तमाशा देखते रहे इंदौरी, इंफ्लुएंसर ने खुद बुझाई आग, रेपिडो कर अस्‍पताल पहुंची, गैस पाइप लाइन ब्लास्ट की पीड़ित ने बताया दर्द

avantika gas leak

विजयनगर में अवंतिका गैस पाइप लाइन में हुए ब्‍लास्‍ट के मामले में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस हादसे में झुलसी एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गिरि राजकुमारी उर्फ जिनी झाला ने बताया कि कैसे जब वे आग से झुलसी हुई मदद के लिए चीख रही थी तो वहां खडा कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। न किसी ने उन्‍हें अस्‍पताल पहुंचाया और न ही आग बुझाने की कोशिश ही की।

विजयनगर के बॉम्बे अस्‍पताल में भर्ती जिनी झाला ने मीडिया को बताया कि हादसे में करीब 25 प्रतिशत तक झुलस गई है। अभी बॉम्बे हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। उनके बाएं हाथ की सर्जरी हो चुकी है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि पूरी तरह स्वस्थ होने में तीन से चार महीने लग सकते हैं।

वीडियो जारी कर बयां किया दर्द : आईसीयू से एक वीडियो जारी कर जिनी ने बताया कि अगर उस वक्त वे खुद को बचाने की कोशिश नहीं करती तो वे बच नहीं पाती। जिनी ने बताया कि 23 जून की शाम वह टू-व्हीलर से अकेले अपनी नानी के घर जा रही थीं। जैसे ही वह सुमन नगर जैन मंदिर के पास पहुंचीं, अचानक धमाका हुआ। आग की लपटें उठने लगीं। वहां कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। देखते ही देखते मैं और मेरी बाइक आग की चपेट में आ गए। मैंने लोगों से कहा- मुझ पर पानी डालो, लेकिन कोई आगे नहीं आया। सभी डरे हुए थे। सड़क पर बारिश का पानी जमा था। ऐसे में खुद ही कूदकर अपने शरीर पर पानी डालना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद एक भैया आए। उन्होंने मुझ पर दो बाल्टी पानी डाला, तब तक मेरा पूरा बायां हाथ जल चुका था।

किसी ने अस्‍पताल नहीं पहुंचाया : जिनी ने बताया कि हादसे के बाद मैंने राहगीरों से अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाई, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। मैं लगातार लोगों से कह रही थी कि अस्पताल पहुंचा दो, लेकिन लोग डर रहे थे। आखिर मैंने एक रैपिडो बाइक सवार को रोका। उनके साथ बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंची। अस्पताल पहुंचते ही मैंने हाथ हिलाकर डॉक्टरों से कहा- जल्दी मेरा इलाज शुरू करें। बता दें कि जिनी के शरीर का एक हिस्सा और चेहरा भी बुरी तरह झुलस गया है।

सवाल यह है कि इंदौर जैसा शहर जहां इतने पढे लिखे लोग है, अपनी मदद करने की तासीर के लिए जाना जाता है, लेकिन इस केस में किसी ने पीडित लडकी की मदद नहीं की। वे देखते रहे, कुछ लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया।
Edited By: Naveen R Rangiyal

किश्तवाड़ में सेना के कर्नल और 40 जवानों पर FIR, जानिए क्या है मामला?

army fir

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक पुलिस स्टेशन के अंदर राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों द्वारा कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के बाद, एक कर्नल और एक मेजर समेत सेना के 40 जवानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह घटना बुधवार को अथोली पुलिस स्टेशन की है।

 

एफआईआर की प्रति में एसएचओ अमृत कटोच के अनुसार दोपहर जब वे सरकारी ड्यूटी पर बाहर थे तो उन्हें फोन पर राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों द्वारा कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर हमले की सूचना मिली। इसके बाद मामला दर्ज किया गया।

 

एफआईआर के मुताबिक आरोपी सेना के जवानों ने आपराधिक इरादे से वहां तैनात पुलिसकर्मियों पर कथित रूप से बेरहमी से हमला किया। इसमें कहा गया है कि उन्होंने स्पेशल पुलिस आफिसर की गर्दन पर कथित रूप से राइफल के बट से वार किया। इससे उन्हें गंभीर चोटें आई। साथ ही इस बिना उकसावे के किए गए हमले में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

 

 

डिफेंस के प्रवक्ता सुनील बर्तवाल ने पुष्टि की कि सेना के जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह मामला अथोली, किश्तवाड़ में स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है। 

