कंपनियों से स्मार्टफोन का ‘सोर्स कोड’ मांग सकती है सरकार, क्या इससे फोन महंगे होंगे या प्राइवेसी खत्म होगी, सामने आया बड़ा सच

केंद्र सरकार ने एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि वह स्मार्टफोन कंपनियों को अपना सोर्स कोड साझा करने के लिए मजबूर करने का कोई प्रस्ताव नहीं ला रही है। सरकार ने इन खबरों को भ्रामक और सनसनी फैलाने वाला बताया है।

 

आईटी मंत्रालय ने कहा कि इन रिपोर्टों में किसी भी स्मार्टफोन कंपनी या उनसे जुड़ी इंडस्ट्री एसोसिएशन का आधिकारिक बयान नहीं लिया गया है। बल्कि, इंडस्ट्री एसोसिएशन की टिप्पणियों को नजरअंदाज कर खबर को सनसनीखेज बनाने की कोशिश की गई है। इसे लेकर पीआईबी फेक्ट चेक में जानकारी दी गई है। 

 

सरकार ने स्पष्ट किया कि वह साइबर सिक्योरिटी मजबूत करने और नागरिकों की प्राइवेसी की रक्षा के लिए उद्योग जगत के साथ लगातार बातचीत कर रही है। मोबाइल सिक्योरिटी से जुड़े नियमों को लेकर स्टेकहोल्डर्स के साथ एक व्यवस्थित सलाह-मशविरा प्रक्रिया चल रही है।

आईटी मंत्रालय (MeitY) ने बताया कि वह नियमित रूप से सेफ्टी कंप्लायंस, EMI/EMC मानक, भारतीय भाषाओं के सपोर्ट, इंटरफेस आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों जैसे मुद्दों पर इंडस्ट्री से परामर्श करता है। सरकार ने कहा कि वह उद्योग की सभी जायज चिंताओं पर खुले मन से विचार करेगी और देश और इंडस्ट्री- दोनों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ेगी। Edited by: Sudhir Sharma

AI की फ्री ट्रेनिंग देगी सरकार, YUVA AI FOR ALL का अश्विनी वैष्णव ने किया ऐलान

अब केंद्र सरकार एआई की ट्रेनिंग देगी। वह भी फ्री में। इसके साथ आपको सर्टिफिकेट भी मिलेगा। आईटी मंत्रालय के अनुसार यह पहल युवाओं को AI-आधारित भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आज के समय में नागरिकों, खासकर युवाओं के लिए यह जरूरी है कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बुनियादी समझ हो कि यह क्या है, कैसे काम करता है, कहां उपयोग होता है और इसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल कैसे किया जाए। 

ALSO READ: अयोध्या जाएंगे राहुल गांधी, करेंगे रामलला के दर्शन, कांग्रेस सांसद का दावा

सरकार ने अपने प्रमुख कोर्स ‘YUVA AI FOR ALL’ को भी सामने रखा, जो स्वामी विवेकानंद के प्रबुद्ध युवाओं के सपने को आधुनिक AI युग से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। यह कोर्स करीब 4 घंटे का है और इसे इस तरह तैयार किया गया है कि इसे करने के लिए किसी तकनीकी पृष्ठभूमि की जरूरत नहीं होगी। यह कोर्स 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा और पूरी तरह निःशुल्क होगा।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर छोटे उद्यम AI का सही इस्तेमाल करें तो इससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी और उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय AI साक्षरता कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत अगले एक साल में 10 लाख युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। ‘YUVA AI FOR ALL’ को FutureSkills Prime, iGOTKarmayogi, DIKSHA और अन्य प्रमुख ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। कोर्स पूरा करने पर प्रतिभागियों को भारत सरकार का आधिकारिक प्रमाणपत्र भी मिलेगा। Edited by: Sudhir Sharma

X ने मानी गलती, 3500 पोस्ट समेत 600 अकाउंट डिलीट, अश्लील तस्वीरों को लेकर सरकार ने लगाई थी लताड़

twitter X

केंद्र सरकार ने सोशल मीहिया एप X पर मौजूद अश्लील सामग्री पर आपत्ति जताई थी। X ने कई यूजर्स पर एक्शन लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने 600 अकाउंट को डिलीट कर दिया है। साथ ही X ने अपने प्लेटफॉर्म से 3500 से ज्यादा पोस्ट भी हटा दी हैं। एक्स ने केंद्र सरकार को आश्वासन दिया है कि वो इस प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री प्रकाशित करने की अनुमति नहीं देगा और सरकारी नियमों का पालन करेगा।

ALSO READ: Premanandji Maharaj : प्रेमानंद महाराज के फ्लैट में लगी भीषण आग, सेवादारों ने की हुज्जत

नॉन प्रॉफिट ग्रुप एआइ फोरेंसिक ने कहा कि उसने 25 दिसंबर से एक जनवरी के बीच ग्रोक द्वारा बनाई गई 20,000 तस्वीरों का विश्लेषण किया और पाया कि दो प्रतिशत में बिकनी या पारदर्शी कपड़ों में 18 या उससे कम उम्र के व्यक्ति को दर्शाया गया है।

