फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल की लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई की खुलकर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष बहुत लंबे समय से चल रहा है और इसमें बहुत से आम नागरिकों की जान जा रही है।ट्रंप ने सुझाव दिया क
अमेरिकी अर्थव्यवस्था इस समय एक विरोधाभास से गुजर रही है, जहां एक ओर अरबपतियों की संपत्ति नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है, वहीं आम वर्कर्स बढ़ती महंगाई और भविष्य की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। पिछले सप्ताह इसकी झलक दो घटनाओं में दिखाई दी। बुधवार को लेबर ब्यूरो ने बताया कि ऊर्जा कीमतों(बिजली, पेट्रोल, गैस, डीजल) में बढ़ोतरी ने औसत अमेरिकी कर्मचारी की पिछले डेढ़ साल की वास्तविक वेतन वृद्धि लगभग खत्म कर दी। वहीं शुक्रवार को स्पेसएक्स के आईपीओ के बाद इलॉन मस्क दुनिया के पहले खरबपति बन गए। अर्थशास्त्रियों गैब्रियल जकमैन और इमैनुएलसाएज के अनुसार, 19वीं सदी के उत्तरार्ध के तथाकथित “गिल्डेड एज’ में सबसे अमीर अमेरिकियों की संपत्ति देश के वार्षिक आर्थिक उत्पादन के लगभग 3% के बराबर थी। आज अमेरिका के शीर्ष 0.00001% यानी लगभग 20 लोगों की संपत्ति राष्ट्रीय उत्पादन (अमेरिकी कंपनियों द्वारा अमेरिका और अन्य देशों में सालाना किया जाने वाला उत्पादन ) के 12% तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी इतिहास में शीर्ष स्तर पर संपत्ति का इतना बड़ा केंद्रीकरण पहले कभी नहीं देखा गया। हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर स्टीफेनी स्टेंटचेवा केअनुसार, शेयर बाजार में लगातार उछाल ने लोगों में यह भावना पैदा की है कि आर्थिक व्यवस्था कुछ चुनिंदा लोगों के लिए अधिक काम कर रही है। हालांकि आधे से अधिक अमेरिकी परिवार प्रत्यक्ष रूप से या रिटायरमेंट फंड के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश रखते हैं और उन्हें भी लाभ मिला है, लेकिन फेडरल रिजर्व के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दशक में मध्यम वर्ग की संपत्ति अमीरों की तुलना में कहीं धीमी गति से बढ़ी है। ईरान से जुड़े तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण मई में अमेरिका की मुद्रास्फीति तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। महंगाई को समायोजित करने के बाद प्रति घंटे मिलने वाला वास्तविक वेतन लगातार तीन महीनों से घट रहा है। नतीजतन, ट्रम्प के मौजूदा कार्यकाल के शुरुआती दौर में हुई वेतनवृद्धि का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है। अमेरिकी परिवार पहले ही कोविड-19 महामारी,चार दशक की सबसे ऊंची महंगाई, ऊंची ब्याज दरों, टैरिफ और मंदी की आशंकाओं का सामना कर चुके हैं। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) एक नई चिंता बनकर उभरा है। कई तकनीकी कंपनियों के प्रमुख चेतावनी दे चुके हैं कि एआई आने वाले वर्षों में अनेक श्रेणियों की नौकरियों को प्रभावित कर सकता है। कोलंबिया बिजनेस स्कूल के अर्थशास्त्री ग्लेन हबार्ड का कहना है कि जब तकनीकी कंपनियां स्वयं यह संदेश देती हैं कि उनकी तकनीक लोगों की नौकरियां खत्म कर सकती है, तो उसके खिलाफ प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। इसी वजह से अमेरिका में आर्थिक असमानता, सुपररिच वर्ग के बढ़ते प्रभाव और आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर बहस पहले से अधिक तेज हो गई है। महंगाई बढ़ने के साथ कमाई घटी – अमेरिका में महामारी के बाद महंगाई चार दशक में सबसे अधिक हो गई । – राष्ट्रीय आय में वर्कर्स के हिस्से में लगातार गिरावट। – अमीरों की तुलना में मध्यमवर्ग की संपत्ति में बढ़ोतरी की गति धीमी। – लंबे समय तक महंगाई रहने से कंज्यूमर खर्च से बचते हैं। – प्रति घंटा वेतनों में तीन माह से गिरावट जारी। एआई कंपनियों के कई बड़े आईपीओ आएंगे टेक कंपनियों को अभी हाल में शेयर मार्केट की तेजी से फायदा हुआ है। स्पेसएक्स