सड़क हादसे पर मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की शोक संवेदनाएं

झारखंड के रामगढ़ जिले में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात (आधी रात को) एक अत्यंत दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हुआ। रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-23) पर लारी-बरलौंग (बुधबाजार) के समीप एक तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने सवारी गाड़ी (वैन) को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस भयावह टक्कर में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने व्यक्त की गहरी संवेदना

इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अत्यंत भावुक और व्यथित हो उठे। उन्होंने सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यम से दिवंगत आत्माओं के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस घायलों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था और मृतकों के परिजनों की हर संभव सहायता में जुट गए हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि रामगढ़-बोकारो मार्ग पर लारी-बरलौंग के पास सड़क हादसे में कल देर रात 7 लोगों के मरने की दुःखद खबर से मन व्यथित है। मरांग बुरु (संतालों के सर्वोच्च देवता/ईश्वर) दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

मानसून से पहले गुजरात सरकार की नई गाइडलाइन: जर्जर कमरों में नहीं लगेगी क्लास, स्कूलों में फर्स्ट एड किट अनिवार्य

मानसून सीजन को देखते हुए गुजरात सरकार ने स्कूलों और हॉस्टलों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है। जर्जर कमरों में पढ़ाई पर रोक, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के सख्त नियम, फर्स्ट एड किट अनिवार्य और भारी बारिश-बाढ़ के लिए इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

जर्जर कमरों पर प्रतिबंध और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के कड़े नियम

छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार द्वारा जर्जर और असुरक्षित कमरों में कक्षाएं चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। स्कूल और हॉस्टल की छत, मैदान तथा जलजमाव की संभावना वाले क्षेत्रों की समय पर सफाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, बिजली से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खुले तारों, दोषपूर्ण अर्थिंग और खतरनाक वायरिंग को तुरंत ठीक करने के साथ-साथ स्कूलों में केवल ISI मार्क वाले बिजली उपकरणों का ही उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

 

भारी बारिश और बाढ़ के लिए इमरजेंसी प्रोटोकॉल तैयार

भारी बारिश या बाढ़ जैसी आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) मिल सके, इसके लिए स्कूलों को विशेष इमरजेंसी प्रोटोकॉल तैयार रखने और प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखने के लिए कहा गया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्कूलों में फर्स्ट एड और इमरजेंसी किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखनी होगी। मूसलाधार बारिश या बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में स्थानीय परिस्थितियों और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के साथ मिलकर तुरंत कदम उठाने होंगे।

 

निर्माण कार्य को लेकर विशेष सावधानी

स्कूल प्रबंधन से जुड़े नियमों में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम प्राधिकारी (सटीक अधिकारी) की पूर्व अनुमति के बिना स्कूल बंद नहीं किए जा सकते और न ही उनके समय सारिणी (टाइम-टेबल) में बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा, जिन स्कूलों के कैंपस में वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है, वहां छात्रों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने और छात्रों की आवाजाही वाले क्षेत्र की बैरिकेडिंग करके उसे पूरी तरह से सुरक्षित करने का कड़ा आदेश दिया गया है।

 

मौत का जाम, ब्रांडेड बोतलों में ‘जहर’ परोस रहा इंदौर का माफिया, जाम छलकाने से पहले हो जाएं अलर्ट!

Spurious liquor indore

अगर आप इंदौर में रहते हैं और जाम छलकाने के शौकीन हैं, तो ठहर जाइए! क्योंकि आपकी अगली घूंट जिंदगी की आखिरी घूंट साबित हो सकती है। जिसे आप ब्रांडेड और महंगी शराब समझकर मोटी रकम चुका रहे हैं, मुमकिन है कि वह किसी कोने में बैठ कर बनाई गई जानलेवा नकली शराब हो। सियागंज के व्यापार से लेकर पब कल्चर तक के लिए मशहूर इंदौर में अब 'मौत की फैक्ट्री' का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने पूरे शहर के होश उड़ा दिए हैं।

