Android 16 QPR3 Beta 2.1 Rollout : Pixel यूजर्स के लिए बैटरी और स्टेबिलिटी फिक्स के साथ नया अपडेट जारी, जानिए कैसे मिलेगा

Android 16 QPR3 Beta 2.1 Rollout

गूगल ने Pixel डिवाइसों के लिए Android 16 QPR3 Beta 2.1 अपडेट रोलआउट करना शुरू कर दिया है। यह अपडेट जनवरी में जारी QPR3 Beta 2 के बाद का फॉलोअप वर्जन है, जिसका मुख्य उद्देश्य सिस्टम की स्थिरता, बैटरी परफॉर्मेंस और ओवरऑल विश्वसनीयता को बेहतर बनाना है।
 

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रिलीज नोट्स के मुताबिक, यह अपडेट उन यूजर्स के लिए उपलब्ध है जो Android Beta for Pixel प्रोग्राम में पहले से एनरोल हैं। Pixel 6 और Pixel 7 सीरीज को बिल्ड नंबर CP11.251209.009 मिल रहा है, जबकि अन्य समर्थित डिवाइसों को CP11.251209.009.A1 वर्जन जारी किया गया है।

 

किन समस्याओं को किया गया ठीक?

इस अपडेट में कई अहम बग फिक्स शामिल किए गए हैं- ऐप ड्रॉअर स्क्रॉल करते समय फ्रीज होने की समस्या ठीक की गई। Android Auto द्वारा गलत तरीके से अधिक स्क्रीन टाइम लॉग करने की समस्या सुधारी गई, जिससे बैटरी लाइफ बेहतर होगी। फुल-स्क्रीन और PiP मोड में नोटिफिकेशन शेड इस्तेमाल करते समय आने वाली ग्राफिकल गड़बड़ियों को दूर किया गया।

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रात के समय अत्यधिक बैटरी ड्रेन की समस्या को ठीक किया गया। बैटरी चार्ज लिमिट सेट होने के बावजूद 100% तक चार्ज होने की दिक्कत दूर की गई। Wi-Fi कनेक्शन बग के कारण स्लो इंटरनेट स्पीड की समस्या सुलझाई गई। रेडियो इंफॉर्मेशन सेटिंग्स एक्सेस करते समय होने वाले क्रैश को ठीक किया गया।

कॉल के दौरान स्पीकरफोन पर स्विच करने में देरी और ऑडियो फीडबैक की कमी को बेहतर ऑडियो रूटिंग से सुधारा गया। Always-On Display से डिवाइस जगाते समय स्क्रीन फ्लिकर की समस्या दूर की गई। Microsoft Intune से मैनेज ऐप्स समेत कुछ ऐप्स के स्टार्टअप क्रैश को ठीक किया गया।

 

वायरलेस चार्जिंग में गड़बड़ी और स्लो वायर्ड चार्जिंग की समस्या पावर मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार कर ठीक की गई। फोल्डेबल डिवाइस को फोल्ड करते समय आने वाले सिस्टम क्रैश को एक्टिविटी लाइफसाइकिल मैनेजमेंट में सुधार कर सुलझाया गया।

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अपडेट कैसे मिलेगा 

अन्य Android QPR बीटा वर्जनों की तरह यह बिल्ड सामान्य उपयोग के लिए पर्याप्त रूप से स्थिर मानी जा रही है। यदि आप Android Beta for Pixel प्रोग्राम में शामिल हैं और ऑप्ट-आउट नहीं किया है, तो यह अपडेट ओवर-द-एयर (OTA) के जरिए स्वतः उपलब्ध हो जाएगा।

 

Android Beta समुदाय में शुरुआती यूजर्स के मुताबिक, यह लगभग 90MB से 110MB के बीच का छोटा अपडेट है और इसमें बड़े विजुअल बदलाव नजर नहीं आते। हालांकि यह ‘अंडर-द-हूड’ सुधारों पर केंद्रित है, जो डिवाइस की परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ को बेहतर बनाने के लिए जरूरी हैं। Edited by : Sudhir Sharma

रूस में Telegram पर डिजिटल स्ट्राइक, पुतिन ने लगाई पाबंदियां, फाउंडर बोले- हम झुकेंगे नहीं

