WhatsApp Data Privacy Case: सुप्रीम कोर्ट में Meta का हलफनामा, जानिए अब यूजर्स के डेटा और विज्ञापन शेयरिंग पर क्या बदलेंगे नियम

WhatsApp Meta

Meta और WhatsApp ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के आदेश का पालन करने का भरोसा दिया। यह आदेश भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा तय की गई प्राइवेसी और यूज़र कंसेंट से जुड़ी सुरक्षा शर्तों के विस्तार से संबंधित है।

 

इसका सीधा अर्थ है कि अब यूजर्स को अपने डेटा शेयरिंग को लेकर अधिक नियंत्रण और स्पष्ट विकल्प (Opt-in/Opt-out) मिलेंगे। सुप्रीम कोर्ट में Meta की अपील और CCI की क्रॉस-अपील अभी लंबित है। कंपनियों ने कहा कि वे 16 मार्च तक NCLAT के निर्देशों का पालन करेंगी।

 

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि एक शपथपत्र दाखिल किया गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि कौन-सा डेटा साझा किया जाता है और कौन-सा नहीं।

 

 कोर्ट ने कंपनियों के बयान को रिकॉर्ड पर लिया और अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

 

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क्या है पूरा मामला?

 

नवंबर 2025 में NCLAT ने CCI द्वारा व्हाट्सऐप की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा था। ट्रिब्यूनल ने माना था कि व्हाट्सऐप ने यूजर्स पर अनुचित शर्तें थोपीं और क्रॉस-प्लेटफॉर्म डेटा शेयरिंग से Meta को ऑनलाइन विज्ञापन में अनुचित लाभ मिला।

 

हालांकि, NCLAT ने पांच साल तक विज्ञापन के लिए डेटा शेयरिंग पर रोक लगाने के आदेश को रद्द कर दिया। उसने कहा कि यदि यूजर्स को स्पष्ट और वापस लेने योग्य सहमति (Revocable Consent) दी जाती है तो पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं है।

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बाद में CCI ने स्पष्टता की मांग की, जिस पर 15 दिसंबर को NCLAT ने कहा कि सभी गैर-व्हाट्सऐप उद्देश्यों, जिनमें विज्ञापन भी शामिल है, के लिए डेटा संग्रह और साझा करने पर यह सुरक्षा निर्देश लागू होंगे।  Edited by : Sudhir Sharma

Google Pixel 10a के लॉन्च होते ही Pixel 9a की कीमतों में भारी गिरावट, अब बेहद कम दाम में खरीदने का मौका

Google Pixel 10a के बाजार में आते ही Google Pixel 9a की सेल ने रफ्तार पकड़ ली है। भारी डिस्काउंट के चलते यह मिड-रेंज स्मार्टफोन अब और भी किफायती हो गया है। 8GB RAM + 256GB वेरिएंट, जो मूल रूप से 49,999 रुपए में लॉन्च हुआ था, अब Amazon, Flipkart और Croma जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर काफी कम कीमत में उपलब्ध है।

 

 गूगल अपने नए मॉडल के लिए स्टॉक क्लियर कर रहा है, जिससे ग्राहकों को शक्तिशाली AI फीचर्स वाला फोन बजट में खरीदने का सुनहरा मौका मिल रहा है। आप इस डील का लाभ कैसे उठा सकते हैं।

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कीमतों का पूरा गणित: कहां मिल रहा है सबसे सस्ता?

Pixel 10a की एंट्री के बाद रिटेलर्स ने Pixel 9a की कीमतों में आक्रामक कटौती की है:

 

Croma : यहाँ फोन की कीमत गिरकर 39,999 रुपये हो गई है, और बैंक ऑफर्स के साथ इसे 36,999 रुपये तक में खरीदा जा सकता है।

 

Amazon: यहाँ रंग (Obsidian या Porcelain) के आधार पर यह 38,690 से 39,410 रुपये के बीच लिस्टेड है।

 

Flipkart : यहाँ यह 39,999 रुपये में उपलब्ध है, साथ ही नो-कॉस्ट EMI और एक्सचेंज डील के जरिए अतिरिक्त बचत की जा सकती है।

 

विभिन्न ऑफर्स को मिलाकर इस फोन की प्रभावी कीमत अक्सर 37,000 से 39,000 रुपए के बीच बैठती है।

 