प्रशासन ने एक ऐसी हाईटेक अवैध फैक्ट्री को बेनकाब किया है, जहां नामी-गिरामी ब्रांड्स के फर्जी लेबल और ढक्कन लगाकर बड़े पैमाने पर नकली शराब को असली बताकर खपाने की गहरी साजिश रची जा रही थी। मामला सिर्फ स्थानीय मिलावट का नहीं है, बल्कि इसके तार इंटरनेशनल स्मगलिंग (अंतरराष्ट्रीय तस्करी) से जुड़े होने की भी गंभीर आशंका है। दरअसल, इंसानी जिंदगियों का सौदा करने वाला एक बड़ा सिंडिकेट यहां सक्रिय है। ज़हरीली शराब का यह काला कारोबार कब आपकी दहलीज तक पहुंच जाए, कहा नहीं जा सकता। इंदौर को हिलाकर रख देने वाले इस पूरे रैकेट की इनसाइड स्टोरी…

ब्रांडेड बोतलों में धोखा: नामी ब्रांड्स के हुबहू लेबल और ढक्कन लगाकर नकली शराब बेचने का नेटवर्क सक्रिय।अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: मामले में सिर्फ लोकल डीलर नहीं, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर शराब तस्करी के तार जुड़े होने का अंदेशा।
जनता को सीधा अलर्ट: ज़हरीली शराब से जान जाने का सीधा खतरा, पाठकों और शौकीनों को बेहद सतर्क रहने की चेतावनी।

नकली शराब बेचने वालों पर इंदौर में कार्रवाई की गई है। जांच में मध्य प्रदेश और राजस्थान के नकली लेबल बरामद होने के कारण एक बड़े संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है, जिसके तहत मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है।

इंदौर के पॉश और विकसित आवासीय क्षेत्र तुलसीनगर में बड़े पैमाने पर चल रहे एक अवैध शराब निर्माण नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी कामयाबी मिली है। जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बेहद मुश्तैदी दिखाते हुए समय रहते इस सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया।

रेकी कर दबोचा पुलिस टीम ने : बता दें कि इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए आबकारी विभाग की टीमों ने लगभग तीन दिनों तक तुलसीनगर इलाके में सिविल ड्रेस यानी सादे कपड़ों में रहकर गोपनीय निगरानी रखी। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों की बारीकी से पुष्टि की गई। पूरी प्‍लानिंग के साथ एक तीन मंजिला आलीशान भवन के भीतर दबिश दी गई। जैसे ही टीम घर के अंदर दाखिल हुई, वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। उस रिहायशी मकान के भीतर अवैध रूप से शराब का निर्माण और उसकी पैकेजिंग करने की पूरी यूनिट संचालित की जा रही थी।

नकली होलोग्राम ब्रांडेड कैप और ब्लेंडर मशीनें मिलीं : तलाशी के दौरान टीम ने 144 बल्क लीटर यानी लगभग 16 पेटी तैयार मदिरा जब्त की। इसके साथ ही भारी मात्रा में स्प्रिट, कैरेमल, पैकेजिंग सामग्री और हजारों की संख्या में नामी कंपनियों के डुप्लीकेट लेबल एवं होलोग्राम बरामद किए गए। कार्रवाई में विभिन्न नामी अंग्रेजी शराब ब्रांडों के बॉटल कैप, कागजी कार्टून और दो बड़ी ब्लेंडर मशीनें भी हाथ लगी हैं। बरामद की गई सामग्री से यह खुलासा हुआ है कि यहां अवैध रूप से शराब बनाकर उसे असली और वैध उत्पाद बनाकर ऊंचे दामों में खपाने की साजिश थी।

विभाग को अंतरराज्यीय तस्करी की आशंका : मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिकने वाली शराब के लेबलों के साथ-साथ राजस्थान राज्य में प्रचलित विभिन्न ब्रांडों के नकली लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री भी भारी मात्रा में मिली है। इससे जांच अधिकारियों को आशंका है कि यह महज स्थानीय स्तर का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा संगठित अंतरराज्यीय अवैध शराब निर्माण और तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों, निर्माण की तकनीक, वितरण की पूरी श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य रसूखदार व्यक्तियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल

राम मंदिर चढ़ावा विवाद, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, क्या है इन दोनों का इतिहास

Ram Mandir Chadhava Vivad

Champat Rai Anil Mishra Resignation: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के चलते चंपत राय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव (General Secretary) पद से इस्तीफा दे दिया है। राय के साथ ही ट्रस्ट के एक प्रमुख और प्रभावशाली सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने भी पद से इस्तीफा दे दिया है। दरअसल, चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर के बाद से ही माना जा रहा था कि ये दोनों वरिष्ठ पदाधिकारी अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इस बीच, खबर है कि अब ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाएगा।

 

हालांकि चंपत राय और अनिल मिश्रा पर सीधे तौर पर कोई वित्तीय आरोप दर्ज नहीं है, लेकिन उनके अधीन काम करने वाली टीम और करीबियों द्वारा इतने बड़े गबन को अंजाम देने और निगरानी में भारी चूक के कारण उन पर भारी दबाव था। अंततः नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दोनों ने ट्रस्ट से अपना त्यागपत्र दे दिया। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

क्या है चढ़ावा चोरी से जुड़ा पूरा मामला?

