PM मोदी-ट्रंप बैठक का असर, अंतिम चरण में पहुंचा भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

modi and trump

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Interim Bilateral Trade Agreement) अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के एक दिन बाद आया है।

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विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और अब दोनों देश इसे अंतिम रूप देने के करीब हैं। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक इस समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, बाजारों तक पहुंच आसान होगी और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर अगले सप्ताह भारत का दौरा करेंगे, जहां इस समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।

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मिस्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बैठक में व्यापार समझौता प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। दोनों नेताओं ने अधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा था कि भारत और अमेरिका लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के सबसे सख्त और कुशल वार्ताकारों में से एक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को लेकर लगातार सकारात्मक बातचीत हो रही है।

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ट्रंप ने भारत द्वारा अमेरिका में किए जा रहे निवेश की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध मजबूत हो रहे हैं। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने फरवरी में लगभग एक वर्ष तक चली बातचीत के बाद व्यापार को लेकर अंतरिम सहमति बनाई थी। इसके बाद से दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

 

विक्रम मिस्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक होते हैं, लेकिन दोनों देशों के नेतृत्व ने हमेशा संवाद के माध्यम से चुनौतियों का समाधान निकाला है।

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15 जुलाई से लागू होगा भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता

इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के 15 जुलाई से लागू होने का स्वागत किया है। उन्होंने इसे दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी। ब्रिटेन की भारत में उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने पुष्टि की है कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 15 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा। करीब तीन वर्षों की बातचीत के बाद जुलाई 2025 में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। Edited by : Sudhir Sharma

PM Modi in Paris : पेरिस में बोले PM मोदी – 12 साल में दोगुनी हुई भारत की GDP, एयरपोर्ट और यूनिवर्सिटी की संख्या में भी बड़ा इजाफा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि उनके 12 वर्षों के कार्यकाल के दौरान भारत ने कई प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए भारत में अपनी 12 साल की सरकार की उपलब्धियां गिनवाईं। उन्होंने बताया कि इस अवधि में देश की जीडीपी (GDP), एयरपोर्ट और विश्वविद्यालयों की संख्या दोगुनी हो गई है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की रफ्तार भी दो गुना बढ़ी है।

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पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 12 वर्षों तक देश की सेवा करने को अपने जीवन का “सबसे बड़ा सौभाग्य” बताया। उन्होंने कहा कि एक चाय बेचने वाले से देश के सर्वोच्च निर्वाचित पद तक पहुंचने का उनका सफर भारतीय लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्ष 140 करोड़ भारतीयों की अपार क्षमता और सामर्थ्य का प्रमाण हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में हुए बदलावों को भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

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पीएम मोदी के अनुसार, बीते 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना हुआ है। इसी दौरान देश में एयरपोर्ट और विश्वविद्यालयों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हाईवे निर्माण की गति भी पहले की तुलना में दोगुनी हो गई है, जो देश के तेजी से विकसित होते बुनियादी ढांचे को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है।

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पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी चप्पे-चप्पे में दिखती है, लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज सिर चढ़कर बोलता है। खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। 

 

एक समय था जब देशों के बीच रिश्ते सिर्फ व्यापार से तय होते थे, आज व्यापार के साथ-साथ ट्रस्ट भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। हर देश रिलायबल सप्लाई चेन चाहता है। हर देश स्टेबल पार्टनरशिप चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके और ऐसे समय में भारत, विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

EPFO खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्द UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही अपने करोड़ों खाताधारकों को बड़ी सुविधा देने जा रहा है। जानकारी के अनुसार, EPFO इस महीने के अंत तक ऐसी सुविधा शुरू कर सकता है, जिसके तहत सदस्य अपने पीएफ (PF) खाते से UPI और ATM के जरिए सीधे पैसे निकाल सकेंगे।

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सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नई सुविधा को लागू करने के लिए EPFO आने वाले दिनों में अपने सर्वरों का अपग्रेडेशन करेगा। इसके लिए संगठन के सर्वर लगभग तीन दिनों तक “ब्लैकआउट” मोड में रहेंगे, जिसके दौरान EPFO की अधिकांश सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी।

 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सर्वर अपडेट के बाद सदस्यों को UPI और ATM के माध्यम से अपने पीएफ खाते से राशि निकालने की सुविधा मिल जाएगी। इसके तहत खाताधारक अपने EPFO बैलेंस का अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकेंगे।

 

