Weather Update : दिल्‍ली समेत कई राज्‍यों में बारिश का अलर्ट, कैसा है मुंबई का हाल? जानें देशभर का मौसम

Rain alert for several states including Delhi

Weather Update News : मौसम विभाग ने दिल्ली सहित कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर नया अलर्ट जारी कर दिया है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। मुंबई में कई दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और भारी बारिश के बाद शुक्रवार सुबह तेज धूप निकली। लेकिन 4 दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश का असर आज भी पश्चिम रेलवे की पटरियों पर साफ दिखाई दे रहा है। आईएमडी आज शहर और उपनगरों में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है। इस महीने के पहले सप्ताह में मुंबई और आसपास के इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन, पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं हुई थीं।

 

कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली सहित कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर नया अलर्ट जारी कर दिया है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। मुंबई में कई दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और भारी बारिश के बाद शुक्रवार सुबह तेज धूप निकली।

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लेकिन 4 दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश का असर आज भी पश्चिम रेलवे की पटरियों पर साफ दिखाई दे रहा है। आईएमडी आज शहर और उपनगरों में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है। इस महीने के पहले सप्ताह में मुंबई और आसपास के इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन, पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं हुई थीं।

 

दिल्ली में यलो अलर्ट जारी

दिल्ली-NCR में आज हल्की बारिश होने के आसार हैं, इसलिए राजधानी के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद कल भी दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश की संभावना है। बिहार के पटना, किशनगंज, गया, कटिहार, सारण, भागलपुर, भोजपुर, सहरसा, वैशाली, सुपौल, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण, बक्सर, पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर में भारी बारिश के साथ तूफान का अलर्ट है। 

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उत्तराखंड के कई जिलों में अलर्ट

उत्तराखंड के कई जिलों में रेड अलर्ट और अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी, टिहरी और देहरादून जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा, जलभराव, भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है।

 

केरल के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने कहा कि 11 जुलाई से राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में लगभग एक हफ्ते तक बारिश के सिलसिले में थोड़ी कमी आने की संभावना है। केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने के कारण आईएमडी ने बृहस्पतिवार को राज्य के तीन जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया, जिनमें मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड शामिल हैं।

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं समेत जिलों में आज भारी बारिश की संभावना है। शिमला मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर 15 जुलाई तक भारी बारिश की आशंका जताते हुए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है।

 

इंदौर में यशवंत सागर का बढ़ा जल स्‍तर

पश्चिमी इंदौर के एक बड़े हिस्से को प्रतिदिन 5 एमएलडी पानी सप्लाई करने वाले प्रमुख जलाशय यशवंत सागर के जलस्तर में अब काफी तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस जलाशय में पानी का स्तर अब तक 13 फुट तक पहुंच गया है। इंदौर शहर में गुरुवार को दोपहर में बादल छाए और कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी भी हुई। कल दिनभर बारिश नहीं होने से दिन के तापमान में इजाफा देखने को मिला। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक आज शहर में बादल छाने के साथ वर्षा होने की संभावना है। 

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सूरत में बाढ़ को लेकर हाईलेवल बैठक

सूरत में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने देर रात प्रशासनिक तंत्र के उच्च अधिकारियों के साथ एक हाईलेवल बैठक की और राहत कार्यों की समीक्षा की। बाढ़ प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए सूरत का पूरा प्रशासनिक अमला युद्ध स्तर पर काम में जुट गया है।

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा अब तक 9100 परिवारों का डोर-टू-डोर सर्वे पूरा कर लिया गया है। इस सर्वे के तहत 800 से अधिक परिवारों को 6,800 रुपए के हिसाब से कैशडोल और घरेलू सामान के नुकसान के बदले तत्काल सहायता राशि का भुगतान कर दिया गया है। बाकी बचे प्रभावित इलाकों में भी आज रात तक सर्वे का काम पूरा कर सहायता पहुंचा दी जाएगी।

SBI फंड्स का 11,693 करोड़ का IPO 14 जुलाई से खुलेगा, जानिए प्राइस बैंड, GMP और पूरी डिटेल

sbi funds management IPO

SBI Funds Management IPO : देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट का 11,693 करोड़ रुपए का IPO 14 जुलाई से निवेशकों के लिए खुलेगा। जानिए प्राइस बैंड, बिडिंग डेट, लिस्टिंग, ऑफर फॉर सेल, GMP और कंपनी की वित्तीय स्थिति से जुड़ी सभी अहम जानकारी।

 

14 से 16 जुलाई तक लगेगी बोली

इस IPO में बिडिंग 14 जुलाई से शुरू हो जाएगी। आप इसमें 16 जुलाई तक बोली लगा सकेंगे। एंकर इन्वेस्टर्स को इस आईपीओ में सोमवार, 13 जुलाई को बोली लगाने का मौका मिलेगा। आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट 18 जुलाई को तय होगा और कंपनी के शेयर 21 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। इसके एक शेयर का फेस वैल्यू 1 रुपया है। इसका प्राइस बैंड 545 से 574 रुपए तय किया गया है।

 

सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी

SBI फंड्स देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जो 1.8 करोड़ निवेशकों की 29 लाख करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन करती है। वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 22% बढ़कर 4,390 करोड़ रुपए और शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर 3,067 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