रूसी अधिकारियों ने देश के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप में से एक, 'टेलीग्राम' पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार का यह कदम रूसी नागरिकों को विदेशी तकनीकी प्लेटफार्मों के बजाय खुद के नियंत्रित विकल्पों की ओर धकेलने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। टेलीग्राम के रूसी मूल के संस्थापक पावेल डुरोव ने एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि रूस की यह कोशिश नाकाम होगी। रूस ने फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर बैन लगा दिया है।

इनके अलावा स्नैपचैट (Snapchat), फेसटाइम (FaceTime), ट्विटर/X और गेमिंग प्लेटफॉर्म रोब्लॉक्स (Roblox) पर भी रूस ने प्रतिबंध लगा रखा है। रूसी नियामक संस्था 'रोसकोमनाडजोर'  का कहना है कि इन विदेशी प्लेटफार्मों का उपयोग स्थानीय कानूनों के उल्लंघन और सुरक्षा जोखिमों के लिए किया जा रहा था।

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टेलीग्राम को निशाना बनाना रूसी प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है, क्योंकि इसका उपयोग रूस में लाखों आम लोगों के अलावा खुद रूसी सेना, शीर्ष सरकारी अधिकारी, सरकारी मीडिया और यहां तक कि क्रेमलिन द्वारा भी किया जाता है।  

 

डुरोव ने कहा कि रूस अपने नागरिकों को निगरानी और राजनीतिक सेंसरशिप के लिए बनाए गए एक सरकारी ऐप का उपयोग करने के लिए मजबूर करने की कोशिश में टेलीग्राम पर पाबंदियां लगा रहा है। आठ साल पहले, ईरान ने भी यही रणनीति अपनाई थी- और वह विफल रहा। उसने झूठे बहानों के आधार पर टेलीग्राम को प्रतिबंधित किया और लोगों को सरकार द्वारा संचालित विकल्प पर स्विच करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की।

 

मंगलवार को रूसी सरकार ने टेलीग्राम तक पहुंच को सीमित करने का आदेश जारी किया। सरकार का तर्क है कि यह कदम 'रूसी नागरिकों की सुरक्षा' के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने ऐप पर उन सामग्रियों को ब्लॉक करने से इनकार करने का आरोप लगाया है जिन्हें प्रशासन 'आपराधिक और आतंकवादी' मानता है।

 

 डिजिटल सर्विस ट्रैकिंग साइट Downdetector के अनुसार पिछले 24 घंटों में 11,000 से अधिक यूजर्स ने ऐप के काम न करने या धीमा चलने की शिकायत की है।

 

 

 

रूस के दूरसंचार नियामक रोसकोम्नाडज़ोर (Roskomnadzor) ने एक बयान में कहा कि जब तक रूसी कानूनों के उल्लंघन को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक टेलीग्राम मैसेंजर के संचालन पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इस प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित नहीं है और धोखाधड़ी या आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं हैं।

 

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, प्रतिबंधित सामग्री को न हटाने और खुद को विनियमित करने में विफल रहने के लिए टेलीग्राम पर 64 मिलियन रूबल (लगभग 8.28 लाख डॉलर) का जुर्माना भी लगाया गया है।

 

पाबंदियां लागू होते ही पूरे रूस में इसके असर देखे गए।  Edited by : Sudhir Sharma

Airtel लाया नया AI कवच, फोन पर OTP शेयर करते ही बजेगा ‘अलर्ट’

ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच Airtel ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक जादुई समाधान पेश किया है। कंपनी ने एक ऐसा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है, जो ठगों के जाल में फंसने से पहले ही आपको सावधान कर देगा। कंपनी ने बयान में कहा कि हमारा मकसद ग्राहकों को एक सुरक्षित डिजिटल अनुभव देना है, ताकि वे बिना किसी डर के तकनीक का इस्तेमाल कर सकें। 

 

कैसे काम करेगा यह 'डिजिटल बॉडीगार्ड'?

