
बेंगलुरु की मशहूर आईटी कंपनी केपजेमिनी (Capgemini) के HAL कैंपस में बने डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ हैवानियत के वीडियो वायरल हो रहे हैं। कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग अधिकारियों से रिपोर्ट मांगेगा और अपने स्तर पर जांच करेगा।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक बच्चा टॉयलेट में बंद है। वह फर्श पर लेटा हुआ है और जोर जोर से रो रहा है। एक महिला बच्चे के बिलखने का वीडियो बना रही है। एक और वीडियो में महिला बच्चे को टॉयलेट सीट पर बैठाकर उसके मुंह पर जेट स्प्रे से पानी डाल रही है। एक अन्य वीडियो में बच्चे को फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन के ड्रम में बैठाकर रखा गया है। उसके डराया जा रहा है, बच्चा रो रहा है।
Bengaluru Daycare Horror: Five women booked after toddlers were allegedly forced into a washing machine and abused at a daycare. The accused have been taken in for questioning. Investigation is underway.#Bengaluru pic.twitter.com/wQrCdaNl4i
— Smriti Sharmaa (@SmritiSharma_) July 1, 2026
इन वीडियो के आधार पर 5 महिला केयरगिवर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस बच्चों के साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच कर रही है। इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह पता नहीं चला है कि कितने बच्चों के साथ गलत व्यवहार हुआ है।
पुलिस के अनुसार, डे-केयर में आने वाले बच्चे कैंपस में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के हैं। इन्हें उनके माता-पिता ड्यूटी के दौरान यहां छोड़ते थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि डे-केयर सेंटर का संचालन सीधे कैपजेमिनी कर रही थी या कंपनी परिसर में किसी बाहरी एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी।
कंपनी ने बंद किया डे केयर
कैपजेमिनी ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। एहतियात के तौर पर बेंगलुरु स्थित ऑन-कैंपस डे-केयर सेंटर को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
क्या होते हैं डे-केयर
डे-केयर सेंटर वह जगह है, जहां छोटे बच्चों की दिनभर देखभाल, सुरक्षा और शुरुआती सीखने की गतिविधियों का ध्यान रखा जाता है। बड़े शहरों में यदि माता-पिता दोनों नौकरी पेशा हैं तो वे अपने बच्चों को इन डे-केयर में तय समय के लिए छोड़ देते हैं। यहां बच्चों की देखभाल की है। इसके बदले में हर महीने तय फीस ली जाती है। कई कंपनिया भी अपने डे-केयर सेंटर चलाती हैं, जहां उनके कर्मचारी अपने छोटे बच्चों को नौकरी करने के समय तक छोड़ देते हैं। छुट्टी के बाद बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं।