 

ऑफर फॉर सेल है यह IPO

SBI फंड्स मैनेजमेंट का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं और सारा पैसा उन्हीं के पास जाएगा, कंपनी को कोई नया फंड नहीं मिलेगा। भारतीय स्टेट बैंक अपनी 6.3% हिस्सेदारी के तहत 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा। अमुंडी इंडिया होल्डिंग भी अपनी 3.7% हिस्सेदारी के तहत 7.56 करोड़ शेयर बेचेगी।

 

अनलिस्टेड (ग्रे) मार्केट में इसके शेयर करीब 830 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे। यदि शेयर 574 रुपए के ऊपरी प्राइस बैंड पर अलॉट होते हैं, तो लिस्टिंग के बाद कंपनी का कुल मार्केट कैप लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा।

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

शरद पवार की शिंदे के कक्ष में बैठक से महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई, संजय राउत ने उठाए सवाल

Sharad Pawar

Maharashtra Politics : विधान भवन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में शरद पवार द्वारा ली गई बैठक के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुलाकात को लेकर संजय राउत ने निशाना साधा, जबकि एकनाथ शिंदे और जितेंद्र आव्हाड ने सफाई दी। ALSO READ: देश के ईवी बाजार में 18% हुई UP की हिस्सेदारी, 30 फीसदी तक पहुंचने का लक्ष्य

 

मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र विधानसभा स्थित उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में अपने विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के कथित “ऑपरेशन टाइगर” प्रकरण के बाद अब शरद पवार की इस बैठक ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

 

इसी बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने संकेत दिए कि महाराष्ट्र में महायुति और राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए गठबंधन आने वाले दिनों में और मजबूत होगा। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने इस बैठक को राजनीतिक रंग न देने की अपील की। ALSO READ: TMC को बड़ा झटका, सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक BJP में शामिल, राज्यसभा उपचुनाव के लिए बने उम्मीदवार

 

शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने इस बैठक पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने महाविकास आघाड़ी सरकार गिराई, उसके कक्ष में पार्टी की बैठक करना एक वरिष्ठ नेता की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता किसी अन्य स्थान पर भी बैठक कर सकते थे।

 

शिंदे और पवार की मुलाकात के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की महायुति और देश की एनडीए पहले से अधिक मजबूत नजर आएगी। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही कुछ बड़े राजनीतिक फैसलों की घोषणा हो सकती है।

 

संजय राउत के बयान पर पलटवार करते हुए योगेश कदम ने कहा कि “गुरु” एकनाथ शिंदे से मुलाकात होने के कारण “शिष्य” को बुरा लग गया होगा। शायद अब गुरु ने अपने शिष्य को सब कुछ बताना बंद कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि संजय राउत कभी शिवसेना के सदस्य नहीं रहे, बल्कि वे शरद पवार के शिष्य हैं। कदम ने दावा किया कि शिंदे और पवार की मुलाकात भविष्य की राजनीतिक घटनाओं की शुरुआत है और एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के आधार पर शिवसेना को आगे बढ़ा रहे हैं।

 

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शरद पवार महाराष्ट्र के वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। वे उनके कक्ष में आए, इसलिए उन्होंने स्वयं जाकर उनका स्वागत किया। शिंदे ने कहा कि यही महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति है और हम इसे बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को इस मुलाकात से “पेट दर्द” हो रहा है या जिनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, वे मुंबई या ठाणे के “आपला दवाखाना” जाकर इलाज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी आलोचनाओं पर वे कोई ध्यान नहीं देते।

 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि शरद पवार की सेहत और सुविधा को देखते हुए विधायकों की बैठक एकनाथ शिंदे के कक्ष में आयोजित की गई थी। इस बैठक के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था और इसे बेवजह राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

सूरत में बाढ़ के बाद एक्शन मोड, हर्ष संघवी की देर रात हाईलेवल बैठक, 800 से अधिक परिवारों को तत्काल कैशडोल का भुगतान

Deputy Chief Minister Harsh Sanghavi held high level meeting regarding floods in Surat

Deputy Chief Minister Harsh Sanghavi : सूरत में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने देर रात प्रशासनिक तंत्र के उच्च अधिकारियों के साथ एक हाईलेवल बैठक की और राहत कार्यों की समीक्षा की। बाढ़ प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए सूरत का पूरा प्रशासनिक अमला युद्ध स्तर पर काम में जुट गया है।

 

डोर-टू-डोर सर्वे और कैशडोल का भुगतान

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा अब तक 9100 परिवारों का डोर-टू-डोर सर्वे पूरा कर लिया गया है। इस सर्वे के तहत 800 से अधिक परिवारों को 6,800 रुपए के हिसाब से कैशडोल और घरेलू सामान के नुकसान के बदले तत्काल सहायता राशि का भुगतान कर दिया गया है। बाकी बचे प्रभावित इलाकों में भी आज रात तक सर्वे का काम पूरा कर सहायता पहुंचा दी जाएगी।

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व्यापारियों के लिए प्रशासनिक मदद और नई पॉलिसी की घोषणा