मामले की जांच उचित संस्थागत प्रक्रियाओं के जरिए की जा रही है। भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी। संयुक्त जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अभी जांच चल रही है, इसलिए इस स्तर पर आगे कोई भी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।

edited by : Nrapendra Gupta

कांगो में तेजी से फैल रहा इबोला, दांव पर लगी जिंदगियां, 277 लोगों की गई जान

World Health Organization issued warning regarding Ebola virus in Congo

कांगो में इबोला वायरस (Ebola virus) को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगाह किया विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगाह किया है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पूर्वी हिस्से में इबोला वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए जिस गति से प्रयास किए जा रहे हैं, यह बीमारी उससे कहीं अधिक रफ़्तार से फैल रही है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में संक्रमित व्यक्तियों की स्वास्थ्य देखभाल और सामुदायिक सम्पर्क व जागरूकता में प्रगति दर्ज की गई है। फ़िलहाल 1094 संक्रमण मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 277 लोगों की जान गई है।

 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को जिनीवा में बताया कि इबोला वायरस का बुंडिबुग्यो प्रकार क़रीब एक महीने पहले फैलना शुरू हुआ था। इसके बाद अग्रिम पंक्ति पर डटे राहतकर्मियों ने अभूतपूर्व तेज़ी से देखभाल सेवाओं का विस्तार किया है और परीक्षण क्षमता को मज़बूती दी गई है मगर ज़मीनी स्तर पर हालात अब भी कठिन हैं। 

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पांच सप्ताह पहले इस प्रकोप के बारे में पहली बार जानकारी सामने आने के बाद से अब तक जवाबी कार्रवाई का स्तर बढ़ते हुए देखना उत्साहजनक है। एक महीने के भीतर 19 स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में 10 बिस्तरों से बढ़ाकर 500 की व्यवस्था की गई है। राजधानी किंशासा में प्रति दिन पहले 30 परीक्षण हो रहे थे, लेकिन अब तीन प्रान्तों में 9 प्रयोगशालाओं में प्रतिदिन 2 हज़ार टैस्ट की व्यवस्था है। 

 

स्थानीय समुदाय में भी इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और लोग अपने बचाव के लिए उपायों व उपलब्ध साधनों के बारे में जानकारी चाहते हैं। अभी तक 100 से अधिक संक्रमित इस बीमारी से उबर चुके हैं और यह उम्मीद जताई गई है कि जल्द बीमारी का पता लगने और स्वास्थ्य देखभाल के ज़रिए ज़िन्दगियों की रक्षा की जा सकती है।

 

फ़िलहाल 1094 संक्रमण मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 277 लोगों की जान गई है। डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा कि यह वायरस अब भी तेज़ी से फैल रहा है। वहीं पड़ोसी देश युगांडा में 20 संक्रमण मामलों की पुष्टि हुई है और 2 लोगों की मौत होने की ख़बर है।

 

कारगर उपचार के प्रयास

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी अपने साझीदार संगठनो के साथ मिलकर, अगले सप्ताह डीआर कांगो में क्लीनिक परीक्षण की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें दो एंटीवायरल उपायों का उपयोग किया जाएगा: एमबीपी134 और रेमडेसिवियर, जिनसे मृत्यु दर में कमी लाने की उम्मीद है। 

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WHO प्रमुख ने कहा कि थेरेपी के ज़रिए कहीं अधिक संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके लिए समुदायों के साथ निरन्तर विमर्श किया जा रहा है और उन्हें परीक्षण प्रक्रिया के बारे में जानकारी भी मुहैया कराई गई है। यदि यह परीक्षण सफल साबित होता है तो प्रभावित समुदायों को जल्द से जल्द यह उपचार पहुंचाने की भी तैयारी है।

 

कठिन मानवीय हालात

डीआर कांगो के पूर्वी हिस्से में स्थित इतूरी, उत्तर किवू और दक्षिण किवू प्रान्त प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है लेकिन सरकारी सुरक्षाबलों और विद्रोही लड़ाकों के बीच हिंसक टकराव की वजह से यह क्षेत्र हिंसा, विस्थापन व खाद्य असुरक्षा का शिकार रहा है।

 

फ़िलहाल दवाओं की क़िल्लत के अलावा गम्भीर मानवीय स्थिति की वजह से इबोला पर नियंत्रण पाने के प्रयासों में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर टैड्रॉस ने ज़ोर देकर कहा कि इबोला प्रभावित आबादी तक जल्द से जल्द स्वास्थ्य टीम को रवाना करने और उन्हें मानवीय सहायता मार्ग उपलब्ध कराने के लिए राजनैतिक क़दम उठाए जाने होंगे। 

