Share Bazaar में लगातार दूसरे दिन बहार, Sensex 579 अंक उछला, Nifty भी 24000 के पार

Indian stock market saw gains for second consecutive day on Thursday

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को यानी आज लगातार दूसरे दिन तेजी रही। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के चलते तेल की कीमतों में नरमी आने से सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत उछलकर 77502.12 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 169.85 अंक यानी 0.71 फीसदी चढ़कर 24175.70 पर पहुंच गया। सबसे ज्‍यादा बढ़त इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व के शेयरों में आई।

 

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को यानी आज लगातार दूसरे दिन तेजी रही। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के चलते तेल की कीमतों में नरमी आने से सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत उछलकर 77502.12 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 169.85 अंक यानी 0.71 फीसदी चढ़कर 24175.70 पर पहुंच गया।

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सबसे ज्‍यादा बढ़त इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व के शेयरों में आई। सेक्टर के हिसाब से IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई। बुधवार को कतर के दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत खत्म होने की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतें और गिरीं, जिससे शेयर बाजार में बढ़त हुई।

इस बीच बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के 476.50 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 480 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति एक दिन में करीब 3.5 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई। हालांकि इस बीच भारतीय रुपया 15 पैसे गिरकर 95.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

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इससे पहले यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में पिछले 2 दिनों से जारी गिरावट पर विराम लग गया। बीएसई का सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76922.64 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24005.85 अंक पर पहुंच गया।

Lenovo Tab Plus Gen 2 भारत में लॉन्च, 12.1-इंच 2.5K डिस्प्ले, JBL के 9 स्पीकर्स और 10,200mAh बैटरी के साथ आया नया टैबलेट

Lenovo Tab Plus Gen 2

Lenovo ने भारतीय बाजार में अपना नया Lenovo Tab Plus Gen 2 टैबलेट लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने नई LOQ Gaming Monitor सीरीज भी पेश की है। नया टैबलेट एंटरटेनमेंट, मल्टीटास्किंग, पढ़ाई, ऑफिस वर्क और गेमिंग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। फिलहाल यह टैबलेट Celestial White कलर में उपलब्ध है। इसे Lenovo की आधिकारिक वेबसाइट, प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और देशभर के रिटेल स्टोर्स से खरीदा जा सकता है।

 

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इन नए प्रोडक्ट्स के साथ Lenovo ने भारत में प्रीमियम टैबलेट और गेमिंग एक्सेसरीज़ सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की कोशिश की है। इसमें 12.1-इंच का 2.5K डिस्प्ले, MediaTek Dimensity 7400 प्रोसेसर, JBL के 9 स्पीकर्स और 10,200mAh की बड़ी बैटरी जैसे प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं।

 

Lenovo Tab Plus Gen 2 की भारत में कीमत

Lenovo Tab Plus Gen 2 को दो स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है।

 

  • 8GB RAM + 128GB स्टोरेज: ₹35,999
  • 8GB RAM + 256GB स्टोरेज: ₹38,999

 

12.1-इंच 2.5K डिस्प्ले और दमदार प्रोसेसर

Lenovo Tab Plus Gen 2 में 12.1-इंच का 2.5K IGZO LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 800 निट्स पीक ब्राइटनेस और 249ppi पिक्सल डेंसिटी के साथ आता है। बेहतर परफॉर्मेंस के लिए इसमें MediaTek Dimensity 7400 चिपसेट लगाया गया है, जिससे गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और मल्टीटास्किंग का अनुभव बेहतर होता है।

JBL के 9 स्पीकर्स और Dolby Atmos का सपोर्ट

ऑडियो अनुभव को शानदार बनाने के लिए टैबलेट में JBL द्वारा ट्यून किया गया 9-स्पीकर सिस्टम दिया गया है, जो Dolby Atmos तकनीक के साथ आता है। कंपनी का दावा है कि यह किसी भी टैबलेट में बेहतरीन साउंड एक्सपीरियंस प्रदान करेगा।