यह विवाद 7 जून 2026 को तब गरमाया जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर के दानपात्रों से करोड़ों रुपए का चंदा और कीमती सामान गायब है। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जांच की मांग की।

इन पर दर्ज हुआ मुकदमा

विवाद बढ़ता देख 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून 2026 को एक 3-सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया। एसआईटी ने अयोध्या में 6 दिनों तक डेरा डालकर वित्तीय दस्तावेजों, दानपात्रों के खुलने और नकदी के रख-रखाव से जुड़े रिकॉर्ड्स की गहन जांच की और ट्रस्ट के सदस्यों से पूछताछ की। SIT की रिपोर्ट के आधार पर, ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित शिकायत पर 25 जून 2026 को अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई। 26 जून 2026 को पुलिस और एसआईटी ने नामजद सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके नाम हैं— रमाशंकर यादव (टिन्नू), अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमा शंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष यादव। ALSO READ: हे राम! चढ़ावा चोरी के बाद अब 40% कमीशन के आरोप से गरमाई अयोध्या

 

क्या है चंपत राय का इतिहास?

चंपत राय बंसल अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ और कद्दावर नेता हैं। वे पिछले कई दशकों से राम जन्मभूमि आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा भी रहे हैं। चंपत राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले हैं। युवावस्था में वे कॉलेज में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर थे, लेकिन राम मंदिर आंदोलन और सामाजिक कार्यों के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व विश्व हिंदू परिषद के पूर्णकालिक कार्यकर्ता (प्रचारक) बन गए।

 

जब साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' का गठन किया, तो चंपत राय को इसका महासचिव बनाया गया। जनवरी 2024 में हुए भव्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से लेकर मंदिर के निर्माण कार्य, बजट और प्रबंधन की पूरी कमान उन्हीं के हाथों में थी। हाल ही में राम मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे और वित्तीय गबन का एक बड़ा घोटाला सामने आया, इसमें चंपत राय का नाम भी आया है। इसकी जांच यूपी सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) कर रही है।

क्या है अनिल मिश्रा का इतिहास?

डॉ. अनिल कुमार मिश्रा अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक प्रमुख और प्रभावशाली सदस्य (ट्रस्टी) रहे हैं। हाल ही में राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे से जुड़े विवादों के कारण वे काफी चर्चा में आए हैं। डॉ. मिश्रा पिछले लगभग चार दशकों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राम जन्मभूमि आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। वे अवध प्रांत के 'प्रांत कार्यवाह' (प्रांतीय कार्यकारी प्रमुख) भी रह चुके हैं। वे उत्तर प्रदेश के होम्योपैथिक विभाग से एक सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और अयोध्या (फैजाबाद) में ही निवास करते हैं।

 

जनवरी 2024 में राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से पहले होने वाले अनुष्ठानों में डॉ. अनिल मिश्रा को मुख्य 'यजमान' चुना गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य समारोह में शामिल होने से पहले के सभी शुरुआती अनुष्ठान उन्हीं की देखरेख में संपन्न हुए थे। वे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ मिलकर मंदिर निर्माण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संभालने वाले प्रमुख चेहरों में गिने जाते रहे हैं।

 

मंदिर निर्माण से जुड़े एक पूर्व इंजीनियर ने भी उन पर वित्तीय गड़बड़ी और कमीशनखोरी के आरोप लगाए थे। इस चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के विवाद के बीच, जून 2026 में डॉ. अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

साल गुजर रहे, आप कब सुधरेंगे, आग, जाम, सड़क, पानी से गैस लीक तक, सब रामभरोसे, ये है इंदौर की बदहाली का आंखों-देखी