वर्तमान नियमों के अनुसार, EPF खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखना अनिवार्य है। यानी सदस्य अपने कुल पीएफ कॉर्पस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि खाते में बनी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, EPFO के पास वर्तमान में करीब 26 लाख करोड़ रुपये का कुल फंड है। वहीं संगठन के सक्रिय अंशधारकों (Contributing Members) की संख्या लगभग 7.5 करोड़ है, जबकि कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या करीब 30 करोड़ बताई जा रही है।

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नई सुविधा लागू होने के बाद पीएफ निकासी की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, आसान और डिजिटल हो जाएगी। इससे करोड़ों कर्मचारियों को जरूरत के समय अपने फंड तक तुरंत पहुंच मिल सकेगी। Edited by : Sudhir Sharma

Jharkhand Rajya Sabha Election में कांग्रेस को बड़ा झटका, NDA समर्थित परिमल नाथवानी की जीत

Parimal Nathwani

झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज कर कांग्रेस और महागठबंधन को बड़ा झटका दिया है। गुरुवार को घोषित परिणामों के अनुसार नाथवानी को कुल 30 वोट मिले, लेकिन इनमें से दो वोट अमान्य घोषित होने के बाद उन्हें प्रभावी रूप से 28 वोट मिले, जो जीत के लिए आवश्यक संख्या थी।

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 इस चुनाव में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा शामिल थे। झारखंड विधानसभा के 81 विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया। प्रमुख मतदाताओं में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरा और अन्य वरिष्ठ विधायक शामिल रहे। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जबकि मतगणना शाम 5 बजे शुरू हुई। तीन उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला काफी रोचक हो गया था।

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 भाजपा सांसद निशिकांत ने दावा किया कि परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 वोट प्राप्त हुए।  उन्होंने इस परिणाम को महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) की बड़ी हार बताया।  बैद्यनाथ राम  भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए। उन्हें 30 वोट मिले। हालांकि एक वोट अमान्य हो गया था।

जीत के बाद परिमल नाथवानी ने सभी विधायकों और एनडीए नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य के रूप में चौथी बार सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और भावुकता का विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व का समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।  नाथवानी ने कहा कि यह झारखंड से उनका तीसरा कार्यकाल होगा और वे राज्य के विकास तथा जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहेंगे। Edited by : Sudhir Sharma

समझौते के बाद अमेरिका और ईरान आमने-सामने, 19 जून को होगी पहली वार्ता

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक पर्वतीय रिसॉर्ट में बैठक की योजना बना रहे हैं। स्विस विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि यह बैठक उनके समझौते को लागू करने के लिए शुरुआती बातचीत के तौर पर होगी।

मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर का वह स्वागत करता है। यह क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि फिलहाल बैठक के एजेंडे और अन्य विवरणों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी जा सकती।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ हुए इस समझौते का जोरदार बचाव किया। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कूटनीतिक उपलब्धि बताया, जिसके कारण मध्य पूर्व में बड़े युद्ध की आशंका टल गई, होर्मुज स्‍ट्रेट फिर से खुल गया और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हमेशा के लिए रोका जा सका।

फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद हुई एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कई बार इस समझौते को बड़ी सफलता बताया। उनका कहना था कि यह सैन्य दबाव और कूटनीति, दोनों के मेल से संभव हो पाया।

ट्रंप ने कहा रविवार को हमने ईरान के साथ एक ऐसा समझौता किया जिसने हमारे सभी लक्ष्य पूरे कर दिए।

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उन्होंने कहा क‍ि मौजूदा संघर्ष को खत्म करना, होर्मुज स्‍ट्रेट को फिर से खोलना और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ही हमारा मुख्य उद्देश्य था।

ट्रंप का कहना था कि अगर सैन्य कार्रवाई जारी रहती, तो खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ती और वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित होते।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ शर्तों के साथ अमेरिका ईरान के सिविलियन परमाणु कार्यक्रम को स्वीकार कर सकता है। यह अब तक के सबसे स्पष्ट संकेतों में से एक माना जा रहा है कि वॉशिंगटन आगे ईरान के साथ बातचीत को किस दिशा में ले जा सकता है।

जब उनसे पूछा गया कि अगर ईरान नए समझौते का पालन करता है, तो क्या उसे नागरिक परमाणु कार्यक्रम जारी रखने की अनुमति मिल सकती है, तो ट्रंप ने कहा कि यह एक जटिल मुद्दा है।

उन्होंने कहा मैं उनसे हमेशा कहता रहा हूं कि दुनिया में आपके पास शायद तीसरा सबसे बड़ा तेल भंडार है, फिर आपको परमाणु ऊर्जा की जरूरत ही क्या है?