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Android 16 और 2030 तक सिक्योरिटी अपडेट

यह टैबलेट Android 16 पर चलता है। Lenovo ने इसमें Android 18 तक दो बड़े OS अपडेट देने का वादा किया है। साथ ही, डिवाइस को 2030 तक सिक्योरिटी अपडेट भी मिलते रहेंगे।

 

2TB तक स्टोरेज बढ़ाने की सुविधा

 

टैबलेट में 8GB LPDDR5 RAM और 256GB तक इंटरनल स्टोरेज का विकल्प मिलता है। इसके अलावा microSD कार्ड की मदद से स्टोरेज को 2TB तक बढ़ाया जा सकता है।

360-डिग्री किकस्टैंड और ब्लूटूथ स्पीकर मोड

Lenovo Tab Plus Gen 2 में 360-डिग्री रोटेटिंग किकस्टैंड दिया गया है, जिससे इसे अलग-अलग एंगल पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें Bluetooth Speaker Mode भी मिलता है, जिससे टैबलेट को ब्लूटूथ स्पीकर की तरह उपयोग किया जा सकता है। चार्जिंग के दौरान स्टैंडबाय मोड में यह फोटो फ्रेम या डेस्क क्लॉक की तरह भी काम करता है।

 

13MP कैमरा और 10,200mAh बैटरी

फोटोग्राफी के लिए टैबलेट में 13MP का रियर कैमरा और 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो वीडियो कॉलिंग और सामान्य फोटोग्राफी के लिए उपयुक्त है। डिवाइस में 10,200mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर यह 15 घंटे तक YouTube वीडियो प्लेबैक दे सकता है।

कनेक्टिविटी फीचर्स

कनेक्टिविटी के लिए टैबलेट में Wi-Fi 6, Bluetooth 5.4, Wi-Fi Direct, Wi-Fi Display और IP52 डस्ट व स्प्लैश रेजिस्टेंस का सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा यूजर्स अलग से Lenovo Tab Pen Plus, वायरलेस कीबोर्ड, प्रोटेक्टिव स्लीव और 68W USB-C चार्जर भी खरीद सकते हैं।

 

Lenovo LOQ गेमिंग मॉनिटर सीरीज भी लॉन्च

Lenovo ने भारत में नई LOQ Gaming Monitor सीरीज भी पेश की है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹9,799 रखी गई है। फिलहाल इसमें LOQ 24-10, LOQ 27-10 और LOQ 27Q-10 मॉडल उपलब्ध हैं, जबकि 32-इंच मॉडल जल्द लॉन्च किया जाएगा।

 

सबसे प्रीमियम LOQ 27Q-10 में 27-इंच QHD IPS डिस्प्ले, 180Hz रिफ्रेश रेट और 0.5ms रिस्पॉन्स टाइम मिलता है। यह HDR10, AMD FreeSync और VESA Adaptive Sync को सपोर्ट करता है, जिससे गेमिंग स्मूद और बेहतर विजुअल क्वालिटी के साथ होती है। ये मॉनिटर PlayStation 5, Xbox और Nintendo Switch जैसे गेमिंग कंसोल के साथ भी पूरी तरह संगत हैं।

Honda Activa e: 102KM रेंज, बैटरी-स्वैपिंग टेक्नोलॉजी और स्मार्ट फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें कीमत और खूबियां

Honda Activa e

भारत में दोपहिया वाहनों की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी होंडा की प्रतिष्ठित Activa अब इलेक्ट्रिक अवतार में उपलब्ध है। वर्ष 2001 में लॉन्च हुई एक्टिवा ने वर्षों तक भारतीय परिवारों की पहली पसंद बने रहने के बाद अब Honda Activa e के रूप में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के नए दौर में कदम रखा है। कंपनी ने इसमें बैटरी-स्वैपिंग टेक्नोलॉजी और कई आधुनिक कनेक्टेड फीचर्स दिए हैं।