के बाद एआई कंपनियों के बड़े-बड़े आईपीओ की श्रृंखला आ सकती है। महंगाई और आय में गिरावट की चिंता के बीच एआई में उछाल से लोगों का अमीरों की संपत्ति में बढ़ोतरी से असहज होना असामान्य नहीं है। कम आय वालों को करना पड़ रहा संघर्ष अर्थशास्त्रियों के अनुसार महंगाई के दौर से कंज्यूमर का आर्थिक व्यवहार लंबे समय तक प्रभावित रहता है। यह उनके बजट पर बोझ के साथ अनुचित भी है, क्योंकि अमीर लोग तो महंगाई का सामना अपेक्षाकृत आसानी से कर लेते हैं जबकि कम आय वाले परिवारों को संघर्ष करना पड़ता है। कई अमेरिकी राज्यों में डेटा सेंटरों का विरोध सर्वेक्षणों के अनुसार कई वर्कर्स करिअर पर एआई टेक्नोलॉजी के पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंतित हैं। अमेरिका के कई राज्यों में वोटर अपने इलाके में डेटा सेंटरों के निर्माण पर विरोध जता चुके हैं। वे अपने बिजली के बिल, पानी सप्लाई और हवा की क्वालिटी पर इसके असर की बात कह रहे हैं।

भारतीय स्मार्टफोन मार्केट के लिए ₹20,000 का प्राइस सेगमेंट हमेशा से सबसे ज्यादा कॉम्पिटिटिव रहा है। जून 2026 में यदि आप भी अपने लिए एक नया ऑलराउंडर स्मार्टफोन तलाश रहे हैं, तो कन्फ्यूज होना लाजमी है। इस समय मार्केट में तीन सबसे तगड़े दावेदार—POCO M8, Realme P4x और Moto G57 Power ग्राहकों के बीच जबरदस्त ट्रेंड कर रहे हैं।
1. Realme P4x 5G: गेमिंग का असली किंग (Dimensity 7400 Ultra)
अगर आप स्मार्टफोन में BGMI, कॉल ऑफ ड्यूटी या फ्री फायर जैसे हैवी गेम्स खेलना पसंद करते हैं, तो रियलमी का यह नया फोन आपकी पहली पसंद होना चाहिए।
• प्रोसेसर और परफॉर्मेंस : इसमें इस सेगमेंट का सबसे पावरफुल MediaTek Dimensity 7400 Ultra (4nm) चिपसेट दिया गया है। टेक एक्सपर्ट्स द्वारा किए गए AnTuTu v10 बेंचमार्क टेस्ट में इस प्रोसेसर ने 7,80,000+ का स्कोर हासिल किया है, जो इस बजट में सबसे ज्यादा है। यह स्मूथ 90FPS गेमिंग को आराम से सपोर्ट करता है।
• बैटरी और डिस्प्ले : भारी परफॉर्मेंस के साथ इसमें 7,000mAh की टाइटन बैटरी और 45W की फास्ट चार्जिंग मिलती है, जो गेमर्स के लिए एक जबरा कॉम्बो है। साथ ही, इसका 144Hz का रिफ्रेश रेट डिस्प्ले गेमिंग को मक्खन जैसा बनाता है।
2. POCO M8 5G: स्टाइल, डिस्प्ले और बैलेंस परफॉर्मेंस
पोको ने इस बार परफॉर्मेंस के साथ-साथ लुक और डिस्प्ले क्वालिटी पर भी विशेष ध्यान दिया है। ₹20,000 से कम में यह फोन उन लोगों के लिए बेस्ट है जो एक प्रीमियम दिखने वाला डिवाइस चाहते हैं।
• प्रोसेसर और बेंचमार्क : POCO M8 में Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है। गीकबेंच 6 (Geekbench 6) के टेस्ट के अनुसार, इसका सिंगल-कोर स्कोर लगभग 1017 और मल्टी-कोर स्कोर 2942 के आसपास रहता है। रोजमर्रा के टास्क और मल्टीटास्किंग के लिए यह बेहद स्मूथ और भरोसेमंद है।
• यूनीक फीचर्स : पोको ने इसमें 6.77-इंच का 120Hz Flow AMOLED कर्व्ड डिस्प्ले दिया है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 3200 nits है। इस बजट में इतना शानदार और ब्राइट कर्व्ड डिस्प्ले मिलना वाकई कमाल है। इसमें 5520mAh की बैटरी और 45W चार्जिंग सपोर्ट है।
3. Moto G57 Power: बैटरी का बाहुबली और नेचुरल कैमरा (Sony LYT 600)
मोटोरोला का यह फोन उन यूज़र्स के लिए वरदान है जो बार-बार चार्जिंग पर फोन लगाने के झंझट से मुक्ति चाहते हैं और क्लीन सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस पसंद करते हैं
• बैटरी लाइफ (7,000mAh): जैसा कि इसके नाम में ही 'Power' है, इसमें 7,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी गई है। 91mobiles के लाइव बैटरी ड्रेन टेस्ट में इस फोन ने 9 घंटे से ज्यादा का स्क्रीन-ऑन-टाइम (SoT) दिया, जिसके बाद भी 43% बैटरी बची हुई थी! सामान्य उपयोग में इसकी बैटरी आराम से 2.5 दिन तक चल जाती है।