आवासीय क्षेत्रों के साथ-साथ शहर के लगभग 58 कमर्शियल (व्यापारिक) क्षेत्रों का भी सर्वे किया गया है। बाढ़ के कारण व्यापारियों को हुए आर्थिक नुकसान के इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए एक विशेष प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति की गई है। यदि कोई व्यापारी सर्वे से वंचित रह गया है, तो वह सीधे कलेक्टर कार्यालय से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा, व्यापारिक नुकसान में उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए आने वाले समय में सरकार द्वारा एक विशेष नीति (पॉलिसी) भी घोषित की जाएगी।

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वडोदरा की टीम की मदद से सूरत में महा सफाई अभियान

बाढ़ का पानी उतरने के बाद शहर में महामारी न फैले और स्वच्छता बनी रहे, इसके लिए एक सप्ताह का विशेष सफाई अभियान शुरू किया जा रहा है। सूरत नगर निगम के 4500 सफाई कर्मियों के साथ वडोदरा से बुलाए गए 1000 से अधिक कर्मचारी इस कार्य में शामिल होंगे। इसके अलावा, दुकानों और मकानों के बेसमेंट में भरे पानी को बाहर निकालने के लिए प्रशासन द्वारा 50 से अधिक हाई-कैपेसिटी पंप तैनात किए गए हैं।

 

उपमुख्यमंत्री का ग्राउंड विजिट और सूरतवासियों के हौसले को सलाम

कल उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बाढ़ प्रभावित वराछा क्षेत्र के पोद्दार आर्केड और यश प्लाजा कॉम्प्लेक्स जैसे व्यापारिक केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना और नुकसान का तेजी से सर्वे कराकर उचित राहत दिलाने का आश्वासन दिया।

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इस कठिन परिस्थिति में सूरत के नागरिकों ने जो हिम्मत, धैर्य और एकता दिखाई है, उसकी सराहना करते हुए हर्ष संघवी ने सूरतवासियों को सलाम किया और विश्वास दिलाया कि सरकार इस संकट में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

लखनऊ की दो बहनों ने कैसे रची संस्कृति से गेम की दुनिया

Lucknow Sisters Card Game

समीरात्मज मिश्र

लखनऊ की दो बहनों ने भारतीय कला और संस्कृति से प्रेरित एक कार्ड गेम बनाया जिसे 40 से ज्यादा देशों के लोगों ने पसंद किया। उनकी कहानी बताती है कि संस्कृति केवल विरासत नहीं बल्कि रचनात्मक उद्यम का जरिया भी बन सकती है। ALSO READ: जर्मनी में गर्मी की वजह से इस साल 5,100 लोगों की मौत

 

लखनऊ में मृणालिनी मित्रा का मल्टीमीडिया नैरेटिव स्टूडियो मित्रासा यूं तो किसी आम स्टूडियो जैसा दिखता है लेकिन भीतर का दृश्य कुछ अलग है। भीतर रखी मेज पर फैले दर्जनों रंग-बिरंगे कार्ड बताते हैं कि यहां सिर्फ एक गेम नहीं, बल्कि एक पूरी काल्पनिक दुनिया रची जा रही है।

 

इन कार्डों में ना बादशाह हैं, ना बेगम हैं और ना इक्का। इनमें ऐसे पात्र हैं जो किसी वास्तविक इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि भारतीय कला और सांस्कृतिक कल्पना से जन्मी एक नई दुनिया के निवासी हैं।

 

इस कार्ड गेम के जरिए मृणालिनी मित्रा भारतीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ी कहानियों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। उनका मानना है कि भारत की कहानियां सिर्फ किताबों और फिल्मों में नहीं बल्कि खेलों के जरिए भी दुनिया तक पहुंच सकती हैं।

 

इतिहास, कला और संस्कृति को आमतौर पर संग्रहालयों, स्मारकों और किताबों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन मृणालिनी मित्रा और उनकी बहन न्योनिका ने उन्हीं स्मृतियों को एक ऐसे कार्ड गेम का हिस्सा बन दिया है जिसे दोस्त और परिवार के लोग साथ बैठकर खेल सकते हैं। मृणालिनी मित्रा कहती हैं, “कला और संस्कृति जैसी चीजें सिर्फ किताबों में कैद रहने वाली, पढ़ी या देखी जाने वाली चीजें नहीं हैं बल्कि उन्हें खेल का हिस्सा बनाकर महसूस भी किया जा सकता है।” ALSO READ: पश्चिम बंगाल: पुलिस मुठभेड़ में अभियुक्त की मौत से उठे सवाल

 

कार्ड गेम को मिली वैश्विक पहचान

मृणालिनी मित्रा और उनकी बहन न्योनिका के इस कार्ड गेम को इसी साल जून में दुनिया के 40 से ज्यादा देशों के लोगों ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म किकस्टार्टर पर हाथों-हाथ लिया और एक महीने के भीतर उनके इस अभियान को एक लाख अमेरिकी डॉलर से भी ज्यादा का फंड मिल गया।

 

मृणालिनी कहती हैं कि इस स्टार्टअप के पीछे सबसे बड़ा मकसद यह था कि अपनी सांस्कृतिक विरासत, कल्पनाशीलता और कला को वैश्विक बाजार में एक क्रिएटिव प्रोडक्ट के रूप में पेश किया जाए।

 

