LIVE: भूकंप से वेनेजुएला में भारी तबाही, ट्रंप बोले- अमेरिका मदद के लिए तैयार

Latest News Today Live Updates in Hindi : भूकंप के 2 भयानक झटकों से वेनेजुएला में भारी तबाही। इस दर्दनाक हादसे में करीब 10,000 लोगों के मारे जाने की आशंका है। पल पल की जानकारी…

-वेनेजुएला में गुरुवार सुबह 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। राजधानी कराकस समेत कई शहरों में भारी तबाही हुई है। हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा और 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। सरकार ने देश में आपातकाल घोषित कर राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

-जापान के उत्तरी हिस्से में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके टोक्यो समेत कई इलाकों में महसूस किए गए। दहशत के मारे लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या सुनामी की सूचना नहीं है। ALSO READ: भूकंप के भयानक झटकों से थर्राया वेनेजुएला, भारी तबाही, 10000 से ज्यादा की मौत!

आपातकाल की बरसी पर पीएम मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, आपातकाल का विरोध करने वालों को नमन। लोकतंत्र को बुरी तरह कुचला गया था।

-वेनेजुएला में भूकंप से भारी तबाही। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में मौतों की संख्या विनाशकारी। अमेरिका मदद के लिए तैयार। 

-भूकंप के बाद वेनेजुएला के सभी एयरपोर्ट बंद।

Top News 25 June: वेनेजुएला में भूकंप से भारी तबाही, जापान में भी धरती डोली

top news 25 june

Top News 25 June : वेनेजुएला में भूकंप के 2 तेज झटकों से भारी तबाही, जापान में भी 6.9 की तीव्रता का भूकंप आया। यूरोप में भीषण गर्मी का प्रकोप। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हार्मुज में टोल मंजूर नहीं। ब्राजील फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट दौर में पहुंचा। 25 जून की बड़ी खबरें :

 

भूकंप से थर्राया वेनेजुएला

वेनेजुएला में गुरुवार सुबह 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। राजधानी कराकस समेत कई शहरों में भारी तबाही हुई है। हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा और 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। सरकार ने देश में आपातकाल घोषित कर राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया है। ALSO READ: भूकंप के 2 तेज झटकों से थर्राया वेनेजुएला, भारी तबाही, 10000 से ज्यादा की मौत!

 

जापान में भी 6.9 की तीव्रता का भूकंप

जापान के उत्तरी हिस्से में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके टोक्यो समेत कई इलाकों में महसूस किए गए। दहशत के मारे लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या सुनामी की सूचना नहीं है।

 

यूरोप में गर्मी का प्रकोप

यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। लगातार पड़ रही प्रचंड गर्मी ने कई देशों में तापमान के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि स्कूल बंद करने पड़े हैं, परिवहन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और सरकारों ने स्वास्थ्य संबंधी आपात चेतावनियां जारी कर दी हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, स्पेन, बेल्जियम, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड समेत कई यूरोपीय देशों में बुधवार को तापमान सामान्य से 18 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया। ALSO READ: यूरोप में गर्मी का प्रकोप, 44 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचा तापमान, कई देशों में रिकॉर्ड टूटा, दर्जनों की मौत

 

हार्मुज में टोल मंजूर नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हार्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी या समुद्री गतिविधियों पर किसी भी तरह का शुल्क उनके लिए अस्वीकार्य होगा। इस पर ईरान ने जवाब दिया कि अमेरिकी हस्तक्षेप जारी रहने तक क्षेत्र में शांति नहीं आ सकती।

 

ब्राजील नॉकआउट में पहुंचा

ब्राजील ने स्कॉटलैंड को 3-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट में जगह बनाई। मोरक्को ने हैती के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 4-2 से जीत दर्ज की। स्विट्जरलैंड ने कनाडा को हराकर ग्रुप-बी में शीर्ष स्थान हासिल किया।

edited by : Nrapendra Gupta

क्षेत्रीय तनाव के बीच पकिस्तान बढ़ा सकता है रक्षा खर्च

pakistan defence budget

शकूर रहीम

जून 2026 में पाकिस्तान की सरकार ने सांसदों के सामने बजट का ड्राफ्ट पेश किया। बजट प्रस्ताव के अनुसार, पाकिस्तान रक्षा क्षेत्र पर अपना खर्च 18 प्रतिशत बढ़ाकर 3000 अरब रुपये (3 ट्रिलियन) करने जा रहा है। ALSO READ: UN महासचिव ने AI कंपनियों से मांगा बिजली, पानी और जमीन का हिसाब