 

स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जोखिम

घातक इबोला वायरस की वजह से स्वास्थ्यकर्मियों को एक बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ रही है। बुधवार को फ़्रांस में एक मेडिकल संगठन के साथ कार्यरत राहतकर्मी के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। वह डीआर कांगो में संक्रमितों की देखभाल करने के बाद देश लौटे थे। 

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अब तक लगभग 80 स्वास्थ्यकर्मियों के इबोला से संक्रमित होने की सूचना है और यह दर्शाता है कि अग्रिम पंक्ति के राहतकर्मियों के लिए यह कितनी चुनौतीपूर्ण स्थिति है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बचाव उपायों को सख़्ती से लागू करने, जोखिमों के बारे में जानकारी के लिए बेहतर सूचना की व्यवस्था करने और संक्रमण रोकथाम उपायों को अपनाने पर बल दिया गया है। 

 

संगठन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण मामलों के सामने आने के बावजूद फ़िलहाल दुनिया के अन्य हिस्सों में इस बीमारी के फैलने की आशंका अभी कम है।

राज्यसभा के 31 फीसदी सांसद दागी, तीन सांसद अरबपति, सबसे ज्यादा दागी भाजपा में

Rajya sabha News

Rajya Sabha MP report: देश के नीति-निर्धारण में अहम भूमिका निभाने वाले राज्यसभा के 'माननीय सांसदों' को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के 226 मौजूदा सांसदों के हलफनामों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से करीब 31 फीसदी सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं 14 फीसदी सांसद अरबपति हैं। सांसदों की औसतन संपत्ति 115.25 करोड़ रुपये है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के आंकड़ों पर आधारित एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। राज्यसभा के 226 मौजूदा सांसदों के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि राजनीति में धनबल और बाहुबल का प्रभाव अभी भी मजबूती से कायम है।

36 सांसदों पर बेहद गंभीर मामले

ADR के विश्लेषण के मुताबिक, 226 में से 69 (31%) सांसदों ने खुद पर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 36 (16%) सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 1 सांसद पर हत्या (IPC धारा 302) और 4 सांसदों पर हत्या के प्रयास (IPC धारा 307) का मामला दर्ज है। 4 माननीय ऐसे भी हैं जिन पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं। ALSO READ: ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! TMC सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने छोड़ी राज्यसभा

पार्टीवार 'दागी' सांसदों की स्थिति

पार्टीवार यदि दागी सांसदों की स्थिति देखें तो भाजपा के 107 में से 28 (26%) सांसदों पर आपराधिक और 14 (13%) पर गंभीर मामले हैं। कांग्रेस के 29 में से 12 (41%) सांसदों पर आपराधिक और 8 (28%) पर गंभीर मामले हैं। बीआरएस (BRS) के 3 में से 3 (100%) और सीपीआई-एम (CPI-M) के 3 में से 3 (100%) सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। टीएमसी के 22%, डीएमके के 25% और सपा (SP) के 50% सांसद दागी हैं।

राज्यों में तेलंगाना टॉप पर : आपराधिक मामलों वाले सांसदों में तेलंगाना सबसे आगे है, जहां के 7 में से 5 (71%) सांसदों पर केस दर्ज हैं। इसके बाद दिल्ली (67%) और महाराष्ट्र (53%) का नंबर आता है। बिहार के भी 44% राज्यसभा सांसद दागी हैं।

26,047 करोड़ के मालिक हैं राज्यसभा सांसद

रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा के सभी 226 सांसदों की कुल संपत्ति 26,047 करोड़ रुपए है। सदन में औसतन हर सांसद के पास 115.25 करोड़ रुपए की संपत्ति है। कुल सांसदों में से 31 (14%) सांसद अरबपति (Billionaires) हैं, जिनके पास 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। बीआरएस के सांसदों की औसत संपत्ति सबसे ज्यादा 1,841.39 करोड़ रुपए है। पार्टी के कुल 3 सांसदों की कुल संपत्ति 5,524 करोड़ रुपए है। समाजवादी पार्टी के सांसदों की औसत संपत्ति 399.71 करोड़ रुपए है। कांग्रेस के 29 सांसदों की औसत संपत्ति 130.37 करोड़ रुपए (कुल संपत्ति: 3,781 करोड़)। वहीं, सत्तारूढ़ बीजेपी के 107 सांसदों की औसत संपत्ति 76.46 करोड़ रुपए है। हालांकि, संख्या अधिक होने के कारण बीजेपी सांसदों की कुल संपत्ति सबसे ज्यादा (8,181 करोड़ रुपए है। 