इस गेम की नायिका अमाया है, जो मृणालिनी की काल्पनिक दुनिया 'वर्ल्ड ऑफ मित्रासा' की एक 'क्लाउड मास्टर' है। यानी वह इस फैंटेसी संसार की एक काल्पनिक पात्र है।

 

‘वन मोर पेज' नाम के अपने इस गेम के बारे में मृणालिनी बताती हैं, “गेम की कहानी अमाया नाम की एक लेखिका के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी किताब पूरी करने की कोशिश कर रही है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी चुनौती है उसकी एक पालतू गाय बो, जिसे जगाए बिना उसे अपना काम पूरा करना है।”

 

वो आगे बताती हैं, “इस गेम में एक से लेकर छह तक प्लेयर हो सकते हैं। यह गेम करीब आधे घंटे का होता है। खिलाड़ी एक मायावी दुनिया में जूनियर लेखक बनते हैं। कार्ड किताब के पन्नों सरीखे होते हैं। खिलाड़ी एक-एक करके कार्ड पलटते हैं, यानी अपनी किताब के नए पन्ने लिखते हैं। लेकिन यदि एक कार्ड दोबारा आ गया, तो बो जाग जाती है और खिलाड़ी की अब तक की मेहनत दूसरे खिलाड़ियों में बंट जाती है। नौ अध्याय पूरे करने वाला विजेता बन जाता है।”

 

गेम के नियम इस तरह बनाए गए हैं कि हर बार खिलाड़ी के सामने वही दुविधा आती है जिसका सामना कोई लेखक करता है यानी क्या एक पन्ना और लिखा जाए या फिर यहीं रुककर अब तक की मेहनत बचा ली जाए।

 

मृणालिनी बताती हैं कि गेम की दुनिया भले ही काल्पनिक हो, लेकिन उसकी भावनाएं हर उस व्यक्ति की हैं जिसने कभी घर से काम करते हुए अपने पालतू जानवर की शरारतों का सामना किया हो। ALSO READ: बेंगलुरु डेकेयर कांड कामकाजी पेरेंट्स के लिए कितना बड़ा झटका

 

गेम का मकसद

इस गेम की कहानी यहीं खत्म नहीं होती बल्कि इसका मकसद कहीं बड़ा है। मृणालिनी ने इसे सिर्फ एक कार्ड गेम नहीं बनाया बल्कि ‘मित्रासा की दुनिया' नाम से एक पूरा कल्पनालोक तैयार किया है जिसकी जड़ें दक्षिण एशियाई कला, प्रकृति और सांस्कृतिक सौंदर्यबोध में हैं। कुछ उसी तरह, जैसे जापान ने पोकेमॉन और स्टूडियो घिबली के जरिए अपनी कल्पनाशील दुनिया रची और ब्रिटिश लेखक जेआरआर टॉल्किन ने मिडिल अर्थ जैसा काल्पनिक संसार बनाया।

 

मृणालिनी के इस गेम की दुनिया में बो के पास पड़े मोदक यानी लड्डू दिखते हैं, चित्रों में जामुन के फल हैं, कचनार के फूल हैं। इसके अलावा इनमें मौजूद विविध रंग, आकृतियां और दृश्य भारतीय उपमहाद्वीप की प्रकृतिक संरचना और कला परंपरा से प्रेरित हैं। दिलचस्प बात यह है कि गेम खेलने वाले इन सांस्कृतिक संकेतों को बिना किसी मदद के समझ जाते हैं।

 

मृणालिनी बताती हैं, “हम चाहते हैं कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को सिर्फ किताबों के जरिए ना जाना जाए बल्कि उसे खेलते-खेलते महसूस किया जाए। हम यह दावा नहीं करते कि हम इतिहास और संस्कृति को पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हां, हमारा यह प्रयास है कि इन चीजों को गेमिंग जैसे मजेदार तरीके से भी सीखा और समझा जा सकता है।”

 

मृणालिनी कहती हैं कि ‘वन मोर पेज' सीधे इतिहास और संस्कृति का गेम नहीं है बल्कि यह दक्षिण एशियाई कला, सौंदर्यबोध, प्रकृति और सांस्कृतिक प्रतीकों से प्रेरित एक मौलिक कल्पना है। 

 

दुनिया भर में वीडियो गेम, बोर्ड गेम और कार्ड गेम अब सिर्फ मनोरंजन के माध्यम नहीं रह गए हैं बल्कि वे इतिहास, मिथकों, लोककथाओं और सांस्कृतिक स्मृतियों को नए रूप में प्रस्तुत करने का माध्यम भी बन रहे हैं। मृणालिनी का प्रयास भी कुछ इसी दिशा में है। उनका मानना है कि भारतीय संस्कृति को समझने के लिए जो काम किताबें और लंबे व्याख्यान कर सकते हैं, कभी-कभी एक अच्छा खेल भी वही काम कर सकता है।

 

कैसे आया ये विचार?