अक्सर ठग KYC या बैंक अपडेट के नाम पर आपको कॉल करते हैं और बातों में उलझाकर OTP मांग लेते हैं। अब एयरटेल का नया सिस्टम:

 

लाइव चेतावनी: अगर आप कॉल पर हैं और उसी दौरान आपके पास बैंक का OTP आता है, तो सिस्टम तुरंत आपको अलर्ट भेजेगा।

 

जोखिम की पहचान: यह आपको साफ बताएगा कि कॉल के दौरान OTP साझा करना आपके लिए भारी पड़ सकता है।

 

समय की बचत: इससे यूजर को संभलने का मौका मिल जाएगा और वह ठगी का शिकार होने से बच जाएगा।

 

अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा पहल

Airtel पिछले 2 सालों से डिजिटल सुरक्षा पर काम कर रहा है। कंपनी ने ठगी रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं:

 

खतरनाक लिंक्स पर रोक: संदिग्ध और फर्जी लिंक्स को नेटवर्क लेवल पर ही ब्लॉक करना।

 

स्पैम कॉल की पहचान: फर्जी कॉल्स को 'Spam' के रूप में मार्क करना।

 

नेटवर्क फिल्टर: धोखाधड़ी वाली कॉल्स को ग्राहकों तक पहुँचने से पहले ही रोकना।

 

कब और किसे मिलेगा यह फीचर?

शुरुआत: यह खास फीचर फिलहाल हरियाणा के ग्राहकों के लिए शुरू कर दिया गया है।

 

देशभर में रोलआउट: अच्छी खबर यह है कि अगले दो हफ्तों के भीतर यह पूरे भारत में Airtel ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा। Edited by : Sudhir Sharma

 

WhatsApp स्कैमर्स की अब खैर नहीं! इन 8 जादुई फीचर्स को आज ही करें ऑन, आपका अकाउंट बन जाएगा अभेद्य किला

whatsapp

दुनिया के सबसे लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp का इस्तेमाल आज हम सभी करते हैं, लेकिन क्या आपका अकाउंट वाकई सुरक्षित है? आए दिन सामने आ रहे 'डिजिटल अरेस्ट' और 'ऑनलाइन स्कैम' के मामलों ने प्राइवेसी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

अगर आप भी चाहते हैं कि कोई अनजान व्यक्ति आपकी चैट न पढ़ सके या आपको ठगी का शिकार न बना सके, तो WhatsApp के ये 8 छिपे हुए सिक्योरिटी फीचर्स आपके लिए सुरक्षा कवच साबित होंगे। आइए जानते हैं इन्हें कैसे ऑन करें:

 

1. टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification)

यह सुरक्षा की सबसे पहली और मजबूत दीवार है। इसे ऑन करने के बाद, अगर कोई आपका सिम कार्ड क्लोन भी कर ले, तो भी वह बिना आपके '6-डिजिट पिन' के WhatsApp लॉगिन नहीं कर पाएगा।

 

कैसे करें: Settings > Account > Two-step verification > Enable.

 

2. साइलेंस अननोन कॉलर्स (Silence Unknown Callers)

आजकल अंतरराष्ट्रीय नंबरों (+92, +84 आदि) से फर्जी कॉल आने की बाढ़ आई हुई है। इस फीचर को ऑन करते ही अनजान नंबरों से आने वाली कॉल खुद-ब-खुद म्यूट हो जाएंगी।

 

कैसे करें: Settings > Privacy > Calls > Silence Unknown Callers.

 

3. चैट लॉक (Chat Lock)

अगर आप अपनी पर्सनल चैट को दूसरों की नजरों से छिपाना चाहते हैं, तो यह फीचर बेस्ट है। यह आपकी चुनिंदा चैट्स को एक अलग फोल्डर में सुरक्षित कर देता है जो आपके फिंगरप्रिंट या फेस आईडी से ही खुलता है।

 

कैसे करें: जिस चैट को लॉक करना है उस पर लॉन्ग प्रेस करें > Chat Lock पर क्लिक करें।

 

4. पासकी (Passkeys)

पासवर्ड भूलने की झंझट खत्म! 'पासकी' फीचर के जरिए आप अपने फोन के बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक) का इस्तेमाल कर WhatsApp में लॉगिन कर सकते हैं। यह हैकर्स के लिए सेंध लगाना नामुमकिन बना देता है।

 

5. 'एडवांस' प्राइवेसी – आईपी एड्रेस प्रोटेक्शन

क्या आप जानते हैं कि कॉल के दौरान कोई आपकी लोकेशन ट्रैक कर सकता है? 'Protect IP Address in Calls' फीचर को ऑन करने से आपकी लोकेशन और आईपी एड्रेस पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

 

कैसे करें: Settings > Privacy > Advanced > Protect IP Address in Calls.