ADR Report


बंदी पार्थसारथी सबसे अमीर

तेलंगाना के बीआरएस सांसद बंदी पार्थसारथी सबसे अमीर हैं। उनकी कुल संपत्ति 5300 करोड़ से ज्यादा है, जबकि पंजाब से भाजपा सांसद राजेन्द्र गुप्ता की सं‍पत्ति 5053 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इस सूची में तीसरे नंबर पर कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी हैं, जिनकी संपत्ति 2558 करोड़ रुपए से ज्यादा है। ऐसा नहीं है कि राज्यसभा के सभी सांसद अरबपति और करोड़पति हैं। पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद संत बलवीर सिंह की कुल संपत्ति करीब 3.5 लाख है। वहीं, मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद सुमित्रा बाल्मीक की संपत्ति 17 लाख 85 हजार रुपए है।

अमीर सांसदों वाले राज्य

तेलंगाना के 57% (7 में से 4) सांसद अरबपति हैं और इस राज्य के सांसदों की कुल संपत्ति सबसे ज्यादा 8,310 करोड़ रुपए है। आंध्र प्रदेश के 45% सांसद अरबपति सूची में शामिल हैं। पंजाब के सांसदों की कुल संपत्ति 5,729 करोड़ रुपए है। यह रिपोर्ट साफ करती है कि राजनीतिक दलों में टिकट वितरण के दौरान आज भी उम्मीदवारों की 'जीतने की क्षमता' के नाम पर उनके क्रिमिनल रिकॉर्ड और भारी-भरकम संपत्ति को नजरअंदाज किया जा रहा है, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर विचारणीय विषय है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

आपातकाल लोकतंत्र का काला अध्याय, कांग्रेस ने सत्ता के स्वार्थ में किया था बाबा साहेब के सपनों पर प्रहार : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Congress over Emergency

– आपातकाल की 51वीं बरसी 'संविधान हत्या दिवस' पर लखनऊ में आयोजित 'लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह' में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी

– लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस के युवराज हाथ में संविधान की प्रति लेकर देशवासियों की आंख में धूल झोंक रहे

– लालू व मुलयाम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी कांग्रेस का चाबुक भूलकर उसी के साए में कर रही राजनीति

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में बने रहने के लिए आपातकाल लगाने का पाप किया था। आज पूरा देश 25 जून 1975 का काला दिन याद कर रहा है, जब कांग्रेस ने देश के लोकतंत्र का गला घोटने का काम किया था। सत्ता में बने रहने और न्यायालय के आदेश लागू न होने देने के लिए इंदिरा गांधी ने नागरिकों के अधिकार छीनने का प्रयास किया। कांग्रेस का यह पाप लोकतंत्र और बाबा साहेब के सपनों पर सीधा प्रहार था। लालू प्रसाद व मुलायम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी कांग्रेस का चाबुक भूलकर उसी के साये में राजनीति कर रही है।

 

मुख्यमंत्री गुरुवार को आपातकाल की 51वीं बरसी 'संविधान हत्या दिवस' पर लखनऊ में आयोजित 'लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया।

 

लोकतंत्र समर्थकों की आवाज को दबाया

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र के समर्थक राजनीतिक दलों, जनसामान्य व मीडिया से जुड़े सभी लोगों की आवाज को दबाया। ऐसा क्या था कि कांग्रेस को आपातकाल थोपना पड़ा, एक ही निष्कर्ष निकलता है कि कांग्रेस ने सिर्फ अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए यह पाप किया और इस पाप को छिपाए रखने के लिए नौजवानों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं व सामाजिक संगठनों की आवाज को दबाने की चेष्टा की।

 

कांग्रेस के युवराज देशवासियों की आंख में झोंक रहे धूल

मुख्यमंत्री ने कहा, आपातकाल के दौरान न्यायपालिका के अधिकार सीमित कर दिए गए। मीडिया को प्रतिबंधित कर दिया गया। यही नहीं, रात के अंधेरे में भारत के संविधान की प्रस्तावना भी बदल दी गई। यह काम उसी कांग्रेस ने किया, जिसके युवराज संविधान की प्रति लेकर देशवासियों की आंख में धूल झोंक रहे हैं। इनका दोहरा चरित्र वर्तमान पीढ़ी को पता होना चाहिए। इसीलिए 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ आयोजित कर पूरे देश व नौजवान पीढ़ी को इससे अवगत कराने का प्रयास हो रहा है।