क्यों खरीदें Pixel 9a

Pixel 9a की यह सेल जबरदस्त वैल्यू दे रही है क्योंकि इस फोन के कई स्पेसिफिकेशन नए Pixel 10a के समान ही हैं, जिसमें शक्तिशाली Tensor G4 चिप भी शामिल है। यानी आप नई लॉन्चिंग की पूरी कीमत चुकाए बिना फ्लैगशिप फीचर्स का मजा ले सकते हैं।

 

प्रमुख स्पेसिफिकेशन्स जो आज भी हैं दमदार:

प्रोसेसर: Google Tensor G4 चिपसेट, जो मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिए बेहतरीन है।

डिस्प्ले: 6.3-इंच OLED (120Hz रिफ्रेश रेट) – जीवंत रंग और स्मूथ स्क्रॉलिंग।

कैमरा: 48MP मुख्य + 13MP अल्ट्रावाइड रियर कैमरा और शानदार सेल्फी के लिए 13MP फ्रंट कैमरा।

बैटरी: 5,100mAh, जो आसानी से एक दिन से ज्यादा चलती है।

सॉफ्टवेयर: क्लीन एंड्रॉइड अनुभव और Gemini AI जैसे फीचर्स के साथ नियमित 'पिक्सेल ड्रॉप्स' अपडेट।

अपडेट: 7 साल के सुरक्षा अपडेट का वादा। Edited by : Sudhir Sharma

India AI Impact Summit 2026 का चौथा दिन: जब मंच पर आमने-सामने आए धुर विरोधी; Prime Minister Narendra Modi के कहने पर भी नहीं मिलाए सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई ने हाथ

 'AI इम्पैक्ट समिट' के चौथे दिन एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जिसने तकनीक की दुनिया में जारी खींचतान को कैमरे के सामने ला दिया। समिट के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकजुटता दिखाने के लिए मंच पर मौजूद सभी वक्ताओं से एक-दूसरे का हाथ थामकर ऊपर उठाने का आग्रह किया, तो लगभग सभी दिग्गज अधिकारियों ने इसे सहर्ष स्वीकार किया।

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लेकिन इस दौरान सिलिकॉन वैली की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता भी साफ झलक उठी। OpenAI के सैम ऑल्टमैन और Anthropic के डारियो अमोदेई एक-दूसरे के बगल में तो खड़े थे, लेकिन उन्होंने हाथ नहीं मिलाए।

दिखी प्रतिद्वंद्विता की लकीर

AI की रेस में एक-दूसरे को पछाड़ने में जुटे ये दोनों दिग्गज प्रधानमंत्री के इशारे के बावजूद अपनी मुट्ठियाँ अलग-अलग रखे नजर आए। जहाँ बाकी लोग एक-दूसरे का हाथ थामकर एकजुटता का संदेश दे रहे थे, वहीं ऑल्टमैन और अमोदेई ने दूरी बनाए रखना ही बेहतर समझा।

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ऑल्टमैन के चेहरे पर दिखी असहजता

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान सैम ऑल्टमैन काफी असहज नजर आ रहे थे। जब प्रधानमंत्री मोदी सभी को हाथ जोड़ने का संकेत दे रहे थे, तब ऑल्टमैन ने अन्य लोगों का अनुसरण करने के बजाय अपनी नजरें दूसरी ओर फेर लीं। तकनीक की दुनिया के दो सबसे बड़े प्रतिस्पर्धियों के बीच का यह 'कोल्ड वॉर' अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। Edited by : Sudhir Sharma 

Google Pixel 10a भारत में लॉन्च, iPhone 17e से पहले एंट्री; जानिए Pixel 9a से कितना अलग?

Google Pixel 10a

google pixel 10a launched in india : भारत में  Google Pixel 10a को लॉन्च कर दिया गया है। खास बात यह है कि यह मॉडल देश में Apple iPhone 17e की एंट्री से पहले बाजार में आ गया है। मिड-रेंज कैटेगरी में उतरा Pixel 10a, प्रीमियम पिक्सल फोनों से नीचे पोजिशन किया गया है, लेकिन इसमें कई फ्लैगशिप फीचर्स किफायती कीमत पर दिए गए हैं।

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डिजाइन और फीचर्स के मामले में नया Pixel 10a काफी हद तक Google Pixel 9a जैसा ही नजर आता है। ऐसे में सवाल है कि दोनों में असल फर्क क्या है? आइए विस्तार से समझते हैं।

 

Pixel 10a vs Pixel 9a: भारत में कीमत

Pixel 10a भारत में केवल 256GB वेरिएंट में लॉन्च हुआ है, जिसकी कीमत 49,999 रुपये है।