• कैमरा डिपार्टमेंट (Sony LYT 600): मोटो ने यहाँ बड़ा दांव खेला है। इसके 50MP के मुख्य कैमरे में Sony LYT-600 फ्लैगशिप-ग्रेड सेंसर (f/1.8 अपर्चर के साथ) का इस्तेमाल किया गया है। बड़े सेंसर साइज के कारण यह रात के समय और कम रोशनी में भी बेहद क्रिस्प, शार्प और नेचुरल टोन वाली तस्वीरें क्लिक करता है, जो इस बजट के अन्य फोन्स नहीं कर पाते。 इसमें Snapdragon 6s Gen 4 प्रोसेसर मिलता है।

आपके लिए कौनसा रहेगा बेस्ट
1. यदि आप एक हार्डकोर गेमर हैं और आपको बिना लैग के हैवी परफॉर्मेंस चाहिए, तो आंख बंद करके Realme P4x ले लीजिए।
2. यदि आपको लुक्स, प्रीमियम कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले और बेहतरीन मल्टीमीडिया एक्सपीरियंस चाहिए, तो POCO M8 आपके लिए परफेक्ट मैच है।
3. यदि आपकी प्राथमिकता लंबी बैटरी लाइफ, क्लीन स्टॉक एंड्रॉइड (Hello UI) और बेहतरीन कैमरा फोटोग्राफी है, तो Moto G57 Power इस बजट का सबसे पक्का खिलाड़ी है।
आप इस बजट में इन तीनों में से कौन सा स्मार्टफोन खरीदना पसंद करेंगे? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और ऐसे ही प्रामाणिक टेक रिव्यूज के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करें।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना को टाइम पत्रिका की मंगलवार को जारी खेल क्षेत्र के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की 2026 की सूची में नामित किया गया है। 29 वर्षीय मंधाना इस साल की लाइन-अप में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय थीं।
मंधाना इस साल सूची में बास्केटबॉल के दिग्गज लेब्रोन जेम्स, फुटबॉल के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, टेनिस स्टार कार्लोस अल्काराज और दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट कप्तान टेम्बा बावुमा जैसे वैश्विक खेल आइकन के साथ खुद को विशिष्ट कंपनी में पाती हैं।
यह मान्यता मंधाना के करियर के एक और उल्लेखनीय चरण के बीच आई है। इस साल की शुरुआत में, वह पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों में टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के लिए अग्रणी रन-स्कोरर बन गईं।2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद से, मंधाना ने 167 टी 20 में 4401 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं।
अपनी प्रोफ़ाइल में, टाइम ने कई मील के पत्थर पर प्रकाश डाला, जिन्होंने मंधाना की यात्रा को परिभाषित किया है। “मंधाना को टीम के सम्मान पर गर्व है जो वह भी अर्जित कर रही हैं। उन्होंने 2024 और 2026 महिला प्रीमियर लीग खिताब के लिए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी की और वह थीं पिछले साल के आईसीसी महिला विश्व कप में भारत की जीत के लिए उप-कप्तान।
“2024 में, मंधाना ने एक महिला द्वारा सभी प्रारूपों में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया फिर पिछले साल अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा – एक ऐसी उपलब्धि जिसने उन्हें 2025 की बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन का ताज पहनाया। 2025 महिला एकदिवसीय विश्व कप में, मंधाना नौ मैचों में 54.25 की औसत से 434 रन के साथ भारत की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं, जिसमें एक शतक और दो अर्द्धशतक शामिल थे।
टूर्नामेंट के किसी एक संस्करण में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाई गई यह संख्या सबसे अधिक है, जो मिताली राज के 2017 में बनाए गए 409 रनों के पिछले आंकड़े को पीछे छोड़ देती है। महिला क्रिकेट में सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक मानी जाने वाली मंधाना आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर पुरस्कार की दो बार विजेता भी हैं।
#CricketWithTOI | India vice-captain #SmritiMandhana has earned another prestigious honour after being named in #TIME magazine's list of the 100 Most #Influential People in #Sports 2026, emerging as the only Indian to feature among a star-studded global lineup.