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मुलायम करते थे कांग्रेस से गठबंधन का विरोध

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी के अत्याचार से आमजन व राजनीतिक दलों के नेता कराह रहे थे। लोकतंत्र के समर्थन में जेल जा रहे थे। ऐसे ही नेताओं लालू प्रसाद व स्वर्गीय मुलयाम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी आज उसी कांग्रेस के साये में अपनी राजनीति करती दिखाई दे रही है। कांग्रेस जब भी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का प्रयास करती थी, मुलायम उसका विरोध करते थे।

वह कहते थे कि कुछ भी हो, कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होना चाहिए। लेकिन उनके उत्तराधिकारी कांग्रेस के डूबते जहाज पर सवार होकर मुलायम सिंह की विरासत भी डुबोने पर उतारू हैं। ये लोग आज भी एक साथ होकर लोकतंत्र को कमजोर करने और परिवारवाद की राजनीति को प्रोत्साहित करने के लिए संवैधानिक मान्यताओं के विपरीत आचरण करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं।

 

भारत लोकतंत्र की जननी भी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की बैठक में पीएम मोदी जी ने बताया था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा ही नहीं, सबसे प्राचीन लोकतंत्र भी है। भारत लोकतंत्र की जननी भी है। जब दुनिया लोकतंत्र के बारे में नहीं जानती थी, तब भारत के तमाम गांवों व क्षेत्रों में लोकतंत्र स्थापित था। यह भारत के डीएनए में है। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के लिए शासन की योजनाओं का बनना ही लोकतंत्र का आधार है। पीएम मोदी ने कोविड महामारी के दौरान आमजन के लिए वैक्सीन, टेस्ट, उपचार व राशन की फ्री सेवाएं सुनिश्चित कराईं।

उन्होंने अहसास कराया कि हमारी जवाबदेही अंतत: जनता के प्रति है। सबका साथ-सबका विकास का भाव भी लोकतंत्र की पुष्टि करता है। मोदी जी की सभी योजनाएं आमजन को समर्पित हैं। जाति, मत, महजब, क्षेत्र व भाषा देखे बगैर पात्रता की श्रेणी में आने वाले हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।

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लोकतंत्र के प्रति हमारी जवावदेही

मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 करोड़ गरीबों को आवास, 12 करोड़ गरीबों के घर में शौचालय, 10 करोड़ गरीबों के घर में रसोई गैस, 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन, 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत की सुविधा, 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से उभरना, ये सभी कार्य भारत के पुष्ट लोकतंत्र को प्रदर्शित करते हैं। एक तरफ मोदी जी के नेतृत्व में लोकतंत्र पुष्ट हो रहा है तो दूसरी तरफ स्वार्थ के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस, जिसके द्वारा आज भी उसी प्रकार के प्रयास किए जाते हैं। हम सबको इसके प्रति सजग रहना चाहिए।

 

कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा, विद्याराम वर्मा, अजय सिंह व ओमप्रकाश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी, विधायकगण, संयोजक बृज बहादुर, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्र, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, जिलाध्यक्ष विजय मौर्य व प्रबुद्धजन आदि उपस्थित रहे।
Edited By : Chetan Gour

Weather Update : मध्य प्रदेश पहुंचा मानसून, UP-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

Heavy rain alert for several states including Uttar Pradesh and Bihar

Weather Update News : देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज उत्‍तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच मानसून मध्‍य प्रदेश भी पहुंच चुका है। राज्‍य के इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार 3 दिनों से हो रही झमाझम बारिश के कारण गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। मौसम केंद्र ने आगामी चौबीस घंटों में भी गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश का अनुमान जताया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, ग्वालियर और सागर सहित कई जिलों में बारिश की संभावना है।

 

इंदौर में 3 दिनों से हो रही झमाझम बारिश

देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज उत्‍तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच मानसून मध्‍य प्रदेश भी पहुंच चुका है। राज्‍य के इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार 3 दिनों से हो रही झमाझम बारिश के कारण गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। मौसम केंद्र ने आगामी चौबीस घंटों में भी गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश का अनुमान जताया है।

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भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, ग्वालियर और सागर सहित कई जिलों में बारिश की संभावना है। जून महीने की बात करें तो इंदौर जिले में अब तक औसतन 4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। वहीं महाराष्ट्र में अभी लगातार 2 दिन तेज बारिश और आंधी की चेतावनी है। पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

 

यहां गिर सकते हैं ओले

मौसम विभाग ने उत्‍तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ राज्यों में ओले भी गिर सकते हैं। बिहार के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

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कहां है बारिश और आंधी का यलो अलर्ट?