वहीं Pixel 9a भी इसी कीमत पर आया था, लेकिन फिलहाल यह 256GB स्टोरेज के साथ लगभग 39,999 रुपये में उपलब्ध है।

 

 डिजाइन और डिस्प्ले

दोनों फोनों में प्लास्टिक बैक पैनल और एल्युमिनियम फ्रेम मिलता है।

Pixel 10a की मोटाई 9mm और वजन 183 ग्राम है।

Pixel 9a थोड़ा पतला (8.9mm) लेकिन 186 ग्राम वजन के साथ थोड़ा भारी है।

दोनों में IP68 रेटिंग दी गई है।

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डिस्प्ले की बात करें तो दोनों में 6.3-इंच pOLED पैनल और 120Hz रिफ्रेश रेट है। हालांकि Pixel 10a में Corning Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन (पहले GG 3) और 3000 निट्स पीक ब्राइटनेस मिलती है, जो Pixel 9a के 2700 निट्स से ज्यादा है।

 बैटरी और चार्जिंग

Pixel 10a में 5,100mAh बैटरी दी गई है।

30W वायर्ड चार्जिंग

10W वायरलेस चार्जिंग। वहीं Pixel 9a में भी 5,100mAh बैटरी थी, लेकिन चार्जिंग स्पीड 23W (वायर्ड) और 7.5W (वायरलेस) तक सीमित थी।

 

परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर

Pixel 10a में वही Tensor G4 चिपसेट दिया गया है जो Pixel 9a में था।

दोनों में 8GB रैम और 256GB स्टोरेज मिलता है। नया मॉडल Android 16 के साथ आता है और कंपनी 7 साल तक OS व सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा कर रही है।

 

  कैमरा

Pixel 10a में डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलता है:

 

  • 48MP प्राइमरी सेंसर (OIS के साथ)
  • 13MP अल्ट्रावाइड लेंस
  • 13MP फ्रंट कैमरा
  • कैमरा हार्डवेयर Pixel 9a जैसा ही है।

 Edited by : Sudhir Sharma

Vivo V70 Series 5G भारत में लॉन्च: Zeiss कैमरा, पावरफुल प्रोसेसर और स्लिम डिजाइन के साथ दो मॉडल पेश

स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Vivo ने आज भारत में अपनी नई Vivo V70 Series 5G लॉन्च कर दी है। इस सीरीज के तहत कंपनी ने दो मॉडल Vivo V70 और Vivo V70 Elite  पेश किए हैं। दोनों स्मार्टफोन्स में अपग्रेडेड प्रोसेसर, Zeiss सपोर्टेड कैमरा और बेहद स्लिम बेज़ल डिजाइन दिया गया है। कंपनी ने इन्हें मिड-रेंज सेगमेंट में उतारा है और आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद इनकी बिक्री शुरू की जाएगी। लॉन्च इवेंट का लाइव स्ट्रीमिंग यूट्यूब पर किया गया।

लाइव हुआ लॉन्च इवेंट

Vivo V70 Series 5G का लॉन्च इवेंट यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किया गया, जहां दर्शकों ने रियल टाइम में इस नए स्मार्टफोन लाइनअप की झलक देखी।

मिड-प्रीमियम 5G सेगमेंट पर फोकस

यह नई सीरीज़ इससे पहले लॉन्च हुए V60 और V60e मॉडल के बाद पेश की गई है। कंपनी का लक्ष्य भारत के मिड-प्रीमियम 5G स्मार्टफोन सेगमेंट में अपनी पकड़ को और मजबूत करना है। नए प्रोसेसर, बेहतर कैमरा सेटअप और प्रीमियम डिजाइन के साथ Vivo V70 Series 5G को युवाओं और टेक प्रेमियों को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है। 

Vivo V70 और V70 Elite: कीमत और सेल डिटेल्स

Vivo V70 Elite को तीन कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 51,999 रुपए रखी गई है।

Vivo V70 Elite (8GB + 256GB): ₹51,999

Vivo V70 Elite (12GB + 256GB): ₹56,999

Vivo V70 Elite (12GB + 512GB): ₹61,999

 

वहीं, Vivo V70 को Passion Red और Lemon Yellow कलर में पेश किया गया है।

Vivo V70 (8GB + 256GB): ₹45,999

Vivo V70 (12GB + 256GB): ₹49,999 Edited by : Sudhir Sharma

मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, डेटा की तरह सस्ती होगी AI, Jio जोड़ेगा भारत को ‘इंटेलिजेंस एरा’ से

