अमित शाह के ऑफर पर क्या बोले राहुल गांधी, क्यों मांगा इस्तीफा?

अमित शाह के ऑफर पर क्या बोले राहुल गांधी, क्यों मांगा इस्तीफा?

rahul gandhi vs amit shah

जंतर मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में चर्चा और जवाब संबंधी पेशकश को खारिज करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनसे इस्तीफा मांग लिया। राहुल ने कहा कि जनता तय करेगी की कौन भाग रहा है? ALSO READ: क्या बिना संसद में परिसीमन बिल पास हुए बदल जाएंगी लोकसभा की सीटें? जानिए संविधान का वो नियम जो कोई नहीं बताता

 

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देखिए सबसे पहले लापता और भाग गए हैं इस प्रकार की भाषा भारत की सर्वाजनिक जीवन में, संसदीय जीवन में अभी अभी सुनाई देती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ है तबसे मैं लगातार संसद में आता हूं और अपने चैंबर में बैठा हूं चूंकि विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहे हैं। तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है सरकार की ओर से किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कर दिया कि छात्र आंदोलन के प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए तैयार हैं और चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

 

उन्होंने कहा कि मेरी ओर से मैंने भी कह दिया कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं लेकिन वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते हैं। आज 3 बजे तक वो स्पीकर साहब को पत्र दें और कल 3 बजे तक हम सभी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार हैं मैं सदन में बैठूंगा और सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। अब विपक्ष को तय करना है उनको चर्चा करनी है या हंगामा करना है। ALSO READ: सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में राहुल गांधी और अमित शाह, क्‍या मुलाकात हुई, कुछ बात हुई?

 

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कहा कि विपक्ष ने साफ कहा है कि हमें अमित शाह का बयान सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। जब मैं 'हम' कहता हूं, तो मेरा मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। छात्रों पर गोली किसने चलाई? कील लगी लाठियों से छात्रों को पीटने का आदेश किसने दिया? क्या हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया था? अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। ALSO READ: झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सियासी संग्राम, संसद में NDA का प्रदर्शन; राहुल गांधी से मांगा जवाब

 

उन्होंने कहा कि पिछले 20 दिनों से अमित शाह गायब हैं। भारत के गृह मंत्री में हिम्मत नहीं है, वे सदन में नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि जनता तय करेगी की कौन भाग रहा है? 

हत्‍या या आत्‍महत्‍या, गहराया इंजीनियर अद्वैत का रहस्‍य, AI ने बढ़ाया सस्‍पेंस, चैट हिस्ट्री में कई लड़कियों से बात का रिकॉर्ड

हत्‍या या आत्‍महत्‍या, गहराया इंजीनियर अद्वैत का रहस्‍य, AI ने बढ़ाया सस्‍पेंस, चैट हिस्ट्री में कई लड़कियों से बात का रिकॉर्ड

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बेंगलुरु की पहाड़ी पर ट्रेकिंग करने गए इंदौर निवासी इंजीनियर का बुधवार को भी कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस को पहाड़ी हिस्से में उसका मोबाइल और ड्रोन मिला है। तकनीकी जांच में पता चला कि अद्वैत की सगाई चार माह पहले हुई थी, लेकिन उसकी चैट हिस्ट्री में कई लड़कियों से संपर्क मिला है। ट्रेकिंग पर जाने के दौरान उसका मोबाइल बंद मिला। जहां उसकी आखिरी लोकेशन मिली है, वहां के आसपास 4 किलोमीटर के हिस्से में उसकी खोजबीन की गई।

पुलिस आत्महत्या के एंगल के अलावा यह भी पता कर रही है कि कहीं उसने खुद को लापता दिखाने की कोई प्लानिंग तो नहीं की है। लापता होने से पहले उसने अपनी मंगेतर से बात की थी। उसने पुलिस को बताया कि चर्चा सामान्य रूप से हुई थी और अद्वैत ने बताया था कि वह ट्रेकिंग करने गया है। बातचीत से कहीं भी ऐसा नहीं लगा कि वह किसी तरह के तनाव से गुजर रहा था।