झारखंड के रांची, देवघर, धनबाद, बोकारो, दुमका और सिंहभूम क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज और कल तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना रह सकता है। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, किश्तवाड़, जम्मू, कठुआ, गांदरबल, डोडा, रामबन, शोपियां, जम्मू और बांदीपोरा में बारिश और आंधी का यलो अलर्ट है।

 

दिल्ली में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। मुंबई, पालघर, नागपुर, चंद्रपुर, गढ़चिरौली और अकोला जैसे जिलों में तेज बारिश जारी रह सकती है। उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, पिथौरागढ़, देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल में भारी बारिश की चेतावनी है।

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पिछले 24 घंटे के दौरान, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। तटीय कर्नाटक, विदर्भ, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश हुई। ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। कुल मिलाकर देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है।
Edited By : Chetan Gour

अयोध्या में श्रीराम के नाम पर महाघोटाला, संजय सिंह ने SIT को सौंपे सबूत

sanjay singh gives proof to SIT on ayodhya ram mandir

आप सांसद संजय सिंह गुरुवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी (विशेष जांच समिति) के सामने पेश हुए और अयोध्या में जमीनों की खरीद में हुए घोटाले के दस्तावेज सौंपे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के नाम पर महाघोटाला हुआ है। ALSO READ: राम मंदिर पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से बवाल, महामंडलेश्वर ने 5 लाख इनाम का किया ऐलान

 

इसके बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में जमीनों की खरीद में महाघोटाला हुआ है। 4 करोड़ की जमीन कुछ ही दिनों के बाद 8 करोड़ में खरीदी गईं और इसमें राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जुड़े लोग शामिल हैं।

 

आप नेता ने कहा कि महाघोटाले से जुड़े सबूत दस्तावेजों के रूप में एसआईटी को सौंप दिए गए हैं जिस पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। अब देखते हैं कि क्या कार्रवाई होती है।

 

क्या है संजय सिंह का आरोप?

गौरतलब है कि संजय सिंह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में दावा किया था कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी, चंदा चोरी, जमीन घोटाले से कई कागजात उनके पास हैं, जिसे वो एसआईटी के अध्यक्ष को सौंप देंगे। उन्होंने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा था 2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ में, 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में, 9 करोड़ की जमीन 55.47 करोड़ में चंपत राय ने खरीदी। सारे सबूत मेरे पास हैं मुझे आज तक SIT ने मिलने का समय नहीं दिया। आखिर चंदा चोर अभी तक ट्रस्ट में कैसे हैं? ट्रस्ट मोदी ने बनाया, लूट का माल BJP को पहुंचा BJP उसी पैसे से देश भर में सांसद विधायक ख़रीद रही है। यही कारण है मोदी जी अब तक चंदा चोरी पर खामोश हैं।

 

SIT की रिपोर्ट में कई गड़बड़ियों का जिक्र

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ रही है, यह मामला और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है। इस मामले में एसआईटी ने रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी है। इसमें चंपत राय की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का पहला ड्राफ्ट है। इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

 

अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने जांच के बाद प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें कई गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। SIT ने चढ़ावा प्राप्त होने के जरिए का भी जिक्र किया है, जिसमें चढ़ावा हुंडी, ऑनलाइन के अलावा कैश काउंटर पर रसीद की बात कही गई है। SIT को राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते और पूछताछ से पता चला है कि औसतन हर महीने 25 लाख श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कुंभ के दौरान एक महीने में करीब एक करोड़ श्रद्धालु आए।

 

बता दें कि जांच में पता चला कि औसतन प्रति श्रद्धालु 15-18 रुपये चढ़ावा आता है लेकिन इस चढ़ावे में अनाज, तेल और घी के साथ सोने चांदी के आभूषण का चढ़ावा नहीं जोड़ा गया क्योंकि इनके दान का कोई ठोस सबूत और साक्ष्य नहीं मिला। रिपोर्ट में जिक्र है कि बैक स्टेटमेंट और श्रद्धालुओं के नंबर को देखकर चढ़ावे में बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला।

edited by : Nrapendra Gupta 

मिशन 2027 के लिए UP भाजपा की टीम तैयार, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर जोर, देखें पूरी सूची