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Honda Activa e में Permanent Magnet Synchronous Motor (PMSM) दिया गया है, जो 8.04hp की पावर और 22Nm का टॉर्क जनरेट करता है। स्कूटर में 1.5 kWh क्षमता के दो स्वैपेबल लिथियम-आयन बैटरी पैक मिलते हैं।  भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Ather Rizta, Bajaj Chetak, TVS iQube और Hero Vida V2 जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा। नई Activa e के जरिए होंडा ने अपने सबसे लोकप्रिय ब्रांड को इलेक्ट्रिक युग के अनुरूप पेश किया है। कंपनी के अनुसार यह स्कूटर IDC प्रमाणित 102 किलोमीटर की रेंज प्रदान करता है।

 

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की टॉप स्पीड 80 किमी/घंटा है और यह 0 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार केवल 7.3 सेकंड में पकड़ लेता है। बेहतर राइडिंग अनुभव के लिए इसमें Econ, Standard और Sport जैसे तीन राइडिंग मोड दिए गए हैं। इसके अलावा Reverse Mode भी मिलता है, जिससे भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में पार्किंग और स्कूटर को पीछे करना आसान हो जाता है।

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डिजाइन की बात करें तो Honda Activa e में LED हेडलाइट, LED DRLs, LED इंडिकेटर्स, LED टेललाइट, डायमंड-कट अलॉय व्हील्स और बॉडी-कलर्ड मिरर्स दिए गए हैं। यह स्कूटर Pearl Serenity Blue, Pearl Igneous Black, Matt Foggy Silver Metallic समेत कुल पांच आकर्षक रंगों में उपलब्ध है।

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फीचर्स के तौर पर इसमें 7-इंच TFT डिस्प्ले, स्मार्ट-की, USB Type-C चार्जिंग पोर्ट और Honda RoadSync Duo कनेक्टिविटी सूट मिलता है। इसके जरिए यूजर्स को टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, लाइव व्हीकल ट्रैकिंग, कॉल अलर्ट और म्यूजिक कंट्रोल जैसी स्मार्ट सुविधाएं मिलती हैं। Honda Activa e की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 1.20 लाख रुपए रखी गई है। Edited by : Sudhir Sharma

आखिर क्‍यों टला इंदौर के विकास पर होना वाला आयोजन, क्‍या मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का लेटर बम है वजह

Kailash Vijayvargiya

इंदौर के विकास को लेकर शहर में 3 जुलाई को होने वाला कार्यक्रम टल गया है। इस आयोजन में इंदौर के विकास को लेकर कई तरह के विमर्श होना थे। लेकिन ऐनमौके पर यह आयोजन टल गया है। इसकी वजह मुख्यमंत्री मोहन यादव की व्यस्तता बताई जा रही है। हालांकि अब नए सिरे से तिथि की घोषणा की जाएगी। इस आयोजन के लिए ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर तक बुक कर लिया गया था और शहर के गणमान्य नागरिकों को कार्ड भी बांट दिए गए थे।

लेकिन 2 जुलाई को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का लेटर कांड हो गया, जिसमें एक अखबार ने दावा किया था इंदौर में विकास की अनदेखी से नाराज मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम यादव को लेटर लिखा है। हालांकि मंत्री विजयवर्गीय ने लेटर लिखने के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आखिर इंदौर के विकास को लेकर जो आयोजन तय हो गया था, जिसके निमंत्रण कार्ड भी बंट गए थे, वो अचानक रद्द क्‍यों कर दिया गया।

क्‍या कैलाशजी का लेटर है वजह : कार्यक्रम की घोषणा और उसके टलने को भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के लेटर कांड से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मामले में सियासत तेज हो गई है और कांग्रेस की तरफ से भी बयान आने लगे हैं। कांग्रेस में भाजपा की इस अंदरूनी खींचतान को लेकर खूब चटखारे लिए जा रहे हैं।