Mukesh Ambani's big announcement regarding Jio AI

– 7 साल में करेंगे 10 लाख करोड़ रुपए निवेश, जामनगर में गीगावॉट-स्केल AI इंफ्रा

– अंबानी ने कहा- AI, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विज़न को नई गति देगा

– शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के लिए AI प्लेटफॉर्म लॉन्च

Mukesh Ambani's big announcement : उद्योगपति मुकेश अंबानी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में ऐलान किया कि जिस तरह जियो ने देश में डेटा सस्ता किया, उसी तरह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी आम भारतीय तक किफायती दरों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 'भारत इंटेलिजेंस किराए पर नहीं ले सकता' और जियो देश को इंटरनेट युग के बाद अब 'इंटेलिजेंस एरा' से जोड़ेगा।

 

इस दिशा में जियो और रिलायंस इंड्स्ट्रीज अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। अंबानी ने कहा कि यह निवेश भारत में मजबूत AI ढांचा खड़ा करने और आने वाले दशकों के लिए आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाएगा।

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कंपनी जामनगर में चरणबद्ध तरीके से मल्टी-गीगावॉट AI-रेडी डेटा सेंटर पार्क विकसित कर रही है। 2026 के अंत तक 120 मेगावॉट क्षमता शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे आगे गीगावॉट स्तर तक बढ़ाया जाएगा। यह पूरा ढांचा ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगा। साथ ही जियो अपने नेटवर्क के जरिए देशभर में ऐसी कंप्यूट क्षमता उपलब्ध कराएगा, जिससे AI सेवाएं कम लागत और तेज़ गति से लोगों, दुकानों, स्कूलों, अस्पतालों और खेतों तक पहुंच सकें।

 

अंबानी ने जोर देकर कहा कि जियो AI भारतीय भाषाओं में काम करेगा, ताकि किसान, युवा, छात्र और छोटे व्यवसायी अपनी भाषा में इसका लाभ उठा सकें। इसी क्रम में शिक्षा के लिए जियो शिक्षा AI, स्वास्थ्य के लिए जियो आरोग्य AI, कृषि के लिए जियो कृषि और आम उपयोग के लिए जियो भारत IQ जैसे प्लेटफॉर्म पेश किए गए, जो स्थानीय भाषाओं में AI आधारित सहायता उपलब्ध कराएंगे।

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मुकेश अंबानी ने विश्वास जताया कि भारत 21वीं सदी में अग्रणी AI शक्ति बन सकता है, बशर्ते तकनीक सुलभ, किफायती और देश की जरूरतों के अनुरूप विकसित की जाए। जियो की इन घोषणाओं से संकेत मिलता है कि कनेक्टिविटी के बाद अब कंपनी AI को अगला राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

 

AI से पैदा होने वाली चिंताओं पर अंबानी ने कहा कि एआई वह मंत्र है जो हर यंत्र को तेज, बेहतर और स्मार्ट तरीके से काम करने की शक्ति देता है। मैं एआई को आधुनिक अक्षय पात्र के रूप में देखता हूं, जो अंतहीन पोषण प्रदान कर सकता है। AI नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि यह उच्च-कौशल वाले कार्यों में नए अवसर पैदा करेगा।

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अपने संबोधन की शुरुआत में अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न की सराहना करते हुए कहा कि AI आधारित विकास की यह पहल भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल भारत, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी एक प्रेरक मॉडल बन सकती है।
Edited By : Chetan Gour

Who is Neha Singh : नेहा सिंह कौन हैं, AI इम्पैक्ट समिट में ‘रोबोडॉग’ से चर्चाओं में, Galgotias University ने झाड़ा पल्ला

galgoti uni

देश की राजधानी में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रदर्शित एक रोबोटिक डॉग को लेकर गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) हाल ही में विवादों में आ गई। मीडिया रिपोर्ट्‍स के मुताबिक समिट में यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर दिखाए गए ‘रोबोडॉग’ को चीनी निर्मित बताया गया। इसके बाद यूनिवर्सिटी से एक्सपो स्पेस खाली करने के लिए कहा गया।

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इवेंट से जुड़ा एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें प्रोफेसर नेहा सिंह रोबोट को 'ओरायन' नाम से पेश करती नजर आईं। इसके बाद ऑनलाइन अटकलें लगने लगीं कि क्या इस मशीन को यूनिवर्सिटी की इन-हाउस इनोवेशन के तौर पर प्रस्तुत किया गया था। इस वीडियो के बाद नेहा सिंह भी चर्चाओं में आ गई। 