Indore

कहने को यह देश का सबसे स्वच्छ शहर है, स्वच्छता का छक्का लगाने वाला सिरमौर है। रोजना सुबह खुद को ‘स्‍वच्‍छता का गुरू’ बताकर गीत गाए जा रहे हैं, लेकिन चमचमाती पीली बसों, नाइट कल्चर के शोर और कंक्रीट के उड़ते गुबार के पीछे एक कड़वा सच सांस ले रहा है। इंदौर अब पूरी तरह 'रामभरोसे' है। साल पर साल गुजर रहे हैं, जनप्रधिनियों के वादे बदल रहे हैं, लेकिन नहीं बदली तो इंदौरियों की तकदीर।

सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं या गड्ढे सड़कों में, यह पहचानना मुश्किल है। कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचता है, तो कभी चंद घंटों की बारिश पूरे शहर को 'वेनिस' बना देती है, जहां नाले और वीआईपी सड़कें एक हो जाते हैं। अव्यवस्था का आलम यह है कि सड़कों पर रेंगता हुआ 'ट्रैफिक जाम' जनता के सब्र का इम्तिहान लेता है, तो दूसरी तरफ कभी आग का तांडव तो कभी रिहायशी इलाकों में गैस लीक का खौफ लोगों की सांसें अटका देता है।

पिलर खड़े करने से शहर स्मार्ट नहीं होता : मेट्रो के पिलर खड़े कर देने भर से कोई शहर स्मार्ट नहीं हो जाता। सच तो यह है कि बुनियादी सुविधाओं के मोर्चे पर इंदौर आज भी रेंग रहा है। आख़िर कब सुधरेगी यह व्यवस्था? कब तक जनता की जान और सहूलियत को इस तरह भगवान भरोसे छोड़ा जाएगा? यह रिपोर्ट खोखले दावों के बीच इंदौर की बदहाली और प्रशासनिक घोर लापरवाही की एक कड़वी आंखों-देखी है…

सत्यसाईं चौराहा हादसों का स्‍पॉट : सत्यसाईं चौराहे से विजय नगर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए सर्विस रोड को इतना संकरा कर दिया गया है कि पीक ऑवर्स के दौरान यहां वाहनों को रेंग-रेंगकर चलने पर मजबूर होना पड़ता है। बची-खुची कसर सड़क पर अवैध रूप से पार्क होने वाली गाड़ियां पूरी कर रही हैं। यहां ड्रेनेज के चैंबर के ढक्कन गायब हैं और पेवर ब्लॉक पूरी तरह उखड़ चुके हैं। पहली ही बारिश में यहां जलजमाव होते ही ये खुले हुए ड्रेनेज चैंबर राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।

जहां खुदाई, वहीं सबसे ज्यादा परेशानी : मेट्रो, फ्लाईओवर, ब्रिज, पानी और ड्रेनेज लाइन प्रोजेक्ट के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें पहले से खुदी हुई हैं। बारिश ने इन इलाकों की परेशानी और बढ़ा दी। लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल से अटल द्वार तक सड़क पर कीचड़ फैल गया। बापट चौराहा से आईएसबीटी तक निर्माणाधीन सर्विस रोड पर लोगों को भारी दिक्कत हुई। अमृत योजना के तहत खोदी गई कई कॉलोनियों की सड़कें भी पानी और कीचड़ से भर गईं।

Indore

रेती मंडी आरओबी फिर उखड़ गया : रेती मंडी आरोबी पर वाहन चालकों को भयंकर परेशानी हो रही है। पहली बारिश में ही इसकी सड़कें पूरी तरह से उखड़ गईं हैं। सड़क पर सिर्फ रेत ही रेत बची है। दोपहियां वाहन चालक तो स्‍लीप होकर गिर रहे हैं। इतना ही नहीं, इस इलाके में दुकानें संचालित करने वाले दुकानदार भी धूल और वाहनों से उड़ने वाली गिट्टी से बेइंतहा परेशान हैं।

अब इसे लोग लंगड़ा ब्रिज कहते हैं : बता दें कि करीब 25 करोड़ रुपए के रेती मंडी ब्रिज का काम 5 साल में 15 इंजीनियरों ने देखा था। नक्शा बनने से लेकर तैयार होने के बाद रंग-रोगन तक सभी ने कई बार निरीक्षण किए गए, फाइलें देखीं, लेकिन एक चूक ऐसी की कि किसी को नजर नहीं आई। टर्न पर सिर्फ एक पिलर बना डाला, वह कैसे पूरे ब्रिज का लोड उठा सकता है। इस चूक के चलते इंदौर के लोग सोशल मीडिया में इसे लंगड़ा ब्रिज कहने लगे हैं।

