
मानसून की पहली ही बारिश में शामली के पास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बड़े बड़े गड्डे नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2026 में 213 किलोमीटर लंबे 6 लेन वाले इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने स्थानीय लोगों के विरोध के कारण ड्रेनेज सिस्टम पूरा न होने को वजह बताया और संबंधित अधिकारियों पर बड़ा एक्शन लिया। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा गया है कि UP- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही बारिश में धंस गया। सड़क पर इतने खतरनाक गड्डे है कि मौत का खतरा बना हुआ है। विश्वस्तरीय यह एक्सप्रेसवे 12,000 करोड़ रूपये की लागत से बनवाया गया है। इसकी ब्रांडिंग के लिए करोड़ों रूपये फूंके गए। 14 अप्रैल-2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका शुभारंभ करने आए थे।
UP- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही बारिश में धंस गया. सड़क पर इतने खतरनाक गड्डे है कि मौत का खतरा बना हुआ है.
विश्वस्तरीय यह एक्सप्रेसवे 12,000 करोड़ रूपये की लागत से बनवाया गया है. इसकी ब्रांडिंग के लिए करोड़ों रूपये फूंके गये. 14 अप्रैल-2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी… pic.twitter.com/XvXxwifMqb
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) July 2, 2026
कई यूजर्स ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को टैग करते हुए सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और इसकी जांच कराने की मांग की। हालांकि, गडकरी ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्या बोला NHAI?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, बारिश के बाद दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर एक स्थान पर सड़क की सतह धंसने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर यात्रियों को हुई असुविधा के लिए NHAI खेद व्यक्त करता है। प्रभावित हिस्से की मरम्मत कर दी गई है और इसे नियमित यातायात के लिए खोल दिया गया है।
पोस्ट में कहा गया है कि यह घटना स्थानीय स्तर पर पानी जमा होने के कारण हुई। संबंधित स्थान पर स्थायी क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम चालू नहीं हो सका, क्योंकि स्थानीय निवासियों के लगातार विरोध के चलते बैलेंसिंग कलवर्ट को जोड़ने की अनुमति नहीं मिली। इसके बजाय कलवर्ट के मुहाने का उपयोग वाहन पार करने के लिए किया जाता रहा। इससे प्रस्तावित जल निकासी व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी। ALSO READ: 8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला गार्ड! वेनेजुएला भूकंप में चमत्कारी रेस्क्यू ने दुनिया को चौंकाया
घटना के तुरंत बाद NHAI ने मरम्मत कार्य शुरू किया और अब स्थायी ड्रेनेज सिस्टम के चालू होने तक वर्षा के पानी की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए एक अस्थायी समानांतर नाला (इंटरिम पैरलल ड्रेन) बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। प्रभावित स्थान की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि यातायात सुरक्षित और निर्बाध बना रहे।
NHAI regrets the inconvenience caused to NH commuters due to the road surface cave-in at a location on the Delhi–Dehradun Economic Corridor following rainfall. The section has been restored and opened for regular traffic movement.
The incident occurred due to localized water… pic.twitter.com/c2LEo2qTxg
— NHAI (@NHAI_Official) July 2, 2026
NHAI ने क्या लिया एक्शन?
घटना को गंभीरता से लेते हुए NHAI ने संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और ईपीसी (EPC) ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही अथॉरिटी इंजीनियर की टीम के टीम लीडर और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को निलंबित कर दिया गया है।