UP BJP new team: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 (Uttar Pradesh Assembly Elections 2027) के सियासी महासमर को फतह करने के लिए बीजेपी ने अपनी नई 'पलटन' मैदान में उतार दी है। यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी नई टीम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस नई टीम में जहां एक तरफ क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को बेहद बारीकी से साधा गया है, वहीं आधी आबादी (महिलाओं) को भी मजबूत प्रतिनिधित्व दिया गया है।

19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, 46 मंत्री

पंकज चौधरी की इस कोर टीम में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, 46 मंत्री और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष शामिल किए गए हैं। आइए जानते हैं कि 2027 के रण के लिए किस नेता को क्या जिम्मेदारी मिली है। बीजेपी ने उपाध्यक्ष पद पर अनुभव और युवा जोश का मिलाजुला कॉम्बिनेशन रखा है। टीम में प्रियंका रावत, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल और डॉ. कृतिका अग्रवाल के रूप में मजबूत महिला चेहरों को जगह दी गई है। इनमें सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, रमेश सिंह, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, नीरज सिंह आदि शामिल हैं। 

पार्टी के संगठनात्मक काम को गति देने के लिए 8 महामंत्रियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें गीता शाक्य को भी अहम जिम्मेदारी मिली है। इनके अलावा रामप्रताप सिंह चौहान, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी भी शामिल हैं। संगठन को बूथ स्तर तक धार देने के लिए 46 नेताओं को प्रदेश मंत्री की कमान सौंपी गई है। इसमें विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, अंकुर शर्मा, और अनिल यादव जैसे जुझारू चेहरे शामिल हैं।

क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारी : किसे कहां की कमान?

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों और जातिगत समीकरणों को साधने के लिए मोर्चों के अध्यक्ष भी तय कर दिए हैं- 

  • पश्चिम क्षेत्र : नबाब सिंह नागर
  • ब्रज क्षेत्र : पूरन लाल लोधी
  • कानपुर क्षेत्र : राम किशोर साहू
  • अवध क्षेत्र : अवधेश द्विवेदी
  • काशी क्षेत्र : अशोक चौरसिया
  • गोरखपुर क्षेत्र : विनोद राय
  • युवा मोर्चा : रोहित मिश्रा
  • पिछड़ा मोर्चा : प्रकाश पाल
  • किसान मोर्चा : देवेन्द्र सिंह
  • महिला मोर्चा : सरोज कुशवाह
  • अनुसूचित जाति मोर्चा : अशोक रावत
  • अनुसूचित जनजाति मोर्चा : विद्याभूषण गोंड

दिनेश प्रताप सिंह को पार्टी का मुख्‍य प्रवक्ता बनाया गया है, जबकि मीडिया संयोजक : मनीष दीक्षित, प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक : हिमांशुराज पंडित होंगे।  पंकज चौधरी की इस नई टीम के गठन से साफ है कि बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए किसी भी स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। सोशल इंजीनियरिंग और क्षेत्रीय संतुलन के सहारे पार्टी ने विपक्षी खेमे की घेराबंदी शुरू कर दी है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

अमरनाथ यात्रा 2026 : कश्‍मीर पुलिस का प्रोजेक्ट हाक आई, बाज की आंख से 360 डिग्री निगरानी

amarnath yatra security

Amarnath Yatra 2026 : 3 जुलाई से आरंभ हो रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने की खातिर सुरक्षाबलों ने अब आपरेशन हाक आई अर्थात बाज की आंख शुरू किया है ताकि परिंदा भी पर न मार सके। 

अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ यात्रा-2026 के सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कश्‍मीर ने “प्रोजेक्ट हॉक आई” शुरू किया है। यह एक व्यापक निगरानी और सुरक्षा पहल है, जिसका मकसद पूरी यात्रा के दौरान आसमान से लेकर जमीन तक चौबीसों घंटे नजर रखना है।

 

 

इस पहल के तहत, अनंतनाग पुलिस ने आधुनिक तकनीक और रणनीतिक रूप से जवानों की तैनाती को मिलाकर एक मल्टी-लेयर सुरक्षा और निगरानी ग्रिड तैयार किया है। हवाई निगरानी के लिए, अहम जगहों पर 5 ड्रोन यूनिट्स तैनात की जा रही हैं, जो रियल-टाइम मानिटरिंग और हालात की बेहतर जानकारी देती हैं। हवाई निगरानी नेटवर्क किसी भी उभरती हुई स्थिति का तुरंत आकलन करने और जमीनी यूनिट्स द्वारा त्वरित कार्रवाई करने में मदद करता है।