For more details… pic.twitter.com/0gSCkxt5Pp
— The Times Of India (@timesofindia) June 16, 2026
टाइम मैगजीन में मंधाना के बारे में कहा गया है, ‘‘मंधाना घरेलू एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं, वह तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में शतक बनाने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं और 17 शतकों के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे अधिक शतक की संयुक्त रिकॉर्ड धारक हैं।’’
स्मृति मंधाना का निजी जीवन एकदिवसीय विश्वकप की जीत के बाद उतना बेहतर नहीं रहा। उनकी उनके प्रेमी पलाश मुछ्छल से सगाई टूट गई। हालांकि उन्होंने महिला टी-20 विश्वकप के पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ अकेले दम पर 68 रन बनाकर यह साबित कर दिया कि उनकी पेशेवर जिंदगी में इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है।
USA Iran Peace deal: अमेरिका के एक प्रमुख विशेषज्ञ माइकल रुबिन ने कहा है कि ईरान समस्या को सुलझाने के लिए पाकिस्तान पर निर्भर रहना, द्वितीय विश्व युद्ध के समय नाजी जर्मनी की समस्या सुलझाने के लिए फासिस्ट इटली पर भरोसा करने जैसा है।माइकल रुबिन, मिडिल ईस्ट फोरम के पॉलिसी एनालिसिस ड

Vastu plants for balcony: हर व्यक्ति अपने घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करता है। सनातन परंपरा के वास्तु शास्त्र और चीनी फेंगशुई दोनों में ही पेड़-पौधों को ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है।ALSO READ: Vastu Lifestyle Tips: वास्तु के अनुसार कपड़े, जूते और हेयरकट चुनें, बदल सकती है किस्मत
घर की बालकनी सिर्फ खुली हवा लेने की जगह नहीं है, बल्कि यह वह प्रवेश द्वार भी है जहां से घर में मुख्य रूप से प्राणवायु और भाग्य का प्रवेश होता है। यदि आप अपनी बालकनी में सही दिशा और सही नियम के अनुसार लकी प्लांट्स लगाते हैं, तो यह न केवल आपके घर की खूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि आपके जीवन में तरक्की के बंद दरवाजे भी खोल देते हैं।
1. बांस (Bamboo)
बांस को वास्तु शास्त्र में बहुत शुभ माना जाता है। यह समृद्धि और सफलता की दिशा में मदद करता है। अगर आप तरक्की की ओर बढ़ना चाहते हैं, तो इसे अपनी बालकनी में लगाएं। बांस का पौधा आसानी से बढ़ता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
2. लक्ष्मी पौधा/मनी प्लांट (Money Plant)
यह पौधा आर्थिक समृद्धि और सुख-शांति का प्रतीक है। घर की बालकनी में इसे लगाकर आप घर में धन और समृद्धि ला सकते हैं। इसके अलावा, यह पौधा हवा को शुद्ध करने में भी मदद करता है।
3. तुलसी (Tulsi)
तुलसी का पौधा धार्मिक और वास्तु दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे घर में लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और इसके साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। तुलसी को लगाकर आप न केवल पुण्य कमाते हैं, बल्कि आर्थिक समृद्धि में भी बढ़ोतरी देख सकते हैं।
4. गेंदा (Marigold)
गेंदा का पौधा रंग-बिरंगे फूलों से सजता है, जो न सिर्फ दृश्य सौंदर्य बढ़ाता है, बल्कि यह घर के वातावरण को सकारात्मक और ताजगी से भर देता है। यह आर्थिक समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है।
5. गुलाब (Rose)
गुलाब का पौधा घर में खुशहाली और प्यार लाने का प्रतीक माना जाता है। इसकी खुशबू और सुंदरता घर के माहौल को खुशनुमा बनाती है। गुलाब का पौधा आपके रिश्तों में मिठास बढ़ाता है और आपके घर में खुशियों की भरमार होती है।