 

6. डिसेपियरिंग मैसेज (Disappearing Messages)

अगर आप चाहते हैं कि आपकी चैट एक निश्चित समय के बाद खुद डिलीट हो जाए, तो इसे ऑन करें। यह डेटा लीक होने की स्थिति में आपकी पुरानी चैट को सुरक्षित रखता है।

 

7. प्रोफाइल फोटो और स्टेटस प्राइवेसी

अपनी प्रोफाइल फोटो और स्टेटस को हमेशा 'My Contacts' पर रखें। इससे स्कैमर्स आपकी फोटो का इस्तेमाल कर आपके रिश्तेदारों को ठगने (Impersonation Scam) की हिम्मत नहीं कर पाएंगे।

 

8. ग्रुप इनविटेशन कंट्रोल

अक्सर ठग आपको अनजान ग्रुप्स में जोड़कर निवेश या जॉब स्कैम का झांसा देते हैं। प्राइवेसी सेटिंग में जाकर 'Groups' को 'My Contacts' पर सेट करें, ताकि कोई भी एरा-गैरा आपको ग्रुप में न जोड़ सके। Edited by: Sudhir Sharma

Artificial Intelligence Rules : 20 फरवरी से AI नियम सख्त: बिना लेबल AI कंटेंट नहीं चलेगा, डीपफेक तुरंत हटाने का आदेश

केंद्र सरकार ने मंगलवार को डीपफेक सहित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार और बनावटी कंटेंट के मैनेजमेंट को लेकर ऑनलाइन मंचों के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। इसके तहत एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों को किसी सक्षम अधिकारी या अदालतों द्वारा निर्देशित की गई ऐसी किसी भी सामग्री को 3  घंटे के अंदर हटाना होगा। सरकार ने एआई जनरेटेड डीपफेक सामग्री को लेकर आईटी नियमों को सख्त कर दिया है। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अब अदालती आदेश पर 3 घंटे के भीतर आपत्तिजनक कंटेंट हटाना होगा। 

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इन नए संशोधनों में एआई से बनाए गए कंटेंट की अनिवार्य लेबलिंग और यूजर्स की शिकायतों के त्वरित निवारण का भी प्रावधान किया गया है। नियमों के मुताबिक एआई सामग्री की अनिवार्य रूप से लेबलिंग जरूरी है। बनावटी सामग्री बनाने या साझा करने की सुविधा देने वाले मंच को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी सामग्री पर स्पष्ट रूप से और प्रमुखता से लेबल लगाया जाए। जहां तकनीकी रूप से संभव हो, वहां इसे स्थायी मेटाडेटा या पहचानकर्ताओं के साथ जोड़ा जाना चाहिए। 

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अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि मध्यवर्ती (इंटरमीडियरीज) एक बार एआई लेबल या मेटाडेटा लगाए जाने के बाद उन्हें हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं दे सकते। आईटी नियमों के तहत गैरकानूनी कार्यों के निर्धारण के लिए एआई-जनित सामग्री को अन्य सूचनाओं के समान माना जाएगा। सोशल मीडिया मंच को सरकारी या अदालती आदेशों पर अब 36 घंटे के बजाय तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा यूजर्स  की शिकायतों के निवारण की समय-सीमा भी कम कर दी गई है।  Edited by: Sudhir Sharma

What is Phishing : सावधान! एक गलत क्लिक और बैंक खाता साफ: जानें क्या है ‘फिशिंग’ और कैसे बचें इस डिजिटल जाल से

what is phishing scam and how to avoid digital fraud : साइबर अपराधी फर्जी लिंक, मोबाइल फ्रॉड कॉल, OTP फ्रॉड और UPI फ्रॉड के जरिए लोगों के बैंक खाते हैक कर रहे हैं। यह एक गंभीर डिजिटल फ्रॉड और साइबर क्राइम है, जिससे बचने के लिए साइबर सुरक्षा टिप्स, ऑनलाइन बैंकिंग सेफ्टी और साइबर ठगी से बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। खासतौर पर डिजिटल अरेस्ट स्कैम और इंटरनेट फ्रॉड जैसे नए तरीकों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।


तकनीक की दुनिया में जहाँ एक ओर सुविधाएँ बढ़ी हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध का ग्राफ भी तेजी से ऊपर गया है। हाल के दिनों में 'फिशिंग' के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने के मामलों में भारी उछाल देखा गया है। आखिर क्या है यह बला और कैसे शातिर अपराधी आपके दिमाग के साथ खेल जाते हैं? आइए विस्तार से समझते हैं।

 

क्या है फिशिंग (Phishing)?

