पिछले कुछ वर्षों में मौसम के अप्रत्याशित मिजाज जैसे बेमौसम बारिश, अत्यधिक वर्षा (अतिवृष्टि) और चक्रवातों के कारण गुजरात के किसानों को फसल नुकसान की बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ऐसी विकट परिस्थिति में गुजरात सरकार ने केवल आश्वासन देने के बजाय अन्नदाताओं को सीधी आर्थिक मदद पहुंचाकर उनकी मुश्किलों को कम करने का सराहनीय कार्य किया है।
वर्ष 2015-16 से 2025-26 तक के पिछले एक दशक में राज्य सरकार ने विभिन्न कृषि राहत पैकेजों और सहायता योजनाओं के माध्यम से लगभग 1.36 करोड़ से अधिक किसानों को कुल 22,733 करोड़ रुपए की बड़ी सहायता राशि का भुगतान किया है। प्राकृतिक आपदाओं का शिकार हुए लाखों किसानों के लिए यह सहायता न केवल एक वित्तीय मदद बनी है, बल्कि उनके जीवन में फिर से नया आत्मविश्वास जगाने का जरिया भी बनी है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने तकनीक और पारदर्शिता के समन्वय से आपदा के बाद नुकसान का तेजी से आकलन करने की व्यवस्था तैयार की है। इस आधुनिक प्रणाली के कारण प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हुई है और सहायता राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे प्रभावित किसानों के बैंक खातों में जमा की जाती है।
सरकारी सहायता किस प्रकार एक जीवंत उदाहरण बनती है, इसका प्रमाण सुरेंद्रनगर जिले के दसाडा तालुका के आदरियाणा गांव के किसान देवराजभाई सोलंकी हैं। पिछले साल बेमौसम बारिश में उनकी चने की पूरी फसल नष्ट हो जाने से परिवार आर्थिक संकट में घिर गया था, लेकिन सरकार से मिली 44,000 रुपए की तत्काल सहायता से वे फिर से बुवाई कर पाए और इस आर्थिक संकट से उबर सके।
वर्ष 2025-26 का समय गुजरात के कृषि इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा, क्योंकि इस वर्ष सरकार ने ऐतिहासिक राहत पैकेज की घोषणा की थी। भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम से हुए नुकसान के खिलाफ राज्य के रिकॉर्ड तोड़ 36.74 लाख से अधिक किसानों को मात्र एक ही वर्ष में कुल 10,337 करोड़ रुपए की सहायता देकर सरकार ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया था।
पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कृषि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई देती है। वर्ष 2015-16 में जहां 1.82 लाख किसानों को 279 करोड़ रुपए दिए गए थे, वहीं इसमें लगातार बढ़ोतरी करते हुए वर्ष 2019-20 में 33.18 लाख किसानों को 2,489 करोड़ रुपए और अंत में वर्ष 2025-26 में सबसे अधिक 10,337 करोड़ रुपए की सहायता वितरित की गई है।
किसानों को भुगतान की गई कुल 22,733 करोड़ रुपए की भारी राशि में से 15,829 करोड़ रुपए का भुगतान स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (SDRF) के नियमों के तहत किया गया है। इसके अलावा, नियमों के दायरे से बाहर जाकर भी किसानों के व्यापक हित में राज्य सरकार ने अपने विशेष बजट से अलग से 6,904 करोड़ रुपए का बड़ा आर्थिक योगदान दिया है।
प्राकृतिक आपदाएं हमारे नियंत्रण से बाहर हैं, लेकिन संकट के समय मदद का हाथ आगे बढ़ाना सरकार का कर्तव्य है, जिसे गुजरात सरकार ने बखूबी निभाया है। समय पर मिले इस आर्थिक सुरक्षा कवच के कारण आज राज्य का अन्नदाता अधिक सशक्त, सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ खेती की राह पर आगे बढ़ रहा है।
Edited By : Chetan Gour