अपनी इस रचनात्मक यात्रा के पीछे मृणालिनी मित्रा उन भावुक पलों का जिक्र करती हैं जब उनकी मां को स्टेज-3 के कैंसर का पता चला। वो बताती हैं, “तब मुझे महसूस हुआ कि कल्पना केवल कला का माध्यम नहीं है बल्कि यह मुश्किल समय में इंसान को संभालने वाली ताकत भी हो सकती है।”

 

मृणालिनी कहती हैं कि लंबे समय तक उन्हें लगता था कि उनके भीतर दो अलग-अलग दुनिया रहती हैं। एक तरफ वो चित्रकार थीं तो दूसरी तरफ लेखिका। जैसे एक ही व्यक्ति के भीतर दो अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोग हों। वो कहती हैं, “उसी दौर में मुझे लगा कि यदि कल्पना इंसान को कठिन समय में संभाल सकती है, तो शायद वही दूसरों तक उम्मीद और खुशी भी पहुंचा सकती है। इसी सोच ने मित्रासा की नींव रखी।”

 

बोर्ड गेम का फैलता संसार

बोर्ड गेम का उद्योग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है। पिछले डेढ़ दशक में ऐसे गेम्स की लोकप्रियता बढ़ी है जो केवल मनोरंजन ही नहीं करते, बल्कि खेलने वालों को किसी संस्कृति, सभ्यता या ऐतिहासिक दौर का अनुभव भी कराते हैं।

 

दिल्ली में गेमिंग के व्यवसाय से जुड़े दिनकर शर्मा कहते हैं, “दुनिया भर में इस तरह के गेम पिछले कुछ समय से काफी पॉपुलर हैं लेकिन भारत में कम हैं। यूरोप में मध्यकालीन व्यापार पर आधारित गेम हैं, जापान की लोक परंपराओं पर आधारित गेम हैं, कई दूसरे देशों में स्थानीय मिथकों से प्रेरित गेम हैं। लेकिन भारत में जिसके पास हजारों वर्षों का इतिहास और सांस्कृतिक विविधता है, वहां ऐसे गेम बहुत कम दिखाई देते हैं।”

 

दिनकर शर्मा कहते हैं, “किसी कार्ड गेम को विकसित करना सिर्फ खूबसूरत चित्र बनाने का काम नहीं है बल्कि हर नियम को बार-बार परखा जाता है, सैकड़ों बार खेला जाता है, गलतियों को सुधारा जाता है। और फिर तय किया जाता है कि खिलाड़ी पूरे खेल के दौरान उत्साहित बना रहेगा या नहीं। किसी अच्छे बोर्ड गेम की सफलता केवल उसके विषय पर नहीं, बल्कि उसके गेम मेकैनिक्स पर निर्भर करती है।”

 

किकस्टार्टर के जरिए मिले क्राउड फंडिंग को लेकर मृणालिनी कहती हैं कि यह सिर्फ किसी प्रोडक्ट को खरीदने के लिए पैसे नहीं देते बल्कि वे किसी विचार, किसी कलाकार और उसकी कल्पनाशीलता पर भरोसा जताते हैं। दरअसल, किकस्टार्टर पर मिलने वाले पैसे का मतलब है कि वो आपके स्टार्टअप पर भरोसा कर रहे हैं और उसके उत्पाद को खरीदने के लिए वो पहले ही ऑर्डर कर रहे हैं।

 

क्या है क्राउडफंडिंग?

दरअसल, क्राउडफंडिंग का मॉडल पारंपरिक निवेश से अलग होता है। इसमें लोग किसी बने-बनाए प्रोडक्ट को नहीं खरीदते, बल्कि उसके बनने से पहले ही प्री-ऑर्डर करते हैं। इससे स्टार्टअप को अपने प्रोडक्ट के लिए शुरुआती पूंजी मिल जाती है और प्रोडक्ट तैयार होने पर सबसे पहले उनके पास वो चीज पहुंच जाती है।

 

मृणालिनी बताती हैं, “हमें 40 से ज्यादा देशों के लोगों का समर्थन मिला, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा जैसे देशों के लोग भी शामिल हैं। इसके जरिए हमें सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं मिली, बल्कि सबसे बड़ी बात यह है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के लोगों ने भारतीय सांस्कृतिक सौंदर्यबोध पर आधारित एक नए कल्पनालोक में अपनी दिलचस्पी दिखाई।”

 

एआई यानी आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस के दौर में मित्रासा स्टूडियो ने एक और अलग रास्ता चुना है। मृणालिनी कहती हैं कि उनके स्टूडियो में हर चित्र, हर कार्ड और हर अक्षर उन्होंने या फिर उनके साथियों ने खुद तैयार किया है, किसी तरह के एआई जैसे टूल का इस्तेमाल नहीं किया है। वो कहती हैं, “तकनीक उपयोगी हो सकती है, लेकिन कल्पना और क्रिएटिविटी का केंद्र इंसान ही होना चाहिए। जब दुनिया कृत्रिम रूप से बनाई गई कला से भर रही है, तब हाथ से बनी कला की अपनी अलग पहचान और कीमत है।”

 

बहरहाल, 'वन मोर पेज' वैश्विक बोर्ड गेम उद्योग में कितनी बड़ी जगह बना पाएगा, यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन लखनऊ के एक छोटे-से स्टूडियो ने इतना जरूर दिखा दिया है कि भारतीय कला, संस्कृति और कल्पनाशीलता केवल अतीत की विरासत नहीं हैं बल्कि वे भविष्य के रचनात्मक उद्योगों का आधार भी बन सकती हैं।