उन्होंने कहा क‍ि बिजली उत्पादन के लिए कुछ हद तक परमाणु ऊर्जा की जरूरत पड़ सकती है।

ट्रंप ने कहा कि वह लंबे समय से ईरान के इस दावे पर सवाल उठाते रहे हैं कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण और ऊर्जा उत्पादन के उद्देश्यों के लिए है, क्योंकि देश के पास पहले से ही तेल और गैस के विशाल भंडार मौजूद हैं।

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Ukraine Russia War : यूक्रेन ने रूस पर दागे 1000 से ज्यादा ड्रोन और क्रूज मिसाइलें, तेल डिपो में आग, मॉस्को एयरपोर्ट प्रभावित, जेलेंस्की बोले- यूक्रेन जलेगा तो रूस भी जलेगा

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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच गुरुवार को यूक्रेन ने रूस पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रातभर में करीब 1,000 यूक्रेनी ड्रोन और 4 क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। इनमें से लगभग 200 ड्रोन राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने इन हमलों को रूस द्वारा यूक्रेनी शहरों पर किए जा रहे हमलों का 'पूरी तरह उचित जवाब' बताया। दूसरी ओर रूस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए यूक्रेन पर 7  मिसाइलें और 239 ड्रोन दागे।

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वायरल वीडियो में दिखी आग की लपटें और धुएं के गुबार

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मॉस्को के कई इलाकों में आग की लपटें और धुएं के गुबार दिखाई दिए। हमले के दौरान शहर में दहशत का माहौल बन गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ड्रोन हमले के बावजूद मॉस्को में एयर रेड सायरन नहीं बजाए गए, जिससे लोगों में भ्रम और भय की स्थिति पैदा हो गई।  यूक्रेनी ड्रोन हमलों में तेल रिफाइनरी के अलावा एक ऊंची आवासीय इमारत, औद्योगिक परिसर, सादोवोद शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कई निजी मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

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तेल रिफाइनरी से टकराए ड्रोन 

रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, यूक्रेन के कम से कम सात ड्रोन मॉस्को के कपोतन्या प्रशासनिक क्षेत्र में स्थित तेल रिफाइनरी से टकराए। यह रिफाइनरी रूस की ऊर्जा कंपनी गज़प्रोम नेफ्ट के स्वामित्व में है और क्रेमलिन से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित है। 

बताया जा रहा है कि इस रिफाइनरी की वार्षिक तेल शोधन क्षमता 1.2 करोड़ टन है और यह मॉस्को तथा आसपास के क्षेत्रों में खपत होने वाले करीब 70 प्रतिशत पेट्रोल की आपूर्ति करती है।

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रोका गया यातायात 

हमले के बाद मॉस्को की रिंग रोड पर यातायात रोक दिया गया, जबकि डोमोदेदोवो समेत मॉस्को के चार प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक 2024 से यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाना तेज कर दिया है। अब तक रूस की 33 प्रमुख रिफाइनरियों में से कम से कम 24 पर हमले किए जा चुके हैं। इन हमलों से रूस के तेल उद्योग को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है और देश में ईंधन संकट की स्थिति भी पैदा हुई है। Edited by : Sudhir Sharma

टेलीग्राम बैन पर दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से पहले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। टेलीग्राम की ओर से दाखिल याचिका पर जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली रिव्यू कमेटी ने टेलीग्राम के अधिकारियों की बात सुनी है और उनकी दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया गया है।

टेलीग्राम की ओर से अदालत में कहा गया कि कानून इस तरह के भेद का प्रावधान नहीं करता। इस पर कोर्ट ने कहा, ”टेलीग्राम की दलील सीधी है कि यदि आधार ही खत्म हो जाता है, तो उसके आधार पर पारित आदेश भी नहीं टिक सकता। हम अंतिम आदेश पर भी विचार करेंगे, इसलिए दोनों पहलुओं पर बहस करना बेहतर होगा।

टेलीग्राम ने केंद्र सरकार के आदेश को कानूनी खामियों से ग्रस्त बताते हुए कहा कि समिति ने सर्वसम्मति से अंतरिम निर्देश की पुष्टि करने की सिफारिश की थी।

टेलीग्राम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने दलील दी ‘क्या यह आदेश भारत की अखंडता और संप्रभुता के हित में है? क्या नीट जैसी परीक्षा भारत की संप्रभुता और अखंडता पर असर डालेगी?” उन्होंने आगे कहा कि सैकड़ों दूसरी एक्टिविटीज चल रही हैं, बिजनेस एक्टिविटीज हैं। वॉट्सऐप पर तो लोग मार्केटिंग कर रहे हैं।

