नज़्म: बरसात का मौसम

Urdu poem on rainy season

गर्मियों का मौसम भी

बिल्कुल 

ज़िन्दगी के मौसम-सा लगता है…

भटकते बंजारे-से

दहकते आवारा दिन 

और

विरह में तड़पती जोगन-सी 

सुलगती लंबी रातें…

काश!

कभी ज़िन्दगी के आंगन में 

आकर ठहर जाए

बरसात का मौसम… 

 

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