 

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने कहा कि यह बढ़ोतरी क्षेत्र में मौजूद अनिश्चितताओं के कारण देश को मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है। विश्लेषक मानते हैं कि इस फैसले के पीछे दक्षिण एशिया में तेजी से बदलती सैन्य तकनीकें और उभरते सुरक्षा खतरे, प्रमुख कारण हैं।

 

इस्लामाबाद स्थित रक्षा विश्लेषक मारिया सुल्तान डीडब्ल्यू से कहती हैं, “भविष्य के संघर्ष अब केवल दो विरोधियों के बीच सीमित नहीं रहेंगे। ये कई देशों से आने वाले हथियारों और तकनीकों से तय होंगे, जो जमीन, हवा, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्रों में एक साथ लड़े जाएंगे।” ALSO READ: भविष्य की सैन्य ताकत के लिए भारत का स्वदेशी ड्रोन पर जोर

 

कैसे बदल रहे हैं दक्षिण एशिया में सुरक्षा के समीकरण

मारिया सुल्तान ने डीडब्ल्यू को बताया कि यूक्रेन और मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के साथ ही पिछले साल परमाणु हथियार से लैस पड़ोसी देशों भारत-पाकिस्तान के बीच हुए टकराव ने सैन्य योजनाकारों के सोचने के तरीके में बदलाव किया है।

 

नई दिल्ली ने भारत के नियंत्रण वाले कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए जानलेवा हमले का जबाव, मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' से दिया। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर भारतीय हिंदू पर्यटक थे।

 

भारत ने दावा किया था कि पाकिस्तान स्थित संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले को अंजाम दिया। संयुक्त राष्ट्र ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। नई दिल्ली ने इस समूह को समर्थन देने का आरोप भी इस्लामाबाद पर लगाया। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इस आरोप से इनकार किया।

 

भारत और पाकिस्तान दोनों ही पूरे कश्मीर पर अपना दावा करते हैं। हालांकि दोनों देशों का नियंत्रण इसके कुछ हिस्से पर ही है। इसी वजह से मुस्लिम-बहुल यह इलाका भारत और पाकिस्तान के बीच भू-राजनीतिक टकराव का संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। ALSO READ: ब्रेक्जिट के 10 साल: ब्रिटेन को भारी पड़ा अलग होने का फैसला

 

पहलगाम हमले के बाद हुई झड़पों ने दक्षिण एशिया में रणनीतिक स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं और परमाणु हथियार रखने वाले विरोधी देशों के बीच परमाणु प्रतिरोध (न्यूक्लियर डेटरेंस) की सीमाओं पर बहस छेड़ दी।

 

इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक सनोबर इंस्टीट्यूट के कार्यकारी निदेशक कमर चीमा कहते हैं, “इस टकराव से यह साबित हो गया कि परमाणु हथियार जरूरी नहीं कि परमाणु युद्ध की नौबत आने से पहले होने वाले पारंपरिक संघर्ष को रोक सकें।”

 

कई मोर्चों पर युद्ध का जोखिम

चीमा के अनुसार भारत के लगातार सैन्य आधुनिकीकरण और आधुनिक युद्ध में ड्रोन, साइबर क्षमताओं तथा सटीक निशाना साधने वाले हथियारों (प्रिसिजन-गाइडेड वेपंस) की क्षमता से पाकिस्तान के सैन्य योजनाकारों को अपनी सुरक्षा रणनीति और सैन्य तैयारियों पर नए सिरे से विचार करना पड़ रहा है।

 

यह चुनौती केवल भारत के साथ पाकिस्तान की पूर्वी सीमा तक ही सीमित नहीं है। इस्लामाबाद पड़ोसी अफगानिस्तान के साथ भी संघर्ष में उलझा हुआ है, खासकर उसके पश्चिमी प्रांतों खैबर पख्तूनख्वाह और बलोचिस्तान में।

 

फरवरी में इस्लामाबाद ने काबुल के साथ ‘खुली जंग' का एलान किया। यह घोषणा पाकिस्तान के भीतर आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर उग्रवादी हमलों में बढ़ोतरी के बाद की गई थी। पाकिस्तान ने कई बार काबुल पर आरोप लगाया है कि वह अफगानिस्तान की धरती से पाकिस्तान पर हमला करने वाले उग्रवादी समूहों को रोकने में नाकाम रहा है। हालांकि, काबुल इन आरोपों को खारिज करता आया है। ALSO READ: क्यों हो रहा है स्वीडन में किशोरों को जेल भेजने पर विचार?