इन पौधों को अपनी बालकनी में लगाकर आप न केवल अपने घर को हरा-भरा और सुंदर बना सकते हैं, बल्कि ये आपके जीवन में तरक्की और समृद्धि भी लाएंगे।
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बांग्लादेश के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज हारकर शर्मनाक रिकॉर्ड बनाचुकी ऑस्ट्रेलिया के टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान मिचेल मार्श ने कहा टीम एकदिवसीय सीरीज से आगे बढ़ चुकी है और टी-20 सीरीज में बांग्लादेश के हाथों शर्मसार नहीं होगी।
गौरतलब है कि मिचेल मार्श एकदिवसीय सीरीज से बाहर बैठे थे। उनके साथ ट्रेविस हेड और मुख्य गेंदबाजों की तिकड़ी भी बाहर थी। बांग्लादेश इसका फायदा उठाकर 2-1 से एकदिवसीय सीरीज जीत गया। हालांकि तीसरा एकदिवसीय मैच भी ऑस्ट्रेलिया बुमुश्किल 1 विकेट से जीता।
ऑस्ट्रेलिया को चट्टोग्राम में अब बांग्लादेश के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दो दो हाथ करने हैं। अगले दोनों मैच 19 और 21 तारीख को खेले जाएंगे। टीम में टिम डेविड, और एरॉन हार्डी की वापसी हुई है।
हालांकि मिचेल मार्श ने ऑस्ट्रेलिया की टीम को बांग्लादेश की तेज गेंदबाजी ईकाई से सावधानी बरतने की हिदायत दी है।मार्श ने कहा, “मुझे लगता है कि बांग्लादेश क्रिकेट के लिए कुछ तेज़ गेंदबाज़ों का होना वाकई रोमांचक है। हमने 2021 में जो अनुभव किया था, उससे अलग हालात देखे हैं, और मुझे लगता है कि यह क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है। हम साउथ अफ्रीका में 2027 वर्ल्ड कप का इंतज़ार कर रहे हैं। यह उनके लिए वाकई एक रोमांचक संभावना है, और हम अब इस फ़ॉर्मेट में उनके ख़िलाफ़ खेलने की चुनौती का इंतज़ार कर रहे हैं।”
“मैं कभी यहाँ नहीं आया और न ही इस मैदान पर खेला हूँ, इसलिए यह मेरे लिए भी नया और रोमांचक है। विकेट पर थोड़ी घास है। यह एक अच्छी सतह लगती है और मुझे यकीन है कि यह क्रिकेट का एक शानदार और मनोरंजक खेल पेश करेगी।”उन्होंने आखिर में कहा, “वे एक अच्छी टीम हैं। वे हाल ही में बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, और इससे हमें एक बड़ी चुनौती मिलेगी – एक ऐसी चुनौती जिसके लिए हम तैयार रहेंगे।”

बाल हनुमानजी के बचपन के कई किस्से हैं। इसमें से कुछ का उल्लेख शास्त्रों में मिलता है और कुछ लोककथाओं में प्रचलित है। इस बार आप पढ़िये बाल हनुमानजी के उड़ना सिखने की रोचक कहानी।
बालपन में बाल हनुमान जी ऋषि मातंग के आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने जाते थे। वहाँ वे अक्सर ऋषियों के सारे फल खा जाते और उन्हें खूब परेशान करते थे।
एक बार फलों के बाग में उन्होंने इंद्र के पुत्र जयंत और सूर्य के पुत्र शनिदेव को हवा में उड़ते देखा, जिसे देखकर वे बहुत आश्चर्यचकित हुए।
देव-पुत्रों को इस तरह हवा में उड़ता देखकर बाल हनुमान ने भी ठान लिया कि वे भी आकाश में उड़ना सीखकर ही रहेंगे।
हनुमान जी ने खूब उछलकर उड़ने की कोशिश की, लेकिन वे बार-बार नीचे गिर पड़ते थे। यह देखकर जयंत और शनिदेव उन पर जोर-जोर से हंसने लगे।
कड़ी कोशिश के बाद भी जब बाल हनुमान नहीं उड़ पाए, तो वे उदास हो गए। तभी वहाँ पवनदेव प्रकट हुए और बोले, “निराश न हो पुत्र, मैं तुम्हें उड़ना सिखाऊंगा।”
पवनदेव ने हनुमान जी को हवा में उड़ने की दिव्य कला सिखाई। देखते ही देखते हनुमान जी खुशी से आसमान में बहुत ऊंची उड़ान भरने लगे।
इसी के साथ बाल हनुमान जी की दिव्य और अनंत शक्तियों की शुरुआत हुई और वे बादलों से भी ऊंची उड़ान भरने लगे। बोलो, जय वीर हनुमान!