बता दें कि 2 जुलाई को एक अखबार के माध्‍यम से खबर सामने आई थी कि इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा को लेकर 20 जून को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक चिट्ठी लिखी थी। पत्र में शहर के साथ हो रहे भेदभाव, परियोजनाओं में देरी सहित अन्य मुद्दों का जिक्र किया गया था। लेकिन मीडिया के सामने मंत्री विजयवर्गीय ने इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्‍होंने कहा कि मुझे नहीं पता, जिस अखबार में छपा है उसी से जाकर पूछ लो।

क्‍या था कथित लेटर में : मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कथित पत्र में दावा किया गया है कि ढाई साल से इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा से आहत हूं। इन वर्षों के दौरान उपेक्षा और असहयोग ही मिला है। पत्र में यह भी कहा गया बताया था कि शहर से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाना उनकी विवशता होगी। मंत्री ने मास्टर प्लान में देरी, एयरपोर्ट विस्तार की कवायद न होने, पीथमपुर के बजाय विक्रमपुरी में नए सेंटर खोले जाने जैसी बातों का भी पत्र में उल्लेख किया था।

अचानक क्‍यों रद्द हो गया आयोजन : बता दें कि इंदौर में उम्मीदों का शहर इंदौर थीम पर सांसद शंकर लालवानी ने एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया था। यह कार्यक्रम 3 जुलाई को होना था। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि फिलहाल कार्यक्रम टल गया है। नई तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।

दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI से जुड़े 4 आतंकी गिरफ्तार

Delhi Police Special Cell arrested four accused linked to terrorist network

Terror attack plot in Delhi foiled : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराज्यीय अभियान में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 3 पंजाब से और एक दिल्ली से है। ये सभी आतंकवादी हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े थे। इनके पास से हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये आरोपी आईएसआई हैंडलर शाहजाद भट्टी के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। ये नंबर उन्हें पाकिस्तानी हैंडलरों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे।

 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराज्यीय अभियान में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 3 पंजाब से और एक दिल्ली से है। ये सभी आतंकवादी हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े थे। इनके पास से हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

 

ISI हैंडलर शाहजाद भट्टी के संपर्क में थे आरोपी 

ये आरोपी आईएसआई हैंडलर शाहजाद भट्टी के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। ये नंबर उन्हें पाकिस्तानी हैंडलरों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। खुफिया जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दिल्ली और पंजाब में कई छापे मारे गए।

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पुलिस प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रैकी का सौंपा था काम 

स्पेशल सेल ने आरोपियों के पास से दो विदेशी पिस्तौल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। एक आरोपी को दिल्ली में पुलिस प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रैकी करने का काम सौंपा गया था। उसे दिल्ली में गोलीबारी की घटना को अंजाम देने का भी निर्देश दिया गया था। एक आरोपी ने पूछताछ में ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ मिलने की बात कबूली है।

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मामला की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के तरनतारन निवासी शुबदीप सिंह उर्फ विशाल, गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि, अमृतसर निवासी साजन सिंह उर्फ हनी और फतेहगढ़ साहिब निवासी गगनप्रीत के रूप में हुई है। शुबदीप और साजन पहले भी NDPS एक्ट के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- संगठन को मिली मजबूती

भोपाल। मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण हो गया है। इस अवसर पर शुभकामनाएं देकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके कार्यकाल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिली है और कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी का वास्तविक आधार उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में पिछले एक वर्ष के दौरान संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं।

 

प्रदेेश संगठन को मजबूत बनाया-डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच लगातार संवाद स्थापित करने, संगठनात्मक विस्तार को गति देने, नए जिला कार्यालयों के निर्माण, प्रशिक्षण वर्गों के आयोजन तथा सहयोग सेल जैसी पहलों से संगठन की कार्यक्षमता और सेवा भाव को नई मजबूती मिली है। इन प्रयासों ने भाजपा को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को उनके सफल एक वर्ष के कार्यकाल के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन आगे भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सशक्त माध्यम है। संगठन की ऊर्जा और कार्यकर्ताओं का समर्पण ही विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।