 

भारत की तुलना में पाकिस्तान का रक्षा बजट कितना कम

खर्च में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) के 7 अरब डॉलर के प्रोग्राम की शर्तों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है। इस प्रोग्राम ने पाकिस्तान को 2022-23 के आर्थिक संकट के बाद डिफॉल्ट से बचने और मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता बहाल करने में मदद की थी।

 

सरकार का मकसद टैक्स में सुधार, टैरिफ रेशनलाइजेशन और एक्सपोर्ट व निवेश को बढ़ावा देने वाले उपायों के जरिए पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को स्थिरता से विकास की ओर ले जाना है। आईएमएफ ने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ परामर्श बैठकें की थीं। इन चर्चाओं में देश की राजकोषीय रूपरेखा (फिस्कल फ्रेमवर्क) और राजस्व संबंधी अनुमान (रेवेन्यू असम्प्शन्स) कार्यक्रम से संबंधित बातचीत केंद्र में रहीं।

 

जून में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में पाकिस्तान की इकोनॉमी बढ़कर लगभग 452 अरब डॉलर हो गई। वहीं, भारत की आबादी, पाकिस्तान की तुलना में लगभग 5.7 गुना अधिक है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान के नौ गुना से भी अधिक बड़ी है। भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लगभग 4.15 ट्रिलियन डॉलर आंका गया है।

 

दोनों एटमी देशों के रक्षा बजट में भी इसी तरह का बड़ा अंतर देखा जा सकता है। भारत का सालाना रक्षा खर्च लगभग 86 अरब डॉलर है, जो पाकिस्तान के खर्च से लगभग आठ गुना अधिक है। 

 

पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी इसे स्वीकार करते हैं। उन्होंने पिछले साल अमेरिकी मीडिया संस्थान ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कहा, “हमारे पास खर्च करने के लिए असीमित पैसा नहीं है। पाकिस्तान का रक्षा बजट उसके पड़ोसी देश के बजट का बहुत छोटा हिस्सा है।”

 

आर्थिक दबाव और सुरक्षा प्राथमिकताओं के बीच संतुलन चुनौती

कॉलमनिस्ट और आर्थिक मामलों के जानकार खुर्रम हुसैन ने बताया कि पाकिस्तान ने हमेशा से ही रक्षा खर्च को प्राथमिकता दी है, यहां तक कि आर्थिक तंगी के समय में भी। वह कहते हैं, “मौजूदा आईएमएफ प्रोग्राम के तहत सरकार के लिए संतुलन बनाना एक नाजुक काम है। मगर आईएमएफ भी जमीनी हकीकत को समझता है। मुझे लगता है कि वे जानते हैं कि रक्षा खर्च पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है इसलिए वे दूसरे सेक्टर में ज्यादा सुधारों पर जोर देते हैं।”

 

कुछ अर्थशास्त्रियों और राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर राज्यों से वित्तीय बोझ का ज्यादा हिस्सा उठाने की उम्मीद की जाती है, तो विकास से जुड़ी प्राथमिकताओं पर इसका दबाव पड़ सकता है।

 

इस्लामाबाद स्थित अर्थशास्त्री फारूख सलीम कहते हैं, “पाकिस्तान ने हमेशा उन सुरक्षा जरूरतों के लिए धन का इंतजाम किया है जिन्हें वह बहुत जरूरी मानता है। ज्यादा मुश्किल सवाल यह है कि क्या उन फैसलों को बनाए रखने के लिए महत्तवपूर्ण राजनीतिक सहमति तब भी बनी रहेगी, जब प्रांतों को इसके नतीजों या 'ट्रेड-ऑफ' का असर सीधे तौर पर महसूस होने लगेगा।”

 

पाकिस्तान सांसदों को इस महीने के अंत तक रक्षा बजट में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मतदान करना है।  एक जुलाई से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होनी है। सरकार चाहती है इसके पहले इस प्रस्ताव को संसद की मंजूरी मिल जाए।

भूकंप के 2 तेज झटकों से थर्राया वेनेजुएला, भारी तबाही, 10000 से ज्यादा की मौत!