क्‍या कहते हैं जिम्‍मेदार : इस क्षेत्र के विधायक मधू वर्मा ने बताया कि यह सारी समस्‍याएं मेरे संज्ञान में आई हैं, इसे लेकर में संबंधित विभाग और अधिकारियों से चर्चा करने वाला हूं। आम आदमी को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अभी बारिश की वजह से शायद कोई दिक्‍कत आई होगी, लेकिन फिर भी मैं यह सारी परेशानियां दिखवाता हूं।

Indore

रिंग रोड पर सबसे ज्यादा परेशानी : रिंग रोड पर बंगाली चौराहा से खजराना और खजराना से रोबोट चौराहा तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सर्विस रोड पूरी तरह वाहनों से भर गई और कई जगह वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। खजराना चौराहे पर करीब दो फीट तक पानी भर गया। इसी दौरान एक कार पानी में बंद हो गई, जिससे पीछे लंबा जाम लग गया।

चौराहों पर जलभराव और भारी जाम : मानसून की शुरुआती तेज बारिश में शहर के कई प्रमुख चौराहों पर लगातार जाम लग रहा है। रोबोट चौराहा, बंगाली चौराहा, निपानिया, देवास नाका, रेडिसन, विजय नगर समेत बीस से अधिक प्रमुख स्थानों पर घंटों ट्रैफिक जाम लग रहा है। कई क्षेत्रों में दो से तीन फीट तक पानी भर रहा है। सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगी हैं और वाहन चालक लंबे समय तक जाम में फंसे रहते हैं।

करोड़ों के विकास कार्यों की खुली पोल : शहर में जलभराव रोकने के लिए स्टॉर्म वाटर लाइन, सीवरेज नेटवर्क और ड्रेनेज सुधार के कई काम चल रहे हैं। इसके बावजूद हर साल की तरह इस बार भी बारिश में हालात बिगड़ गए हैं। जहां-जहां सड़कों की खुदाई चल रही थी, वहां की स्थिति सबसे खराब रही है। कई जगह कीचड़ फैल गया है और लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया है।

रिंग रोड और सर्विस लेन पर रेंग रहे वाहन : रिंग रोड पर बंगाली चौराहा से खजराना और खजराना से रोबोट चौराहा तक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। सर्विस रोड पूरी तरह वाहनों से भर रही है और कई जगह वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आते हैं। खजराना चौराहे पर करीब दो फीट तक पानी भर रहा है। मेट्रो, फ्लाईओवर, ब्रिज, पानी और ड्रेनेज लाइन प्रोजेक्ट के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें पहले से खुदी हुई हैं। बारिश ने इन इलाकों की परेशानी और बढ़ा दी।

नर्मदा पाइपलाइन फूटी, पानी बहता रहा : रिंग रोड स्थित मयूर अस्पताल के पास नर्मदा की पाइपलाइन फूटने से लगातार पानी बहता रहा। एक तरफ शहर में जल संरक्षण और पेयजल संकट की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर पाइपलाइन से बड़ी मात्रा में पानी बहने से लोगों ने सवाल उठाए।

मेट्रो प्रोजेक्ट: सीएमआरएस की दी गई समय सीमा हुई खत्म : सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक मेट्रो का कमर्शियल रन जून माह में नहीं हो सका है। कमिश्नर आफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) द्वारा इंदौर में कमर्शियल रन के लिए दी गई तीन माह की समय सीमा बुधवार को खत्म हो गई। ऐसे में अब मेट्रो प्रबंधन सीएमआरएस को पुन: सर्वे के लिए आवेदन करेगा। ऐसे में सीएमआरएस की टीम अगले एक माह में पुन: इस हिस्से का निरीक्षण करने आएगी। सीएमआरएस द्वारा अब नए सिरे से एनओसी जारी की जाएगी। इसके बाद मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो सकेगा। गुरुवार को सीएमआरएस भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट के सिग्नल का निरीक्षण करने आने वाले है। ऐसे में मेट्रो प्रबंधन के अफसर सीएमआरएस व उनकी टीम से इंदौर में पुन: सर्वे करने के संबंध में चर्चा भी करेंगे।
यह खबर सिर्फ इंदौर की समस्याओं की गिनती नहीं है, बल्कि 'स्मार्ट सिटी' के खोखले ढोल के पीछे छिप रही प्रशासनिक नाकामी और आम जनता के रोजाना के संघर्ष की एक झकझोरने वाली आंखों-देखी दास्तान है।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल

कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल, जानें आपके शहर में आज का गोल्ड-सिल्वर रेट

gold silver price 26 june

Gold Silver Rates 26 June : अमेरिका ईरान युद्ध थमने और अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद भी सोने चांदी के दाम स्थिर बने हुए हैं। वैश्विक बुलियन बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से आज भी सोने चांदी की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई। 

 

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका ईरान युद्ध के बाद से पहले बाद क्रूड की कीमतें 70 डॉलर तक पहुंच गई। WTI क्रूड 70.66 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 74.05 डॉलर प्रति बैरल हुआ। इंडियन बास्केट पर भी कच्चे तेल के दाम 6.07 फीसदी गिरकर 70.71 डॉलर प्रति बैरल हो गए।

 

26 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं में ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं दिखाई दिया। दोपहर 12:00 बजे MCX पर सोना 73 रुपए बढ़कर 1,43,200 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस समय चांदी 1,268 रुपए की बढ़त के साथ 2,20,940 पर थी।

स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 4034.611 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.179 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। 

 

गुडरिटर्न्स डॉट कॉम के अनुसार, देश में 24 कैरेट गोल्ड के दाम 1,41,600 रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट गोल्ड 1,29,800 रुपए प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड 1,02,200 रुपए प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत 2,40,000 रुपए प्रति किलो थी।

 

आपके शहर में क्या है सोने के दाम?

gold price in indian cities

 

आपके शहर में क्या है चांदी के दाम?

silver rates in india

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

edited by : Nrapendra Gupta

नितिन नबीन की नई टीम का ऐलान जल्द, नए के साथ अनुभवी चेहरों को मिलेगी जगह

BJP President nitin nabin with PM Modi

बीजेपी के राष्ट्रीय नितिन नबीन की नई टीम का एलान अब जल्द होने जा रहा है। नितिन नबीन भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए 6 महीने से अधिक का वक्त बीत चुका  है, लेकिन अब तक वह अपनी टीम यानि राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाए है। इसकी बड़ी वजह बंगाल सहित अन्य राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव रहे। अब जब जुलाई में संसद का मानसून सत्र शुरु होने जा रहा है तब उससे पहले नितिन नबीन अपनी नई टीम का गठन करने जा रहा है। नितिन नबीन की नई  टीम में नए के साथ अनुभवी चेहरों को जगह मिल सकती है।
 
नितिन नबीन की नई टीम में किनको मिलेगी जगह?- नितिन नबीन खुद 46 वर्ष के हैं, इसलिए उनकी टीम में युवाओं को अधिक तवज्जों दी  जाएगी। संगठन के कामकाज के नजरिए से  बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय महामंत्री के लिए कई ऐसे चेहरे दावेदार है जो पार्टी की उम्मीदों पर पिछले कुछ चुनावों से खरे उतरे है। इसमेंं विनोद तावड़े, सुनील बंसल, वीडी शर्मा, प्रवेश वर्मा के साथ महिला चेहरे के तौर पर बांसुर स्वराज का नाम सबसे आगे है।
 
इसमें विनोद तावड़े को संगठन में काम करने अनुभव है, वहीं सुनील बंसल को बंगाल चुनाव में संगठन स्तर बेहतरीन कामकाज करने पर बी.एल. संतोष की जगह नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके साथ संगठनात्मक स्तर पर बेहद अनुभवी शिवप्रकाश का कद भी बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ बिहार से आने वाले मंगल पांडेय को नई टीम में जगह मिल सकती है। वहीं मध्यप्रदेश से आने वाले वीडी शर्मा भी नितिन नबीन की नई टीम में बतौर महासचिव जगह मिल सकती है।
 
वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष में पार्टी के अनुभवी और युवा चेहरों में तालमेल देखा जा सकता है। इसमें महिला चेहरे के तौर पर स्मृति  ईरानी के साथ वसुंधरा राजे सिंधिया और छत्तीसगढ़ से रेखा वर्मा या लता उसेंडी में से किसी एक चेहरे को शामिल किया जा सकता है। इसके साथ राममाधव, सौदान सिंह, अरविंद मेनन जैसे चेहरों को भी नई टीम में जगह मिल सकती है।