डोडा में दो बार बादल फटने का असर: गांव कटे, सड़कें बह गईं

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डोडा जिले के भलेसा इलाके में गुरुवार को दो बार बादल फटने से भारी तबाही हुई है। अचानक आई बाढ़ से सड़कें बह गईं, कई दूर-दराज़ के गांवों का संपर्क टूट गया और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। हजारों लोग हाल के सालों में इलाके में आई इस सबसे खराब मौसम की घटना के असर से जूझ रहे हैं। ALSO READ: Mumbai Rain Live Updates: मुंबई में रेड अलर्ट, दिल्ली में भारी बारिश; देखें आपके इलाके का हाल

 

बादल फटने की ये दो घटनाएं भलेसा के खाल जुगासर इलाके में हुईं, जिससे पानी, कीचड़ और बड़े पत्थर तेजी से नीचे की ओर बहने लगे और पूरे इलाके में जबरदस्त बाढ़ आ गई। सबसे ज्यादा असर ठाठरी-किलहोत्रन सड़क पर पड़ा, जहां भारी मात्रा में मलबा सड़क पर जमा हो गया, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया और यात्री कई घंटों तक दोनों तरफ फंसे रहे। कोई दूसरा रास्ता न होने के कारण, मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाओं की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई।

 

दूर-दराज के गांवों को जोड़ने वाली कई संपर्क सड़कें या तो बह गईं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे भलेसा इलाके के बड़े हिस्से डोडा जिले के बाकी हिस्सों से कट गए और राहत व बहाली के काम में मुश्किल आ गई। भटियास इलाके से भी भारी नुकसान की खबर है, जहां बाढ़ का पानी सरकारी अनाज भंडारण डिपो में घुस गया और अंदर रखा अनाज बर्बाद हो गया। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि बाढ़ के पानी और मलबे में डूबे रहने के कारण दो से तीन ट्रक जितना अनाज खराब हो गया। ALSO READ: Weather Update : दिल्‍ली पहुंचा मानसून, महाराष्‍ट्र में बारिश से हाल बेहाल, 19 राज्यों में IMD का अलर्ट

 

आपदा के तुरंत बाद नहीं मिली मदद

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आपदा के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन के ध्यान में मामला लाने के बावजूद, कई घंटों तक सड़क साफ करने का काम शुरू नहीं हुआ, जिससे फंसे हुए यात्रियों और स्थानीय निवासियों की परेशानी और बढ़ गई। तुरंत सरकारी मदद न मिलने पर, स्थानीय युवा, ट्रांसपोर्टर और स्वयंसेवक फंसे हुए यात्रियों की मदद करने, ट्रैफिक को नियंत्रित करने और सड़क बंद होने के कारण फंसे लोगों की सहायता के लिए आगे आए, जब तक कि आखिरकार बहाली का काम शुरू नहीं हुआ।

 

नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

इस बीच, चिनाब बेसिन के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग एक मीटर ऊपर पहुंच गया, जिससे जिला प्रशासन को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को नदी से दूर रहने और असुरक्षित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह देनी पड़ी।
edited by : Nrapendra Gupta

PM Modi ने जापानी PM सनाए तकाइची को बताया ‘छोटी बहन’, भारत-जापान के बीच AI और सेमीकंडक्टर समेत कई बड़े समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची (Sanae Takaichi) को अपनी छोटी बहन बताया। उन्होंने कहा कि तकाइची की पहली भारत यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता भी हैं। वे जापान की नारा प्रीफेक्चर से आती हैं जो भारत-जापान के सांचा बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। ALSO READ: संसद के मानसून सत्र में मोदी-शाह की जोड़ी फिर रचेगी इतिहास?