Venezuela Earthquake

वेनेजुएला में भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह दो शक्तिशाली भूकंप आए। 7.2 और 7.5 की तीव्रता वाले भूकंप से भारी तबाही हुई। कई इमारते ध्वस्त हो गई और 10,000 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है।

 

कराकस समेत कई इलाकों में इमारतों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि कराकस एयरपोर्ट की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। इससे धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। भूकंप के बाद कार्यवाहक राष्‍ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने वेनेजुएला में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। राहत और बचाव कार्य जारी है।

 

पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था। इसका केंद्र राजधानी कराकस से करीब 160 किमी पश्चिम में जमीन से 13 किमी नीचे था। कुछ सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। इसका केंद्र मोरोन शहर के दक्षिण-पश्चिम में जमीन से 10 किमी नीचे था।

 

समाचार एजेंसी रायटर्स ने भूकंप की वजह से वेनेजुएला में 10,000 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है।

कैसे आता है भूकंप?

हमारी धरती मुख्य तौर पर 4 परतों से बनी हुई है- इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टलऔर क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं। लेकिन जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं तो भूकंप आ जाता है। ये प्लेट्स क्षैतिज और उर्ध्वाधर दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट, दूसरी के नीचे आ जाती है।

 

कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता?

भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। भूकंप की तरंगों को रिक्टर स्केल 1 से 9 तक के आधार पर मापता है। रिक्टर स्केल पैमाने को सन् 1935 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी में कार्यरत वैज्ञानिक चार्ल्स रिक्टर ने बेनो गुटेनबर्ग के सहयोग से खोजा था।

 

इस स्केल के अंतर्गत प्रति स्केल भूकंप की तीव्रता 10 गुना बढ़ जाती है और भूकंप के दौरान जो ऊर्जा निकलती है, वह प्रति स्केल 32 गुना बढ़ जाती है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि 3 रिक्टर स्केल पर भूकंप की जो तीव्रता थी, वह 4 स्केल पर 3 रिक्टर स्केल का 10 गुना बढ़ जाएगी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 8 रिक्टर पैमाने पर आया भूकंप 60 लाख टन विस्फोटक से निकलने वाली ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है।

edited by : Nrapendra Gupta

यूरोप में गर्मी का प्रकोप, 44 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचा तापमान, कई देशों में रिकॉर्ड टूटा, दर्जनों की मौत

heat

यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। लगातार पड़ रही प्रचंड गर्मी ने कई देशों में तापमान के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि स्कूल बंद करने पड़े हैं, परिवहन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और सरकारों ने स्वास्थ्य संबंधी आपात चेतावनियां जारी कर दी हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, स्पेन, बेल्जियम, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड समेत कई यूरोपीय देशों में बुधवार को तापमान सामान्य से 18 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में और अधिक गर्मी पड़ने की चेतावनी दी है।

ALSO READ: Electric scooter खरीदने से पहले जान लें कौन-सी बैटरी है सबसे बेहतर? रेंज, चार्जिंग और लाइफ में कितना फर्क और कैसे करें चेक

फ्रांस में टूटा 80 साल का रिकॉर्ड

फ्रांस में मौसम रिकॉर्ड शुरू होने के बाद का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। दक्षिण-पश्चिमी शहर पिसोस (Pissos) में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद देश के 50 से अधिक विभागों में उच्चतम स्तर का मौसम अलर्ट जारी कर दिया गया। भीषण गर्मी के कारण बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव देखा जा रहा है। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक यह हाल के वर्षों की सबसे गंभीर शुरुआती गर्मियों की हीटवेव में से एक है और आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। 

ALSO READ: सिया गोयल का वो खौफनाक कबूलनामा और बेकरी-ड्राई फ्रूट्स वाले इश्क की इनसाइड स्टोरी!