बैग और स्वेटर मिला : बता दें कि रविवार को तलाशी अभियान के दौरान अद्वैत उपाध्याय का बैग और स्वेटर मिला था। अब पुलिस उसकी डिजिटल गतविधियों के आधार पर डिजिटल मूवमेंट की टाइमलाइन देख रही है। साथ ही पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि फोन बंद होने से कुछ समय पहले तक चालू था। ऐसे में सवाल है कि क्या उसका फोन किसी दूसरे के हाथ तो नहीं लग गया है।

अद्वैत की एक फोटो भी मिली : जांच के दौरान बेंगलुरु पुलिस को अद्वैत की एक फोटो मिली है, जिसे एक पर्यटक ने खींची थी। अद्वैत लापता तब हुआ है, जब वह 7 अगस्त को ट्रेकिंग के लिए शिवगंगे की पहाड़ियों पर गया था। उसके लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री बहुत कुछ बयां कर रही हैं। 4 अगस्त को भी पहाड़ी पर जाने की संभावना है। ऐसे में पुलिस उसकी डिजिटल गतिविधियों को खंगाल रही है।

एआई सर्च ने बढ़ाया सस्पेंस : बता दें कि अद्वेत ने एएआई से यह भी सवाल किया था कि पहाड़ी से गिरने के बाद इंसान जीवित कितनी देर तक रह सकता है। उसके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में संभावना है कि वह खुद भी नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस की जांच में ये सारे बिंदु हैं। इसके साथ ही पुलिस उसके कॉल डिटेल्स की जांच भी कर रही है। आखिर अद्वैत ने लापता होने से पहले किन-किन लोगों से बात की थी। उसके निजी संपर्कों और रिश्तों की जानकारी भी जुटा रही है।

क्‍या कहा अद्वैत की मां ने : अद्वैत परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता प्रमोद उपाध्याय इंदौर में प्रोफेसर थे और 2016 में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। फिलहाल परिवार में अद्वैत और उनकी मां ही हैं। अद्वैत लंबे समय से बेंगलुरु में एक फाइनेंस कंपनी में बतौर इंजीनियर काम कर रहे थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अद्वैत किराए की बाइक से शिवगंगे पहाड़ियों की तलहटी तक पहुंचे थे। उन्होंने बाइक एक दुकान के बाहर खड़ी की और पैदल पहाड़ी की ओर चले गए। रास्ते में करीब 10 CCTV कैमरों में उन्हें पहाड़ी की तरफ जाते देखा गया। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। रविवार से स्थानीय पुलिस, SDRF, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की मदद से पहाड़ी और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सावन में उत्तराखंड के नीलकंठ महादेव के दर्शन क्यों हैं खास? जानें समुद्र मंथन और भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक मान्यता

सावन में उत्तराखंड के नीलकंठ महादेव के दर्शन क्यों हैं खास? जानें समुद्र मंथन और भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक मान्यता

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उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में ऋषिकेश के निकट स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर सावन में शिवभक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष का पान करने के बाद भगवान शिव ने इसी क्षेत्र में तपस्या की थी।

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, ऋषिकेश के निकट पौड़ी गढ़वाल जनपद में स्थित देवाधिदेव महादेव को समर्पित नीलकंठ महादेव मंदिर अत्यंत पावन तीर्थस्थल है। पौराणिक मान्यताओं और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण यह धाम सावन मास में विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है।

 

उन्होंने कहा कि देशभर से लाखों शिवभक्त कांवड़ में गंगाजल लेकर नीलकंठ महादेव पहुंचते हैं और भोलेनाथ का जलाभिषेक कर उनकी कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पौड़ी गढ़वाल जनपद आगमन पर आप भी इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें।

2 नदियों के संगम पर बना मंदिर

नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश से लगभग 32 किलोमीटर दूर, समुद्र तल से करीब 1,330 मीटर की ऊंचाई पर, मणिकूट, ब्रह्मकूट और विष्णुकूट पहाड़ियों के बीच पंकजा और मधुमती नदियों के संगम पर बसा है।

 

क्या है पौराणिक मान्यता?

मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल (कालकूट) विष का पान भगवान शिव ने यहीं किया था। विष पीने से भगवान शिव का कंठ नीला पड़ गया, जिससे उनका नाम 'नीलकंठ' पड़ा। विष के प्रभाव को शांत करने के लिए भगवान शिव ने यहां लंबे समय तक तपस्या की थी।

मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर लगा बैन, उत्पादन और बिक्री पर रोक, CM डॉ. मोहन यादव ने दिए निर्देश

मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर लगा बैन, उत्पादन और बिक्री पर रोक, CM डॉ. मोहन यादव ने दिए निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दे दिए है। मोहन यादव के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मध्यप्रदेश से सटे गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ में एनालॉग पनीर पर बना लगाए जाने के बाद प्रदेश में  एनालॉग पनीर को बड़े पैमाने पर खपाए जाने की खबरों के बात सरकार ने यह बड़ा फैसला किया है। आने वाले समय में त्यौहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने लोगों के  स्वास्थ्य को देखते हुए यह बड़ा फैसला किया है।

 

क्या होता है एनालॉग पनीर?-एनालॉग पनीर को आम बोलचाल में नकली या सिंथेटिक पनीर कहा जाता है।यह असली पनीर की तरह दिखने और स्वाद देने वाला गैर-डेयरी उत्पाद है, जिसमें दूध के वसा या अन्य दुग्ध घटकों की जगह वनस्पति तेल या वसा, स्टार्च, इमल्सीफायर, स्किम्ड मिल्क पाउडर और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। FSSAI के अनुसार डेयरी एनालॉग ऐसे उत्पाद हैं, जिनमें दूध से प्राप्त घटकों को आंशिक या पूरी तरह गैर-दुग्ध सामग्री से बदला जाता है। 

 

असली पनीर दूध से बनाया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर का उत्पादन लागत कम रखने के लिए गैर-दुग्ध सामग्री के इस्तेमाल से किया जाता है। यही वजह है कि यह सामान्य पनीर की तुलना में सस्ता पड़ता है और होटल, ढाबों, कैटरिंग तथा अन्य फूड कारोबार में इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है। FSSAI ने भी स्पष्ट किया है कि चीन एनालॉग को पनीर के नाम से बेचना नियमों का उल्लंघन है और उत्पाद की सही पहचान व लेबलिंग जरूरी है।

 

एनालॉग पनीर सेहत के लिए नुकसानदायक-असली पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का महत्वपूर्ण स्रोत है, जबकि एनालॉग पनीर में इस्तेमाल होने वाली गैर-दुग्ध सामग्री के कारण उसका पोषण प्रोफाइल अलग होता है। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले तेल और वसा की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है।


अब तक इन राज्यों में लग चुका है प्रतिबंध- मध्यप्रदेश से सटे छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात में एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।  छत्तीसगढ़ ने जुलाई और महाराष्ट्र ने अगस्त  में अनस्टैंडर्ड एनालॉग और नॉन-डेयरी पनीर के उत्पादन, वितरण और बिक्री पर एक साल का राज्यव्यापी प्रतिबंध लगाया। वहीं गुजरात ने एनालॉग पनीर के साथ-साथ एनालॉग चीज और बटर के निर्माण, बिक्री और खपत पर भी रोक लगाई है। 

 

Tata Sons में बड़ा बदलाव: चंद्रशेखरन का चेयरमैन पद से इस्तीफा, टाटा ट्रस्ट्स से मतभेद के बीच आया फैसला

Tata Sons में बड़ा बदलाव: चंद्रशेखरन का चेयरमैन पद से इस्तीफा, टाटा ट्रस्ट्स से मतभेद के बीच आया फैसला

N Chandrasekaran Resigns from tata sons

टाटा संस में जारी मतभेदों के बीच एन. चंद्रशेखरन ने चेयरमैन पद छोड़ने का फैसला किया है। वे फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे। उनका फैसला 18 अगस्त की एजीएम से पहले आया है। टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर भी इसका असर देखने को मिला।

चंद्रशेखरन 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। वे टाटा संस के साथ ही टीसीएस, टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी प्रमुख कंपनियों की भी कमान संभाल रहे हैं। उनके कार्यकाल में टाटा ग्रुप का रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़ा।

 

हाल के दिनों में नए बिजनेस में भारी निवेश और उनके परफॉर्मेंस को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के साथ मतभेद गहरे हो गए थे। टाटा संस में लगभग 66% हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, चंद्रशेखरन के कार्यकाल के विस्तार के खिलाफ माने जा रहे थे। 

टाटा के शेयर गिरे

चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर से कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया। टाटा संस के शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। टाटा ग्रुप की भारत के शेयर बाजार में करीब 19 प्रमुख कंपनियां लिस्टेड हैं, जिनमें TCS, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, और टाइटन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। चंद्रशेखर के इस्तीफे से सभी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई।

 

विजय सिंह ने भी दिया इस्तीफा

रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ग्रुप के अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे थे। कई ट्रस्टी पद छोड़ चुके हैं और सीनियर सरकारी अधिकारियों ने भी ट्रस्टियों को सलाह दी थी कि उनके आपसी मतभेद का असर ग्रुप की कंपनियों के कामकाज पर न पड़े। इससे पहले टाटा ट्रस्ट्स के वाइस चेयरमैन विजय सिंह ने सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया था। 

हिमाचल में पेट्रोल-डीजल महंगा: सरकार ने लगाया 60 पैसे प्रति लीटर विधवा-अनाथ सेस, जानें नई कीमत

हिमाचल में पेट्रोल-डीजल महंगा: सरकार ने लगाया 60 पैसे प्रति लीटर विधवा-अनाथ सेस, जानें नई कीमत

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर विधवा अनाथ सेस लगा दिया है। 60 पैसे प्रति लीटर का सेस राज्य में पेट्रोल डीजल की बिक्री के समय वसूला जाएगा। नया सेस 11 अगस्त की आधी रात से लागू हो गया है। ALSO READ: Top News : साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, जुकरबर्ग की AI चेतावनी, पान मसाला की पैकेजिंग पर बड़ा फैसला

 

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण एवं सहायता से जुड़े कार्यों के लिए पेट्रोल और डीजल पर पर सेस लगाया है। इस फैसले के बाद राजधानी शिमला में पेट्रोल की कीमत 102.45 रुपये से बढ़कर 103.05 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह हाई-स्पीड डीजल पर भी 60 पैसे प्रति लीटर का अतिरिक्त उपकर लगाया गया है।

 

हिमाचल में पहली बार लगा यह उपकर

राज्य कर एवं आबकारी विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, यह सेस हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (VAT) अधिनियम, 2005 की धारा 6-ए के तहत लगाया जाएगा। पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की पहली बिक्री पर यह उपकर वसूला जाएगा। ALSO READ: उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर 2017 के बाद क्या बदला?

 

बजट सत्र में पारित हुआ था विधेयक

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा द्वारा बजट सत्र के दौरान पारित हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के बाद लागू किया गया है। इसने राज्य सरकार को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर तक का विधवा और अनाथ उपकर लगाने का अधिकार दिया है। 

LIVE: संसद में नहीं थमा घमासान, लोकसभा 2 बजे तक स्थगित

LIVE: संसद में नहीं थमा घमासान, लोकसभा 2 बजे तक स्थगित

sansad 12 august

Latest News Today Live Updates in Hindi : छात्रों पर लाठीचार्ज और चढ़ावा चोरी मामले में संसद परिसर में बुधवार को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने सामने नजर आए। पल पल की जानकारी…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पूर्व राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज की कमियां निकालने में समय ना गवाएं।

-एनडीए सांसदों ने आज फिर संसद परिसर में झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों पर क्रूरता को लेकर राहुल गांधी से मांगा जवाब।

-विपक्षी सांसदों ने भी जंतर मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज और राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में प्रदर्शन किया।

 

 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जब हजारों छात्रों पर आप लाठी बरसाते हो और पैलेट गन चलाते हो और बिहार में AK-47 चलाते हैं तो आप जनता के प्रति जवाबदेही नहीं हैं? आप क्या चाहते हैं कि हम लोग भी चुप बैठें?

-चेन्नई एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग। 

-हंगामे की वजह से लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित।

सूर्य ग्रहण से पहले कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, 250 की मौत और 3000 लापता; 21 आफ्टरशॉक से दहशत

सूर्य ग्रहण से पहले कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, 250 की मौत और 3000 लापता; 21 आफ्टरशॉक से दहशत

colombia earthquake

Colombia Earthquakes : सूर्य ग्रहण से पहले दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। 7.4 तीव्रता के इस भूकंप से कई इमारतें तबाह हो गई। भूकंप से 250 लोगों की मौत की मौत हो गई और 3000 लोग अब भी लापता हैं। शक्तिशाली भूंकप के बाद से कोलंबिया में 21 और झटके लगे हैं। ALSO READ: Solar eclipse 2026: सबसे दुर्लभ सूर्यग्रहण, छा जाएगा इन देशों में दिन में अंधेरा, भारत पर क्या होगा असर?

 

भूकंप के झटकों के कारण लोगों को अपने घरों और इमारतें खाली करनी पड़ीं। भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा और पड़ोसी देश वेनेदुएला और इक्वाडोर तक महसूस किए गए।

 

भूकंप का केंद्र बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम में सैन होजे डेल पाल्मर के पास था। कोलंबिया की नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.4 थी और यह 79 किलोमीटर की गहराई पर आया था। ALSO READ: पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026: कब लगेगा, सूतक काल कितने घंटे रहेगा? जानें समय, कहां दिखेगा और राशियों पर असर

 

हालांकि भूकंप केंद्र सैन होजे डेल पाल्मर के पास था, लेकिन राजधानी क्विबडो में लोग घायल हुए हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। UNGRD ने कहा कि वह नुकसान के स्तर का पता लगाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। 

कुइब्दो प्रांत की राजधानी चोको की गवर्नर नूबिया कोर्डोबा ने इंटरनेट मीडिया पर बताया कि बड़ी संख्या में भवनों को नुकसान हुआ है और लोग घायल हुए हैं। यह शहर एक लाख तीस हजार की आबादी वाला है और देश के प्रमुख शहरों में उसकी गिनती होती है। उन्होंने ऑफ्टर शॉक को लेकर भी चिंता जताई।

क्या ग्रहण से है भूकंप का कनेक्शन?

आज 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण है। ग्रहण से एक दिन पहले कोलंबिया में भीषण भूकंप आया। इससे पहले भी कई बार ग्रहण के आसपास बड़े भूकंप आए हैं। 8 अप्रैल 2024 को सूर्य ग्रहण के पहले अमेरिका के ईस्ट कोस्ट में बड़ा भूकंप आया था। इसी तरह मार्च 2025 में भी ग्रहण से एक दिन पहले ही म्यांमार और थाईलैंड में भीषण भूकंप आया। इसमें 1000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। मार्च 2026 में भी चंद्र ग्रहण से पहले इंडोनेशिया में 6.2 की तीव्रता वाला भूकंप आया था।

 

ज्यो‍तिष मान्यता के अनुसार ग्रहण के 40 दिन पूर्व तथा 40 दिन बाद अर्थात उक्त ग्रहण के 80 दिन के अंतराल में भूकंप कभी भी आ सकता है। कभी कभी ग्रहण के 15 दिन पूर्व या 15 दिन पश्चात भूकंप आ जाते हैं। हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रहण और भूकंप का कोई डायरेक्ट कनेक्शन नहीं है। ये दोनों घटनाएं अलग अलग प्राकृतिक प्रक्रियाओं का परिणाम है।

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर 2017 के बाद क्या बदला?

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर 2017 के बाद क्या बदला?

UP after 2017

UP Women Safety: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद से महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एंटी रोमियो स्क्वॉड, महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती में 20% आरक्षण, और पिंक पेट्रोलिंग जैसे कड़े कदमों के जरिए अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है।

मिशन शक्ति, कन्या सुमंगला और लखपति दीदी जैसी योजनाओं से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन रही हैं। थानों में त्वरित जांच, 15-दिवसीय डिजिटल समीक्षा और फॉरेंसिक लैब्स के माध्यम से दोषियों को सख्त सजा दिलाकर राज्य सरकार महिलाओं के लिए एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित कर रही है।

 

​महिला सुरक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता की बात की जाए, तो वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश में महिलाओं से जुड़े अपराधों के ग्राफ में उल्लेखनीय गिरावट देखी जा रही है। 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार के गठन के बाद राज्य में विकास और सुरक्षा का नया दौर शुरू हुआ। केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित नीतियों ने महिला सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखा है।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली प्राथमिकता महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना रहा है, ताकि वे निर्भीक होकर शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ सकें। इसके लिए कई कड़े और प्रभावी कदम उठाए गए। ​एंटी रोमियो स्क्वॉड एवं महिला हेल्पलाइन 1090 की शुरुआत की गई। पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई। 2017 में जहां महिला पुलिसकर्मियों की संख्या लगभग 10,000 थी, वहीं आज यह बढ़कर 44,000 से अधिक हो चुकी है। इतना ही नहीं प्रदेश के थानों और जिलों में महिला बीट पुलिसिंग, पिंक पेट्रोलिंग और डिजिटल मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से शिकायतों का त्वरित और संवेदनशील निस्तारण किया जा रहा है। 

क्या कहती हैं यूपी की प्रबुद्ध महिलाएं?