कौन हैं नेहा सिंह, यूनिवर्सिटी ने झाला पल्ला 

गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ बिजनेस में कम्युनिकेशंस विभाग की प्रमुख (हेड ऑफ डिपार्टमेंट) हैं। वह कोर टेक्निकल फैकल्टी का हिस्सा नहीं हैं। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया।  विवाद के बाद मीडिया बातचीत में नेहा सिंह ने कहा कि उन्हें रोबोट के विकास से जुड़ी तकनीकी जानकारियों की पूरी जानकारी नहीं थी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यूनिवर्सिटी ने यह दावा नहीं किया था कि रोबोट का निर्माण उसी ने किया है। मीडिया के सामने उन्होंने स्वीकार किया कि समिट में प्रस्तुति के तरीके के कारण स्थिति बिगड़ सकती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रोबोट का परिचय उत्साह और तेज़ रफ्तार माहौल में दिया, जिससे गलतफहमी पैदा हो सकती है। उनके मुताबिक, रोबोटिक डॉग को यूनिवर्सिटी द्वारा निर्मित बताने का कोई इरादा नहीं था। बल्कि इसे छात्रों को प्रेरित करने और उन्हें इससे भी उन्नत तकनीक विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदर्शन के तौर पर लाया गया था।

 

यूनिवर्सिटी ने कहा- बयान देने का अधिकार नहीं था 

मीडिया खबरों के मुताबिक चाइनीज रोबोडॉग विवाद पर गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने माफीनामा जारी किया है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि AI समिट में उनके स्टॉल पर मौजूद प्रतिनिधि जानकारी के अभाव में कैमरे के सामने गलत बयान दे बैठीं जबकि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं था। Edited by : Sudhir Sharma

AI Impact Summit में रोबोटिक डॉग विवाद : Galgotiyas University ने मांगी माफी, सरकार की कड़ी चेतावनी

robot dog galgotias controversy

गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' (India AI Impact Summit) के दौरान चीन में निर्मित ‘रोबोटिक डॉग’ के प्रदर्शन को लेकर ‘असमंजस’ की स्थिति पैदा होने के लिए बुधवार को माफी मांगी। ने कहा कि उसके पवेलियन में मौजूद उसके एक प्रतिनिधि को इस रोबोटिक उत्पाद के बारे में ‘सही जानकारी’ नहीं थी और उसने चीन में बने रोबोटिक डॉग को विश्वविद्यालय का नवोन्मेष बताया, जो सही नहीं था।

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इस बीच गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े 'रोबो-डॉग' विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को सख्त चेतावनी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनी में शामिल होने वाले संस्थान ऐसी किसी भी वस्तु का प्रदर्शन न करें जो उनकी अपनी नहीं है।

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 आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि प्रदर्शनी लगाने वालों को ऐसी चीजें प्रदर्शित नहीं करनी चाहिए जो उनकी अपनी (मौलिक) नहीं हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक गलगोटिया यूनिवर्सिटी का पैवेलियन बंद कर दिया गया है और बिजली भी काट दी गई है। 

यह था पूरा मामला 

यह विवाद तब शुरू हुआ जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर आरोप लगा कि उन्होंने 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में चीन की 'यूनिट्री' (Unitree) कंपनी द्वारा निर्मित एक रोबो-डॉग को अपना खुद का आविष्कार बताकर पेश किया। सोशल मीडिया पर समिट के वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स और विशेषज्ञों ने इस विसंगति को पकड़ लिया।  Edited by : Sudhir Sharma

AI Impact Summit 2026 : चीनी रोबोडॉग के बाद अब कोरियन ड्रोन सॉकर, गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर फिर उठे सवाल

AI Impact Summit 2026  : इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में चीनी ‘रोबोडॉग’ विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। समिट से बाहर किए जाने के बाद अब विश्वविद्यालय एक नए विवाद में घिर गया है। इस बार मामला ‘ड्रोन सॉकर’ से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर दक्षिण कोरिया में निर्मित बताया जा रहा है, लेकिन इसे यूनिवर्सिटी का खुद का उत्पाद बताकर पेश किया गया।

 