गर्मी से बढ़ीं मौतें

फ्रांस में गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, नहरों और अन्य जल स्रोतों में उतरने वाले लोगों में से कम से कम 48 लोगों की डूबने से मौत हो गई है। इसके अलावा भीषण गर्मी के दौरान पार्क किए गए वाहन में छोड़े जाने के कारण दो छोटे बच्चों की भी मौत हो गई।

ALSO READ: Boss Scam Alert: WhatsApp पर आए ऐसा मैसेज तो भूलकर भी न खोलें फाइल, खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

स्पेन में भी हीटवेव का असर

 

स्पेन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। अत्यधिक गर्मी के चलते हीटस्ट्रोक से दो बुजुर्ग लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। यूरोप के कई शहरों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। रेल और सड़क परिवहन सेवाओं पर भी गर्मी का असर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में बिजली कटौती और स्वास्थ्य आपात स्थितियों की खबरें सामने आई हैं। Edited by : Sudhir Sharma

दानवीर भामाशाह की स्मृति में उत्तर प्रदेश में मनाया जाएगा ‘व्यापारी कल्याण दिवस’

Trader Welfare Day will be observed in Uttar Pradesh in memory of great Danveer Bhamashah

– ओडीओपी प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भामाशाह पुरस्कारों से सजेगा 'व्यापारी कल्याण दिवस'

– व्यापारी कल्याण दिवस के जरिए युवा पीढ़ी तक पहुंचेंगे भामाशाह के आदर्श : जयवीर सिंह

– भामाशाह के आदर्शों से जुड़ेगा युवा समाज, सभी जनपदों में होंगे विशेष कार्यक्रम

Uttar Pradesh News : व्यापार, उद्यमिता और जनसेवा की प्रेरणादायी परंपरा को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 29 जून को दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ मनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आयोजन जनसहभागिता के साथ किया जाएगा, जिसका उद्देश्य व्यापारियों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ युवाओं को दान, सेवा और राष्ट्रहित के मूल्यों से जोड़ना है। 

 

योगी सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जनपदों और तहसीलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के सहयोग से कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा।

ALSO READ: CM योगी के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों की जांच का महाअभियान, 100 से अधिक संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई

इस अवसर पर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनियां और बिक्री स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उद्यमियों, व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों को अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा।

 

कार्यक्रमों में महान दानवीर भामाशाह के जीवन और योगदान पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके माध्यम से लोगों को भामाशाह के त्याग, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण की भावना से परिचित कराया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक अभिलेख और सामग्री जनपदों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।

ALSO READ: मुख्यमंत्री योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्‍मानित विभूतियों को दी शुभकामनाएं

इस कार्यक्रम पर जानकारी देते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन होगा। संगीत-नाटक और स्थानीय लोककलाओं के माध्यम से भामाशाह के जीवन और उनके आदर्शों को प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके साथ ही चित्रकला, निबंध, प्रश्नोत्तरी और अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। शासनादेश के अनुसार ‘भामाशाह पुरस्कार’ भी प्रदान किए जाएंगे, जिनकी चयन और पुरस्कार वितरण प्रक्रिया राज्य कर विभाग द्वारा संपन्न कराई जाएगी।

 

सरकार ने व्यापारिक संगठनों, व्यापारी कल्याण मंडलों और उद्योग जगत से भी इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। प्रदेशभर के व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों, फर्मों और कंपनियों में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ मनाएंगे। इस अवसर पर बैनर, होर्डिंग्स और जागरूकता संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देते हुए व्यापारी स्वेच्छा से मिष्ठान, शर्बत और फल आदि का वितरण भी करेंगे।

ALSO READ: योगी सरकार की बड़ी सौगात: कृषि विभाग में 3446 प्राविधिक सहायक चयनित, UPSSSC ने जारी किया रिजल्ट

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि दानवीर भामाशाह महाराणा प्रताप के घनिष्ठ सहयोगी, मित्र और विश्वस्त सलाहकार थे। जब महाराणा प्रताप कठिन संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण संपत्ति राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित कर दी थी।

उनका यह त्याग भारतीय इतिहास में दान, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है। ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार उनके आदर्शों को समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
Edited By : Chetan Gour

नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर बनेगा UP का नया ग्रोथ इंजन, एऑन ने 1000 नए रोजगार सृजित करने की जताई तैयारी

देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के दिग्गजों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन का सबसे संभावनाशील गंतव्य बताया। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कानून-व्यवस्था, निवेशक के अनुकूल नीतियों और तेज़ी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी ने उत्तर प्रदेश को नई अर्थव्यवस्था, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों और वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र बना दिया है।

 

बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों, निवेश माहौल और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। निवेशकों ने राज्य को टेक्नोलॉजी, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप और रोजगार सृजन के लिए देश के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बताया।

 

जीसीसी क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर सकता है उत्तर प्रदेश