 

ताकाइची ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपनी ‘सुंदर छोटी बहन’ कहा। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने आपसी रिश्ते को भाई-बहन की तरह आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

भारत और जापान में MoC पर हस्ताक्षर

हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची की मौजूदगी में भारत और जापान के बीच सहयोग ज्ञापन (MoC) पर हस्ताक्षर किए गए। भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा का संयुक्त रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा।

इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत देश में 1000 बायोगैस और ऑर्गेनिक खाद प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे गोबरधन योजना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। दोनों नेताओं ने बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर एनर्जी, निवेश, रक्षा, स्टार्टअप, रिसर्च और इंडो-पैसिफिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू से रवाना हुआ पहला जत्था, कल होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

 

इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ताकाइची और मेरा विश्वास है कि टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी। इसी विजन को साकार करने के लिए,  आज AI के क्षेत्र में हमने एक संयुक्त बयान जारी किया है। जापान की सटीक तकनीक और भारत की सॉफ़्टवेयर क्षमता का संगम वैश्विक AI विकास को नई गति और शक्ति देगा। डिफेंस के क्षेत्र में आज हमने भारत और जापान के पहले सह-विकास परियोजना पर एग्रीमेंट किया है।

उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले G7 समिट में मैंने कहा था कि वैश्विक उथल-पुथल के आज के माहौल में आपसी विश्वास हमारी सबसे बड़ा रणनीतिक संपत्ति है। मुझे गर्व है कि भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर खरी उतरती है। आज भारत और जापान दोनों ही विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से हैं। एक आज़ाद, समृद्ध और नियमों पर आधारित इंडो पैसिफिक हमारी साझा प्राथमिकता है।

 

पीएम तकाइची को गार्ड ऑफ ऑनर

भारत यात्रा पर आईं जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची का नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें भव्य 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके साथ मौजूद थे।

राम मंदिर ट्रस्ट में कौन-कौन शामिल हैं? जानिए सभी सदस्यों के नाम और उनके अधिकार

Ayodhya Ram Mandir

Sri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और उसके प्रबंधन की देखरेख के लिए 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' देश की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है। हाल के दिनों में मंदिर प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर आई कुछ खबरों के बाद यह ट्रस्ट एक बार फिर सुर्खियों में है।

 

आइए एक 'Explainer' के जरिए समझते हैं कि इस ट्रस्ट का गठन कैसे हुआ, इसमें कौन-कौन शामिल हैं, पदेन (Ex-officio) सदस्यों की क्या भूमिका है, और इसके शीर्ष अधिकारियों का कद क्या है।

1. ट्रस्ट का गठन कब और क्यों हुआ?

इस ट्रस्ट की नींव देश की सर्वोच्च अदालत के ऐतिहासिक फैसले पर टिकी है। 9 नवंबर 2019 को अयोध्या के बाबरी मस्जिद-राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था।

Ayodhya Ram Mandir

 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश (पृष्ठ 926, भाग Q) : कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह फैसले के तीन महीने के भीतर 'अयोध्या में कुछ निश्चित क्षेत्र के अधिग्रहण अधिनियम 1993' के तहत एक योजना तैयार करे। इसी योजना के तहत मंदिर निर्माण और प्रबंधन के लिए ट्रस्टियों के एक बोर्ड (Trust) के गठन का प्रावधान किया गया।
 

घोषणा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी 2020 को संसद में इस ट्रस्ट के गठन का आधिकारिक ऐलान किया था। शुरुआत में इसके 15 सदस्यों में से 12 को भारत सरकार द्वारा नामित किया गया था, और 3 अन्य सदस्यों का चयन पहली बैठक में हुआ। ALSO READ: अयोध्या कांड में जीजा-साले निकले महाचोर, दान चोरी में अब होगी ED और IT की एंट्री

2. वर्तमान में ट्रस्ट में कौन-कौन शामिल हैं? (14 सदस्यों की सूची)

ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान में इसमें 14 प्रमुख सदस्य सूचीबद्ध हैं:

Ayodhya Ram Mandir

 

 

3. पदेन (Ex-officio) सदस्य क्यों महत्वपूर्ण हैं?