क्या ईरान रच रहा है ट्रंप की हत्या की साजिश? इजराइली खुफिया रिपोर्ट का दावा

threat to donald trump

अमेरिका और ईरान के बीच भीषण जंग थमने का नाम ही नहीं ले रही है। अमेरिका ईरानी शहरों को निशाना बना रहा है तो ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है। इस बीच इजराइल के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने की योजना बना रहा है। ALSO READ: US-Iran war : ईरान का सनसनीखेज दावा- अमेरिका ने बुशेहर परमाणु संयंत्र पर किया हमला

 

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल और सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इजराइल ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बताया कि उनके पास खुफिया जानकारी है कि ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है। ईरान की कथित हत्या की योजना के बारे में यह चेतावनी इसी सप्ताह मिली है। हालांकि अमेरिका या ईरान की सरकार की तरफ से इन रिपोर्ट को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। 

 

इस खुफिया जानकारी ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव को ऐसे समय में और बढ़ा दिया है। हाल ही में ट्रंप ने दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम समझौता खत्म होने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि ईरान से बातचीत समय की बर्बादी है।

 

वॉशिंगटन पूर्व में दावा कर चुका है कि ईरान ने कई बार ट्रंप को मारने की कोशिश की। हाल ही में अंकारा में आयोजित नाटो सम्मेलन में भी ट्रंप ने ईरान से अपनी जान को खतरा बताया था। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार पर फिर किया दावा! खुद को बताया 'असली' हकदार

 

ईरान ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया

ईरान ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है।  IRGC ने अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट में दखल न देने की चेतावनी दी है। अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो स्ट्रेट में सामान्य आवाजाही बहाल नहीं हो पाएगी और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।  

LIVE: MCG स्टेडियम में पीएम मोदी, कहा- आज लास्ट अवर का दबाव नहीं

PM Modi and PM Albanese in MCG

Latest News Today Live Updates in Hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी एल्बनीज के साथ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में शेन वॉर्न स्टैंड पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज यहां कोई लास्ट ऑवर का दबाव नहीं है। आज यहां केवल खेल की खुशी है। हमारी मित्रता की गर्मजोशी है और भावी चैंपियन्स की ऊर्जा है। पल पल की जानकारी…

उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर टोल्डी नाला के पास शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा के 5 तीर्थयात्री एक सड़क हादसे में घायल हो गए। ये तीर्थयात्री जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से पहलगाम जा रहे थे।
 

उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के मूंडाखेड़ा में बारिश के कारण मस्जिद की बाउंड्रीवाल ढह गई। हादसे में 6 लोग मलबे में दब गए इनमें से 3 की मौत हो गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे के आखिरी दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में शेन वॉर्न स्टैंड पहुंचे। पीएम मोदी ने कहा कि MCG में आकर किसी भी भारतीय के मन में दो भावनाएं एक साथ आती हैं। एक भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच का रोमांच और दूसरा ये एहसास कि दोनों देशों में क्रिकेट केवल एक खेल नहीं बल्कि एक साझा जुनून है। लेकिन आज यहां कोई लास्ट ऑवर का दबाव नहीं है। आज यहां केवल खेल की खुशी है। हमारी मित्रता की गर्मजोशी है और भावी चैंपियन्स की ऊर्जा है।

उन्होंने कहा कि हमें अभी कबड्डी, फुटबॉल और क्रिकेट की दुनिया से जुड़े इन बच्चों से बातचीत करने का अवसर मिला। उनके जोश को देख कर लगा कि आज यहां बच्चों का एग्जिबिशन मैच नहीं है, भावी चैंपियंस का ऑडिशन चल रहा है। उनके आत्मविश्वास और ऊर्जा से ये स्पष्ट है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया में खेलों का भविष्य बहुत उज्जवल है।

जर्मनी में गर्मी की वजह से इस साल 5,100 लोगों की मौत

germany heat

निखिल रंजन डीपीए

जून के महीने में जर्मनी में पड़ी भारी गर्मी की वजह से करीब 5,100 लोगों की मौत हो गई। आखिर गर्मी का मौसम यूरोपीय देशों को इतना परेशान क्यों कर जाता है? ALSO READ: फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी नेता की सजा घटी लेकिन चुनौतियां नहीं

 

जून के कुछ हफ्ते जर्मनी समेत कई देशों के लिए बहुत तकलीफदेह रहे। कई शहरों में तापमान 38-40 डिग्री तक पहुंच गया था। अब जर्मनी के रॉबर्ट कॉख इंस्टीट्यूट (आरकेआई) ने जानकारी दी है कि इस दौरान करीब 5,100 लोगों की मौत हो गई। 9 जुलाई को जारी ये आंकड़े गर्मी से होने वाली मौत के हैं जो इंस्टीट्यूट की साप्ताहिक रिपोर्ट का हिस्सा बने हैं। आरकेआई ने कहा है कि यह आंकड़ा 2023 से 2025 के बीच गर्मी से हुए औसतन 2,900 मौतों के आंकड़े को पहले ही पार कर गया है।

 

इंस्टीट्यूट का आकलन है कि जून में 22-28 तारीख वाले हफ्ते में गर्मी के कारण होने वाली मौत की संख्या 4,310 तक बढ़ गई। इस हफ्ते में जर्मनी ने भारी गर्मी का सामना किया। इस दौरान देश के कई हिस्से में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था।

 