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) उद्योग विशेषज्ञ और एआई रणनीतिकार अनिल पद्मनाभन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूत शासन व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश समर्थक वातावरण इसे जीसीसी क्षेत्र के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय कार्यशैली और उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद राज्य को नई पहचान दे रहा है। उनके अनुसार भारत में जीसीसी स्थापित करने की योजना बनाने वाली कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश का मूल्यांकन करना अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने वैश्विक ग्राहकों को उत्तर प्रदेश में निवेश और जीसीसी स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे।

 

नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर पर निवेशकों की बढ़ती रुचि

सत्त्व ग्रुप के डायरेक्टर कॉरपोरेट अफेयर्स पी.के. मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। उनके अनुसार नियामकीय पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और बेहतर कार्यसंस्कृति ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

 

रोजगार सृजन को मिलेगी नई रफ्तार

वैश्विक इंश्योरेंस ब्रोकिंग कंपनी एऑन (एओएन) की निदेशक शेरिन जॉन ने कहा कि उनकी कंपनी नोएडा स्थित अपने कार्यालय का विस्तार कर रही है और 600 से 1000 अतिरिक्त कर्मचारियों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों, बाजारों और इंफ्रास्ट्रक्चर तक आसान पहुंच उत्तर प्रदेश को कॉरपोरेट विस्तार के लिए आदर्श स्थान बनाती है। एऑन की विस्तार योजना यह संकेत देती है कि राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं टीमलीज सर्विसेज लिमिटेड की प्रबंध निदेशक अपर्णा मित्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उपलब्ध विशाल प्रतिभा, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के बढ़ते अवसर इसे नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता।

 

स्टार्टअप और नवाचार को मिल रहा नया आधार

आविष्कार समूह और इंटेलीकैप की प्रतिनिधि सायना देनुगरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण तैयार किया है। राज्य में नए व्यवसायों को बढ़ावा देने, विकासात्मक पूंजी को आकर्षित करने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्थाएं कृषि, खाद्य प्रणाली और ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ सहित राज्य के कई शहर भविष्य में टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उनके अनुसार देश के पारंपरिक कारोबारी केंद्रों पर बढ़ते दबाव के बीच उत्तर प्रदेश नई प्रतिभा, नई पूंजी और नए उद्यमों के लिए सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।

 

निवेश की संभावनाओं पर भरोसा जताया

टीई कनेक्टिविटी की प्रतिनिधि सुनीता ने भी उत्तर प्रदेश में उभरती निवेश संभावनाओं पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि कंपनी वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी उत्पादों, डेटा विश्लेषण, ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए कनेक्टर्स और सेंसर के विकास में कार्यरत है तथा बेंगलुरु स्थित उसके ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में करीब 1,400 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के विस्तार पर विचार कर रही है और इस क्रम में विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सुनीता ने कहा कि उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे में तेजी से निवेश कर रहा है और अन्य अग्रणी राज्यों के सफल मॉडलों से सीखते हुए आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश वर्तमान समय में एक शानदार अवसर प्रदान करता है और राज्य के विकास की गति भविष्य के निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है। Edited by : Sudhir Sharma

AMC में 250 पदों पर बंपर भर्ती, ग्रेजुएट्स के लिए सरकारी नौकरी का मौका, कैसे करें आवेदन, क्या है प्रक्रिया

AMC Vacancy 2026

AMC Vacancy 2026

अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) द्वारा सरकारी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर निकाला गया है। कॉर्पोरेशन द्वारा प्रशासनिक कैडर में 'सहायक सीनियर क्लर्क' (Assistant Senior Clerk) के कुल 250 रिक्त पदों को भरने के लिए आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी की गई है। इस भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं और फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 7 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

श्रेणी (Category) के अनुसार पदों का विवरण

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 250 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा, जिसमें नियमानुसार विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षित सीटें आवंटित की गई हैं। विस्तार से देखें तो सामान्य वर्ग (General) के लिए 105 पद, एसईबीसी (SEBC) के लिए 68 पद, एसटी (ST) के लिए 37 पद, ईडब्ल्यूएस (EWS) के लिए 25 पद और एससी (SC) के लिए 15 पद आरक्षित रखे गए हैं।

ALSO READ: EV Scooter खरीदने से पहले जान लें कौन-सी बैटरी है सबसे बेहतर? रेंज, चार्जिंग और लाइफ में कितना फर्क और कैसे करें चेक

आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का सरकार मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में स्नातक (Graduation) पूरा होना अनिवार्य है। आयु सीमा की बात करें तो आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 38 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों और वर्तमान में AMC में कार्यरत कर्मचारियों को नियमों के अनुसार आयु सीमा में उचित छूट दी जाएगी।

ALSO READ: EV स्कूटर कैसे चुने, खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच, वरना पड़ेगा पछताना

अनुभव की आवश्यकता और आकर्षक वेतनमान

इस पद के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि उम्मीदवार के पास सरकारी कार्यालय, स्थानीय स्वशासी संस्था, बोर्ड, निगम या म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में प्रशासनिक कैडर का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है। चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती पहले 3 वर्षों के लिए ₹26,000 प्रति माह फिक्स वेतन दिया जाएगा। इसके बाद, कार्य मूल्यांकन के आधार पर लेवल-4 पे मैट्रिक्स के अनुसार ₹25,500 से ₹81,100 का नियमित वेतनमान और अन्य भत्ते देय होंगे।

ALSO READ: Ola, Ather, TVS, Hero, Bajaj में से कौनसा EV आपके लिए बेस्ट, TOP 10 स्कूटर

ऑनलाइन आवेदन की सरल प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवारों को अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करना होगा। इसके लिए वेबसाइट के “Public Information” सेक्शन में जाकर “Recruitment and Result” विकल्प पर क्लिक करना होगा। वहां सहायक सीनियर क्लर्क के लिंक को ओपन करके “Apply” बटन के माध्यम से आवश्यक विवरण भरना होगा, दस्तावेज अपलोड करने होंगे और आवेदन की पुष्टि (Confirm) करनी होगी। भविष्य के संदर्भ के लिए फॉर्म का प्रिंट संभालकर रखना हितकर है।  Edited by : Sudhir Sharma

मुख्यमंत्री योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्‍मानित विभूतियों को दी शुभकामनाएं

Chief Minister Yogi extended his best wishes to distinguished personalities honored with Padma Awards

– चिरंजी लाल यादव व अनिल रस्तोगी को कला, रघुपत सिंह (मरणोपरांत) को कृषि, संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर को मिला पद्मश्री

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा, इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश और दुनिया में बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान 

– राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार शाम प्रदान किए पद्म पुरस्कार

Chief Minister Yogi Adityanath : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह-II में वर्ष 2026 के लिए पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए। इसमें उत्तर प्रदेश की कई विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर पोस्ट कर पद्म पुरस्कार से अलंकृत विभूतियों को शुभकामनाएं दीं। 

 

'कांसा नक्काशी' की कला को सहेजने, संवारने में चिरंजी लाल का अमूल्य योगदान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा चिरंजी लाल यादव को कला के क्षेत्र में 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। सीएम ने पोस्ट किया कि पिछले पांच दशकों से 'कांसा नक्काशी' की समृद्ध कला को सहेजने, संवारने और उसे राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में आपका योगदान अमूल्य और सराहनीय है। आपकी इस विशिष्ट उपलब्धि ने देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

ALSO READ: CM योगी के निर्देश पर कोचिंग संस्थानों की जांच का महाअभियान, 100 से अधिक संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई

रघुपत जी की तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की: सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रपति द्वारा स्व. रघुपत सिंह जी को कृषि के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान हेतु 'पद्म श्री' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाना अत्यंत गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायी है। पांच दशकों से अधिक समय तक कृषि सेवा के प्रति उनकी तपस्या ने भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की।

उन्होंने अपना जीवन पारंपरिक बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित कर किसानों के जीवन को समृद्ध बनाने में असाधारण योगदान दिया। आत्मनिर्भर कृषि व जैव विविधता संरक्षण को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

 

'रस्तोगी जी ने कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गौरवभूषित'

मुख्यमंत्री ने अनिल रस्तोगी को भी पद्मश्री मिलने पर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि प्रख्यात रंगकर्मी एवं विद्वान अनिल कुमार रस्तोगी को कला क्षेत्र में 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किया जाना उत्तर प्रदेश वासियों के लिए हर्ष व गर्व का विषय है।

ALSO READ: मौसम की अनिश्चितता के बीच CM योगी का बड़ा फैसला, किसानों को हर सुविधा समय पर देने के निर्देश

