अयोध्या के बाद अब बद्रीनाथ मंदिर में चंदा चोरी के आरोप से मचा हड़कंप, BKTC अध्यक्ष ने दिए जांच के आदेश

Badrinath Temple Donation Theft Allegation

अयोध्या के बाद उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों से हड़कंप मच गया। मंदिर समिति ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। समिति मामले की जांच कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। चढ़ावे की गणना में शामिल लोगों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर RSS का सख्त संदेश: 'दोषियों को मिले कड़ी सजा', करोड़ों रामभक्तों की आस्था का बताया सवाल

 

एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि भैरव सेना संगठन के अध्यक्ष संजीव खत्री ने आरोप लगाया है कि BKTC के अध्यक्ष के निजी सहायक बद्रीनाथ मंदिर से चंदा चोरी किया है। उन्होंने कहा कि चोरी सुबह 8.00-8.30  बजे के बीच हुई है, उस समय की CCTV फुटेज सार्वजनिक हो।

इस पोस्ट में कहा गया है कि BKTC के CEO सोहन सिंह रांघड़ ने कहा कि अध्यक्ष के निजी सहायक और उस समय ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को नोटिस जारी किए जा रहे है, CCTV फुटेज की भी जांच होगी। 

क्या बोले BKTC प्रमुख?

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और आरोपों के संबंध में मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मंदिर समिति ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को हमारे मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) द्वारा कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

 

 द्विवेदी ने कहा कि तत्काल प्रभाव से एक जांच समिति का भी गठन किया गया है। यह समिति मामले की जांच कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसे सार्वजनिक भी किया जाएगा। ALSO READ: कुंभ मेले से शुरू हुआ था राम मंदिर की दानराशि में गड़बड़ी का खेल, SIT जांच में सामने आईं चौंकाने वाली जानकारी

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अत्यंत संवेदनशील मामला है और करोड़ों श्रद्धालुओं की इस पवित्र धाम में आस्था को देखते हुए हम इसे पूरी गंभीरता से ले रहे हैं। मैं सोशल मीडिया पर चल रहे 'चेयरमैन के निजी सचिव' संबंधी दावे पर भी स्पष्टीकरण देना चाहता हूं। मेरा कोई निजी सचिव नहीं है। जिन लोगों का नाम लिया जा रहा है, वे सभी मंदिर समिति के कर्मचारी हैं। जिसे 'निजी सचिव' बताया जा रहा है, वह वास्तव में मंदिर समिति का एक नियमित कर्मचारी है।