Video: नेपाल में अचानक भरभराकर गिरा पहाड़, नदी ने बदला रास्ता, कैमरे में कैद खौफनाक मंजर

नेपाल के मुस्तांग जिले में रविवार की शाम लोगों ने प्रकृति का ऐसा रौद्र रूप देखा, जिसने कुछ ही सेकंड में पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी। लेते के पास अचानक पहाड़ का एक विशाल हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। चट्टानों और मिट्टी का भारी मलबा सीधे कालीगंडकी नदी के रास्ते में जा पहुंचा। पहाड़ के इस अचानक टूटने से नदी का सामान्य प्रवाह प्रभावित हो गया और पानी पुराने बहाव क्षेत्र की तरफ बढ़ने लगा।

यात्री के कैमरे में कैद हुआ डरावना पल

यह घटना शाम करीब 5:30 बजे हुई। संयोग से उस समय वहां से गुजर रहे एक यात्री का कैमरा चल रहा था। उसकी रिकॉर्डिंग में पहाड़ का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिरता दिखाई देता है। कुछ ही देर में सड़क और नदी के आसपास का इलाका मलबे से भर गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मलबे ने कालीगंडकी की मुख्य धारा को रोक दिया। इसके बाद नदी ने अपना रास्ता बदलते हुए पुराने प्रवाह क्षेत्र की ओर कटान शुरू कर दिया। पानी के तेज बहाव से नदी के किनारों पर दबाव बढ़ा, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।

सड़क पर थमी रफ्तार, कई जगह आवाजाही प्रभावित

भूस्खलन का असर सिर्फ नदी तक सीमित नहीं रहा। पहाड़ से गिरे मलबे ने बेनी-जोमसोम सड़क मार्ग को भी कई जगह प्रभावित कर दिया। महत्वपूर्ण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। लेकिन नदी का बदला रुख और लगातार हो रहा कटान इलाके के लिए नई चिंता पैदा कर रहा है।

लगातार बारिश ने बढ़ाई पहाड़ों की बेचैनी

मुस्तांग समेत नेपाल के कई पहाड़ी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार बरसात के कारण मिट्टी कमजोर होने से भूस्खलन, बाढ़ और नदी कटान का खतरा बढ़ गया है। ऐसे हालात में पहाड़ों से मलबा गिरने की घटनाएं सड़क संपर्क और स्थानीय बस्तियों दोनों के लिए चुनौती बन रही हैं।

प्रशासन की नजर नदी और पहाड़ दोनों पर

ताजा घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से भूस्खलन तथा नदी कटान वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने को कहा है। गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है। नेपाल में पहले से ही बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। ऐसे में मुस्तांग में पहाड़ का अचानक टूटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि बदलते पहाड़ी भूगोल और उफनती नदियों के बीच बढ़ते खतरे की एक और चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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Nepal Flood Alert: नेपाल में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, दारचुला में लैंडस्लाइड से चौलानी नदी का रास्ता रुका; हाई अलर्ट पर प्रशासन

Nepal Flood: नेपाल 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि अब एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। नेपाल के दारचुला जिले में बड़े लैंडस्लाइड के बाद चौलानी नदी का बहाव कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ है। इसके चलते प्रशासन ने नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने अचानक पानी बढ़ने और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। लोगों से कहा गया है कि वे नदी के पास जाने से बचें और किसी भी खतरे की स्थिति में सुरक्षित जगह पर चले जाएं।

भट्टर इलाके में हुआ लैंडस्लाइड

नेपाल के दारचुला जिले के अपी हिमाल रूरल म्युनिसिपैलिटी के भट्टर इलाके में लैंडस्लाइड की वजह से बड़ी मात्रा में मलबा चौलानी नदी में जा गिरा है। इससे नदी का पानी कुछ समय के लिए रुक गया है। प्रशासन को आशंका है कि अगर आगे और लैंडस्लाइड हुआ तो नदी का रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है। ऐसे में अचानक पानी का बहाव बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। प्रशासन ने चौलानी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सुरक्षा कर्मियों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है, ताकि लोगों को समय पर जानकारी दी जा सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

प्रशासन रखें है नजर

सुदूरपश्चिम के मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा है। प्रशासन ने बाढ़ या किसी अन्य आपदा की स्थिति में लोगों की मदद के लिए इमरजेंसी फोन नंबर भी जारी किए हैं। आर्म्ड पुलिस फोर्स के मुताबिक, फिलहाल चौलानी नदी का पानी नॉर्मल लेवल पर बह रहा है। इसके बावजूद सुरक्षा टीम को बलांच इलाके में तैनात किया गया है, ताकि नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके और खतरा बढ़ने पर आसपास के लोगों को समय रहते जानकारी दी जा सके।

प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव काम जारी

चौलानी नदी को चमेलिया नदी के नाम से भी जाना जाता है। यह अपी हिमाल क्षेत्र से निकलकर आगे महाकाली नदी में जाकर मिलती है, जो नेपाल और भारत की सीमा का हिस्सा है। नेपाल के कई हिस्से पहले से ही बाढ़ और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित हैं। हाल की बारिश और बाढ़ के कारण कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और जान-माल का भी नुकसान हुआ है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम अभी जारी है। ऐसे में चौलानी नदी के बहाव में आई रुकावट ने चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि अगर फिर से तेज बारिश होती है तो नदी का पानी अचानक बढ़ सकता है और स्थिति गंभीर हो सकती है।