इस दौरान अदालत ने कहा जो हुआ, हम सब जानते हैं। बहुत सारे स्टूडेंट्स पर असर पड़ा। दूसरी बात यह है कि उस एक घटना को रोकने के लिए क्या आप पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर सकते हैं? सेक्शन 69ए के तहत एक पावर है। उस पावर का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन उसका कितना इस्तेमाल किया जा सकता है, यह सवाल है।”

सरकार की ओर से पेश तुषार मेहता ने टेलीग्राम की गोपनीयता नीति का हवाला देते हुए कहा, ”टेलीग्राम की प्राइवेसी पॉलिसी में यह भी कहा गया है कि अकाउंट डिलीट करने पर उसमें स्टोर किया गया सारा डेटा, मैसेज और मीडिया डिलीट हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि यह आतंकवादी गतिविधियों के लिए सबसे पसंदीदा प्लेटफॉर्म है और इसकी आर्किटेक्चरल डिजाइन के कारण अन्य क्षेत्रों में भी चुनौतियां पैदा होती हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से पूछा, ”हम 150 मिलियन लोगों के अधिकारों को सिर्फ इसलिए कैसे रोक सकते हैं, क्योंकि कुछ नागरिक परीक्षा दे रहे हैं? सवाल यह है कि क्या आप किसी और के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी और के अधिकारों को रोक सकते हैं।

इस पर तुषार मेहता ने जवाब दिया ‘जब किसी राज्य या राज्य के किसी हिस्से में इंटरनेट बैन होता है, तो सिर्फ 10 प्रतिशत लोग ही शरारती हो सकते हैं।

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कोर्ट ने आगे कहा अगर लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति है तो इसकी इजाजत दी जा सकती है। यहां पर तो प्रोपोर्शनैलिटी ((जब दो चीजें इस तरह जुड़ी हों कि एक बदलने पर दूसरी भी बदले) का टेस्ट का मामला है।

तुषार मेहता ने दलील दी कि इस प्लेटफॉर्म पर बहुत सारे ग्रुप और चैनल चल रहे हैं, जिन्हें शायद दूसरे प्लेटफॉर्म पर इस तरह से चलने वाले चैनलों के बारे में कभी नहीं सुना होगा। यह पब्लिक इंटरेस्ट का मामला है, हम स्टूडेंट्स की फीलिंग को इग्नोर नहीं कर सकते।

उन्होंने टेलीग्राम के एक फीचर का जिक्र करते हुए कहा टेलीग्राम के पास एक फीचर है जिसे डेट और टाइम एडिटिंग फीचर कहते हैं। मान लीजिए 21 जून को परीक्षा खत्म होने के बाद सबके पास पेपर है। कोई इसे 22 जून को टेलीग्राम पर पोस्ट कर सकता है और डेट और टाइम बदलकर कह सकता है कि यह 18 जून को अपलोड हुआ था। ऐसा 2024 में हुआ था। अनुराधा भसीन केस में कहा गया है कि आपको संभावित नुकसान और पब्लिक नुकसान के बीच बैलेंस बनाना होगा। यह प्रोपोर्शनैलिटी का बैलेंस है। अगर इस प्लेटफॉर्म पर कुछ होता है तो कौन जिम्मेदारी लेगा?

सॉलिसिटर जनरल ने कहा स्टूडेंट्स परेशान हैं और यह समझ में आता है, लेकिन नेशनल लेवल पर एक एग्जाम की पूरी क्रेडिबिलिटी खराब हो गई है। नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है और इसीलिए मैं कह रहा हूं कि इस स्टेज पर कोर्ट दखल न दें। बस इसका एक ही मकसद है कि करोड़ों स्टूडेंट्स को गुमराह न किया जाए।

सरकार की ओर से कहा गया कि उसका यह ऑर्डर अपने आप में पूरा है। यह प्लेटफॉर्म, अपने आर्किटेक्चर की वजह से एक फ्रेंकस्टीन (टुकड़ों से बना, असंगठित और अजीब) है। अगर हमारे जैसा देश रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठा सकता, तो हम कहां जाएंगे? पैसे के लिए बनाया गया प्लेटफॉर्म प्रोपोर्शनैलिटी की बात करता है। यह तर्क पूरी तरह से गलत है। हमने किसी दूसरे इंटरमीडियरी को नहीं छुआ है, जबकि वे ज्यादा पावरफुल हैं लेकिन हमने उनके खिलाफ एक्शन नहीं लिया है, क्योंकि उनका अपना फिल्टरेशन का तरीका है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हम प्रोसीजर को देखेंगे, लेकिन परेशान करने वाली बात यह है कि क्या आपका आर्किटेक्चर काफी नहीं था और इसीलिए इमरजेंसी पावर्स की जरूरत पड़ी। नीट एग्जाम से पहले टेलीग्राम ऐप प्लेटफॉर्म पर अस्थाई बैन लगाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल टेलीग्राम की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।