1,000 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों व वैश्विक नाट्य महोत्सवों के माध्यम से आपने भारतीय कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवभूषित किया है। आपके शोध पत्र, आपकी उत्कृष्ट शिक्षा, संस्कार एवं विद्वता के जीवंत प्रमाण हैं। रंगमंच के लिए आपका योगदान रंगकर्मियों के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद है।

 

मंगला कपूर जी की परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है पद्मश्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए उत्तर प्रदेश की सुप्रसिद्ध संगीतविद् एवं शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर जी को 'पद्म श्री' से अलंकृत किया जाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

ALSO READ: 'शिक्षक सर्वोपरि' के मंत्र के साथ शिक्षा सुधारों को नई गति दे रही योगी सरकार, एसीएस ने रखा व्यापक रोडमैप

उन्होंने संगीत और शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। दुर्लभ रागों का दस्तावेजीकरण और 40 से अधिक मौलिक रचनाओं का संकलन उनकी प्रतिभा और तपस्या का प्रमाण है। यह सम्मान उनके अथक परिश्रम और समर्पित साधना का राष्ट्रीय अभिनंदन है।
Edited By : Chetan Gour

अहमदाबाद में बढ़ेगी ट्रैफिक की परेशानी, 5 महीने की तैयारी के बाद अब पूरा सुभाष ब्रिज होगा ध्वस्त

ahmedabad subhash bridge

ahmedabad subhash bridge

अहमदाबाद का करीब 53 साल पुराना ऐतिहासिक सुभाष ब्रिज अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगा। अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) द्वारा इस ब्रिज की केवल मरम्मत करने के बजाय अब इसे पूरी तरह से तोड़कर नया बनाने की आधिकारिक घोषणा की गई है। ब्रिज की मरम्मत का काम पिछले 5 महीनों से चल रहा था, लेकिन इस दौरान इसके पिलर (खंभों) में गंभीर दरारें दिखने के बाद प्रशासन द्वारा इसे पूरी तरह हटाकर नया ब्रिज बनाने का फैसला लिया गया है।

 

IIT रुड़की की रिपोर्ट के बाद म्युनिसिपल कमिश्नर का एलान

ब्रिज के पिलर में दरारें दिखने पर AMC द्वारा IIT रुड़की और गांधीनगर की विशेषज्ञ एजेंसियों से इस संबंध में विशेष सर्वे कराया गया था। म्युनिसिपल कमिश्नर बंछानिधि पानी ने बताया कि कंसल्टेंसी और IIT रुड़की की रिपोर्ट के अनुसार, 53 साल पुराने पिलर कमजोर हो चुके हैं, इसलिए इन्हें भी नया बनाना जरूरी है। अगर ब्रिज के स्पैन और पिलर दोनों पूरी तरह से नए बनाए जाते हैं, तो इस नए ब्रिज की उम्र 100 साल तक बढ़ जाएगी और इसकी मजबूती भी काफी ज्यादा होगी।

 

प्रोजेक्ट की लागत बढ़ेगी और जनता को ट्रैफिक की परेशानी होगी

पहले इस ब्रिज की सिर्फ मरम्मत और आंशिक पुनर्निर्माण के लिए ₹236 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन अब पूरा ब्रिज नए सिरे से बनना है, जिससे प्रोजेक्ट का खर्च काफी बढ़ जाएगा। इसके अलावा, जो ब्रिज 9 महीने में तैयार होने वाला था, उसमें अब करीब डेढ़ साल (18 महीने) का समय लगेगा। इस लंबी अवधि के कारण स्थानीय नागरिकों को वाडज से घूमकर पूर्वी इलाके या एयरपोर्ट जाना पड़ेगा, जिससे पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच जनता की परेशानी और ट्रैफिक की समस्या और बढ़ेगी।

 

प्रशासन की घोर लापरवाही पर उठते सवाल

इस पूरे मामले में अहमदाबाद नगर निगम की गंभीर लापरवाही और प्लानिंग की कमी साफ तौर पर सामने आई है। स्थानीय लोग और विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि जब एजेंसी ने शुरुआत में ब्रिज की मरम्मत की रिपोर्ट तैयार की थी, तब पिलर की ये दरारें क्यों नहीं दिखाई दीं? सुभाष ब्रिज पर 5 महीने तक काम चलने और करोड़ों रुपये स्वाहा होने के बाद अचानक ऐसी रिपोर्ट कहां से आ गई? प्रशासन की इस ढुलमुल नीति के कारण जनता के पैसे और समय दोनों की बर्बादी हो रही है।