अप्रैल से लेकर 21 जून तक की अवधि में आरकेआई का अनुमान है कि करीब 810 लोगों की मौत गर्मी की वजह से हुई थी। हालांकि आरकेआई के प्रवक्ता का कहना है कि इनमें से लगभग सभी लोगों की मौत 15-21 जून के बीच हुई थी। ALSO READ: ब्रिटेन का शाही परिवार कहां से और कैसे धन कमाता है

 

बुजुर्ग लोगों के लिए सबसे ज्यादा खतरा

गर्मी के कारण जो लोग मरे हैं उनमें ज्यादातर लोग बुजुर्ग हैं। 28 जून तक जिन लोगों की मौत हुई उनमें 2,950 लोग  85 साल या उससे ज्यादा उम्र के थे। 75-84 साल की उम्र वाले लोगों की संख्या 1,320 जबकी 65-74 साल की उम्र वाले 550 लोग थे। 65 साल से कम उम्र वाले लोग जिनकी गर्मी की वजह से मौत हुई उनकी संख्या लगभग 300 थी।

 

आरकेआई का कहना है कि गर्मी का कुल मिला कर असर इससे और ज्यादा भी हो सकता है। जर्मनी के संघीय सांख्यिकी कार्यालय ने 22-28 जून के बीच 6800 अतिरिक्त लोगों की मौत दर्ज की है। हालांकि दोनों आंकड़े अलग अलग तरीकों से जुटाए गए हैं।

 

चरम स्थिति का बहुत कुछ लेना देना गर्मी के कारण बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और तैराकी के दौरान हुई दर्जनों लोगों की मौत से भी है। सड़कों के पिघलने से कई हाईवे अस्थाई रूप से बंद करने पड़े, इसी तरह से गर्मी के कारण पहुंचे नुकसान की वजह से रेल सेवा भी कई इलाकों में बाधित हुई। ALSO READ: मिस्र के रेगिस्तान में मिला सैंकड़ों साल पुराना शहर

 

रिकॉर्डतोड़ तापमान

जर्मन मौसम सेवा (डीडब्ल्यूडी) के मुताबिक  जून, 2026 रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद से दूसरा सबसे गर्म महीना था। इसके पहले इतनी गर्मी 2019 में पड़ी थी। जून के आखिरी हफ्तों में गर्म हवाओं के कारण तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चला गया। 46 मौसम स्टेशनों ने 27 जून को 40 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज किया। आरकेआई गर्मी से होने वाली मौत का पता लगाने के लिए सांख्यिकीय मॉडल का सहारा लेती है क्योंकि मौत की वजह के रूप में गर्मी को दर्ज नहीं किया जाता है। खासतौर से जबकि यह पहले से मौजूद स्वास्थ्य की स्थिति को बिगाड़ रही हो।

 

आरकेआई का कहना है, “लू लगने जैसे कुछ मामलों में अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने पर सीधे मौत हो जाती है।” ज्यादातर मामलों में गर्मी से होने वाली मौत के पीछे पहले से मौजूद बीमारी का बुरे हाल में पहुंचना होता है। इसका मतलब है कि इस तरह की मौत की वजह में गर्मी को दर्ज नहीं किया जाता है। इंस्टीट्यूट ने यह भी कहा है कि अप्रैल से 28 जून तक की अवधि में अनिश्चितता काफी ज्यादा है। गर्मी से जुड़ी मौत की घटनाएं 4,410 से लेकर 5,850 तक के बीच हैं। ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

 

यूरोप में गर्मी की समस्या

यूरोप के बाहर रहने वाले लोग अकसर इस बात से हैरान होते हैं कि 30 डिग्री से ऊपर के तापमान में ही यूरोपीय देश हलकान हो जाते हैं। जबकि अफ्रीका, एशिया और अमेरिका के कुछ हिस्सों में लोग 40 से ऊपर का तापमान भी सहन कर लेते हैं। यूरोपीय लोगों के परेशान होने की कई वजहे हैं।

 

पारंपरिक रूप से ठंडा रहे इस इलाके में गर्मी के दिन काफी लंबे होते हैं, लगभग 16 घंटे या फिर उससे भी ज्यादा। ऐसे में ज्यादा देर तक उन्हें सूरज की गर्मी झेलनी पड़ती है। तापमान कम रहे तो यह बुरा नहीं लगता लेकिन तापमान बढ़ जाए तो फिर आफत आ जाती है। दूसरे ज्यादातर समय ठंड रहने की वजह से यहां के घर, दफ्तर, गाड़ियां सब सर्दी के अनुकूल बनाए गए हैं। ऐसे में जब तापमान बढ़ता है तो उन घरों में रहना बड़ी मुसीबत बन जाती है। ज्यादातर इमारतों में एसी तो छोड़िए कूलर या पंखा तक नहीं है।

 

अत्यधिक गर्मी के दिन यहां होते नहीं तो उसकी तैयारी भी नहीं है। जलवायु परिवर्तन के कारण अब जब ऐसे दिनों की संख्या बढ़ रही है तो उसके साथ संकट भी बढ़ रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं बढ़ती गर्मी के कारण यूरोप के जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं, इसकी वजह से भी लोग मुश्किलों में हैं।

 