 

 

amarnath yatra security

अधिकारियों का कहना था कि जमीन पर, संवेदनशील और जोखिम वाली जगहों पर 28 रणनीतिक 'मचान मोर्चे' (ऊंचाई पर बने निगरानी पोस्ट) बनाए गए हैं ताकि निगरानी की क्षमता बढ़ाई जा सके और इलाके पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने और प्रभावी कार्रवाई की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए तय जगहों पर 22 खास तौर पर प्रशिक्षित स्नाइपर टीमें भी तैनात की गई हैं। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: जाने से पहले जरूर करें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेंगे सुरक्षित

 

 

यही नहीं निगरानी के ढांचे को और बेहतर बनाने के लिए, यात्रा मार्ग की अहम जगहों पर 416 हाई-रिजाल्यूशन सीसीटीवी कैमरे और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम लगाए गए हैं। ये सिस्टम लगातार रियल-टाइम मानिटरिंग करते हैं और संदिग्ध गतिविधियों की समय पर पहचान करने में मदद करते हैं, जिससे सुरक्षा के एहतियाती उपाय मजबूत होते हैं।
 

amarnath yatra security

अधिकारियों के बकौल, प्रोजेक्ट हाक आई के जरिए, अनंतनाग पुलिस ने आसमान और ज़मीन पर अपनी नजरें प्रभावी ढंग से जमा ली हैं और एक ऐसा बेहतरीन निगरानी नेटवर्क बनाया है जो तीर्थ यात्रा मार्ग की पूरी निगरानी सुनिश्चित करता है। यह पहल सभी तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल देने के लिए आधुनिक तकनीक और पेशेवर पुलिसिंग के तरीकों का इस्तेमाल करने के प्रति अनंतनाग पुलिस की प्रतिबद्धता को दिखाती है।

 

पुलिस अधिकारियों का दावा था कि अनंतनाग पुलिस तीर्थ यात्रा के हर पहलू की सुरक्षा और अमरनाथ यात्रा 2026 के सुचारू और सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वे जनता से अपील करते थे कि वे सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें ताकि उस पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी, एकसाथ मिलेगा 3 महीने का राशन

Uttarakhand government's big decision regarding ration card holders

Uttarakhand news : उत्तराखंड के राशन कार्ड धारकों को 3 महीने का खाद्यान्न एकसाथ मिलेगा, जिसमें मंडवे की जगह नमक वितरित किया जाएगा। यह फैसला मानसून सीजन को देखते हुए लिया गया है। पर्वतीय जनपदों में मानसून के दौरान खाद्यान्न की किसी भी तरह की किल्लत न हो, इसके लिए सरकार ने व्यवस्था कर दी है। इस त्रैमासिक राशन का वितरण आगामी 1 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इससे पूर्व अप्रैल महीने में भी खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक साथ 3 माह का खाद्यान्न बंटवाया था। 

 

उत्तराखंड के राशन कार्ड धारकों को 3 महीने का खाद्यान्न एकसाथ मिलेगा, जिसमें मंडवे की जगह नमक वितरित किया जाएगा। यह फैसला मानसून सीजन को देखते हुए लिया गया है। पर्वतीय जनपदों में मानसून के दौरान खाद्यान्न की किसी भी तरह की किल्लत न हो, इसके लिए सरकार ने व्यवस्था कर दी है। इस त्रैमासिक राशन का वितरण आगामी 1 जुलाई से शुरू होने जा रहा है।

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इससे पूर्व अप्रैल महीने में भी खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक साथ 3 माह का खाद्यान्न बंटवाया था। पूर्व में जहां वैश्विक स्तर पर मची उथल-पुथल को 3 माह का खाद्यान्न एक साथ वितरण करने का कारण माना जा रहा था, तो वहीं वर्तमान में मानसून सीजन को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

वितरण व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए विभाग की ओर से सभी खाद्य गोदामों में राशन की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई है। इसके पीछे सोच यह है कि अगर मानसून के दौरान भूस्खलन या भारी बारिश से रास्ते बंद हो जाते हैं और परिवहन व्यवस्था बाधित होती है, तो भी स्थानीय लोगों को राशन के लिए भटकना न पड़े और उन्हें समय पर अपना हिस्सा मिल सके।

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अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती के मुताबिक, मानसून को ध्यान में रखकर पहाड़ी जिलों में जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का राशन पहले से ही भेजने का काम शुरू कर दिया गया था।
Edited By : Chetan Gour