नई टीम में बढ़ेगा मध्यप्रदेश का कद?- नितिन नबीन कई नई टीम में मध्य प्रदेश के कई कद्दावर और युवा नेताओं को जगह मिलने की प्रबल संभावना है। मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और खजुराहों सांसद वीडी शर्मा के राष्ट्रीय महासचिव बनने की काफी संभावना है। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश में भाजपा ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। मध्यप्रदेश में 65 हजार से बूथों को जिस तरह से वीडी शर्मा के नेतृत्व में डिजिटाइलजेशन किया गया था और उसका असर सीधे चुनावी परिणाम में देखा गया था, ऐसे में संगठन के मध्य प्रदेश मॉडल को राष्ट्रीय स्तर और विशेषकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लागू करने पर बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है।

वहीं मध्यप्रदेश से आने वाले कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा को भी नई टीम में जगह मिल सकती है।  वहीं 2023 में विधानसभा चुनाव में अपनी सीट गंवाने वाले दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा भी लंबे समय से राजनीतिक पुनर्वास की बाटजोह रहे है। ऐसे में उनकी संगठन क्षमता और लंबे सियासी अनुभवों को देखते हुए पार्टी का  राष्ट्रीय नेतृत्व उन्होंने दिल्ली में बड़ी भूमिका सौंप सकता है।  
 
वहीं नितिन नबीन की नई टीम से मध्यप्रदेश के मौजूदा दिग्गजों की विदाई हो सकती है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य की विदाई लगभग तय है। इसी तरह पार्टी के संसदीय बोर्ड में शामिल सत्यनारायण जटिया भी छुट्टी हो सकती है। इनकी जगह मध्यप्रदेश से नए चेहरों को जगह मिल सकती है।
 

गुजरात के सरकारी दफ्तरों में अब AC अनिवार्य रूप से 24 डिग्री पर रखना होगा, नई गाइडलाइन जारी

energy saving campaign

Gujarat Energy Saving Campaign : राज्य में बिजली की लगातार बढ़ती मांग, ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों और ऊर्जा संसाधनों के कुशल उपयोग को ध्यान में रखते हुए गुजरात सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक बिजली की खपत को कम करने के लिए एक व्यापक ऊर्जा बचत अभियान शुरू किया गया है। “बिजली की बचत ही बिजली का उत्पादन है” के मुख्य नारे के साथ शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर एक आदर्श और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) शासन व्यवस्था स्थापित करना है।

 

स्मार्ट टेक्नोलॉजी और एसी के लिए 24 डिग्री सेल्सियस का डिफॉल्ट तापमान

नई जारी गाइडलाइन के अनुसार, अब सभी सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों और सार्वजनिक कार्यालयों में एयर कंडीशनर (AC) का डिफॉल्ट तापमान अनिवार्य रूप से 24 डिग्री सेल्सियस रखना होगा। इसके अलावा, कर्मचारियों या लोगों की अनुपस्थिति में बिजली की बर्बादी को रोकने के लिए कार्यालयों के कॉरिडोर, मीटिंग रूम, पार्किंग और शौचालय जैसे सामान्य क्षेत्रों में आधुनिक ऑक्यूपेंसी सेंसर और टाइमर आधारित ऑटोमेशन सिस्टम चालू किए जाएंगे।

 

ऊर्जा कुशल LED लाइटों और 5-स्टार उपकरणों को प्राथमिकता

कार्यालयों में पारंपरिक और अधिक बिजली खपत करने वाली पुरानी लाइटों को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह हटा दिया जाएगा और उनके स्थान पर ऊर्जा बचाने वाली आधुनिक LED लाइटें लगाई जाएंगी। इसके साथ ही, आने वाले समय में सरकारी स्तर पर खरीदे जाने वाले सभी नए इलेक्ट्रॉनिक सामानों और उपकरणों में ऊर्जा दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केवल 5-स्टार रेटिंग वाले उपकरण ही खरीदने का सख्त आदेश दिया गया है।

 

कर्मचारियों की जिम्मेदारी और 45 दिनों में एक्शन प्लान सौंपने का आदेश

सरकार ने बिजली के सुनियोजित उपयोग के लिए कर्मचारियों और अधिकारियों की प्रशासनिक जिम्मेदारी भी तय की है। ऑफिस का समय पूरा होने के बाद या सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान कार्यालय की सभी लाइटें, पंखे, कंप्यूटर और एसी बंद रखने की जिम्मेदारी तय की गई है। इस नियम के कड़ाई से पालन के लिए प्रत्येक सरकारी विभाग को अगले 45 दिनों में अपना “ऑफिस एनर्जी एफिशिएंसी एक्शन प्लान” तैयार करके जमा करना होगा, जिसका हर साल थर्ड पार्टी ऑडिट भी किया जाएगा।