जानकारी के मुताबिक, नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि उसने कोरियाई सॉकर ड्रोन को अपना इन-हाउस प्रोजेक्ट बताकर प्रदर्शित किया। यूथ कांग्रेस ने इसके वीडियो को अपने एक्स पर शेयर किया है। यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर ने दावा किया कि यह ड्रोन पूरी तरह कैंपस में ही तैयार किया गया है।  इस पूरे विवाद के बीच कम्युनिकेशन प्रोफेसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इससे पहले भी वह रोबोडॉग विवाद में चर्चा में रही थीं और अब एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

वीडियो में वे एक रिपोर्टर को ‘इन-हाउस सॉकर ड्रोन’ के बारे में जानकारी देती नजर आ रही हैं। उन्होंने दावा किया, 'यह एक दिलचस्प डिवाइस है। इसकी एंड-टू-एंड इंजीनियरिंग से लेकर एप्लिकेशन तक सब कुछ यूनिवर्सिटी में ही विकसित किया गया है।' 

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उन्होंने यह भी कहा कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस में भारत का पहला ‘ड्रोन सॉकर एरीना’ तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यहां सिमुलेशन लैब और एप्लिकेशन एरीना मौजूद है… यह भारत का पहला सॉकर एरीना ऑन कैंपस है। यहां इस प्रोडक्ट को और उन्नत फीचर्स के साथ विकसित किया जा रहा है। 

हालांकि, अब इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या यह तकनीक वास्तव में यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है या नहीं। लगातार सामने आ रहे विवादों के चलते गलगोटिया यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच और आलोचना के घेरे में है। Edited by : Sudhir Sharma

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में Jio ने रखा ‘नेशन-फर्स्ट AI स्टैक’ का खाका

Jio AI Stack

– 'जियो AI स्टैक' को 'सॉवरेन' AI इकोसिस्टम के रूप में किया प्रस्तुत

– ग्रीन डेटा सेंटर से भारतीय भाषाओं तक पूरी AI वैल्यू चेन पर फोकस

– स्वदेशी और सॉवरेन AI इकोसिस्टम पर जोर

Jio AI Stack : इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जियो ने अपने 'नेशन-फर्स्ट AI स्टैक' की रूपरेखा पेश की। कंपनी तकनीकी रूप से इसे 'जियो AI स्टैक' नाम देती है और दावा करती है कि इसे भारत की जरूरतों और बड़े पैमाने की मांग को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। जियो इंटेलिजेंस के तहत विकसित किया जा रहा यह स्टैक केवल डेटा सेंटर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक फुल-स्टैक AI इकोसिस्टम के रूप में तैयार किया जा रहा है। 

 

'जियो AI स्टैक' में गीगावॉट स्तर के ग्रीन डेटा सेंटर, उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग व्यवस्था, प्लेटफॉर्म और फ्रेमवर्क, भारतीय भाषाओं पर आधारित डेटा फाउंडेशन, बहुभाषी इंटेलिजेंस लेयर और विभिन्न क्षेत्रों के लिए एप्लिकेशन शामिल हैं। देश में मल्टी-गीगावॉट AI डेटा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जो 100 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी से संचालित होंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर की टिकाऊ AI क्षमता तैयार की जा सके।

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'जियो AI स्टैक'  को एक 'सॉवरेन' AI इकोसिस्टम के रूप में प्रस्तुत किया गया है यानी ऐसा ढांचा जो देश में विकसित हो और राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित हो। कंपनी का कहना है कि इसके जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, छोटे व्यवसायों और रोजमर्रा की सेवाओं में AI आधारित समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

 

कंपनी के मुताबिक जियो AI स्टैक का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हर भारतीय, साथ ही एंटरप्राइज और सरकारी संगठनों के लिए सुलभ और किफायती बनाना है। इसके तहत भारतीय भाषाओं को समझने और स्थानीय चुनौतियों का समाधान करने वाली AI क्षमताओं पर विशेष जोर दिया गया है।

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स्थानीय संदर्भ में विकसित इंटेलिजेंस के लिए व्यापक भारतीय भाषाओं के डेटा सेट तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही सुरक्षित, बहुभाषी वॉयस AI और एजेंटिक प्लेटफॉर्म पर काम किया जा रहा है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी भाषा में सहज AI इंटरैक्शन कर सकें।

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विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में AI की दौड़ अब केवल तकनीकी क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा संप्रभुता, ऊर्जा दक्षता, भाषाई विविधता और बड़े पैमाने पर पहुंच जैसे पहलुओं से भी जुड़ गई है। ऐसे में जियो AI स्टैक जैसे मॉडल देश के दीर्घकालिक डिजिटल और आर्थिक विकास में किस हद तक योगदान देते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
Edited By : Chetan Gour