अर्जेंटीना 17 जून को अल्जीरिया के खिलाफ अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत करेगा। मौजूदा चैंपियन शानदार जीत के साथ अपने खिताब का बचाव शुरू करना चाहेंगे। 2022 में ट्रॉफी जीतने के बाद, लियोनेल मेसी और उनकी टीम एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदारों में शामिल होगी। वहीं, अल्जीरिया भी अच्छे नतीजों के बाद आत्मविश्वास के साथ टूर्नामेंट में उतर रहा है।
अनुभवी और युवा अटैकिंग टैलेंट वाली अपनी प्रतिभाशाली टीम के साथ, वे मौजूदा चैंपियन को चुनौती देने और शुरुआत में ही अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेंगे। इस बीच अर्जेंटीना के डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी ने चेतावनी दी है कि मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अल्जीरिया के खिलाफ अपने खिताब के बचाव की शुरुआत करते समय कतर 2022 के बुरे सपने को दोहराने का जोखिम नहीं उठा सकती, क्योंकि “हर कोई हमें हराना चाहेगा।”
सोमवार को मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, 38 वर्षीय सेंटर-बैक – जो अपना चौथा वर्ल्ड कप खेल रहे हैं – ने कहा कि चार साल पहले अर्जेंटीना की शुरुआती चौंकाने वाली हार की याद अभी भी एक बड़ा सबक है।
ओटामेंडी ने कहा, “मुझे लगता है कि मैं हर दिन और अपने साथियों के साथ समय का आनंद लेता हूं, और यह एक ऐसा टूर्नामेंट है जिसका मैं बहुत आनंद लेता हूं।अपने चौथे वर्ल्ड कप में होना, सच कहूं तो यहां होने और अपने देश का प्रतिनिधित्व करने से बेहतर कुछ नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं यहां होने और मुकाबला करने, खिताब का बचाव करने के मौके के लिए बहुत खुश हूं, और हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगे। हम इसके लिए तैयारी कर रहे हैं।” ओटामेंडी ने कहा कि वर्ल्ड और कॉन्टिनेंटल चैंपियन के तौर पर टूर्नामेंट में आने वाली अर्जेंटीना ने अमेरिका में इकट्ठा होने से काफी पहले ही अपनी तैयारी शुरू कर दी थी, साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मैच शुरू होने के बाद पसंदीदा टीम माने जाने का कोई खास मतलब नहीं रह जाता।
उन्होंने कहा, “हम ब्यूनस आयर्स से ही तैयारी कर रहे हैं, और नए खिलाड़ियों के साथ यहां आकर हम अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं क्योंकि हम जानते हैं कि हम चैंपियन हैं। हर कोई हमें हराना चाहेगा।इसलिए हमें ऐसी तैयारी करनी होगी जो अलग न हो। हमें अपना सब कुछ देना होगा और मुझे लगता है कि माहौल अच्छा है।”
On this day, 20 years ago, the young Lionel Messi made his World Cup debut with Argentina!