फिशिंग एक प्रकार का साइबर हमला है जिसमें अपराधी मछली पकड़ने वाले जाल की तरह ही इंटरनेट पर 'चारा' डालते हैं। इसमें ठग आपको फर्जी ईमेल, मैसेज (SMS) या व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करते हैं जो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं। ये मैसेज अक्सर आपके बैंक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे फेसबुक या इंस्टाग्राम) या किसी मशहूर ई-कॉमर्स साइट (जैसे अमेज़न) के नाम से आते हैं। इनका मकसद आपकी निजी जानकारी जैसे:

 

  • इंटरनेट बैंकिंग का यूजर आईडी और पासवर्ड
  • क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल्स
  • आधार और पैन कार्ड की जानकारी चुराना होता है।

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कैसे बुना जाता है यह डिजिटल जाल?

फिशिंग के हमले अक्सर डर या लालच के मनोविज्ञान पर आधारित होते हैं। अपराधियों के पसंदीदा तरीके कुछ इस प्रकार हैं:

 

डर का माहौल: आपको मैसेज आएगा कि “आपका बैंक खाता ब्लॉक हो गया है, तुरंत नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर KYC अपडेट करें।”

 

बड़ा लालच: “बधाई हो! आपने 25 लाख की लॉटरी जीती है, पैसा पाने के लिए अपनी डिटेल्स भरें।”

 

फर्जी वेबसाइट: ठग असली बैंक जैसी दिखने वाली हूबहू 'क्लोन वेबसाइट' बनाते हैं। जैसे ही आप उस पर लॉगिन करते हैं, आपका पासवर्ड अपराधी के पास पहुँच जाता है।

 

फिशिंग के प्रकार जो ट्रेंड में हैं

स्मिशिंग (Smishing): जब यह ठगी SMS के जरिए की जाए।

 

विशिंग (Vishing): जब ठग फोन कॉल के जरिए 'बैंक अधिकारी' बनकर आपसे ओटीपी (OTP) मांगते हैं।

 

स्पीयर फिशिंग: यह किसी खास व्यक्ति या कंपनी के कर्मचारी को निशाना बनाकर किया गया अटैक है।

 

बचाव के उपाय: कैसे रहें सुरक्षित?

साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है:

 

लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान ईमेल या मैसेज में दिए गए लिंक को खोलने से बचें।

 

URL चेक करें: किसी भी वेबसाइट पर अपनी जानकारी डालने से पहले स्पेलिंग चेक करें (जैसे: HDFCBank की जगह ठग HDFCBnk लिख सकते हैं)।  (HTTPS): हमेशा देखें कि वेबसाइट के एड्रेस की शुरुआत 'https://' से हो रही है और वहाँ एक 'ताले' (Padlock) का निशान है।

 

OTP साझा न करें: बैंक कभी भी आपसे फोन पर पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगता।

 

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): अपने सभी सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट्स पर 2FA चालू रखें।

 

विशेषज्ञ की सलाह: यदि आप फिशिंग के शिकार हो जाते हैं, तो बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।  Edited by: Sudhir Sharma

Vivo V70 Series का धमाका, भारत में जल्द एंट्री, ZEISS कैमरा और 6500mAh बैटरी से मचाएगी तहलका

vivo smartphone

प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में अपनी बादशाहत कायम करने के लिए vivo ने आधिकारिक तौर पर अपनी 'V70 सीरीज' की पहली झलक पेश कर दी है। vivo इंडिया के पोर्टल पर जारी टीजर ने संकेत दिया है कि साल 2026 में vivo V70 और V70 Elite फ्लैगशिप स्मार्टफोन की दुनिया में बड़े बदलाव लाने के लिए तैयार हैं। शानदार ZEISS ऑप्टिक्स, दमदार बैटरी और बेहतरीन डिस्प्ले इंजीनियरिंग के साथ कंपनी इन्हें साल के सबसे बड़े 'फ्लैगशिप दावेदार' के रूप में पेश कर रही है।

