Hindi Poem on Yoga: योग पर हिन्दी कविता: आओ मिलकर योग करें

Picture depicting the importance of yoga

 

योग पर कविता


योग है जीवन का आधार,

रखे तन-मन को सदा साकार।

हर दिन जो योग अपनाता है,

स्वस्थ और सुखी जीवन पाता है।

 

सूरज संग जब योग करें,

नई ऊर्जा का संचार करें।

तन की थकान दूर हो जाती,

मन में खुशियों की ज्योत जगाती।

 

प्राणायाम का अद्भुत ज्ञान,

देता है जीवन को नई उड़ान।

तनाव, चिंता दूर भगाए,

मन को शांति का मार्ग दिखाए।

 

योग बढ़ाए आत्मबल अपना,

सजाए स्वास्थ्य का सुंदर सपना।

रोगों से लड़ने की शक्ति दे,

जीवन में नई भक्ति दे।

 

योग से शरीर बने निरोग,

दूर रहें अनेक प्रकार के रोग।

लचीलापन और स्फूर्ति लाए,

हर दिन जीवन को महकाए।

 

आओ मिलकर योग करें,

स्वस्थ जीवन का संकल्प धरें।

योग का दीप जलाएं हम,

खुशहाल और निरोग बनाएं हम।

 

समापन पंक्तियां:

 

'योग अपनाओ, रोग भगाओ,

स्वस्थ जीवन का दीप जलाओ।

तन स्वस्थ, मन प्रसन्न रहेगा,

हर दिन जीवन सुंदर लगेगा।'

 

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