1 goal
1 assist???? The GOAT faces Algeria tonight in what will be his 6th World Cup appearance:
2006
2010
2014
2018
2022
2026 pic.twitter.com/dDiw1wEFL9— Football Tweet (@Footballtweet) June 16, 2026
इस अनुभवी खिलाड़ी ने पिछले वर्ल्ड कप की शुरुआत में सऊदी अरब से अर्जेंटीना की 2-1 से हुई हार का भी जिक्र किया, जिसने उनकी लगातार 36 मैचों की अजेय लय को तोड़ दिया था। ओटामेंडी ने कहा, “जहां तक प्रतिद्वंद्वी की बात है, हमारे सामने कतर में हुई शुरुआत का उदाहरण है। हम जानते हैं कि कोई भी टीम आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। हमें अपना खेल खेलना है, हमारे पास अच्छे खिलाड़ी हैं।” अर्जेंटीना मंगलवार को कैनसस सिटी स्टेडियम में अल्जीरिया का सामना करेगा, जिसके बाद वह डलास में ग्रुप जे में ऑस्ट्रिया और जॉर्डन से खेलेगा।

AFGAvsINDA भारत ए के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और कप्तान तिलक वर्मा का खेलना अभी तक पूरी तौर पर पक्का नहीं हुआ है। सोमवार को श्रीलंका से हुए मुकाबले के बाद तिलक वर्मा ने अंपायर से लगातार बहसबाजी की थी वहीं वैभव सूर्यवंशी ने सुपर ओवर खत्म होने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का दिया था।
श्रीलंका में भारत ए टीम का सफर खासा अच्छा नहीं रहा। टीम ने 3 में से 2 मुकाबले गंवाए हैं। जो पहला मैच श्रीलंका से जीता भी था वह चमत्कारिक था। ऐसे में फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच जीतना ही है लेकिन यह पुख्ता नहीं है कि तिलक वर्मा और वैभव सूर्यवंशी यह मैच अनुशासनात्मक कार्यवाही के कारण खेल भी पाएंगे या नहीं।
Vaibhav Sooryavanshi in a heated moment with Sri Lankan players after super over pic.twitter.com/Ajlqu7XUtr
— King In The North (@KingInThe2North) June 15, 2026
गौरतलब है कि श्रीलंका ए ने त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला के रोमांचक मुकाबले में सोमवार को यहां भारत ए को सुपर ओवर में हरा दिया।श्रीलंका के तेज गेंदबाज़ कुगाथस मथुलन ने दबाव में भी शांत रहकर वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे की खतरनाक भारतीय जोड़ी के खिलाफ सुपर ओवर में 16 रन बचा लिए जिसके बाद माहौल गरमा गया।मैच के रोमांचक अंत के बाद सूर्यवंशी को श्रीलंका के एक खिलाड़ी को धक्का देते हुए भी देखा गया जिससे दोनों के बीच शारीरिक टकराव भी हुआ।
नियमित ओवरों में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान ने अंतिम ओवर में कई स्टीक यॉर्कर डालकर मुकाबले को टाई कराया। अंतिम ओवर में आउट होने वाले सदीरा समरविक्रम (91) ने इससे पहले श्रीलंका को जीत की दहलीज पर पहुंचाया।आईपीएल में गुजरात टाइटन्स की ओर से खेलने वाले अरशद ने अंतिम ओवर में सिर्फ चार रन दिए जबकि मेजबान टीम को जीत के लिए पांच रन की जरूरत थी।
मैच टाई होने के बाद खेल के नतीजे को लेकर उलझन की स्थिति बन गई थी। भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा अंपायरों पर दबाव बना रहे थे कि खेल को सुपर ओवर के जरिए आगे बढ़ाया जाए। काफी सोच-विचार के बाद अंपायरों ने अपना फैसला बदला और मैच को सुपर ओवर में ले जाने का निर्णय लिया।
Drama in Dambulla!
India A players, led by Tilak Varma, argued with umpires after the match vs Sri Lanka A ended in a tie, demanding a Super Over despite bad light.
Umpires eventually agreed. Pure chaos! #IndiaA #SriLankaA #Cricket pic.twitter.com/EwEvUg7Dvm
— Kunal Bhanwala (@bhanwala_k38130) June 15, 2026
हालांकि अरशद का सुपर ओवर काफी महंगा साबित हुआ। उन्होंने एक वाइड और एक नो बॉल सहित कुल 16 रन दिए।कुगाथस दबाव में भी शांत रहे और भारतीय जोड़ी को सिर्फ नौ रन पर रोक दिया।