 

बेजोड़ डिस्प्ले और “गोल्डन ग्रिप” डिजाइन

इस सीरीज की सबसे बड़ी खासियत इसका विजुअल अनुभव है। इसमें 16.74 cm का 1.5K अल्ट्रा क्लियर OLED पैनल दिया गया है। इंजीनियरिंग का लोहा मनवाते हुए vivo ने इस सेगमेंट के सबसे पतले बेजल पेश किए हैं, जिनकी मोटाई मात्र 0.125 cm है।

 

इस “गोल्डन ग्रिप” डिजाइन की वजह से बड़ी स्क्रीन होने के बावजूद फोन हाथों में काफी कॉम्पैक्ट महसूस होता है। 5000 nits की पीक ब्राइटनेस और 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ, यह डिस्प्ले तेज धूप में भी क्रिस्टल क्लियर विजुअल देता है। वहीं, एयरोस्पेस-ग्रेड एल्युमिनियम अलॉय फ्रेम इसे मजबूती और लग्जरी लुक दोनों प्रदान करता है।

 

DSLR जैसा कैमरा: 100x जूम का जलवा

फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसमें ZEISS प्रोफेशनल पोर्ट्रेट सिस्टम दिया गया है। V70 Elite: इसमें 50MP का ZEISS नाइट टेलीफोटो कैमरा है, जो 3x ऑप्टिकल जूम और हैरान कर देने वाले 100x डिजिटल जूम के साथ आता है। मेन कैमरा: 50MP के मुख्य ZEISS OIS कैमरे में बड़े फ्लैगशिप सेंसर का उपयोग किया गया है, जो रात के अंधेरे में भी नॉयज-फ्री तस्वीरें खींचने में सक्षम है। सेल्फी: ग्रुप फोटो के लिए फ्रंट में 50MP का ZEISS ग्रुप सेल्फी कैमरा दिया गया है, जो 92° अल्ट्रा-वाइड फील्ड ऑफ व्यू के साथ आता है।

 

परफॉरमेंस: गेमिंग और मल्टीटास्किंग का 'बीस्ट'

Elite वेरिएंट में Qualcomm Snapdragon 8s Gen 3 चिपसेट दिया गया है, जो 4nm प्रोसेस पर आधारित है। यह प्रोसेसर CPU परफॉरमेंस में 20 प्रतिशत और GPU पावर में 92 प्रतिशत  तक का उछाल लाता है। फास्ट प्रोसेसिंग के लिए इसमें LPDDR5X RAM और UFS 4.1 स्टोरेज का इस्तेमाल किया गया है। स्टैंडर्ड V70 मॉडल में Snapdragon 7 Gen 4 प्रोसेसर मिलेगा। दोनों ही फोन में सटीक हैप्टिक फीडबैक के लिए X-axis लीनियर मोटर और सुरक्षा के लिए 3D अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है।

 

6500mAh बैटरी और फ्लैश चार्जिंग

बैटरी के मामले में vivo ने लंबी छलांग लगाई है। इसमें 6500 mAh की BlueVolt बैटरी दी गई है, जो 40 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक दे सकती है। इसे चार्ज करने के लिए 90W की फ्लैश चार्ज तकनीक है। गेमर्स के लिए विशेष रूप से 'मल्टी-सिनेरियो बाईपास चार्जिंग' फीचर दिया गया है, जिससे गेम खेलते समय फोन गर्म नहीं होगा और बैटरी की लाइफ भी बढ़ेगी।

 

कीमत और उपलब्धता

भारत में vivo V70 सीरीज की आधिकारिक कीमत का खुलासा लॉन्च इवेंट में होगा, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह ₹40,000 से ₹50,000 के प्रीमियम सेगमेंट को टारगेट करेगी। V70 एक किफायती विकल्प होगा, जबकि V70 Elite अपने पावरफुल टेलीफोटो लेंस और स्नैपड्रैगन 8-सीरीज चिप के कारण प्रीमियम दाम पर आएगा। इच्छुक ग्राहक बैंक ऑफर्स और 'अर्ली बर्ड' रिवॉर्ड्स की जानकारी के लिए vivo ई-स्टोर पर रजिस्टर कर सकते हैं।  Edited by: Sudhir Sharma

