाजिक सहयोग के बजाय अपराध की ओर मुड़ता जा रहा है? और सबसे महत्वपूर्ण, क्या परिवारों में बढ़ती मानसिक दूरी और तनाव को समय रहते पहचानने और सुलझाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक हो गई है?

 

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए आत्ममंथन का विषय भी है। रिश्ते विश्वास से बनते हैं और जब वही विश्वास टूटता है, तो उसका परिणाम कभी-कभी इतना भयावह होता है कि पूरा समाज स्तब्ध रह जाता है।

एक पेड़ मां के नाम 3.0′ अभियान शुरू, जुलाई में स्कूलों में होगा महा पौधरोपण, हर छात्र बनेगा एक पौधे का संरक्षक

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रयोगशाला बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के अन्तर्गत जुलाई माह का गतिविधि कैलेंडर जारी किया गया है। जुलाई माह का यह कैलेंडर विद्यालयों में हरित संस्कृति को मजबूत करने और मिशन लाइफ के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 

कैलेंडर के अनुसार जुलाई मे पूरे महीने 'स्वस्थ जीवनशैली अपनाना' विषय पर आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति संरक्षण, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सतत जीवनशैली के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करना है।

 

कैलेंडर में अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण केवल विद्यालय तक सीमित न रहकर जनभागीदारी का अभियान बन सके। योगी सरकार का उद्देश्य बच्चों में ऐसे व्यावहारिक संस्कार विकसित करना है, जो उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाए।

 

'एक पेड़ मां के नाम 3.0' बनेगा प्रमुख अभियान

जुलाई माह की सबसे प्रमुख गतिविधि 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान होगी। इसके अंतर्गत विद्यालय परिसर, सार्वजनिक स्थलों तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को पौधों के वैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे केवल पौधे लगाएं ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण का संकल्प भी लें।

 

हर छात्र निभाएगा पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी

कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक लगाए गए पौधे की देखभाल, सिंचाई, संरक्षण और नियमित निगरानी की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही विद्यालयों में इको क्लब्स के माध्यम से पौधों की प्रगति की समीक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सामुदायिक प्रयासों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

 

रचनात्मक गतिविधियों से बढ़ेगी जागरूकता

जुलाई के दौरान पोस्टर, स्लोगन, कोलाज, स्वतंत्र लेखन, वाद-विवाद और अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विद्यार्थियों को प्रकृति भ्रमण के माध्यम से स्थानीय जैव विविधता, पौधों और प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष अध्ययन कराया जाएगा। दूसरे शनिवार को विशेष पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा।