पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की फिर अटकलें! क्या है इस तरह की खबरों की वजह

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की फिर अटकलें! क्या है इस तरह की खबरों की वजह

Imran Khan Death Rumors

Imran Khan Death Rumors: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की सेहत और जेल में उनकी मौजूदगी को लेकर एक बार फिर देश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान के निधन के दावे वाली खबरों और सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाहों ने पाकिस्तान सरकार और सेना की नींद उड़ा दी है।

पत्रकार के दावे से मची खलबली

दरअसल, अफवाहों को बल तब मिला जब अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने यूट्यूब चैनल पर दावा किया कि रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय (GHQ) में तैनात तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अनुसार उन्हें आशंका है कि इमरान खान अब जीवित नहीं हैं। पत्रकार के मुताबिक, पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस बात को छिपा रहे हैं। हालांकि, पत्रकार ने यह भी साफ किया कि यह एक असत्यापित जानकारी है जो केवल सुनी-सुनाई बातों पर आधारित है। ALSO READ: इमरान खान की बहन के बयान से मचा बवाल, साइबर एजेंसी ने भेजा समन, मामले का 'ऑपरेशन सिंदूर' से क्‍या है कनेक्‍शन?

PTI के आरोप और मुलाकात पर रोक

दूसरी ओर, PTI नेताओं और इमरान खान की बहनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से अदियाला जेल में पूर्व पीएम से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पार्टी ने तुरंत इमरान खान का स्वतंत्र डॉक्टरों से मेडिकल चेकअप कराने और परिवार व वकीलों की मुलाकात की मांग की है।

 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले नवंबर 2025 में भी ऐसी ही अफवाहें उड़ी थीं, जिसके बाद 2 दिसंबर 2025 को उनकी बहन उजमा खानम ने जेल में उनसे मुलाकात कर उनके ठीक होने की पुष्टि की थी, हालांकि उन्होंने बताया था कि इमरान खान को सख्त एकांत कारावास में रखा जा रहा है। ALSO READ: बेटों को सता रहा इमरान खान की हत्‍या का डर, पूर्व कप्‍तानों ने लिखा पाकिस्‍तान सरकार को पत्र

इस्लामाबाद घेराव की चेतावनी

बढ़ती अनिश्चितता के बीच PTI ने शहबाज शरीफ सरकार और सेनाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और PTI नेता सोहेल अफरीदी ने चेतावनी दी है कि देश का युवा आक्रोशित है और 20 लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। पार्टी ने 27 सितंबर 2026 को इस्लामाबाद की ओर एक विशाल 'लॉन्ग मार्च' निकालने की घोषणा की है।

अमेरिकी सांसदों की विदेश मंत्री रुबियो को चिट्ठी

इमरान खान के मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी गहराता जा रहा है। अमेरिकी कांग्रेस के 13 द्विदलीय सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इस्लामाबाद के समक्ष इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की जेल स्थितियों का मुद्दा उठाएं। पत्र में संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेष दूत की उन चेतावनियों का भी हवाला दिया गया है, जिनमें इमरान के लंबे एकांत कारावास और गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताई गई थी।

कब से जेल में बंद हैं इमरान?

इमरान खान 5 अगस्त 2023 से लगातार पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। उन्हें सबसे पहले लाहौर स्थित उनके आवास (जमान पार्क) से गिरफ्तार किया गया था और अटक जेल ले जाया गया था, जिसके बाद उन्हें रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।

 

इमरान खान पर अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद से 150 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इमरान पर प्रधानमंत्री रहते हुए सरकारी खजाने (तोशखाना) से मिले महंगे उपहारों (जैसे रोलेक्स घड़ियां, गहने) को कम कीमत पर खरीदने और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने तथा इसका खुलासा नहीं करने का आरोप है। इसी मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।

 

उन पर गोपनीय राजनयिक दस्तावेजों (साइफर) को सार्वजनिक करने और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था। वहीं, अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर एक रियल एस्टेट कारोबारी को फायदा पहुंचाने के बदले अरबों रुपये की जमीन और अल-कादिर यूनिवर्सिटी के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप है।

 

9 मई 2023 को इमरान खान की अल्पकालिक गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने लाहौर कोर कमांडर हाउस और रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय (GHQ) सहित कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। सेना और सरकार इमरान खान को इस देशव्यापी हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता मानती है। दूसरी ओर, इमरान खान और उनकी पार्टी PTI इन सभी मामलों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है। 

‘रंग दे बसंती’ से युवाओं ने दिखाया UP का बदलाव, लखनऊ में ग्रैफिटी वॉल पर उकेरी तस्वीरें

‘रंग दे बसंती’ से युवाओं ने दिखाया UP का बदलाव, लखनऊ में ग्रैफिटी वॉल पर उकेरी तस्वीरें

Rang De Basanti UP: स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तर प्रदेश में युवाओं को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच प्रदान किया गया। इसके लिए 'रंग दे बसंती' अभियान प्रारंभ किया गया। इस अभियान के तहत बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के पास आयोजित ग्रैफिटी वॉल कार्यक्रम युवाओं और कलाकारों के रचनात्मक प्रदर्शन का केंद्र बना। यहां शहर के कलाकारों ने माफियामुक्त और बदलते उत्तर प्रदेश को विषय बनाकर सार्वजनिक भित्ति चित्रों की पेंटिंग की। इन चित्रों के माध्यम से वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और इसके बाद उत्तर प्रदेश में आए बदलाव को प्रदर्शित किया। 

लाइव पेंटिंग के जरिए दिखाया बदलाव

दीवार पर कलाकारों ने अपने रंगों और कल्पनाशीलता के जरिए प्रदेश में कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं के लिए बदले सकारात्मक माहौल को चित्रों में उकेरा। युवा चित्रकार मनीष सरोज की पेंटिंग ने 2017 से पहले माफिया राज से कराहते उत्तर प्रदेश का दर्द बयां किया तो अब बदलाव की सकारात्मक तस्वीर भी दिखाई। 

युवाओं ने इंफ्रास्ट्रक्चर और बदलाव को बनाया विषय 

लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र रंजीत ने कहा कि ‘रंग दे बसंती’ मंच के माध्यम से युवाओं की ओर से प्रदेश में हुए बदलाव का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भित्ति चित्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, मेट्रो, सड़कों और सुरक्षा जैसे विषयों को शामिल किया गया है। रंजीत ने बताया कि आज प्रदेश में मेट्रो का विस्तार, सड़कों की स्थिति में सुधार हुआ है और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए युवाओं की कोशिश है कि वे रंगों और कला के माध्यम से लोगों को बदले हुए उत्तर प्रदेश की तस्वीर दिखाएं।

युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील

अभियान में शामिल छात्र अमन शुक्ला ने युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों/युवाओं को अपनी समस्याओं और मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन की आड़ में हिंसा, दंगा या उपद्रव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘रंग दे बसंती’ के जरिए देश और प्रदेश को यह संदेश देने का प्रयास है कि विरोध और अभिव्यक्ति के लिए रचनात्मक माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है। युवाओं की आवाज को संवाद, कला और संगीत के जरिए सामने लाया जा सकता है।

बंदूक की जगह ब्रश, डर की जगह डायलॉग

कलाकारों ने दीवारों को केवल चित्रकारी का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद और युवाओं की अभिव्यक्ति का मंच बनाया है। ‘रंग दे बसंती’ थीम पर आधारित यह अभियान 11 से 14 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न शहरों में आयोजित हो रहा है। कविता, कला, संगीत, संवाद और डिजिटल अभिव्यक्ति के जरिए युवा अपनी आवाज सामने रख रहे हैं। 'बंदूक की जगह ब्रश, डर की जगह डायलॉग' की अवधारणा अभियान की मूल भावना है। इसका उद्देश्य युवाओं को भय और दबाव से दूर सकारात्मक, शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करना है। स्वतंत्रता दिवस से पहले यह अभियान नई सोच और सकारात्मक संदेश दे रहा है।

मुजफ्फरनगर में कॉमिक और संवाद कार्यक्रम होगा

अभियान के तहत 13 अगस्त को मुजफ्फरनगर में कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित मूल कॉमिक का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों में युवाओं के साथ संवाद भी होंगे। 14 अगस्त को ‘रंग दे बसंती’ अभियान का गीत 'डर से आजादी' लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ ही रैप, संगीत और डिजिटल कला का समागम होगा।

योगी सरकार का भूमाफियाओं पर बड़ा एक्शन, 2 लाख एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त, अब बनेगा यूपी का बड़ा ‘लैंडबैंक’

योगी सरकार का भूमाफियाओं पर बड़ा एक्शन, 2 लाख एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त, अब बनेगा यूपी का बड़ा ‘लैंडबैंक’

CM Yogi Adityanath

उत्तरप्रदेश में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ योगी सरकार का एंटी भूमाफिया अभियान लगातार चर्चा में रहा है। राजस्व विभाग के मुताबिक सख्त कार्रवाई और विभिन्न अभियान के तहत बीते साढ़े नौ  साल में प्रदेश में 84,005 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। यह क्षेत्रफल लगभग 2.08 लाख एकड़ के बराबर है।

भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के साथ शिकायतों के निस्तारण, मुकदमों की पैरवी और चिह्नित भूमाफियाओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई ने इस अभियान को और व्यापक रूप दिया। बीते वर्षों में इन कार्रवाइयों ने भूमाफियों के खिलाफ योगी सरकार ने अपनी मंशा साफ जाहिर की है।

 

चार स्तरों पर गठित टास्क फोर्स के जरिए कार्रवाई

राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में सार्वजनिक संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए चार स्तरीय – राज्य, मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया। इसका उद्देश्य अवैध कब्जों की पहचान से लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है। इसके तहत अवैध कब्जों से संबंधित शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज कराने और की गई कार्रवाई की प्रभावी निगरानी के लिए एंटी भू-माफिया पोर्टल विकसित किया गया।

 

4.34 लाख शिकायतें मिलीं, 99 प्रतिशत से ज्यादा का निस्तारण

राज्य में एंटी भू-माफिया पोर्टल पर अवैध कब्जे से संबंधित कुल 4,34,016 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 4,31,697 शिकायतों यानी 99 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है। वहीं 2,319 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित हैं। योगी सरकार में विभान ने अभियान के जरिए सिर्फ जमीन को कब्जामुक्त कराने पर ही जोर नहीं दिया गया, बल्कि शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने से लेकर उनके निस्तारण तक निगरानी की व्यवस्था भी बनाई गई है। इससे कार्रवाई की स्थिति को लगातार ट्रैक करने का तंत्र विकसित हुआ।

yogi government

2 लाख एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमणमुक्त

उत्तर प्रदेश में एंटी भूमाफिया अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 84,005 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना है। इससे प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए लगभग 2.08 लाख एकड़ जमीन उपलब्ध हो गई है। इसमें बड़े स्तर पर सरकारी लैंडबैंक भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न विकास योजनाओं के लिए किया जाना संभव होगा।  

 

भूमाफिया पर कसा कानूनी शिकंजा

एंटी भू-माफिया पोर्टल अभियान की निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम बना है। अवैध कब्जों के मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई को भी आगे बढ़ाया गया। गत वर्षों में अभियानों के तहत 25,068 राजस्व वाद, 1,168 सिविल वाद और 4,751 एफआईआर दर्ज कराई गईं। वहीं अभियान के तहत 1,413 अतिक्रमणकर्ताओं को भू-माफिया के रूप में चिह्नित किया गया। इनमें से वर्तमान में 144 भू-माफिया जेल में बंद हैं।

 

अलग-अलग कानूनों के तहत हुई कार्रवाई

राजस्व विभाग के मुताबिक 1,621 अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत 1,621 मामले, 109 लोगों के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता के तहत, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत 3 के खिलाफ, गैंगस्टर एक्ट के तहत 70 लोगों, गुंडा एक्ट के तहत 206 लोगों व अन्य धाराओं के तहत 1,745 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

 

लैंडबैंक का हो पाएगा विकास कार्यों में इस्तेमाल

अतिक्रमण से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन को योगी सरकार लैंडबैंक के रूप में विकसित कर औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार का आधार बनाती आ रही है। अब खाली कराई गई भूमि को व्यवस्थित तरीके से चिन्हित कर उद्योगों, फार्मास्युटिकल और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों, लॉजिस्टिक पार्क, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज व अन्य बड़े निवेश प्रस्तावों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने में तेजी आएगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राजस्व विभाग के प्रदेशव्यापी अभियान ने योगी सरकार के विकास से जुड़े विजन को और मजबूती प्रदान करने का काम किया है।

‘लुंगी वाला’ बयान पर संसद में बवाल, सुष्मिता देव को उपसभापति ने लगाई फटकार, सदन में जमकर हंगामा

'लुंगी वाला' बयान पर संसद में बवाल, सुष्मिता देव को उपसभापति ने लगाई फटकार, सदन में जमकर हंगामा

susmita dev

CPIM के राज्यसभा जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि उन्हें भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने लुंगी वाला कहा। उन्होंने इसकी शिकायत सभापति से की। इस पर सभापति ने भी नाराजगी जाहिर की। सभापति ने सांसदों को नसीहत दी कि सांसदों को एक दूसरे की परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि BJP की सांसद सुष्मिता देव मुझे लुंगी वाला, लुंगी वाला कहती हैं। इस पर विपक्षी दलों ने ब्रिटास के समर्थन में जमकर हंगामा किया।

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दक्षिण में लाखों लोग पहनते हैं लुंगी

ब्रिटास ने कहा कि लुंगी लाखों लोगों का पहनावा है। खासकर दक्षिण भारत के लोग इसे पहनते हैं। उनके इस शब्द का अपमानजनक इस्तेमाल दक्षिण भारतीयों का मजाक उड़ाने वाली पुरानी रूढ़ियों से जुड़ा रहा है। 

 

उन्होंने 1960 और 1970 के दशक में मुंबई में दक्षिण भारतीयों के खिलाफ चलाए गए अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में ‘लुंगीवाला’ और ‘मद्रासी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल अपमानजनक तरीके से किया जाता था। ब्रिटास ने अपने नोटिस में दावा किया कि घटना के दौरान मौजूद कुछ सांसदों ने भी टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी। 

 

उन्होंने बताया कि पास बैठे सुखेंदु शेखर रॉय ने बाद में सुष्मिता देव को माफी मांगने की सलाह देने की बात कही थी। ब्रिटास ने यह मामला केवल एक सांसद की गरिमा का नहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले सदस्यों के सम्मान से भी जुड़ा है। हंगामे के बीच चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। उन्होंने कहा कि किसी भी सांसद कि गरिमा और उसके सम्मान को ठेस नहीं पहुंचाया जाए।

 

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर ऐसा कुछ भी जो आपत्तिजनक है, तो आप (सभापति) उन्हें चेंबर में बुलाकर उनकी आपत्ति सुनें. किरेन रिजिजू और सदन के नेता जेपी नड्डा ने चेयरमैन से सुष्मिता देव को भी बोलने की अनुमति देने का आग्रह किया।

प्लेन से नहीं, नशेडी पायलट से डर लगता है! एयर इंडिया फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के कैप्टन का गांजा टेस्ट पॉजिटिव

प्लेन से नहीं, नशेडी पायलट से डर लगता है! एयर इंडिया फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के कैप्टन का गांजा टेस्ट पॉजिटिव

Captain of Air India

हवाई जहाज में बैठते समय डर आमतौर पर उड़ान का होता है—कहीं इंजन में खराबी न आ जाए, मौसम खराब न हो जाए या विमान में कोई तकनीकी गड़बड़ी न हो जाए। लेकिन अगर डर की वजह खुद कॉकपिट में बैठा पायलट हो तो? एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान से सामने आया मामला इसी सवाल को बेहद गंभीर बना देता है।

4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान ने अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई खो दी थी। विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। घटना में यात्रियों और चालक दल के कई सदस्य घायल हुए थे। अब इस मामले की जांच के बीच विमान के कैप्टन का कन्फर्मेटरी ड्रग टेस्ट marijuana यानी गांजा के लिए पॉजिटिव पाया गया है।

300 फीट नीचे आया विमान और फिर सामने आया ड्रग टेस्ट 

फुकेट-दिल्ली उड़ान AI2379 में 4 अगस्त को अचानक ऊंचाई में बदलाव हुआ। विमान Airbus A320neo था और घटना के बाद विमान सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया। घटना के बाद दोनों पायलटों की मनोसक्रिय पदार्थों के लिए अनिवार्य जांच की गई। कैप्टन के शुरुआती टेस्ट में ऐसा परिणाम आया, जिसके बाद नमूने को पुष्टि के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। अब उस दूसरे, कन्फर्मेटरी टेस्ट में marijuana पॉजिटिव पाया गया है। यहीं से मामला सामान्य विमानन दुर्घटना की जांच से आगे बढ़कर पायलट फिटनेस और एयरलाइन सेफ्टी प्रोटोकॉल का बड़ा सवाल बन गया है।

क्या पायलट उड़ान के दौरान नशे में था?
यह सवाल सबसे महत्वपूर्ण है—और इसका जवाब अभी सावधानी से देना होगा। ड्रग टेस्ट में marijuana का पॉजिटिव आना यह बताता है कि टेस्ट में उस पदार्थ के संकेत मिले हैं। लेकिन सिर्फ पॉजिटिव टेस्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि कैप्टन ने उड़ान के दौरान या उड़ान से ठीक पहले गांजा का सेवन किया था।

इस मामले में जांच एजेंसियों को यह भी निर्धारित करना होगा कि पदार्थ का सेवन कब हुआ, उसका प्रभाव क्या था और क्या उसका उड़ान के दौरान कैप्टन की कार्यक्षमता से कोई संबंध था। यही वजह है कि Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB ने भी जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है।

 

लेकिन इतना जरूर है कि एक कमर्शियल एयरलाइन के पायलट का कन्फर्मेटरी ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आना अपने आप में बेहद गंभीर सुरक्षा मामला है।

सवाल सिर्फ एक पायलट का नहीं, पूरे सिस्टम का है

कल्पना कीजिए—सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी दो पायलटों के हाथ में है। विमान हजारों फीट की ऊंचाई पर है। वहां छोटी-सी गलती भी सेकंडों में बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। ऐसे में पायलट की जिम्मेदारी सिर्फ विमान उड़ाने तक सीमित नहीं होती। उसकी मानसिक स्थिति, शारीरिक फिटनेस, निर्णय लेने की क्षमता और किसी भी psychoactive substance से मुक्त होना विमान सुरक्षा का मूल हिस्सा है। इसी मामले को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन को तलब किया। मंत्रालय ने घटना की जांच की स्थिति पर जानकारी मांगी है और नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। DGCA से मौजूदा ड्रग-टेस्टिंग नियमों की समीक्षा और जरूरत पड़ने पर उन्हें और सख्त करने को भी कहा गया है।

यात्रियों का भरोसा सबसे बड़ी चीज
एयरलाइन की सबसे महंगी मशीन भी यात्री के भरोसे से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। एक यात्री जब विमान में बैठता है तो वह यह मानकर बैठता है कि कॉकपिट में बैठे लोग पूरी तरह सक्षम, सतर्क और सुरक्षित तरीके से विमान चला रहे हैं। वह यह जांच नहीं कर सकता कि पायलट ने क्या खाया, क्या पिया या कौन-सा पदार्थ लिया। 

वह सिर्फ सिस्टम पर भरोसा करता है। और विमानन में यही भरोसा सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

अगर किसी पायलट की फिटनेस को लेकर सवाल उठता है, तो एयरलाइन और नियामक संस्थाओं की जिम्मेदारी सिर्फ घटना के बाद जांच करने की नहीं, बल्कि घटना होने से पहले जोखिम रोकने की भी है।

'Flying high' मजाक नहीं, सुरक्षा का सवाल है

सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तरह-तरह के मजाक और मीम सामने आ रहे हैं—'फ्लाइंग हाई' जैसे शब्दों से लेकर पायलट के नशे में विमान उड़ाने तक। मजाक अपनी जगह है। लेकिन असली सवाल मजाक से कहीं बड़ा है।
विमान में बैठे यात्री पायलट की निजी जिंदगी पर भरोसा नहीं करते, वे सिस्टम पर भरोसा करते हैं।

और सिस्टम का काम यही है कि कोई भी पायलट—चाहे वह कितना भी अनुभवी क्यों न हो—ऐसी स्थिति में कॉकपिट तक न पहुंचे जिसमें उसकी निर्णय क्षमता या प्रतिक्रिया प्रभावित हो सकती हो।

अब जांच के सामने तीन बड़े सवाल

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल होंगे—

पायलट के शरीर में marijuana के संकेत कितने स्तर पर पाए गए?

क्या इसका उड़ान के दौरान उसकी कार्यक्षमता पर कोई प्रभाव पड़ा था?

मौजूदा DGCA और एयरलाइन ड्रग-टेस्टिंग प्रोटोकॉल ऐसे जोखिमों को पहले से पकड़ने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं?

इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। लेकिन इस घटना ने एक बात साफ कर दी है— हवाई यात्रा में खतरा सिर्फ आसमान, मौसम या मशीन से नहीं होता। कभी-कभी इंसान भी सिस्टम की सबसे कमजोर कड़ी बन सकता है।

इसलिए अगली बार जब कोई कहे कि उसे प्लेन में बैठने से डर लगता है, तो शायद सवाल यह नहीं होना चाहिए कि “प्लेन सुरक्षित है या नहीं?”

सवाल यह भी होना चाहिए—

“कॉकपिट में बैठा इंसान उड़ान के लिए पूरी तरह फिट है या नहीं?”
और इस सवाल का जवाब हर यात्री को बिना पूछे, बिना शक किए और बिना डर के मिलना चाहिए।

क्योंकि विमान में सवार यात्रियों ने टिकट खरीदा है—अपनी जान जोखिम में डालने की अनुमति नहीं।

प्रदेश में निवेश से गुजरात-एमपी के संबंध होंगे और प्रगाढ़, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

प्रदेश में निवेश से गुजरात-एमपी के संबंध होंगे और प्रगाढ़, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद प्रवास के दौरान अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन कुलीन लालभाई से चर्चा की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि गुजरात के साथ मध्यप्रदेश के संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए अरविंद समूह द्वारा मध्यप्रदेश में भी अपनी इकाई स्थापित की जा रही है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप पीएम मित्र पार्क में अगले वर्ष तक उत्पादन प्रारंभ करने का लक्ष्य है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि अरविंद समूह  द्वारा तीन स्थानों पर अपनी इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। इनमें देवास के निकट बरलाई, धार स्थित पीएम मित्र पार्क और इंदौर का बेटमा शामिल हैं। कंपनी इन स्थानों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कर रही है। इन औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को लाभ मिलेगा। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच सहयोग से दोनों राज्यों के संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। औद्योगिक निवेश से एक ओर जहां प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उद्योगों से प्राप्त होने वाले कर राजस्व से राज्य के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे प्रदेश के विकास को और गति मिलेगी। उन्होंने इस पहल के लिए अरविंद समूह को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मध्यप्रदेश में कंपनी के प्रस्तावित निवेश, पीएम मित्र पार्क में उद्योग की स्थापना, रोजगार सृजन, वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग तथा सिंहस्थ-2028 के लिए आधुनिक संचार व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान अपर मुख्य सचिव, उद्योग नीरज मंडलोई, सचिव, उद्योग जॉन किंसले तथा एमडी, एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला उपस्थित थे। 

 

पीएम मित्र पार्क में 1200 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित-अरविंद लिमिटेड द्वारा पीएम मित्र पार्क में लगभग 1200 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इसके लिए कंपनी को 105 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इंदौर में संचालित पेपकोन प्राइवेट लिमिटेड के साथ कंपनी के अनुबंध के तहत प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख परिधानों का निर्माण किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम मित्र पार्क में उद्योग की स्थापना और निवेश प्रक्रिया को गति देने पर चर्चा की। सीसीआईपी के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा शासन स्तर पर प्रस्ताव के त्वरित परीक्षण एवं अनुमोदन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई पर भी विचार-विमर्श हुआ। वस्त्र एवं परिधान उद्योगों के लिए उपलब्ध निवेश प्रोत्साहनों की जानकारी भी दी गई। इनमें पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति, ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन तथा अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं के लिए सहायता सहित अन्य प्रावधान शामिल हैं।

 

औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग को मिलेगा बढ़ावा-औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) समाधान की संभावनाओं पर भी विचार हुआ। मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे 90 से अधिक औद्योगिक पार्कों में टेक्सटाइल, फार्मा एवं अन्य औद्योगिक क्लस्टरों में कॉमन जेडएलडी प्रणालियों की स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा की गई। औद्योगिक पार्कों को निकटवर्ती नगर निगमों के एसटीपी से जोड़कर ‘सर्कुलर वॉटर इकोनॉमी’ मॉडल विकसित करने के सुझाव पर भी विचार हुआ।

 

सिंहस्थ-2028 में आधुनिक संचार व्यवस्था के उपयोग की तैयारी-सिंहस्थ-2028 में मिशन-क्रिटिकल कम्युनिकेशन नेटवर्क के उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। अरविंद लिमिटेड एवं जेएम बक्सी समूह के संयुक्त उद्यम आर्य ऑम्निटॉक सॉल्यूशंस द्वारा मिशन-क्रिटिकल वायरलेस कम्युनिकेशन, वॉकी-टॉकी नेटवर्क, पीएमआरटी तथा सार्वजनिक सुरक्षा संचार समाधान उपलब्ध कराए जाते हैं।सिंहस्थ-2028 में पुलिस, सुरक्षा बल, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आयोजन प्रबंधन के लिए इस प्रकार के मिशन-क्रिटिकल कम्युनिकेशन नेटवर्क के उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।

 

GIS-2027 के लिए किया आमंत्रित-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुलीन लालभाई को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 में सहभागिता के लिए भी आमंत्रित किया। अरविंद लिमिटेड देश के प्रमुख टेक्सटाइल समूहों में शामिल है। वर्ष 1931 में स्थापित कंपनी का मुख्यालय अहमदाबाद में है। कंपनी डेनिम, परिधान, फैब्रिक्स एवं टेक्सटाइल वैल्यू चेन के क्षेत्र में कार्यरत है। समूह की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में 60 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त है तथा कंपनी एक लाख से अधिक कपास कृषकों से कच्चे माल की खरीद करती है।

Google Pixel 11 Series Launch की लॉन्चिंग डेट, कन्फर्म 7 साल के अपडेट के साथ आएंगे नए Pixel फोन

Google Pixel 11 Series Launch की  लॉन्चिंग डेट, कन्फर्म 7 साल के अपडेट के साथ आएंगे नए Pixel फोन

Google अपनी नई Pixel 11 Series को जल्द ही लॉन्च करने जा रहा है। Apple और Samsung को टक्कर देने की तैयारी में कंपनी अपने हार्डवेयर बिजनेस को अगले स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही Google आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मोर्चे पर भी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Gemini AI के नए और अपग्रेडेड मॉडल पेश कर सकता है। इनका मकसद यूजर्स के रोजमर्रा के काम के साथ-साथ कंटेंट बनाने और एडिट करने के अनुभव को आसान बनाना होगा।

 

नई Pixel सीरीज में कंपनी के मौजूदा लाइनअप को जारी रखने की उम्मीद है। इसमें Pixel 11, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold शामिल हो सकते हैं। भारत में Pixel 11 Pro Fold कंपनी का तीसरी पीढ़ी का फोल्डेबल स्मार्टफोन होगा।

 

2nm Tensor G6 चिप और 16GB तक RAM

 

Pixel 11 सीरीज में Google की अपनी कस्टम 2nm Tensor G6 चिप दिए जाने की उम्मीद है। फोन में 16GB तक RAM और 512GB तक स्टोरेज मिल सकती है, खासकर भारतीय बाजार में। हालांकि, दूसरे बाजारों में स्पेसिफिकेशन अलग हो सकते हैं। स्मार्टफोन में Titan Security co-processor भी मिलने की संभावना है।

 

सॉफ्टवेयर की बात करें तो Pixel 11 सीरीज Android 17 के साथ आउट ऑफ द बॉक्स आ सकती है। कंपनी इन फोन के साथ 7 साल तक OS अपडेट और 7 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का दावा कर सकती है। वहीं, इस बार Google Gemini AI पर खास फोकस कर सकता है और इसमें कई नए फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।

 

Pixel Glow फीचर की भी चर्चा

 

Pixel 11 सीरीज में एक नया ‘Pixel Glow’ फीचर देखने को मिल सकता है। यह कैमरा विजर के आसपास LED लाइट की तरह काम कर सकता है और Google Assistant के साथ बातचीत के दौरान संकेत दे सकता है।

 

डिजाइन के मामले में Google बड़े बदलाव करने के बजाय Pixel 10 सीरीज के डिजाइन को ही आगे बढ़ा सकता है। फोन में बड़ा कैमरा विजर, ग्लॉसी बैक डिजाइन और फोल्डेबल मॉडल में मैट फिनिश देखने को मिल सकती है।

 

Google Pixel 11 के संभावित स्पेसिफिकेशन

 

Pixel 11 में 6.3 इंच का Actua डिस्प्ले मिल सकता है। इसका रिफ्रेश रेट 60Hz से 120Hz के बीच और पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स हो सकती है। फोन में 5,000mAh की बैटरी और 45W वायर्ड चार्जिंग के साथ 25W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

 

कैमरा सेटअप में 48MP का मेन कैमरा, 13MP अल्ट्रावाइड कैमरा और 10.8MP टेलीफोटो कैमरा दिया जा सकता है। सेल्फी के लिए 13MP का फ्रंट कैमरा मिलने की संभावना है।

 

Pixel 11 Pro में मिल सकता है 50MP कैमरा

 

Pixel 11 Pro में 6.3 इंच का Super Actua OLED डिस्प्ले मिल सकता है। इसका रिफ्रेश रेट 1Hz से 120Hz तक और पीक ब्राइटनेस 3,500 निट्स होने की उम्मीद है।

 

फोन में 5,100mAh की बैटरी और 45W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट दिया जा सकता है। कैमरा सेटअप में 50MP का मेन कैमरा, 48MP अल्ट्रावाइड और 48MP टेलीफोटो कैमरा शामिल हो सकता है। सेल्फी के लिए 42MP फ्रंट कैमरा मिलने की संभावना है।

 

Pixel 11 Pro XL में 6.9 इंच का डिस्प्ले

 

Pixel 11 Pro XL में 6.9 इंच का Super Actua OLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 3,500 निट्स की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट कर सकता है।

 

इस मॉडल में 5,200mAh की बैटरी और Pro मॉडल जैसा चार्जिंग सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। कैमरा सेटअप भी Pixel 11 Pro जैसा हो सकता है, जिसमें 50MP मेन, 48MP अल्ट्रावाइड और 48MP टेलीफोटो कैमरा शामिल होगा। 42MP सेल्फी कैमरे में बदलाव की उम्मीद कम है।

 

Pixel 11 Pro Fold में 8 इंच की बड़ी स्क्रीन

 

Google का फोल्डेबल स्मार्टफोन Pixel 11 Pro Fold 6.5 इंच के Actua OLED कवर डिस्प्ले के साथ आ सकता है। इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3,300 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलने की उम्मीद है।

 

फोन को खोलने पर 8 इंच का Super Actua Flex डिस्प्ले मिल सकता है। इसकी रिफ्रेश रेट 1Hz से 120Hz तक डायनामिक हो सकती है और पीक ब्राइटनेस 3,300 निट्स तक हो सकती है।

 

फोन में 5,100mAh की बैटरी और 45W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट मिल सकता है। कैमरा सेटअप में 48MP मेन कैमरा, 10.5MP अल्ट्रावाइड और 10.8MP टेलीफोटो कैमरा शामिल हो सकते हैं। कवर और मेन स्क्रीन पर दिए जाने वाले डुअल 10MP फ्रंट कैमरे को भी कंपनी पहले जैसा रख सकती है।

 

भारत में इतनी हो सकती है कीमत

 

भारत में Google Pixel 11 की शुरुआती कीमत ₹89,999 होने की उम्मीद है। वहीं Pixel 11 Pro की कीमत ₹1,19,999, Pixel 11 Pro XL की कीमत ₹1,29,999 और Pixel 11 Pro Fold की कीमत ₹1,89,999 से शुरू हो सकती है।

 

 Google Pixel 11 Series को 13 अगस्त को भारत में लॉन्च करने की उम्मीद है। लॉन्च इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग उसी दिन सुबह 3:30 बजे IST से देखी जा सकेगी।

 

इंदौर में सार्वजनिक बगीचे में जैन संत का दाह संस्‍कार, खबर लगते ही मचा हड़कंप, आक्रोशित लोगों ने जताई नाराजी

इंदौर में सार्वजनिक बगीचे में जैन संत का दाह संस्‍कार, खबर लगते ही मचा हड़कंप, आक्रोशित लोगों ने जताई नाराजी

Jain saint cremated

इंदौर में एक जैन संत के अंतिम संस्‍कार पर विवाद हो गया है। दरअसल, शहर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में केसर बाग रोड स्थित आचार्य विद्यासागर बगीचे में बुधवार सुबह एक जैन संत का अंतिम संस्‍कार किया गया। जैसे ही इसकी खबर फैली इसे लेकर हड़कंप मच गया।

दरअसल, कहा जा रहा है कि बगीचे में 80 वर्षीय जैन संत का अंतिम संस्कार किया गया। सार्वजनिक बगीचे में दाह संस्कार की जानकारी मिलते ही स्थानीय रहवासी मौके पर पहुंचे और विरोध जताया, इसके बाद विवाद की स्‍थिति बन गई।

बता दें कि 80 वर्षीय जैन संत वर्षा योग (चातुर्मास) के लिए क्षेत्र में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू की गईं। अन्नपूर्णा पुलिस के मुताबिक मंगलवार रात जैन समाज के कुछ लोग उद्यान में अंतिम संस्कार करने की अनुमति मांगने थाने पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने सार्वजनिक बगीचे में अंतिम संस्कार की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बावजूद बुधवार सुबह बिना प्रशासनिक अनुमति के वहां उद्यान में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

रहवासियों में गुस्‍सा, नगर निगम पहुंचे : मामले को लेकर रहवासियों की ओर से नगर निगम के उद्यान अधिकारी को लिखित शिकायत भी दी गई है। शिकायत में बताया गया है कि जोन क्रमांक 15, वार्ड क्रमांक 72 के अंतर्गत आने वाले नगर निगम के विकसित आचार्य श्री विद्या सागर उद्यान में नेमी नगर जैन कॉलोनी में इन्द्रपुरी चातुर्मास के जैन समाज के लोगों द्वारा कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान श्री सुलभथी सागर जी महाराज का अचानक स्वर्गवास हो गया।

शिकायत के अनुसार, दिगम्बर जैन समाज के ट्रस्ट द्वारा नगर निगम के उद्यान परिसर में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। रहवासियों को इसकी जानकारी सुबह करीब 7 बजे मिली, जिसके बाद स्थल का निरीक्षण किया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि सुबह करीब 6 बजे नगर निगम के गार्डन में बिना पूर्व सूचना के अंतिम संस्कार कर दिया गया।

विरोध के बाद पहुंची पुलिस : सार्वजनिक बगीचे में अंतिम संस्कार की जानकारी फैलने के बाद कॉलोनी के रहवासी मौके पर इकट्ठे हो गए और विरोध जताया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। फिलहाल पुलिस और नगर निगम की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

जिन्ना की नापाक चाल और 77 साल का दर्द… 14 अगस्त को क्यों रोता है PoK? जानिए पाकिस्तान की आजादी के दिन ‘काले दिवस’ का पूरा सच

जिन्ना की नापाक चाल और 77 साल का दर्द... 14 अगस्त को क्यों रोता है PoK? जानिए पाकिस्तान की आजादी के दिन 'काले दिवस' का पूरा सच

14 August Black Day in PoK

14 August Black Day in PoK: एक तरफ जहां पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियों में जुटा है, वहीं पाकिस्तान के गैर-कानूनी कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के लोगों ने इस दिन को 'ब्लैक डे' यानी 'काला दिवस' के रूप में मनाने का ऐलान किया है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के नागरिकों और स्थानीय राजनीतिक संगठनों का कहना है कि 13 और 14 अगस्त को वह काला दिवस के रूप में मनाएंगे। उनके लिए यह आजादी का नहीं, बल्कि पाकिस्तान के जबरन कब्जे और शोषण का दिन है।

 

पीओके में में अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान की आजादी के दिन से पहले विरोध-प्रदर्शनों के एक नए दौर की घोषणा की है। उन्होंने 13 और 14 अगस्त को 'काला दिन' करार दिया है। संगठन ने दुनिया भर के कश्मीरियों से अपील की है कि वे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ़ प्रदर्शन करें। इस समूह ने 13 अगस्त को पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ औपचारिक विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। ALSO READ: PoK का सच दिखाया तो भड़का पाकिस्तान! 'अल जजीरा' पर कसा शिकंजा, जानिए क्या है PoK की हकीकत

पाक सेना की फायरिंग में 100 की मौत का दावा

अवामी एक्शन कमेटी के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने विदेशों में रह रहे कश्मीरियों से अपील की है कि वे 13 अगस्त को रैलियां करें और PoK में पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बल प्रयोग और दमन की बात को दुनिया के सामने लाएं। उमर ने दावा किया है कि PoK में हाल ही में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में लगभग 100 कश्मीरी मारे गए। इस कदम का मकसद पाकिस्तान के आजादी के दिन और उससे पहले के दिन को इस इलाके पर इस्लामाबाद के कंट्रोल का विरोध करने के मंच के तौर पर इस्तेमाल करना है। 

 

जम्मू-कश्मीर के इस हिस्से में लंबे समय से पाकिस्तान की हुकूमत और उसकी सेना के खिलाफ गुस्सा सुलग रहा है। आइए समझते हैं आखिर क्या है PoK से जुड़ा पूरा मामला, क्यों वहां के नागरिक पाकिस्तान से सख्त नाराज हैं और क्या है इसका इतिहास? ALSO READ: 'हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं', PoK में प्रदर्शनकारियों का ऐलान, आखिरी अल्टीमेटम से उड़ी शाहबाज और मुनीर की नींद

पाकिस्तान से क्यों नाराज हैं PoK के निवासी?