Pic Credit : ANI

मुख्यमंत्री योगी ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को किया सम्मानित

Chief Minister Yogi honored farmers who have done exemplary work in natural farming

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का अन्नदाता किसान समृद्ध और स्वस्थ होगा। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की लागत घटाने के साथ समाज को स्वस्थ बनाने का माध्यम बन सकती है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 34 जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत और समृद्ध किसान सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। गंगा तट के 27 जिलों और बुंदेलखंड क्षेत्र के सात जिलों को विशेष रूप से प्राकृतिक खेती के लिए चिन्हित किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी ने इन किसानों को किया सम्मानित 

छोटेलाल- पैगूपुर

राजेश कुमार त्रिपाठी- शिवराजपुर 

आशीष कुमार- कल्याणपुर 

सुनील सिंह कटियार-बिल्हौर

फूल सिंह यादव- झींझक 

दिनेश कुमार- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपए का चेक

उमा सिंह- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपए का चेक

विपिन्न शुक्ला- श्री अन्न की मिनीकिट 

आशीष कुमार- श्री अन्न की मिनीकिट
 

 Edited By : Chetan Gour

झारखंड से राज्यसभा के लिए चुने गए एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी और झामुमो के बैजनाथ

झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को जीत हासिल हुई है, वहीं कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार प्रणव झा को पराजय का सामना करना पड़ा। 

आधिकारिक तौर पर परिणाम की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन परिमल नाथवानी ने सोशल मीडिया पर अपनी जीत की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित एनडीए और भाजपा का आभार जताया है।

मतगणना के अनुसार, झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को 31 और भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले हैं। उनके पक्ष में गिरे 2 वोट इनवैलिड करार दिए गए। कांग्रेस के प्रणव झा को 21 वोट मिले हैं। उनके पक्ष में किया गया एक वोट कैंसिल किया गया है। इस तरह राज्यसभा की दोनों सीटों पर मुकाबला कर रहे इंडिया गठबंधन और एनडीए समर्थित प्रत्याशी ने एक-एक सीट अपने खाते में दर्ज की।

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परिमल नाथवानी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में चौथी बार सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि झारखंड से यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा और वर्ष 2008 में इसी राज्य से उनकी संसदीय यात्रा शुरू हुई थी।

नाथवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेतृत्व और एनडीए के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह झारखंड के हितों और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे। इससे पहले विधानसभा परिसर में हुए मतदान में सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं ने मतदान किया। दिन का अंतिम वोट झामुमो नेता एवं मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने डाला। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद देर शाम मतगणना शुरू हुई और परिणाम घोषित किए गए। राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में खास दिलचस्पी थी।

इंडिया गठबंधन ने झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा को मैदान में उतारा था, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर परिमल नाथवानी चुनाव लड़ रहे थे। मतदान से पहले दोनों खेमों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बैठकें और रणनीतिक कवायद भी की थी।

Pic Credit : ANI

इंदौर में चलती I20 में लगी आग, घटना के बाद मची अफरा-तफरी, फ्लाईओवर पर जाम भी लग गया

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इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर चलती I20 कार  में अचानक आग लग गई। इसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और काबू पाने की कोशिश की गई। बता दें कि घटना अटल बिहारी कॉलेज के पास स्थित फ्लाईओवर की है। आग बुझाने के दौरान कुछ समय के लिए फ्लाईओवर के एक हिस्से का यातायात भी रोकना पड़ा।

जानकारी के अनुसार घटना करीब दोपहर 12:30 बजे की है। धर्मेंद्र गोयल की कार फ्लाईओवर से गुजर रही थी, तभी अचानक उसके बोनट से धुआं निकलने लगा। धुआं देखकर चालक ने तत्काल वाहन रोककर खुद बाहर निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में आग ने कार के अगले हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं और वाहन धू-धू कर जलने लगा।

सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि दमकल कर्मियों के पहुंचने तक कार काफी हद तक जल चुकी थी। आग बुझाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही भंवरकुआ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। सुरक्षा की दृष्टि से फ्लाईओवर के एक तरफ का यातायात कुछ समय के लिए रोक दिया गया, जिससे क्षेत्र में हल्का जाम भी लग गया।
Edited By: Naveen R Rangiyal