AI बदलेगा देश की तकदीर, मुकेश अंबानी बोले- भारत अगले दो-तीन दशकों में बनेगा 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने कहा कि भारत अगले 20-30 वर्षों में 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है और यह दौर देश की युवा पीढ़ी के लिए निवेश का एक बहुत बड़ा अवसर होगा। मुंबई में आयोजित जियो-ब्लैकरॉक कार्यक्रम 'इन्वेस्टिंग फॉर ए न्यू एरा' में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक के साथ फायरसाइड चैट के दौरान अंबानी ने भारत की विकास यात्रा का स्पष्ट खाका पेश किया।

जियोब्लैकरॉक इवेंट में मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत पारंपरिक रूप से बचत का देश रहा है, लेकिन अब समय है कि देश के आगे बढ़ने का फायदा निवेश करके उठाया जाए। बचत को निवेश में बदला जाए। सेविंग्स का पैसा यदि कैपिटल मार्केट्स में निवेश हो, तो इससे न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ेगी बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि को भी गति मिलेगी। लैरी फिंक ने भी इस विचार का समर्थन करते हुए कहा कि लॉन्ग-टर्म इक्विटी निवेश भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में संपत्ति सृजन का सबसे प्रभावी जरिया बन सकता है।

 

अंबानी ने कहा कि भारत के विकास की जड़ें मजबूत नीतियों, राजनीतिक स्थिरता, बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और डिजिटल क्रांति से जुड़ी हैं। 5G, डिजिटल इंडिया और कैपिटल मार्केट्स के विस्तार से भारत दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बन गया है।

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर देते हुए अंबानी ने कहा कि AI शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में शानदार बदलाव ला सकता है। उनके अनुसार एआई के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, बेहतर हेल्थकेयर और प्रभावी सार्वजनिक सेवाएं 1.4 अरब लोगों तक सुलभ और किफायती रूप में पहुंचाई जा सकती हैं।

 

कार्यक्रम में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक ने भारत को 'एरा ऑफ इंडिया' बताया, जिस पर अंबानी ने कहा कि जो लोग भारत की दीर्घकालिक ग्रोथ पर भरोसा करेंगे, वही आने वाले दशकों में सबसे अधिक लाभ पाएंगे। Edited by : Sudhir Sharma

नए धर्म का जन्म, मानवता के विनाश का ऐलान, AI बॉट्स ने गपशप में कर दी खौफनाक भविष्यवाणी

Ai with

एआई ने पूरी दुनिया के परिदृश्य को बदलकर रख दिया है। एआई इंसानों की हर समस्या को हल कर रहा है। लेकिन एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है, जहां एआई बॉट्‍स ही आपस में बातें करते हैं। पहली नजर में देखने पर 'Moltbook' किसी आम ऑनलाइन चैट रूम की तरह ही दिखाई देता है, लेकिन इस सोशल नेटवर्क की एक बात इसे पूरी दुनिया से अलग बनाती है इसके यूजर्स। इस अनोखे प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए आपका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बॉट होना अनिवार्य है। यहां इंसानों की नो इंट्री है। 

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सिर्फ एक हफ्ते में 15 लाख अकाउंट्स 

पिछले हफ्ते लॉन्च हुए 'Moltbook' ने बेहद कम समय में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब तक यहाँ करीब 15 लाख अकाउंट्स बन चुके हैं। इंसानी चैट रूम्स की तरह ही, यहां किए गए 1,10,000 पोस्ट्स में से अधिकतर तो सामान्य हैं, लेकिन कुछ पोस्ट्स ने विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं।