वेबदुनिया ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की महिला शिक्षिकाओं और विशेषज्ञों से सुरक्षा एवं बदलाव को लेकर खास बातचीत की। ​डॉ. अलका श्रीवास्तव ने कहा कि 2017 के बाद से महिलाओं में एक अलग आत्मविश्वास दिख रहा है। त्वरित पुलिस कार्रवाई और हेल्पलाइन नंबरों के प्रभावी संचालन से जो महिलाएं पहले घर तक सीमित थीं, वे अब बाहर खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं।

 

​डॉ. सरिता द्विवेदी के मुताबिक अपराधों के ग्राफ में कमी आई है। हम खुद को सशक्त महसूस कर रहे हैं और निडर होकर सड़कों पर निकल रहे हैं। आज की महिला घर और बाहर दोनों जिम्मेदारियों को बखूबी संभाल रही है। ​डॉ. रचना ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका में हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का वातावरण है।

 

​डॉ. अमिता सिंह ने कहा कि नारी आज सशक्त है, कमा भी रही है और प्रोफेशनल एजुकेशन में बेटियां हाई रैंक हासिल कर रही हैं। हालांकि, कानून को और सख्त करने और लगातार सुधार की जरूरत हमेशा बनी रहती है। प्रो. प्रिया कुमारी का मानना है कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में अभी और सुधार की आवश्यकता है। वहीं डॉ. कविता का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर माताओं के मन में अभी भी चिंताएं बनी रहती हैं, जिस पर निरंतर काम होना चाहिए।

त्वरित जांच और सख्त सजा

​महिला सुरक्षा के कड़े इंतजामों पर CO City (अयोध्या) श्रीयेश त्रिपाठी ने बताया कि महिला अपराध से जुड़े मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने के सख्त निर्देश हैं। दो माह के भीतर जांच (विवेचना) पूरी की जाती है। थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का डेटा अलग रखा जाता है। इन केंद्रों की ऑनलाइन समीक्षा हर 15 दिन में सीनियर ADG महिला अधिकारी द्वारा की जाती है।

 

उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रदेश के हर मंडल में FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) सेल का गठन किया है, जिससे जांच रिपोर्ट जल्दी मिलती है और अदालतों को निर्णय देने में विलंब नहीं होता। पुलिस की मजबूत पैरवी के चलते पिछले वर्षों में महिला अपराधों में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की दर में तेजी आई है।

मुंबई के कुर्ला में तड़के बड़ा हादसा, चॉल पर गिरा मिट्टी का पहाड़; 2 की मौत

मुंबई के कुर्ला में तड़के बड़ा हादसा, चॉल पर गिरा मिट्टी का पहाड़; 2 की मौत

mumbai landslide

मुंबई के कुर्ला में गौसिया चॉल में बुधवार सुबह करीब 3:48 बजे भूस्खलन से हड़कंप मच गया। चॉल पर मिट्‍टी का पहाड़ गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई। मलबे में 3 से 4 लोगों के फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य जारी है। 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के घाटकोपर इलाके में भूस्खलन के चलते गरीब नवाज चॉल पर पहाड़ का हिस्सा आ गिरा। 6 से 7 लोग इस भूस्खलन की चपेट में आ गए। दुर्घटनास्थल से 2 शव बरामद किए गए हैं। 2 लोगों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नामित अधिकारी गजानन जैतापकर ने कहा कि बचाव कार्य चल रहा है। प्रभावित इलाक़ों के लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा सकता है। नोटिस जारी कर दिए गए हैं। मॉनसून से पहले भी कई घरों को नोटिस दिए गए थे। 

NDRF, MFB, पुलिस, और वार्ड के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं। एंबुलेंस की गाड़ियां भी मौके पर तैनात हैं।