पदेन सदस्य ट्रस्ट के भीतर 'सरकार की आंख और कान' माने जाते हैं। वे सरकार और ट्रस्ट के बीच सीधे संपर्क (Liaison) का काम करते हैं। ट्रस्ट की वित्तीय सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों पर होती है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….

प्रमुख नौकरशाहों का प्रोफाइल:

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नृपेंद्र मिश्रा (निर्माण समिति अध्यक्ष) : यूपी कैडर के पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और पीएम नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव (Principal Secretary)। नृपेंद्र मिश्रा का प्रशासनिक कद बहुत बड़ा रहा है। वे 1990-91 में मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। 2014 में उनकी प्रधान सचिव के रूप में नियुक्ति के लिए मोदी सरकार ने ट्राई (TRAI) अधिनियम के नियमों को बदलने के लिए एक विशेष अध्यादेश भी जारी किया था। मंदिर निर्माण कार्य की पूरी देखरेख उन्हीं के जिम्मे रही है। ALSO READ: चढ़ावा चोरी के आरोपियों को झटका, अयोध्या का कोई वकील नहीं करेगा पैरवी

 

प्रशांत लोखंडे (IAS) : 2001 बैच के AGMUT कैडर के अधिकारी हैं। वर्तमान में वे सीबीएसई (CBSE) के अध्यक्ष होने के साथ-साथ गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव भी हैं। वे ट्रस्ट में केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के मुख्य संपर्क व्यक्ति हैं। (उनसे पहले यह भूमिका वर्तमान चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार संभाल रहे थे)।

 

संजय प्रसाद (IAS) : 1995 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के सबसे प्रभावशाली नौकरशाहों में से एक हैं। वर्तमान में वे यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख भूमिकाओं के साथ-साथ गृह, सूचना, सतर्कता (Vigilance) और प्रोटोकॉल जैसे बेहद महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं।

4. अधिकार, विवाद और हालिया बयान

हाल ही में जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दान की चोरी या वित्तीय गबन के आरोपों पर चर्चा हुई, तो ट्रस्ट की ओर से केवल निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने ही मीडिया के सामने आकर पक्ष रखा था, जो ट्रस्ट में उनके ऊंचे प्रशासनिक कद को दिखाता है।

 

जून 2026 में मीडिया में उनके उस बयान की भी काफी चर्चा हुई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि “पूरे राम मंदिर प्रबंधन को बदलने की जरूरत है।” जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और सरकार की छवि को किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाए जाने के संकेत मिलते रहे हैं।

 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट केवल एक धार्मिक निकाय नहीं है, बल्कि इसमें देश के शीर्ष स्तर के नौकरशाह और कानूनी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मंदिर का संचालन पूरी तरह संप्रभु और जवाबदेह तरीके से हो।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का एलान, जानें क्या है सीट के सियासी समीकरण?

मध्यप्रदेश की हाईप्रोफाइल विधानसभा सीट दतिया पर चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में दतिया में 30 जुलाई को मतदान होगा। वहीं 3 अगस्त को चुनाव नतीजें आएंगे। गौरतलब है कि दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट से दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एफडी धोखाधड़ी मामले में तीन साल की सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता खत्म हो गई थी और सीट रिक्त घोषित हो गई थी।

दतिया में नरोत्तम मिश्रा के सामने कौन?-दतिया में भाजपा की ओर से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की उम्मीदवारी करीब-करीब तय है और उन्होंने चुनाव की तारीखों के एलान से पहले ही अपना चुनाव प्रचार शुरु कर दिया  है। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती से मात खाने वाले भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोतत्तम मिश्रा जिस अंदाज में दतिया में सक्रिय रहे, उससे यह करीब तय है कि नरोतम मिश्रा ही भाजपा के उम्मीदवार होंगे।