एक और वजह यह है कि ज्यादातर यूरोपीय देशों में बुजुर्ग लोगों की आबादी ज्यादा है। जिन लोगों ने पूरे जीवन कभी गर्मी को नहीं झेला जब उनका सामना इससे होता है तो उनकी हालत बिगड़ जाती है। 

Top News 10 July : ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया, खामेनेई को मशहद में दफनाया गया

top news 10 july

Top News 10 July 2026: अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराने का दावा किया। अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। गुरुग्राम में दीपक नांगल गैंग के 4 शूटर मारे गए। फ्रांस फीफा वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंचा, जबकि भारत चौथा टी20 भी हार गया।

ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया

ईरान के कई शहरों में अमेरिकी हमले जारी। ईरान ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है।  IRGC ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट में दखल न दे। अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो स्ट्रेट में सामान्य आवाजाही बहाल नहीं हो पाएगी और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। 

 

अली खामेनेई सुपुर्द-ए-खाक

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। 6 दिनों तक चले अंतिम विदाई कार्यक्रम में तेहरान, कोम, नजफ और कर्बला से होते हुए उनकी अंतिम यात्रा गुजरी। इसमें लाखों लोग शामिल हुए।

 

दीपक नांगल गैंग के 4 शूटर ढेर

गुरुग्राम के सुशांत लोक 2 में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में दीपक नांगल गैंग के 4 बदमाश ढेर हो गए। गोलीबारी में 3 पुलिसकर्मी और 1 बदमाश घायल हुए। बदमाश रंगदारी मांगने के लिए सुशांत लोक पहुंचे थे।

 

फ्रांस फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में 

फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में एंट्री ली। किलियन एम्बापे और उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए दागे गोल… इस मुकाबले में पूरी तरह फ्रांस का दबदबा नजर आया।

 

टी20 में फिर हारी टीम इंडिया 

टीम इंडिया को चौथे टी20 मैच में भी इंग्लैंड के हाथों 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। मेजबान इंग्लैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीती। इससे पहले भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ भी हार का सामना करना पड़ा था। 

US-Iran war : ईरान का सनसनीखेज दावा- अमेरिका ने बुशेहर परमाणु संयंत्र पर किया हमला

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान पर ताजा सैन्य हमले किए जाने के बाद ईरान ने दावा किया है कि गुरुवार को अमेरिकी सेना ने बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr Nuclear Power Plant) को निशाना बनाया। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही हमले को स्वीकार किया है।

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ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने एक स्थानीय अधिकारी के हवाले से बताया कि हमला गुरुवार दोपहर के आसपास किया गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस कथित हमले में परमाणु संयंत्र को कितना नुकसान पहुंचा या कोई हताहत हुआ है। इस बीच, सोशल मीडिया पर हमले से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं। हालांकि, इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

रूस की मदद से बना है बुशेहर परमाणु संयंत्र

बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र ईरान का प्रमुख परमाणु बिजलीघर है, जिसे रूस के सहयोग से विकसित किया गया था। यह राजधानी तेहरान से करीब 1,200 किलोमीटर दूर स्थित है। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में अमेरिका और इजरायल के साथ 12 दिनों तक चले संघर्ष के दौरान इस संयंत्र को निशाना नहीं बनाया गया था। हालांकि, ईरान का दावा है कि इस वर्ष अब तक अमेरिका कम से कम पांच बार इस संयंत्र को निशाना बना चुका है।

 

ईरान के अनुसार, इन लगातार हमलों में संयंत्र के एक कर्मचारी की मौत भी हो चुकी है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के मुताबिक अब तक किसी भी हमले के बाद विकिरण (रेडिएशन) स्तर में वृद्धि दर्ज नहीं की गई है।

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ईरान ने अमेरिका पर साधा निशाना

 

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि बुशेहर जैसे परमाणु संयंत्र पर हमला पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने पहले भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि यदि रेडियोधर्मी रिसाव होता है तो उसका असर तेहरान से अधिक खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों की राजधानियों पर पड़ सकता है। उन्होंने ईरान के पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठानों पर हमलों को भी अमेरिका की रणनीति का हिस्सा बताया।

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अमेरिका ने 90 सैन्य ठिकानों पर हमले का किया दावा

 

ईरान के आरोप ऐसे समय आए हैं जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि उसने ईरान के खिलाफ एक और बड़े सैन्य अभियान को पूरा किया है। CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी सेना ने 90 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्र, मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थल, नौसैनिक क्षमताएं और सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचा शामिल हैं।

 

अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने की क्षमता को कमजोर करना था। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल का परिवहन इसी समुद्री मार्ग से होता है। इससे पहले 7 जुलाई को भी अमेरिका ने ईरान के 80 सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसकी सेनाएं हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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शांति समझौते पर फिर मंडराया संकट

 

ताजा हमलों के बाद मध्य पूर्व में एक बार फिर बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि होरमुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

पाकिस्तान के सेना प्रमुख से अराघची की बातचीत

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से टेलीफोन पर बातचीत की। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अराघची ने अमेरिका के ताजा हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और युद्धविराम से जुड़े समझौतों का उल्लंघन बताया। उन्होंने अमेरिका के 'एडवेंचरिज्म' (आक्रामक सैन्य नीति) के खिलाफ चेतावनी भी दी।