पूर्व प्रधानमंत्री इंदर कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के साथ WhatsApp के जरिए ₹7.8 करोड़ की भारी साइबर ठगी का मामला सामने आया था। इस बीच देशभर में तेजी से फैल रहे साइबर अपराध के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने “ऑपरेशन साइहॉक 5.0” (Operation CyHawk ) चलाया। इस ऑपरेशन में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 916 साइबर ठगों और अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक साइबर अपराध भारत के सामने सबसे तेजी से उभरते खतरों में से एक बन चुका है। ठग अब फर्जी पहचान, सोशल इंजीनियरिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर आम लोगों से लेकर बड़ी कंपनियों तक को निशाना बना रहे हैं।
दिल्ली पुलिस का मानना है कि 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0' जैसी कार्रवाई संगठित साइबर अपराध नेटवर्क को तोड़ने और करोड़ों रुपये की ठगी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस मेगा कार्रवाई में करीब 700 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी का खुलासा हुआ है। ऑपरेशन में देशभर में फैले साइबर अपराध सिंडिकेट्स की जड़ों तक पहुंचकर बड़ा झटका दिया है।
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दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जॉइंट सीपी) रजनीश गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस ऑपरेशन को लेकर पूरी जानकारी दी।
पूर्व पीएम के बेटे के साथ ठगी का खुलासा
दिल्ली पुलिस ने पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल से जुड़े हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड मामले का भी खुलासा किया है। जांच के मुताबिक, एक कंपनी के मालिक को एक ZIP फाइल भेजी गई थी, जिसे उन्होंने वित्त विभाग को फॉरवर्ड कर दिया। जैसे ही कर्मचारी ने फाइल खोली, कंपनी का सिस्टम हैकर्स के नियंत्रण में चला गया।
इसके बाद साइबर अपराधियों ने सिस्टम में मौजूद नरेश गुजराल के संपर्क नंबर को बदलकर अपना नंबर दर्ज कर दिया। फिर खुद को अधिकृत व्यक्ति बताकर कर्मचारियों को फोन किया और पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। इस धोखाधड़ी में चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 7.86 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। हालांकि दिल्ली पुलिस ने अब तक लगभग 4 करोड़ रुपये फ्रीज कर लिए हैं और बाकी रकम की तलाश जारी है।
ऑपरेशन Cy-Hawk 5.0 के तहत साइबर अपराध के खिलाफ @DCPSEastDelhi की बड़ी सफलता।
सरिता विहार थाने की टीम ने संघठित साइबर ठग गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर ठगे गए ₹9 लाख को फ्रीज़ कराया।
बैंक मैनेजर से संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने तुरंत आरोपियों को हिरासत… pic.twitter.com/zLog43UTzv
— Delhi Police (@DelhiPolice) June 17, 2026
715 पुलिस टीमों ने चलाया मेगा ऑपरेशन
उन्होंने बताया कि 16 और 17 जून को चलाए गए इस विशेष अभियान में 715 से अधिक पुलिस टीमें और 2,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हुए। सभी जिला पुलिस इकाइयों और 15 साइबर पुलिस स्टेशनों ने मिलकर समन्वित कार्रवाई की। पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 2,500 से अधिक शिकायतों का विश्लेषण किया, जिनमें कुल ठगी की रकम लगभग 700 करोड़ रुपये पाई गई।
झारखंड के जामताड़ा से हरियाणा के नूंह तक फैला नेटवर्क
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपी झारखंड के कुख्यात साइबर फ्रॉड हब जामताड़ा और हरियाणा के नूंह से जुड़े हुए हैं। ये नेटवर्क फिशिंग, फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन स्कैम और डिजिटल ठगी जैसे अपराधों में सक्रिय थे। ऑपरेशन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने बड़ी संख्या में लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं। इन आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने 21 राज्यों में छापेमारी की, जिससे इस साइबर नेटवर्क की देशव्यापी पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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7,000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
कार्रवाई के दौरान लगभग 7,000 लोगों को हिरासत में लेकर सत्यापन और पूछताछ की गई। इसके अलावा करीब 600 लोगों को एहतियाती कार्रवाई के तहत पाबंद किया गया, जबकि 2,000 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि अभियान का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि साइबर अपराध को बढ़ावा देने वाले पूरे नेटवर्क को खत्म करना है। Edited by : Sudhir Sharma