वहीं नरोत्तम मिश्रा के ओर से कांग्रेस की तरफ से कौन चुनावी मैदान में होगा, यह बड़ा सवाल है। कांग्रेस के संभावित चेहरे में सबसे बड़ा नाम अवधेश नायक का है। भाजपा से कांग्रेस में गए अवधेश नायक को 2023 के विधानसभा चुनाव में पहले कांग्रेस ने अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया था लेकिन टिकट के एलान के बाद जिस तरह से दतिया से भोपाल तक स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजेंद्र भारती के समर्थकों ने हंगामा किया था, उससे पार्टी को अपना फैसले बदलने को मजबूर होना प़ड़ा था और अवधेश नायक की जगह राजेंद्र भारती को चुनावी मैदान में उतार गया। वहीं अब जब जब दतिया में उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है तो अवधेश नायक कांग्रेस की तरफ से सबसे मजबूत दावेदार है।

नरोत्तम मिश्रा की अग्निपरीक्षा- दतिया विधानसभा सीट पर नरोत्तम मिश्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौती जातीय समीकरण साधना है। जातीय समीकरण की बात करें तो यहां पर ब्राह्मण समुदाय अहम प्रभाव रखते हैं,विधानसभा सीट पर 35 हजार से अधिक ब्राह्मण मतदाता हैं जो चुनाव में निर्णायक भूमिका अदा करते है। ऐसे में अगर कांग्रेस अवधेश नायक को चुनावी मैदान में उतारती तो वह भी नरोत्तम मिश्रा की तरह ब्राह्मण समुदाय से आते है, तो चुनाव में वोट का बंटवारा तय है।

नरोत्तम मिश्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुशवाह वोटरों को साधने की है। दतिया विधानसभा सीट पर कुशवाह वोटरों की संख्या 30 हजार से उपर है। बताया जाता है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कुशवाह वर्ग की नाराजगी का खामियाजा ही नरोत्तम मिश्रा को उठाना पड़ा था और वह चुनाव हार गए थे। चुनाव के बाद कुशवाह वर्ग को साधने के लिए नरोत्तम मिश्रा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कुशवाह वर्ग से आने वाले रघुवीर कुशवाह को भाजपा जिला अध्यक्ष बनवाया। दतिया में इसके साथ यादव और जाटव समुदाय के वोटरों को रिझाना भी बड़ी चुनौती है।

राजेंद्र भारती की सदस्यता क्यों हुई खत्म?-कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को जिस मामले में सजा मिली है वह पूरा मामला 27 साल पुराना  साल 1998 का है,जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पिता के नाम पर संचालित एक संस्थान की 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी, जिस पर तत्कालीन ब्याज दर 13.5 प्रतिशत थी। बाद में जब बैंक ने ब्याज दरें कम कर दीं, तब राजेंद्र भारती ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक के तत्कालीन लिपिक रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर दस्तावेजों में काट-छाँट की और एफडी की समय सीमा को बढ़ाकर 15 साल कर दिया, जिससे पुरानी ब्याज दर का लाभ मिलता रहे।

इस मामले का खुलासा साल 2011 में हुआ जब बैंक के तत्कालीन प्रशासक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की मांग की। हालांकि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने पर मामला जिला न्यायालय और फिर उच्च न्यायालय तक पहुँचा। बाद में राजेंद्र भारती की मांग को पूरे मामले को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किए है। गुरुवार को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने बैंक एफडी हेराफेरी और जालसाजी के  मामले में 3 साल की सजा सुनाई है।  कोर्ट ने कांग्रेस विधायक को दो धराओं में 3–3 साल और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। हलांकि कोर्ट ने कांग्रेस विधायक को जमानत भी दे दी थी। कोर्ट के फैसले के बाद मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी और अब दतिया में उपचुनाव होने जा रहा है।