 

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों का सम्मान

राज्य सरकार द्वारा सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा और जिन स्थानों पर सोलर सिस्टम पहले से काम कर रहा है, उनकी कार्यक्षमता की समीक्षा की जाएगी। इस अभियान में कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाने के लिए सरकार ने घोषणा की है कि ऊर्जा बचत के क्षेत्र में उत्कृष्ट और अनुकरणीय प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। सरकार का यह सराहनीय कदम भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास (Sustainable Development) की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

 

‘अगर बेटी दोषी है तो उसे भी सबसे कड़ी सजा मिले’, केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया गोयल के माता-पिता का बड़ा बयान

siya goyal

Ketan Agrawal Murder Case : केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी से पूछताछ कर रही है। इस मामले में आरोपी सिया के माता-पिता ने कहा है कि दोष साबित होने पर बेटी को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उसे भी किले से नीचे फेंक दिया जाना चाहिए। ALSO READ: कैफे में रची गई साजिश, CCTV से खुली पोल, एक बॉलीवुड फिल्म की तर्ज पर हुआ केतन का मर्डर

 

सिया गोयल के माता-पिता ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं जताते हुए घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह उनकी बेटी ही क्यों न हो?

 

बेटे जैसा था केतन

सिया के पिता प्रवीण गोयल ने कहा कि केतन के परिवार के लिए यह क्षति अकल्पनीय है। यह एक बहुत दुखद घटना है। मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है। केतन उनके बेटे जैसा था और वे उससे बहुत प्यार करते थे। कुछ दिन पहले ही सिया का जन्मदिन मनाया गया था और उन्होंने बेहतर भविष्य के सपने देखे थे।

 

उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने कभी यह संकेत नहीं दिया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती। रिश्ता तय होने के बाद सिया हमेशा खुश दिखाई देती थी और अक्सर केतन की बातें करती थी। ALSO READ: केतन अग्रवाल मर्डर केस: हिना खान का सिया पर फूटा गुस्सा, बोलीं- सच कहना इतना मुश्‍किल क्यों?

 

क्या बोली सिया की मां?

सिया की मां पूजा गोयल ने भी कहा कि न्याय मिलना चाहिए, चाहे कोई भी जिम्मेदार पाया जाए। जब मैंने इस घटना के बारे में सुना, तो मुझे गहरा सदमा लगा। केतन का परिवार आज जिस दुख से गुजर रहा है, वह बहुत बड़ा है। इससे दो परिवार तबाह हो गए हैं। उन्होंने कहा कि केतन बहुत अच्छा इन्सान था। यदि इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति को उसी जगह से फेंक दिया जाना चाहिए जहां से केतन गिरा था। ALSO READ: पुणे में इंदौर से भी ज्यादा खौफनाक हत्या, सिया ने ही बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी मंगेतर केतन की हत्या

 

गौरतलब है कि गत 18 जून को केतन को लोहागढ़ किले से लगभग 350 फीट गहरी खाई में धकेल दिया गया था। पुलिस ने आरोपी सिया के अलावा उसके प्रेमी चेतन को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि सिया सगाई तोड़ना नहीं चाहती थी, क्योंकि इससे परिवार की बदनामी होने का डर था। पुलिस का यह भी कहना है कि हत्या से पहले कई बार कोशिशें की गई थीं, लेकिन वे सफल नहीं हुईं।

edited by : Nrapendra Gupta

LIVE: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सभी 8 आरोपी गिरफ्तार

ayodhya ram mandir daan chori

Latest News Today Live Updates in Hindi : श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करते हुए पुलिस ने चढ़ावा चोरी मामले में सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पल पल की जानकारी…

वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से मरने वालों की संख्या 235 हो गई है, जबकि 1500 से अधिक लोग घायल हैं। सैकड़ों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। भारत और चिली ने राहत दल भेजे हैं, वहीं Starlink ने प्रभावित लोगों के लिए एक महीने की मुफ्त इंटरनेट सेवा की घोषणा की है। ALSO READ: वेनेजुएला में भूकंप से 235 मौतें; भारत ने भेजी मदद, Starlink ने फ्री इंटरनेट का किया ऐलान

-राम मंदिर चढ़ावा मामले में नामजद एफआईआर के बाद पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

-एफआईआर में ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम नहीं।