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोग लंबे समय से इस्लामाबाद और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इस नाराजगी की एक नहीं कई वजहें हैं। 

  • मानवाधिकारों का हनन : PoK में पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी (ISI) का कड़ा नियंत्रण है। सरकार या सेना के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और आम लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया जाता है या उन्हें गायब कर दिया जाता है।
  • आर्थिक शोषण और संसाधनों की लूट : नीलम-झेलम और अन्य जलविद्युत परियोजनाओं से पाकिस्तान भारी मुनाफा कमाता है, लेकिन PoK के लोगों को अत्यधिक महंगे दामों पर बिजली बेची जाती है। स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान अपना खजाना भरता है, जबकि स्थानीय नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसते हैं। 
  • महंगाई और चीजों की किल्लत : क्षेत्र में आटा, बिजली, दवाइयां और साफ पानी जैसी बुनियादी चीजों की भारी किल्लत है। सरकार सब्सिडी खत्म कर रही है, जिससे आम जनता का जीना मुहाल हो गया है।
  • राजनीतिक स्वतंत्रता की कमी : कहने को PoK का अपना 'राष्ट्रपति' और 'प्रधानमंत्री' होता है, लेकिन असली सत्ता इस्लामाबाद के 'कश्मीर काउंसिल' और पाकिस्तानी थल सेना के हाथ में होती है। PoK के नेता केवल कठपुतली बनकर काम करते हैं।

क्या है PoK का इतिहास? (1947 से अब तक)

PoK (Pakistan Occupied Kashmir) भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य का वह हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने 1947 में अवैध रूप से कब्जा कर लिया था।

  • 1947 का पाकिस्तानी हमला : 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी के समय जम्मू-कश्मीर एक स्वतंत्र रियासत थी, जिसके महाराजा हरि सिंह थे। 22 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तानी सेना ने कबायली लड़ाकों के भेष में कश्मीर पर आक्रमण कर दिया।
  • भारत में विलय : जब पाकिस्तानी हमलावर श्रीनगर के करीब पहुंच गए, तब महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को भारत के साथ 'इन्स्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेसिबिलिटी' (विलय पत्र) पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद भारतीय सेना ने कश्मीर पहुंचकर पाकिस्तानी घुसपैठियों को पीछे खदेड़ना शुरू किया।
  • सीजफायर और बंटवारा : जब भारतीय सेना कब्जाए गए इलाकों को वापस छुड़ा रही थी, तब यह मामला संयुक्त राष्ट्र (UN) में चला गया। 1 जनवरी 1949 को युद्धविराम (Ceasefire) लागू हुआ। इसके नतीजे में जम्मू-कश्मीर का लगभग एक-तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के अवैध कब्जे में ही रह गया, जिसे आज PoK कहा जाता है।

दो हिस्सों में बंटा है पीओके

पाकिस्तान ने कब्जे वाले कश्मीर को दो हिस्सों में बांट रखा है। आजाद जम्मू और कश्मीर, जिसे आमतौर पर PoK कहा जाता है। इसकी राजदानी मुजफ्फराबाद है। दूसरी ओर, गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान ने 2009 में अलग प्रशासनिक इकाई का दर्जा दे दिया था।

14 अगस्त को क्यों चुना 'ब्लैक डे'?

PoK के स्थानीय नागरिक आंदोलनों (जैसे 'अवामी एक्शन कमेटी') और मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि 14 अगस्त 1947 के बाद से ही उनके क्षेत्र की तबाही की नींव पड़ी थी। पाकिस्तान खुद को स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाता दिखाता है, लेकिन PoK की जनता के लिए यह दिन एक दमनकारी शासन की शुरुआत का प्रतीक है। यही वजह है कि इस दिन विरोध प्रदर्शन, रैलियां और काली पट्टियां बांधकर पाकिस्तानी झंडे और सेना के खिलाफ 'ब्लैक डे' मनाया जाता है। 

भारी बारिश से हाहाकार! MP-राजस्थान में नदी-नाले उफान पर, दिल्ली-UP समेत इन राज्यों में IMD का अलर्ट

भारी बारिश से हाहाकार! MP-राजस्थान में नदी-नाले उफान पर, दिल्ली-UP समेत इन राज्यों में IMD का अलर्ट

weather update : 12 august

Weather Update : देश में कई मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से दक्षिण-पश्चिम मानसून तेज है। मध्य प्रदेश, राजस्थान में भारी बारिश की वजह से नदी नाले उफान पर है तो केरल और असम में बाढ़ की वजह से हालात खराब है। मुंबई के कुर्ला में बारिश की वजह से हुए भूस्खलन की वजह से 2 लोगों की मौत हो गई। IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ALSO READ: मुंबई के कुर्ला में तड़के बड़ा हादसा, चॉल पर गिरा मिट्टी का पहाड़; 2 की मौत
 

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, यूपी और बिहार सहित देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात और ओडिशा के कुछ जिलों में भी मूसलाधार बारिश होगी। छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, असम, मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। केरल, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, कर्नाटक और गोवा में भारी बारिश का अलर्ट है।

 

उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आस-पास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से भारी बारिश हो रही है। मॉनसून ट्रफ अभी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है। 12 अगस्त के आस-पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का एक और क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने में मदद मिल सकती है। इस दौरान 70 Kmph की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं।

राजस्थान पानी-पानी

राजस्थान में बुधवार को चित्तौड़गढ़, सलूंबर, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सवाईमाधोपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। लगातार बरसात के कारण चित्तौड़गढ़ का देवलिया बांध छलक गया है। सलूंबर में कलेक्टर आवास के बाहर पानी भर गया तो बांसवाड़ा में सड़कें जलमग्न नजर आई। कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की टनल के एक हिस्से में पानी भरने से उसे बंद कर दिया गया है। 14 अगस्त से अगले एक सप्ताह तक राज्य में बहुत कम बारिश की संभावना है।

 

मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ की वजह से पूरे मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है। पिछले 3 दिनों से हो रही बारिश की वजह से कई स्थानों पर नदी नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत सभी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

 

यूपी में कैसा है मौसम?

यूपी में मानसून की चाल बुधवार यानी 12 अगस्त को थोड़ी बदली हुई है। IMD ने आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, गोरखपुर, झांसी, जालौन, ललितपुर, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र समेत कई जिलों में बारिश के आसार हैं। अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, बलिया और मऊ में भी बारिश हो सकती है। गोरखपुर और देवरिया में भी हल्की बारिश हो सकती है।