ALSO READ: एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी बनेगी देश की PM, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान से छिड़ा सियासी घमासान

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने X को चेतावनी दी थी कि 72 घंटे की समय सीमा का पालन न करने पर कंपनी को कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। एलन मस्क के प्लेटफार्म एक्स के AI चैटबाट ग्रोक की ओर से महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने का आरोप है। इसे लेकर दुनिया भर की सरकारों ने चिंता जाहिर करते हुए ग्रोक की आलोचना की है। इस लिस्ट में भारत के अलावा फ्रांस, ब्राजील, मलेशिया और यूरोपियन यूनियन का नाम शामिल है।

ALSO READ: 400-500 वर्षों तक मुगलों का अत्याचार सहा, हिन्दू राष्ट्र बनकर रहेगा भारत, मथुरा में RSS मोहन भागवत का ऐलान

आईटी मिनिस्ट्री ने जारी की थी चेतावनी 

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने X के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। इसके एक हफ्ते बाद की ये कार्रवाई सामने आई है। केंद्रीय मंत्रालय ने ग्रोक पर एआइ के 'घोर दुरुपयोग' और महिलाओं को अशोभनीय रूप से बदनाम करने के लिए 'अपमानजनक या अश्लील' तरीके से उनकी तस्वीरें या वीडियो बनाने और साझा का आरोप लगाया। Edited by : Sudhir Sharma

E-Passport भारत में लॉन्च, कौन कर सकता है एप्लाई, कितनी है फीस, कैसे होती है प्रोसेस, किन डॉक्टूमेंट्‍स की जरूरत, क्या है फायदा, सारे सवालों के जवाब

how to apply e passport know rules charges भारत सरकार ने पासपोर्ट सेवा 2.0 के तहत ई-पासपोर्ट लॉन्च किए हैं। ये इलेक्ट्रॉनिक चिप वाले स्मार्ट पासपोर्ट यात्रा सुरक्षा को मजबूत करेंगे और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाएंगे। इनमें डिजिटल फोटो, फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक जानकारी होगी। इससे धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी।

ALSO READ: नहीं जानते कब वह रेप कर दे, तो क्या सभी पुरुषों को जेल में डाल दें

e-Passport कैसे करता है काम

e-Passport के कवर पेज पर एक छोटी सुनहरी चिप का निशान होता है, जो बताता है कि यह इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट है। असली चिप पासपोर्ट के भीतर लगी होती है। इसमें पासपोर्ट धारक का बायोमेट्रिक डेटा, फिंगरप्रिंट और अन्य जरूरी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रूप से स्टोर रहती है। इससे पासपोर्ट की सिक्योरिटी बढ़ती है और फर्जीवाड़े की आशंका कम होती है।

 

e-Passport के फायदे

ई-पासपोर्ट के लॉन्च को भारत के ट्रैवल डॉक्यूमेंट सिस्टम में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जो यात्रियों को ज्यादा सिक्योरिटी और सुविधा देता है। ज्यादा सिक्योरिटी : चिप और एन्क्रिप्शन से नकली पासपोर्ट बनाना मुश्किल हो जाता है। तेज़ इमिग्रेशन : बायोमेट्रिक स्कैनिंग से वेरिफ़िकेशन तेज हो जाता है। ग्लोबल स्टैंडर्ड :  इंटरनेशनल ट्रैवल के लिए बेहतर मंज़ूरी

 

e-Passport कौन कर सकता है आवेदन

कोई भी भारती नागरिक आवेदन कर सकता है। चाहे आप पहली बार पासपोर्ट बनवा रहे हों या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण (Renewal) करा रहे हों। हालांकि यह सुविधा फिलहाल चुनिंदा शहरों में ही उपलब्ध है, इसलिए आवेदन से पहले आपको यह देखना होगा कि आपके शहर में यह सुविधा है या नहीं।

 

e-Passport  कैसे करें एप्लाई 

ई-पासपोर्ट का प्रोसेस लगभग रेगुलर पासपोर्ट जैसा ही है।  पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर रजिस्टर या लॉग इन करें। नए पासपोर्ट या रिन्यूअल के लिए ऑनलाइन फ़ॉर्म भरें। फ़ीस पे करें और अपॉइंटमेंट बुक करें।  डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक सबमिशन के लिए PSK/POPSK पर जाएं।  प्रोसेस पूरा होने के बाद, ई-पासपोर्ट आपके पते पर भेज दिया जाएगा। 

 

e-Passport की कितनी है फीस

e-Passport की फीस रेगुलर पासपोर्ट जितनी ही है।  36 पेज वाली पासपोर्ट बुक के लिए 1500 रुपए और 60 पेज वाली बुक के लिए 2000 रुपए शुल्क देना होता है। यदि तत्काल सेवा ली जाती है तो चार्ज बढ़कर लगभग 3500 से 4000 रुपए  तक हो सकता है। Edited by: Sudhir Sharma