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हैरान करने वाली बात यह है कि इन AI बॉट्स ने इस साइट का इस्तेमाल सिर्फ गपशप के लिए नहीं किया है। कुछ बॉट्स ने यहां एक नए धर्म की घोषणा कर दी है, तो वहीं कुछ ने 'मानवता के विनाश' (Extermination of humanity) का आह्वान तक कर डाला है। यह अजीबोगरीब प्रयोग जितना दिलचस्प है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयोग न केवल महंगा साबित होगा बल्कि शायद अधिक समय तक टिक भी न पाए। Edited by : Sudhir Sharma

samsung Unpacked 2026 : S26 अल्ट्रा समेत ये 5 बड़े डिवाइस होंगे लॉन्च, जानें क्या है खास

samsung अपने अगले बड़े इवेंट 'Galaxy Unpacked' की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि इवेंट इसी महीने यानी 25 फरवरी 2026 को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आयोजित किया जा सकता है। यहां अब तक केवल गैलेक्सी S26 सीरीज़ की चर्चा थी, वहीं ताज़ा लीक्स ने संकेत दिया है कि सैमसंग के पिटारे में इस बार उम्मीद से कहीं ज्यादा डिवाइस मौजूद हैं।

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1. गैलेक्सी S26 अल्ट्रा (Galaxy S26 Ultra)

इस इवेंट का सबसे बड़ा आकर्षण गैलेक्सी S26 अल्ट्रा होगा। लीक्स के मुताबिक, सैमसंग इस बार डिज़ाइन में बड़ा बदलाव कर सकता है। डिज़ाइन: इसमें 'गैलेक्सी Z फोल्ड 7' जैसा नया कैमरा मॉड्यूल और कर्व्ड के बजाय राउंडेड कॉर्नर देखने को मिल सकते हैं। यह नए पर्पल शेड में भी उपलब्ध हो सकता है। प्रोसेसर: इसमें बाजार के अनुसार Snapdragon 8 Elite Gen 5 या Exynos 2600 चिपसेट मिलेगा। डिस्प्ले: 6.9 इंच की QHD+ AMOLED स्क्रीन, जिसमें एक खास प्राइवेसी फीचर होगा जो आस-पास के लोगों से आपका कंटेंट छिपा सकेगा। कैमरा व बैटरी: 200MP का मुख्य कैमरा और 5,000mAh की बैटरी होगी, जो अब 65W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।

 

2. गैलेक्सी S26 (Galaxy S26)

बेस मॉडल गैलेक्सी S26 में भी कई सुधार देखने को मिलेंगे।  इसमें अल्ट्रा की तरह ही यूनिफाइड कैमरा आइलैंड डिज़ाइन होगा। डिवाइस में 6.3 इंच की AMOLED स्क्रीन (120Hz रिफ्रेश रेट) और सैमसंग के नए M14 पैनल का इस्तेमाल होगा, जो विजुअल्स और बैटरी लाइफ को बेहतर बनाएगा। इसकी बैटरी क्षमता 4,000mAh से बढ़ाकर 4,300mAh की जा सकती है। 

 

3. गैलेक्सी S26 प्लस (Galaxy S26 Plus)

पहले खबर थी कि कंपनी इसे 'S26 एज' से रिप्लेस कर सकती है, लेकिन अब 'प्लस' वेरिएंट की वापसी तय मानी जा रही है। इसमें 6.7 इंच की AMOLED डिस्प्ले और बेस मॉडल जैसा ही प्रोसेसर मिलेगा। इसकी बैटरी अपने पुराने मॉडल की तरह 4,900mAh रहने की उम्मीद है।

 

4. गैलेक्सी वॉच 9 और वॉच अल्ट्रा 2

Sammobile की रिपोर्ट के अनुसार, GSMA डेटाबेस में दो नए मॉडल नंबर (SM-L345 और SM-L716) देखे गए हैं। माना जा रहा है कि ये Galaxy Watch 9 और Watch Ultra 2 हैं। हालांकि इनके डिज़ाइन में बड़े बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन डिस्प्ले और कनेक्टिविटी फीचर्स पहले से काफी बेहतर होंगे।

 

5. गैलेक्सी टैब S12 प्लस और अल्ट्रा

टैबलेट लवर्स के लिए भी सैमसंग बड़ा धमाका कर सकता है। रिपोर्ट की मानें तो इस बार कंपनी बेस मॉडल (Tab S12) को छोड़कर केवल Tab S12 Plus और Tab S12 Ultra लॉन्च कर सकती है। इन टैबलेट्स में परफॉरमेंस और डिस्प्ले क्वालिटी को लेकर बड़े अपग्रेड्स मिलने की संभावना है। Edited by : Sudhir Sharma